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- बेरहामपुर/भुवनेश्वर। ओडिशा में कथित तौर पर नकली देशी शराब पीने से तबीयत बिगड़ने पर एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार करवा रहे एक और व्यक्ति की मौत होने से गंजाम में जहरीली शराब मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।सोमवार को अवैध देशी शराब पीने से बीमार पड़े कम से कम 15 लोगों का इस चिकित्सा केंद्र में इलाज चल रहा था।इस घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है और यह मुद्दा ओडिशा विधानसभा में उठाया गया जहां विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने इस घटना की आरडीसी (राजस्व संभागीय आयुक्त) स्तर के अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। गंजाम जिले के चिकिटी इलाके में देशी शराब पीने से करीब 20 लोग बीमार हो गए थे।जेनासाही के लोकनाथ बेहरा की बुधवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसी गांव के 60 वर्षीय जुरा बेहरा की मंगलवार रात को मौत हो गई।दोनों का सोमवार रात से ही अन्य लोगों के साथ अस्पताल के मेडिसिन वार्ड की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज चल रहा था।मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की अधीक्षक सुचित्रा दास ने बताया कि दोनों मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी से भी पीड़ित थे।उन्होंने बताया कि 13 अन्य घायलों का मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है।ओडिशा के आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बुधवार को बेरहामपुर के आबकारी अधीक्षक का तबादला करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य में अवैध शराब की बिक्री और अवैध व्यापार को रोकने का भी निर्देश दिया।मंत्री ने बताया कि चिकिटी में जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।इस बीच, मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर चिकिटी में सड़क जाम कर दी। उन्होंने पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम खोला।बीजद ने पूर्व आबकारी मंत्री निरंजन पुजारी की अध्यक्षता में एक तथ्यान्वेषी दल का गठन किया है जो बृहस्पतिवार को मौके पर जाकर जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट विपक्ष के नेता नवीन पटनायक को सौंपेगा। file photo
- अचुतापुरम (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के अचुतापुरम में बुधवार को एक फार्मा कंपनी के कारखाने में आग लग जाने की घटना में 17 लोगों की मौत हो गई और 33 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अनकापल्ली की जिलाधिकारी विजया कृष्णन ने बताया कि दुर्घटना दोपहर करीब सवा दो बजे एसेंटिया एडवांस्ड साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड के संयंत्र में हुई। कृष्णन ने ‘ बताया, ‘‘फैक्ट्री में दो पालियों में 381 कर्मचारी काम करते हैं। विस्फोट दोपहर को भोजनावकाश के समय हुआ। इसलिए कर्मचारियों की उपस्थिति कम थी।’उन्होंने कहा कि संदेह है कि विस्फोट बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ।उन्होंने बताया कि 33 घायल लोगों को अनकापल्ली और अचुतापुरम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि अग्निशमन विभाग छह दमकल गाड़ियों की मदद से बचाव कार्य में लगा हुआ है।जिलाधिकारी ने बताया कि कारखाने में फंसे 13 लोगों को बचा लिया गया है।इस बीच मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने लोगों की मौत पर दुख जताया है।एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार मृतक श्रमिकों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।
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नई दिल्ली। पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त को देशभर में मनाया जाएगा। पिछले वर्ष आज ही के दिन चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर की चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग हुई थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली के भारत मंडपम में मुख्य समारोह का उद्घाटन करेंगी। इस वर्ष के उत्सव का विषय चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा है।
अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को नई दिल्ली में कहा कि पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस न केवल उत्सव का दिन है, बल्कि चिंतन और आत्मनिरीक्षण का भी दिन है। उन्होंने कहा कि अगले दस वर्ष में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था पांच गुना बढ़कर लगभग 44 अरब डॉलर हो जाएगी। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उपलक्ष्य में पिछले एक महीने में देश भर में एक हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। -
तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार ने बुधवार को भारतीय हॉकी के दिग्गज गोलकीपर और पेरिस ओलंपिक में टीम को लगातार दूसरा पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पीआर श्रीजेश के लिए दो करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। इसमें कहा गया, ‘‘पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे पी आर श्रीजेश को दो करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।'' श्रीजेश ने पेरिस ओलंपिक के बाद खेल से संन्यास ले लिया था।
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नयी दिल्ली. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि नासा-इसरो सहयोगात्मक पहल के तहत अगले साल अप्रैल तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए उड़ान भर सकता है। इस अभियान को लेकर दो भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और प्रशांत बालकृष्णन नायर एक्सिओम स्पेस एक्स-4 मिशन के लिए अमेरिका में प्रशिक्षण ले रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्ला को एक्स-4 मिशन के लिए नियुक्त किया है, जबकि नायर प्रतिस्थापन उम्मीदवार होंगे। सिंह ने पिछले साल 23 अगस्त को चंद्रमा पर विक्रम लैंडर के उतरने के उपलक्ष्य में पहली बार मनाए जाने वाले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह से पहले यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अगले साल अप्रैल तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री आईएसएस की यात्रा करेगा।'' राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम है ‘चांद को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा।' इस अवसर पर, इसरो 23 अगस्त को चंद्रयान-3 मिशन द्वारा एकत्र किए गए वैज्ञानिक डेटा को जारी करेगा जिसका उपयोग शोधकर्ताओं द्वारा किया जा सकता है। पिछले दो महीनों में देश भर में एक हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यहां भारत मंडपम में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में शिरकत करेंगी और भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन और इसरो रोबोटिक्स चैलेंज के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगी। आगामी अंतरिक्ष मिशन के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए इसरो के वैज्ञानिक सचिव शांतनु भातवाडेकर ने कहा कि इसरो और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा' के संयुक्त मिशन निसार को अगले वर्ष फरवरी के बाद प्रक्षेपित किए जाने की संभावना है। अब तक का सबसे महंगा उपग्रह बताये जा रहे पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के 12 मीटर के रिफ्लेक्टर में कुछ गड़बड़ी आ गई थी और उसे सुधार के लिए वापस अमेरिका भेज दिया गया था। उम्मीद है कि रिफ्लेक्टर अक्टूबर तक भारत वापस आ जाएगा और उपग्रह के साथ जोड़ा जाएगा। भातवाडेकर ने कहा, ‘‘चूंकि नवंबर से जनवरी तक सूर्यग्रहण का समय होता है, इसलिए निसार का फरवरी से पहले प्रक्षेपण नहीं किया जा सकता।'' उन्होंने कहा कि चंद्रयान-4 मिशन को सरकार की मंजूरी मिलने की स्थिति में 2027 में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की चट्टान और धूल के नमूने पृथ्वी पर लाना है। भातवाडेकर ने कहा कि चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्र का अन्वेषण करने के लिए इसरो-जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएक्सए) के मिशन को चंद्रयान-5 नाम दिया गया है।
- भोपाल. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। यह सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा में चुने जाने के बाद खाली हुई है। केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने इस साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव में गुना निर्वाचन क्षेत्र से चुने जाने के बाद अपनी राज्यसभा सीट छोड़ दी थी। देश के नौ राज्यों में राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए तीन सितंबर को चुनाव होंगे।मध्य प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों में से तीन कांग्रेस के पास हैं जबकि सात सत्तारूढ़ भाजपा के पास हैं। केरल के नेता और वर्तमान में अल्पसंख्यक मामले, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री कुरियन मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के संख्याबल को देखते हुए आराम से जीत सकते हैं (यदि विपक्ष उम्मीदवार उतारता है और मतदान के लिए बाध्य करता है)। मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 163 विधायक, कांग्रेस के 64 और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) का एक विधायक हैं। फिलहाल दो सीटें खाली हैं।
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने माधव और रेड्डी को जम्मू-कश्मीर के चुनाव प्रभारी के रूप में नियुक्त किया है। इसमें कहा गया है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। माधव ने 2014-20 के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्य किया था। उन्हें जम्मू-कश्मीर, असम और भारत के अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के राजनीतिक मामलों प्रभारी बनाया गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भाजपा में आए राम माधव की जम्मू-कश्मीर में भी अहम भूमिका रही है। भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन सरकार बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस गठबंधन सरकार में मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री बने थे और भाजपा को उपमुख्यमंत्री का पद मिला था।देश में 2019 में हुये आम चुनाव में भाजपा की जीत के बाद नड्डा को जब अध्यक्ष बनाया गया था, तब उन्होंने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम में माधव को शामिल नहीं किया था। वर्तमान में माधव इंडिया फाउंडेशन नामक थिंक टैंक के अध्यक्ष हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए तीन चरण में चुनाव होंगे। 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे जबकि नतीजे चार अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। इस पूर्ववर्ती राज्य में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद लगभग एक दशक बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में 24 सीटों पर जबकि दूसरे और तीसरे चरण में क्रमशः 26 और 40 सीटों पर मतदान होगा। जम्मू-कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 के नवंबर-दिसंबर में पांच चरणों में हुआ था। तब यह एक राज्य था और लद्दाख इसका हिस्सा था।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को तापीय परियोजनाओं पर ‘ऑनलाइन' नजर रखने के लिए पोर्टल...प्रॉम्प्ट... शुरू किया। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के नियमों का सार-संग्रह भी पेश किया। बिजली मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा कि ‘प्रॉम्प्ट' पोर्टल वास्तविक समय पर निगरानी और विश्लेषण की सुविधा प्रदान करता है जिससे परियोजना प्रबंधक और संबंधित पक्ष त्वरित निर्णय ले सकते हैं। इस मौके पर खट्टर ने कहा, ‘‘देश में हो रही आर्थिक गतिविधियों के लिए बिजली महत्वपूर्ण है। इसके साथ बिजली की मांग भी बढ़ रही है। जारी योजनाओं एवं तापीय परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रॉम्प्ट पोर्टल की शुरुआत से देश में बिजली क्षेत्र में पारदर्शी, समन्वित और प्रभावी कामकाज संभव हो पाएगा।'' आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पोर्टल के जरिये परियोजनाओं पर वास्तविक आधार पर नजर रखी जा सकेगी और उसका विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे संभावित मुद्दों की त्वरित पहचान और समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। इसके अलावा, यह निगरानी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर परियोजना प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता लाएगा और संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चत होगा। मंत्री ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) नियमों का सार-संग्रह भी पेश किया।इस संग्रह में तकनीकी मानकों, सुरक्षा उपायों, ग्रिड कनेक्टिविटी और कुछ अन्य सहित कई विषयों को शामिल किया गया है, जो देश के ऊर्जा क्षेत्र की उभरती जरूरतों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस संग्रह का विमोचन भारत में विद्युत क्षेत्र के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संग्रह में शामिल प्रावधान इन नियमों में एकरूपता लाएंगे और बिजली क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पक्षों द्वारा अनुपालन में सुगमता के लिए एक ही स्थान पर सूचना का एक केंद्रीकृत और सुलभ स्रोत प्रदान करेंगे।'' आवास और शहरी मामलों के विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे खट्टर ने जलविद्युत परियोजनाओं और पंप भंडारण परियोजनाओं (जल विद्युत डीपीआर) की निगरानी सर्वेक्षण और जांच गतिविधियों के लिए भी पोर्टल शुरू किया। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल डीआरआईपीएस (बिजली क्षेत्र के लिए आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा) भी पेश किया।
- नयी दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने अगले चरण के चंद्र मिशन - चंद्रयान 4 और 5 के लिए डिजाइन पूरा कर लिया है और इस सिलसिले में सरकार से मंजूरी लेने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। चंद्रयान-4 मिशन में चंद्रमा की सतह पर सहजता से उपकरण उतारने के बाद पृथ्वी के इस उपग्रह की चट्टानों और मिट्टी को धरती पर लाना, चंद्रमा से एक अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित करना, चंद्रमा की कक्षा में अंतरिक्ष ‘डॉकिंग' प्रयोग का प्रदर्शन करना और नमूनों को वापस लाना शामिल है। सोमनाथ ने यहां अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और इंडियन स्पेस एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पास चांद पर जाने के लिए कई मिशन हैं। चंद्रयान-3 मिशन पूरा हो चुका है। अब चंद्रयान 4 और 5 का डिजाइन तैयार हो चुका है और हम सरकार से मंजूरी मांग रहे हैं।'' इससे पहले, इसरो के अधिकारियों ने कहा था कि चंद्रयान-4 मिशन का लक्षित प्रक्षेपण वर्ष 2028 है।सोमनाथ ने यह भी कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अगले पांच वर्षों में 70 उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की योजना बना रही है, जिसमें सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पृथ्वी की निचली कक्षा के लिए उपग्रहों का एक समूह भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन 70 उपग्रहों में ‘नाविक' क्षेत्रीय दिशा सूचक प्रणाली के लिए चार उपग्रह शामिल हैं जो अवस्थिति निर्धारण, दिशा सूचना सेवा प्रदान करेंगे। साथ ही, इनसैट 4डी मौसम उपग्रह, रिसोर्ससैट श्रृंखला के उपग्रह, रिमोट सेंसिंग और उच्च रिजोल्यूशन इमेजिंग के लिए कार्टोसैट उपग्रह शामिल हैं। सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणाली और ‘क्वांटम की' वितरण प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने के लिए ओशनसैट श्रृंखला के उपग्रहों और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रह एक और दो को विकसित करने की भी योजना बना रही है। सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अगले पांच वर्षों में पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों की एक श्रृंखला प्रक्षेपित करने की भी योजना बना रही है। इसरो प्रमुख ने कहा कि एजेंसी के पूर्वनियोजित शुक्र ग्रह मिशन को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।उन्होंने कहा, ‘‘हम मिशन का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।''सोमनाथ ने कहा कि गगनयान परियोजना का पहला मानव रहित मिशन इस साल दिसंबर में भेजा जाने वाला है।उन्होंने कहा, ‘‘सभी प्रणालियां अगले एक से डेढ़ महीने में श्रीहरिकोटा पहुंच जाएंगी, जहां अंतिम परीक्षण और एकीकरण किया जाएगा।''
- जमशेदपुर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मंगलवार को एक हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद दो सीटों वाला एक प्रशिक्षण विमान लापता हो गया, जिसके बाद उसका पता लगाने के लिए व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि विमान ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे जमशेदपुर के सोनारी हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने बताया कि विमान को आखिरी बार सरायकेला-खरसावां जिले के निमडीह के पास देखा गया था।उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों का प्रशासन, पुलिस और वन विभाग विमान की तलाश कर रहे हैं ।मित्तल ने बताया कि निमडीह के निकटवर्ती इलाकों के अलावा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में भी तलाशी ली जा रही है।
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख डॉ. एस सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-4 और 5 की डिजाइन तैयार है। हमें अब सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने का इंतजार है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच साल में 70 सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है।
चंद्रयान-4 मिशन चंद्रमा की सतह से पत्थर और मिट्टी का सैंपल लेकर आएगा। उसकी चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग होगी। मिशन में स्पेस डॉकिंग होगा। इसका मतलब है कि चंद्रयान-4 को टुकड़ों में अंतरिम में भेजा जाएगा। इसके बाद उसे अंतरिक्ष में जोड़ा जाएगा। ऐसा पहली बार होने जा रहा है।डॉ. सोमनाथ ने इंडियन स्पेस एसोसिएशन के ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के एक क्रार्यक्रम से अलग मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के बाद हमारे पास चंद्रमा को लेकर कई मिशन है। इससे पहले इसरो अधिकारियों ने कहा था कि चंद्रयान-4 साल 2028 में लॉन्च किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इसरो पांच साल में जो 70 सैटेलाइट छोड़ेगा उसमें निचली कक्षा में स्थापित होने वाले सैटेलाइट भी होंगे। इससे विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों की जरूरतें पूरी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि चार सैटेलाइट रीजनल नेविगेशन सिस्टम के होंगे।एसएसएलवी में दस से ज्यादा कंपनियों ने दिखाई रुचिइसरो के प्रमुख डॉ. एस सोमनाथ ने मंगलवार को कहा कि 10 से अधिक कंपनियों और कंसोर्टिया ने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के निर्माण में रुचि दिखाई है, जिनमें से कुछ को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए संभावित बोलीदाताओं के रूप में चुना गया है। इसरो प्रमुख ने कहा कि चयनित उद्योग भागीदार पहले दो साल की अवधि में इसरो की सहायता से दो एसएसएलवी विकसित करेगा और फिर छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षाओं में स्थापित करने के लिए रॉकेट बनाने का काम करेगा।एआईसीटीई और भारतीय अंतरिक्ष संघ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 100 से अधिक समूह/संघ आगे आए थे और एसएसएलवी के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण में रुचि दिखाई थी। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने 16 अगस्त को लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के प्रक्षेपण के बाद घोषणा की कि प्रक्षेपण यान बनाने का काम पूरा हो गया है और इसरो बड़े पैमाने पर रॉकेट बनाने के लिए उद्योग को हस्तांतरित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि इससे उद्योगों को छोटे रॉकेट बनाने में अपनी क्षमता व योग्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी।अंतरिक्ष कार्यक्रम में निवेश से लाखों रोजगार का हुआ सृजनडॉ. स्वामीनाथ ने कहा, अंतरिक्ष कार्यक्रम में निवेश से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लाखों रोजगार का सृजन हुआ। हमने अब तक अंतरिक्ष कार्यक्रमों में जो भी निवेश किए हैं, उसका समाज को काफी लाभ हुआ है। कई बार लोगों को यह अहसास नहीं होता है कि इस कार्यक्रम का क्या प्रभाव होगा? हर अंतरिक्ष कार्यक्रम के कई तरह से लोगों के जीवन और समाज पर प्रभाव पड़ता है। इसका अर्थव्यवस्था, रोजगार, कृषि, सुरक्षा, सामाजिक प्रभाव, प्राकृतिक संसाधन में सुधार, डिजिटल कनेक्टिवटी, प्रशासनिक समेत कई क्षेत्रों में सुधार होते हैं। उन्होंने कहा, निवेश का समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने और मापने के लिए हमने हाल ही में कुछ विशेषज्ञों के साथ मिलकर अध्ययन शुरू किया। -
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर में डॉक्टरों, नर्सों और पैरा मेडिकल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यबल का गठन किया है। मुख्य न्यायधीश डी.वाई. चन्द्रचूड के नेतृत्व वाली पीठ ने कोलकाता के अस्पताल में एक डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान कार्यबल को तीन सप्ताह के भीतर अपनी अंतरिम और दो महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायधीश ने कहा कि कार्यबल में देशभर से कई डॉक्टरों को शामिल किया गया है ताकि वे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश तय करने की प्रक्रिया के बारे में सुझाव दे सकें।
न्यायालय ने इसके साथ ही अधिकारियों को यह आदेश भी दिया कि वे दुष्कर्म पीडिता के नाम, फोटो और वीडियो से संबंधित सामग्रियों को तत्काल सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटा दें। न्यायालय ने कोलकाता के आर जी कार अस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टरों और विशेष रूप से महिला डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की टीम तैनात करने का भी आदेश दिया।पीठ ने मामले से निपटने के पश्चिम बंगाल सरकार और अस्पताल के अधिकारियों के तौर तरीकों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने इस सबंध में प्रक्रियागत खामियों की आलोचना की और इस बारे में विशेष रूप से घटना की प्राथमिकी दर्ज करने में की गई देरी और अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस द्वारा अपराध स्थल को लेकर उचित कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की।देश भर में डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों के असुरक्षित कामकाजी माहौल पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शीर्ष न्यायालय ने कहा कि मौजूदा कानून डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं। न्यायालय ने कहा कि उसने प्रणालीगत मुद्दों के समाधान के लिए महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्यवाही शुरु की है। न्यायालय ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना आदि जैसे कई राज्यों ने डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए कानून बनाए हैं। हालाँकि, ये कानून पर्याप्त नहीं है। -
नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए ‘लेटरल एंट्री' के जरिये नियुक्ति में आरक्षण के सिद्धांत को लागू करने का फैसला किया है। वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय से एक बार फिर बी आर आंबेडकर की संविधान के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का भी कार्यभार संभाल रहे वैष्णव ने कहा, ‘‘यूपीएससी ने लेटरल एंट्री के लिए बहुत पारदर्शी तरीका अपनाया। अब हमने उसमें भी आरक्षण का सिद्धांत लागू करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, जो पहले एक साधारण निकाय था। चाहे वह, मेडिकल में प्रवेश के लिए नीट हो, सैनिक स्कूल या नवोदय विद्यालय हो, हमने हर जगह आरक्षण के सिद्धांत को लागू किया है।'' वैष्णव ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आंबेडकर के पंचतीर्थ को गौरवपूर्ण स्थान बनाया। उन्होंने कहा, ‘‘आज यह बहुत गर्व की बात है कि भारत की राष्ट्रपति भी आदिवासी समुदाय से हैं।'' मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सभी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लक्ष्य के तहत अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को अधिकतम लाभ मिल रहा है। वैष्णव ने 2014 से पहले ‘लेटरल एंट्री' में आरक्षण का पालन नहीं करने के लिए पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त सचिवों की नियुक्ति लेटरल एंट्री के माध्यम से की गई थी और आरक्षण के सिद्धांत को ध्यान में नहीं रखा गया था।'' वैष्णव ने सवाल किया, ‘‘डॉ. मनमोहन सिंह, डॉ. मोंटेक सिंह अहलूवालिया और उनसे पहले डॉ. विजय केलकर भी लेटरल एंट्री के जरिए ही वित्त सचिव बने थे। क्या उस समय कांग्रेस ने आरक्षण के सिद्धांत का ख्याल रखा था?'' संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ‘लेटरल एंट्री' के जरिए सीधे उन पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति करता है, जिन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की तैनाती होती है। इसमें निजी क्षेत्रों से अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों को विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में सीधे संयुक्त सचिव और निदेशक व उप सचिव के पद पर नियुक्त किया जाता है।
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नयी दिल्ली. खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना में 60 उचित दर दुकानों (एफपीएस) को ‘जन पोषण केंद्र' में बदलने के लिए एक पायलट परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना का मकसद एफपीएस की व्यवहार्यता और पोषण युक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को बढ़ाना है। एफपीएस को आम बोलचाल में सरकारी राशन की दुकान भी कहते हैं। पायलट परियोजना के तहत एफपीएस डीलर को सब्सिडी वाले अनाज के अलावा अपने उत्पादों में विविधता लाने की अनुमति होगी। ये दुकानें अपने नये रंगरूप में अब बाजरा, दालें, डेयरी उत्पाद और दैनिक जरूरत का सामान बेच सकती हैं। इससे डीलरों की कमाई के नए स्रोत खुल सकते हैं। जोशी ने इस परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा, ‘‘यह बदलाव दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा।''
उन्होंने मौजूदा परिचालन अक्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में एफपीएस सिर्फ 8-9 दिन के लिए खुलते हैं, जबकि दूसरे केंद्र हर तीन महीने में एक बार ही खुलते हैं। बाकी समय, ये दुकानें बंद रहती हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एफपीएस डीलर के लिए मौजूदा कमीशन संरचना अपर्याप्त है। ऐसे में दुकान की जगह और जनशक्ति का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए वैकल्पिक तरीकों की आवश्यकता है। इस मौके पर जोशी ने ‘मेरा राशन' ऐप के उन्नत संस्करण को भी पेश किया।
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने एफपीएस डीलर के लिए आसान ऋण की सुविधा के लिए सिडबी के साथ सहयोगात्मक प्रयासों और उद्यमिता प्रशिक्षण देने के लिए कौशल विकास मंत्रालय के साथ की गई साझेदारी के बारे में बताया। पूरे भारत में लगभग 5.38 लाख राशन की दुकानें हैं। -
प्रतापगढ़ (उप्र). प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर मानिकपुर थाना क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो जाने से दो सगी बहनों की मौत हो गयी और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) जयचंद्र भारती ने बताया कि सोमवार देर शाम बजहा भीट गांव के पास मोटरसाइकिलों के बीच टक्कर हुई, जिसमें राजेश (30), दिनेश (35), राजेश की मां शिवकुमारी, दिनेश की पत्नी शीला और उनकी बेटियां श्रेया, श्रेयांशी और श्रद्धा गंभीर रूप से घायल हो गईं। भारती ने बताया, "सभी घायलों को कुंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने श्रेयांशी (तीन) और श्रद्धा (पांच) को मृत घोषित कर दिया।" उन्होंने बताया कि पांच अन्य घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में ले जाने का सुझाव दिया गया है। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
- भुवनेश्वर. पुलिस ने भुवनेश्वर और कटक में गणेश पूजा समारोह के दौरान डिस्क जॉकी (डीजे) के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। गणेश पूजा सात सितंबर से शुरू होगी।कटक में पूजा आयोजकों के साथ बैठक के बाद पुलिस आयुक्त संजीव पांडा ने यह बात कही। इसके साथ ही भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रतीक सिंह ने भी रविवार को यहां इस संदर्भ में एक बैठक की। दोनों बैठकों में आयोजकों से कहा गया है कि वह मूर्ति विसर्जन यात्रा सहित पूजा के दौरान डीजे संगीत का उपयोग न करें। कटक में मूर्ति विसर्जन समारोह 15, 22 और 29 सितंबर को निर्धारित है। उन्होंने बताया कि पूजा समितियों को स्थानीय पुलिस थानों से सात दिन पहले अनुमति लेने के लिए कहा गया है। डीसीपी सिंह ने बताया कि इसी तरह भुवनेश्वर में पूजा समितियां 8, 11 और 15 सितंबर को विसर्जन यात्रा निकालेंगी। उन्होंने कहा कि गणेश पूजा समितियों को डीजे संगीत नहीं बजाने और अपने पंडालों में सीसीटीवी लगाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें जुलूस के दौरान डीजे के बजाय पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।'' उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों से जबरन चंदा वसूलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।पूजा के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस राजधानी शहर में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात करेगी। हालांकि, डीजे मालिकों ने इस कदम का विरोध किया और कहा कि प्रतिबंध के आदेश से आगामी त्योहारी सीजन में उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
- नयी दिल्ली. सरकारी खर्च की जांच करने वाली संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) पिछले 74 वर्षों में 1783 रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है। लोकसभा सचिवालय की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।गत सप्ताहांत नयी पीएसी का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य केसी वेणुगोपाल करेंगे। संसदीय परिपाटी के अनुसार, पीएसी की अध्यक्षता मुख्य विपक्षी दल के किसी नेता को सौंपी जाती है। पिछली लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पीएसी के अध्यक्ष थे। पीएसी में लोकसभा के जिन 15 सदस्यों को जगह दी गई है उनमें द्रमुक के टी आर बालू, भाजपा के रविशंकर प्रसाद, निशिकांत दुबे और जगदंबिका पाल, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव तथा कई अन्य सांसद शामिल हैं। नयी लोक लेखा समिति का कार्यकाल 30 अप्रैल, 2025 तक होगा। लोक लेखा समिति संसद की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण समिति है। इसका गठन हर साल किया जाता है। इसमें 22 सदस्य (लोकसभा अध्यक्ष द्वारा चुने गए 15 सदस्य और राज्यसभा के सभापति द्वारा चयनित किए गए सात सदस्य) शामिल होते हैं। लोकसभा सचिवालय के अनुसार, 26 जनवरी, 1950 को एक संसदीय समिति बनने के बाद से लोक लेखा समिति ने अब तक 1783 रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है। सचिवालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि 17वीं लोकसभा के दौरान लोक लेखा समिति ने कुल 87 रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जिनमें 65 मूल रिपोर्ट और 22 की कार्रवाई रिपोर्ट थीं। इनमें से दोनों सदनों में 58 रिपोर्ट पेश की गईं। पीएसी के ये प्रतिवेदन आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, नमामि गंगे, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, भारतीय ट्रेनों के पटरी से उतरना, भारतमाला परियोजना तथा कई अन्य विषयों से संबंधित थे। लोक लेखा समिति' तीन वित्तीय संसदीय समितियों में से एक है। संसद की दो अन्य वित्तीय समितियां प्राक्कलन समिति और सार्वजनिक उपक्रम संबंधी समिति हैं। पीएसी सरकार के वार्षिक वित्त लेखों और व्यय को पूरा करने के लिये सदन द्वारा दी गई राशि के विनियोग को दर्शाने वाले लेखों की जांच करती है। यह समिति सरकार के विनियोग लेखों पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) के प्रतिवेदनों के अलावा राजस्व प्राप्तियों, सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा व्यय और स्वायत्त निकायों के लेखों पर नियंत्रक-महा लेखापरीक्षक के विभिन्न लेखापरीक्षा प्रतिवेदनों की भी जांच करती है। सरकार द्वारा अत्यधिक खर्च के साथ-साथ गलत आकलन या प्रक्रिया में अन्य दोषों के कारण हुई बचत की भी जांच करती है।
- नयी दिल्ली. ग्रामीण क्षेत्रों में साइकिल से स्कूल जाने वाले छात्रों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और इस ‘‘मौन क्रांति'' का नेतृत्व लड़कियां कर रही हैं। एक नये शोध में यह जानकारी सामने आई है। शोध के मुताबिक, बिहार और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लड़कियां स्कूल जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल कर रही हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के शोधकर्ताओं को इस बात के भी पुख्ता सबूत मिले हैं कि साइकिल वितरण योजनाओं (बीडीएस) ने उन राज्यों में साइकिल चलाने को बढ़ावा देने में मदद की है, जहां इन्हें लागू किया गया और इसकी सबसे बड़ी लाभार्थी ग्रामीण लड़कियां हैं। आईआईटी-दिल्ली के परिवहन अनुसंधान एवं चोट निवारण केंद्र की पीएचडी शोधार्थी सृष्टि अग्रवाल के अनुसार, लैंगिक मानदंड, साइकिल की उपलब्धता, स्कूल की दूरी और सड़कों पर सुरक्षा भारत में कुछ ऐसे प्रमुख कारक हैं, जिनके चलते साइकिल से स्कूल जाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्तर पर, स्कूल जाने के लिए साइकिल के इस्तेमाल का स्तर दशक (2007 से 2017) में 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 11.2 प्रतिशत हो गया है। ग्रामीण भारत में ये स्तर लगभग दोगुना (6.3 प्रतिशत से 12.3 प्रतिशत) हो गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह लगभग स्थिर (7.8 प्रतिशत से 8.3 प्रतिशत) रहा है। चार जनसंख्या उप-समूहों में, साइकिल चलाने में सबसे अधिक वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के बीच हुई है।'' ‘‘जर्नल ऑफ ट्रांसपोर्ट जियोग्राफी'' में प्रकाशित शोध में पाया गया कि अधिकतर राज्यों में, लड़के और लड़कियों के बीच साइकिल चलाने की हिस्सेदारी में वृद्धि हुई है, जिसमें लड़कियों के बीच अधिक वृद्धि हुई है। शोध के मुताबिक, ‘‘लड़कियों के बीच साइकिल चलाने में सबसे अधिक वृद्धि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में देखी गई, जहां यह स्तर आठ गुना बढ़ गया। पश्चिम बंगाल में लड़कियों के बीच साइकिल चलाने में तीन गुना वृद्धि हुई, जिससे ये देश भर में ग्रामीण लड़कियों के बीच साइकिल चलाने के उच्चतम स्तर वाले राज्य बन गये।'' इसके मुताबिक, ‘‘असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों के बीच साइकिल चलाने का स्तर लगभग दोगुना हो गया है। वहीं, मणिपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में लड़के और लड़कियों दोनों के बीच साइकिल चलाने के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आई है।'' मुंबई के नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की अदिति सेठ ने कहा कि देश के एक बड़े हिस्से में साइकिल चलाने के स्तर में अभूतपूर्व वृद्धि एक ‘‘मौन क्रांति'' है। सेठ ने कहा, ‘‘हम ‘मौन क्रांति' शब्द का उपयोग न केवल साइकिल चलाने से जुड़े यातायात शोर की अनुपस्थिति को इंगित करने के लिए करते हैं, बल्कि परिवहन शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं या चिकित्सक समुदाय के भीतर इस प्रवृत्ति और इसके अंतर्निहित कारणों पर ध्यान न देने को भी उजागर करते हैं।''
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काठमांडू. नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नेपाल की राजकीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गयी। आधिकारिक बयान के मुताबिक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आईं नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा ने सोमवार को ओली की ओर से मोदी को हिमालयी राष्ट्र की राजकीय यात्रा का निमंत्रण सौंपा। विदेश मंत्री एस जयशंकर के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर आईं राणा ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें नेपाल की राजकीय यात्रा के लिए अपना निमंत्रण सौंपा। इस मुलाकात के दौरान नेपाल-भारत संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।'' भारत के विदेश मंत्रालय ने नयी दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल की विदेश मंत्री के रूप में राणा की नियुक्ति पर उन्हें बधाई दी और दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता में प्रगति की सराहना की।
- नोएडा. उत्तर प्रदेश के नोएडा में दनकौर क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 24 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि जनपद मेरठ के तेज गढ़ी चौराहे की शर्मा बैंड पार्टी हापुड़ में एक कार्यक्रम करने के बाद कैंटर वाहन से रविवार की देर रात करीब ढाई बजे ईस्टर्न पेरिफेरल से फरीदाबाद के लिए जा रही थी। इसी दौरान ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर कैंटर का टायर फट गया, जिसकी वजह से वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराया। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बैंड पार्टी में लगभग 30 लोग थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।थाना प्रभारी ने बताया कि मृतकों की पहचान सोमपाल (50), रोहित (25), राजू (35) और अर्जुन (38) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर थाना दनकौर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई और तत्काल घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार किया जा रहा है और मृतकों के पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया है। पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है और ईस्टर्न पेरिफेरल पर मौजूद सीसीटीवी के जरिए भी बैंड पार्टी के वाहन की गति का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
- गोंडा.उत्तर प्रदेश में गोंडा जिले के मनकापुर क्षेत्र में दो सगी बहनों ने सोमवार को बिसुही नदी में कथित रूप से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मनकापुर थाना क्षेत्र के तामापार गांव निवासी सुरेश की बेटियों सुनीता (19) और पुनीता (17) सुबह घर से निकलीं और गांव के पास से गुजरने वाली बिसुही नदी में कूद गईं। उन्होंने बताया कि सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने कई घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकलवाया। शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पिता सुरेश कुमार के मुताबिक, सोमवार सुबह घर से निकलते वक्त उनकी बेटियों ने कहा था कि वे घर छोड़कर जा रही हैं और उनसे कभी नहीं मिलेंगी। सुरेश ने कहा कि उन्होंने उस समय बेटियों की बात को बहुत गंभीरता से नहीं लिया और दूसरे काम में लग गए। उन्होंने बताया कि कुछ देर तक उनके घर न लौटने पर जब खोज शुरू की गई, तो ग्रामीणों ने उनके गांव से करीब 500 मीटर दूर बिसुही नदी की तरफ जाने की जानकारी दी। सुरेश ने कहा दोनों बहनों ने अपने दुपट्टे से एक-दूसरे को बांध रखा था।
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इंदौर/ एक निजी अस्पताल में चिकित्सक की जांच के दौरान कुर्सी पर बैठे 31 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत हो गई। यह घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। परदेशीपुरा थाने के प्रभारी पंकज द्विवेदी ने बताया कि शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात सोनू मतकर (31) सीने में दर्द की शिकायत लेकर शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मतकर जब चिकित्सक के कमरे में कुर्सी पर बैठकर जांच करा रहे थे, तब वह देखते ही देखते निढाल होकर गिर पड़े और जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। द्विवेदी ने बताया कि मतकर पेशे से ऑटो रिक्शा चालक थे और खुद तिपहिया वाहन चलाकर अस्पताल पहुंचे थे। थाना प्रभारी ने कहा कि पहली नजर में लगता है कि मतकर की मौत दिल के दौरे से हुई, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
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इंदौर. भगवान गणेश के भक्तों की एक संस्था ने अपने इष्ट देव को रक्षाबंधन पर सोमवार को 169 वर्ग फुट की राखी अर्पित की। संस्था का दावा है कि यह पर्यावरण बचाने की थीम पर बनाई गई “दुनिया की सबसे बड़ी राखी है। श्री विघ्नहर्ता गणेश भक्त समिति'' के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त पर शहर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान को यह राखी अर्पित की गई। उन्होंने इसे पर्यावरण बचाने की थीम पर बनाई गई "दुनिया की सबसे बड़ी राखी" बताया। शर्मा ने बताया कि 13 गुणा 13 फुट की राखी की डोर 101 मीटर लम्बी है जिसे पूरे मंदिर परिसर पर बांधा गया है। उन्होंने बताया कि राखी का वजन 125 किलोग्राम है और इसे 15 कलाकारों ने पखवाड़े भर में तैयार किया है।
राखी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून से शुरू किए गए ‘‘एक पेड़ मां के नाम'' पौधारोपण अभियान का नाम भी लिखा गया है। शर्मा ने कहा,‘‘हमने भगवान गणेश को यह राखी अर्पित करते समय उनसे प्रार्थना की कि वह वैश्विक तापमान में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन के खतरों से पृथ्वी की रक्षा करें। यह राखी बनाने के पीछे हमारा मकसद आम लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक करना है।" -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विश्व संस्कृत दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इस प्राचीन भाषा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहे लोगों की सराहना की। उन्होंने संस्कृत भाषा में ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं। मैं उन लोगों को हृदय से बधाई देता हूं जो संस्कृत से प्यार करते हैं और इस महान भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।'' विश्व संस्कृत दिवस प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वान और व्याकरणविद् पाणिनि की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि के तौर पर यह दिन मनाया जाता है। यह दिन संस्कृत भाषा के प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने के लिये मनाया जाता है। पहला विश्व संस्कृत दिवस वर्ष 1969 में मनाया गया था।
- ठाणे। कसारा घाट खंड में दूध के एक टैंकर के खाई में गिर जाने से उसमें सवार पांच लोगों की मौत हो गई। ठाणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार अपराह्न करीब तीन बजे तेज गति से आ रहा टैंकर लोहे के एक ‘बैरियर' से टकराकर 200 फुट गहरी खाई में जा गिरा। शाहपुर उपखंड पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) मिलिंद शिंदे ने बताया, ‘‘टैंकर चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।'' पुलिस अधिकारी के मुताबिक पांचों मृतक और चार घायल मुंबई जाने के लिए टैंकर पर सवार हुए थे।उन्होंने बताया कि पांच वर्षीय बच्चे समेत सभी घायलों को उपचार के लिए गोटी के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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