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- नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने विवादित आबकारी नीति बनाते समय नियम-कायदों को नजरअंदाज कर दिया, जिससे सरकारी खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह खुलासा शनिवार को सार्वजनिक हुई कैग (सीएजी) की रिपोर्ट में हुआ।रिपोर्ट आने से हुआ बड़े घोटालों का खुलासायह रिपोर्ट दिल्ली में 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आई है। इसमें बड़े घोटालों का खुलासा हुआ है, जैसे – कीमत तय करने में पारदर्शिता की कमी, लाइसेंस जारी और नवीनीकरण में नियमों का उल्लंघन, गड़बड़ियां करने वालों को दंडित न करना, और उपराज्यपाल, कैबिनेट या विधानसभा से मंजूरी न लेना। लाइसेंस देने से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति को जांचा नहीं गया। यहां तक कि घाटे में चल रही कंपनी को भी लाइसेंस दे दिया गया।लाइसेंसधारियों को दी गई छूट से 941 करोड़ रुपये का हुआ नुकसानरिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने जो रिटेल शराब लाइसेंस छोड़े गए थे, उनके लिए फिर से टेंडर नहीं निकाला, जिससे खजाने को लगभग 890 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, जोनल लाइसेंसधारियों को दी गई छूट से 941 करोड़ रुपये का और नुकसान हुआ। इसके अलावा, कोविड प्रतिबंधों के आधार पर जोनल लाइसेंसधारकों को 144 करोड़ रुपये की लाइसेंस शुल्क छूट दी गई, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को राजस्व की हानि हुई। जबकि अनुबंध में ऐसा प्रावधान नहीं था। वहीं, सुरक्षा जमा राशि को सही तरीके से नहीं वसूला गया जिससे 27 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ।अयोग्य कंपनियों को लाइसेंस के लिए बोली लगाने की दी अनुमतिकैग ने यह भी कहा कि मंत्रियों के समूह, जिसकी अगुवाई मनीष सिसोदिया कर रहे थे, ने विशेषज्ञ पैनल की सिफारिशों को नजरअंदाज किया और अयोग्य कंपनियों को लाइसेंस के लिए बोली लगाने की अनुमति दी। विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान नहीं दिया गया, जबकि नीति बनाने में यह जरूरी था।नीति को सही तरीके से नहीं किया गया लागूआम आदमी पार्टी (आप) ने इस रिपोर्ट को फर्जी बताया है, लेकिन इसमें कहा गया है कि नीति लागू करने में कई खामियां थीं। कुछ रिटेलर पूरे नीति अवधि तक लाइसेंस रखते रहे, जबकि कुछ ने पहले ही अपने लाइसेंस वापस कर दिए। कुल मिलाकर नीति को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, जिससे इसके उद्देश्यों को हासिल नहीं किया जा सका।अनियमितताओं के कारण केजरीवाल, सिसोदिया पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले किए गए दर्जइन अनियमितताओं के कारण केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य अधिकारियों पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए हैं। यह मुद्दा चुनावी माहौल में राजनीतिक गर्मी बढ़ाने वाला है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। मौजूदा विधानसभा में आप के 62 और भाजपा के 8 विधायक हैं।
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नई दिल्ली। मेड-इन-इंडिया सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम एसएसआई मंत्र ने टेलीसर्जरी के जरिए 286 किलोमीटर की दूरी से दो ‘रोबोटिक कार्डियक सर्जरी’ सफलतापूर्वक पूरी की है। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने गुरुग्राम से मणिपाल अस्पताल जयपुर तक एसएसआई मंत्र 3 सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल कर इस सर्जरी को पूरा किया।
टीईसीएबी को सबसे मुश्किल कार्डियक सर्जिकल प्रक्रिया के रूप में जाना जाता हैटेलीरोबोटिक-असिस्टेंट इंटरनल मैमरी आर्टरी हार्वेस्टिंग प्रक्रिया को दूर से ही सफलतापूर्वक केवल 58 मिनट में पूरा किया गया। सर्जरी ने केवल 35-40 मिली सेकंड (एक सेकंड का 20वां हिस्सा) की कम देरी के साथ असाधारण सटीकता का प्रदर्शन किया। इस ग्राउंड ब्रेकिंग प्रक्रिया के बाद एक दूसरी वर्ल्ड-फर्स्ट, रोबोटिक बीटिंग हार्ट टोटली एंडोस्कोपिक कोरोनरी आर्टरी बाइपास (टीईसीएबी) प्रक्रिया पूरी की गई। टीईसीएबी को सबसे मुश्किल कार्डियक सर्जिकल प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। इस प्रक्रिया को भी मात्र 40 मिली सेकंड में गुरुग्राम से जयपुर में टेलीसर्जरी के जरिए पूरा किया गया था।सर्जरी की क्षमताओं को एडवांस करने के लिए हम बेहद रोमांचित हैंएसएस इनोवेशन के संस्थापक, अध्यक्ष और सीईओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा, “हम मानवता को लाभ पहुंचाने के लिए सर्जरी की क्षमताओं को एडवांस करने के लिए बेहद रोमांचित हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां इसकी सबसे अधिक जरूरत है। टेलीसर्जरी को सक्षम कर, हम मेडिकल विशेषज्ञता तक पहुंच में गैप को खत्म कर सकते हैं और भौगोलिक बाधाओं की परवाह किए बिना बेहतरीन और उच्च स्टैंडर्ड की देखभाल प्रदान कर सकते हैं। भारत जैसे देश के लिए, इसकी विशाल ग्रामीण आबादी और महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा असमानताओं के साथ, यह इनोवेशन परिवर्तनकारी है।”कार्डियक टेलीसर्जरी इनोवेशन के जरिए रोगी देखभाल को बढ़ाने में एक बड़ा कदमजयपुर के मणिपाल अस्पताल में कार्डियक सर्जरी के प्रमुख डॉ. ललित मलिक ने कहा, “यह ग्राउंड ब्रेकिंग इंटर-स्टेट रोबोटिक कार्डियक टेलीसर्जरी इनोवेशन के जरिए रोगी देखभाल को बढ़ाने में एक बड़ा कदम है। जयपुर के एक बुजुर्ग मरीज पर रिमोट रोबोटिक-असिस्टेंट सीएबीजी इस बात का उदाहरण है कि टेक्नोलॉजी कैसे सटीक और समय पर मेडिकल इंटरवेंशन प्रदान कर भौगोलिक अंतर को खत्म कर रही है।”अब हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स दूर बैठकर भी इलाज करने में सक्षमएसएस इनोवेशन द्वारा विकसित, एसएसआई मंत्र 3 सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम दुनिया का एकमात्र रोबोटिक सिस्टम है जिसे टेलीसर्जरी और टेली-प्रॉक्टोरिंग के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल प्राप्त हुआ है।केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा एसएसआई मंत्र 3 को हाल ही में दी गई मंजूरी ने रिमोट सर्जरी और मेडिकल एजुकेशन के द्वार खोल दिए हैं, जिससे हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स दूर बैठकर भी इलाज करने में सक्षम होंगे। - पुडुचेरी ।पुडुचेरी में एचएमपीवी ने दस्तक दे दी है। 5 साल की बच्ची संक्रमित पाई गई है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। 5 वर्षीय बच्ची को बुखार के लक्षणों के साथ जिपमर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिपमर अस्पताल प्रशासन ने बताया, संदेह के आधार पर डॉक्टरों ने बच्ची का एचएमपीवी परीक्षण किया और बच्ची के एचएमपीवी से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बच्ची स्वस्थ है।भारत के विभिन्न राज्यों में इस वायरस से संक्रमित होने की रफ्तार धीमीगौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही लोगों को एचएमपीवी वायरस को लेकर घबराने की सलाह नहीं दी थी। भारत के विभिन्न राज्यों में इस वायरस से संक्रमित होने की रफ्तार धीमी है पर कई मामले सामने आने लगे हैं। एचएमपीवी अन्य वायरस की तरह ही है जो सांस संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है, लेकिन भारत में नागपुर, बेंगलुरू, अहमदाबाद, चेन्नई और सलेम में इस वायरस के मामले सामने आए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि एचएमपीवी से घबराने की जरूरत नहींसरकार ने भी इसके लिए कमर कस ली है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इस वायरस को लेकर सभी राज्यों से सावधानी और सतर्कता बरतने को कहा है। इस वायरस को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों ने अलर्ट जारी किया है। देश में शुक्रवार (10 जनवरी) तक कर्नाटक (2), गुजरात (1) और तमिलनाडु (2) समेत एचएमपीवी के सात मामले सामने आए हैं। सभी मामले 3 महीने से 13 साल की उम्र के बच्चों में पाए गए।मौसमी वायरस कहे जाने वाले एचएमपीवी को लेकर पूरी दुनिया अलर्ट मोड मेंभारत में एचएमपीवी के मामले सबसे पहले कर्नाटक में मिले थे। इसके बाद अहमदाबाद, चेन्नई और सलेम में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के मामले सामने आए हैं। मौसमी वायरस कहे जाने वाले एचएमपीवी को लेकर पूरी दुनिया अलर्ट मोड में है। हालांकि कहा जा रहा है यह सिर्फ एक मौसमी वायरस है। चीन में इस वायरस के कई केस आने के चलते भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय को गाइडलाइंस तक जारी करनी पड़ी हैं। यह वायरस हल्के से लेकर गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है।
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नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे द्वारा विकसित हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाला ट्रेन इंजन किसी भी देश द्वारा निर्मित सबसे शक्तिशाली इंजन है। रेल मंत्री ने 18वें प्रवासी भारतीय दिवस पर आयोजित “हरित संबंध: सतत विकास में प्रवासी भारतीयों का योगदान” विषय पर पूर्ण सत्र के दौरान पैनल चर्चा में यह टिप्पणी की।
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले ट्रेन इंजन की तुलना में भारत में बने इंजन सबसे अधिकतम हॉर्स पावर केकेंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे द्वारा विकसित हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले ट्रेन इंजन में दुनिया के किसी भी देश द्वारा विकसित इंजन की तुलना में अधिकतम हॉर्स पावर आउटपुट है। उन्होंने आगे कहा कि स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर ऐसी उपलब्धि भारत को विकास के लिए हरित ऊर्जा का उपयोग करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनने के लिए प्रेरित करती है।पूरी दुनिया में अभी केवल चार देशों में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हैंकेंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, “दुनिया में केवल चार देशों में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हैं, और वे 500 से 600 हॉर्स पावर के बीच ऊर्जा क्षमता का उत्पादन करती हैं। हमारे द्वारा निर्मित इंजन की क्षमता 1,200 हॉर्स पावर है, जो इस श्रेणी में अब तक का सबसे अधिक है।”पहली ट्रेन जल्द ही जींद-सोनीपत मार्ग पर ट्रायल रन करने की उम्मीदउन्होंने चर्चा के दौरान उपस्थित लोगों को बताया कि इस तरह की पहली ट्रेन जल्द ही हरियाणा में जींद-सोनीपत मार्ग पर ट्रायल रन करने की उम्मीद है। इंजन निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन वर्तमान में इसका सिस्टम इंटीग्रेशन चल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में निर्मित हाइड्रोजन से चलने वाले रेल इंजन को स्वदेशी टैलेंट का उपयोग कर विकसित किया गया है।इस तरह की तकनीकी उन्नति हमें आत्मविश्वास देती हैउन्होंने आगे कहा, “जब हम इतने बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रेन इंजन का निर्माण कर सकते हैं, तो इस तकनीक को ट्रकों, टगबोट और अन्य के लिए पावर ट्रेन बनाने के लिए अपनाने की क्षमता पर विचारकरें। उन्होंने कहा कि हालांकि इस तरह की तकनीकी उन्नति हमें आत्मविश्वास देती है, लेकिन भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करने के मामले में अभी लंबा सफर तय करना है और वैल्यू चेन के कुछ हिस्सों को बनाने की जरूरत है। -
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 2024 की अपनी वर्षांत समीक्षा में देश के बुनियादी ढांचे के विकास और सड़क सुरक्षा में महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला है। इनमें 2014 के बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का उल्लेखनीय 60% विस्तार, हाई-स्पीड कॉरिडोर का पूरा होना और लॉजिस्टिक्स और हरित परिवहन पहल में प्रमुख प्रगति शामिल है। ये प्रयास कनेक्टिविटी बढ़ाने, आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और देश भर में सुरक्षित, अधिक कुशल यात्रा सुनिश्चित करने के सरकार के मिशन के साथ जुड़े हुए हैं।
साल 2024 की उपलब्धियांमंत्रालय के अनुसार देश के पास दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है और इसके राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 146,195 किमी है। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नेटवर्क में 60% की वृद्धि हुई है, जो 2014 में 91,287 किमी से बढ़कर वर्तमान में 146,195 किमी हो गया है। राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर 2014 में 93 किमी से बढ़कर 2,474 किमी हो गया। मंत्रालय ने विस्तृत निर्माण डेटा भी प्रदान किया, जिसमें निर्मित कुल किलोमीटर और दैनिक निर्माण दरें शामिल हैं।विशेष परियोजनाएं और हाई-स्पीड कॉरिडोरप्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने देशभर में 50,655 करोड़ रुपये की लागत पर 936 किमी की लंबाई के साथ 8 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं के विकास को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं से महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश और रोजगार सृजन की उम्मीद है। इन 8 परियोजनाओं के कार्यान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनुमानित 4.42 करोड़ लोगों के लिए रोजगार का मिलेगा।सड़क सुरक्षा एवं रखरखावMoRTH राष्ट्रीय राजमार्गों की यातायात उपयुक्तता सुनिश्चित करने के लिए उनके विकास और रखरखाव दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। मंत्रालय ने दुर्घटना-संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार करके सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी, साथ ही राजमार्ग सुरक्षा और यातायात तत्परता सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव पहल और अनुबंधों को लागू किया।लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावामंत्रालय ने कार्गो आवाजाही में सुधार के लिए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) विकसित करने पर लगातार अपना ध्यान जारी रखा। असम में जोगीघोपा एमएमएलपी पूरा होने वाला है और इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा भारतमाला परियोजना के हिस्से के रूप में 35 मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों का एक नेटवर्क विकसित करने की योजना है, जिसमें कुल निवेश लगभग रु। 46,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना एक बार चालू होने पर लगभग 700 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो को संभालने में सक्षम होगी।पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधा में सुधारमंत्रालय के पास पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी और सुविधा में सुधार करने और शहरी क्षेत्रों में भीड़भाड़ कम करने के लिए देश भर में विकास कार्यक्रम-पर्वतमाला परियोजना है, जहां परिवहन का पारंपरिक तरीका संभव नहीं है। इस कार्यक्रम के तहत, मंत्रालय भारत में पहली और आखिरी मील कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले सुरक्षित, किफायती, सुविधाजनक, कुशल, आत्मनिर्भर और विश्व स्तरीय रोपवे बुनियादी ढांचे के प्रावधान की परिकल्पना करता है। पर्वतमाला परियोजना के तहत, वित्त वर्ष 2023-24 तक 60 किमी लंबाई की रोपवे परियोजनाओं की योजना है, इनमें से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में 3.85 किलोमीटर का रोपवे निर्माणाधीन है। इसके अतिरिक्त, 8.23 किमी लंबाई की 5 रोपवे परियोजनाएं भी हैं, जिनमें बिजली महादेव (हिमाचल प्रदेश), धोसी हिल (हरियाणा), महाकालेश्वर मंदिर (मध्य प्रदेश), संगम (उत्तर प्रदेश) और शंकराचार्य मंदिर (जम्मू और कश्मीर) आदि शामिल हैं।हरित पहल और वाहन स्क्रैपिंग नीतिमंत्रालय ने 2025 से शुरू होने वाली वाहन स्क्रैपिंग नीति और भारी वाहनों के लिए एयर कंडीशनिंग जनादेश जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा दिया। इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और वाहन सुरक्षा को बढ़ाना है। सामूहिक रूप से, ये उपलब्धियाँ बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क सुरक्षा, रसद दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय के समर्पण को रेखांकित करती हैं।सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को कैशलेस उपचार प्रदान करने की योजनाकेंद्र सरकार सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम करने लिए सरकार मोटर वाहनों के उपयोग के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को कैशलेस उपचार प्रदान करने के लिए एक योजना तैयार कर रही है।दुर्घटना वाले ब्लैकस्पॉट की पहचान और सुधारवहीं, राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैकस्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थान) की पहचान और सुधार को उच्च प्राथमिकता दी जाती है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर इंजीनियरिंग उपायों के माध्यम से सड़क सुरक्षा में सुधार की दिशा में ठोस प्रयास किए गए हैं।ई-पहलइसके अतिरिक्त सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्गों के बुनियादी ढांचे के विकास परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने के लिए भूमि अधिग्रहण अधिसूचना प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए भूमिराशि पोर्टल लॉन्च किया है। शुल्क प्लाजा के माध्यम से यातायात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और FASTag का उपयोग करके उपयोगकर्ता शुल्क के संग्रह में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम को अखिल भारतीय आधार पर लागू किया गया है। - नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच महाकुंभ मेले की तैयारियों पर चर्चा हुई। इस आध्यात्मिक आयोजन के लिए सीएम योगी ने पीएम मोदी को आमंत्रित किया।महाकुंभ-2025 बना नये भारत का प्रतीकप्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।” वहीं सीएम योगी ने मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। आपके मार्गदर्शन और प्रेरणा से सनातन गर्व का प्रतीक महाकुंभ-2025, प्रयागराज आज अपने दिव्य, भव्य और डिजिटल स्वरूप से दुनिया को ‘नए भारत’ का दर्शन करा रहा है। अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने हेतु प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार।”मुख्यमंत्री ने मां की रसोई का किया उद्घाटनवहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रयागराज में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में नंदी सेवा संस्थान द्वारा संचालित ‘मां की रसोई’ का उद्घाटन किया। सीएम योगी ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए संस्थान की ओर से शुरू की गई इस सेवा पर प्रसन्नता जाहिर की और खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता के साथ ही सुविधाओं की भी सराहना की। उन्होंने थाली परोसकर सेवा भी की और ‘मां की रसोई’ के किचन का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मेयर अभिलाषा गुप्ता, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास (सतुआ बाबा) उपस्थित रहे।
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नई दिल्ली। उमरांग्सू कोयला खदान में फंसे खनिकों की तलाशी अभियान शनिवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। प्रथम बटालियन एनडीआरएफ के गोताखोरों ने आज सुबह लगभग 7.35 बजे के आसपास एक और खनिक का शव खदान से बाहर निकाला। शव की पहचान लिगेन मगर (27, उमरांग्सू, डिमा हसाओ) के रूप में की गयी है। एनडीआरएफ ने शव को कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है।
ऑपरेशन आज सुबह फिर से शुरू किया गयाउल्लेखनीय है कि हादसे के तीसरे दिन एक खनिक का शव मिलने के बाद आज छठे दिन दूसरा शव बरामद हुआ है। अभियान को बीती रात प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रोक दिया गया था। ऑपरेशन आज सुबह फिर से शुरू किया गया। एनडीआरएफ की टीम ने रात के लिए ऑपरेशन स्थल पर ही ठहराव किया है।कोयला खदान में अचानक पानी भर जाने के कारण हुआ हादसाउल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को राज्य के पहाड़ी जिला डिमा हसाओ के उमरांग्सू से 25 किमी दूर असम-मेघालय के सीमा से 3 किलो मीटर दूर स्थित 200 फुट गहरी कोयला खदान में अचानक पानी भर जाने के कारण खदान में काम कर रहे श्रमिक फंस गए। इन खनिकों के लिए 7 जनवरी से बचाव अभियान शुरू करते हुए इंडियन आर्मी और नेवी के गोताखोर खदान के अंदर गए। 8 जनवरी को एक खनिक का शव बरामद किया गया लेकिन 9 और 10 जनवरी को अभियान के दौरान कोई सफलता नहीं मिली।पानी निकालने के लिए पांच पंप लगाए गए हैंखनिकों की तलाश में एनडीआरएफ, सेना, एसडीआरएफ, ओएनजीसी, कोल इंडिया और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें जुटी हुई हैं। गोताखोरों के अनुमान से अधिक पानी के कारण खदान से पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। पानी निकालने के लिए पांच पंप लगाए गए हैं। जिससे कुल पानी का डिस्चार्ज 1,93,600 लीटर प्रति घंटा किया जा रहा है। खदान के पानी के नमूनों में भारी धातुओं (आर्सेनिक, पारा, मैंगनीज, निकेल, सीसा, तांबा, और लोहा) की जांच पीएचई विभाग, गुवाहाटी द्वारा पूरी कर ली गई है। - प्रयागराज । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संगम स्नान के लिए प्रदेश के सभी जिलों से बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर यूपी रोडवेज द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की।प्रदेश के सभी जनपदों से प्रयागराज हेतु बसों के संचालन का निर्देशमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे महाकुंभ अवधि हेतु सभी जनपदों से प्रयागराज हेतु बसों का संचालन किया जाए, साथ ही बसों के संचालन से संबंधित समय सारणी का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों के अतिरिक्त भी पूरी महाकुंभ अवधि में सभी जनपदों से बसों का संचालन प्रयागराज के लिये होना चाहिए। श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई समस्या ना हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।प्राइवेट बसें श्रद्धालुओं से निर्धारित किराया से अधिक न वसूलेंमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों का सेवन किसी भी बस चालक/परिचालक द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, प्राइवेट बसों के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि ना तो निश्चित किराया से ज्यादा किराया लिया जाए ना ही निश्चित क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग हो।श्रद्धालुओं के सुगम संगम स्नान के लिए यूपी रोडवेज तत्परबैठक में परिवहन मंत्री, प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडी परिवहन की उपस्थिति रही। बता दें कि महाकुंभ में सभी श्रद्धालुओं के सुगम संगम स्नान के लिए यूपी रोडवेज द्वारा 7,000 बसें चलाई जाने की तैयारी है, वहीं मेला क्षेत्र के लिए 550 शटल बसें भी चलाई जा रही हैं
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बालोद/कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने मोटरयान (संशोधन) अधिनियम 2019 अंतर्गत वाहन चालन के समय नियमानुसार सुरक्षा बेल्ट एवं हेलमेट के उपयोग के प्रावधान के संबंध मंे शासकीय सेवकों के लिए आदेश जारी किया है। जिसमें बढ़ती हुई सड़क दुर्घटना को देखते हुए शासकीय सेवकों द्वारा वाहन चालन के समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट धारण करना अनिवार्य है। जिससे स्वयं, परिवारजन एवं जन सामान्य की सुरक्षा के साथ-साथ नियमों की अनुपालन की प्रतिबद्धता का आदर्श प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने जिले के समस्त कार्यालय एवं अधीनस्थ कार्यालय में पदस्थ, कार्यरत समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को वाहन चालन के समय अनिवार्य रूप से यातायात के निर्देश एवं नियमों का पालन करने को कहा है।
- नयी दिल्ली ।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की दूसरी सूची को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को यहां बैठक की।दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए भाजपा की 29 उम्मीदवारों की पहली सूची चार जनवरी को जारी की गई थी। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नयी दिल्ली सीट से पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा को मैदान में उतारा है।भाजपा ने एक अन्य पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी को कालकाजी से उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला मुख्यमंत्री और आप उम्मीदवार आतिशी से होगा। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा भी शामिल हुए।मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचने के बाद, नये साल और आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देने के लिए बैठक कवर कर रहे मीडिया दल से मिले। शाह और नड्डा ने संभावित उम्मीदवारों की सूची और पार्टी की रणनीति पर विचार-विमर्श करने के लिए दिन में प्रदेश भाजपा नेताओं के साथ मुलाकात की थी।
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महा कुंभ 2025 की तैयारियों के तहत आज शुक्रवार को प्रयागराज में 100 नई बसों और ‘अटल सेवा’ नामक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बसें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बेड़े में शामिल की गई हैं ताकि कुंभ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। परेड ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महा कुंभ की तैयारियों का जायजा लेते हुए एयरपोर्ट लौटते समय सड़क किनारे की सुंदरता देखकर अपनी गाड़ी रुकवाई और पैदल चलने लगे। उन्होंने सड़क किनारे की हरियाली और सजावट की सराहना की। उनके साथ अन्य मंत्री और अधिकारी भी गाड़ियों से उतरकर इस अनौपचारिक निरीक्षण में शामिल हुए।इससे पहले, मुख्यमंत्री ने स्वराज रानी नेहरू अस्पताल में ‘नंदी सेवा संस्थान’ द्वारा संचालित ‘मां की रसोई’ का उद्घाटन किया। इस विशेष रसोई में गरीबों के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार किया जाता है। सीएम योगी ने खुद लोगों को भोजन परोसकर इस पहल की सराहना की और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।महाकुंभ, जो हर 12 साल में आयोजित होता है, इस बार 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी में है। श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। इस बार के मुख्य शाही स्नान 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी (मौनी अमावस्या) और 3 फरवरी (बसंत पंचमी) को होंगे। वहीं महा कुंभ का समापन 26 फरवरी को होगा। -
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आज शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई। इसी के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीदवार अपना नामांकन 17 जनवरी तक दाखिल कर सकते हैं। 18 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 20 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 05 फरवरी को मतदान और 08 फरवरी को मतगणना होगी।
मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी की गई अधिसूचनामुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की नई विधानसभा के सदस्यों का चुनाव करने के लिए चुनाव का आह्वान किया है। अधिसूचना के अनुसार, ”जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 15 और उसी धारा की उपधारा (2) में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार उपराज्यपाल ने दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्रों को विधानसभा के लिए चुनाव कराने का आह्वान किया है। उपराज्यपाल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों से उक्त अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों और आदेशों के प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा के लिए सदस्यों का निर्वाचन करने का आह्वान करते हैं।”17 जनवरी तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवार कर सकते हैं अपना नामांकनचुनाव आयोग ने 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की थी। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब 17 जनवरी तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवार अपना नामांकन कर सकते हैं। 18 जनवरी को नामांकन की जांच की जाएगी।20 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं20 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। 5 फरवरी को सभी सीटों के लिए मतदान होगा। मतों की गणना 8 फरवरी को होगी। दिल्ली विधानसभा 2025 के चुनावों के लिए 6 जनवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुल 1,55,24,858 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 83,49,645 पुरुष, 71,73,952 महिला और 1261 थर्ड जेंडर हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग 52,554 मतदाता जोड़े गए हैं, जो पहली बार मतदान करेंगे। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 58 सामान्य और 12 आरक्षित हैं।दिल्ली में प्रमुख रूप से आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच मुकाबला है। वहीं, कांग्रेस भी चुनाव मैदान में है। 2020 के चुनाव में आआपा ने 70 में से 62 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को सिर्फ आठ सीटें मिलीं। - भुवनेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान किए। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने दुनियाभर में भारतीय प्रवासियों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारतीय प्रवासी तकनीक, चिकित्सा, कला और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन योगदान दे रहे हैं। उनकी उपलब्धियां न केवल भारत का गौरव बढ़ाती हैं, बल्कि दुनियाभर के लोगों को प्रेरणा भी देती हैं।राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्राप्त करने वालों को बधाई दी और त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कांगालू की प्रशंसा की। उन्होंने कांगालू के नेतृत्व, खासकर महिलाओं को सशक्त बनाने और भारतीय प्रवासी समुदाय के समर्थन के लिए उन्हें सराहा।राष्ट्रपति मुर्मु ने प्रवासी भारतीय दिवस को भारत और प्रवासी समुदाय के बीच सहयोग और संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने भारत के “विकसित भारत 2047” के विजन को पूरा करने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर जोर दिया और उन्हें देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि भारतीय प्रवासी भारत की “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना से प्रेरित होकर दुनियाभर के कल्याण में योगदान देना जारी रखेंगे।
- अहमदाबाद । अहमदाबाद के थलतेज क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक आठ साल की बच्ची की कथित तौर पर हार्ट अटैक से स्कूल में मौत हो गई। . यह घटना 10 जनवरी, शुक्रवार सुबह की है, जब तीसरी कक्षा की छात्रा स्कूल पहुंचने के बाद सीने में दर्द की शिकायत करने लगी। . स्कूल प्रशासन के अनुसार, बच्ची स्कूल में आते ही एक कुर्सी पर बैठ गई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। . इसके बाद स्कूल स्टाफ ने उसे प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन एंबुलेंस देर से पहुंची.। ऐसे में स्कूल स्टाफ ने उसे पास के जाइडस अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।कार्डियक अरेस्ट से 8 साल की बच्ची की मौतस्कूल की प्रधान, शर्मिष्ठा सिन्हा ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि छात्रा स्कूल पहुंचने के कुछ ही देर बाद असहज महसूस करने लगी। . उसकी स्थिति बिगड़ने पर वह कुर्सी पर बैठ गई और सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रही थी.। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची की मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट था। . वहीं, उसके परिवार का कहना है कि उसने कभी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना नहीं किया था, केवल सामान्य बचपन की बीमारियां जैसे सर्दी, खांसी और बुखार ही थीं.।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजारमृतक बच्ची मुंबई की रहने वाली थी। . वह अपने दादी और दादा के पास अहमदाबाद में रह रही थी। . स्कूल प्रशासन ने तुरंत उसके माता-पिता को सूचना दी। . पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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नई दिल्ली। ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए 1.12 लाख करोड़ रुपये के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) शो-कॉज नोटिस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि इन नोटिस से जुड़े सभी मामले फिलहाल स्थगित रहेंगे जब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता।
सुप्रीम कोर्ट ने इन कंपनियों से जुड़े मामलों को एक साथ जोड़ने का निर्देश दिया है। अब इन मामलों की अगली सुनवाई 18 मार्च, 2025 को होगी।यह फैसला ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इस पर कर अधिकारियों और कंपनियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।इस विवाद का मुख्य मुद्दा ऑनलाइन गेमिंग पर GST लागू करने की व्याख्या है। सरकार का कहना है कि 28 प्रतिशत GST पूरे एंट्री अमाउंट पर लगना चाहिए, जिसमें इनाम राशि (प्राइज पूल) भी शामिल होती है। वहीं, गेमिंग कंपनियों का तर्क है कि GST केवल उनके प्लेटफॉर्म फीस या कमीशन पर लगना चाहिए, क्योंकि इनमें से कई गेम कौशल (स्किल) पर आधारित होते हैं, न कि किस्मत (चांस) पर।ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो उद्योग को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मार्च में होने वाली सुनवाई पर नजरसुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कोर्ट ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) द्वारा जारी किए गए शो-कॉज नोटिस पर कार्रवाई को रोक दिया है। इस फैसले ने उद्योग को राहत दी है और यह भविष्य में क्षेत्र के लिए नियामकीय स्पष्टता का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।नियामकीय परिदृश्य के लिए अहम मार्च की सुनवाईEY के टैक्स पार्टनर, सौरभ अग्रवाल ने कहा, “मार्च में होने वाली अंतिम सुनवाई इस सेक्टर के लिए नियामकीय ढांचे को तय करने और एक निष्पक्ष और पारदर्शी टैक्स रिजीम सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।”उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शो-कॉज नोटिस पर रोक लगाना ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कानूनी स्पष्टता मिलती है, बल्कि तेजी से बढ़ते इस सेक्टर में सही प्रक्रिया और नियमों के महत्व को भी उजागर किया गया है।गेमिंग कंपनियों ने दी सकारात्मक प्रतिक्रियाइस फैसले का ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने स्वागत किया है। रस्तोगी चैंबर्स के संस्थापक और गेमिंग कंपनियों के कोर्ट में प्रतिनिधि, अभिषेक ए रस्तोगी ने कहा, “यह रोक गेमिंग कंपनियों पर टैक्स अधिकारियों की संभावित कार्रवाई के दबाव को कम करती है। साथ ही, यह राजस्व अधिकारियों के हितों की भी रक्षा करती है। सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि इस मामले में मांगे समय सीमा से बाहर न हो जाएं, जिससे कानूनी प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।” अब सभी की नजरें मार्च में होने वाली अंतिम सुनवाई पर हैं, जो इस तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के लिए नियामकीय दिशा को स्पष्ट कर सकती है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि देश के जैविक उत्पादों का निर्यात अगले तीन वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वर्तमान में यह निर्यात 5,000-6,000 करोड़ रुपये के स्तर पर है। केंद्रीय मंत्री ने बीते गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) के आठवें संस्करण के उद्घाटन के दौरान उन्होंने यह बात कही। गोयल ने कहा कि आने वाले वर्षों में जैविक उत्पादों के निर्यात में करीब 3-3.5 गुना वृद्धि होगी। इस मौके पर गोयल ने NPOP पोर्टल और ऑर्गेनिक प्रमोशन पोर्टल लॉन्च किया। ये पोर्टल जैविक उत्पादों के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए अधिक पारदर्शिता और सुविधाजनक संचालन प्रदान करेंगे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जैविक खेती के महत्व पर जोर दिया था। उन्होंने इसे न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारने में भी फायदेमंद बताया था। गोयल ने कहा कि जैविक खेती टिकाऊ खेती का एक तरीका है जो पानी की कमी और रासायनिक खादों व कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले नुकसान को रोकने में मदद करता है। उन्होंने यह भी बताया कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इससे किसानों की आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है।इस कार्यक्रम में कई नई तकनीकों और पोर्टल्स का अनावरण किया गया। TraceNet 2.0, जो एक ऑनलाइन ट्रेसिंग सिस्टम है संचालन को आसान और पारदर्शी बनाएगा। इसके साथ ही, APEDA पोर्टल और AgriXchange पोर्टल को भी लॉन्च किया गया। ये पोर्टल्स कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की जानकारी और निर्यात आंकड़ों को आम जनता और किसानों के लिए सुलभ बनाएंगे।गोयल ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए जैविक उत्पादों की सही पैकेजिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की पूरी प्रक्रिया से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलेगी। जैविक खेती न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज के लिए भी लाभदायक साबित हो रही है। - प्रयागराज । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रयागराज में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में नंदी सेवा संस्थान द्वारा संचालित 'मां की रसोई' का उद्घाटन किया. सीएम योगी ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए संस्थान की ओर से शुरू की गई इस सेवा पर प्रसन्नता जाहिर की और खाने की गुणवत्ता, स्वच्छता के साथ ही सुविधाओं की भी सराहना की. उन्होंने थाली परोसकर सेवा भी की और 'मां की रसोई' के किचन का भी अवलोकन किया.प्रयागराज दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को सीएम योगी स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने फीता काटकर नंदी सेवा संस्थान द्वारा संचालित 'मां की रसोई' का शुभारंभ किया। शुभारंभ करने के बाद सीएम डाइनिंग रूम में भी पहुंचे, जहां लोगों को बैठाकर खाना खिलाने का प्रबंध किया गया है। यहां मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से थाली लगाकर वहां उपस्थित लोगों की सेवा की.इसके बाद औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी उन्हें लेकर सीधे किचन पहुंचे, जहां खाना तैयार किया जाता है. यहां उन्होंने खाने की गुणवत्ता से लेकर अन्य सभी प्रबंधों के विषय में सीएम योगी को जानकारी दी.सीएम योगी ने रसोई का निरीक्षण करते हुए वहां साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सेवा भाव से शुरू की गई इस रसोई की सीएम योगी ने प्रशंसा की। इस दौरान पूरे प्रांगण में 'जय श्री राम' का उद्घोष भी होता रहा.आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए नंदी सेवा संस्थान द्वारा यह सेवा शुरू की गई है। इसमें मात्र 9 रुपए में लोगों को भरपेट भोजन मिलेगा। थाली में दाल, 4 रोटी, सब्जी, चावल, सलाद और मिठाई दी जाएगी.इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मेयर अभिलाषा गुप्ता, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और जगदगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास (सतुआ बाबा) उपस्थित रहे.
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अर्धसैनिक बलों की 50 से अधिक कंपनी और 5,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए बुधवार को विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ एक अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक की। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने की और इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, चंडीगढ़ तथा जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पुलिस के एक सूत्र ने बताया, “समन्वय बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति से बचने और कड़ी निगरानी के लिए अर्धसैनिक बलों की 50 से अधिक कंपनी तथा साइबर सुरक्षा में माहिर अधिकारियों की मांग की है।” पुलिस ने कहा कि समन्वय बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न मामलों से जुड़ी खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान किया और सीमा पर जांच एवं संदिग्ध तत्वों के सत्यापन सहित अन्य आतंकवाद विरोधी उपायों को मजबूत करने का संकल्प लिया। पुलिस के मुताबिक, अरोड़ा ने सभी संबंधित एजेंसियों से संदिग्ध तत्वों पर नजर रखने के लिए मानवीय एवं तकनीकी बुद्धिमत्ता का व्यापक रूप से इस्तेमाल करने और नापाक मंसूबों पर पानी फेरने के लिए संदिग्ध गतिविधियों का पहले से अनुमान लगाने का आह्वान किया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की आवाजाही के बारे में पहले से जानकारी देने पर जोर दिया गया। इसमें एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोहों और अवैध हथियारों, शराब, नकदी, नशीले पदार्थों आदि की आपूर्ति के मामलों पर भी चर्चा की गई। विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बैठक में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए समन्वय का खाका तैयार किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सभी जिलों के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और वरिष्ठ अधिकारियों को तैयारियों के बारे में जानकारी दी गई। इसमें हर जिले के डीसीपी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तथा मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात करें। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “जमीन पर मौजूद टीमों ने अब तक 3,000 से अधिक संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों तथा क्षेत्रों की पहचान की है।” उन्होंने कहा, “चुनाव के दौरान अवैध शराब और नकदी के वितरण के अलावा हथियारों की तस्करी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। गणतंत्र दिवस समारोह और चुनाव प्रक्रिया के दौरान हिंसा या हथियारों के दुरुपयोग की आशंका टालने के लिए एजेंसियों ने पहले ही अपने स्थानीय सूत्रों को सक्रिय कर दिया है।” अधिकारी के अनुसार, विशेष प्रकोष्ठ और अपराध शाखा की टीमें हथियार आपूर्तिकर्ताओं की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के लिए नयी दिल्ली में उच्च स्तरीय सुरक्षा तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई व्यवधान न हो, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां सुरक्षा अभ्यास कर रही हैं। अधिकारी ने बताया, “नयी दिल्ली, उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली जैसे क्षेत्रों में लगभग 4,000 छत सुरक्षा बिंदुओं की पहचान की गई है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों को सुरक्षा स्टिकर प्रदान किए जाएंगे, जबकि परेड मार्ग और आसपास के इलाकों में एफआरएस (चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली) कैमरे सहित लगभग 500 उच्च-रिजोल्यूशन वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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महाकुम्भ नगर. महाकुम्भ मेले में वाहनों की पार्किंग के लिए नकद में शुल्क भुगतान के झंझट से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए पार्क प्लस कंपनी ने फास्टैग युक्त पार्किंग प्रबंधन प्रणाली बृहस्पतिवार को शुरू की। पार्क प्लस के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमित लखोटिया ने बताया कि प्रयागराज आने वाले तीर्थयात्री पार्क प्लस ऐप की मदद से सरकार की ओर से स्वीकृत पार्किंग में कार पार्क करने के लिए जगह तलाश कर सकते हैं, जगह बुक कर सकते हैं और फास्टैग के जरिये पार्किंग शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कार मालिक अपनी कार पर लगे फास्टैग का उपयोग कर पार्किंग स्थल पर शुल्क भुगतान कर सकेंगे। मेला प्राधिकरण ने सभी 30 पार्किंग स्थलों के प्रबंधन के लिए पार्क प्लस को अनुबंधित किया है। लखोटिया ने बताया कि सभी पार्किंग स्थलों पर पार्क प्लस के सीसीटीवी और स्कैनर लगे हैं जो वाहनों पर लगे फास्टैग को स्कैन कर पार्किंग शुल्क काट लेंगे। पार्क प्लस ने पार्किंग स्थलों पर अन्य सुविधाएं जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन, जलपान, सुरक्षित शौचालय, चिकित्सा सहायता आदि की भी व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ मेले के दौरान प्रयागराज में 25 लाख से अधिक वाहनों के आने की संभावना है। पार्क प्लस का उद्देश्य महाकुम्भ में आने वाले सभी वाहन मालिकों को पार्किंग की चिंता से मुक्त रखना है।
- नयी दिल्ली. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) राष्ट्रीय राजधानी स्थित अपने परिसर में 24 फरवरी से तीन दिन का पूसा कृषि विज्ञान मेला आयोजित करेगा। आईएआरआई ने बयान में कहा कि ‘‘उन्नत कृषि - विकसित भारत'' विषय वाले इस वार्षिक मेले में देशभर से एक लाख से अधिक किसान, उद्यमी और राज्यों के अधिकारी भाग लेंगे। मेले में फसलों का ‘लाइव' प्रदर्शन, फूलों और सब्जियों की संरक्षित खेती, गमलों में खेती, वर्टिकल फार्मिंग, मुफ्त मिट्टी और पानी की जांच और उच्च उपज वाले बीजों व पौधों की बिक्री शामिल होगी। मेले के दौरान विभिन्न कृषि कंपनियां, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान, उद्यमी और प्रगतिशील किसान अपने स्टॉल लगाएंगे। इस अवसर पर किसानों को ‘इनोवेटर्स एंड फेलो अवार्ड' से भी सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए उनसे आवेदन मांगे गए हैं। आईएआरआई ने कहा, ‘‘किसानों को इस पुरस्कार के लिए जल्द से जल्द अपने आवेदन भेजने चाहिए।''
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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) का दौरा कर अमृत भारत कोच सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि अमृत भारत ट्रेन को खास तौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
पीएम मोदी द्वारा लॉन्च की गई ट्रेन के अनुभव के आधार पर अमृत भारत का वर्जन 2 किया डिजाइनपिछले साल प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च की गई ट्रेन के अनुभव के आधार पर अमृत भारत का वर्जन 2 डिजाइन किया गया है, जिसमें कई नई खूबियां हैं। आपने कपलर और पेंट्री कार देखी होगी, इन दोनों का डिजाइन पूरी तरह से बदल दिया गया है। एयर विंडो का डिजाइन भी पूरी तरह से बदल दिया गया है। पूरा फोकस गरीब परिवारों और मध्यम वर्ग पर रखा गया है।बहुत सस्ती सेवा और बहुत उच्च गुणवत्ता वाली यात्रा का अनुभव करेंगी प्रदानआगे उन्होंने कहा कि अमृत भारत का वर्जन 2.0 देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई। रेल मंत्री ने कहा, “अमृत भारत 2.O में कई सुधार किए गए हैं। 12 बड़े बदलाव किए गए हैं। अमृत भारत ट्रेनें कम आय वाले और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए हैं। ये बहुत सस्ती सेवा और बहुत उच्च गुणवत्ता वाली यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।”अमृत भारत ट्रेन आम नागरिकों के लिए बनाई गई हैरेल मंत्री ने प्लांट का दौरा किया और वंदे भारत रेक, अमृत भारत ट्रेन के कोच और विस्टाडोम डाइनिंग कार का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट के कर्मचारियों और श्रमिकों से भी बातचीत की। रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन आम नागरिकों के लिए बनाई गई है। सामान्य कोच में किसी भी प्रीमियम कोच जैसी ही सुविधाएं हैं।ट्रेन को ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ बनाया गयाउन्होंने कहा, “ट्रेन को ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ बनाया गया है। आपको कई नई सुविधाएं देखने को मिलेंगी, जैसे सीटों और पंखों की गुणवत्ता, चार्जिंग पॉइंट, कुर्सियों में कमर का सहारा और नए डिजाइन वाले शौचालय। वंदे भारत ट्रेनों में भी लगातार सुधार किए जा रहे हैं।”विस्टाडोम कोच में कई सुधार किए गए हैंकेंद्रीय मंत्री ने कहा, “विस्टाडोम कोच में कई सुधार किए गए हैं, जैसे इसमें डाइनिंग कार जोड़ना। यह पर्यटकों के लिए किया गया है। यात्री मनोरम दृश्यों को देखते हुए भोजन कर सकते हैं। भविष्य में, इस नए कोच का उपयोग जम्मू-कश्मीर में किया जाएगा। रेल मंत्री वैष्णव ने यह भी कहा कि 10,000 इंजनों में ‘कवच’ लगाया जा रहा है और 15,000 किलोमीटर ट्रैकसाइड फिटिंग की जा रही है। इंजनों के सामने कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।”अमृत भारत का किराया वंदे भारत से कम होगा, लेकिन सुविधाएं बराबर ही रहेंगीइससे पहले रेल मंत्रालय ने बताया था कि अमृत भारत ट्रेन में सामान्य और स्लीपर कोच होंगे, ताकि यात्रियों के लिए वहनीयता सुनिश्चित की जा सके और प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं बरकरार रखी जा सकें। अमृत भारत का किराया वंदे भारत से कम होगा, लेकिन सुविधाएं बराबर ही रहेंगी।पहली अमृत भारत ट्रेन 30 दिसंबर, 2023 को शुरू की गईपहली अमृत भारत ट्रेन 30 दिसंबर, 2023 को सस्ती नॉन-एसी सेवाएं प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। ट्रेनों में एलएचबी स्लीपर क्लास, जनरल क्लास और एसएलआर कोच हैं। इन्हें नारंगी और काले रंग की योजना के साथ अनुकूलित एक लोकोमोटिव द्वारा खींचा जाता है और एक नाक शंकु के साथ फिट किया जाता है। पुश-पुल पद्धति पर चलने वाली इन ट्रेनों में दोनों सिरों पर लोकोमोटिव होते हैं, जिससे 130 किमी प्रति घंटे की गति मिलती है।पीएम मोदी ने फरवरी 2024 में 554 अमृत भारत स्टेशनों की नींव रखीपीएम मोदी ने फरवरी 2024 में 554 अमृत भारत स्टेशनों की नींव रखी, जो देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को नया रूप देने की सरकारी पहल है। - प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपनी बचपन की यादें ताजा करते हुए कहा कि जब वह छोटे थे, उन दिनों वह आकाशवाणी पर रामचरितमानस का पाठ सुना करते थे।यहां सर्किट हाउस में आकाशवाणी के एफएम चैनल कुम्भवाणी (103.5 मेगाहर्ट्ज पर) का शुभारम्भ करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि बचपन में जब मेरी उम्र सात-आठ साल रही होगी, तब मैं आकाशवाणी पर रामचरितमानस का पाठ सुनता था।”उन्होंने कहा, “उस समय दूरदर्शन और अन्य चैनल नहीं थे। हर घर में रेडियो जरूर होता था। आज तो एफएम चैनल युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय है और उनके स्मार्टफोन में भी वह सिग्नल पकड़ लेता है। यह कुम्भवाणी उन करोड़ों लोगों तक महाकुम्भ को पहुंचाएगा जो चाह कर भी यहां नहीं पहुंच पाते।”अपने प्रयागराज दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग किसी कारण से महाकुम्भ में नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन तक हम प्रौद्योगिकी के माध्यम से पहुंचेंगे और महाकुम्भ का सजीव प्रसारण उनके समक्ष कर पाएंगे।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुम्भ केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि सनातन गौरव और गर्व का एक महाआयोजन है, एक महासमागम है। उन्होंने कहा कि जिसको सनातन धर्म के गौरव और गरिमा को देखना हो तो वह कुम्भ का दर्शन करें।उन्होंने कहा कि जो लोग एक संकीर्ण दृष्टि से सनातन धर्म को देखते हैं, साम्प्रदायिक मतभेद, भेदभाव या छुआछूत के नाम पर लोगों को बांटने का काम करते हैं उन लोगों को आकर देखना चाहिए कि यहां पर ना पंथ का भेद है, ना जाति का भेद है, ना छुआछूत है, ना कोई लिंग का भेद है। उन्होंने कहा कि यहां सभी पंथ और सम्प्रदाय एक साथ एक ही जगह स्नान करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोविड महामारी आई थी और लॉकडाउन प्रारंभ हुआ था तब जैसे ही दूरदर्शन ने रामायण सीरियल दिखाना प्रारंभ किया तो दूरदर्शन की टीआरपी बढ़ गई थी।इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री मंत्री डॉ एल मुरुगन ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, ओमप्रकाश राजभर, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष नवनीत सहगल उपस्थित थे।
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नयी दिल्ली. आगामी गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। सर्किट 1 आगंतुकों को राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत का भ्रमण कराता है, तथा उन्हें भवन के अग्रभाग, प्रमुख कक्षों और लंबे ड्राइंग रूम आदि दिखाता है। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड' समारोह एक सैन्य परंपरा है। यह हर सप्ताह आयोजित किया जाता है ताकि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के एक नए समूह को कार्यभार संभालने का मौका मिल सके।
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मेरठ .उत्तर प्रदेश के मेरठ की घनी आबादी वाली बस्ती सोहेल गार्डन के एक मकान में एक ही परिवार के पांच लोगों की कथित रूप से हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम पुलिस को एक मकान में एक दंपति और उनके तीन बच्चों के शव मिलने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। ताडा ने बताया कि इनमें एक शव के पैर चादर से बंधे थे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया लगता है कि किसी भारी चीज से प्रहार कर हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मकान में बाहर से ताला लगाया गया, उससे स्पष्ट होता है कि हमलावर कोई परिचित है और उसने संभवत: किसी रंजिश के कारण इस घटना को अंजाम दिया है। ताडा ने बताया कि घटना की जांच के लिए अपराध शाखा और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि श्वान दस्ते की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन लोगों के शव मिले हैं, वे एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में मोइन, उसकी पत्नी असमा और तीन बच्चे अफ़्सा (आठ), अजीजा (चार) अदीबा (एक) शामिल हैं। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि घटना का पता उस समय लगा जब मोइन का भाई सलीम अपनी पत्नी के साथ उससे मिलने उसके घर पहुंचा। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों के शव बेड के बॉक्स में बोरे में बांधकर रखे गए थे और मोइन एवं उसकी पत्नी के शव जमीन पर पड़े मिले।
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नई दिल्ली। पवित्र त्रिवेणी के तट पर आयोजित हो रहे महाकुंभ को दिव्य-भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। आयोजन को लेकर देश-विदेश के लोगों में उत्साह और जिज्ञासा है। हर कोई खु द को इस पल का साक्षी बनाना चाहता है।इन सबके बीच आस्था के इस महाकुम्भ की जो सबसे अहम कड़ी है वह है यहां आने वाले ‘कल्पवासी’। प्रति वर्ष की तरह इस बार भी माघ महीने में कल्पवासियों की आस्था से यह महाकुम्भ दिव्य होने वाला है।
पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाले कल्पवास में अभी से कल्पवासियों का आना शुरू हो गया है,इसकी तैयारियां हो रहीं है। रायबरेली से आये दिनेश पांडे कई वर्षों से कल्पवास कर रहे हैं, दिनेश पांडे का कहना है कि उन सबके लिए कल्पवास अलौकिक अनुभव देने वाला होता है।अम्बुज व रविकांत कहते हैं कड़ाके की ठंड और सुविधाओं का टोटा इसमें कोई मायने नहीं रखता है।कहते हैं कि इन बार की व्यवस्था वाकई दिव्य है,सभी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रहीं है।अपने टेंट की व्यवस्था बनाने में जुटे कल्पवासियों का कहना है कि भीड़ होने के चलते वह लोग कल्पवास शुरू होने के छह दिन पहले ही आ गए है। प्रतापगढ़ से आये उमाकांत,रामलखन मिश्र का कहना है कि सामान्य कुटिया का रेट सात हजार पहुंच गया है। गोल वाला टेंट पहले सात-आठ हजार में मिल जाता था, अब 15 हजार का है।कल्पवासियों को खुद लेना होता है टेंटकल्पवासियों के टेंट की व्यवस्था मेला प्रशासन नहीं करता। टेंट कुछ संस्थाएं बनाती हैं, जिन्हें मेला प्रशासन मामूली दर पर जमीन उपलब्ध कराता है। यहीं पर संस्थाएं अपने कल्पवासियों के शिविर लगवाती हैं। प्रयागराज के ओमप्रकाश के अनुसार टेंट से लेकर जरूरत की सारी सुविधाओं के दाम 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं। मगर, उनका उत्साह कम नहीं पड़ा है। कल्पवासी तीर्थ पुरोहितों के ही शिविरों में प्रवास करते हैं। प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष शिव शर्मा कहते हैं जो टेंट ढाई हजार में मिलते थे, वह चार हजार रुपये के मिल रहे हैं। इसी कारण शिविर महंगे हो गए हैं।जानें क्या है कल्पवाससंगम की रेती पर माघ के पूरे महीने निवास कर पुण्य फल प्राप्त करने की साधना को ही कल्पवास कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, कल्पवास की न्यूनतम अवधि एक रात्रि हो सकती है। तीन रात्रि, तीन महीना, छह महीना, छह वर्ष, 12 वर्ष या जीवनभर भी कल्पवास किया जा सकता है। मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश होने के साथ एक मास के कल्पवास से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। जन्म जन्मांतर के बंधनों से भी मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार, एक कल्पवास का फल उतना ही है, जितना सौ साल तक बिना अन्न ग्रहण किए तपस्या करने का। महाकुंभ में लाखों साधु-संतों के साथ आम लोग भी कल्पवास करते हैं। कल्पवास पौष पूर्णिमा स्नान के साथ 13 जनवरी से शुरू होकर एक माह बाद माघी पूर्णिमा तक चलेगा।कल्पवास में एक बार करते हैं भोजनकल्पवास की दिनचर्या बेहद कठिन होती है इसमें श्रद्धालु एक बार भोजन करते हैं और तीन बार स्नान। सुबह गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना से दिनचर्या शुरू होती है। शास्त्रों के अनुसार, कल्पवासी को दिन में तीन बार (भोर में, दोपहर और शाम ) गंगा स्नान करना चाहिए। एक बार भोजन और एक बार फलाहार लेना चाहिए। खाने-पीने में अरहर की दाल, लहसुन और प्याज जैसी चीजें वर्जित हैं।














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