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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन-दिनों की अमरीका-यात्रा पर कल सवेरे रवाना होंगे। इस दौरान वे कई उच्च स्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और भविष्य के संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
श्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के गृहनगर डेलावेयर में क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेकर अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे। उनका क्वाड समूह के अन्य सदस्यों के नेताओं और श्री बाइडन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने का भी कार्यक्रम है। इसके बाद, श्री मोदी न्यूयॉर्क जाएंगे और रविवार को भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत करेंगे।वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच अधिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए शीर्ष अमरीकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत करेंगे। अपनी इस यात्रा के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भविष्य के शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। शिखर सम्मेलन का विषय है – बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान। -
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से भारत-नेपाल मैत्री यात्रा पर्यटक रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रेल के माध्यम से पर्यटक भारत और नेपाल सीमा पर स्थित धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे।
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन-आईआरसीटी द्वारा शुरू किए गये इस यात्रा पैकेज में पर्यटक भारत और नेपाल के विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। 10 दिन के सफर के दौरान यात्री भारत में अयोध्या, वाराणसी, सीतामढ़ी और नेपाल में जनकपुर, काठमांडू और पोखरा के धार्मिक स्थलों के साथ ही ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर सकेंगे। पर्यटकों की सुविधा और उनके अनुभव को यादगार बनाने के लिए आई आर सी टी सी के टूर मैनेजर भी इस यात्रा में यात्रियों के साथ रहेंग। इस अनूठी पर्यटन पहल से भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक संबंध में और मजबूती आयेगी। - नई दिल्ली। दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 मार्केट में एक तेज रफ्तार कार ने नियंत्रण खोकर कई लोगों को टक्कर मार दी, जिससे कई लोग घायल हो गए. इस दर्दनाक घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो विवेक विश्वनाथन नाम के व्यक्ति द्वारा साझा किया गया है, जिसमें उनकी पत्नी को पीछे से एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी. उस समय वे दोनों मयूर विहार के भीड़भाड़ वाले बाजार में खरीदारी कर रहे थे. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार कैसे तेजी से चलती हुई आई और उनकी पत्नी को बुरी तरह से टक्कर मार दी.विश्वनाथन ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "यह वह वीडियो है, जिसमें मेरी पत्नी को बुरी तरह से टक्कर मारी गई, जब हम दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 मार्केट में खरीदारी कर रहे थे. इस हादसे ने हमारी शांति भरी जिंदगी को पूरी तरह से हिला कर रख दिया."हालांकि, विश्वनाथन ने बाद में अपडेट किया कि उनकी पत्नी अब धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इस हादसे के बाद के तीन दिन बहुत कठिन थे, लेकिन अब उनकी पत्नी की हालत में सुधार हो रहा है. इसके साथ ही, उन्होंने तेज़ रफ्तार से गाड़ी चलाने वाले चालक को सज़ा दिलाने में आने वाली कानूनी मुश्किलों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा, "कानून इतने सख्त नहीं हैं कि ऐसे लापरवाह चालकों को सजा दी जा सके." इस हादसे ने न सिर्फ विश्वनाथन के परिवार को बल्कि कई अन्य लोगों को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया. बाजार में मौजूद अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
- श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शुक्रवार को चुनाव ड्यूटी के लिए जा रही सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक बस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से जवानों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए चुनाव ड्यूटी पर जा रहे बीएसएफ जवानों को ले जा रही एक बस मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के वाटरहाल इलाके में एक खाई में गिर गई. इस हादसे में 3 जवानों की जान चली गई, जबकि 32 अन्य जवान घायल हो गए.घायलों में से 6 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. सभी घायल जवानों को पास के एसडीएच खान साहिब और बडगाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह हादसा बडगाम के ब्रेल वाटरहेल इलाके में हुआ, जब बस अचानक सड़क से फिसल गई और गहरी खाई में जा गिरी. बस में कुल 35 जवान सवार थे, जो जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए ड्यूटी पर तैनात थे. हादसे में बस का चालक भी घायल हो गया.हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया. स्थानीय पुलिस भी समय पर मौके पर पहुंची और जवानों को बस से बाहर निकाला. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जल्द ही घटनास्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया.कैसे हुआ हादसाजानकारी के मुताबिक, यह हादसा तब हुआ जब बस पुलवामा से बडगाम जा रही थी. हादसा उस समय हुआ जब बस अपने गंतव्य से केवल 600 मीटर की दूरी पर थी. माना जा रहा है कि बस के अचानक फिसलने के कारण यह दुर्घटना हुई, जिससे जवानों को गंभीर चोटें आईं. अभी तक की जानकारी के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है.
- इंदौर (मध्यप्रदेश), । सड़कों पर वाहनों की बड़ी तादाद के कारण वायु प्रदूषण की चुनौतियों से जूझ रहा देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर 22 सितंबर (रविवार) को ‘नो कार डे’ मनाएगा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दिन कार के बजाय परिवहन के अन्य साधनों का इस्तेमाल करें। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि शहर में ‘नो कार डे’ पर पर्यावरण के लिए अनुकूल हरित ऊर्जा और लोक परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा।महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक अध्ययन के हवाले से बताया कि पिछले साल ‘नो कार डे’ पर शहर की सड़कों पर 12 फीसद कारें कम चलीं जिससे करीब 80,000 लीटर ईंधन की बचत हुई, सल्फर मोनो ऑक्साइड का उत्सर्जन 5.5 फीसद कम हुआ और कुल मिलाकर 18 प्रतिशत वायु प्रदूषण घटा।भार्गव ने शहर के नागरिकों से अपील की कि वे पिछले वर्ष की सफलता को ध्यान में रखते हुए ‘नो कार डे’ पर अपनी कार के बजाय साइकिल, ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों का इस्तेमाल करें।मध्यप्रदेश विधानसभा में मार्च 2023 में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया था कि 31 जनवरी 2023 को इंदौर में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 21,61,300 थी जिनमें 3,38,353 कारें शामिल हैं।अधिकारियों का अनुमान है कि शहर में हर रोज चार लाख से ज्यादा कारें चलती हैं जिनमें बाहर से आने-जाने वाली कारें शामिल हैं।वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए काम करने वाले वैश्विक गठजोड़ ‘क्लीन एयर कैटलिस्ट’ के अध्ययन के मुताबिक इंदौर में हवा की गुणवत्ता बिगाड़ने में वाहनों के प्रदूषण और सड़क पर उड़ने वाली धूल की सर्वाधिक 70 फीसद हिस्सेदारी है। क्लीन एयर कैटलिस्ट के वरिष्ठ वायु गुणवत्ता वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश दुरईस्वामी के मुताबिक,“हम देख रहे हैं कि वाहनों का धुआं शहर में वायु की गुणवत्ता बिगाड़ रहा है। ‘नो कार डे’ जैसी पहल में भाग लेने से हमें परिवहन के वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल और शहर का वायु प्रदूषण घटाने का मौका मिलेगा।’’
- नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एसजेवीएन ने वर्ष 2023-24 में अपने चालू जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा स्टेशनों से 848.9 करोड़ यूनिट (एमयू) हरित ऊर्जा पैदा की। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है। एसजेवीएन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सुशील शर्मा ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कंपनी की 36वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में यह टिप्पणी की। कंपनी ने एक बयान में शर्मा के हवाले से कहा गया, ‘‘जलवायु परिवर्तन के कारण चुनौतीपूर्ण जल विज्ञान स्थितियों का सामना करने के बावजूद एसजेवीएन ने अपने परिचालन में जुझारूपन दिखाया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने अपने चालू जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा स्टेशनों से 8,48.9 करोड़ यूनिट बिजली पैदा किए।'' एसजेवीएन ने 2023-24 में 2,533.59 करोड़ रुपये का एकल राजस्व अर्जित किया। इस दौरान कंपनी का एकल शुद्ध लाभ 908.40 करोड़ रुपये रहा है। एसजेवीएन ने वर्ष 2023-24 के लिए 1.80 रुपये प्रति शेयर का लाभांश दिया।
- नयी दिल्ली. बेंगलुरु आधारित अंतरिक्ष क्षेत्र के एक स्टार्ट-अप ने बृहस्पतिवार को अत्यंत निचली कक्षा में 200 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रह का अनावरण किया। बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस द्वारा विकसित ‘प्रोजेक्ट 200' उपग्रह का अनावरण भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका द्वारा किया गया। आमतौर पर, वायुमंडलीय हस्तक्षेप के प्रभाव को कम करने के लिए पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रहों को 450 किमी की ऊंचाई पर रखा जाता है। उपग्रहों को निचली कक्षाओं में रखने से वायुमंडलीय खिंचाव के कारण वे पृथ्वी की ओर तेजी से उछल सकते हैं। बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी रोहन गणपति ने कहा, ‘‘हमें प्रणोदन तकनीक में एक सफलता मिली है जिससे उपग्रहों को वर्षों तक (200 किमी) कक्षा से संचालित किया जा सकेगा।'' बेलाट्रिक्स पिछले चार वर्षों से उपग्रहों को 200 किमी की कक्षा में रखने के लिए प्रणोदन प्रौद्योगिकी पर काम कर रहा है जहां अंतरिक्ष यान का प्रदर्शन काफी बढ़ जाता है।
- नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने शीर्ष अदालत की मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के सहयोग से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) द्वारा विकसित एक ऑनलाइन मध्यस्थता प्रशिक्षण वेब पोर्टल शुरू किया है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और एनएएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने बुधवार को पोर्टल शुरू किया। चंद्रचूड़ ने समारोह में कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वकीलों, न्यायाधीशों, कानून के छात्रों आदि को मध्यस्थता की विधा में प्रशिक्षित करके मध्यस्थता को विवाद समाधान का पहला और ‘डिफॉल्ट' तरीका बनाने में मदद करेगा। पांच महीने में तैयार यह पहल एक व्यापक ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल पेश करती है।एक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ऑनलाइन मध्यस्थता प्रशिक्षण वेब पोर्टल सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़ता है, जिसमें मध्यस्थता से संबंधित 20 विषयों पर 50 से अधिक व्याख्यान और 10 घंटे से अधिक का ‘ऑनलाइन/इंटरैक्टिव प्रैक्टिकल' सत्र शामिल है।''
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच शनिवार को क्वाड शिखर सम्मेलन से इतर महत्वपूर्ण बातचीत होगी और वार्ता के बाद दोनों पक्ष कम से कम दो समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक समझौता हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचा (आईपीईएफ) से संबंधित होगा और दूसरा समझौता ज्ञापन (एमओयू) भारत-अमेरिका ड्रग फ्रेमवर्क पर होगा। मोदी वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने और संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘‘भविष्य के शिखर सम्मेलन'' को संबोधित करने के लिए 21 सितंबर से अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। मोदी 21 सितंबर को डेलवेयर के विलमिंगटन में क्वाड शिखर सम्मेलन के मौके पर बाइडन, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित नाकाम साजिश में भारत का हाथ होने के वाशिंगटन के आरोपों के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ असहजता के बीच मोदी और बाइडन के बीच बातचीत होगी। अमेरिका साजिश की भारतीय जांच पर जानकारी के लिए भारत पर लगातार दबाव डालता रहा है और कहता रहा है कि वह मामले में जवाबदेही चाहता है। बैठक में मोदी द्वारा रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने पर मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और कीव में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ अपनी हालिया बातचीत से बाइडन को अवगत कराने की भी उम्मीद है। मिस्री ने कहा, “यह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बाइडन के बीच एक ठोस वार्ता का अवसर होगा, जहां उन्हें भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा, जो आज 50 प्लस वार्ताओं तथा द्विपक्षीय संवाद तंत्रों के माध्यम से मानव प्रयास के लगभग हर पहलू को कवर करता है।'' वह मोदी की अमेरिका यात्रा के बारे में मीडिया को जानकारी दे रहे थे।मिस्री ने कहा, ‘‘यह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों पर पहल जैसी कई नयी पहलों में उनकी अग्रणी भूमिका के लिए राष्ट्रपति बाइडन को धन्यवाद देने का अवसर भी होगा।'' विदेश सचिव ने कहा कि दोनों पक्षों को कुछ समझौतों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा जिनमें से एक आईपीईएफ पर होगा।
- पुणे. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र या ‘विकसित भारत' बनाने के एजेंडा को आगे बढ़ाने में बैंकिंग क्षेत्र को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। सीतारमण ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 90वें स्थापना दिवस पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की तरफ से निर्धारित एजेंडा को आगे बढ़ाने में बैंकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और आपकी भूमिका से हम इस सपने को हासिल करने में और तेजी लाएंगे।'' उन्होंने कहा कि बैंकों को बुनियादी ढांचा क्षेत्र को सशक्त रफ्तार देने, एमएसएमई क्षेत्र को जरूरत के हिसाब से वित्त मुहैया कराने, बैंक सेवाओं से वंचित आबादी को बैंक दायरे में लाने और बीमा पहुंच बढ़ाने में मदद करनी होगी। सीतारमण ने कहा कि प्रौद्योगिकी बैंक परिदृश्य को तेजी से बदल रही है क्योंकि यह सभी ग्राहकों को सुरक्षित एवं आसानी से संचालित किया जा सकने वाला डिजिटल बैंकिंग अनुभव देती है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बैंकों के लिए प्रौद्योगिकी सुरक्षा पर भी जोर देने के लिए कहा।वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘आप (बैंक) ऐसी डिजिटल प्रणाली नहीं रख सकते हैं जो कहीं भी हैक हो जाए और पूरी प्रणाली एवं उस पर आधारित भरोसा खतरे में पड़ जाए। इसके लिए आपको एक मजबूत प्रणाली चाहिए। आपको हर बार यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं और किसी भी आपातकालीन स्थिति में किस तरह के कदम उठाने होंगे।'' वित्त मंत्री ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में एकीकृत भुगतान प्रणाली यूपीआई की बढ़ती लोकप्रियता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तत्काल होने वाले सभी डिजिटल भुगतानों में से 45 प्रतिशत भारत में होते हैं। उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था इस समय सात देशों में चालू हो चुकी है। इनमें भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। उन्होंने रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली की मजबूती की तस्वीर बनती है। बैंकिंग क्षेत्र (निजी और सार्वजनिक) का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात कई वर्षों के निचले स्तर 2.8 प्रतिशत और एनएनपीए अनुपात 0.6 प्रतिशत पर आ गया है। इस अवसर पर वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा कि बैंकों को लाभ कमाने के साथ राजस्व में वृद्धि के दृष्टिकोण का भी पालन करना चाहिए। उन्होंने बैंकों से ग्राहक संतुष्टि स्तर में सुधार और ग्राहक-अनुकूल प्रणाली एवं प्रक्रियाएं शुरू करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक निधु सक्सेना ने कहा कि बैंक अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क में 1,000 शाखाएं जोड़ने की योजना बना रहा है।
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नई दिल्ली। नासा के वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह की सतह पर पाए जाने वाले काले ‘मकड़ियों’ जैसे अजीब ढांचों को फिर से बनाने में सफलता पाई है। यह वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे अब वे इन रहस्यमयी संरचनाओं के बारे में और अधिक जानकारी जुटा सकेंगे।इन भू-आकृतियों को ‘अरैनीफॉर्म टेरेन’ कहा जाता है और इन्हें ‘मंगल की मकड़ियां’ नाम दिया गया है। ये संरचनाएं दरारों जैसी होती हैं और इनमें सैकड़ों रेखाएं होती हैं। ये ढांचे 3,300 फीट (1,000 मीटर) तक फैल सकते हैं और अंतरिक्ष से देखने पर ऐसा लगता है मानो सैकड़ों मकड़ियां मंगल की सतह पर दौड़ रही हों।
2003 में मंगल ग्रह के ऑर्बिटर्स ने पहली बार इन ‘मकड़ियों’ को देखा था, जो उस समय एक रहस्य बना हुआ था। बाद में यह पता चला कि ये संरचनाएं तब बनती हैं जब मंगल की सतह पर मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की बर्फ अचानक गैस में बदल जाती है। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इस प्रक्रिया को प्रयोगशाला में छोटे पैमाने पर दोहराया। इस प्रयोग का नेतृत्व नासा की जेट प्रोपल्शन लैब (JPL) की वैज्ञानिक लॉरेन मैक कीओन ने किया, जिन्होंने पांच साल तक इस पर काम किया। जब आखिरकार वे सफल हुईं, तो वह पल उनके लिए बेहद खास था।मैक कीओन ने कहा, “जब प्रयोग सफल हुआ, तो मैं इतनी उत्साहित हो गई कि लैब मैनेजर मेरे चिल्लाने की आवाज़ सुनकर दौड़कर अंदर आए। उन्हें लगा कि कोई दुर्घटना हो गई है।”इस अध्ययन के तहत मंगल की मिट्टी का सिमुलेशन कर उसे CO2 की बर्फ से ढक दिया गया और फिर उसे एक लैंप से गर्म किया गया, ताकि सूर्य की गर्मी का प्रभाव दोहराया जा सके। कई प्रयासों के बाद सही परिस्थितियां मिलीं और बर्फ में दरारें पड़ने लगीं। अंततः CO2 पूरी तरह से गायब हो गई और एक ‘मंगल की मकड़ी’ का निर्माण हुआ।एक और अध्ययन में कीफर मॉडल का एक नया पहलू सामने आया, जिसमें पता चला कि जमीन के अंदर भी बर्फ बनती है, जिससे वह भी फट जाती है। इससे मकड़ियों के पैरों के ज़िग-ज़ैग आकार का रहस्य सुलझ सकता है।JPL की वैज्ञानिक सेरीना डिनिएगा ने कहा, “यह दिखाता है कि प्रकृति वैसी नहीं होती जैसी किताबों में पढ़ाई जाती है, बल्कि उससे ज्यादा जटिल होती है।”इन ‘मंगल की मकड़ियों’ के रहस्य को और बेहतर तरीके से समझने के लिए और अधिक शोध की योजना बनाई जा रही है। वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ये संरचनाएं मंगल के कुछ हिस्सों में ही क्यों बनती हैं और हर साल इनकी संख्या में वृद्धि क्यों नहीं होती। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में कई सुधार किए हैं। इन कदमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारत खाद्य क्षेत्र में नवाचार, स्थिरता तथा सुरक्षा के वैश्विक मानक स्थापित करे। प्रधानमंत्री का संदेश विश्व खाद्य भारत 2024 के तीसरे संस्करण में पढ़ा गया। यह कार्यक्रम 19 से 22 सितंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 90 से अधिक देश हिस्सा लेंगे।मोदी ने कहा, ‘‘ आधुनिक युग में प्रगतिशील कृषि पद्धतियों, मजबूत प्रशासनिक ढांचे और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के जरिये हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि भारत खाद्य क्षेत्र में नवाचार, स्थिरता तथा सुरक्षा के लिए वैश्विक मानक स्थापित करे।’’उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ खाद्य प्रसंस्करण में 100 प्रतिशत एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश), प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना जैसी बहुआयामी पहलों के जरिये हम देश भर में आधुनिक बुनियादी ढांचे, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और रोजगार सृजन का मजबूत परिवेश तैयार कर रहे हैं।’’मोदी ने कहा कि कई देशों की भागीदारी से विश्व खाद्य भारत 2024 वैश्विक खाद्य उद्योग, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में प्रतिभाशाली लोगों के लिए विशेष मंच के रूप में सामने आया है। इसमें वे बढ़ते अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत में एक जीवंत तथा विविध खाद्य संस्कृति है। भारतीय खाद्य परिवेश की रीढ़ किसान हैं। यह किसान ही हैं जिन्होंने पाक उत्कृष्टता की पौष्टिक तथा स्वादिष्ट परंपराओं को सुनिश्चित किया है। हम नवीन नीतियों और उनके कार्यान्वयन के साथ उनकी कड़ी मेहनत का समर्थन कर रहे हैं।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छोटे उद्यमों को सशक्त बनाना है। मोदी ने साथ ही कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन का आयोजन विश्व स्वास्थ्य संगठन, खाद्य एवं कृषि संगठन और कई प्रतिष्ठित घरेलू संस्थानों सहित वैश्विक नियामकों को एक मंच पर लाएगा। इससे खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं जैसे व्यापक मुद्दों पर चर्चा की जा सकेगी।
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नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को नई दिल्ली में ट्रेड मार्क सर्च और आईपी सारथी चैट बॉट के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में श्री गोयल ने कहा कि भारत के पास दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ट्रेडमार्क प्रणाली है।उन्होंने कहा कि नई शुरू की गई पहलों को लागू करने के बाद, भारत को दुनिया में एक नई रैंक प्राप्त होगी।
श्री गोयल ने बताया कि उनके मंत्रालय ने स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, महिला उद्यमियों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यक्तियों के लिए पेटेंट पंजीकरण के 80 प्रतिशत शुल्क को कम करने का निर्णय लिया है। -
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में तेज बारिश की आशंका व्यक्त की है। 24 सितंबर तक छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भी तेज बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग ने आज तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गर्म और आर्द्र मौसम रहने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग ने कहा कि इस सप्ताह के दौरान कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इस बीच, दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में देर रात से हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। राष्ट्रीय राजधानी में आज सुबह हुई बारिश से यातायात पर भी असर पड़ा। - नवादा। बिहार के नवादा जिले में भूमि विवाद को लेकर कई मकानों को आग लगाने से संबंधित मामले में पुलिस ने अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। नवादा के जिलाधिकारी (डीएम) आशुतोष कुमार वर्मा ने मुफस्सिल थाना अंतर्गत मांझी टोला में बुधवार शाम को हुई इस घटना के बारे में कहा, “जिला पुलिस ने घटना के सिलसिले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य लोगों की तलाश जारी है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।”डीएम ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चलता है कि मांझी टोला में कल रात लोगों के एक समूह ने कुल 21 मकानों में को कथित तौर पर आग लगा दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और वे जल्द ही एक रिपोर्ट प्रस्तुत करके यह बताएंगे कि कितने मकान क्षतिग्रस्त हुए या जल गए और सभी आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। वर्मा ने कहा कि वे मांझी टोला में पीड़ितों को भोजन सामग्री और पीने के पानी समेत सभी राहत सामग्री प्रदान कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि पीड़ितों के लिए अस्थायी टेंट लगाए गए हैं और उन्हें वहां स्थानांतरित किया जा रहा है। डीएम ने इन खबरों का खंडन किया कि घटना के दौरान खंभों से बंधे कुछ मवेशियों की भी जलकर मौत हो गई।उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है। घटना के तुरंत बाद नवादा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव धीमान ने संवाददाताओं से कहा था कि शाम 7 बजे के आसपास फोन पर जानकारी मिली थी कि मांझी टोला में कुछ घरों में आग लगा दी गई है।उन्होंने कहा था कि पुलिस तुरंत दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची और आग बुझाने में कुछ समय लगा। एसपी ने कहा था कि प्रारंभिक जांच में पता चलता है कि घटना का कारण भूमि विवाद है और इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने कहा था कि आगजनी में शामिल लोगों ने हवा में गोलियां भी चलाईं। बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “महा जंगलराज! महा दानवराज! महा राक्षसराज! नवादा में दलितों के 100 से अधिक घरों में लगायी आग। नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के राज में बिहार में आग ही आग।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेफिक्र, राजग के सहयोगी दल बेख़बर! गरीब जले, मरे-इन्हें क्या? दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होगा।” वहीं केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक जीतन राम मांझी ने इस घटना के लिए यादव समुदाय को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में 12 यादव समुदाय से हैं। मांझी ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान यादव समुदाय के लोगों पर प्रदेश में दलितों की जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस समुदाय ने उस स्थान पर रह रहे पासवान समुदाय के लोगों को उकसा कर इस घटना को अंजाम दिया है।उन्होंने विरोधियों पर जानबूझकर बिहार की नीतीश कुमार नीत राजग सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए इस तरह की राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ितों के लिए बचाव और राहत कार्य जारी है तथा सभी को उचित मुआवजा दिया जाएगा। मांझी ने कहा कि इस मामले में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद 22 सितंबर को घटनास्थल का दौरा करेंगे।
- जम्मू. निर्वाचन आयोग ने बताया कि बुधवार को जम्मू-कश्मीर में सात जिलों की 24 विधानसभा सीटों के लिए हुए पहले चरण के चुनाव में 61 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। आयोग ने कहा कि ये अस्थायी आंकड़े हैं और डाक मतपत्रों तथा दूरदराज के इलाकों से अंतिम रिपोर्ट आने के बाद इनमें वृद्धि हो सकती है। पहले चरण में सात जिलों के 24 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ।निर्वाचन आयोग ने बताया कि किश्तवाड़ जिले में सबसे अधिक 80.14 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसके बाद डोडा (71.34 प्रतिशत) और रामबन (70.55 प्रतिशत) का स्थान रहा। आयोग ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में कुलगाम जिले में सबसे अधिक 62.46 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसके बाद अनंतनाग जिले में 57.84 प्रतिशत, शोपियां जिले में 55.96 प्रतिशत और पुलवामा जिले में 46.65 प्रतिशत मतदान हुआ। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था। निर्वाचन आयोग ने देर रात एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुनाव के पहले चरण में रात 11:30 बजे तक की स्थिति के अनुसार लगभग 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जैसे-जैसे शेष मतदान दल वापस लौटते रहेंगे, अधिकारी इसे अपडेट करते रहेंगे।'' इससे पहले, शाम छह बजे मतदान खत्म होने के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी के पोले ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में करीब 59 प्रतिशत मतदान हुआ जो ‘‘पिछले सात चुनावों में सर्वाधिक मतदान है।'' पोले ने संवाददाताओं से कहा कि बिना किसी अप्रिय घटना के चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हो गया।
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नई दिल्ली। दिल्ली की नामित मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मुकेश अहलावत नया चेहरा होंगे जबकि चार मंत्री बरकरार रहेंगे।‘आप’ ने गुरुवार को यह जानकारी दी। दिल्ली की मुख्यमंत्री नामित की गईं आतिशी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी 21 सितंबर को पद की शपथ लेंगे। आप ने कहा कि गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत और इमरान हुसैन को पुन: मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी।दिल्ली के सुल्तानपुर माजरा से विधायक अहलावत को समाज कल्याण मंत्री राज कुमार आनंद द्वारा इस्तीफा देने के बाद खाली हुए स्थान पर शामिल किया जाएगा। आनंद ने अप्रैल में केजरीवाल सरकार से इस्तीफा दे दिया था और ‘आप’ से भी नाता तोड़ लिया था। दिल्ली सरकार के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत सात सदस्य हैं। नयी मुख्यमंत्री और नये सदस्यों का कार्यकाल संक्षिप्त होगा क्योंकि अगले साल फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल के सातवें सदस्य के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है।
- अमरावती. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य की पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया था। तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में तिरुपति लड्डू चढ़ाया जाता है। मंदिर का संचालन तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) करता है। नायडू ने यहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की एक बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया, “यहां तक कि तिरुमला लड्डू भी घटिया सामग्री से बनाया गया था...उन्होंने घी की जगह पशु चर्बी का इस्तेमाल किया था।” मुख्यमंत्री नायडू ने हालांकि कहा कि अब शुद्ध घी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
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जयपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि अनुसंधान व विकास के क्षेत्र में महिलाओं की अधिक भागीदारी न केवल देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि हमारी बेटियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी आवश्यक है। वह यहां मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के 18वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा, ‘‘आज जो मैंने 20 स्वर्ण पदक दिए हैं, उनमें से 12 पदक हमारी बेटियों ने प्राप्त किए हैं। पदक विजेताओं में बेटियों का यह अनुपात इस बात का प्रमाण है कि अगर उन्हें समान अवसर दिए जाएं तो वे अपेक्षाकृत अधिक उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं आज उपाधि और पदक प्राप्त करने वाली सभी बेटियों को विशेष बधाई देती हूं। अनुसंधान व विकास के क्षेत्र में महिलाओं की अधिक भागीदारी न केवल देश के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि हमारी बेटियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी आवश्यक है।'' मुर्मू ने कहा, ‘‘हमने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया है। राष्ट्रीय विकास को नेतृत्व प्रदान करना आपका कर्तव्य है। आपको अपने देश को आगे बढ़ाना है। आप अपनी विद्या और दृढ़ संकल्प के बल पर व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ देश के भविष्य को स्वरूप प्रदान करने के लिए आगे बढ़ेंगे।'' कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहे।
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नयी दिल्ली. सरकार ने गेहूं की कीमतों को स्थिर करने के प्रयास के तहत बुधवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के लाभार्थियों को अक्टूबर से गेहूं का आवंटन बढ़ाने की घोषणा की। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की 100 दिन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंत्रियों की एक समिति ने पीएमजीकेएवाई के तहत अतिरिक्त 35 लाख टन गेहूं के लिए मंजूरी दी है। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बढ़ा हुआ आवंटन मार्च, 2025 तक जारी रहेगा। इससे संभवतः योजना के तहत गेहूं-चावल अनुपात को बहाल करने का प्रयास किया जा सकेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या इस बढ़ी हुई मात्रा से गेहूं-चावल का अनुपात बहाल हो जाएगा, सचिव ने कहा, “यह अब भी सामान्य मात्रा से 10-20 लाख टन कम होगा।” उन्होंने कहा कि भविष्य के घटनाक्रमों के आधार पर आवंटन की समीक्षा की जा सकती है।
सरकार ने कम घरेलू उत्पादन से आपूर्ति घटने के कारण मई, 2022 में पीएमजीकेएवाई के तहत गेहूं का आवंटन 1.82 करोड़ टन से घटाकर 71 लाख टन करते हुए चावल का आवंटन बढ़ा दिया था। चोपड़ा ने पिछले साल के 11.29 करोड़ टन के बंपर उत्पादन का हवाला देते हुए कहा है कि फिलहाल गेहूं की उपलब्धता ‘पर्याप्त' है। उन्होंने कहा, “उद्योग के अनुमानों के अनुसार भी यह पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 40-50 लाख टन अधिक है।” पिछले वर्ष वास्तविक उत्पादन 11.29 करोड़ टन था, जबकि सरकारी खरीद 2.66 करोड़ टन थी।
बाजार की चिंताओं के बारे में चोपड़ा ने कहा कि गेहूं और गेहूं उत्पादों की कीमतों में स्थिरता को देखते हुए मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं बेचने की तत्काल कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने भविष्य में ओएमएसएस की बिक्री से इनकार नहीं किया।
- नयी दिल्ली। सरकार ने किसानों को सस्ती दरों पर फसल पोषक तत्व मुहैया कराने के लिए बुधवार को आगामी रबी फसल सत्र के लिए फॉस्फेट एवं पोटाश (पीएंडके) से युक्त उर्वरकों पर 24,474.53 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने रबी सत्र 2024 (अक्टूबर, 2024 से मार्च, 2025 तक) के लिए पीएंडके उर्वरकों पर पोषक तत्व-आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, रबी सत्र 2024 के लिए अस्थायी बजटीय जरूरत लगभग 24,475.53 करोड़ रुपये होगी। इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को सब्सिडी-युक्त, किफायती और उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सरकार उर्वरक निर्माताओं/ आयातकों के जरिये किसानों को सब्सिडी कीमत पर 28 किस्मों के पीएंडके उर्वरक उपलब्ध करा रही है। पीएंडके उर्वरकों पर सब्सिडी एक अप्रैल, 2010 से लाई गई एनबीएस योजना से नियंत्रित होती है। बयान के मुताबिक, "उर्वरकों और उनमें इस्तेमाल होने वाले यूरिया, डीएपी, एमओपी और सल्फर की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हाल के रुझानों को देखते हुए सरकार ने पीएंडके उर्वरकों पर रबी सत्र 2024 के लिए एनबीएस दरों को मंजूरी देने का फैसला किया है।" बयान में कहा गया है कि उर्वरक कंपनियों को एन (नाइट्रोजन), पी (फास्फोरस) और के (पोटाश) की स्वीकृत और अधिसूचित दरों के अनुरूप सब्सिडी प्रदान की जाएगी ताकि किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकें।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करने और उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजनाएं जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस पर 15वें वित्त आयोग के दौरान 2025-26 तक 35,000 करोड़ रुपये कुल वित्तीय व्यय होगा।
सरकार ने किसानों और उपभोक्ताओं को अधिक कुशलता से सेवा प्रदान करने के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजनाओं को पीएम आशा में मिला दिया है। पीएम-आशा की एकीकृत योजना इसके कार्यान्वयन में और अधिक प्रभावशीलता लाएगी, जिससे न केवल किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य प्रदान करने में मदद मिलेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को किफायती मूल्यों पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करके मूल्यों में उतार-चढ़ाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। पीएम-आशा में अब मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ), मूल्य घाटा भुगतान योजना (पीओपीएस) और बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के घटक शामिल होंगे।मूल्य समर्थन योजना के तहत एमएसपी पर अधिसूचित दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद 2024-25 मौसम से इन अधिसूचित फसलों के राष्ट्रीय उत्पादन का 25 प्रतिशत होगी, जिससे राज्यों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और संकटपूर्ण बिक्री को रोकने के लिए किसानों से एमएसपी पर इन फसलों की अधिक खरीद करने में मदद मिलेगी। हालाँकि, 2024-25 मौसम के लिए तुअर, उड़द और मसूर के मामले में यह सीमा लागू नहीं होगी क्योंकि 2024-25 मौसम के दौरान तुअर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद होगी जैसा कि पहले फैसला किया गया था।सरकार ने एमएसपी पर अधिसूचित दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद के लिए किसानों से मौजूदा सरकारी गारंटी का नवीनीकरण करते हुए उसे बढ़ाकर 45,000 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्लू) को किसानों से एमएसपी पर दलहन, तिलहन और खोपरा की अधिक खरीद करने में मदद मिलेगी, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) के ई-समृद्धि पोर्टल और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) के ई-संयुक्ति पोर्टल पर पहले से पंजीकृत किसान भी शामिल हैं, जब बाजार में कीमतें एमएसपी से नीचे गिरती हैं। इससे किसान देश में इन फसलों की अधिक खेती करने के लिए प्रेरित होंगे और इन फसलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने में योगदान देंगे, जिससे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भरता कम होगी।मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजना के विस्तार से दालों और प्याज के रणनीतिक सुरक्षित भंडार को बनाए रखने, जमाखोरी करने वालों और विवेकहीन अटकलें लगाने वालों को हतोत्साहित करने और उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर आपूर्ति करने के लिए कृषि-बागवानी वस्तुओं की कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता से बचाने में मदद मिलेगी। जब भी बाजार में कीमतें एमएसपी से ऊपर होंगी, तो बाजार मूल्य पर दालों की खरीद उपभोक्ता कार्य विभाग (डीओसीए) द्वारा की जाएगी, जिसमें नैफेड के ई-समृद्धि पोर्टल और एनसीसीएफ के ई-संयुक्ति पोर्टल पर पूर्व-पंजीकृत किसान भी शामिल होंगे। सुरक्षित भंडार के रखरखाव के अलावा, पीएसएफ योजना के तहत हस्तक्षेप टमाटर जैसी अन्य फसलों और भारत दाल, भारत आटा और भारत चावल की सब्सिडी वाली खुदरा बिक्री में किया गया है।राज्यों को अधिसूचित तिलहनों के लिए एक विकल्प के रूप में मूल्य घाटा भुगतान योजना (पीडीपीएस) के कार्यान्वयन के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, कवरेज को राज्य तिलहन उत्पादन के मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है और किसानों के लाभ के लिए कार्यान्वयन अवधि को 3 महीने से बढ़ाकर 4 महीने कर दिया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले एमएसपी और बिक्री/मॉडल मूल्य के बीच अंतर का मुआवजा एमएसपी के 15 प्रतिशत तक सीमित है।परिवर्तनों के साथ बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के कार्यान्वयन का विस्तार खराब होने वाली बागवानी फसलों को उगाने वाले किसानों को लाभकारी मूल्य प्रदान करेगा। सरकार ने कवरेज को उपज के 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया है और एमआईएस के तहत उपज की खरीद के बजाय किसानों के खाते में सीधे अंतर संबंधी भुगतान करने का एक नया विकल्प जोड़ा है। इसके अलावा, टीओपी (टमाटर, प्याज और आलू) फसलों के मामले में, सबसे अधिक कटाई के समय पर उत्पादक राज्यों और उपभोक्ता राज्यों के बीच टीओपी फसलों की कीमत के अंतर को पाटने के लिए, सरकार ने नेफेड और एनसीसीएफ जैसी केन्द्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों के लिए परिवहन और भंडारण व्यय को वहन करने का निर्णय लिया है, जिससे न केवल किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित होगा, बल्कि बाजार में उपभोक्ताओं के लिए टीओपी फसलों की कीमतों में भी नरमी देखने को मिलेगी। -
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नए चंद्र अभियान ‘चंद्रयान-4’ को मंजूरी दे दी जिसका उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने तथा उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए आवश्यक टेक्नोलॉजी का विकास करना है।एक बयान में कहा गया कि ‘चंद्रयान-4’ अभियान भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को (वर्ष 2040 तक) चंद्रमा पर उतारने और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए आधारभूत प्रौद्योगिकियों को विकसित करेगा।इसमें कहा गया, ‘‘अंतरिक्ष केंद्र से जुड़ने/हटने, यान के उतरने, पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी तथा चंद्र नमूना संग्रह और विश्लेषण के लिए आवश्यक प्रमुख प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा।’’बयान में कहा गया है कि ‘चंद्रयान-4’ अभियान के प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए कुल 2,104.06 करोड़ रुपये की धनराशि की आवश्यकता है।इसमें कहा गया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष यान के विकास और प्रक्षेपण के लिए जिम्मेदार होगा।
उद्योग और शिक्षा जगत की भागीदारी से इस अभियान को मंजूरी मिलने के 36 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। बयान में कहा गया कि इससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को स्वदेशी रूप से विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है। -
नई दिल्ली। सरकार ने गेहूं की कीमतों को स्थिर करने के प्रयास के तहत बुधवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के लाभार्थियों को अक्टूबर से गेहूं का आवंटन बढ़ाने की घोषणा की।
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की 100 दिन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मंत्रियों की एक समिति ने PMGKAY सरकार अक्टूबर से बढ़ाएगी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गेहूं का आवंटन के तहत अतिरिक्त 35 लाख टन गेहूं के लिए मंजूरी दी है।उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह बढ़ा हुआ आवंटन मार्च, 2025 तक जारी रहेगा। इससे संभवतः योजना के तहत गेहूं-चावल अनुपात को बहाल करने का प्रयास किया जा सकेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या इस बढ़ी हुई मात्रा से गेहूं-चावल का अनुपात बहाल हो जाएगा, सचिव ने कहा, “यह अब भी सामान्य मात्रा से 10-20 लाख टन कम होगा।”उन्होंने कहा कि भविष्य के घटनाक्रमों के आधार पर आवंटन की समीक्षा की जा सकती है। सरकार ने कम घरेलू उत्पादन से आपूर्ति घटने के कारण मई, 2022 में पीएमजीकेएवाई के तहत गेहूं का आवंटन 1.82 करोड़ टन से घटाकर 71 लाख टन करते हुए चावल का आवंटन बढ़ा दिया था।चोपड़ा ने पिछले साल के 11.29 करोड़ टन के बंपर उत्पादन का हवाला देते हुए कहा है कि फिलहाल गेहूं की उपलब्धता ‘पर्याप्त’ है। उन्होंने कहा, “उद्योग के अनुमानों के अनुसार भी यह पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 40-50 लाख टन अधिक है।”पिछले वर्ष वास्तविक उत्पादन 11.29 करोड़ टन था, जबकि सरकारी खरीद 2.66 करोड़ टन थी। बाजार की चिंताओं के बारे में चोपड़ा ने कहा कि गेहूं और गेहूं उत्पादों की कीमतों में स्थिरता को देखते हुए मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं बेचने की तत्काल कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने भविष्य में ओएमएसएस की बिक्री से इनकार नहीं किया। - वाशिंगटन. पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कहा कि भारत द्वारा की गई प्रगति के बारे में वैश्विक स्तर पर जानकारी का अभाव है और उसकी वित्तीय संभावनाओं से दुनिया पूरी तरह अवगत नहीं है। ईरानी ने यहां ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन अमेरिका' के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमारे देश की वित्तीय संभावनाओं से दुनिया पूरी तरह अवगत है।'' ईरानी अमेरिका की अनौपचारिक यात्रा पर हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने कितनी प्रगति की है, इस बारे में जानकारी की कमी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए की गई कार्रवाई के बारे में ज्यादा सूचनाएं नहीं हैं। इसी तरह से देश में विशुद्ध विनिर्माण, यहां के कृषि आधारित उद्योग के बारे में यह गलत धारणा है कि हमारी अर्थव्यवस्था केवल बड़े व्यवसायों के लिए खुली है।'' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वर्तमान में अगर आप हमारे देश में छोटे कारोबारियों को देखें तो 90 प्रतिशत खुदरा व्यापार तथाकथित असंगठित क्षेत्र में होता है। व्यवसाय के दृष्टिकोण से छोटी दुकानें जिन्हें अक्सर दिल्ली में ‘किराना दुकान' या अमेरिका में ‘मॉम-एंड-पॉप स्टोर' कहा जाता है, वे 844 अरब अमेरिकी डॉलर का कारोबार कर रही हैं।'' ईरानी ने तीन महीने से भी कम समय में कोविड-19 रोधी टीके की 2.2 अरब खुराक देने की उपलब्धि को भी रेखांकित किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता ने कहा, ‘‘भारत से बाहर के लोग, खासकर पश्चिमी देशों से लोग हैरान थे। उन्हें हैरानी थी कि हमने एक ऐप के जरिए न सिर्फ लोगों को कोविड-19 रोधी टीका दिया बल्कि 6,00,000 गांव के लोग वास्तव में यह जानते थे कि महामारी में उन्हें क्या करना है।'' उन्होंने कहा कि अन्य देश भी इस बात से चकित थे कि भारत केवल तीन महीनों में पीपीई सूट निर्माण में एक प्रमुख शक्ति बन सकता है, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन सकता है, चीन के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकता है तथा आपूर्ति श्रृंखला में वित्तीय बाधाओं को तोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के कदम उठाने का इंतजार नहीं कर रहा है, बल्कि उसने दुनिया को फायदा पहुंचाने वाले समाधान तैयार प्रस्तुत किए हैं।




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