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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि राज्य में नौवां टाइगर रिजर्व बनने वाला है। उन्होंने बताया कि माधव टाइगर अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। सीएम यादव ने बुधवार को पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा, धीरा और आशा के तीन शावकों को बाड़े से खुले जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए मुक्त किया। वहीं, कूनो नेशनल पार्क में 4 फरवरी को मादा चीता वीरा ने 2 शावकों को जन्म दिया हैं। इस पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने खुशी जाहिर करते हुए एक्स पर नन्हें शावकों की फोटो और वीडियो भी साझा की थी।
मोहन यादव ने आज संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण में मध्य प्रदेश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। माधव टाइगर अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। जल्द ही राज्य का नौवां टाइगर रिजर्व बनेगा, जिससे चंबल अंचल में वन्यजीवों की आबादी बढ़ेगी।कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगीमुख्यमंत्री ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना से कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले दो चीते खुले जंगल में छोड़े थे, जिससे वन्य जीवन में चीतों का पुनर्आगमन हुआ है। यह सौभाग्य है कि आज पांच चीतों को जंगल में छोड़ने का अवसर मिला है। कूनो नेशनल पार्क से अभी तक सात चीतों को जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा गया है।4 फरवरी को मादा चीता वीरा ने 2 शावकों को जन्म दियावहीं दूसरी ओर 4 फरवरी को मादा चीता वीरा ने कुनो नेशनल पार्क में 2 शावकों को जन्म दिया, इसकी जानकारी, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर साझा की थी। उन्होंने नन्हें शावकों की फोटो और वीडियो भी साझा की।भूपेंद्र यादव ने दी सभी को बधाईउन्होंने एक्स पोस्ट पर कहा कि बसंत ऋतु की शुरुआत के साथ, कूनो की हवा में अंतहीन खुशी और उत्साह भर जाता है क्योंकि हम कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो नए चीता शावकों के आगमन का स्वागत करते हैं ! दक्षिण अफ्रीका के त्सवालु कालाहारी रिजर्व से लाई गई मादा चीता वीरा, उम्र लगभग 5 वर्ष, ने आज 2 शावकों को जन्म दिया है और हम उनके द्वारा लाई गई आशा और भविष्य का जश्न मनाते हैं।भारत एक स्थायी कल के लिए अपने वन्य जीवन का संरक्षण और सुरक्षा करना जारी रखेगाएक्स पोस्ट पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि उन सभी को बधाई जो इस खूबसूरत पल को संजोते हैं और विशेष रूप से अधिकारियों, पशु चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ की टीम को जो प्रोजेक्ट चीता के लिए दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में नरेंद्र मोदी जी भारत एक स्थायी कल के लिए अपने वन्य जीवन का संरक्षण और सुरक्षा करना जारी रखेगा।आपको बता दें, अब कूनो में वीरा के नए दो शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गए हैं। इन चीतों की मॉनिटरिंग के लिए दो दल गठित किए गए हैं, जो छोड़े गए शावकों की निगरानी और सुरक्षा करेंगे। - नयी दिल्ली.। सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि 2022 एवं 2023 के दौरान विभिन्न मंत्रालयों व विभागों द्वारा कई लाख नियुक्ति-पत्र जारी किए गए हैं। कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 अक्तूबर, 2022 को रोजगार मेला का आरंभ किया था और देश के 45-50 शहरों में केन्द्रीय स्तर पर अब तक 14 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘भागीदार मंत्रालयों एवं विभागों आदि द्वारा वर्ष 2022 एवं 2023 के दौरान कई लाख नियुक्ति-पत्र जारी किए गए हैं।'' सिंह ने कहा कि विभिन्न पदों पर की गई भर्तियों का विवरण, संबंधित मंत्रालयों, विभागों एवं केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि तथा संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान आदि जैसी संबंधित भर्ती एजेंसियों द्वारा रखा जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार में रिक्त पदों का भरा जाना, एक सतत प्रक्रिया है और रोजगार मेलों के जरिए सभी मंत्रालयों और विभागों आदि में मिशन मोड में भर्तियां की गई हैं।
- फरीदाबाद। हरियाणा में कल से शुरू हो रहे 38वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में 42 देशों के 648 प्रतभागी हिस्सा लेंगे। हरियाणा पर्यटन निगम ने यह जानकारी दी। हरियाणा पर्यटन निगम की प्रधान सचिव और सूरजकुंड मेला प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कला रामचंद्रन ने बृहस्पतिवार को सूरजकुंड मेला परिसर में पत्रकारों को बताया कि यह मेला सात फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगा जिसमें 42 देशों के 648 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि मेले में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कहीं अधिक भागीदारी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेले में ओडिशा और मध्यप्रदेश मुख्य विषय वाले राज्य हैं तथा पर्यटकों को अन्य राज्यों के साथ-साथ मुख्य विषय वाले इन राज्यों की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को सुबह 10 बजे इस मेले की शुरुआत करेंगे और इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह और पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहेंगे। रामचंद्रन ने बताया कि इस मेले के माध्यम से हरियाणा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को देश-दुनिया में पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि 38 वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला महज एक प्रदर्शनी नहीं है बल्कि यह कारीगरी, विरासत और वैश्विक एकता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस मेले के लिए सभी प्रकार से पुख्ता प्रबंध किए गए हैं तथा पर्यटकों को यहां पर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- इम्फाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगे और पूर्वोत्तर राज्य में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे। उन्होंने सभी से इस प्रार्थना में शामिल होने और ‘‘मणिपुर के निवासियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए'' आशीर्वाद मांगने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रयागराज के महाकुंभ मेले में शामिल होने पर धन्य महसूस कर रहा हूं, यह दिव्य समागम 144 वर्ष बाद आयोजित किया जा रहा है।" मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "कल, मैं अपने सम्मानित कैबिनेट सहयोगियों और माननीय विधायकों के साथ, त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाऊंगा और मणिपुर तथा पूरे देश के लिए शांति, सद्भाव और समृद्धि की प्रार्थना करूंगा।" मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गये हैं। मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर राज्य से रवाना हुए थे। बाद में रात को तीन वरिष्ठ मंत्री और चार भाजपा विधायक एक चार्टर्ड विमान से दिल्ली गये। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश खटीक ने जनवरी में मणिपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सिंह को महाकुंभ मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
- नयी दिल्ली.। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि 2014 से मोबाइल फोन कॉल दरों में 94 प्रतिशत की कमी आई है। सिंधिया ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि देश में पहले 90 करोड़ मोबाइल फोन उपभोक्ता थे जो अब बढ़कर 116 करोड़ हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘...इंटरनेट पहुंच की बात करें तो 2014 में 25 करोड़ उपभोक्ता थे और आज यह संख्या 97 करोड़ है।'' मंत्री ने कहा कि जब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती है तो आवश्यक है कि शुल्क दरों की निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 में एक मिनट की कॉल की दर 50 पैसे थी जो आज तीन पैसे है। इस प्रकार दर में 94 प्रतिशत की गिरावट आई है। सिंधिया ने कहा कि कि 2014 में डेटा यानी इंटरनेट 270 रुपये प्रति जीबी थी जो अब घटकर 9.70 रुपये प्रति जीबी हो गई है जो ‘टैरिफ' में 93 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में इंटरनेट और कॉल दरों के मामले में सबसे किफायती देश है। उन्होंने कहा कि ‘टैरिफ' में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, ऐसा देश में 5जी सेवा के लिए किए गए निवेश के कारण हुआ है। उन्होंने सदन को बताया कि काफी तेज गति से 5जी सेवा शुरू की गयी है और करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उन्होंने शुल्क दरों में वृद्धि को सही ठहराते हुए कहा कि निवेश पर ‘रिटर्न' मिलना चाहिए।
- महाकुंभ नगर। महाकुंभ में अखाड़ों ने कढ़ी-पकौड़ी भोज के साथ अपनी-अपनी ध्वजाओं की डोर ढीली करनी शुरू कर दी है। हालांकि, महाकुंभ का मेला 26 फरवरी के स्नान के साथ संपन्न होगा, लेकिन महाकुंभ की शान 13 अखाड़ों के लिए पूरी तरह प्रस्थान करने का समय अब आ गया है। महाकुंभ मेले के मुख्य आकर्षण अखाड़ों का बसंत पंचमी को अंतिम अमृत स्नान के बाद कढ़ी-पकौड़ी के भोज के साथ महाकुंभ मेले से प्रस्थान प्रारंभ हो गया है। इनमें सन्यासी (शिव के उपासक), बैरागी (राम और कृष्ण के उपासक) और उदासीन (पंच देव के उपासक) संप्रदाय के सभी 13 अखाड़े शामिल हैं। जहां बैरागी संप्रदाय के पंच निर्वाणी अखाड़े के करीब 150 साधु-संत बसंत पंचमी के अगले ही दिन कढ़ी पकौड़ी भोज करके यहां से प्रस्थान कर चुके हैं, वहीं नागा सन्यासियों का जूना अखाड़ा सात फरवरी को कढ़ी पकौड़ी भोज करके यहां से प्रस्थान करना शुरू करेगा। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया, “हमारे अखाड़े में सात फरवरी को कढ़ी पकौड़ी का भोज है जिसके बाद साधु-संत धर्म ध्वजा की तनी (रस्सी या डोर) को ढीला कर देंगे और यहां से प्रस्थान करना प्रारंभ कर देंगे।” उन्होंने बताया, “यहां से साधु संत काशी के लिए प्रस्थान करेंगे जहां वे महाशिवरात्रि तक प्रवास करेंगे और शोभा यात्रा निकालकर काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के बाद मसाने की होली खेलेंगे एवं गंगा में स्नान करेंगे। इसके बाद वे अपने अपने मठों और आश्रमों के लिए रवाना होंगे।” श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि काशी में जूना के साथ ही आवाहन और पंचअग्नि अखाड़े के साधु संत भी शोभा यात्रा निकालते हैं और मसाने की होली खेलकर और गंगा स्नान करके अपने अपने गंतव्यों के लिए रवाना होते हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह, बैरागी अखाड़ों में कुछ साधु-संत अयोध्या चले जाते हैं और कुछ वृंदावन चले जाते हैं जहां वे भगवान राम जी के साथ होली खेलते हैं। वहीं उदासीन और निर्मल अखाड़े के साधु संत पंजाब (आनंदपुर साहिब) चले जाते हैं। श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े से जुड़े अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने बताया, “हमारे अखाड़े में बसंत पंचमी के अगले दिन ही कढ़ी पकौड़ी का भोज हो गया और करीब 150 साधु-संत मेला से प्रस्थान कर चुके हैं और लगभग 35 साधु-संत यहां रुके हैं। ठाकुर जी को यहां से उठाने के बाद धर्मध्वजा की तनी ढीली की जाएगी।” श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के अध्यक्ष श्रीमहंत महेश्वर दास जी महाराज ने बताया, “हमारे अखाड़े में भी सात फरवरी को कढ़ी पकौड़ी का कार्यक्रम होगा और धर्म ध्वजा उतारेंगे। इसके बाद संत महात्मा यहां से प्रस्थान करेंगे।” उन्होंने बताया कि यहां से संत महात्मा प्रयागराज के कीडगंज स्थित अखाड़ा के मुख्यालय में जाएंगे जहां वे शिवरात्रि तक रुकेंगे और इसके बाद भ्रमण पर निकल जाएंगे। जूना अखाड़ा के श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि बसंत पंचमी के बाद माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि का स्नान आम श्रद्धालुओं के लिए होता है और अखाड़ों के साधु-संत इसके लिए महाकुंभ में नहीं रुकते। इसलिए पूर्णमासी (माघी पूर्णिमा) से पहले सभी साधु-संत यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।
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नई दिल्ली। औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने पहल की है। आयुष मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने “शतावरी- बेहतर स्वास्थ्य के लिए” नामक एक प्रजाति-विशिष्ट अभियान शुरू किया गया।
इस अवसर पर राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने पिछले एक दशक में आयुष मंत्रालय की महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला और आयुष मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने शतावरी के बारे में जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए इस नई पहल को शुरू करने के लिए एनएमपीबी का आभार जताया। मंत्री ने एनएमपीबी के पिछले सफल अभियानों का भी उल्लेख किया, जिनमें आंवला, मोरिंगा, गिलोय और अश्वगंधा के लिए अभियान शामिल हैं। इन पहलों ने पूरे देश में औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में ज्ञान फैलाने में योगदान दिया है। इस मिशन के तहत, शतावरी के पौधे को भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए एक प्रमुख संसाधन के रूप में पहचाना गया है। यह नागरिकों के समग्र कल्याण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा हुआ है।आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने औषधीय पौधों को बढ़ावा देने में एनएमपीबी की गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने औषधीय पौधों के संरक्षण, विकास और सतत प्रबंधन के लिए केंद्रीय क्षेत्र योजना के बारे में भी जानकारी साझा की, जो शतावरी सहित महत्वपूर्ण औषधीय प्रजातियों के दीर्घकालिक संरक्षण और खेती को सुनिश्चित करने की पहल है।एनएमपीबी के सीईओ डॉ. महेश कुमार दाधीच ने शतावरी के औषधीय महत्व पर प्रकाश डाला। खासकर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए इसके लाभों के लिए और इस पौधे की कृषि-आर्थिक क्षमता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि अभियान का समर्थन करने के लिए पात्र संगठनों को 18.9 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य परिदृश्य में शतावरी के बारे में अधिक जागरुकता और व्यापक रूप से अपनाया जा सकेगा।बता दें कि अनेक स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाने वाली शतावरी विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, अब इस अभियान के माध्यम से ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह पूरे देश में व्यापक दर्शकों तक पहुंचे। यह अभियान भारत में बेहतर स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए पारंपरिक चिकित्सा और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के आयुष मंत्रालय के निरंतर प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण कदम है। -
नई दिल्ली। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम नए कलेवर में छात्रों के सामने होगा। सवालों का जवाब सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी ही नहीं देंगे, बल्कि देश के कई दिग्गज भी देंगे। पहले पीएम मोदी छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन और तनाव मुक्त रहने के टिप्स देते थे, लेकिन इस बार फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, अभिनेता विक्रांत मैसी, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर और खेल जगत के कई दिग्गज भी जरूरी टिप्स देते नजर आएंगे।
परीक्षा पर चर्चा के लिए छात्र बेहद उत्साहितदिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 10 फरवरी को होने वाली परीक्षा पर चर्चा के लिए छात्र भी बेहद उत्साहित हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी), परीक्षा से जुड़े तनाव को सीखने के उत्सव में बदलने की पहल है। इसके 8 वें संस्करण में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। वर्ष 2018 में परीक्षा पे चर्चा एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है, जिसने वर्ष 2025 में अपने 8वें संस्करण के लिए 3.56 करोड़ पंजीकरण प्राप्त किए हैं। ये 7वें संस्करण में 2.26 करोड़ पंजीकरण हुए थे, जो 1.3 करोड़ पंजीकरणों की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। परीक्षा पे चर्चा न केवल एक लोकप्रिय कार्यक्रम बन गया है, बल्कि यह एक “जन आंदोलन” में भी बदल गया है। यह पूरे देश में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ गहराई से जुड़ गया है। परीक्षा के तनाव को दूर करने और छात्रों को परीक्षाओं को एक त्योहार “उत्सव” के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित करता है।परीक्षा पे चर्चा में मानसिक सेहत और समग्र शिक्षा के महत्व पर दिया जाएगा बलपरीक्षा पे चर्चा में अधिकतम भागीदारी मानसिक सेहत और समग्र शिक्षा के महत्व के बारे में बढ़ती जागरूकता और स्वीकृति को दर्शाती है। कार्यक्रम का इंटरैक्टिव प्रारूप, जिसमें छात्रों, शिक्षकों और प्रधानमंत्री के बीच खुला संवाद शामिल है, ने इसकी सफलता में और योगदान दिया है। परीक्षा पे चर्चा को “जन आंदोलन” के रूप में और मजबूत करने के लिए 12 जनवरी 2025 (राष्ट्रीय युवा दिवस) से 23 जनवरी 2025 (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) तक स्कूल स्तर पर कई आकर्षक गतिविधियां आयोजित की गईं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को परीक्षा पे चर्चा को एक उत्सव के रूप में मनाने में शामिल करना था। कुल 1.42 करोड़ छात्र, 12.81 लाख शिक्षक और 2.94 लाख स्कूलों ने भाग लिया। ये गतिविधियां तनाव को कम करने, ध्यान केंद्रित करने और परीक्षा के दौरान और उसके बाद प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई थीं।परीक्षा पे चर्चा में विविध प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने के लिए किया जाता है प्रोत्साहितछात्रों को खो-खो और कबड्डी जैसे स्वदेशी खेलों, छोटी दूरी की मैराथन, रचनात्मक मीम प्रतियोगिता, आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रदर्शनों और आकर्षक पोस्टर बनाने सहित विविध प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्हें छात्र प्रशंसापत्रों के माध्यम से अपने अनुभव साझा करने, छात्र-नेतृत्व वाली चर्चाओं में भाग लेने और विश्राम और मन की शांति विकसित करने के लिए योग और ध्यान सत्रों में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। स्कूलों ने विद्यार्थियों के लिए नाटकों का आयोजन किया, कार्यशालाएं आयोजित कीं तथा अपने विचार साझा करने के लिए विशेष अतिथियों को आमंत्रित भी किया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण भविष्य का मार्गदर्शक है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सबका साथ सबका विकास हम सभी का दायित्व है, लेकिन कांग्रेस से इसकी उम्मीद करना बड़ी भूल है।
सबका साथ, सबका विकास’ से कुछ लोग परेशान
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत की उपलब्धियों के बारे में, दुनिया की भारत से अपेक्षाओं के बारे में और भारत के सामान्य मानवी का आत्मविश्वास, विकसित भारत का संकल्प जैसे सभी विषयों की विस्तार से चर्चा की थी। देश को आगे की दिशा भी उन्होंने दिखाई। उन्होंने कहा कि यहां ‘सबका साथ, सबका विकास’ के बारे में बहुत कुछ कहा गया है। मुझे समझ में नहीं आता कि लोग इस पर क्यों परेशान हो रहे हैं। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है और भारत के लोगों ने हमें इसी के लिए चुना है। हालांकि, कांग्रेस से यह उम्मीद करना कि वह इस नारे को समझेगी और यह कैसे काम करता है, एक बड़ी भूल होगी। पूरी पार्टी सिर्फ़ एक परिवार के लिए समर्पित है और इसलिए उनके लिए ‘सबका साथ, सबका विकास’ के आदर्श वाक्य के साथ काम करना असंभव है।
देश ने हम सबको यहां बैठने का अवसर दिया
उन्होंने कहा कि यहां पर ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर बहुत कुछ कहा गया। ‘सबका साथ, सबका विकास’ तो हम सबका दायित्व है। इसलिए देश ने हम सबको यहां बैठने का अवसर दिया है। कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के मॉडल में परिवार को प्राथमिकता देना चिंता का विषय है। इसलिए उनकी नीतियां, कामकाज, भाषण – सभी इसी को सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहे हैं। मैं देश के प्रति आभारी हूं कि उन्होंने हमें तीसरी बार सेवा करने के लिए चुना। भारत के लोगों ने हमारी प्रगति की नीति को परखा है और हमें अपने वादों को पूरा करते हुए देखा है। हमने लगातार ‘राष्ट्र प्रथम’ के आदर्श के साथ काम किया है।
योजनाएं बिना किसी गड़बड़ी के लाभार्थियों तक पहुंचे
पीएम मोदी ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि भारत के संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो। हमने संतृप्ति का दृष्टिकोण अपनाया है। हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि योजनाएं बिना किसी गड़बड़ी के लाभार्थियों तक पहुंचे। पिछले दशक में हमने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के आदर्श के साथ काम किया है और इसके परिणाम सामने आए हैं।
एससी/एसटी एक्ट को बनाया मजबूत
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने एससी/एसटी एक्ट को मजबूत बनाया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मॉडल संतुष्टिकरण पर भरोसा करता है। पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि हमारे गवर्नेंस का आधार ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। हमने एससी/एसटी एक्ट को मजबूत बनाया। जातिवाद का जहर फैलाने का प्रयास हो रहा है। लेकिन, 3-3 दशक तक दोनों सदन के ओबीसी सांसद ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग करते थे, लेकिन इसे नहीं माना गया। उस समय उनकी राजनीति को यह सूट नहीं करता था। हमने ओबीसी समाज की इस मांग को पूरा किया।
आरक्षण पर दिया समाधान
उन्होंने कहा कि देश में जब-जब आरक्षण का विषय आया है तो समस्या का समाधान करने का प्रयास नहीं किया गया। तनाव और दुश्मनी पैदा करने के तरीके अपनाए गए। लेकिन, हमारी सरकार ने पहली बार ऐसा मॉडल दिया, जिसमें समाधान ढूंढा गया। हमने सामान्य वर्ग के गरीब को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। बिना किसी तनाव और बिना किसी से छीने दिया। जब हमने ऐसा किया तो एससी/एसटी और ओबीसी समुदाय ने इसका स्वागत किया और किसी के भी पेट में दर्द नहीं हुआ।राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में जब-जब आरक्षण का विषय आया, तो समस्या के समाधान के लिए सत्य को स्वीकार करने का काम नहीं हुआ। देश में विभाजन कैसे हो, तनाव कैसे पैदा हो, वही तरीके अपनाए गए। पहली बार हमारी सरकार ने एक ऐसा मॉडल दिया और ‘सबके साथ, सबके विकास’ के मंत्र के साथ दिया।
भारत की विकास यात्रा में नारी शक्ति के योगदान
देश की महिलाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि भारत की विकास यात्रा में नारी शक्ति के योगदान को कोई नकार नहीं सकता। लेकिन, अगर उनको अवसर मिले और वो नीति-निर्धारण का हिस्सा बनें तो देश की प्रगति में और गति आ सकती है। इस बात को ध्यान रखते हुए हमने इस नए सदन के पहले निर्णय के रूप में ‘नारी शक्ति अधिनियम’ पारित कराया।
- महाकुंभ नगर/ प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार को दुनिया के कई देशों के भंते, लामा और बौद्ध भिक्षुओं एवं सनातन के धर्माचार्यों की उपस्थिति में सनातन बौद्ध एकता का संदेश दिया गया। बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघम् शरणम गच्छामि के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को बौद्ध भिक्षुओं ने शोभायात्रा निकाली। यात्रा का समापन जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि के प्रभु प्रेमी शिविर में हुआ। इस अवसर पर महाकुंभ में तीन प्रमुख प्रस्ताव पारित किये गये। पहले प्रस्ताव में बांग्लादेश, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद करने की मांग की गयी है। दूसरे में तिब्बत को स्वायत्तता देने की मांग है। तीसरे प्रस्ताव का संबंध सनातन एवं बौद्ध की एकता से है। प्रभु प्रेमी शिविर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ से संगम समागम एवं समन्वय का संदेश पूरी दुनिया में जाना चाहिए। उन्होंने कहा ,‘‘कुंभ का तीन शब्दों से संबंध है। जो भी यहां आता है उसकी संगम में स्नान की इच्छा होती है। यहां गंगा जमुना एवं सरस्वती मिल जाती हैं तो भेद दिखाई नहीं देता। यहां संगम के पूर्व अलग-अलग धाराएं हैं। संगम का संदेश है कि यहां से आगे एक धारा चलेगी। '' भैय्याजी जोशी ने कहा कि देश के विविध प्रकार के मत-मतांतर के सभी श्रेष्ठ संत यहां आकर आपस में मिलकर संवाद एवं चर्चा करते हैं। उनका कहना था कि संत एक साथ आयेंगे तो सामान्य लोग भी एक साथ मिलकर चलेंगे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निर्वासित तिब्बत की रक्षामंत्री गैरी डोलमाहम ने कहा कि सनातन एवं बौद्ध धर्म के बीच जिस तरह की प्रेम भावना, नजदीकी होनी चाहिए उसकी तरफ बहुत बड़ा कदम इस पावन धरती पर लिया गया है। म्यांमार से आये भदंत नाग वंशा ने कहा, “मैं पहली बार महाकुंभ में आया हूं। बौद्ध एवं सनातन में बहुत ही समानताएं हैं। हम लोग विश्व शांति के लिए काम करते हैं। हम भारत और यहां के लोगों को खुश देखना चाहते हैं। भारत सरकार बौद्ध धर्म का काम करने में सहयोग करती है। हम लोग मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री का आभार जताते हैं।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार ने कहा ,‘‘ सनातन ही बुद्ध है। बुद्ध ही शास्वत एवं सत्य है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था भारत के पास युद्ध नहीं, बुद्ध है। हम एक रहेंगे तो एक नया भारत एवं एक नया विश्व उभकर सामने आये जो युद्धमुक्त, छुआछूत मुक्त, गरीबी मुक्त होगा। शोभायात्रा में भंते बुद्ध प्रिय विश्व, भंते राजकुमार श्रावस्ती, भंते अवश्वजीत प्रतापगढ़, भिक्षुणी सुमेन्ता, भंते अनुरूद्ध कानपुर, भंते संघप्रिय रीवा मध्यप्रदेश, भंते बोधि रक्षित, भंते धम्म दीप औरैया, भंते बोधि रतन मैनपुरी व भंते संघ रतन शामिल रहे। इस कार्यक्रम को आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक रमेश, धर्म संस्कृति संगम के राष्ट्रीय महासचिव राजेश लाम्बा एवं उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अरुण सिंह बौद्ध प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
- नयी दिल्ली. ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को राष्ट्रीय स्तर के जन सम्पर्क अभियान 'वाटरशेड यात्रा' की शुरुआत की। चौहान ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के वाटरशेड विकास घटक के अंतर्गत की गयी जल संरक्षण गतिविधियों के बारे में लोगों की भागीदारी बढ़ाने और जागरूकता पैदा करने के लिए यात्रा शुरू की। डिजिटल व भौतिक माध्यम (हाइब्रिड मोड) में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 800 ग्राम पंचायतों और एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर चौहान ने लोगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के लिए मृदा और जल संरक्षण के महत्व तथा देश भर में डब्ल्यूडीसी पीएमकेएसवाई परियोजनाओं के प्रभावी और सफल कार्यान्वयन में सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा "समुदाय संचालित दृष्टिकोण" प्राप्त करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी, क्षेत्र स्तर पर कार्यान्वयन तंत्र को सक्रिय करेगी तथा कृषि उत्पादकता, आजीविका और पर्यावरण में सुधार के लिए प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालेगी।
- मथुरा . उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बलदेव कस्बे में पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों पर भद्दी टिप्पणी करने के आरोप में मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह ने बताया कि मंगलवार को दो महिला पुलिसकर्मी मोती बाजार से होकर जा रहीं थीं कि तभी पीछे से बिना नंबर की एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों ने बार-बार हॉर्न बजाते हुए छींटाकशी और भद्दी टिप्पणी करना शुरू कर दी। वे रीढ़ा तिराहे से मेन बाजार तक इसी प्रकार चले आ रहे थे। उन्होंने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे धक्का देकर भागने लगे। तभी बाजार में मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों से झगड़ा करते देख उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
- ऋषिकेश. उत्तराखंड में अप्रैल में शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही ऑफलाइन पंजीकरण भी किए जाएंगे ताकि इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाने वाले तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न उठानी पड़े । अधिकारियों ने यहां बताया कि चारधाम यात्रा को लेकर यहां यात्रा ट्रांजिट कैंप परिसर में गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पाण्डे की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में यात्रा प्रशासन ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार यात्री पंजीकरण की व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है। बैठक में तय किया गया कि श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ 40 फीसदी ऑफलाइन पंजीकरण भी किए जाएंगे ताकि देहात से आने वाले श्रद्धालुओं को इसके झंझट से मुक्ति मिल सके। पिछली बार केवल ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्रियों को पंजीकरण कराने के बाद दिए जाने वाले ‘स्लॉट' में यात्रा क्रम का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उनके अनुसार उदाहरण के लिए चारों धाम की यात्रा करने वालों को यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के क्रम में ‘स्लॉट' दिए जाएंगे। बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा मार्गों पर सभी कार्य 15 अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में मौजूद पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल मंडल, राजीव स्वरुप से परामर्श के बाद पाण्डे ने इस बार यात्रा मार्ग पर हर दस किलोमीटर पर चीता पुलिस या ‘हिल पेट्रोलिंग यूनिट' का दस्ते की तैनाती का भी निर्णय लिया। यह दस्ता मार्ग पर लगने वाले जाम एवं दुर्घटनाओं की स्थिति में तेजी से सक्रिय होगा । बैठक में यात्रा मार्ग पर आने वाले जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे । इस साल तीस अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू होगी । बदरीनाथ मंदिर के कपाट चार मई को खुलेंगे जबकि केदारनाथ धाम के खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के पर्व पर तय की जाएगी ।
- श्योपुर. मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में बुधवार को पांच और अफ्रीकी चीतों को बाड़ों से जंगल में छोड़ा गया। इसके साथ ही केएनपी में कुल 26 चीतों में से सात अब जंगल में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोपहर में मादा चीता धीरा और आशा को आशा के तीन शावकों के साथ जंगल में छोड़ा। उन्होंने अधिकारियों के साथ भारत में 1952 में विलुप्त हो चुके सबसे तेज गति से दौड़ने वाले इस जानवर को फिर से लाने के लिए सितंबर 2022 में शुरू की गई परियोजना चीता की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि एशिया से विलुप्त हो चुका चीता मध्यप्रदेश में अपना कुनबा बढ़ा रहा है।'' मंगलवार को मुख्यमंत्री ने खबर साझा की थी कि चीता वीरा ने दो शावकों को जन्म दिया है। केएनपी में अब 26 चीते हैं - 14 शावक और 12 वयस्क। इनमें से सात चीते - चार वयस्क और तीन शावक - अब जंगल में हैं, जबकि 19 - आठ वयस्क और 11 शावक - बाड़ों में ही हैं। पिछले साल दिसंबर में वायु और अग्नि चीतों को उनके बाड़ों से जंगल में छोड़ा गया था।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर, 2022 को आठ नामीबियाई चीतों - पांच मादा और तीन नर - को केएनपी में बाड़ों में छोड़ा था, जो शिकार और आवास के नुकसान के कारण भारत में जानवर के विलुप्त होने के सात दशक बाद, चीतों के दुनिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण का हिस्सा था। अब तक भारत लाए गए 20 चीतों में से कुछ - सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 - को शुरू में जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन सेप्टीसीमिया (बैक्टीरिया द्वारा रक्त विषाक्तता) के कारण तीन चीतों की मौत के बाद अगस्त 2023 तक उन्हें वापस बाड़ों में लाया गया। बाद में अगस्त, 2024 में, अकेला स्वतंत्र रूप से घूमने वाला चीता पवन मृत पाया गया। 11 मार्च, 2023 को जंगल में छोड़े जाने के बाद नर पवन को अप्रैल में वापस बाड़े में लाया गया और उसी साल जुलाई में फिर से जंगल में छोड़ दिया गया।
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नयी दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद आए लगभग सभी एग्जिट पोल (चुनाव बाद सर्वेक्षण) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 26 साल से अधिक समय बाद राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता में वापसी की संभावना जताई गई है। दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीट के लिए बुधवार को मतदान संपन्न हुआ। मतगणना आठ फरवरी को होगी।
चुनाव के बाद लगभग सभी चुनाव सर्वेक्षण एजेंसियों ने भाजपा की जीत और आम आदमी पार्टी (आप) की हार का अनुमान व्यक्त किया है। अधिकतर सर्वेक्षणों में एक बार फिर संभावना जताई गई है कि कांग्रेस के लिए खाता खोलना भी मुश्किल हो सकता है। ‘मैट्रिज' के सर्वेक्षण के अनुसार, भाजपा 39 से 35 सीट जीतकर सरकार बना सकती है। इस एजेंसी ने आप को 32 से 37 तथा कांग्रेस को शून्य से दो सीट मिलने का अनुमान जताया है। ‘पी-मार्क' के एग्जिट पोल में संभावना जताई गई है कि भाजपा 39-49 सीट जीतकर पूर्ण बहुत की सरकार बना सकती है। इस सर्वेक्षण में आप को 21 से 31 और कांग्रेस को 0-1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है। ‘पीपुल्स इनसाइट' के सर्वेक्षण में कहा गया है कि भाजपा को 40-44 सीट मिल सकती हैं। उसका अनुमान है कि आप को 25-29 तथा कांग्रेस को 0-2 सीट मिल सकती हैं। ‘पीपुल्स प्लस' के एग्जिट पोल में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। इसके अनुसार, भाजपा को 51-60 सीट मिल सकती हैं तो आप को सिर्फ 10-19 सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है। इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि कांग्रेस का लगातार तीसरे विधानसभा चुनाव में खाता खुलने की संभावना नहीं है। ‘पोल डायरी' के सर्वेक्षण का अनुमान है कि भाजपा को 42-50 सीट मिल सकती हैं तथा आप 18-25 सीट के साथ सत्ता से बाहर हो सकती है।सर्वेक्षण में कांग्रेस को 0-2 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। -
नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सभी सुरक्षा एजेंसियों को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने का निर्देश दिया ताकि ‘शून्य घुसपैठ' के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर दो दिन में दो उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के निरंतर और समन्वित प्रयासों के कारण केंद्र शासित प्रदेश में आतंक का पारिस्थितिकी तंत्र कमजोर हो गया है। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों से घुसपैठ और आतंकवादी कृत्यों पर सख्ती के दृष्टिकोण के साथ और अधिक कठोर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसका लक्ष्य आतंकवादियों के अस्तित्व को जड़ से उखाड़ फेंकना होना चाहिए। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक गृहमंत्री ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को ‘शून्य घुसपैठ' के लक्ष्य के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई तेज करने का निर्देश दिया। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की कत्तई बर्दाश्त नहीं की नीति पर जोर दिया और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने तथा केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद को खत्म करने के लिए तालमेल से काम करना जारी रखने का निर्देश दिया। गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थ तस्करी का नेटवर्क घुसपैठियों और आतंकवादियों को उनकी गतिविधियों को अंजाम देने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन से आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ तत्परता और कठोरता से कार्रवाई करने की आवश्यकता है।'' शाह ने एजेंसियों को नए आपराधिक कानूनों के समय पर कार्यान्वयन के मद्देनजर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में नई नियुक्तियां करने का निर्देश दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य के सभी मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार के लिए सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की भी सराहना की। गृहमंत्री ने मंगलवार और बुधवार को लगातार दो बैठकों में सेना, पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
यह पहली बार था जब गृह मंत्री ने लगातार दो दिन जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर इतनी विस्तृत चर्चा की। विज्ञप्ति के मुताबिक बैठकों में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और अन्य शीर्ष सैन्य, पुलिस और नागरिक अधिकारी शामिल थे। ये बैठकें दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर आयोजित की गईं, जिसमें पूर्व सैनिक मंजूर अहमद वागे की मौत हो गई थी और उनकी पत्नी और भतीजी घायल हो गए थे। - प्रयागराज,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई और कहा कि ‘‘मां गंगा का आशीर्वाद पाकर मेरे मन को असीम शांति और संतोष मिला।'' वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच संगम में स्नान करते समय प्रधानमंत्री को पूरी बांह का केसरिया रंग का कुर्ता और नीले रंग का पायजामा पहने देखा गया। उन्होंने रुद्राक्ष की माला से जाप भी किया। उनके गले में भी रुद्राक्ष की एक माला थी। उन्होंने दूध से गंगा का अभिषेक किया और माला फूल चढ़ाकर आरती की। इसके बाद पुरोहितों ने प्रधानमंत्री के माथे पर चंदन का तिलक लगाया और उन्हें गंगा जल का आचमन कराया। संगम में स्नान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विधि विधान से पूजन-अर्चन किया। काले कुर्ते और केसरिया पटके एवं हिमांचली टोपी पहने प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक मंत्रों और श्लोकों के बीच त्रिवेणी संगम में अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, फल और लाल चुनरी अर्पित की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने संगम स्थल पर तीनों नदियों की आरती की।प्रधानमंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रयागराज महाकुंभ में आज पवित्र संगम में स्नान के बाद पूजा-अर्चना का परम सौभाग्य मिला। मां गंगा का आशीर्वाद पाकर मन को असीम शांति और संतोष मिला है। उनसे समस्त देशवासियों की सुख-समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की कामना की। हर-हर गंगे!'' प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में संगम में डुबकी लगाते, सूर्यदेव को अर्घ्य देते, गंगा को प्रणाम करते और रुद्राक्ष की माला जपते हुए अपनी तस्वीरें भी साझा की।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘भारत की एकता के महायज्ञ महाकुंभ 2025, प्रयागराज में आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने पवित्र त्रिवेणी संगम में पावन स्नान कर मां गंगा, मां यमुना, मां सरस्वती का शुभाशीष प्राप्त किया। हर हर गंगे।'' उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह प्रयागराज हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से वह ‘एमआई 17' हेलीकॉप्टर में सवार होकर डीपीएस हेलीपैड उतरे। यहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। यहां से प्रधानमंत्री अरैल घाट पहुंचे, जहां से विशेष नाव पर सवार होकर उन्होंने त्रिवेणी संगम का रुख किया।'' इसमें कहा गया कि नाव पर उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे जिन्होंने इस दौरान उन्हें महाकुंभ में की गई व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं के विषय में जानकारी दी। नाव से भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री ने त्रिवेणी संगम में मौजूद श्रद्धालुओं का भी अभिवादन स्वीकार किया। अधिकारियों ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री के दौरे में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। इसलिए कुछ क्षेत्रों में ही सुरक्षा प्रोटोकॉल को अनिवार्य किया गया और श्रद्धालु अन्य घाटों पर स्नान कर रहे हैं।'' सरकार ने भी अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब त्रिवेणी संगम पहुंचे तब आम श्रद्धालु भी संगम में स्नान कर रहे थे और उनके के आगमन के बावजूद लोगों को स्नान करने से नहीं रोका गया।'' बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पूरी दुनिया को एकता का संदेश दिया। प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार को सुबह 10 बजे तक 10 लाख कल्पवासियों समेत 47.30 लाख लोगों ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। वहीं 13 जनवरी, 2025 से शुरू हुए महाकुंभ में मंगलवार तक 38.29 करोड़ से अधिक लोग संगम में स्नान कर चुके हैं।
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नई दिल्ली। अल्जीरियाई सेना के चीफ आफ स्टॉफ एवं राष्ट्रीय रक्षामंत्री के प्रतिनिधि मंत्री जनरल सईद चानेग्रिहा 06 से 12 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वे बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2025 के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक करेंगे। जनरल चानेग्रिहा ‘ब्रिज – बिल्डिंग रेसिलियन्स थ्रू इंटरनेशनल डिफेन्स एंड ग्लोबल इंगेजमेंट’ विषय पर रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेंगे, जिससे रणनीतिक साझेदारी की दिशा में बातचीत का मार्ग प्रशस्त होगा।इसके साथ ही जनरल चानेग्रिहा नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। वे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात करेंगे।जनरल चानेग्रिहा कई सैन्य संस्थानों का भी दौरा करेंगे, जिनमें रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी का डिफेन्स इमेज प्रोसेसिंग एंड एनालिसिस सेंटर, खडकवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और प्रमुख नौसेना विमानन प्रशिक्षण प्रतिष्ठान आईएनएस हंसा शामिल हैं। जनरल चानेग्रिहा का ब्रह्मोस एयरोस्पेस, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एलएंडटी डिफेंस और भारत फोर्ज सहित रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र के सार्वजनिक व अन्य निजी प्रतिष्ठानों का दौरा करने का भी कार्यक्रम है।जनरल चानेग्रिहा की यात्रा भारत और अल्जीरिया की सेनाओं के बीच निरंतर सहयोग को विस्तार प्रदान करती है। उनकी यह यात्रा दोनों मित्र देशों के बीच मजबूत बंधन और ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करेगी और आपसी हितों के मामलों पर उनके सहयोग को बढ़ाएगी।
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया है। भारत के चुनाव आयोग के अनुसार शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद लाइन में लगे सभी मतदाताओं को अपना वोट डालने की अनुमति है। ईसीआई के अनुसार शाम 5 बजे तक 57.70% मतदान हुआ।
भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के अनुसार एक चरण में हो रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुधवार को शाम पांच बजे तक 57.70 प्रतिशत मतदान हुआ। राष्ट्रीय राजधानी का उत्तर-पूर्वी जिला सभी जिलों में सर्वाधिक 63.83 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। वहीं, सबसे कम मतदान 53.77 प्रतिशत दक्षिण पूर्व जिले में दर्ज किया गया। यह नई दिल्ली जिले से ठीक पीछे है, जहां शाम 5 बजे तक 54.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।चुनाव आयोग के अनुसार, शाम पांच बजे तक दक्षिण पश्चिम जिले में 58.86 प्रतिशत, पूर्व में 58.98 प्रतिशत, उत्तर में 57.24 प्रतिशत, उत्तर पश्चिम में 58.05 प्रतिशत, शाहदरा में 61.35 प्रतिशत, दक्षिण में 55.72 प्रतिशत, मध्य में 55.24 प्रतिशत और पश्चिम में 57.42 प्रतिशत मतदान हुआ।आज बुधवार अपराह्न तीन बजे तक दिल्ली विधानसभा चुनाव में 46.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।इस बीच, मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में 65.25 प्रतिशत मतदान हुआ। तमिलनाडु के इरोड (पूर्व) निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव में शाम 5 बजे तक 64.02 प्रतिशत मतदान हुआ। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों और तमिलनाडु तथा उत्तर प्रदेश की दो सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान बुधवार सुबह सात बजे शुरू हो गया।दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग समाप्त हो चुकी है। वहीं, भारत के चुनाव आयोग की अनुमति से शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद लाइन में लगे सभी मतदाता को अपना वोट डाल रहे हैं। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों से कहा कि वे आधिकारिक काम के लिए चैटजीपीटी और डीपसीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल का इस्तेमाल न करें। हाल ही में जारी की गई एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि ये टूल गोपनीय सरकारी डेटा और दस्तावेजों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
वित्त मंत्रालय की एडवाइजरी के अनुसार, “यह निर्धारित किया गया है कि ऑफिस के कंप्यूटर और डिवाइस में एआई टूल और एआई ऐप (जैसे चैटजीपीटी और डीपसीक आदि) (सरकारी) डेटा और दस्तावेजों की गोपनीयता के लिए जोखिम पैदा करते हैं।”इससे पहले आईटी मंत्रालय ने कहा था कि डीपसीक जैसे एआई टूल्स से संबंधित गोपनीयता संबंधी चिंताओं को भारतीय सर्वरों पर ओपन-सोर्स मॉडल की मेजबानी करके प्रबंधित किया जा सकता है।डीपसीक, एक चीनी एआई ऐप है, जो दुनिया भर में स्क्रूटनी का सामना कर रहा है। डच अधिकारियों ने हाल ही में इसकी गोपनीयता नीतियों की जांच शुरू की, जिसमें सवाल उठाया गया कि ऐप यूजर्स के पर्सनल डेटा को कैसे संभालता है। अन्य देश भी डीपसीक पर इसी तरह की जांच कर रहे हैं।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने कहा था कि देश छह महीने के भीतर किफायती कीमत पर अपना सुरक्षित और सुरक्षित स्वदेशी एआई मॉडल लॉन्च कर सकता है।भारतीय एआई मॉडल आने वाले दिनों में देश को एआई समाधानों के अधिक विश्वसनीय तकनीकी पावरहाउस के रूप में उभरने में मदद करेगा। उच्च-स्तरीय सामान्य कंप्यूटिंग सुविधा द्वारा समर्थित, इंडियाएआई मिशन अब भारतीय भाषाओं का उपयोग करके घरेलू संदर्भ के लिए स्वदेशी एआई समाधानों को अनुकूलित करने के करीब है।ओपनएआई के सह-संस्थापक और सीईओ सैम ऑल्टमैन ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का एक अहम मार्केट है और कंपनी के लिए वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। ऑल्टमैन के मुताबिक, “भारत एआई के लिए काफी अहम बाजार है और हमारा दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। मॉडल अभी भी सस्ते नहीं हैं। भारत को इस क्षेत्र लीडर होना चाहिए।” -
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। इस बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, अरविंदर सिंह लवली और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने मतदान किया।राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान किया। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन परिसर के अंदर डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाला। इसके अलावा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने अपने परिवार संग मतदान किया और लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी सुनिश्चित की। साथ ही चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सपरिवार दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान किया।दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की जनता से मतदान की अपील की। उन्होंने कहा, “ये जो दिल्ली का चुनाव है, ये केवल चुनाव नहीं है बल्कि धर्मयुद्ध है। ये अच्छाई और बुराई की लड़ाई है। एक तरफ पढ़े-लिखे, ईमानदार और काम करने वाले लोग हैं और दूसरी तरफ गाली-गलौज, गुंडागर्दी करने वाले लोग हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि दिल्ली के लोग अच्छाई, सच्चाई और काम पर वोट देंगे।”दिल्ली की जंगपुरा से ‘आप’ के प्रत्याशी और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मतदान किया। उन्होंने कहा, “मैंने आज बेहतर दिल्ली के लिए अपने परिवार के साथ मतदान किया है। मैं दिल्ली के लोगों से अपील करूंगा कि वे अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली-पानी के लिए वोट डालें। मुझे उम्मीद है कि दिल्ली में इस बार शिक्षा की गारंटी की जीत होगी।”विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मतदान के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली का मतदाता हूं। मुझे लगता है कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है।”भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, “मैं दिल्ली की जनता से अपील करती हूं कि वे भारी तादाद में मतदान करें, ताकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को विकसित राजधानी बनाया जा सके। आगामी 8 फरवरी को दिल्ली में कमल खिलेगा, क्योंकि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।”भाजपा नेता अरविंदर सिंह लवली ने मतदान के बाद कहा, “दिल्ली की जनता बदलाव के लिए वोट कर रही है। यहां की जनता त्रस्त हो गई है और मुझे लगता है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस बार दिल्ली में कमल खिलेगा। आम आदमी पार्टी सिर्फ इल्जामों की पार्टी है, इसलिए वह अपनी हार मानकर आरोप लगा रही है।”विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने परिवार संग वोट डाला। उन्होंने मतदान के बाद कहा, “पहले मतदान- फिर समिधा दान। आज दिल्ली विधानसभा चुनाव हैं। राष्ट्र प्रथम मानते हुए आज हमने हवन से पूर्व मतदान किया। आइए, मतदान करिए और कराइए। राजधानी को सुरक्षित बनाइए।”वहीं, कालकाजी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने मीडिया से कहा कि दिल्ली का विकास एक राष्ट्रीय राजधानी के तौर पर हो। जैसे आज भारत दुनिया में पहचाना जा रहा है उसकी राजधानी दिल्ली भी उसी प्रकार की होनी चाहिए। पीएम मोदी चाहते हैं कि जैसे देश का विकास हो रहा है वैसे ही दिल्ली का भी विकास हो इसलिए मैं दिल्ली के सभी भाई-बहनों से अपील करता हूं कि वे दिल्ली के विकास के लिए वोट डालें।” -
नई दिल्ली। दिल्ली चुनाव के लिए वोटिंग प्रक्रिया लगातार जारी है। सांसद मनोज तिवारी भी अपनी पत्नी के साथ मतदान करने वोटिंग केंद्र पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दिल्ली में सत्ता परिवर्तन का दावा किया। दिल्ली के बेहतर भविष्य के लिए आज अपने मताधिकार का प्रयोग करें
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने पत्रकारों को बताया, “दिल्ली चुनाव में आज ‘आप-दा’ का अंत और 27 साल बाद भाजपा का आरंभ होगा। आज हर गली, सोसायटी और समुदाय से आवाज है कि भाजपा आ रही है। मेरी सभी से अपील है कि वो दिल्ली की भविष्य के लिए आज अपने मत का प्रयोग करें। भाजपा को तो जीतना ही है, लेकिन आज मतदान करके दिल्ली को जिताने की जरूरत है।”दिल्ली सरकार से युवाओं का विश्वास उठ गया हैफर्स्ट टाइम वोटर्स को लेकर मनोज तिवारी ने दावा किया, “युवाओं का वोट हमें मिलने वाला है। क्योंकि उनको जो चाहिए, उस पर ‘आप-दा’ वालों ने कुठाराघात किया है। दिल्ली के बच्चों को शिक्षा चाहिए, उनको नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में फेल नहीं चाहिए। दिल्ली सरकार से पूरे युवा का विश्वास उठ गया है।”यमुना को डुबकी लगाने योग्य बनाया जाएगाभाजपा के संकल्प को लेकर उन्होंने कहा, “कई चरणों में काम होगा। टूटी सड़कें और गलियों को एक ही साल में सही किया जाएगा, इसके अलावा कई अन्य चीजें जैसे साफ पानी घर-घर पहुंचाना, यमुना को डुबकी लगाने योग्य बनाने के लिए तीन साल का समय लेंगे।”मतदान ही प्रजातंत्र का आधारउपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी अपनी पत्नी के साथ मतदान किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “मतदान महादान है, ये प्रजातंत्र का आधार है। सभी को मतदान विवेकपूर्ण और स्वतंत्रता से करना चाहिए। मेरी कामना है कि सभी मतदान करें।” मनोज तिवारी, जगदीप धनखड़ के अलावा करोल बाग से भाजपा उम्मीदवार दुष्यंत गौतम ने भी मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने दिल्ली में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनने का दावा किया।मालवीय नगर से भाजपा उम्मीदवार सतीश उपाध्याय ने भी मतदान किया। उन्होंने कहा, “दिल्ली में पूरी तरह से कमल खिल रहा है। आपदा जा रही है और भाजपा आ रही है।” बता दें कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए आज वोटिंग जारी है। चुनाव आयोग के मुताबिक दिल्ली में सुबह 11 बजे तक 19.95 प्रतिशत मतदान संपन्न हुआ है। -
नई दिल्ली। दिल्ली चुनाव के लिए मतदान जारी है। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में दोपहर एक बजे तक 33.31 प्रतिशत वोटिंग हुई है। सबसे अधिक वोटिंग मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में 43 प्रतिशत जबकि सबसे कम करोल बाग में 25.01 प्रतिशत वोटिंग हुई।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारीदिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। दोपहर एक बजे तक सबसे अधिक वोटिंग उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दर्ज की गई। यहां पर 39.51 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं, सबसे कम मतदान नई दिल्ली जिले में 29.89 प्रतिशत हुआ है। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली में 33.66 प्रतिशत, उत्तरी दिल्ली में 32.44 प्रतिशत, उत्तर-पश्चिम दिल्ली में 33.17 प्रतिशत, शाहदरा में 35.81 प्रतिशत, दक्षिणी दिल्ली में 32.67 प्रतिशत, दक्षिण-पूर्वी में 32.27 प्रतिशत, दक्षिण-पश्चिम में 35.44 प्रतिशत और पश्चिमी दिल्ली में 30.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में दोपहर एक बजे तक सबसे ज्यादा 43 प्रतिशत वोट पड़े हैं। वहीं, करोल बाग विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 25.01 प्रतिशत वोट पड़े हैं।सुबह नौ बजे तक 8.03 प्रतिशत वोट दर्ज किया गया वहीं 11 बजे तक 19.95 प्रतिशत वोट पड़ादिल्ली में सुबह 11 बजे तक 19.95 प्रतिशत तो वहीं, सुबह नौ बजे तक 8.03 प्रतिशत वोट दर्ज किया गया था। सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से दिल्ली चुनाव में अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की थी।पहले मतदान, फिर जलपान करने का पीएम ने किया आग्रहपीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “दिल्ली विधानसभा चुनाव में आज सभी सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। यहां के मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें और अपना कीमती वोट जरूर डालें। इस अवसर पर पहली बार वोट देने जा रहे सभी युवा साथियों को मेरी विशेष शुभकामनाएं। याद रखना है- पहले मतदान, फिर जलपान।” बता दें कि दिल्ली चुनाव के नतीजे आठ फरवरी को सामने आएंगे। - नयी दिल्ली. वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए कदम उठाते हुए ऐसा बजट पेश किया है, जो महंगाई बढ़ाने वाला नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति वृद्धि का समर्थन करने के लिए राजकोषीय नीति के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि यद्यपि रुपये में गिरावट से आयातित कच्चा माल महंगा होता है, लेकिन इससे निर्यात प्रतिस्पर्धा भी बढ़ती है। पांडेय ने कहा कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के साथ-साथ अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भी अपने राजकोषीय घाटे के अनुमानों को बेहतर किया है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बजट में निर्धारित 4.9 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है। वहीं अगले वित्त वर्ष (2025-26) में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो समेकन रूपरेखा में दिए गए अनुमान से कम है। उन्होंने कहा, ‘‘ यह स्पष्ट करना बहुत महत्वपूर्ण है कि हमें (सरकार को) एक निश्चित राजकोषीय व्यवस्था के भीतर रहना है। हमने, इस सीमा तक मौद्रिक अधिकारियों को यह कहने में सहायता की है कि यदि उन्हें (आरबीआई को) वह करना है जो वे करना चाहते हैं तो हम समर्थन करेंगे। राजकोषीय नीति और मौद्रिक नीति को एक साथ काम करने की आवश्यकता है, न कि विपरीत उद्देश्यों के लिए...'' सचिव ने कहा कि मौद्रिक सहजता तथा मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने से अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक लाभ मिलेगा। पांडेय ने यहां उद्योग मंडल एसोचैम के साथ बजट के बाद आयोजित परिचर्चा में कहा, ‘‘ मुद्रास्फीति नीतियां वास्तव में वृद्धि को बढ़ावा देने के मामले में केवल अल्पावधि में ही काम कर सकती हैं। अगर हमें सतत वृद्धि दर्ज करनी है, तो हमें मुद्रास्फीति पर अच्छी पकड़ रखनी होगी। यही वह संतुलन है जिसकी हमें जरूरत है...'' भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक पांच फरवरी से शुरू होगी। एमपीसी सात फरवरी को अपने नीतिगत निर्णयों की घोषणा करेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या मौद्रिक नीति समिति नीतिगत दरों में कटौती का फैसला करेगी, पांडेय ने कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि यह फैसला एमपीसी करेगी। वे स्थिति से वाकिफ हैं। वे फैसला लेंगे।'' रुपये में गिरावट से मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ने वाली चिंता के बारे में पूछे जाने पर सचिव ने कहा कि गिरावट का असर आयात से बढ़ने वाली महंगाई पर होता है, लेकिन इससे निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ती है। यह पूछे जाने पर कि क्या रुपये में गिरावट से मुद्रास्फीति के मोर्चे पर चिंता उत्पन्न हो सकती है उन्होंने कहा, ‘‘ आरबीआई को अन्य कारकों पर भी विचार करने की जरूरत है। बेशक, रुपये में गिरावट से कुछ हद तक आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती है, लेकिन इससे उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ती है।'' रुपया सोमवार को 49 पैसे की गिरावट के साथ 87.11 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मेक्सिको और कनाडा पर शुल्क बढ़ोतरी को लागू करने की प्रक्रिया को एक महीने टालने के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक अपने उच्चस्तर से नीचे आया है जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव कम हुआ। इसके बाद रुपया मंगलवार को तीन पैसे मजबूत होकर 87.08 (अस्थायी) पर बंद हुआ। पांडेय ने कहा, ‘‘ रुपया बाजार पर आधारित होता है और बाह्य कारक अपना असर दिखा रहे हैं। आरबीआई इसपर नजर बनाए है और हमारी भी इसपर नजर है।'' राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर घटकर चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर आने के अनुमता के बाद नीतिगत दरों में कटौती की मांग बढ़ रही है। खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में घटकर 5.22 प्रतिशत पर आ गई, जो नवंबर में 5.48 प्रतिशत थी। यह आरबीआई के चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के लक्ष्य के भीतर है। आरबीआई ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए फरवरी, 2023 से नीतिगत दरों को 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा हुआ है।
- कोच्चि. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि व्यक्तिगत तौर पर स्वयं के उद्धार और पृथ्वी पर सभी के कल्याण के लिए कार्य करने की भारतीय परंपरा की आज की दुनिया को ‘‘सख्त आवश्यकता'' है और वह ‘भारत' से इसे संरक्षित करने की उम्मीद करती है। यहां राजेंद्र मैदान में तपस्या कलासाहित्य वेदी के 50वें वर्षगांठ समारोह का उद्घाटन करने के बाद भागवत ने कहा कि दुनिया भारत से उम्मीद करती है कि वह अपने ‘विचारों' और ‘संस्कारों' सहित अपनी परंपराओं को संरक्षित रखे। उन्होंने यह भी कहा कि इन विचारों और संस्कारों को सामाजिक एवं व्यक्तिगत जीवन में ‘‘पुनर्स्थापित'' करना होगा क्योंकि ‘‘हमारे और दुनिया के जीवित रहने का यही एकमात्र तरीका है''। संघ प्रमुख ने कहा, ‘‘यह भारत को विश्व को देना होगा और यह भारतीय समाज का, हिंदू समाज का ईश्वर प्रदत्त कर्तव्य है। हमने पहले भी कई बार ऐसा किया है और एक बार फिर यह काम हमारे सामने है।'' उन्होंने कहा, ‘‘यदि भारत का बौद्धिक और कलात्मक जगत व्यक्तिगत तौर पर स्वयं के उद्धार और पृथ्वी पर सभी के कल्याण के लिए काम करने की भावना के साथ आगे बढ़ता है, तो बहुत कम वर्षों में हमारे सामाजिक मानस में एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।'' भागवत दो दिवसीय दौरे पर केरल में हैं। संघ प्रमुख संगठनात्मक गतिविधियों के तहत जनवरी में छह दिन के लिए राज्य में थे।



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