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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बार्ट डी वेवर को बेल्जियम के प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। उन्होंने भारत और बेल्जियम संबंधों को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक मामलों पर आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने को कहा।
पीएम मोदी ने एक्स पर कहापीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई। मैं भारत-बेल्जियम रिश्तों को और मजबूत करने, वैश्विक मामलों पर हमारे सहयोग को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर हूं। आपके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं।”बेल्जियम में सोमवार को नई सरकार ने शपथ लीबेल्जियम में महीनों से चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बाद सोमवार को नई सरकार ने शपथ ली। ब्रसेल्स के रॉयल पैलेस में हुए शपथ ग्रहण समारोह में बेल्जियम के राजा फिलिप के सामने प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर और उनकी कैबिनेट के 14 मंत्रियों ने शपथ ली।नई सरकार “एरिजोना गठबंधन” के नाम से जानी जाती हैबार्ट डी वेवर फ्लेमिश राष्ट्रवादी पार्टी न्यू फ्लेमिश एलायंस (एन-वीए) के नेता हैं। यह पहली बार है जब एक फ्लेमिश राष्ट्रवादी संघीय सरकार का नेतृत्व कर रहा है। यह नई सरकार “एरिजोना गठबंधन” के नाम से जानी जाती है, जिसमें 5 प्रमुख राजनीतिक दल शामिल हैं। ये एन-वीए, फ्लेमिश क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स, समाजवादी वूरूइट, फ्रेंच-भाषी सुधारवादी आंदोलन (एमआर) और मध्यमार्गी लेस एंगेज हैं। इन दलों ने बजट कटौती, कर वृद्धि और पेंशन सुधारों पर महीनों की कठिन बातचीत के बाद एक समझौता किया, जिसका उद्देश्य बेल्जियम की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति को स्थिर करना है।राजा फिलिप ने बार्ट डी वेवर को संघीय सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा थापिछले साल जुलाई में राजा फिलिप ने बार्ट डी वेवर को संघीय सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा था। उन्होंने गठबंधन बनाने के लिए कई राजनीतिक दलों से बातचीत की, जिसमें फ्रेंच-भाषी मूवमेंट रिफॉर्मेटर (एमआर) और लेस एंगेज, डच-भाषी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स (सीडी एंड वी) और समाजवादी वूरूइट शामिल थे।नई सरकार का गठन बेल्जियम के लिए एक महत्वपूर्ण कदमगठबंधन की बातचीत में सामाजिक-आर्थिक सुधार, स्वास्थ्य सेवा में निवेश, कम आय वाले लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने और बेरोजगारों को रोजगार देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। नई सरकार का गठन बेल्जियम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता को समाप्त करता है और देश को आर्थिक और सामाजिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करता है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार उज्जवला योजना के तहत हर घर में एलपीजी पहुंचाने के बाद देश में गैस पाइपलाइन के दायरे में विस्तार कर रही हैं। पाइप लाइन के माध्यम से घर-घर गैस आपूर्ति के लिए सरकार कदम उठा रही है। पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 733 जिलों में फैले देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 100 प्रतिशत को कवर करने वाले 307 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) को अधिकृत किया है। यह जानकारी केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार ने देश में सीजीडी क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इनमें अन्य बातों के अलावा ये उपाय शामिल हैं-सीजीडी क्षेत्र को घरेलू प्राकृतिक गैस का आवंटनपीएनजी प्रयोजन के लिए उपलब्ध मोड (कैस्केड मोड सहित) के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए अधिसूचना।सीजीडी परियोजनाओं को सार्वजनिक उपयोगिता का दर्जा प्रदान करना ।रक्षा आवासीय क्षेत्र/यूनिट लाइनों में पीएनजी के उपयोग के लिए दिशानिर्देश।सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अपने-अपने आवासीय परिसरों में पीएनजी की व्यवस्था करने के लिए दिशानिर्देश।सीपीडब्ल्यूडी और एनबीसीसी सभी सरकारी आवासीय परिसरों में पीएनजी की व्यवस्था करेंगे।सरकार इस विषय में संबंधित राज्यों में सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए राज्य सरकारों के साथ नियमित रूप से बातचीत और बैठकें आयोजित करती है तथा इस संबंध में चुनौतियों का समाधान करती है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विकास के तहत प्रदान किए जाते हैं। पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से ये कनेक्शन दिए जाते हैं।आपको बता दें, पीएनजीआरबी ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 733 जिलों में फैले देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 100 प्रतिशत को कवर करने वाले 307 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) को अधिकृत किया है। इसके अतिरिक्त पीएनजीआरबी ने सीजीडी नेटवर्क के विकास के लिए पूरे झारखंड राज्य को कवर करने वाले 11 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए) (बिहार और झारखंड में फैले 3 जीए सहित) को अधिकृत किया है। -
नई दिल्ली। दिल्ली में कल बुधवार को 70 सदस्यों वाली विधानसभा के चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान और मतगणना के दिन दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सभी लाइनों पर प्रातः 4 बजे से शुरू हो जाएंगी। दिल्ली के चुनाव में तैनात कर्मचारियों की सुविधा के लिए मेट्रो की सेवाएं जल्द शुरू की जाएंगी।
दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सभी लाइनों पर प्रातः 4 बजे से होगी शुरूसभी लाइनों पर सुबह 6 बजे तक ट्रेनें 30 मिनट के अंतराल पर मिलेंगी। उसके बाद दिनभर ये सेवाएं नियमित रूप से चलेंगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम में कहा है कि 5 और 6 फरवरी की दरमियानी रात सभी लाइनों पर मेट्रो की अंतिम सेवा देर तक चलेगी ताकि चुनाव के लिए नियुक्त कर्मचारियों को देर से लौटने में सुविधा हो।चुनाव मैदान में 699 उम्मीदवारमतदान कल सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। एक करोड़ 56 लाख से अधिक मतदाता 699 प्रत्याशियों के भाग्य का निर्णय करेंगे। इस सिलसिले में चुनाव प्रचार कल सोमवार शाम खत्म हो गया। विधानसभा चुनाव की मतगणना शनिवार को करवाई जाएगाी।दिल्ली में 1 करोड़ 56 लाख 14 हजार मतदातादिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या एक करोड़ 56 लाख 14 हजार है। इनमें से 83 लाख 76 हजार 173 पुरुष और 72 लाख 36 हजार 560 महिला मतदाता है। इसके अतिरिक्त 1,267 ट्रांसजेंडर मतदाता और 12,736 सेवा मतदाता हैं। 79,885 दिव्यांग मतदाता हैं। वहीं पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं की संख्या 2,39,905 है।13,766 मतदान केंद्रइनके लिए निर्वाचन आयोग ने 13,766 मतदान केंद्र बनाए हैं। यह मतदाता दिल्ली के 699 उम्मीदवारों का फैसला 5 फरवरी को करेंगे। 8 फरवरी को होने वाली मतगणना के लिए 11 जिलों में 19 गिनती केंद्र बनाए गए हैं। -
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने मंगलवार को संगम में आस्था की डुबकी लगाई है। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने गंगा पूजन भी किया।
भूटान नरेश और मुख्यमंत्री योगी अरैल घाट से बोट में सवार होकर संगम में स्नान किएलखनऊ से मुख्यमंत्री योगी और भूटान नरेश एक साथ प्रयागराज पहुंचे। हवाई अड्डे से दोनों सड़क मार्ग से संगम तट पहुंचे। अरैल घाट से बोट में सवार होकर संगम गए और स्नान किया। इस दौरान भूटान नरेश और मुख्यमंत्री योगी ने पक्षियों को दाना भी खिलाया। उनका लेटे हनुमान मंदिर और अक्षयवट जाने का भी कार्यक्रम है जहां वे दर्शन-पूजन करेंगे।मुख्यमंत्री ने भूटान नरेश को पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत कियाभूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांग्चुक सोमवार को ही लखनऊ पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भूटान नरेश को पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका कुशलक्षेम जाना। भूटान नरेश ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिवादन किया।वसंत पंचमी के मौके पर करोड़ों आस्थावान लोगों ने संगम में डुबकी लगाईएयरपोर्ट पर कलाकारों ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप विभिन्न प्रस्तुतियों से उनका स्वागत किया। वांग्चुक ने भी कलाकारों की हौसला अफजाई की। गौरतलब है कि वसंत पंचमी के मौके पर सोमवार को महाकुंभ में अंतिम अमृत स्नान के मौके पर करोड़ों आस्थावान लोगों ने डुबकी लगाई। अखाड़ों के साथ श्रद्धालुओं का स्नान चलता रहा। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था बहुत व्यापक रही -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि देश की जनता ने मुझे 14वीं बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने का मौका दिया है।
इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को ‘बोरिंग’ बताने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग अपने मनोरंजन के लिए गरीबों की झोपड़ियों में फोटो सेशन कराते हैं, उन्हें संसद में गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी। उन्होंने कहा कि हमने गरीब को झूठे नारे नहीं, सच्चा विकास दिया है। गरीब का दुख, सामान्य मानवी की तकलीफ, मीडिल क्लास के सपने ऐसे ही नहीं समझे जाते हैं, इसके लिए जज्बा चाहिए। मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कुछ लोगों में यह है ही नहीं।इसके बाद पीएम मोदी ने शीशमहल का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया।उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का फोकस आलीशान घरों में जकूजी और शॉवर पर है। कुछ नेताओं का फोकस अपने घर के स्टाइलिश बाथरूम पर है। हमारा फोकस तो ‘हर घर नल से जल’ पहुंचाने पर है।इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हम 2025 में हैं। एक तरह से 21वीं सदी का 25 प्रतिशत हिस्सा बीत चुका है। आजादी के बाद 20वीं सदी और 21वीं सदी के पहले 25 वर्षों में क्या हुआ, यह तो समय ही तय करेगा। लेकिन अगर हम राष्ट्रपति के अभिभाषण का सूक्ष्मता से अध्ययन करें, तो यह स्पष्ट है कि उन्होंने आने वाले 25 वर्षों और विकसित भारत को लेकर लोगों के बीच विश्वास कायम करने की बात कही। उनका संबोधन विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करता है, नया आत्मविश्वास पैदा करता है और आम लोगों को प्रेरित करता है।पांच दशक तक हम गरीबी हटाओ के नारे सुनते रहे। आज 25 करोड़ गरीब गरीबी को परास्त कर उससे ऊपर उठ गए हैं। ये अचानक नहीं हुआ है। ये योजनाबद्ध तरीके से हुआ है, समर्पित प्रयासों के कारण हुआ है, गरीबों के संघर्ष के प्रति गहरी संवेदनशीलता के कारण हुआ है। जब कोई गरीबों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करता है, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। जो लोग जमीन से जुड़े होते हैं, जो इसकी वास्तविकताओं को समझते हैं और इसके लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं, वे निश्चित रूप से बदलाव लाते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि हमने गरीबों को सिर्फ खोखले नारे नहीं दिए, हमने असली विकास किया। गरीबों के संघर्ष, आम आदमी की कठिनाइयों और मध्यम वर्ग की चुनौतियों को समझने के लिए सच्ची प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। दुख की बात है कि कुछ लोगों में यह सब नहीं है। जो लोग झुग्गी-झोपड़ियों में फोटो सेशन कराकर अपना मनोरंजन करते रहते हैं, उन्हें संसद में गरीबों पर चर्चा बोरिंग लगेगी।फूस की और प्लास्टिक की कच्ची छत के नीचे जीवन गुजारना कितना मुश्किल होता है। कुछ ऐसे पल भी होते हैं, जब सपने रौंद दिए जाते हैं और ये हर कोई नहीं समझ सकता है। अब तक गरीबों को चार करोड़ पक्के घर मिले हैं। जिसने उस जिंदगी को जिया है, उसे समझ होती है कि पक्की छत वाला घर क्या होता है। -
नई दिल्ली। रूस के स्टेट ड्यूमा (रूस की संसद का निचला सदन) के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोडिन भारत दौरे पर हैं। अपने भारत की यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एशिया में भारत रूस का प्रमुख साझेदार है। भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से वोलोडिन कल देर रात भारत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय संसद के दोनों सदनों का भी दौरा किया।
भारत और रूस के बीच विशेष संबंधउपराष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान वोलोडिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष संबंध हैं, जो मित्रता, संप्रभुता के सम्मान और परस्पर लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के नेता रूस-भारत वार्ता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वोलोडिन ने जोर देकर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के पीएम मोदी द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने के लिए संसद को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कार्यकारी स्तर पर मजबूत सहयोग है और इसे संसदीय स्तर पर भी जारी रखना जरूरी है ताकि द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाया जा सके।भारत-रूस व्यापार में पांच गुना वृद्धिवोलोडिन ने यह भी कहा कि भारत एशिया में रूस के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारत-रूस व्यापार में पांच गुना वृद्धि हुई है और यह लगातार बढ़ रहा है। जनवरी से नवंबर 2024 के बीच इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने इसे दोनों देशों और उनके नागरिकों के लिए फायदेमंद बताया।भारत और रूस के बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चाउपराष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि बैठक के दौरान भारत और रूस के बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-रूस संबंध पहले से ही काफी मजबूत हैं और उन्हें बनाए रखने में सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका है।दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारीउपराष्ट्रपति धनखड़ ने यह भी याद दिलाया कि पिछले सात महीनों में पीएम मोदी दो बार रूस का दौरा कर चुके हैं, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस वैश्विक मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी-20 और एससीओ में अपने रुख का तालमेल बैठाते हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मिलकर काम करते हैं।वोलोडिन ने भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और राज्यसभा के सदस्यों को रूस आने का निमंत्रण दिया। उनके साथ आए रूसी प्रतिनिधिमंडल में स्टेट ड्यूमा के उपसभापति अलेक्जेंडर बाबाकोव, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ रूस (एलडीपीआर) के नेता लियोनिद स्लटस्की, नोवी ल्यूदी पार्टी के नेता एलेक्सी नेचायेव, आर्थिक नीति समिति के अध्यक्ष मैक्सिम टोपिलिन, कृषि समिति के अध्यक्ष व्लादिमीर काशिन और संस्कृति समिति की अध्यक्ष ओल्गा काजाकोवा शामिल थे। -
नई दिल्ली। महाकुंभ के तीसरे और आखिरी अमृत स्नान में बसंत पंचमी पर प्रयागराज संगम तट पर 2.35 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। सोमवार को अमृत स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं की 10 किलोमीटर लंबी लाइन संगम से लेकर प्रयागराज जंक्शन तक देखी गयी। सुबह पांच बजे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और शंभु पंचायती अटल अखाड़े के महामंडलेश्वर व संतो ने सबसे पहले बसंत पंचमी पर अमृत स्नान किया। इसके बाद पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार निरंजनी अखाड़ा, पंच दशनाम जूना अखाड़े के साथ आवाहन और पंच अग्नि अखाड़े के नागा साधुओं ने स्नान किया।
संन्यासी अखाड़ों के बाद वैष्णव और उदासीन अखाड़ों का अमृत स्नान हुआ और सबसे आखिर में निर्मल अखाड़े ने स्नान किया, जिसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रयागराज महाकुंभ का सोमवार में 22 वां दिन था और अब तक करीब 35 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। बसंत पंचमी पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार से ही आनी शुरू हो गयी थी। रविवार को जहां एक करोड़ लोगों ने स्नान किया था वहीं सोमवार को यह संख्या दो करोड़ पार कर गयी।मौनी अमावस्या को अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ और मौतों के बाद प्रदेश सरकार ने सोमवार के लिए चौक चौबंद व्यवस्थाएं की थी। खुद मुख्यमंत्री सोमवार तड़के तीन बजे से राजधानी लखनऊ में उनके आवास पर स्थापित वार रूम में बैठ कर मॉनिटरिंग कर रहे थे। बसंत पंचमी का स्नान सकुशल निपटाने के लिए हेलीकॉप्टरों से भीड़ की मॉनिटरिंग की गयी जबकि 2750 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। कुंभ मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 60000 पुलिस के जवान लगाए गए थे वहीं 100 से ज्यादा भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को भी उतारा गया था।महाकुंभ 2025 के अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी पर्व में संगम तट पर डुबकी लगाने पहुंचे करोड़ों श्रद्धालुओं पर योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। हेलीकॉप्टर से सभी घाटों और अखाड़ों पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई। पुष्प वर्षा की शुरुआत सुबह 6.30 बजे से ही हो गई और तक चलती रही जब तक अखाड़ों का अमृत स्नान जारी ।प्रयागराज महाकुंभ में मंगलवार को भूटान नरेश भी जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी भूटान नरेश के साथ कल प्रयागराज जाएंगे। भूटान नरेश के साथ योगी कल सुबह 10:30 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे और दोपहर 12:10 बजे संगम नोज और किला घाट का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद वह भूटना नरेश के साथ दोपहर 12:25 बजे अक्षयवट के दर्शन और पूजन करेंगे और दोपहर 12:45 बजे लेटे हुए हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे। दोनों लोग 1:05 बजे डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरियंस सेंटर का भ्रमण करेंगे। जिसके बाद त्रिवेणी संकुल जाएंगे। - बरेली (उप्र). जिले के भोजीपुरा थाना इलाके में कथित तौर पर बार-बार की धमकी से तंग आकर एक विवाहित महिला ने शारीरिक संबंध बनाते समय पड़ोसी युवक की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि 30 जनवरी की सुबह थाना भोजीपुरा के गांव घुर समसपुर में इकबाल (32) का शव मिला था। इकबाल की पत्नी शाहनाज ने पति की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। शाहनाज ने पड़ोसी इदरीश और उसकी पत्नी आरोपी रबीना पर इकबाल की हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने इदरीश और आरोपी रबीना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पहले तो आरोपी महिला पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन बाद में उसने इकबाल की हत्या करने का जुर्म कबूल किया। उन्होंने कहा कि 35 वर्षीय आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया कि उसकी इक़बाल से फोन पर बात होती थी और युवक कॉल रिकॉर्ड करके उसे ब्लैकमेल करके जबरन शारीरिक सबंध बनाता था। इसी से तंग आकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
- नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि देश में लाखों की संख्या में अवैध प्रवासी नहीं रह सकते और चुनावी राजनीति को जनसांख्यिकीय अव्यवस्थाओं से प्रभावित होने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी के साथ उन्होंने युवाओं से राष्ट्र विरोधी बयानों को समाप्त करने की अपील की। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने संसद में बार-बार होने वाले व्यवधान पर भी चिंता जाहिर की।राष्ट्रीय राजधानी में ‘वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स' (डब्ल्यूओएफए) सम्मेलन के दौरान धनखड़ ने कहा कि युवाओं को अस्तित्व संबंधी चुनौतियों के बारे में चिंतित होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में लाखों अवैध प्रवासी नहीं रह सकते... हम अपनी चुनावी राजनीति को जनसांख्यिकीय अव्यवस्थाओं से प्रभावित नहीं होने दे सकते। ये चीजें आपके लिए मायने रखती हैं क्योंकि ये ऐसी चुनौतियां हैं जिनका आपको सामूहिक रूप से जवाब देना होगा।'' धनखड़ ने विस्तार से बताए बिना कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है...कहा जाता है कि समझदार को इशारा काफी होता है।'' उपराष्ट्रपति ने इस बात पर चिंता जाहिर कि कुछ लोग और संस्थाएं देश की विकास यात्रा से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश में सनसनी फैलाने और कहानी गढ़ने का चलन जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘कहानियों में भारतीयता को भूल जाते हैं, राष्ट्रवाद को भूल जाते हैं और राष्ट्रहित को भी भुला दिया जाता है।'' धनखड़ ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि इन राष्ट्र-विरोधी कहानियों को समाप्त करने तथा भारत विरोधी ताकतों को हराने की शक्ति उनके हाथ में है। ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' (आईसीएआई) द्वारा आयोजित सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक राष्ट्रवाद की भावना को आत्मसात करने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसा दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा।
- कोलकाता. पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में एक महिला ने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए रुपये जुटाने के वास्ते पहले पति को कथित तौर पर 10 लाख रुपये में किडनी बेचने को मजबूर किया और फिर पूरा नकद पैसा लेकर प्रेमी संग फरार हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। सांकराइल में रहने वाले पति के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है।शिकायत के मुताबिक, महिला पिछले एक साल से अपने पति पर किडनी बेचने और कुछ पैसे कमाकर अपना घर बेहतर तरीके से चलाने और अपनी 12 साल की बेटी को अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए दबाव डाल रही थी। इसके बाद पत्नी ने किडनी के लिए एक खरीदार के साथ 10 लाख रुपये का अनुबंध किया। अपनी पत्नी पर विश्वास करते हुए पति किडनी देने के लिए सर्जरी कराने को तैयार हो गया। पिछले महीने हुई सर्जरी के बाद पति पैसे घर ले आया, तो उसकी पत्नी ने उसे जल्दी ठीक होने के लिए आराम करने और बाहर न निकलने के लिए कहा। पति ने कहा, ‘‘फिर एक दिन वह घर से चली गई और वापस नहीं लौटी। बाद में मुझे पता चला कि अलमारी से 10 लाख रुपये नकद के साथ कुछ और चीजें गायब हैं।'' पति ने कहा कि उसके परिवार ने अंततः अपने परिचितों की मदद से हावड़ा से बहुत दूर, कोलकाता के उत्तरी उपनगर बैरकपुर में उस घर का पता लगा लिया जहां उसकी पत्नी रह रही थी। उस घर में वह उस आदमी के साथ रह रही थी जिसके साथ वह कथित तौर पर भागी थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला फेसबुक पर उस व्यक्ति से मुलाकात के बाद कथित तौर पर पिछले एक साल से उसके साथ प्रेम संबंध में थी। हालांकि, जब उसके पति, सास और बेटी उस आदमी के बैरकपुर स्थित घर पहुंचे तो उसने बाहर आने से इनकार कर दिया। पति के परिवार से महिला के प्रेमी ने कथित तौर पर कहा कि वह (महिला) अपने ससुरालियों पर वैवाहिक जीवन के 16 वर्षों के दौरान शारीरिक और मानसिक यातना देने का आरोप लगाते हुए तलाक का मुकदमा दायर करेगी। पत्रकारों से बातचीत में उस व्यक्ति (कथित प्रेमी) ने इस बात से इनकार किया कि उसने सांकराइल स्थित अपने ससुराल के घर से कोई नकदी ली है और दावा किया कि वह केवल वही पैसे लेकर आई जो उसने बचाए थे। पुलिस ने कहा कि वे कोई भी कार्रवाई शुरू करने से पहले महिला और उसके कथित प्रेमी से पूछताछ करेंगे।
- प्रयागराज। महाकुंभ की तीसरा अमृत स्नान बसंत पंचमी के अवसर पर सोमवार तड़के से शुरू हो गया, जिसमें देश दुनिया से लाखों की संख्या में लोग गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे तक 62 लाख से अधिक लोगों ने डुबकी लगा ली है। मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘संगम घाट पर नागा साधु संतों और आम श्रद्धालुओं के स्नान के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। हर कोई अमृत स्नान का अलौकिक आनंद ले रहा है और चारों ओर हर हर गंगे का घोष सुनाई दे रहा है।’’उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘महाकुंभ में मां गंगा, यमुना और सरस्वती की दिव्य धाराओं में पवित्र अमृत स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई।’’सूचना निदेशक शिशिर ने बताया कि योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अपने आधिकारिक आवास पर प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) के साथ मिलकर तड़के साढ़े तीन बजे से ही महाकुंभ में स्नान संबंधी व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमृत स्नान निर्विघ्न रूप से जारी है और संन्यासी अखाड़ों के साथु संतों का अमृत स्नान संपन्न होने के साथ अब बैरागी अखाड़े घाट पर पहुंच रहे हैं। क्रम में सबसे पहले संन्यासी अखाड़ों में महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के साधु संतों और पीठाधीश्वर ने संगम घाट पर पहुंचकर स्नान किया।इसके बाद, निरंजनी और आनंद अखाड़ा और जूना एवं आवाहन अखाड़ा के साधु संतों ने अमृत स्नान किया। मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ की घटना के बाद यह अमृत स्नान हो रहा है। मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी तथा 60 लोग घायल हो गए थे। संगम तट पर भीड़ से बचने के लिए बहुत से लोग दारागंज में बने पक्के घाट दशाश्वमेध घाट पर स्नान के लिए जुटे हैं।सरकार का अनुमान है कि सोमवार को पांच करोड़ लोग स्नान करेंगे। महाकुंभ के अंतिम अमृत स्नान पर्व बसंत पंचमी पर मेला प्रशासन और पुलिस को ‘‘शून्य त्रुटि’’ के साथ सकुशल स्नान संपन्न कराने के मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर स्वयं मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को देख रहे हैं।पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी पुलिस) (महाकुंभ) वैभव कृष्ण ने ‘ बताया कि 29 जनवरी की घटना के मद्देनजर अधिक भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। आज सबकुछ सुचारू ढंग से जारी है। सरकार ने बसंत पंचमी पर ‘ऑपरेशन इलेवन’ से भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई है। सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को एकल मार्ग की व्यवस्था लागू रहेगी। वहीं, त्रिवेणी के घाटों पर अत्यधिक दबाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाए गए हैं।
- अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें सांस लेने में कठिनाई महसूस होने पर तुरंत श्री राम अस्पताल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें पहले ट्रामा सेंटर और फिर लखनऊ पीजीआई रेफर किया गया।अयोध्या सिटी के न्यूरो सेंटर के डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आचार्य सत्येंद्र दास की स्थिति थोड़ी नाजुक है। सीटी स्कैन में पता चला कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ है और यह कई सेगमेंट्स में है। डॉक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हमने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया है ताकि वहां पर उन्हें और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।शुरुआती जानकारी के मुताबिक आचार्य सत्येंद्र दास को सांस लेने में कठिनाई महसूस होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। राम मंदिर के सहायक पुजारी प्रदीप दास ने भी इस बारे में जानकारी दी थी।राम जन्मभूमि परिसर में पूजा अर्चना करने वाले आचार्य सत्येंद्र दास की तबीयत बिगड़ने से मंदिर प्रशासन और उनके भक्तों में चिंता का माहौल है। उनकी हालत स्थिर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। आचार्य सत्येंद्र दास को राम मंदिर निर्माण के आरंभ से ही मुख्य पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया था और वह श्री राम जन्मभूमि के पूजा कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
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नई दिल्ली। बसंत पंचमी के अवसर पर स्नान के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट ने आज (सोमवार) को जिले के सरकारी कार्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया है।
जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के एक आदेश के अनुसार, इसमें कहा गया है कि लाखों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की निरंतर आमद के कारण मुख्य स्नान के दिनों में प्रयागराज जिले की सीमा के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में छुट्टी घोषित करना आवश्यक हो गया है। महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए देश-विदेश से लोग उमड़ रहे हैं।आदेश में कहा गया है कि सूचित किया जाता है कि 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मुख्य स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं स्नानार्थियों की भारी भीड़ एवं यातायात प्रतिबंध के कारण शांति और कानून और व्यवस्था बनाये रखने हेतु जनपद प्रयागराज में सरकारी कार्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।इससे पहले, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश द्विवेदी ने रविवार को आश्वासन दिया कि पवित्र आयोजन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय प्रणाली लागू की जा रही है। समाचार एजेंसी से बात करते हुए द्विवेदी ने कहा, “यहां एक त्रिस्तरीय प्रणाली काम कर रही है। सभी वरिष्ठ अधिकारी समन्वय कर रहे हैं ताकि इस तरह की कोई घटना न हो और चीजें सुचारू रूप से चलें।” उन्होंने कहा, ” हम भीड़ की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।”शनिवार तक 330 मिलियन (33 करोड़) से अधिक श्रद्धालुओं ने महाकुंभ में पवित्र स्नान किया है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बनाता है। उसी दिन 200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय भक्तों ने प्रयागराज में प्रार्थना और भजन कीर्तन में भाग लिया और कार्यक्रम की आध्यात्मिक ऊर्जा और असाधारण संगठन के लिए अपनी सराहना व्यक्त की।उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आयोजन के लिए विस्तृत व्यवस्था की है, जिसकी भक्तों ने प्रशंसा की है। कई लोगों ने तीर्थयात्रियों के लिए एक सहज और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने में सरकार के प्रयासों की सराहना की है। -
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने 5 फरवरी सुबह सात बजे से शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने एक आदेश भी जारी किया है।
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, “जनसाधारण विशेष रूप से न्यूज ब्यूरो, मीडिया हाउसेज, रेडियो और टेलीविजन चैनलों इत्यादि का ध्यान भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 576/एक्जिट /2025/ एसडीआर/खण्ड-1 दिनांक 22 जनवरी, 2025 की ओर आकर्षित किया जाता है कि प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या किसी भी अन्य तरीके, जो कोई हो, में एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल या किसी अन्य चुनाव सर्वेक्षण के परिणामों पर प्रतिबंध रहेगा।”एक्जिट पोल के परिणाम के प्रकाशन एवं प्रसार पर होगा प्रतिबंधउन्होंने कहा, “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के विधानसभा के साधारण निर्वाचन की घोषणा निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट संख्या ई.सी.आई/पी.एन/169/2025 दिनांक 07 जनवरी 2025, के द्वारा घोषित की जा चुकी है और यतः लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (संक्षेप में लो. प्र. अधिनियम, 1951) की धारा 126क के प्रावधानों के अनुसार इस संबंध में निर्वाचन आयोग द्वारा यथा अधिसूचित, इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के संचालन और उसके परिणामों तथा ऐसे एक्जिट पोल के परिणाम के प्रकाशन एवं प्रसार पर प्रतिबंध होगा।”चुनाव आयोग ने बताया, “अब, इसलिए, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126क की उप-धारा (1) के अधीन -शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग, उक्त धारा की उप-धारा (2) के उपबंधों के दृष्टिगत, -05 फरवरी 2025 (बुधवार) को सुबह 7:00 बजे से शाम 06:30 बजे के बीच की अवधि को, ऐसी अवधि के रूप में अधिसूचित करता है, जिसके दौरान वर्तमान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली विधानसभा आम चुनाव 2025 के संबंध में किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल का आयोजन करने तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रचार-प्रसार करने पर प्रतिबंध होगा।”ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण पर इस अवधि में रहेगा प्रतिबंधआयोग ने कहा कि यह भी स्पष्ट किया जाता है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 (1) (ख) के अधीन उपर्युक्त आम चुनाव के संबंध में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाली 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम को आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने पर बधाई दी और कहा कि यह जीत बेहतरीन ‘टीम वर्क' के साथ-साथ दृढ़ संकल्प और धैर्य का परिणाम है। भारत ने रविवार को कुआलालंपुर में महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता। मोदी ने रविवार को ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हमें अपनी नारी शक्ति पर बहुत गर्व है! आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप 2025 में विजयी होने के लिए भारतीय टीम को बधाई।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत हमारे बेहतरीन ‘टीम वर्क' के साथ-साथ दृढ़ संकल्प और धैर्य का परिणाम है। यह जीत कई उभरते एथलीट को प्रेरित करेगी। टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।
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मुंबई. ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने रविवार को दक्षिण मुंबई स्थित पारसी जिमखाना का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलने का लुत्फ उठाया और कहा कि उन्हें खुशी है कि वह ज्यादा बार आउट नहीं हुए। सुनक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, “टेनिस बॉल से क्रिकेट खेले बिना मुंबई की कोई यात्रा पूरी नहीं मानी जाती।" उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “पारसी जिमखाना क्लब के स्थापना दिवस समारोह में आप सभी के बीच होकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। यह एक असाधारण उपलब्धि है। इतने सारे इतिहास और इतनी सारी रोमांचक चीजों का गवाह बना। मैं आज सुबह ज्यादा बार आउट नहीं हुआ।” सुनक ने कहा कि वह इस तरह की और यात्राएं करने के इच्छुक हैं।
पारसी जिमखाना की स्थापना 25 फरवरी 1885 को की गई थी और सर जमशेदजी जेजीभॉय को इसका संस्थापक अध्यक्ष, जबकि जमशेदजी टाटा को अध्यक्ष नियुक्ति किया गया था। 1887 में पारसी जिमखाना को उसके वर्तमान स्थान सुरम्य मरीन ड्राइव पर स्थानांतरित कर दिया गया था। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, “बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! शिक्षा और ज्ञान से जुड़े इस खुशी के अवसर और त्योहार पर मैं सभी देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और बुद्धि की कामना करती हूं।”
भारत दुनियाभर में ज्ञान के केंद्र के रूप में स्थापित होसरस्वती पूजा के दिन का महत्व बताते हुए उन्होंने आगे लिखा, “मैं मां सरस्वती से प्रार्थना करती हूं कि वे भारत को दुनिया के ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करें।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “सभी देशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”वसंत पंचमी होली की तैयारियों की शुरुआत का प्रतीकसरस्वती पूजा देवी सरस्वती को समर्पित है, जो वसंत ऋतु के आगमन की घोषणा करता है। इसे विभिन्न भारतीय क्षेत्रों में अलग-अलग रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार होलिका और होली की तैयारियों की शुरुआत का भी प्रतीक है, जो चालीस दिन बाद मनाई जाती हैं।बसंत पंचमी का संबंध पूरी तरह खिले हुए पीले सरसों के खेतों से भी है। इस दिन, लोग पारंपरिक रूप से पीले रंग के परिधान – साड़ी, शर्ट या अन्य सामान पहनते हैं और पीले रंग के व्यंजनों का लुत्फ उठाते हैं। इस दिन चावल के व्यंजनों में अक्सर केसर मिलाया जाता है, जिससे वे उत्सव के पीले रंग में बदल जाते हैं और इन व्यंजनों को दावत में परोसा जाता है।मंदिर और शैक्षणिक संस्थानों में सरस्वती पूजा की घूममंदिर और शैक्षणिक संस्थानों में सरस्वती देवी की मूर्तियों को पीले वस्त्र पहनाकर और विशेष प्रार्थना करके उनका सम्मान किया जाता है। कई स्कूल और कॉलेज ज्ञान और बुद्धि के लिए सरस्वती का आशीर्वाद लेने के लिए सुबह की पूजा का आयोजन करते हैं। विद्या और कला की देवी के प्रति श्रद्धा में काव्य और संगीत समारोहों सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को घोषणा की कि सरकार पांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अतिरिक्त बुनियादी ढांचा का निर्माण करेगी और बिहार की राजधानी पटना स्थित आईआईटी का विस्तार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार स्कूलों और उच्च शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं की पुस्तकों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने के लिए ‘भारतीय भाषा पुस्तक' योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों में 23 आईआईटी में छात्रों की कुल संख्या 65,000 से 1.35 लाख तक 100 प्रतिशत बढ़ी है। 2014 के बाद शुरू किए गए पांच आईआईटी में अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि 6,500 और छात्रों को शिक्षा मिल सके। आईआईटी पटना में छात्रावास और अन्य बुनियादी ढांचे की क्षमता का भी विस्तार किया जाएगा।'' आईआईटी पटना के विस्तार की घोषणा इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुई है।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में आईआईटी और आईआईएससी में प्रौद्योगिकी अनुसंधान के लिए 10,000 फेलोशिप प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ कौशल विकास के लिए पांच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे और अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी ताकि युवाओं के मन में वैज्ञानिक सोच पैदा की जा सके।'' सीतारमण ने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2023 में कृषि, टिकाऊ शहरों और स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) में उत्कृष्टता के तीन केंद्रों की घोषणा की थी। अब, शिक्षा के लिए एआई में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का परिव्यय होगा।'' उन्होंने कहा कि स्कूल तथा उच्च शिक्षा में भारतीय भाषाओं की डिजिटल पुस्तकों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषा पुस्तक परियोजना का कार्यान्वयन किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को उभरते उद्यमियों के वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप के लिए ‘फंड ऑफ फंड्स' योजना के एक और दौर की घोषणा की। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने अब तक 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है। स्टार्टअप इंडिया की कार्ययोजना 16 जनवरी 2016 को पेश की गई थी। उसी वर्ष स्टार्टअप की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स' (एफएफएस) योजना लाई गई थी। डीपीआईआईटी एक निगरानी एजेंसी है और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) एफएफएस के लिए संचालन एजेंसी है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2025-2026 के बजट में 99,858.56 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2024-2025 के बजट (संशोधित अनुमान) के 89,974.12 करोड़ रुपये से लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में ‘डे केयर' कैंसर केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की है। इनमें से दो सौ ‘डे केयर' कैंसर केंद्र वित्त वर्ष 2025-26 में ही स्थापित किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 2025-26 का बजट पेश करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट जोड़ने के लक्ष्य की दिशा में अगले वर्ष मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीट जोड़ी जाएंगी। औषधियों/दवाइयों के आयात पर राहत के रूप में, कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए 36 जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूरी तरह छूट दी गई है। इसके अलावा 37 दवाओं के साथ-साथ 13 नई दवाओं और रोगी सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत आने वाली दवाओं को बीसीडी से छूट दी गई है, बशर्ते कि वे मरीजों को मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएं। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘गिग वर्कर्स' को पीएम जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे लगभग एक करोड़ ऐसे श्रमिकों को लाभ होगा। ‘गिग वर्कर्स' उन श्रमिकों को कहा जाता है जिनका काम अस्थायी होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो ये किसी काम को अस्थायी तौर पर करते हैं और फिर बेहतर अवसर मिलने पर ये अपने काम को बदल लेते हैं। स्विगी, जोमैटो, उबर जैसे ऐप के जरिये सामान पहुंचाने वाले ‘वर्कर्स' इसका उदाहरण हैं। सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि क्षमता निर्माण और आसान वीजा मानदंडों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में चिकित्सा पर्यटन और 'हील इन इंडिया' को बढ़ावा दिया जायेगा। आयुष मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन 3,497.64 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,992.90 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 14.15 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटित 99,858.56 करोड़ रुपये में से 95,957.87 करोड़ रुपये स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए और 3,900.69 करोड़ रुपये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए निर्धारित किए गए हैं। केंद्र प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2024-25 में 36,000.00 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 37,226.92 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के लिए आवंटन 7,605.54 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 9,406.00 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए बजटीय आवंटन 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79.60 करोड़ रुपये कर दिया गया है जबकि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए वित्त वर्ष 2024-25 में 225 करोड़ रुपये से 340.11 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्वायत्त निकायों के लिए बजटीय आवंटन 2024-25 में 18978.72 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2025-26 में 20,046.07 करोड़ रुपये कर दिया गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के लिए आवंटन 5,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि आईसीएमआर को वित्त वर्ष 2024-25 में 2,869.99 करोड़ रुपये की तुलना में 3125.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
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नयी दिल्ली. देश में डिजिटल, ऑनलाइन और कागज रहित निचली अदालतें स्थापित करने की महत्वाकांक्षी ई-अदालत परियोजना के तीसरे चरण के लिए केंद्रीय बजट में 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। परियोजना के लिए धनराशि ‘ न्याय प्रदान करने एवं कानूनी सुधार राष्ट्रीय मिशन' के तहत आवंटित की गई है। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत भारतीय न्यायपालिका को सूचना एवं प्रौद्योगिकी के लिहाज से सक्षम बनाने के लिए ई-अदालत परियोजना 2007 से ही क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना का दूसरा चरण 2023 में समाप्त हुआ। ई-अदालत परियोजना का तीसरा चरण 2023 से शुरू हुआ। इसका उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड सहित अदालत के संपूर्ण रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के माध्यम से डिजिटल, ऑनलाइन और कागज रहित अदालतों की ओर बढ़ते हुए अधिक सुलभ न्याय व्यवस्था की शुरुआत करना है। तीसरे चरण का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी मंच बनाना है जो अदालतों, वादियों और अन्य हितधारकों के बीच एक सहज और कागज रहित ‘इंटरफेस' प्रदान करेगा। सरकार ने कहा कि जिन नागरिकों के पास प्रौद्योगिकी तक पहुंच नहीं है, वे ई-सेवा केंद्रों से न्यायिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिससे डिजिटल विभाजन को कम किया जा सकेगा। अदालत के अभिलेखों का डिजिटलीकरण कागज-आधारित मुकदमेबाजी कम करके और दस्तावेजों के रख रखाव को कम करके प्रक्रियाओं को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सक्षम बनाता है। इसके अलावा, अदालती कार्यवाही में डिजिटल भागीदारी से इन कार्यवाहियों से जुड़ी लागतों को कम किया जा सकता है, जैसे गवाहों, न्यायाधीशों और अन्य हितधारकों के लिए यात्रा व्यय, जबकि अदालती शुल्क, जुर्माना और दंड का भुगतान कहीं से भी, कभी भी किया जा सकता है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्यों को 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 को पेश करते हुए कहा कि 2021 में घोषित पहली परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना की कामयाबी के बाद 2025-30 की अवधि के लिए दूसरी योजना शुरू की जाएगी। इसमें नई ढांचागत परियोजनाओं पर 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी लगाई जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि परिसंपत्ति मौद्रीकरण योजना का समर्थन करने के लिए नियामकीय एवं राजकोषीय कदमों को दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे से संबंधित प्रत्येक मंत्रालय इन परियोजनाओं को तीन साल की अवधि में लागू करने का प्रस्ताव लेकर आएगा। इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के जरिये लागू किया जा सकता है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा, ‘‘राज्यों को भी इस दिशा में कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य इससे जुड़ा पीपीपी प्रस्ताव तैयार करने के लिए आईआईपीडीएफ (भारत अवसंरचना परियोजना विकास कोष) योजना से मदद ले सकते हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत उच्च उपज वाले बीजों पर एक राष्ट्रीय मिशन शुरू करेगा। संसद में शनिवार को अपना लगातार आठवां बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण में सुधार के लिए बिहार में ‘मखाना बोर्ड' की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) और समुद्र में मत्स्य पालन क्षेत्र को बनाए रखने के लिए सक्षम ढांचा लाएगी। उन्होंने कपास उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पांच साल के मिशन की भी घोषणा की।
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नयी दिल्ली. सरकार ने कर संग्रह में सुधार की उम्मीद के बीच अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध आधार पर कर्ज के अनुमान घटाकर 11.54 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार को अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिनांकित प्रतिभूतियां जारी कर कर्ज लेना पड़ता है। हालांकि, सकल बाजार उधारी को चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनुमानित 14.01 लाख करोड़ रुपये से संशोधित कर 14.82 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ‘‘ 2025-26 तक, कर्ज के अलावा कुल प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 34.96 लाख करोड़ रुपये और 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। शुद्ध कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।'' वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जबकि चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इसके 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा 15,68,936 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सीतारमण ने कहा, ‘‘ राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार कर्ज 11.54 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। शेष वित्तपोषण लघु बचत व अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। सकल बाजार उधारी 14.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
- नयी दिल्ली। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) नवीन चावला का शनिवार को निधन हो गया। चावला 79 वर्ष के थे। चावला के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई सुधार किए जिसमें तृतीय लिंग के मतदाताओं को ‘पुरुष' या ‘महिला' के रूप में मतदान करने के लिए बाध्य करने के बजाय ‘अन्य' की नयी श्रेणी में मतदान करने की प्राथमिकता देना शामिल है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि 16वें सीईसी के तौर पर चावला ने निर्वाचन आयुक्तों को हटाने की प्रक्रिया को सीईसी के समान बनाने के लिए संवैधानिक सुधारों की वकालत की थी। बयान में कहा गया, ‘‘चुनावी प्रक्रिया के प्रति उनका नेतृत्व और प्रतिबद्धता भारत निर्वाचन आयोग में हमें प्रेरित करती रहेगी।''अन्य पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने बताया कि वह चावला से करीब 10 दिन पहले मिले थे, उस समय चावला ने उन्हें बताया था कि उन्हें ब्रेन सर्जरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। कुरैशी ने कहा, ‘‘आज सुबह अपोलो अस्पताल में उनका निधन हो गया।'' उन्होंने कहा कि जब वह आखिरी बार उनसे मिले थे, तब वह काफी खुश थे। चावला भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश कैडर (एजीएमयूटी) कैडर के 1969 बैच के अधिकारी थे।











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