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महाकुंभ नगर. विश्व के सबसे बड़े अध्यात्मिक समागम प्रयागराज महाकुंभ में 73 देशों के राजनयिक पहली बार यहां संगम में स्नान करने आ रहे हैं जिसमें युद्ध में उलझे रूस और यूक्रेन के राजदूत भी शामिल हैं। मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने यह पुष्टि की है कि एक फरवरी को 73 देशों से राजनयिक महाकुंभ का महात्म्य देखने आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने प्रदेश के मुख्य सचिव को इसके लिए पत्र भी लिखा है। उन्होंने बताया कि इस पत्र में लिखा गया है कि दुनियाभर के राजनयिक महाकुंभ नगर में बड़े हनुमान जी और अक्षयवट के दर्शन भी करना चाहते हैं। जिन देशों के राजनयिक आ रहे हैं, उनमें जापान, अमेरिका, रूस, यूक्रेन, जर्मनी नीदरलैंड, कैमरून, कनाडा, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, पोलैंड और बोलिविया शामिल हैं। पत्र के मुताबिक, ये सभी विदेशी राजनयिक नाव के जरिए संगम पहुंचेंगे और पवित्र संगम में स्नान करेंगे। यहां से वे अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर का दर्शन करने जाएंगे और इसके बाद डिजिटल महाकुम्भ अनुभव केंद्र में महाकुंभ से जुड़ी जानकारियां प्राप्त करेंगे। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के अधिकारी इस आयोजन को सुचारू बनाने की तैयारी में जुटे हैं। विदेशी राजनयिकों के लिए टूर गाइड की व्यवस्था भी की गई है।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का स्वागत कर सम्मानित महसूस कर रहा है, जो गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि होंगे। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में मोदी ने कहा कि जब भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाया था, तब इंडोनेशिया अतिथि देश था और रविवार को देश जब गणतंत्र के रूप में 75 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा, तब सुबियांतो मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “भारत (इंडोनेशिया के) राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का स्वागत कर सम्मानित महसूस कर रहा है।” मोदी ने कहा कि उन्होंने और सुबियांतो ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। चर्चा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति देने और खासतौर पर रक्षा विनिर्माण एवं आपूर्ति शृंखला के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करने पर सहमति जताई।
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नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने शनिवार को इस साल के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी। बिहार की जानी मानी दिवगंत लोक गायिका शारदा सिन्हा और जापान के व्यवसायी ओसामु सुजुकी समेत तीन को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। वहीं देश के पहले सिख सीजेआई जगदीश सिंह खेहर भी पद्म विभूषण पाने वाले सात शख्सियतों में शामिल हैं।
इसके अलावा 19 शख्सियतों को (चार मरणोपरांत) पद्म भूषण और 113 लोगों को (छह मरणोपरांत) पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। पद्म भूषण पाने वालों में प्रसार भारती के पूर्व चेयरमैन ए. सूर्य प्रकाश, प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे विवेक देबरॉय (मरणोपरांत), जाने माने गायक पंकज उदास (मरणोपरांत), फिल्म निर्माता शेखर कपूर, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत) प्रमुख नाम हैं।साथ ही बिहार के जाने माने लोक सेवक और पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल (मरणोपरांत), जानेमाने व्यवसाई पवन गोयनका, क्रिकेटर आर. आश्विन सहित 113 शख्सियतों को पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया है। देश के जानेमाने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी को मेडिसिन के क्षेत्र में पद्म विभूषण देने की घोषणा की गई है। उनके पास लगभग 50 साल का अनुभव है। उन्होंने कुरनूल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से जनरल मेडिसिन में एमडी की पढ़ाई की। इसके बाद, उन्होंने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में डीएम की डिग्री हासिल की।
वहीं देश के पहले सिख सीजेआई न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जगदीश सिंह खेहर को सार्वजनिक मामलों (पब्लिक अफेयर्स) के क्षेत्र में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। 4 जनवरी 2017 को जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने सुप्रीम कोर्ट के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश के रूप में इतिहास रचा। जानी मानी कथक नृत्यांगना और कोरियोग्राफर कुमुदिनी रजनीकांत लाखिया को कला (डांस) के क्षेत्र में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने 1967 में भारतीय नृत्य और संगीत के क्षेत्र में कदम्ब स्कूल ऑफ डांस एंड म्यूजिक की स्थापना की। कर्नाटक के लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम को कला (म्यूजिक) के क्षेत्र में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले उन्हें 1987 में पद्म श्री और 2010 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।
कर्नाटक संगीत के साथ-साथ पश्चिमी शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित एक प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ. लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम को कला के क्षेत्र में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। संगीत में उनका करियर 1973 में शुरू हुआ, और तब से उन्होंने 200 से ज्यादा रिकॉर्डिंग अपने नाम की है। उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकारों जैसे येहुदी मेनुहिन, स्टीफन ग्रेपेली, रग्गिएरो रिक्की, जीन-पियरे रामपाल, हर्बी हैनकॉक, जॉर्ज हैरिसन और अन्य के साथ काम किया। साल 1988 में उन्हें पद्म श्री और 2001 में पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिले थे।
भारत के सर्वकालिक महान लेखकों में से एक एम.टी. वासुदेवन नायर को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। जापान के दिवंगत व्यवसायी ओसामु सुजुकी को व्यापार और उद्योग (ट्रेड एंड इंडस्ट्री) के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। वह एक जापानी व्यवसायी थे और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष रहे। देश की प्रसिद्ध दिवंगत लोक गायिका शारदा सिन्हा को कला (संगीत) के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। शारदा सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज से न केवल भोजपुरी और मैथिली संगीत को नई पहचान दिलाई, बल्कि बॉलीवुड में भी अपनी गायकी का लोहा मनवाया।
पद्म भूषण :
कर्नाटक के ए. सूर्य प्रकाश जो प्रसार भारती के पूर्व चेयरपर्सन रहे हैं उन्हें साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। कर्नाटक से आने वाले अभिनेता अनंत नाग को कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। दिल्ली के बिबेक देबरॉय (मरणोपरांत) जो प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष रहे हैं, उन्हें साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा।असम से आने वाले जतिन गोस्वामी को कला के क्षेत्र में, केरल से आने वाले जोस चाको पेरियाप्पुरम को मेडिसिन के क्षेत्र में, दिल्ली से आने वाले कैलाश नाथ दीक्षित को पुरातत्व के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे मनोहर जोशी (मरणोपरांत) को पब्लिक अफेयर्स के क्षेत्र में, तमिलनाडु से आने वाले उद्योगपति नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में, आंध्र प्रदेश से आने वाले नंदामुरी बालकृष्ण को कला के क्षेत्र में, केरल से आने वाले पीआर श्रीजेश को खेल के क्षेत्र में, गुजरात से आने वाले कैडिला हेल्थकेयर के चेयरपर्सन पंकज पटेल को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा।महाराष्ट्र से आने वाले भारतीय पार्श्व गायक पंकज उधास (मरणोपरांत) को कला के क्षेत्र में, यूपी से आने वाले रामबहादुर राय जो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष हैं, उन्हें साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता के क्षेत्र में, यूपी से आने वालीं दुर्गा वाहिनी की संस्थापक साध्वी ऋतंभरा को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा।तमिलनाडु से आने वाले अभिनेता एस अजित कुमार को जो कला के क्षेत्र में, महाराष्ट्र से आने वाले फिल्म निर्माता शेखर कपूर को कला के क्षेत्र में, तमिलनाडु से आने वाली अभिनेत्री शोभना चंद्रकुमार को कला के क्षेत्र में, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम रहे सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत) को जनसम्पर्क के क्षेत्र में, भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर और उद्यमी विनोद धाम को विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा।
पद्म श्री :
विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवा के लिए 113 व्यक्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इनमें अद्वैत चरण गडनायक (कला) ओडिशा, अच्युत रामचन्द्र पालव (कला) महाराष्ट्र, अजय वी भट्ट (विज्ञान और इंजीनियरिंग) अमेरिका, अनिल कुमार बोरो (साहित्य एवं शिक्षा) असम, अरिजीत सिंह (कला) पश्चिम बंगाल, अरुंधति भट्टाचार्य (व्यापार और उद्योग) महाराष्ट्र, अरुणोदय साहा (साहित्य एवं शिक्षा) त्रिपुरा, अरविन्द शर्मा (साहित्य एवं शिक्षा) कनाडा, अशोक कुमार महापात्रा (मेडिसिन) ओडिशा, अशोक लक्ष्मण सराफ (कला) महाराष्ट्र, आशुतोष शर्मा (विज्ञान एवं इंजीनियरिंग) उत्तर प्रदेश, अश्विनी भिड़े देशपांडे (कला) महाराष्ट्र, बैजनाथ महाराज (अन्य – अध्यात्मवाद) राजस्थान, बैरी गॉडफ्रे जॉन (कला) एनसीटी दिल्ली, बेगम बतूल (कला) राजस्थान, भरत गुप्त (कला) एनसीटी दिल्ली, भेरू सिंह चौहान (कला) मध्य प्रदेश, भीम सिंह भावेश (सामाजिक कार्य) बिहार, भीमव्वा डोड्डाबलप्पा शिल्लेक्यथारा (कला) कर्नाटक, बुधेन्द्र कुमार जैन (मेडिसिन) मध्य प्रदेश, सी एस वैद्यनाथन (सार्वजनिक मामले) एनसीटी दिल्ली, चैतराम देवचंद पवार (सामाजिक कार्य) महाराष्ट्र शामिल हैं। इस सूची में चंद्रकांत शेठ (मरणोपरांत) (साहित्य एवं शिक्षा) गुजरात, चंद्रकांत सोमपुरा (अन्य – वास्तुकला) गुजरात, चेतन ई चिटनिस (विज्ञान और इंजीनियरिंग) फ्रांस, डेविड आर सिम्लीह (साहित्य और शिक्षा) मेघालय, दुर्गा चरण रणबीर (कला) ओडिशा, फारूक अहमद मीर (कला) जम्मू और कश्मीर, गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ (साहित्य एवं शिक्षा) उत्तर प्रदेश, गीता उपाध्याय (साहित्य एवं शिक्षा) असम, गोकुल चंद्र दास (कला) पश्चिम बंगाल, गुरुवयूर दोराई (कला) तमिलनाडु, हरचंदन सिंह भट्टी (कला) मध्य प्रदेश, हरिमन शर्मा (अन्य – कृषि) हिमाचल प्रदेश, हरजिंदर सिंह श्रीनगर वाले (कला) पंजाब, हरविंदर सिंह (खेल) हरियाणा, हसन रघु (कला) कर्नाटक, हेमन्त कुमार (चिकित्सा) बिहार, हृदय नारायण दीक्षित (साहित्य एवं शिक्षा) उत्तर प्रदेश, ह्यूग और कोलीन गैंटज़र (मरणोपरांत) (जोड़ी) (साहित्य और शिक्षा – पत्रकारिता) उत्तराखंड, इनिवलाप्पिल मणि विजयन (खेल) केरल, जगदीश जोशीला (साहित्य एवं शिक्षा) मध्य प्रदेश, जसपिंदर नरूला (कला) महाराष्ट्र, जोनास मासेटी (अन्य – अध्यात्मवाद) ब्राज़ील, जोयनाचरण बथारी (कला) असम, जुमदे योमगाम गैमलिन (सामाजिक कार्य) अरुणाचल प्रदेश, के. दामोदरन (अन्य – पाककला) तमिलनाडु, के एल कृष्णा (साहित्य एवं शिक्षा) आंध्र प्रदेश, के ओमानकुट्टी अम्मा (कला) केरल, किशोर कुणाल (मरणोपरांत) (सिविल सेवा) बिहार, एल हैंगथिंग (अन्य – कृषि) नागालैंड, लक्ष्मीपति रामसुब्बैयर (साहित्य एवं शिक्षा-पत्रकारिता) तमिलनाडु भी शामिल हैं।
इनके अलावा ललित कुमार मंगोत्रा (साहित्य और शिक्षा) जम्मू और कश्मीर, लामा लोबजंग (मरणोपरांत) (अन्य – अध्यात्मवाद) लद्दाख, लीबिया लोबो सरदेसाई (सामाजिक कार्य) गोवा, एम डी श्रीनिवास (विज्ञान और इंजीनियरिंग) तमिलनाडु, मदुगुला नागफनी सरमा (कला) आंध्र प्रदेश, महाबीर नायक (कला) झारखंड, ममता शंकर (कला) पश्चिम बंगाल, मंदा कृष्णा मडिगा (सार्वजनिक मामले) तेलंगाना, मारुति भुजंगराव चितमपल्ली (साहित्य और शिक्षा) महाराष्ट्र, मिरियाला अप्पाराव (मरणोपरांत) (कला) आंध्र प्रदेश, नागेंद्र नाथ रॉय (साहित्य और शिक्षा) पश्चिम बंगाल, नारायण (भुलई भाई) (मरणोपरांत) (सार्वजनिक मामले) उत्तर प्रदेश, नरेन गुरुंग (कला) सिक्किम , नीरजा भाटला (चिकित्सा) एनसीटी दिल्ली, निर्मला देवी (कला) बिहार, नितिन नोहरिया (साहित्य और शिक्षा) संयुक्त राज्य अमेरिका, ओंकार सिंह पाहवा (व्यापार) और उद्योग) पंजाब, पी दत्चानमूर्ति (कला) पुडुचेरी, पंडी राम मंडावी (कला) छत्तीसगढ़, परमार लवजीभाई नागजीभाई (कला) गुजरात, पवन गोयनका (व्यापार और उद्योग) पश्चिम बंगाल, प्रशांत प्रकाश (व्यापार और उद्योग) कर्नाटक, प्रतिभा सत्पथी (साहित्य और शिक्षा) ओडिशा को भी पद्म श्री दिया गया है।पद्म श्री से सम्मानित अन्य हस्तियां-पुरीसाई कन्नप्पा संबंदन (कला) तमिलनाडु, आर अश्विन (खेल) तमिलनाडु, आर जी चंद्रमोगन (व्यापार और उद्योग) तमिलनाडु, राधा बहिन भट्ट (सामाजिक कार्य) उत्तराखंड, राधाकृष्णन देवसेनापति (कला) तमिलनाडु, रामदरश मिश्रा (साहित्य और शिक्षा) ) एनसीटी दिल्ली, रणेंद्र भानु मजूमदार (कला) महाराष्ट्र, रतन कुमार परिमू (कला) गुजरात, रेबा कांता महंत (कला) असम, रेंथली लालरावना (साहित्य और शिक्षा) मिजोरम, रिकी ज्ञान केज (कला) कर्नाटक, सज्जन भजंका (व्यापार और उद्योग) पश्चिम बंगाल, सैली होलकर (व्यापार और उद्योग) मध्य प्रदेश, संत राम देसवाल (साहित्य और शिक्षा) हरियाणा, सत्यपाल सिंह (खेल) उत्तर प्रदेश, सीनी विश्वनाथन (साहित्य और शिक्षा) तमिलनाडु, सेथुरमन पंचनाथन (विज्ञान और इंजीनियरिंग) संयुक्त राज्य अमेरिका, शेखा शेखा अली अल-जबर अल-सबा (चिकित्सा) कुवैत, शीन काफ निज़ाम (शिव किशन बिस्सा) (साहित्य एवं शिक्षा) राजस्थान, श्याम बिहारी अग्रवाल (कला) उत्तर प्रदेश, सोनिया नित्यानंद (चिकित्सा) उत्तर प्रदेश, स्टीफन नैप (साहित्य एवं शिक्षा) संयुक्त राज्य अमेरिका, सुभाष खेतुलाल शर्मा (अन्य – कृषि) महाराष्ट्र, सुरेश हरिलाल सोनी (सामाजिक कार्य) गुजरात, सुरिंदर कुमार वासल (विज्ञान और इंजीनियरिंग) दिल्ली, स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज) )अन्य – अध्यात्मवाद) पश्चिम बंगाल, सैयद ऐनुल हसन (साहित्य और शिक्षा) उत्तर प्रदेश, तेजेंद्र नारायण मजूमदार (कला) पश्चिम बंगाल, थियाम सूर्यमुखी देवी (कला) मणिपुर, तुषार दुर्गेशभाई शुक्ला (साहित्य और शिक्षा) गुजरात से शामिल हैं।
इस सूची में वदिराज राघवेंद्राचार्य पंचमुखी (साहित्य और शिक्षा) आंध्र प्रदेश, वासुदेव कामथ (कला) महाराष्ट्र, वेलु आसान (कला) तमिलनाडु, वेंकप्पा अंबाजी सुगतेकर (कला) कर्नाटक, विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज (अन्य – अध्यात्मवाद) बिहार, विजयलक्ष्मी देशमने (चिकित्सा) ) कर्नाटक, विलास डांगरे (चिकित्सा) महाराष्ट्र, और विनायक लोहानी (सामाजिक कार्य) पश्चिम बंगाल के नाम भी हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत 19वीं किस्त का इंतजार कर रहें किसानों के लिए एक बड़ा अपडेट है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, 19वीं किस्त 24 फरवरी को जारी हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार से किसानों के खाते में ये किस्त जारी करेंगे। बता दें कि इस योजना के तहत किसानों के खातों में 2 हजार रुपये जमा किए जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली बार 5 अक्टूबर को महाराष्ट्र के वाशिम से इस योजना की 18वीं किस्त जारी की थी। उस समय उन्होंने 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 20,000 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में पहले ही यह अनुमान लगाया गया था कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana) की 19वीं किस्त फरवरी, 2025 में जारी हो सकती हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब किस्त जारी होने की तारीख का भी ऐलान कर दिया है।बिहार की राजधानी पटना में कर्पूरी ठाकुर की 101वीं जयंती के कार्यक्रम में पहुंचे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी होने की तारीख की घोषणा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं बिहार के कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को बधाई देता हूं। यहां कृषि और किसानों के लिए बेहतरीन काम हो रहा है। प्रधानमंत्री 24 फरवरी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त के वितरण के लिए बिहार आएंगे…”प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की मदद तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। 24 फरवरी 2019 को शुरू हुई यह योजना लाखों किसानों के जीवन में आर्थिक सहारा बनी है।19वीं किस्त पाने के लिए किसानों को 31 दिसंबर से पहले फार्मर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य था। इस समय सीमा के तहत जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उनके खाते में किस्त नहीं आएगी।पीएम किसान सम्मान निधि की लाभार्थी सूची में आपका नाम है या नहीं, ऐसे करें चेक1. पीएम किसान ऑफिशियल (PM Kisan official website) की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाए।2. Beneficiary list नाम से आ रही टैब पर क्लिक करें। यह टैब आपको पेज के सीधे हाथ पर कोने में दिखेगा।3. वेबसाइट के पेज पर नीचे जाए और विवरण चुनें जैसे राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव का सेलेक्शन करें।4. अंत में Get report के टैब पर क्लिक करें।–इसके बाद आप लाभार्थी किसानों की सूची में है या नहीं इसकी जानकारी आपके स्क्रीन पर आ जायेगी। -
नई दिल्ली। भारत अपना 76वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रविवार को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर दुनिया भारत की सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक बार फिर से अनुभव करने वाली है। इसी के साथ देश संविधान के लागू होने का ‘प्लेटिनम जुबली’ भी 26 जनवरी को मनाएगा। हमेशा की तरह गणतंत्र दिवस की परेड मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस बार की परेड बेहद खास होने वाली है क्योंकि इतिहास में पहली बार देश की तीनों सेनाओं यानी थलसेना (Indian Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air force) की एक ही झांकी होगी।
इस बार गणतंत्र दिवस 2025 की क्या है थीम?इस वर्ष समारोह का मुख्य विषय संविधान की 75वीं वर्षगांठ है, लेकिन झांकियों का विषय ‘स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास’ है। परेड दिल्ली में विजय चौक से शुरू होकर कर्तव्य पथ से होते हुए लाल किले तक जाएगी।परेड से पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। परेड सुबह राष्ट्रीय सलामी के साथ शुरू होगी और 90 मिनट तक जारी रहेगी, जो भारत की विरासत और विकास यात्रा को दर्शाएगी।परेड की शुरुआत 300 कलाकार करेंगे। जानकारी के अनुसार इस बार परेड में 31 झांकियां, 18 मार्चिंग कंटिजेंट और 15 बैंड शामिल होंगे। परेड में कुल 5,000 कलाकार कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। रविवार को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 16 झांकियां और केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 15 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो होंगे चीफ गेस्टइंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। परेड में इंडोनेशिया का एक मार्चिंग दस्ता और बैंड का एक दल भी भाग लेगा। सुबियांतो गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले इंडोनेशिया के चौथे राष्ट्रपति होंगे। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में, भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।पहली बार भारत की तीनों सेना की होगी ज्वाइंट झांकीइस गणतंत्र दिवस पर देश संविधान के लागू होने का ‘प्लेटिनम जुबली’ मनाएगा। इसलिए यह गणतंत्र दिवस अपने आप नें बहुत खास है, मगर इसी के साथ इतिहास में पहली बार देश की तीनों सेनाओं यानी थलसेना (Indian Army), नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air force) की एक ही झांकी होगी। यह इस गणतंत्र दिवस को और भी खास बनाती है। देश की सेनाओं की जवाइंट झांकी निकालने का मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और समझ को बढ़ावा देना है।रक्षा मंत्रालय के अनुसार, झांकी में युद्ध के मैदान का परिदृश्य दिखाया जाएगा, जिसमें स्वदेशी अर्जुन युद्धक टैंक, तेजस लड़ाकू विमान और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर के साथ थल, जल और वायु में समन्वित अभियान का प्रदर्शन किया जाएगा। तीनों सेनाओं की झांकी का विषय ‘सशक्त और सुरक्षित भारत’ होगा।कर्तव्य पथ पर भारत करेगा अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शनदेश अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन ब्रह्मोस, पिनाक और आकाश सहित कुछ अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। साथ ही, सेना की युद्ध निगरानी प्रणाली ‘संजय’ और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल ‘प्रलय’ पहली बार परेड में शामिल की जाएगी।अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि टी-90 ‘भीष्म’ टैंक, सारथ (पैदल सेना ले जाने वाला वाहन बीएमपी-2), ‘शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम’ 10 मीटर, नाग मिसाइल सिस्टम, मल्टी बैरल रॉकेट लांचर सिस्टम ‘अग्निबाण’ और ‘बजरंग’ (हल्का विशिष्ट वाहन) भी परेड का हिस्सा होंगे।अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, डीआरडीओ ‘रक्षा कवच -बहु-क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ बहु-स्तरीय सुरक्षा’ विषय पर एक झांकी पेश करेगा।फ्लाईपास्ट पर रहेगी सबकी निगाहेंफ्लाईपास्ट में भारतीय वायुसेना के 40 विमान और भारतीय तटरक्षक बल के तीन डोर्नियर विमान शामिल होंगे। सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, पी-8आई, मिग-29 और एसयू-30 सहित अन्य विमान भी समारोह का हिस्सा होंगे।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करेंगी। 26 जनवरी का दिन इसलिए भी खास है कि संविधान के लागू होने के 75 साल पूरे हो रहे हैं। संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था। -
नई दिल्ली। इसरो 29 जनवरी को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपना 100वां मिशन लॉन्च करेगा। इस ऐतिहासिक मिशन के तहत जीएसएलवी-एफ15 रॉकेट को लॉन्च किया जाएगा जो एनवीएस-02 उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित करेगा। इसरो ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी जानकारी दी है।
जीएसएलवी-एफ15 रॉकेट, जीएसएलवी श्रृंखला की 17वीं उड़ान होगी और यह स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण की 11वीं उड़ान होगी। एनवीएस-02 उपग्रह भारतीय नेविगेशन प्रणाली (एनएवीआईसी) का हिस्सा है जो दूसरी पीढ़ी का उपग्रह है। इसका उद्देश्य भारत और इसके आसपास 1500 किलोमीटर की दूरी तक सटीक स्थिति, वेग और समय सेवाएं प्रदान करना है।एनवीएस-02 उपग्रह तकनीकी रूप से अत्याधुनिक है। इसका वजन 2,250 किलोग्राम है और यह 3 किलोवाट तक की पावर संभाल सकता है। इसमें नेविगेशन के लिए एल1, एल5 और एस बैंड पेलोड शामिल हैं जो इसकी सेवाओं को और बेहतर बनाएंगे। इसके अलावा, यह उपग्रह एल1 फ्रीक्वेंसी बैंड को सपोर्ट करता है जिससे इसकी विश्वसनीयता में भी वृद्धि होगी।एनएवीआईसी प्रणाली दो प्रकार की सेवाएं प्रदान करेगी। पहली, मानक पोजिशनिंग सेवा (एसपीएस) जो 20 मीटर से बेहतर स्थिति सटीकता और 40 नैनोसेकंड से बेहतर समय सटीकता देगी। दूसरी प्रतिबंधित सेवा (आरएस) जो केवल विशेष उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।यह मिशन इसरो के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 10 अगस्त 1979 को श्रीहरिकोटा से पहले सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (एसएलवी) मिशन के बाद, 46 वर्षों में इसरो 100 मिशनों का एक बड़ा सफर तय करने जा रहा है।जीएसएलवी-एफ15 और एनवीएस-02 उपग्रह के साथ भारत की नेविगेशन प्रणाली को और मजबूत बनाया जाएगा। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आज शनिवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक अहम बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों ने स्वास्थ्य, डिजिटल बुनियादी ढांचा और रक्षा सहयोग सहित कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों में इंडोनेशिया की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही, उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2025 को भारत-आसियान पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने याद किया कि इंडोनेशिया भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा था और इसे ऐतिहासिक रिश्तों का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने भारत और इंडोनेशिया के बढ़ते व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले साल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया । इसके अलावा, दोनों देश फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।बैठक में साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और कट्टरपंथ से मुक्ति के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, विज्ञान और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए। पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया।उन्होंने रामायण, महाभारत और बाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत साझा है। उन्होंने प्रम्बनन हिंदू मंदिर के संरक्षण में भारत की भागीदारी की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स में इंडोनेशिया की सदस्यता का स्वागत करते हुए वैश्विक दक्षिण देशों के हितों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। -
नई दिल्ली। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की अगली बैठक 27 जनवरी को होगी। इस बीच, जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामा किए जाने के कारण बैठक को दो बार स्थगित करना पड़ा और इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।
पाल ने बताया कि विपक्षी सांसदों के नारेबाजी और शोर-शराबे के कारण बैठक सुचारू रूप से नहीं चल सकी। इसके बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक प्रस्ताव रखा कि हंगामा करने वाले सांसदों को निलंबित कर दिया जाए जिसे समिति के सदस्यों ने समर्थन दिया। बैठक के एजेंडे में बदलाव के आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए पाल ने कहा कि यह बदलाव विपक्षी नेताओं के अनुरोध पर किया गया था। विपक्ष चाहता था कि कश्मीरी धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक को बैठक में आमंत्रित किया जाए। मीरवाइज और उनके प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में भाग लिया और बिल के कुछ प्रावधानों पर अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे।दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले बिल को जल्दबाजी में पारित करने के आरोपों का खंडन करते हुए पाल ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने स्वयं इस बिल को विस्तृत चर्चा के लिए जेपीसी को भेजने का अनुरोध किया था। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों से जुड़े भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और अवैध कब्जों जैसी समस्याओं का समाधान करना है। इसमें संपत्तियों का डिजिटलीकरण, बेहतर ऑडिट, पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध कब्जे को हटाने के लिए कानूनी तंत्र विकसित करने जैसे सुधार प्रस्तावित हैं।जेपीसी से उम्मीद है कि वह बजट सत्र के दौरान अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। गौरतलब है कि बजट सत्र दो चरणों में 31 जनवरी से शुरू होगा और 4 अप्रैल तक चलेगा। वहीं केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। -
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने आज शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल रहे ‘प्रदूषण’ पर चिंता व्यक्त की और इसे पर्यावरण प्रदूषण जितना ही गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी और झूठी खबरें सोशल मीडिया पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहीं हैं। राजीव कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल इलेक्शन ईयर 2024: रीइटरशन ऑफ डेमोक्रेटिक स्पेसेस’ नामक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान यह बातें कहीं।
राजीव कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए चुनाव प्रबंधन निकायों का एक कार्य समूह बनाया गया है। उन्होंने “दिल्ली घोषणा 2025” का जिक्र किया, जो निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने की चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदम (algorithm) लोगों की सोच को एकतरफा बना रहे हैं और उन्हें अन्य विचारों से दूर कर रहे हैं। उन्होंने टेक कंपनियों से अपील की कि वे अपने एल्गोरिदम में बदलाव करें ताकि सही और स्पष्ट जानकारी सामने आए न कि झूठ और भ्रामक खबरें।मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि गलत जानकारी को फैलने से पहले ही रोका जाना चाहिए। इसे केवल तथ्य-जांच (fact-checking) पर छोड़ना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि फर्जी खबरों को फैलाना और फिर उसका समाधान बेचना व्यापारिक हितों का संकेत देता है जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होती है। राजीव कुमार ने सोशल मीडिया कंपनियों से आग्रह किया कि वे जिम्मेदारी से काम करें और भ्रामक सामग्री को रोकें।उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स को स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति का मंच बने रहना चाहिए न कि झूठ और फर्जी खबरों का केंद्र। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने सूचनाओं तक पहुंच और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा दिया है। लेकिन अब इन्हें गलत उपयोग करके लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को कमजोर करने का काम किया जा रहा है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस को भारत के जीवंत लोकतंत्र का उत्सव बताते हुए देशवासियों से मतदान के प्रति जागरूक और सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी और मतदान के अधिकार के महत्व पर जोर देते हुए कहा “राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमारे जीवंत लोकतंत्र का उत्सव है। यह हर नागरिक को मतदान का अधिकार उपयोग करने और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की शक्ति देता है। मैं चुनाव आयोग के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना करता हूं।”
गौरतलब है कि हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस, 1950 में स्थापित चुनाव आयोग के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर 1951-52 के पहले आम चुनावों को याद करते हुए बताया कि उस समय भारत के लोकतंत्र को लेकर कई संदेह व्यक्त किए गए थे। उन्होंने कहा, “कुछ लोग शंका कर रहे थे कि भारत का लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र इन शंकाओं को गलत साबित करते हुए मजबूत बना है। उन्होंने कहा, “भारत लोकतंत्र की जननी है।”प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग ने तकनीक का उपयोग कर लोगों की शक्ति को मजबूत किया है। उनकी यह प्रतिबद्धता प्रशंसा के योग्य है।” इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अधिक संख्या में मतदान करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं देशवासियों से अनुरोध करता हूं कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लें।” यह संदेश उनके हाल ही “मन की बात” रेडियो कार्यक्रम में भी शामिल था।2011 से हर साल मनाए जा रहे राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से नए मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दिन का लक्ष्य मतदान के प्रति जागरूकता फैलाना और अधिक से अधिक नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। यह दिवस मतदाताओं को उनकी भूमिका और जिम्मेदारी का एहसास कराते हुए देश के भविष्य को आकार देने की दिशा में प्रेरित करता है। -
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर केंद्र सरकार ने 942 कर्मचारियों को बहादुरी और सेवा पदक से सम्मानित करने की घोषणा की। ये कर्मचारी पुलिस, आग सेवा, होम गार्ड, सिविल डिफेंस (HG&CD) और सुधारात्मक सेवाओं में कार्यरत हैं। इनमें से 5 कर्मचारियों को मरणोपरांत बहादुरी पदक दिया गया है जिनमें पुलिस उपाधीक्षक हिमायूं मुज़म्मिल(जम्मू और कश्मीर पुलिस), हेड कांस्टेबल गिरिजेश कुमार उद्दे (सीमा सुरक्षा बल), कांस्टेबल सुनील कुमार पांडेय (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल), हेड कांस्टेबल रवि शर्मा (सशस्त्र सीमा बल) और चयन ग्रेड फायरमैन सतीश कुमार रैना शामिल हैं।
कुल मिलाकर 95 बहादुरी पदक, 101 राष्ट्रपति पदक और 746 मेरिटोरियस सर्विस मेडल (MSM) दिए गए हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से उन कर्मियों को सम्मानित किया गया है जिन्होंने साहसिक कार्य किए और सेवा में उत्कृष्टता प्रदर्शित की। बहादुरी पदक उन कर्मियों को दिए गए हैं जिन्होंने जीवन और संपत्ति को बचाने, अपराधों को रोकने या अपराधियों को पकड़ने के दौरान असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। इन 95 बहादुरी पदकों में से 28 कर्मी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, 28 जम्मू और कश्मीर, 3 उत्तर-पूर्व और 36 अन्य क्षेत्रों से हैं। इन बहादुरी पुरस्कारों में से 78 पुलिस सेवा के कर्मियों को और 17 आग सेवा के कर्मियों को सम्मानित किया गया है।वहीं राष्ट्रपति पदक कुल 101 कर्मियों को दिए गए हैं, जिनमें 85 पुलिस सेवा, 5 आग सेवा, 7 सिविल डिफेंस और होम गार्ड सेवा और 4 सुधारात्मक सेवा के कर्मी शामिल हैं। मेरिटोरियस सर्विस मेडल कुल 746 कर्मचारियों को दिया गया है जिनमें से 634 पुलिस सेवा, 37 आग सेवा, 39 सिविल डिफेंस और होम गार्ड सेवा, और 36 सुधारात्मक सेवा के कर्मी शामिल हैं। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन कर्मचारियों की बहादुरी, समर्पण और सेवा को सम्मान देना है जिन्होंने देश की सुरक्षा और भलाई के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन उत्कृष्टता के साथ किया है। - नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह के लिए राजधानी में अर्द्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियों और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी और सीसीटीवी निगरानी तथा साइबर विशेषज्ञ अधिकारियों को संचालन की देखरेख के लिए तैनात किया जाएगा।अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने पहले ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था स्थापित कर ली है। हमारे पास जांच और जामा तलाशी की छह स्तरीय व्यवस्था है। इसके अलावा, बहुस्तरीय बैरिकेडिंग होगी। हमने नयी दिल्ली जिले में कई हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिनमें चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) वाले कैमरे भी शामिल हैं।’’उन्होंने कहा कि एफआरएस सिस्टम वाली गाड़ियां भी तैनात की जाएंगी। अधिकारी ने कहा कि कैमरे डेटाबेस से जुड़े हैं, ताकि अपराधियों की तुरंत पहचान की जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।’’अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम कई सुरक्षा एजेंसियों के साथ अभ्यास कर रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए अर्द्धसैन्य बलों की 70 से अधिक कंपनियां और 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) को सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है। पुलिस अधिकारी ‘हाई अलर्ट’ पर रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देंगे।एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा उपायों के तहत नयी दिल्ली, उत्तर और मध्य जिलों में लगभग 4,000 इमारतों की छतों को चिह्नित किया गया है। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वालों को सुरक्षा स्टिकर मिलेंगे और मार्ग तथा आस-पास के इलाकों में एफआरएस के साथ लगभग 500 उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं।अधिकारी ने कहा, ‘‘नयी दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली के डीसीपी ने विस्तृत मार्ग सर्वेक्षण, विध्वंसकारी गतिविधियों की जांच और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। विशेष मार्ग, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी निगरानी से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा कि तैयारी सुनिश्चित करने के लिए होटलों और मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ विशेष बैठक भी आयोजित की गई।
- प्रयागराज। तीर्थराज प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन दिव्य और भव्य तरीके से हो रहा है। देशभर से लाखों, करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने प्रयागराज आ रहे हैं। महाकुंभ का सबसे बड़ा अमृत स्नान 29 जनवरी, मौनी अमावस्या की तिथि पर किया जाएगा। इस दिन 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का अनुमान है।मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में आने-जाने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज रेल मंडल ने स्पेशल प्लान बनाया है। इसके लिए रेलवे स्टेशन के बाहर खुसरो बाग में अतिरिक्त होल्डिंग एरिया और मॉब चैनलाइजेशन के लिए आरपीएफ और सिविल पुलिस ने मिलकर योजना तैयार कर ली गई है।मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं का त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने का अनुमानमहाकुंभ के दिव्य और भव्य आयोजन को देखकर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आ रहे हैं। मकर संक्रांति के पर्व पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। महाकुंभ के सबसे बड़े पर्व मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ श्रद्धालुओं का त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला और रेलवे प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।मौनी अमावस्या के दिन मॉब चैनलाइजेशन के लिए विशेष योजना बनाईप्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि मौनी अमावस्या तिथि पर भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयागराज रेलवे ने स्पेशल प्लान तैयार किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को मैनेज करने और उनके विश्राम के लिए स्टेशन परिसर से बाहर खुसरो बाग में होल्डिंग एरिया तैयार कर लिया गया है, जिसमें 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को एक बार में ठहराया जा सकेगा। खुसरो बाग होल्डिंग एरिया के अतिरिक्त आरपीएफ और सिविल पुलिस ने मिलकर मौनी अमावस्या के दिन मॉब चैनलाइजेशन के लिए विशेष योजना बनाई है।भीड़ के अतिरिक्त दबाव को स्टेशन परिसर के बाहर ही किया जाएगा मैनेजसीनियर पीआरओ ने बताया कि मेले से लौटने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन परिसर में आने से पहले रूट डायवर्ट करके खुसरो बाग होल्डिंग एरिया में ठहराया जाएगा। यहां से यात्रियों को उनके गंतव्य स्टेशन की दिशावार रेलवे स्टेशन में बने कलर कोडेड आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाएगा। जहां से यात्रियों को कलर कोडेड टिकटों के माध्यम से उनके गंतव्य स्टेशन की ट्रेनों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि बिना भगदड़ और भ्रम के यात्रियों को सही ट्रेन से उनके गंतव्य स्टेशनों तक रवाना किया जा सके। स्टेशन परिसर के बाहर अतिरिक्त होल्डिंग एरिया निर्माण इसलिए ही किया गया है कि भीड़ के अतिरिक्त दबाव को स्टेशन परिसर के बाहर ही मैनेज किया जा सके।
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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को 17 धार्मिक क्षेत्रों में शराबबंदी का फैसला लिया गया है। इसके अलावा मंत्रियों को अपने विभाग में तबादले करने का अधिकार भी दिया गया है।
राज्य सरकार धीरे-धीरे शराबबंदी की तरफ बढ़ रही हैमहेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार धीरे-धीरे शराबबंदी की तरफ बढ़ रही है और इसी के तहत राज्य के 17 स्थानों पर शराबबंदी का फैसला लिया गया है। जिन स्थानों पर शराबबंदी की गई है, उनमें एक नगर निगम क्षेत्र, छह नगर पालिका, छह नगर परिषद और छह ग्राम पंचायत क्षेत्र शामिल हैं।इन जगहों पर की गई शराबबंदीइनमें प्रमुख रूप से नगर निगम क्षेत्र उज्जैन शामिल है। नगर पालिका क्षेत्र दतिया, पन्ना, मंडला, मंदसौर, मैहर, नगर परिषद क्षेत्र ओंकारेश्वर, महेश्वर ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक में भी शराबबंदी की गई है। बताया गया है कि जिन क्षेत्रों में शराबबंदी की गई है, उन क्षेत्रों की शराब दुकानों को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित भी नहीं किया जाएगा।उन्होंने आगे बताया कि विशेष परिस्थितियों में मंत्रियों को अपने विभाग में तबादले करने का अधिकार दिया गया है। आने वाले समय में विधिवत तौर पर तबादला नीति आएगी।नर्मदा नदी के तट पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती कीकैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के सभी मंत्रियों ने नर्मदा नदी के तट पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती की।महेश्वर स्थित रानी अहिल्याबाई के किले का भ्रमण कियाउसके बाद महेश्वर स्थित रानी अहिल्याबाई के किले का भ्रमण किया। वहीं, उनकी गद्दी को भी नमन किया। मोहन यादव सरकार की कैबिनेट की पहली डेस्टिनेशन बैठक महेश्वर में हुई। यह बैठक रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती को समर्पित रही। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विरासत को सभी के बीच लाने के प्रयास में लगी हुई है। इसी क्रम में रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती पर पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। - महाकुम्भनगर. महाकुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की ओर से 24 से 26 जनवरी तक ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। यह शो आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का संगम प्रस्तुत करेगा। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की ओर से महाकुम्भनगर के सेक्टर-सात में 24, 25 और 26 जनवरी को ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है। यह शो आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति का संगम प्रस्तुत करेगा जो श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। गणतंत्र दिवस पर इस आयोजन के लिए पर्यटन विभाग ने विशेष तैयारी की है। बयान के मुताबिक, बृहस्पतिवार की शाम सेक्टर-सात में ड्रोन शो का अभ्यास किया गया। शो में ड्रोन एक साथ आकाश में उड़कर विभिन्न आकृतियां बनाएंगे। इसमें कहा गया है, “भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और महाकुम्भ के महत्व को दर्शाने वाले दृश्य ड्रोन के माध्यम से आकाश में उकेरे जाएंगे। रोशनी और संगीत के समन्वय का यह नजारा मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।” बयान के अनुसार, ड्रोन शो को लेकर प्रशासन ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। शो के अभ्यास के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस और पर्यटन विभाग ने आपसी समन्वय से सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की। अधिकारियों ने आयोजन स्थल पर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था का जायजा लिया
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नई दिल्ली। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2025 की वार्षिक बैठक में सात और देश ग्लोबल प्लास्टिक एक्शन पार्टनरशिप (GPAP) से जुड़ गए हैं। अब इस पहल में शामिल देशों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। नए सदस्य देशों में अंगोला, बांग्लादेश, गैबोन, ग्वाटेमाला, केन्या, सेनेगल और तंजानिया शामिल हैं। ये देश वैश्विक प्लास्टिक कचरे को कम करने, टिकाऊ सामग्रियों को बढ़ावा देने और रीसाइक्लिंग सिस्टम को मजबूत करने पर काम करेंगे ताकि पृथ्वी को स्वच्छ और हरित बनाया जा सके।
ग्लोबल प्लास्टिक एक्शन पार्टनरशिप (GPAP) की निदेशक क्लेमेंस श्मिड ने इस उपलब्धि पर जोर देते हुए कहा “25 देशों का इस पहल में शामिल होना यह दिखाता है कि दुनिया प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने के लिए एकजुट हो रही है। हम प्लास्टिक के उत्पादन, प्रबंधन और पुन: उपयोग के तरीकों को बदलने के लिए काम कर रहे हैं जिससे भविष्य अधिक टिकाऊ हो सके।” GPAP अब तक 3.1 बिलियन डाॅलर का निवेश जुटा चुका है और कचरा प्रबंधन के अनौपचारिक कामगारों के लिए सुरक्षित नौकरियां बनाई हैं। यह पहल प्लास्टिक कचरे को कम करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (जो हर साल 1.8 बिलियन टन होता है) को घटाने में भी देशों की मदद कर रही है।बता दें कि हर साल 6 मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक कचरा महासागरों में पहुंचता है जबकि उससे दोगुना जमीन को प्रदूषित करता है। यह प्लास्टिक कचरा पारिस्थितिक तंत्र, जैव विविधता और मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव डालता है। GPAP का लक्ष्य प्लास्टिक प्रबंधन के लिए सर्कुलर सिस्टम को अपनाना है, जो लैंडफिल (कचरा भराव क्षेत्रों) से निकलने वाली मीथेन जैसी हानिकारक गैसों को कम करेगा। मीथेन, अल्पावधि में कार्बन डाइऑक्साइड से 80 गुना अधिक खतरनाक है। इस पहल का उद्देश्य ग्रीन जॉब्स को बढ़ावा देना भी है, जिससे 2030 तक वैश्विक स्तर पर 6 मिलियन नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। - मेरठ (उप्र). दूरदर्शन पर प्रसारित हुए धारावाहिक 'रामायण' में श्री राम की भूमिका निभाने अभिनेता और मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मौजूदा सांसद अरुण गोविल ने 'घर-घर रामायण' पहल के तहत रामायण की प्रतियां वितरित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। यह अभियान अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में शुरू किया गया है। गोविल ने बुधवार को हापुड़ में रामायण की प्रतियां वितरित कीं और बृहस्पतिवार को मेरठ के किठौर विधानसभा क्षेत्र में दो विशेष कार्यक्रम आयोजित किये। भाजपा सांसद ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभियान का लक्ष्य पांच साल के अंदर देश भर में रामायण की 11 लाख प्रतियां वितरित करना है। उन्होंने कहा, ''इस पहल को शुरू करने से पहले मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनकी स्वीकृति मांगी थी। उनके सहयोग से रामायण के पवित्र पाठ को भारत के हर घर तक पहुंचाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया।'' गोविल ने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान परिवारों को रामायण की शिक्षा से फिर से जोड़ने और भावी पीढ़ियों में भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा, ''यह राष्ट्रव्यापी पहल समाज को पवित्रता, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। जनता द्वारा दिखाया गया जबरदस्त उत्साह और गर्मजोशी साझा मूल्यों के माध्यम से देश को एकजुट करने में अभियान के महत्व की पुष्टि करती है।''
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नयी दिल्ली. ब्रह्मोस, पिनाका और आकाश समेत कुछ अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियां कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा होंगी। सेना की युद्ध निगरानी प्रणाली ‘संजय' और डीआरडीओ की सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल ‘प्रलय' पहली बार परेड में प्रदर्शित की जाएंगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारत 26 जनवरी को यहां कर्तव्य पथ पर अपनी सैन्य शक्ति और जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेगा तथा फ्लाईपास्ट में भारतीय वायुसेना के 40 विमान और भारतीय तटरक्षक बल के तीन डोर्नियर विमान शामिल होंगे। दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार परेड कमांडर होंगे, जबकि ‘परेड सेकंड-इन-कमांड' दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ (सीओएस) मेजर जनरल सुमित मेहता होंगे। परेड की ‘फुल ड्रेस रिहर्सल' पूरी होने के तुरंत बाद यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में मेजर जनरल मेहता ने कहा कि इस भव्य समारोह में अनेक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म, विभिन्न प्रकार की जीवंत झांकियों के साथ-साथ देश की समृद्ध विरासत के साथ भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। टी-90 ‘भीष्म' टैंक, ब्रह्मोस और पिनाका मिसाइल प्रणाली, आकाश अस्त्र प्रणाली, शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम 10 मीटर, नाग मिसाइल प्रणाली, मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘अग्निबाण' और ‘बजरंग' (लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल) का परेड में प्रदर्शन किया जाएगा। यह पूछे जाने पर कि ‘अग्निबाण' और ‘बजरंग' जैसे प्लेटफॉर्म को नाम देते समय किन कारकों को ध्यान में रखा गया था, दिल्ली क्षेत्र के सीओएस ने कहा, ‘‘आत्मनिर्भर भारत के तहत पहले जो विशेष वाहन बनाए गए थे, उनमें उनकी क्षमताएं झलकती थीं। हमने उन्हें नाम दिए हैं, पहले उनका नामकरण नहीं किया गया था। जब उनका नामकरण किया जा रहा था, तो नामों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी ध्यान में रखा गया।'' मेजर जनरल मेहता ने कहा कि युद्ध निगरानी प्रणाली ‘संजय' और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ‘प्रलय' शस्त्र प्रणाली पहली बार परेड में दिखाई देगी। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व एक घुड़सवार टुकड़ी, आठ मशीनीकृत टुकड़ियां और छह मार्चिंग टुकड़ियां करेंगी। घुड़सवार टुकड़ी का प्रतिनिधित्व 61 कैवलरी द्वारा किया जाएगा। मार्चिंग कॉलम में ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स, जाट रेजिमेंट, गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट, जेएंडके लाइट इन्फैंट्री (जेएकेएलआई) रेजिमेंट और कोर ऑफ इंजीनियर्स की टुकड़ियां शामिल होंगी। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य विषय संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ है तथा झांकी का विषय ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास' है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सोलह झांकियां और केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 15 झांकियां परेड का हिस्सा होंगी। रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि इसके अलावा डीआरडीओ की एक झांकी भी होगी, जिसका विषय ‘रक्षा कवच - बहु-क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ बहु-स्तरीय संरक्षण' होगा। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, डीआरडीओ की 2024 की प्रमुख उपलब्धियों को भी झांकी के पोस्टरों में प्रदर्शित किया जाएगा। परेड से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दिल्ली क्षेत्र के सीओएस ने संवाददाताओं को बताया कि परेड सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और 90 मिनट तक जारी रहेगी, जो भारत की विरासत और विकास की यात्रा को दर्शाएगी। उन्होंने बताया कि सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, पी-8आई, मिग-29, एसयू-30 सहित अन्य विमान भी समारोह में भाग लेंगे।
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मथुरा (उप्र). नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि भारत में सात करोड़ दृष्टिहीन लोगों में से 80 प्रतिशत को अगर समय पर बेहतर इलाज मिल जाता तो उन्हें अपनी आंखों की रोशनी न गंवानी पड़ती। सत्यार्थी ने मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर स्थित 'कल्याणं करोति नेत्र संस्थान' के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ''भारत में सात करोड़ दृष्टिहीन लोगों में से 80 प्रतिशत को अपनी दृष्टि न गंवानी पड़ती, अगर उन्हें समय पर उचित उपचार मिल जाता। वे बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने पर दुनिया देखने में सक्षम हो सकते थे।'' उन्होंने कहा कि भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उन्नत एवं आधुनिक सेवाओं की बहुत जरूरत है। उनके मुताबिक, हालांकि एक अच्छी बात है कि अनेक सामाजिक संगठन सरकार से भी आगे बढ़कर इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। सत्यार्थी ने कहा, “उनमें भारतीय लोगों की भी तादाद अच्छी-खासी है। वे कई गरीब देशों में चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। असल में, यह चीज हमारे संस्कार में हैं।” उन्होंने कहा, “भलाई के कार्य करते समय हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि हमारे अंदर अहंकार एवं किसी भी प्रकार की अपेक्षा का भाव नहीं आना चाहिए। यही भारतीय दर्शन का संदेश है।” वर्ष 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे गये सत्यार्थी ने कहा, ''संयुक्त राष्ट्र की सतत विकास लक्ष्य संबंधी एक बैठक में शामिल होने के मौके पर मैंने जाना कि उनका ध्येय वाक्य भी यही है 'नो वन लेफ्ट आउट, नो वन लेफ्ट बिहाइंड। यानि 'सभी को साथ लेकर चलो, कोई भी अलग न हो, कोई भी पीछे न छूटे।'' उन्होंने यजुर्वेद के एक श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा, ''यही बात हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले कह दी थी जिस पर आज दुनिया चलने का प्रयास कर रही है।”
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चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में तैनात अपने जवानों को वापस बुला लिया है। राज्य के पुलिस प्रमुख ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेश (डीजीपी )गौरव यादव ने पटियाला में बताया, समय-समय पर हमें मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को धमकियों की रिपोर्ट मिलती है और हम उन्हें संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करते हैं।'' उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ‘‘दिल्ली पुलिस और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए आज हमने केजरीवाल जी की सुरक्षा से पंजाब पुलिस के जवानों को हटा लिया है।'' यादव ने कहा, ‘‘हमने उन्हें अपनी चिंताएं बता दी हैं। हम उनके संपर्क में बने रहेंगे। हम अपनी सूचनाएं दिल्ली पुलिस के साथ साझा करेंगे।'' यह घटनाक्रम पांच फरवरी को 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव से पहले हुआ है। चुनाव परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
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नयी दिल्ली. आर्ट गैलरी डीएजी ने मशहूर चित्रकार एमएफ हुसैन की दो पेंटिंग जब्त करने के अदालती आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसने “कोई भी गलत काम नहीं किया है।” इसके साथ ही डीएजी ने कहा कि पुलिस ने अपनी जांच में “आर्ट गैलरी द्वारा किसी संज्ञेय अपराध को अंजाम देने की बात नहीं कही है।” दिल्ली की एक अदालत ने डीएजी में प्रदर्शित हुसैन की दो पेंटिंग में हिंदू देवताओं के ‘आपत्तिजनक' चित्रण का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्हें जब्त करने का आदेश दिया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साहिल मोंगा ने गत सोमवार को भगवान गणेश और भगवान हनुमान को कथित तौर पर आपत्तिजनक रूप में चित्रित करने वाली पेंटिंग को जब्त करने का आदेश देते हुए डीएजी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता एवं अधिवक्ता अमित सचदेव का आरोप है कि हुसैन की दोनों पेंटिंग में सनातन धर्म के दो देवताओं का अपमान किया गया है और इनके प्रदर्शन से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। डीएजी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान जारी किया है और कहा है कि उसने “उचित प्रक्रिया का पालन किया है और पुलिस को सभी आवश्यक जानकारी मुहैया कराई है।” बयान के मुताबिक, “शिकायतकर्ता ने घटना का जो विवरण दिया है, उसकी जांच के दौरान डीएजी ने पुलिस के अनुरोध पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गैलरी में लगाई गई प्रदर्शनी के सीसीटीवी फुटेज और विचाराधीन पेंटिंग तुरंत उपलब्ध कराए।” इसमें कहा गया, “40 दिन से अधिक की विस्तृत जांच और डीएजी से हासिल सबूतों (पेंटिंग सहित) के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस ने 20 जनवरी 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट सौंपी कि डीएजी ने कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया है।” सचदेव ने अपनी याचिका में दलील दी है, “यह अश्लीलता है। पूजनीय देवताओं का अश्लील चित्रण जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण रूप से उनका अपमान करने के समान है। हुसैन दुनिया के सबसे महान कलाकार हो सकते हैं, लेकिन उन्हें मेरे देवताओं का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है।
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महाकुंभ नगर . महाकुंभ नगर में हाल ही में लगी भीषण आग की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने एक अभियान चलाकर बृहस्पतिवार को करीब 300 अवैध सिलेंडर जब्त किए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (कुंभ) प्रमोद शर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में अवैध सिलेंडरों के उपयोग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को करीब 300 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध किया गया है कि वे अधिकृत सिलेंडर का ही उपयोग करें जो मेला क्षेत्र में हर जगह उपलब्ध कराया जा रहा है क्योंकि आगजनी की ज्यादातर घटनाएं अनधिकृत सिलेंडरों की वजह से होती हैं। शर्मा ने कहा कि साथ ही श्रद्धालुओं से यह भी निवेदन है कि यदि कहीं अवैध सिलेंडर की बिक्री होती है या उन्हें कोई अवैध सिलेंडर देता है तो वे इसकी सूचना 1920 नंबर पर उपलब्ध कराएं। गत 19 जनवरी को मेला क्षेत्र के सेक्टर 19 में गीता प्रेस द्वारा कल्पवासियों के लिए लगाए शिविर में एक रसोई में आग लगने के बाद करीब 18 शिविर आग की चपेट में आकर पूरी तरह खाक हो गए थे। हालांकि उस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अहमदाबाद में हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान द्वारा आयोजित मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि वो 27 जनवरी को पवित्र गंगा में डुबकी लगाने प्रयागराज जाएंगे।
प्रयागराज में 144 साल बाद महाकुंभ लगा हैकार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज हिंदू आध्यात्मिक सेवा मेले का उद्घाटन हुआ है। वहीं प्रयागराज में 144 साल बाद महाकुंभ लगा है। दुनिया इस पर हैरान है। अनेक देशों के लोगों ने मुझसे कहा कि हमें आमंत्रण पत्र चाहिए। मैंने उन्हें समझाया कि कुंभ एक मेला है, जिसमें किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं है। वे हैरान हैं कि 40 करोड़ लोग बिना निमंत्रण के एक जगह आते हैं। वे मुझसे पूछते हैं कि इसे कौन प्रबंधित करता है। मैंने उनसे कहा कि सरकार द्वारा किया गया प्रबंधन राम सेतु बनाने में गिलहरी के योगदान जितना महत्वपूर्ण है।गुजरात की जनता से अपील है कि वे इस पुण्य का भागी बनेंमुगल और कांग्रेस के राज के दौर में भी महाकुंभ का आयोजन होता था और आज भी महाकुंभ का आयोजन बेहद सुंदर तरीके से हुआ है। गुजरात की जनता से अपील है कि वे इस पुण्य का भागी बनें। हर किसी को मौका नहीं मिलता। इस बार महाकुंभ 144 साल में लगा है, वहां हर किसी को जाना चाहिए। मैं अपने जीवन में 9 कुंभ में जा चुका हूं। अर्धकुंभ देखे हैं लेकिन महाकुंभ में 27 जनवरी को जाने वाला हूं।550 साल से रामलला टेंट से बाहर आए और अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बनाउन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते दस सालों में हमारी सरकार ने तमाम बड़े काम किए हैं। पहले हिंदू बोलना मुश्किल था लेकिन आज हर कोई गर्व से बोलता है। 550 साल से रामलला टेंट से बाहर आए और अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बना। धारा 370 को समाप्त करने का काम हमारी सरकार ने किया है।सात दशक तक जो काम नहीं हो पाए, आज हमारी सरकार प्राथमिकता के आधार पर उन कामों को पूरा कर रही है। भारत के धर्म स्थलों और भारत की दैवीय मूर्तियां जो चोरी हुई थीं, केंद्र सरकार ने उन्हें दुनियाभर से वापस लाने का काम किया।अमित शाह ने कहा कि इस मेले में अहिल्याबाई होलकर का स्टॉल लगा है, वे अपने जमाने में चमकते सितारे की तरह थीं। सोमनाथ मंदिर हो या काशी विश्वनाथ मंदिर, अनेक धार्मिक स्थानों पर धर्म की रक्षा का काम उन्होंने किया। उन्हें यहां स्थान मिला है, इससे गुजरात के युवाओं को उनके जीवन के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। -
प्रयागराज। आस्था की नगरी प्रयागराज में इस समय महाकुंभ मेले की धूम है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। परेशानी न हो, इसे लेकर कई व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें से एक वाटर एटीएम भी है। कई श्रद्धालुओं ने बातचीत में इसे अच्छी कोशिश करार दिया।
शुद्ध पेयजल के लिए जगह-जगह लगाए गए हैं वाटर एटीएमसंगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल की सुविधा देने के लिए जगह-जगह पर वाटर एटीएम लगाए गए हैं। इन वाटर एटीएम की मदद से श्रद्धालु न सिर्फ अपनी प्यास बुझा रहे हैं, बल्कि महंगी बोतल खरीदने से भी बच रहे हैं। सड़कों के किनारे लगाए गए ये वाटर एटीएम लोगों के लिए एक बड़ी राहत दे रहे हैं, इससे उनकी जेब पर भी कोई भारी असर नहीं पड़ रहा है।महाकुंभ में सरकार की तरफ से की गई व्यवस्था सराहनीयइस पहल से जहां एक ओर श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं महाकुंभ के आयोजन को और भी सुगम और व्यवस्थित बना रही हैं। मिर्जापुर से आए श्रद्धालु अजय यादव ने कहा कि सरकार की तरफ से यह अच्छी व्यवस्था की गई है। यहां से सभी लोगों को आसानी से और उचित कीमत पर पेयजल उपलब्ध हो रहा है। किसी भी श्रद्धालु को पेयजल की दिक्कत नहीं हो रही है। सभी श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधाजनक है। आदमी कहीं भी आएगा, जाएगा, तो उसे प्यास लगेगी ही। ऐसे में जिस तरह की व्यवस्था महाकुंभ में सरकार की तरफ से की गई है, वह सराहनीय है। इसके अलावा, नहाने के लिए भी प्रशासन की तरफ से सुविधा की गई है। पहले जब इस तरह की व्यवस्था नहीं होती थी, तो श्रद्धालुओं को बहुत तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब लोग आसानी से यहां पर आकर पानी पी रहे हैं।महाकुंभ में प्रशासन की तैयारियों से श्रद्धालु खुशएक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि यह बहुत ही अच्छी व्यवस्था है। इससे किसी भी श्रद्धालु को पेयजल के लिए दिक्कत नहीं होगी। इस पेयजल की कीमत भी ज्यादा नहीं है। सिर्फ 10 और 15 रुपये में यह पेयजल आसानी से मिल जाएगा। सर्वेश कुमार यादव ने महाकुंभ में पेयजल की व्यवस्था को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि इस बार कुंभ में सबसे अच्छी व्यवस्था की गई है। जगह-जगह पर लोगों को शुद्ध जल मिल रहा है। पेयजल को लेकर किसी भी श्रद्धालु को दिक्कत नहीं हो रही है। यहां पर आपको हर 10 कदम में पानी मिल जाएगा। पहले लोगों को पैसे देकर पानी लेना पड़ता था, लेकिन अब मुफ्त में पानी मिल रहा है।पंजाब के बठिंडा से आने वाली श्रद्धालु विमला ने महाकुंभ में प्रशासन की तैयारियों पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यहां पर सभी तैयारियां बहुत अच्छी तरह से की गई है। इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि जो लोग भी घर में बैठे हुए हैं, वे यहां पर आएं और स्नान करके जाएं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कहा कि देशवासियों को विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमें नेताजी सुभाष की प्रेरणा से ‘एक लक्ष्य-एक ध्येय’ विकसित भारत के लिए निरंतर काम करते रहना है।’
देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा लेकर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रतिबद्धपीएम मोदी ने दोहराया है कि देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा लेकर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रतिबद्ध है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का स्मरण करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों को आराम के दायरे से बाहर निकलकर नेताजी की उसी दक्षता पर ध्यान देते हुए उत्कृष्टता को अपनाना चाहिए जैसा बोस ने देश की स्वाधीनता के लिए चुनौतियों से निपटने के लिए किया था। देश की एकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहना चाहिए।पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रेरणा से कई कार्य किएप्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रेरणा से कई कार्य किए हैं। इनके बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी की स्मृति में लाल किले में संग्रहालय बनवाया गया। इंडिया गेट के निकट नेताजी की प्रतिमा लगाई गई और अंडमान निकोबार के द्वीप का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस आइलैंड रखा गया।विश्व में भारत की बढ़ती हैसियत पर प्रधानमंत्री ने कही ये बातविश्व में भारत की बढ़ती हैसियत पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय देश की प्रगति के लिए वातावरण अनुकूल है और विश्व भारत की तरफ देख रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्ष में 25 करोड़ भारतीयों को गरीबी से निकाला गया है। देशभर में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सेना को भी अत्यधिक मजबूत बनाया जा रहा है।




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