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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली को 12,200 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी। उन्होंने नमो भारत कॉरिडोर के न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक 13 किलोमीटर लंबे खंड का उद्घाटन किया। यह हाई-टेक ट्रेन शाम 5 बजे से यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगी।इसके साथ ही, पीएम मोदी ने जनकपुरी पश्चिम से कृष्णा पार्क तक नए मेट्रो कॉरिडोर का भी उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं से दिल्ली और एनसीआर के लोगों की यात्रा और भी आसान और तेज़ होगी। नमो भारत ट्रेन और मेट्रो के ये नए कॉरिडोर क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
नमो भारत कॉरिडोर के नए फेज की शुरुआत के साथ दिल्ली-मेरठ के बीच कनेक्टिविटी को नया मुकाम मिला है। अब तक साहिबाबाद से मेरठ के बीच 42 किलोमीटर लंबा रूट चालू था, जिसमें कुल 9 स्टेशन शामिल थे, लेकिन अब इस नए फेज के जुड़ने से यह रूट 55 किलोमीटर लंबा हो गया है और स्टेशन की संख्या 9 से बढ़कर 11 हो गई है। यह विस्तार न केवल यात्रियों के समय की बचत करेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा।दिल्ली-मेरठ के बीच अब सफर और तेज़, और सुविधाजनक हो गया है। नए फेज के साथ यह कॉरिडोर विकास और प्रगति की रफ्तार को और आगे ले जाएगा।4600 करोड़ की लागत से तैयार हुआ नमो कॉरिडोर का नया फेजनमो कॉरिडोर के नए फेज के तहत दिल्ली के न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक 13 किलोमीटर का स्ट्रेच बनकर तैयार हो गया है। इसे बनाने में 4600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।खास बात यह है कि भविष्य में इसे न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है।शाम 5 बजे से दौड़ेगी नमो भारत ट्रेनरविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस फेज का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे से नमो भारत ट्रेन यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। यह ट्रेन हर 15 मिनट पर स्टेशन पर पहुंचेगी।सिर्फ 45 मिनट में दिल्ली से मेरठनमो भारत ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों का समय बचेगा। पहले जहां दिल्ली से मेरठ जाने में घंटों लगते थे, अब यह सफर सिर्फ 40 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।यह नया फेज सिर्फ ट्रेन सेवा ही नहीं, बल्कि तेज और सुरक्षित यात्रा का वादा भी है। नमो भारत की शुरुआत के साथ, दिल्ली-एनसीआर के यात्री आधुनिक परिवहन की नई उड़ान भरने को तैयार हैं।6 किलोमीटर का हिस्सा होगा भूमिगतनमो भारत ट्रेन का नया कॉरिडोर 6 किलोमीटर भूमिगत होगा, जिसमें आनंद विहार स्टेशन भी शामिल है। यह पहली बार है जब नमो भारत ट्रेनें भूमिगत ट्रैक पर दौड़ेंगी। आनंद विहार स्टेशन इस कॉरिडोर के सबसे बड़े स्टेशनों में से एक होगा। आनंद विहार से मेरठ साउथ स्टेशन तक का सफर केवल 35 मिनट में पूरा किया जाएगा।यात्रा होगी और आसानइस परियोजना में यात्रियों की सुविधा के लिए मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन को प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य सफर को सरल और आरामदायक बनाना है। यह योजना पीएम गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है। आनंद विहार स्टेशन का निर्माण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन नई तकनीकों के इस्तेमाल से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। - जाजपुर (ओडिशा) .ओडिशा के जाजपुर जिले में लूटपाट के प्रयास में हथियारबंद लोगों ने शनिवार दोपहर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों की पहचान आभूषण दुकान के कर्मचारी सुनील कुमार राय और सोती गांव निवासी नीला माधव पांडा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राय अपनी दुकान का पैसा जमा कराने के लिए मोटरसाइकिल से बैंक जा रहा था, तभी अपराह्न करीब 1.30 बजे उसे गोली मार दी गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां राय ने दम तोड़ दिया। वहीं, सूत्रों ने बताया कि दो मोटरसाइकिल पर आए चार अज्ञात हथियारबंद लोग घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने राय पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राय की चीखें सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि समस्या पैदा होने की आशंका में हथियारबंद लोगों ने स्थानीय लोगों पर गोली चला दी, जिससे पांडा की मौके पर ही मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि इसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने हथियारबंद लोगों का पीछा किया और उनमें से दो को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया तथा अन्य की तलाश शुरू कर दी।
- विरुधुनगर. तमिलनाडु में विरुधुनगर के निकट पटाखा बनाने के कारखाने में शनिवार को विस्फोट होने से छह कर्मियों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। विस्फोट सुबह उस समय हुआ जब श्रमिक विनिर्माण प्रक्रिया के तहत रासायनिक-कच्चे माल को मिलाने में लगे थे, जिसके कारण छह लोगों की मौत हो गई तथा कारखाना परिसर के चार कमरे क्षतिग्रस्त हो गए। अग्निशमन एवं बचाव सेवा के कर्मचारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायल कर्मचारी मोहम्मद सुदीन को निकटवर्ती मदुरै स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यहां बताया कि विस्फोट के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक सुपरवाइजर और एक फोरमैन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मौतों पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को मदुरै के सरकारी अस्पताल में घायल कर्मियों की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री जन राहत कोष से पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने घायल कर्मी को एक लाख रुपये देने का आदेश दिया है। मृतकों की पहचान एस. शिवकुमार (56), एस. मीनाक्षी सुंदरम (46), आर. नागराज (37) और जी. वेलमुरुगन, एस. कामराज और आर. कन्नन (तीनों की उम्र 54 वर्ष) के रूप में की गई। पार्टी नेताओं ने इस हादसे में हुई मौतों पर शोक जताया।अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने राज्य सरकार की ‘संवेदनहीनता' की निंदा की और आरोप लगाया कि उसने सुरक्षा ऑडिट नहीं किया।
- नयी दिल्ली. चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के प्रकोप की हाल की खबरों के मद्देनजर, भारत सभी उपलब्ध माध्यम से स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और डब्ल्यूएचओ से समय पर अद्यतन जानकारी साझा करने का भी अनुरोध किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि एहतियाती उपाय के तहत एचएमपीवी मामलों की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) पूरे वर्ष एचएमपीवी के रुझानों की निगरानी करेगी। मंत्रालय ने बताया कि स्थिति पर चर्चा के लिए शनिवार को यहां स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी), राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), आपातकालीन चिकित्सा राहत (ईएमआर) प्रभाग और एम्स-दिल्ली सहित अस्पतालों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत चर्चा के बाद तथा वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस बात पर सहमति बनी कि चल रहे फ्लू के मौसम को देखते हुए चीन में स्थिति असामान्य नहीं है। इसमें कहा गया कि खबरों से जानकारी मिली है कि श्वास संबंधी बीमारियों में वर्तमान उछाल का कारण इन्फ्लूएंजा वायरस, आरएसवी और एचएमपीवी हैं, जो इस मौसम में होने वाले सामान्य रोगाणु हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘सरकार सभी उपलब्ध माध्यम से स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और डब्ल्यूएचओ से भी चीन की स्थिति के बारे में समय पर अद्यतन आंकड़े साझा करने का अनुरोध किया गया है।
- फरीदाबाद. फरीदाबाद के करनेरा गांव में करीब छह हथियारबंद लोगों ने शनिवार तड़के हथियारों के बल पर परिवार को बंधक बना 1.5 लाख रुपये की नकदी और सोने के आभूषण लूट लिए। पुलिस ने यह जानकारी दी। हमलावर आठ फुट ऊंची दीवार फांदकर घर में घुसे।करनेरा गांव के निवासी नवीन त्यागी द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, लगभग छह लोग रात करीब 12:15 बजे उनके घर में घुस आए। शिकायत के मुताबिक इस दौरान पूरा परिवार सो रहा था, केवल त्यागी की बेटी पूर्वांशी अपने कमरे में पढ़ाई कर रही थी। उन्होंने बताया कि उनमें से दो ने उन्हें और उनकी मां को चाकू के बल पर बंधक बना लिया।उन्होंने कहा, "तीन अन्य लोग मेरी पत्नी के कमरे में गए और उस पर देशी बंदूक तान दी तथा अलमारी से पैसे निकाल लिए।" पुलिस के अनुसार त्यागी ने कहा, "उन्होंने दूसरी अलमारी की चाबी ली और दो सोने के हार, चार अंगूठियां, दो चेन, एक सोने का सिक्का, दो मोबाइल फोन और करीब ढाई किलो चांदी निकाल ली और फरार हो गए।" शिकायत के बाद सेक्टर 58 पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि लुटेरों को पकड़ने के लिए चार टीम गठित की गई हैं।
- नोएडा. गौतम बुद्ध नगर में रहने वाले लोगों ने बीते नौ महीने में करीब 2,100 करोड़ की शराब पी, जो वर्ष 2023 की इस अवधि में पी गई शराब की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2023 में इस अवधि के दौरान नोएडा में 1,900 करोड़ रुपये की शराब बिकी हुई थी। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल अप्रैल से दिसंबर तक गौतम बुद्ध नगर की विभिन्न शराब की दुकानों पर 2,100 करोड़ रुपये की शराब बिकी, जिसमें अंग्रेजी, देसी शराब तथा बियर शामिल है। उन्होंने बताया कि पूरे वर्ष में देसी शराब की बिक्री 1,078,65,84 लीटर, अंग्रेजी शराब की बिक्री 89,76,540 लीटर तथा बियर की बिक्री 2,14,76,507 लीटर रही। उन्होंने बताया कि जनपद गौतम बुद्ध नगर में शराब की 564 दुकान हैं।अधिकारी ने बताया कि इस दौरान मुद्रित दाम से ज्यादा दाम पर शराब बेचने वाले 74 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, दुकानदारों को नोटिस दिया गया है और तथा सेल्समैन को निलंबित किया गया है।
- दुमका (झारखंड). दुमका जिले में शनिवार को एक ऑटोरिक्शा और ट्रक के बीच हुई टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। दुमका के अंचल अधिकारी अमर कुमार ने बताया कि यह घटना मुफस्सिल थाना अंतर्गत दासरईडीह गांव के पास उस समय घटी जब वे मसानजोर बांध से पिकनिक मनाकर घर लौट रहे थे। चार अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। दुमका स्थित एक अधिवक्ता ने बताया कि मृतकों में उनका छोटा भाई, उनकी पत्नी और बेटी शामिल हैं। मुफस्सिल थाने के प्रभारी सत्यम कुमार ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है, लेकिन चालक भागने में सफल रहा।
- पुणे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि राजनीति को लेकर उनकी राय अच्छी नहीं है, क्योंकि इसमें “इस्तेमाल करो और फेंको” की रणनीति अपनाई जाती है। उन्होंने सवाल किया कि राजनीति में सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने की होड़ रहती है, ऐसे में लोगों की विचारधारा और निष्ठा कहां चली जाती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता गडकरी ने यह भी कहा कि देश में विचारधारा नहीं, बल्कि विचारों का खालीपन समस्या है। उन्होंने कहा, “कई लोग सत्ता में आने वाली पार्टी में शामिल हो जाते हैं, ऐसे में उनकी विचारधारा और निष्ठा कहां चली जाती है? हमारे देश में विचारधारा नहीं, बल्कि विचारों का खालीपन समस्या है।” पुणे में मराठा सेवा संघ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि अगर देश को प्रगति करनी है, तो सबसे पहले अपने घर-परिवार का ख्याल रखना होगा। एक किस्सा याद करते हुए उन्होंने कहा, “एक आदमी मेरे पास आया और बोला कि वह देश के लिए अपनी जान देना चाहता है। उस समय, उसका कारोबार ठप था, वह दिवालिया हो रहा था और घर पर उनकी पत्नी और बच्चे थे। मैंने उससे कहा कि पहले अपने घर का ख्याल रखो, फिर देश का।” गडकरी ने कहा कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आदर्श मानते हैं, क्योंकि मराठा सम्राट ने लड़ाई लड़ी और जीती, लेकिन पूजा स्थलों को नष्ट नहीं किया या विरोधियों पर अत्याचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने शासनकाल के दौरान सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार किया और वह वास्तव में भारत के धर्मनिरपेक्ष शासक थे।
- अयोध्या. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि महाकुंभ के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के सभागार में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ-2025 के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आश्रय स्थल आदि को लेकर एक समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुम्भ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसमें से अधिकांश श्रद्धालु अयोध्या भी आएंगे। उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धालु रामलला, हनुमानगढ़ी, सूर्यकुंड समेत अनेक मंदिरों व स्थलों पर दर्शन करेंगे। योगी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन दर्शनार्थियों की सुरक्षा, दर्शन-पूजन, आश्रय स्थल आदि को लेकर सारी तैयारी पूर्ण कर ले। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में किसी भी श्रद्धालु को यहां परेशानी नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने स्वच्छता पर जोर दिया और साथ ही यह भी कहा कि यहां अलाव आदि की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने महाकुम्भ के संबंध में अयोध्या में होने वाली तैयारियों को लेकर प्रस्तुतिकरण भी दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए और समीक्षा बैठक में स्थानीय प्रशासन, पुलिस व जिले के आलाधिकारी मौजूद रहे।
- बनिहाल/जम्मू. हिमालय और बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच से गुजरने वाले खंड पर ट्रेन परिचालन का पहला प्रायोगिक परीक्षण शनिवार को सफल रहा। इस ट्रेन को कटरा-बनिहाल खंड पर सफलतापूर्वक चलाया गया जो अगले सप्ताह अंतिम वैधानिक सुरक्षा निरीक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त निरीक्षण के बाद कश्मीर के लिए रेल सेवा शुरू करने को लेकर रिपोर्ट सौंपेंगे।रेलवे ने पिछले महीने पटरी के विभिन्न खंडों पर छह परीक्षण किए हैं, जिनमें भारत का पहला केबल के सहारे बना रेल पुल, अंजी खाद पुल और कौरी में चिनाब नदी पर बना मशहूर मेहराब वाला पुल (आर्क ब्रिज) शामिल है। यह ‘आर्क ब्रिज' दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीएओ) संदीप गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सुरक्षा परीक्षणों के तहत हमने आज का परीक्षण किया। हम इस प्रयोगिक परीक्षण का हिस्सा थे और यह सफल रहा।'' गुप्ता ने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त सात और आठ जनवरी को वैधानिक निरीक्षण और परीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद आयुक्त एक रिपोर्ट सौंपेंगे जो कश्मीर के लिए ट्रेन सेवाएं शुरू करने पर आगे की कार्रवाई का मार्गदर्शन करेगी।'' गुप्ता ने कहा, ‘‘अब तक सब कुछ ठीक रहा है। हम 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कटरा लौटेंगे। जब रेलवे सुरक्षा आयुक्त परीक्षण करेंगे, तो वे 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा करेंगे। यह परीक्षण उसी तैयारी का हिस्सा है।'' कटरा और बनिहाल के बीच ट्रेन के पहले प्रायोगिक परीक्षण ने यात्रियों को रोमांचित कर दिया क्योंकि यह बर्फ से ढके पहाड़ों से होकर गुजरी, जहां प्रकृति की सुंदरता का इंजीनियरिंग के चमत्कार से मिलन हुआ। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन अपराह्न करीब डेढ़ बजे बनिहाल रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यूएसबीआरएल, उत्तर रेलवे और निर्माण कंपनियों के अधिकारियों के साथ गुप्ता ट्रेन पर सवार थे। यूएसबीआरएल परियोजना का लक्ष्य कश्मीर घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच रेल संपर्क स्थापित करना है। अंजी खाद पुल (जिसमें नदी के तल से 331 मीटर की ऊंचाई तक एक एकल खंभा है) यूएसबीआरएल परियोजना के तहत हासिल किया गया इंजीनियरिंग का एक और मील का पत्थर है। अंजी खाद पुल की कुल लंबाई 473.25 मीटर है, जिसमें ‘वायाडक्ट' 120 मीटर है।रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने नवंबर में घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनवरी में यूएसबीआरएल परियोजना के तहत कश्मीर को नई दिल्ली से जोड़ने वाली वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन कर सकते हैं। यूएसबीआरएल के तहत कई चरणों में कुल 272 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का निर्माण किया गया है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कुछ लोग जाति की राजनीति के नाम पर शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं और देश के ग्रामीण इलाकों में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसी साजिशों को विफल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने ग्रामीण भारत महोत्सव का उद्घाटन करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में गांव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग जाति की राजनीति का जहर फैलाकर शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें गांवों की शांति और सद्भाव की विरासत को मजबूत करने के लिए काम करना होगा।''राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए 2014 से उठाए गए कदमों को याद करते हुए मोदी ने एसबीआई की एक शोध रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण भारत में गरीबी 2012 के 26 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत से नीचे आ गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों की उपेक्षा की और आजादी के दशकों बाद भी गांवों को बुनियादी जरूरतों से वंचित रखा गया लेकिन उनकी सरकार गांवों को सशक्त बना रही है और उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो पहले उपेक्षित थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस अवसर पर कहा कि बैंकों ने प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा और प्रधानमंत्री स्वनिधि सहित 16 सरकारी योजनाओं के लिए संतृप्ति अभियान चलाया है। महोत्सव में विभिन्न चर्चाओं, कार्यशालाओं और अन्य माध्यमों से ग्रामीण बुनियादी ढांचे को विकसित करने, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण करने और ग्रामीण समुदायों के भीतर नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इसके उद्देश्यों में वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन देकर पूर्वोत्तर भारत पर विशेष ध्यान देते हुए ग्रामीण आबादी में आर्थिक स्थिरता और वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देना शामिल है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को उद्यमी एवं इन्फोसिस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विशाल सिक्का से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह वास्तव में एक ज्ञानवर्धक बातचीत थी। भारत नवाचार और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एआई में अग्रणी बनने के लिए प्रतिबद्ध है।'' प्रधानमंत्री सिक्का के पोस्ट का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने एआई, भारत पर इसके प्रभाव और आने वाले समय के लिए कई अनिवार्यताओं पर मोदी के साथ अपनी विस्तृत और व्यापक चर्चा पर प्रकाश डाला। सिक्का ने कहा, ‘‘मैं बैठक से प्रेरित और विनम्र होकर लौटा, क्योंकि उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी का हम सब पर क्या प्रभाव पड़ता है, तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ इसका उपयोग किस प्रकार सभी का उत्थान कर सकता है।''
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नयी दिल्ली. पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में एक स्कूल के बाहर 14 वर्षीय छात्र की कथित तौर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह कथित घटना किशोर और कुछ अन्य छात्रों के बीच शुक्रवार को झगड़ा होने के बाद हुई।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यह झगड़ा तब हिंसा में बदल गया जब एक छात्र ने अपने तीन-चार साथियों के साथ मिलकर स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर किशोर पर हमला कर दिया। एक हमलावर ने किशोर की दाहिनी जांघ पर चाकू से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।" अपराधियों को पकड़ने के लिए शकरपुर पुलिस थाने की टीम के साथ-साथ मादक पदार्थ निरोधक दस्ते और 'स्पेशल स्टाफ' की टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने बताया कि अब तक सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनकी भूमिका एवं हत्या करने के उद्देश्यों की जांच की जा रही है। मृतक छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शकरपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। -
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सेना के एक वाहन के खाई में गिरने से तीन सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी कश्मीर जिले में एसके पायन के पास सेना का एक वाहन सड़क से फिसलकर खाई में गिर गया। उन्होंने बताया कि तीन जवानों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
सेना की चिनार कोर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि बांदीपोरा जिले में दायित्व निर्वहन के समय खराब मौसम और कम दृश्यता की स्थिति के कारण भारतीय सेना का एक वाहन फिसलकर खाई में गिर गया। इसने कहा, ‘‘घायल सैनिकों को स्थानीय कश्मीरी लोगों की सहायता से चिकित्सा देखभाल के लिए तुरंत बाहर निकाला गया। हम तत्काल सहायता प्रदान करने वाले नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।'' सेना ने कहा, ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में तीन वीर जवानों की जान चली गई। भारतीय सेना शोकसंतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है।'' जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जवानों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘बांदीपोरा में एक दुखद सड़क दुर्घटना में भारतीय सेना के जवानों की मौत से अत्यंत दुखी हूं। राष्ट्र उनकी सेवा और प्रतिबद्धता के लिए उनका अत्यंत आभारी है। शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' -
नयी दिल्ली. इसरो ने शनिवार को कहा कि ‘पीएसएलवी-सी60 पीओईएम-4 प्लेटफॉर्म' पर अंतरिक्ष में भेजे गए लोबिया के बीज मिशन के प्रक्षेपण के चार दिन के भीतर सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण परिस्थितियों में अंकुरित हो गए हैं। अंतरिक्ष एजेंसी ने सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण स्थितियों में पौधों के विकास का अध्ययन करने के लिए विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के कक्षीय पादप अध्ययन (सीआरओपीएस) प्रयोग के लिए ‘कॉम्पैक्ट रिसर्च मॉड्यूल' के हिस्से के रूप में लोबिया के आठ बीज भेजे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरिक्ष में हुआ जीवन का अंकुरण! ‘पीएसएलवी-सी60 पीओईएम-4' के माध्यम से वीएसएससी के सीआरओपीएस प्रयोग में 4 दिन में लोबिया के बीज सफलतापूर्वक अंकुरित हुए। जल्द ही पत्तियां निकलने की उम्मीद है।'' पीएसएलवी-सी60 मिशन ने 30 दिसंबर की रात दो स्पेडेक्स उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया था। ‘पीओईएम-4' प्लेटफॉर्म को ले जाने वाले रॉकेट का चौथा चरण मंगलवार से 350 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है और इस दौरान कक्षा में 24 प्रयोग किए जा रहे हैं।
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सिंगरौली/ मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक घर के सेप्टिक टैंक से शनिवार शाम को चार शव बरामद किए गए। पुलिस को संदेह है कि यह कई हत्याओं से जुड़ा मामला हो सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि जिस घर से ये शव बरामद किये गये हैं वह जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर स्थित बरगवान पुलिस थाना के क्षेत्र के अंतर्गत है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने बताया कि एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को सेप्टिक टैंक से दुर्गंध आने की सूचना दी। उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और टैंक में चार शव मिले। उन्होंने बताया कि मृतकों में से एक की पहचान घर के मालिक हरि प्रसाद प्रजापति के बेटे सुरेश प्रजापति (30) के रूप में हुई है, जबकि दूसरे की पहचान करण हलवाई के रूप में हुई है। एएसपी ने बताया कि अन्य दो शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सुरेश और करण एक जनवरी को अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए घर आए थे। अधिकारी ने बताया कि संदेह है कि उनकी हत्या परिसर में ही की गई और शवों को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। - -मोदी सरकार द्वारा 10 वर्षों में दिल्ली में 68 हज़ार करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम किए गए-45 करोड़ के खर्च से 50 हजार गज में जो शीशमहल बनाया गया उसका हिसाब आज राजधानी की जनता मांग रही है-जब दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए काम करने का मौका मिला तब यहां विकास पर ध्यान न देकर शीशमहल बनाने का काम किया गया-मोदी जी रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने की जगह ‘स्वनिधि योजना’ से उन्हें सशक्त बना कर सम्मान दे रहे हैं-सभी विपक्ष के नेताओं को सुषमा जी की कार्यशैली से सीखना चाहिए-सुषमा जी के नाम से बने इस भवन में रहने वाली बहनों का नाम एक ऐसी नेत्री से जुड़ रहा है, जो भारत में महिला सशक्तीकरण, जागरूकता व संघर्ष के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रही हैंनई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नई दिल्ली नगर पालिका (NDMC) द्वारा निर्मित नए वर्किंग विमेंस हॉस्टल ब्लाक 'सुषमा भवन' का उद्घाटन व मोती बाग में पशु चिकित्सालय का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल श्री वी के सक्सेना और नई दिल्ली की सांसद बाँसुरी स्वराज सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि सुषमा जी के नाम से बने इस नए वर्किंग विमेंस हॉस्टल भवन में रहने वाली बहनों का नाम एक ऐसी नेत्री से जुड़ रहा है, जो भारत में महिला सशक्तीकरण, जागरूकता व संघर्ष के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रही हैं। इस देश का लोकतांत्रिक इतिहास सुषमा जी को एक संघर्ष करने वाली विपक्ष की नेता के रूप में हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि सुषमा जी ने पिछली सरकार के 12 लाख के घपलों-घोटालों और भ्रष्टाचार को संसद में एक्सपोज़ करने का काम किया था। लोकतंत्र में विपक्ष के नेता के पद के महत्व के उदाहरण के रूप में सुषमा जी को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विपक्ष के नेताओं को सुषमा जी की कार्यशैली से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुषमा जी ने पूरे देश में महिला सशक्तिकरण की अलख जगाई और उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार में विदेश मंत्री के नाते देश की जनता की तकलीफों को समझने वाली विदेश मंत्री के रूप में एक जीवंत उदाहरण पेश किया।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NDMC ने इस भवन के रूप में लगभग 500 वर्किंग विमेन के लिए सुरक्षित निवास की व्यवस्था की है। इस भवन का उद्घाटन, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के अर्बन डेवलपमेंट के विज़न को उजागर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के शहरी विकास को नीतिगत आधार देने का काम किया। मोदी जी ने ग्लोबल स्टैंडर्ड फैसिलिटी पर बल दिया और अर्बन डेवलपमेंट नीति में एक प्रमुख उपकरण के रूप में इसका समावेश किया। मोदी जी ने संचार और सड़क की उत्तम कनेक्टिविटी को अर्बन डेवलपमेंट पॉलिसी का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि पहले शहरों के आस-पास बसे गांवों का किसी भी नीति में कोई समावेश नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने उसे अर्बन डेवलपमेंट नीति में शामिल किया, जिसके कारण पिछले 10 साल में शहरों का परिदृष्य बदला है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने शहरी विकास नीति में ई-गवर्नेंस को प्राथमिकता दी, 100 शहरों को चुनकर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट में Data Driven Approach को शामिल किया। इस अप्रोच के कारण शहरों का न सिर्फ समविकास हुआ है बल्कि विकास को भविष्य की दृष्टि से ज़मीन पर उतारने में भी सफलता मिली है।श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सुरक्षा के लिए कई शहरों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए और सीसीटीवी कैमरा के पूरे नेटवर्क को इनके साथ जोड़ा गया। आने वाले दिनों में AI का उपयोग कर इन कैमरा को बहुद्देश्यीय योजनाओं में उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमृत योजना, 1000 किलोमीटर से लंबे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, इलेक्ट्रिक व्हीकल की पहल और पर्यावरण अनुकूल सौर ऊर्जा के लिए पीएम-सूर्यघर योजना की शुरूआत भी मोदी जी ने की। श्री शाह ने कहा कि शहरों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण, अर्बन डेवलपमेंट पॉलिसी के दो महत्वपूर्ण बिंदु बनाए गए। इनके लिए स्वच्छ भारत अभियान, अर्बन वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी, ग्रीन एनर्जी, सोलर रूफटॉप प्रोजेक्ट जैसी कई पहल की गईं। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75 साल बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी जी ने रेहड़ी-पटरी वालों के लिए न सिर्फ जगह सुन्श्चित की बल्कि स्वनिधि योजना के माध्यम से उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने और ऋण लेने का अधिकार भी दिया।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नौकरी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन के शिकार युवाओं को स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से स्वरोजगार के साथ जोड़कर उन्हें सशक्त करने का काम किया गया। मोदी सरकार की नीतियों के कारण सभी शहरों के बीच स्वच्छता रैंकिंग स्पर्धा और क्लाइमेट स्मार्ट सिटी फ्रेमवर्क के कारण एक स्वच्छ स्पर्धा शुरू हुई। श्री शाह ने कहा कि शहरी विकास नीति के सभी आयामों को एकीकृत कर इसे परिणामोन्मुखी बनाया गया और दीर्घकालीन विज़न के साथ भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करने वाले विकास का रोडमैप बनाया गया जो हमारे शहरों को ग्लोबल सिटीज़ की सूची में शामिल करने में मदद करेगा।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 साल में दिल्ली के विकास के लिए 68 हज़ार करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम किए गए हैं। मोदी सरकार ने मोदी सरकार ने दिल्ली में सड़कों के लिए 41 हज़ार करोड़ रुपये, रेलवे से संबंधित 15 हज़ार करोड़ रुपये और हवाईअड्डे और उसके आसपास की सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 12 हज़ार करोड़ रुपये के काम किए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 8 हज़ार करोड़ रूपए खर्च हुए और अब 45 मिनट में दिल्ली से मेरठ पहुंचा जा सकता है। दिल्ली से मुंबई की 24 घंटों की यात्रा को 12 घंटे में पूरा करने के लिए हाईस्पीड क़ॉरीडोर बनाया जा रहा है, 7500 करोड़ रुपये की लागत से द्वारका एक्सप्रेसवे, 11 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, 7715 करोड़ रुपये की लागत से अर्बन एक्सटेंशन रोड, 920 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांज़िट कॉरीडोर और 30 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस रेल गलियारा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में 7000 सीट का कन्वेंशन सेंटर और 3000 सीटों वाला एम्फीथियेटर बना, 5400 करोड़ रुपये की लागत से यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, 250 करोड़ रुपये की लागत से द्वारका गोल्फ कोर्स, 92 करोड़ रुपये की लागत से द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। पीएम-उदय योजना के तहत 1731 कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर 40 लाख गरीबों को मालिकाना हक देने की योजना के साथ ही झुग्गीवासियों को फ्लैट देने की योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में 29 हज़ार मकान और लगभग 354 करोड़ से 3000 EWS फ्लैट्स बनाए गए। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में नया वीर सावरकर कॉलेज, प्रधानमंत्री संग्रहालय, पुलिस स्मारक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और एक्स्पो सेंटर का विकास, ऑक्सीजन पार्क और कई ग्रीन पहलें की गईं हैं।श्री अमित शाह ने दिल्लीवासियों के 45 करोड़ के खर्च से 50 हज़ार गज़ क्षेत्र में दिल्ली में एक शीशमहल बनाए जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी की जनता इसका हिसाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 10 साल काम करने का मौका मिला तब यहां विकास पर ध्यान न देकर शीशमहल बनाने का काम किया गया।
- -श्री चौहान ने राज्यों के मंत्रियों से बजट के संबंध और जारी योजनाओं के सुधार के संबंध में सुझाव मांगे-नए वर्ष में नए संकल्पों के साथ कृषि विकास व किसान कल्याण के कामों को हम तेज गति से आगे बढ़ाएंगे: श्री चौहान-इस वर्ष कृषि क्षेत्र व संबद्ध क्षेत्र की विकास दर साढ़े 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना : केंद्रीय मंत्री-सरकार ने फैसला किया है कि सैटेलाइट बेसड यानी रिमोट सेंसिंग के माध्यम से अब फसल के नुकसान का सही व सटीक आकलन होगा : श्री चौहान-उत्पादक और उपभोक्ता राज्यों के बीच मूल्य का अंतर पाटने के लिये सरकार ने परिवहन और भंडारण का खर्च वहन करने का निर्णय लिया है: श्री शिवराज सिंह चौहाननई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्रालय के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नए वर्ष में नए संकल्पों के साथ कृषि विकास व किसान कल्याण के कामों को हम तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीन से कहा था कि मैं तीसरे टर्म में तीन गुना ताकत से काम करूंगा, हम भी संकल्प लें कि अपनी पूरी क्षमता से काम में जुटेंगे। श्री चौहान ने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस वर्ष कृषि क्षेत्र व संबद्ध क्षेत्र की विकास दर साढ़े 3 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इसके लिए मैं अपने किसान भाइयों और सभी राज्यों के मंत्रियों को बधाई देता हूं क्योंकि आप सभी के परिश्रम से ही यह परिणाम आते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसान कल्याण और कृषि क्षेत्र में विकास की हमारी 6 सूत्रीय रणनीति है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उत्पादन बढ़ाना - प्रति हेक्टेयर या प्रति एकड़ उत्पादन कैसे बढ़ सकता है यह सरकार की रणनीति है, उसके लिए आईसीएआर लगातार रिसर्च करके उन्नत बीजों की किस्म को जारी करता है। सूक्ष्म सिंचाई योजना, मैकेनाइजेशन, तकनीक का प्रयोग, नई कृषि पद्धतियां आदि अनेकों दिशा में हम काम कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन की लागत कैसे घटे? आय को तेजी से बढ़ाने के लिए उत्पादन की लागत कम करने होगी आदि पर काम कर रहे हैं।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि प्रारंभ की है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि अब तक 11 करोड़ किसानों को 18 किश्तों में 3.46 लाख करोड़ रुपये (3 लाख 46 हजार करोड़ रुपये) की राशि वितरित की गई है।मोदी जी के तीसरे कार्यकाल के प्रथम 100 दिनों में 25 लाख से ज्यादा पात्र किसानों जोड़ा गया।18वीं किश्त का लाभ लेने वालों की संख्या बढ़कर 9.58 करोड़ (9 करोड़ 58 लाख) हुई।उन्होंने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है। इसमें ऋणी आवेदन 876 लाख हैं और गैर-ऋणी आवेदन 552 लाख हैं। कुल 14.28 करोड़ (14 करोड़ 28 लाख) किसानों ने आवेदन किया है, 602 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीमित है और सकल बीमित राशि 2,73,049 करोड़ रुपये (2 लाख 73 हजार 049 करोड़ रुपये) है। 4 करोड़ किसानों को योजना से लाभ मिला है। योजना के प्रारंभ से अब तक 17 हज़ार करोड रुपए क्लेम के रूप में किसान भाइयों को दिया जा चुका है।श्री चौहान ने बताया कि कहा कि हमारे यहां उत्पादन की लागत घटाने के लिए फर्टिलाइजर पर सब्सिडी की व्यवस्था है पिछले साल1लाख 95 हज़ार करोड रुपए खर्च हुए थे। कैबिनेट ने 1 जनवरी को फैसला लिया है कि फसल बीमा योजना में पहले से जो 66हज़ार करोड रुपए का प्रावधान था उसे बढ़ाकर 69 हज़ार करोड रुपए से ज्यादा कर दिया गया है। फर्टिलाइजर सब्सिडी जैसे DAP अब 1350 रुपए कीमत पर प्रति 50 किलो ग्राम की बोरी मिलेगी, इसके liye 3800 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसान क्रेडिट पर कम ब्याज पर कर्ज की व्यवस्था से लेकर अनेकों उपाय किए गए हैं। किसानों को अपने उत्पादन का ठीक दाम मिले इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि गेहूं और चावल जितना भी आता है उसे एमएसपी पर खरीदने की व्यवस्था की जाती है। 2014-15 से 2024 25 तक 7 हजार 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है और 71 करोड़ 75 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 1,60,818.63 मीट्रिक टन (1 लाख 60 हजार 818 मीट्रिक टन) तिलहन, दालें और कोपरा की खरीदी की गई। 2014-15 से 2024-25 तक 3,338 लाख (33 करोड़ 38 लाख) मीट्रिक टन गेहूँ खरीदा गया जिसके लिये 2.83 करोड़ (2 करोड़ 83 लाख) किसानों को 6.04 लाख करोड़ (6 लाख 4 हजार करोड़) रुपये MSP दी गई। 2019-20 से 2024-25 तक 3.6 लाख (3 लाख 60 हजार) मीट्रिक टन मक्का खरीदा गया जिसकी MSP 660 करोड़ रुपये है। 2019-20 से 2024-25 तक 41.19 लाख (41 लाख 19 हजार) मीट्रिक टन मोटे अनाज (श्रीअन्न) की खरीदी की गई जिसकी MSP 12,153 करोड़ (12 हजार 153 करोड़) रुपये है। 2014-15 से 2024-25 तक 171 लाख मीट्रिक टन दाल की खरीदी की गई, जिसके लिये 94.51 लाख (94 लाख 51 हजार) किसानों को 91,892 करोड़ (91 हजार 892 करोड़) रुपये MSP दी गई। MSP के तहत 1,588.48 करोड़ रुपये (1 हजार 588 करोड़) का भुगतान किया गया, जिससे 1,33,358 (1 लाख 33 हजार 358) किसान लाभान्वित हुए।उन्होंने बताया कि एग्री इंफ्रा फंड के तहत ऋण देने वाले संस्थान 1 लाख करोड़ रुपये का ऋण देंगे। 2024 तक 85,314 करोड़ (85 हजार 314 करोड़) परियोजनाओं के लिये 51,783 करोड़ (51 हजार 783 करोड़) रुपये की स्वीकृति दी गई है।इसमें 39,148 करोड़ (39 हजार 148 करोड़) रुपये योजना लाभों के अंतर्गत कवर किया गया है। स्वीकृत परियोजनाओं से कृषि क्षेत्र में 85,208 करोड़ (85 हजार 208 करोड़) रुपये का निवेश जुटाया गया है।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फसल के भी विधिकरण के लिए भी ध्यान देना आवश्यक है। राज्य भी इस दिशा में अपनी तरफ से बेहतर प्रयास कर रहे हैं। अनाज हो या हॉर्टिकल्चर इनमें लगातार उत्पादन बढ़ा है। खाद्यान्न उत्पादन 2013-14 में 265.05 मिलियन टन था, जो 2023-24 में बढ़कर 328.85 मिलियन टन हो गया। साथ ही बागवानी उत्पादन 352.23 मिलियन टन दर्ज किया गया। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत 1.38 लाख (1 लाख 38 हजार) हेक्टेयर क्षेत्र में पाम ऑइल की खेती को बढ़ावा देने के लिये केंद्रीय हिस्से के रूप में 15 राज्यों को 99,311.36 लाख (993 करोड़ 11 लाख 36 हजार) रुपये की राशि आवंटित करने की मंजूरी।श्री चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है हम सब उसके लिए लगातार प्रयत्न कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक और अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत अनियंत्रित केमिकल फ़र्टिलाइज़र के प्रयोग से जो धरती को नुकसान हो रहा है उसके लिए प्राकृतिक खेती मिशन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में कैबिनेट ने स्वीकृति दी है, उसे हम सबको मिलकर प्रारंभ करना है। श्री चौहान ने कहा कि आज की बैठक का मुख्य फोकस दो चीजों पर है राज्यों में कृषि के विषयों पर चर्चा के लिए आप सभी का मैं स्वागत करता हूं । हर मुद्दे पर बात करने के लिए मैं आपको आमंत्रित करता हूं आज की बैठक का मुख्य उद्देश्य है कि हम अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आने वाले बजट में सुझाव दें। उसके लिए किसानों और स्टेक होल्डर से भी बात की है। कृषि मंत्री किसानों की समस्याओं के बारे में बेहतर ढंग से बता सकते हैं। बजट के संबंध और जारी योजनाओं के अंतर्गत कोई सुझाव व संशोधन की आवश्यकता हो तो उसके संबंध में आवश्यक सुझाव दें।बैठक के दौरान श्री चौहान ने SBI की वित्तीय वर्ष 2024 में पहली बार ग्रामीण गरीबी दर 5% से नीचे होने की रिपोर्ट पर खुशी जताते हुए चर्चा की। सर्वेक्षण के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में ग्रामीण गरीबी 4.86 प्रतिशत होने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2023 में 7.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2012 की बात करें तो 25.7 प्रतिशत से तेज गिरावट है। इसी तरह, शहरी गरीबी वित्त वर्ष 2024 में घटकर 4.09 प्रतिशत हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह 4.6 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2012 में 13.7 प्रतिशत थी। हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि पिछले दस साल में 23 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं।उन्होंने फसल बीमा योजना के संबंध में बताया कि पहले क्रॉप कटिंग मैन्युअल से नुकसान का आकलन होता था। सरकार ने फैसला लिया है कि इसे अब सैटेलाइट बेसड यानी रिमोट सेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। इससे फसल के नुकसान का सही व सटीक आकलन होगा और डीबीटी के माध्यम से उचित समय पर राशि हस्तांतरित की जाएगी, अगर कोई बीमा कंपनी क्लेम देने में विलंब करेगी तो उसे राशि पर 12% ब्याज देना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र अपने हिस्से की राशि तत्काल देगा। उन्होंने राज्यों से अपील करते हुए कहा कि वह भी ऐसी स्थिति में तत्काल पैसा देने का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों में मौसम आधारित फसल के लिए भी कई इंतजाम किए जा रहे हैं और किसानों के हितों में पिछले दिनों में कई फैसले किए गए हैं।उन्होंने बताया कि टॉप (टमाटर, प्याज और आलू) फसलों के मामले में, कटाई के चरम समय के दौरान उत्पादक और उपभोक्ता राज्यों के बीच मूल्य का अंतर पाटने के लिये सरकार ने केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा किये गए कामों के लिये परिवहन और भंडारण का खर्च वहन करने का निर्णय लिया है।तिलहनों के विकल्प के रूप में मूल्य घाटा भुगतान योजना के क्रियान्वयन के लिये राज्य आगे आयें, इसके लिये कवरेज को तिलहनों के राज्य उत्पादन के मौजूदा 25% से बढ़ाकर 40% किया गया है। अवधि को भी 3 महीने से 4 महीने किया गया है। 2024-25 के लिये सोयाबीन में मॉइश्चर सीमा 12% से बढ़ाकर 15% की गई। 6 राज्यों से अब तक 11.41 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदी गई है और यह अब भी जारी है।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी आत्मा है, किसानों की सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा है। यही मानकर कृषि विभाग आप सभी राज्यों के सहयोग से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि बजट के बारे में, योजनाओं में सुधार आदि के संबंध में मिलकर सुझावों को साझा करें और उस दिशा में हम मिलकर कदम आगे बढ़ाएं।
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वलसाड. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को गुजरात के वलसाड जिले की धरमपुर तालुका में एक पशु चिकित्सा महाविद्यालय की आधारशिला रखी और एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। आरएसएस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, भागवत ने सबसे पहले धरमपुर में श्रीमद राजचंद्र मिशन के परिसर का दौरा किया। इस दौरान मिशन के आध्यात्मिक गुरु गुरुदेवश्री राकेशजी भी मौजूद थे।
विज्ञप्ति में बताया गया कि भागवत ने पशु चिकित्सा महाविद्यालय की आधारशिला रखी और फिर धरमपुर में श्रीमद राजचंद्र अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्घाटन किया। विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी प्रकार की बीमारियों के निदान एवं उपचार के लिए आयोजित इस चार दिवसीय शिविर में दुनिया भर से करीब 150 चिकित्सक निशुल्क सेवाएं देंगे। विज्ञप्ति में बताया गया कि भागवत ने धरमपुर के बारुमल गांव में सद्गुरुधाम का भी दौरा किया और आध्यात्मिक गुरु स्वामी विद्यानंद सरस्वती से चर्चा की। -
आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने नकली घी बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारकर भारी मात्रा में नकली घी बरामद किया है। पुलिस को ताजगंज के शमसाबाद रोड स्थित इस अस्थायी फैक्टरी से भारी मात्रा में अमूल ब्रांड के नकली घी की मेरठ के लिए आपूर्ति होने की सूचना मिली थी। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी)- सिटी सूरज राय ने संवाददाताओं को बताया कि फैक्टरी में अमूल सहित कई नामचीन ब्रांड का नकली घी तैयार किया जा रहा था। फैक्टरी से 18 ब्रांड के 'लेबल' मिले हैं जिनमें घी भरकर उसकी आपूर्ति की जाती थी। फैक्टरी से घी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा यूरिया और कई अन्य रसायन सहित अन्य सामान भी मिला है।
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नयी दिल्ली. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने स्तन कैंसर के इलाज के लिए एक उन्नत 'इंजेक्टेबल हाइड्रोजेल' विकसित किया है जिसके दुष्प्रभाव काफी कम हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आईआईटी-गुवाहाटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक इस उन्नत इंजेक्शन के जरिये दिये जाने वाले 'हाइड्रोजेल' के दुष्प्रभाव कैंसर के पारंपरिक उपचारों से जुड़े दुष्प्रभावों की तुलना में काफी कम हैं। बोस इंस्टीट्यूट-कोलकाता के सहयोग से किए गए इस शोध को रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री की पत्रिका 'मैटेरियल्स होराइजन्स' में प्रकाशित किया गया है। आईआईटी-गुवाहाटी के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर देबप्रतिम दास ने कहा कि कैंसर दुनिया भर में लाखों रोगियों को प्रभावित कर रहा है, लेकिन कीमोथेरेपी और सर्जिकल उपचार पद्धति जैसे मौजूदा उपचारों की कड़ी सीमाएं होती हैं। प्रोफेसर दास ने कहा, ‘‘ ट्यूमर को शल्य चिकित्सा द्वारा हटाना कभी-कभी संभव नहीं होता, विशेष रूप से आंतरिक अंगों के लिए, जबकि कीमोथेरेपी की प्रणालीगत प्रक्रिया अपनाए जाने से अक्सर कैंसरग्रस्त और स्वस्थ दोनों कोशिकाओं पर प्रभाव पड़ने के कारण हानिकारक दुष्प्रभाव उत्पन्न होते हैं। हमने एक हाइड्रोजेल डिजाइन करके इन चुनौतियों का समाधान किया है, जो ट्यूमर वाले स्थान पर दवाओं को सटीक रूप से पहुंचाता है, जिससे लक्षित कोशिकाओं का इलाज सुनिश्चित होता है।'' हाइड्रोजेल जल-आधारित, त्रि-आयामी बहुलक नेटवर्क हैं जो तरल पदार्थ को अवशोषित करने और बनाए रखने में सक्षम हैं। उनकी अनूठी संरचना जीवित ऊतकों की नकल करती है, जिससे वे जैव-चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बन जाते हैं।
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महाकुम्भ .प्रयागराज में संगम पर महाकुम्भ की शुरुआत से पहले मेला क्षेत्रों के दुकानदार नेपाल, वाराणसी और मथुरा-वृंदावन से मंगाई गई पूजा सामग्री, पत्र-पंचांग, रुद्राक्ष, तुलसी की माला और पवित्र ग्रंथों सहित आवश्यक धार्मिक वस्तुओं को जमा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि महाकुम्भ-2025 की तैयारियां जोरों पर हैं और आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए तेजी से प्रयास चल रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों की गणना के अनुसार ग्रह नक्षत्रों के विशिष्ट संयोग से इस वर्ष प्रयागराज में 144 वर्ष बाद पड़ने वाले महाकुम्भ का आयोजन होने जा रहा है। महाकुम्भ-2025, 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हो कर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान के साथ इसका समापन होगा। मेले के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। महाकुम्भ का इंतजार न केवल साधु-संन्यासी, कल्पवासी, श्रद्धालु बल्कि प्रयागराजवासी भी बेसब्री से कर रहे हैं। महाकुम्भ में संगम, मेला क्षेत्र और प्रयागराज के दुकानदार पूजा सामग्री, पत्र-पंचांग, धार्मिक पुस्तकें, रुद्राक्ष और तुलसी की मालाओं को नेपाल, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन से मंगवा रहे हैं। महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालु लौटते समय अपने साथ संगम क्षेत्र से धार्मिक पुस्तकें, पूजन सामग्री, रोली-चंदन और मालाएं जरूर ले जाते हैं। महाकुम्भ, सनातन आस्था का महापर्व है। इस अवसर पर सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोग देश के कोने-कोने से प्रयागराज आते हैं और त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य के भागी बनते हैं। इस वर्ष महाकुम्भ के अवसर पर 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज में आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने, उनके स्नान करने और रहने की व्यवस्थाओं का प्रबंध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश पर मेला प्राधिकरण पूरे जोश और उत्साह के साथ कर रहा है। साथ ही प्रयागराजवासी और यहां के दुकानदार, व्यापारी भी महाकुम्भ को लेकर उत्साहित हैं। महाकुम्भ उनके लिए पुण्य और सौभाग्य के साथ व्यापार और रोजगार के अवसर भी लेकर आया है। पूरे शहर में होटल, रेस्तरां, खाने-पीने की दुकानों के साथ पूजा सामग्री, धार्मिक पुस्तकों, माला-फूल की दुकानें भी सजने लगी हैं। थोक व्यापारियों का कहना है कि महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं के अनुमान के मुताबिक दूसरे शहरों से सामान मंगवाया जा रहा है। रुद्राक्ष की मालाएं उत्तराखंड और नेपाल से तो तुलसी की मालाएं मथुरा-वृंदावन से, रोली, चंदन और अन्य पूजन सामग्री वाराणसी और दिल्ली के पहाड़गंज से मंगवाई जा रही हैं। प्रयागराज के दारागंज में धार्मिक पुस्तकों के विक्रेता संजीव तिवारी का कहना है कि सबसे ज्यादा गीता प्रेस, गोरखपुर से छपी धार्मिक पुस्तकों की मांग होती है। अधिकांश श्रद्धालु राम चरित मानस, भागवत् गीता, शिव पुराण और भजन व आरती संग्रह की मांग करते हैं। इसके अलावा पूजा-पाठ का काम करने वाले पुजारी वाराणसी से छपे हुए पत्र और पंचाग भी खरीद कर ले जाते हैं। इसके अलावा मुरादाबाद और वाराणसी में बनी पीतल और तांबें की घंटियां, दीपक, मूर्तियां भी मंगवाई जा रही है। मेले में कल्पवास करने वाले श्रद्धालु और साधु-संन्यासी पूजा-पाठ के लिए हवन सामग्री, आसन, गंगाजली, दोने-पत्तल, कलश आदि की मांग करते हैं। जिसे भी बड़ी मात्रा में दुकानदार अपनी दुकानों में मंगवा कर जमा कर रहे हैं।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में रोजगार पिछले 10 साल में 36 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 64.33 करोड़ रहा है। जबकि 2014-15 में यह 47.15 करोड़ था। यह राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार के कार्यकाल के दौरान रोजगार सृजन की स्थिति में सुधार को दर्शाता है। मंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के तहत 2004 से 2014 के बीच रोजगार में लगभग सात प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के दौरान 2004 से 2014 के बीच सिर्फ 2.9 करोड़ अतिरिक्त नौकरियां सृजित हुईं, जबकि नरेन्द्र मोदी सरकार के तहत 2014-24 के बीच 17.19 करोड़ नौकरियां जोड़ी गईं। मंत्री ने कहा कि केवल पिछले एक साल (2023-24) में, देश में लगभग 4.6 करोड़ नौकरियां सृजित हुई हैं।
देश में रोजगार सृजन को लेकर सरकार पर दबाव के बीच यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है।
मांडविया ने कृषि क्षेत्र के बारे में कहा कि संप्रग कार्यकाल के दौरान 2004 से 2014 के बीच रोजगार में 16 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि राजग कार्यकाल के तहत 2014 से 2023 के बीच इसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह, संप्रग कार्यकाल में 2004 से 2014 के बीच विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सिर्फ छह प्रतिशत बढ़ा, जबकि राजग कार्यकाल में 2014-2023 के बीच इसमें 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि संप्रग कार्यकाल के दौरान 2004 से 2014 के बीच सेवा क्षेत्र में रोजगार 25 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मोदी कार्यकाल के दौरान 2014 से 2023 के बीच इसमें 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मांडविया ने यह भी कहा कि बेरोजगारी दर घटकर 2023-24 में 3.2 प्रतिशत पर आ गई जो 2017-18 में छह प्रतिशत थी। वहीं रोजगार दर यानी कामकाजी आबादी अनुपात बढ़कर 2023-24 में 58.2 प्रतिशत हो गया, जो 2017-18 में 46.8 प्रतिशत था। इसी तरह, श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) बढ़कर 2023-24 में 60.1 प्रतिशत हो गई जो 2017-18 में 49.8 प्रतिशत थी। मंत्री ने संगठित क्षेत्र में नौकरी में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या में वृद्धि के बारे में यह भी कहा कि पिछले सात साल में (सितंबर 2017-सितंबर 2024 के बीच) 4.7 करोड़ से अधिक युवा (आयु 18-28 वर्ष) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े। -
ठाणे. महाराष्ट्र के ठाणे में अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लादेश की तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को वर्तक नगर इलाके में छापे मारे थे और उसी दौरान उन्हें एक कमरे में बांग्लादेश की तीन महिलाएं मिलीं थीं। वर्तक नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि ये महिलाएं एक होटल में ‘वेटर' के तौर पर काम रही थीं और उनके पास भारत में प्रवेश करने और यहां रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। अधिकारी ने बताया कि इन महिलाओं की उम्र 22 से 45 वर्ष है और उनके खिलाफ पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम तथा विदेशी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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नयी दिल्ली. भारत के 440 जिलों के भूजल में ‘नाइट्रेट' उच्च स्तर पर पाया गया है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) ने एक ‘रिपोर्ट' में यह जानकारी देते हुए बताया कि एकत्र किए गए नमूनों में से 20 प्रतिशत में ‘नाइट्रेट' की सांद्रता अनुमेय सीमा से अधिक है। ‘नाइट्रेट' संदूषण पर्यावरण और स्वास्थ्य के मद्देनजर गंभीर चिंता का विषय है, खास कर उन क्षेत्रों में जहां ‘नाइट्रोजन' आधारित उर्वरकों एवं पशु अपशिष्ट का उपयोग किया जाता है। ‘वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट - 2024' से यह भी पता चला कि 9.04 प्रतिशत नमूनों में ‘फ्लोराइड' का स्तर भी सुरक्षित सीमा से अधिक था, जबकि 3.55 प्रतिशत नमूनों में ‘आर्सेनिक' संदूषण पाया गया। मई 2023 में भूजल की गुणवत्ता की जांच के लिए देश भर में कुल 15,259 निगरानी स्थानों को चुना गया। इनमें से 25 प्रतिशत कुओं (बीआईएस 10500 के अनुसार सबसे अधिक जोखिम वाले) का विस्तार से अध्ययन किया गया। पुनर्भरण से गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी लेने के लिए मानसून से पहले और बाद में 4,982 स्थानों से भूजल का नमूना लिया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि जल के 20 प्रतिशत नमूनों में नाइट्रेट की सांद्रता 45 मिलीग्राम प्रति लीटर (एमजी/एल) की सीमा को पार कर गई, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा पेयजल के लिए निर्धारित सीमा है। राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 प्रतिशत से अधिक नमूनों में नाइट्रेट सीमा से ऊपर था, जबकि महाराष्ट्र के नमूनों में संदूषण 35.74 प्रतिशत, तेलंगाना में 27.48 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 23.5 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 22.58 प्रतिशत था। उत्तर प्रदेश, केरल, झारखंड और बिहार में संदूषण का प्रतिशत कम पाया गया।
अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड में सभी नमूने सुरक्षित सीमा के भीतर थे। जीडब्ल्यूबी ने कहा कि, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में ‘नाइट्रेट' का स्तर 2015 से स्थिर बना हुआ है। हालांकि, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और हरियाणा में 2017 से 2023 तक संदूषण में वृद्धि देखी गई है। उच्च ‘नाइट्रेट' स्तर शिशुओं में ‘ब्लू बेबी सिंड्रोम' जैसी स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है और यह पानी पीने के लिए असुरक्षित है। भारत में 15 ऐसे जिले चिन्हित किए गए जहां भूजल में नाइट्रेट उच्च स्तर में पाया गया। इसमें राजस्थान में बाड़मेर, जोधपुर, महाराष्ट्र में वर्धा, बुलढाणा, अमरावती, नांदेड़, बीड, जलगांव और यवतमाल, तेलंगाना में रंगारेड्डी, आदिलाबाद और सिद्दीपेट, तमिलनाडु में विल्लुपुरम, आंध्र प्रदेश में पलनाडु और पंजाब में बठिंडा शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भूजल में नाइट्रेट का बढ़ता स्तर अत्यधिक सिंचाई का परिणाम हो सकता है, जो संभवत: उर्वरकों में मौजूद नाइट्रेट को मिट्टी में गहराई तक पहुंचा सकता है। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ‘फ्लोराइड' की अधिक सांद्रता एक बड़ी चिंता का विषय है। इसमें कहा गया है कि गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों के मैदानी इलाकों वाले राज्यों में आर्सेनिक का स्तर अधिक पाया गया है। ये राज्य पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और मणिपुर हैं। पंजाब के कुछ हिस्सों में और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के पानी में भी आर्सेनिक का स्तर अधिक पाया गया है। लंबे समय तक फ्लोराइड और आर्सेनिक संदूषकों के संपर्क में रहने से गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। फ्लोराइड के संदूषण से फ्लोरोसिस और आर्सेनिक के संदूषण से कैंसर या त्वचा के घाव हो सकते हैं। भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट में एक बड़ी चिंता कई क्षेत्रों में यूरेनियम का ऊंचा स्तर भी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राजस्थान के 42 प्रतिशत नमूनों में और पंजाब के 30 प्रतिशत नमूनों में यूरेनियम का संदूषण पाया गया। यूरेनियम के लगातार संपर्क में रहने से गुर्दों को नुकसान हो सकता है। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी यूरेनियम का सांद्रण भूजल में अधिक पाया गया है।

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