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- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सितंबर के अंत में यहां प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान वार्षिक आम बहस में वक्तव्य नहीं देंगे। उनके जगह विदेश मंत्री एस जयशंकर के बहस में वक्तव्य देने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी वक्ताओं की संशोधित अनंतिम सूची से यह बात सामने आई है।प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क की यात्रा करने वाले हैं। उनके 22 सितंबर को लॉन्ग आइलैंड में 16,000 सीट वाले नासाउ वेटरंस मेमोरियल कोलेजियम में एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करने की योजना है। वह संयुक्त राष्ट्र के ऐतिहासिक ‘भविष्य का शिखर सम्मेलन : बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान’ को भी संबोधित करेंगे, जो 22-23 सितंबर को विश्व निकाय के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।महासभा के 79वें सत्र की आम बहस के लिए संयुक्त राष्ट्र की ओर से जुलाई में जारी वक्ताओं की एक अनंतिम सूची में कहा गया था कि मोदी 26 सितंबर को उच्च स्तरीय बहस में वक्तव्य देंगे। हालांकि, शुक्रवार को जारी एक संशोधित अनंतिम सूची के मुताबिक, मोदी की जगह अब विदेश मंत्री जयशंकर के 28 सितंबर को प्रस्तावित आम बहस में वक्तव्य देने की संभावना है।सूची के साथ महासभा एवं सम्मेलन प्रबंधन के अवर महासचिव मूव्स एबेलियन के हस्ताक्षर वाला एक नोट जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वक्ताओं की संशोधित सूची “प्रतिनिधित्व के स्तर (‘अपग्रेड’ और ‘डाउनग्रेड’) में बदलाव को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और सदस्य देशों के बीच आदान-प्रदान को दर्शाती है।संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र की आम बहस इस साल 24 से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। परंपरागत रूप से बहस में पहला वक्ता ब्राजील 24 सितंबर को उच्च स्तरीय सत्र की शुरुआत करेगा। दूसरा वक्ता अमेरिका होगा, जिसके मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन संयुक्त राष्ट्र के मंच से सदस्य देशों के नेताओं को अपने कार्यकाल का आखिरी संबोधन देंगे।संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस आम बहस की शुरुआत से पहले अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे, जिसके बाद महासभा के 79वें सत्र के अध्यक्ष का संबोधन होगा। इस सत्र से पहले गुतारेस 22-23 सिंतबर तक ‘भविष्य का शिखर सम्मेलन : बेहतर कल के लिए बहुपक्षीय समाधान’ का आयोजन करेंगे। इस शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेता भविष्य के लिए संधि को अपनाने के वास्ते संयुक्त राष्ट्र में एकत्र होंगे, जिसमें पूरक अंश के रूप में एक वैश्विक डिजिटल अनुबंध और भविष्य की पीढ़ियों पर एक घोषणा शामिल होगी।संयुक्त राष्ट्र ने कहा, “शिखर सम्मेलन एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम है, जो विश्व नेताओं को इस बात पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने के लिए साथ लाता है कि हम वर्तमान को कैसे बेहतर बनाएं और भविष्य की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें।”इसके अलावा, लॉन्ग आइलैंड में प्रस्तावित सामुदायिक कार्यक्रम में 24,000 से अधिक प्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लेने की इच्छा जताई है, जिसे मोदी संबोधित करेंगे। इंडियन-अमेरिकन कम्युनिटी ऑफ यूएसए (आईएसीयू) ने एक बयान में कहा कि ‘मोदी एंड यूएस प्रोग्रेस टुगेदर’ कार्यक्रम के लिए पंजीकरण पूरे अमेरिका से 590 सामुदायिक संगठनों के माध्यम से किए गए हैं, जिनमें से सभी ने ‘वेलकम पार्टनर’ के रूप में हस्ताक्षर किए हैं।
- नई दिल्ली। बोइंग का ‘स्टारलाइनर’ यान शुक्रवार को अंतरिक्ष यात्री-सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के बिना ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से धरती पर लौटा। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होने के छह घंटे बाद ‘स्टारलाइनर’ न्यू मेक्सिको के ‘व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज’ पर उतरा।‘स्टारलाइनर’ ने लंबे इंतजार के बाद जून में अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी। हालांकि, यान के ‘थ्रस्टर’ में समस्या आने और हीलियम लीक होने के कारण वह अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने में नाकाम रहा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के दो पायलट अब अगले साल तक आईएसएस पर ही रहेंगे।महीनों तक विल्मोर और विलियम्स की वापसी को लेकर सवाल उठते रहे, क्योंकि इंजीनियर यान में आई समस्याओं को समझने के लिए जूझते रहे। व्यापक परीक्षण के बाद बोइंग ने कहा था कि ‘स्टारलाइनर’ धरती पर वापसी की यात्रा के लिए सुरक्षित है, लेकिन नासा ने इससे असहमति जताई थी और इसके बजाय ‘स्पेसएक्स’ से अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने का फैसला किया था।‘स्पेसएक्स’ यान का इस महीने के अंत तक प्रक्षेपण नहीं किया जाएगा, जिसका मतलब है कि विल्मोर और विलियम्स फरवरी तक अंतरिक्ष में रहेंगे। ‘स्टारलाइनर’ के अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होने के बाद सुनीता विलियम्स ने रेडियो संदेश में कहा, ‘‘वह अपने घर जा रहा है।’’विलियम्स और विल्मोर को ‘स्टारलाइनर’ के अंतरिक्ष की उड़ान भरने के एक सप्ताह बाद जून में पृथ्वी पर लौटना था, लेकिन यान के ‘थ्रस्टर’ में समस्या आने और हीलियम लीक होने के कारण दोनों अंतरिक्ष में ही फंस गए। नासा ने बताया था कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को ‘स्टारलाइनर’ से वापस लाना बहुत जोखिम भरा है। इसलिए, पूरी तरह से स्वचालित यह यान खाली सीट, स्टेशन पर मौजूद कुछ पुराने उपकरणों और अंतरिक्ष में पहने जाने वाले नीले रंग के वस्त्र (स्पेससूट) के साथ धरती पर लौट रहा है।अब ‘स्पेसएक्स’ यान दोनों अंतरिक्षयात्रियों को अगले साल फरवरी में वापस लेकर आएगा, जिससे उनका आठ दिन का यह मिशन आठ महीने से अधिक समय का हो जाएगा। अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और नौसेना के सेवानिवृत्त कैप्टन विल्मोर और विलियम्स अंतरिक्ष में अपने आप को व्यस्त रख रहे हैं और मरम्मत-रखरखाव कार्य एवं प्रयोगों में मदद कर रहे हैं। वे अब अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद सात अन्य यात्रियों के साथ काम कर रहे हैं। नासा के वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि अंतरिक्ष दल का ध्यान ‘स्टारलाइनर’ की वापसी पर इस कदर केंद्रित रहा है कि उनके पास बोइंग की अगली परियोजना के बारे में सोचने का वक्त ही नहीं था।
- गोरखपुर,। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को गोरखपुर में उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया। 49 एकड़ क्षेत्र में फैले इस स्कूल का निर्माण 176 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। उद्घाटन समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।धनखड़ के सुबह गोरखपुर पहुंचने पर योगी ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज गोरखपुर आगमन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और डॉ. सुदेश धनखड़ का स्वागत किया।”‘युवाओं को शिक्षा, देश की रक्षा’ ध्येय से स्थापित इस स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा के तहत शिक्षा प्रदान की जाने की व्यवस्था की गई है। प्रवेश परीक्षा के जरिये कक्षा 6 और 9 में दाखिला लेने के बाद इस स्कूल में पहली जुलाई से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। पहले चरण में इस स्कूल में कक्षा 6 और 9 में 84-84 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है। इनमें 40 छात्राएं और 128 छात्र शामिल हैं। सैनिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग परिसर है। स्कूल का प्रशासनिक भवन प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का दर्शन कराता है।
- जबलपुर। मध्य प्रदेश में जबलपुर रेलवे स्टेशन के पास इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस के दो डिब्बे शनिवार सुबह पटरी से उतर गए।रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 5.40 बजे हुई इस दुर्घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।अधिकारी के अनुसार, मरम्मत का काम जारी है और घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है।जबलपुर स्टेशन पश्चिम-मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) क्षेत्र के अंतरगत आता है।अधिकारी ने बताया, “इंदौर-जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22191) के दो डिब्बे उस समय पटरी से उतर गए, जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह के पास पहुंच रही थी।”अधिकारी के मुताबिक, पटरी से उतरे डिब्बे इंजन के ठीक पीछे थे। उन्होंने बताया कि पटरी से उतरने की घटना प्लेटफॉर्म से करीब 50 मीटर की दूरी पर हुई।पश्चिम-मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (डीसीएम) मधुर वर्मा ने कहा, “ट्रेन का निर्धारित आगमन समय सुबह 5.35 बजे था। यह दुर्घटना सुबह 5.38 बजे हुई, जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन में प्रवेश करने वाली थी। लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन को रोक दिया और अन्य डिब्बों को बेपटरी होने से बचा लिया।”वर्मा ने कहा, “इंजन से सटे दो डिब्बे पटरी से उतर गए, लेकिन सौभाग्य से इस घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ।” उन्होंने बताया कि हादसे के बाद यात्री ट्रेन से उतर गए और पास की पटरियों पर यातायात लगभग आधे घंटे तक रोक दिया गया।वर्मा ने बताया, “जांच के लिए एक बहु-विभागीय समिति गठित की गई है।” उन्होंने कहा कि रेल यातायात पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि स्टेशन का केवल एक प्लेटफॉर्म परिचालन के लिए बंद था।पश्चिम-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने कहा, “जब यह घटना हुई, तब ट्रेन पांच किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही थी। जांच के बाद ही ट्रेन के पटरी से उतरने के पीछे का कारण पता चलेगा।” उन्होंने कहा कि मार्ग पर रेôल यातायात सामान्य है।1
- जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का शनिवार को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के बाद यह चुनाव जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र ध्वज और संविधान के तहत होने वाला पहला विधानसभा चुनाव है।शाह ने कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) गठबंधन पर ‘पुरानी व्यवस्था’ को पुनर्जीवित करने की कोशिशें करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार आतंकवाद को फिर से सिर नहीं उठाने देगी और गुर्जर, पहाड़ी, बक्करवाल तथा दलित समेत किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने देगी, जिन्हें भाजपा सरकार ने आरक्षण दिया है।शाह 18 सितंबर से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को मजबूती देने के वास्ते जम्मू के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने शुक्रवार को दौरे के पहले दिन पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी किया और प्रचार रणनीति पर चर्चा के लिए वरिष्ठ मंत्रियों के साथ दो अहम बैठकों की अध्यक्षता भी की।गृह मंत्री ने शनिवार को यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की एक रैली में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में आगामी चुनाव ऐतिहासिक हैं, क्योंकि आजादी के बाद यहां पहली बार हमारे राष्ट्र ध्वज व संविधान के तहत चुनाव हो रहे हैं, जबकि पहले दो ध्वज और दो संविधान के तहत चुनाव होते थे। हमारे पास कश्मीर से कन्याकुमारी तक केवल एक प्रधानमंत्री है और वह नरेंद्र मोदी हैं।’नेकां-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि वे एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को ऐसे वक्त में आतंकवाद की आग में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं, जब सरकार केंद्र-शासित प्रदेश में आतंकवाद की घटनाओं में 70 फीसदी कमी लेकर आई है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘नेकां और कांग्रेस कभी जम्मू-कमीर में सरकार नहीं बना पाएंगी, इसे लेकर आश्वस्त रहें।’ शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अगली सरकार बनाने में पार्टी उम्मीदवारों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
- चंडीगढ़।पंजाब के पठानकोट में शनिवार को हिमाचल प्रदेश से आ रही एक बस के पलटने से एक यात्री की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उसने बताया कि पठानकोट के बुंगल बधानी गांव के निकट बस चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।पुलिस ने कहा कि हिमाचल प्रदेश रोडवेज की बस हिमाचल प्रदेश के चंबा से आ रही थी और अमृतसर की ओर जा रही थी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में पंजाब के बटाला निवासी 22 वर्षीय यात्री की मौत हो गई।
- नोएडा (उप्र) । उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले के छोलस गांव में शनिवार को तेज बारिश में एक घर की छत गिरने से सात लोग मलबे में दब गए जिनमें से चार की हालत गंभीर है। पुलिस ने यह जानकारी दी। अपर पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय) अशोक कुमार सिंह ने बताया कि छोलस गांव के सैफ अली के मकान की छत तेज बारिश के कारण शनिवार को गिर गई। छत गिरने से सात लोग मलबे में दब गए ।जानकारी के मुताबिक छोलस गांव में शेफाली परिवार के साथ रहता है। वह मजदूरी करता है। बताया जा रहा है कि शनिवार तड़के बारिश के चलते मकान की कच्ची छत नीचे गिर गई। इस दौरान मकान की छत के मलबे में शेफाली सहित परिवार के सात लोग दब गए। परिवार के चीखने चिल्लाने पर आस पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने मलबे में दबे शेफाली उसकी बुआ शकीला, बेटे शान और आलीशान समेत 7 लोगों को बाहर निकालकर दादरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है।
- इंफाल/कोलकाता । मणिपुर के जिरीबाम जिले में शनिवार सुबह हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह सो रहा था, वहीं बाद में हुई गोलीबारी में चार हथियारबंद लोग मारे गए।अधिकारी के मुताबिक, उग्रवादी जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर अकेले रहने वाले व्यक्ति के घर में घुसे और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारी ने बताया कि हत्या के बाद जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर पहाड़ियों में युद्धरत समुदायों के हथियारबंद लोगों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसमें तीन पहाड़ी उग्रवादियों सहित चार हथियारबंद लोगों की मौत हो गई। आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंटरपोल ने 2023 में भारत के अनुरोध पर 100 रेड नोटिस जारी किए, जो एक साल में सर्वाधिक संख्या है। साथ ही कहा कि दुनिया भर के पुलिस बलों से कहा गया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में उन भगोड़ों को हिरासत में लें, जो भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित हैं और जिन्होंने सीमा पार की है। सूद ने सीबीआई द्वारा आयोजित 10वें इंटरपोल संपर्क अधिकारी (आईएलओ) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोगियों की मदद से 2023 में 29 और 2024 में अब तक 19 वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई के ‘ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर' ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय सहायता के 17,368 अनुरोधों पर कार्रवाई की। गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी सीबीआई के ‘ग्लोबल ऑपरेशन सेंटर' की सराहना की और रेखांकित किया कि यह केंद्र प्रतिदिन सहायता के 200-300 अनुरोधों पर गौर कर रहा है। गोविंद मोहन ने कहा कि अपराधियों एवं भगोड़ों को अंतरराष्ट्रीय न्याय क्षेत्र में भिन्नता के कारण लाभ नहीं मिलना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। सूद ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वांछित अपराधियों और भगोड़ों के संबंध में इंटरपोल द्वारा 100 से अधिक रेड नोटिस जारी किए गए, जो किसी एक साल में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इंटरपोल रेड नोटिस गिरफ्तारी वारंट नहीं, बल्कि दुनिया भर के कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध है कि वे प्रत्यर्पण, आत्मसमर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए वांछित व्यक्ति का पता लगाएं और अस्थायी रूप से गिरफ्तार करें। सीबीआई निदेशक ने कहा कि आज दुनिया आतंकवाद, ऑनलाइन चरमपंथ, साइबर वित्तीय अपराध, ऑनलाइन बाल यौन शोषण, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे गंभीर और वैश्विक अपराधों और खतरों का सामना कर रही है। सूद ने कहा, "मजबूत कानूनी ढांचे, नवाचार पहल, प्रौद्योगिकी से सक्षम भारत की पुलिस सक्रिय अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ मिलकर इन चुनौतियों का समाधान करने में सबसे आगे रही है।" उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी से जुड़े अपराधों के प्रसार के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "अपराध अब सीमाओं से बंधे नहीं हैं, और न ही उनसे निपटने के हमारे प्रयासों को सीमित किया जाना चाहिए।" सूद ने कहा, "कानून प्रवर्तन पेशेवरों को आपराधिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहायता के समन्वय के विभिन्न तरीकों से अच्छी तरह परिचित होना चाहिए।" सम्मेलन के दौरान, प्रतिभागियों को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा प्रत्यर्पण, अस्थायी गिरफ्तारी और स्थानीय अभियोजन से संबंधित बाधाओं के बारे में जानकारी दी गई। सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "सत्रों में इंटरपोल चैनल, ग्लोब-ई नेटवर्क और जटिल अंतरराष्ट्रीय अपराधों की जांच पर ध्यान केंद्रित किया गया।" उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की इस गोलमेज बैठक में बीकेए (जर्मनी), एफबीआई (अमेरिका), सीबीआई, राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी (जापान), राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (ब्रिटेन), पीडीआई (चिली) और नेपाल पुलिस के वक्ताओं ने भाग लिया। बयान में कहा गया है, "वक्ताओं ने इस बात को रेखांकित किया कि अपराध का वैश्वीकरण एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इन खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए विभिन्न देशों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ सहयोग और भागीदारी की जरूरत है।'' बयान के अनुसार सीबीआई अपराध, अपराधियों और अपराध से हुई आय से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के औपचारिक और अनौपचारिक साधनों के उपयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के उद्देश्य से 2003 से ‘आईएलओ' सम्मेलन का आयोजन कर रही है।
- नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने कहा कि अपराध के आंकड़ों से पता चलता है कि संविदा कर्मचारी बड़ी संख्या में छेड़छाड़, यात्रियों के सामान और रेलवे संपत्ति की चोरी के मामलों में शामिल पाए गए हैं, इसलिए उनकी नियुक्ति से पहले पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए। बोर्ड ने कहा कि रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि इनमें से कई मामलों में पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। बोर्ड ने सभी 17 रेलवे जोन के महाप्रबंधकों और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को भेजे गए एक परिपत्र में कहा, "सुरक्षा (अपराध) आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारतीय रेल में कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें संविदा कर्मचारी यात्रियों के सामान की चोरी, छेड़छाड़, रेलवे संपत्ति की चोरी जैसे कई मामलों में शामिल हैं।" बोर्ड ने 20 अगस्त के परिपत्र में सुधारात्मक उपाय सुझाते हुए कहा, "उपर्युक्त के मद्देनजर, जोनल रेलवे और आईआरसीटीसी को सलाह दी जाती है कि ट्रेनों और स्टेशनों पर भारतीय रेलवे के तहत काम करने वाले 100 प्रतिशत ‘कैटरिंग' कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि संबंधित कर्मचारियों के इतिहास का पता चल सके।" रेलवे अधिकारियों ने कहा कि बोर्ड को यह परिपत्र तब जारी करना पड़ा, जब यह पाया गया कि विभिन्न सेवाओं के नियुक्त कई संविदा कर्मचारियों के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले लंबित हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे से बचने का एकमात्र उपाय पुलिस सत्यापन है, इसलिए बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेल परिचालन के हित में जोन और आईआरसीटीसी को सलाह दी है।
- भुवनेश्वर. ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में बताया कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में आकाशीय बिजली गिरने से 1,625 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक टंकधर त्रिपाठी के एक सवाल में मंत्री ने कहा कि 2019-20 से 2023-24 के दौरान पूरे राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 1,625 लोगों की मौत हुई। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 372 लोगों, 2020-21 में 338 लोगों और 2021-22 के दौरान 294 लोगों की जान गई। पुजारी ने सदन को लिखित जवाब में बताया कि राज्य में 2022-23 में 334 और 2023-24 के दौरान 287 लोग आकाशीय बिजली गिरने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रश्न पर चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा कि इस अवधि के दौरान राज्य में आकाशीय बिजली गिरने के कारण मौत का आंकड़ा देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में खनिज भंडार अधिक हैं, वहां बिजली गिरने से होने वाली मौतें अधिक होती हैं, क्योंकि खनिज विद्युत के अच्छे संवाहक होते हैं।
- पुणे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि मणिपुर में चुनौतीपूर्ण स्थिति और सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होने के बावजूद संगठन के स्वयंसेवक संघर्षग्रस्त पूर्वोत्तर राज्य में मजबूती से डटे हैं। भागवत शंकर दिनकर काणे (जिन्हें भैयाजी के नाम से भी जाना जाता है) की शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर थे। काणे ने मणिपुर में काम किया, 1971 तक बच्चों की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया, छात्रों को महाराष्ट्र लाए और उनके रहने की व्यवस्था की थी। संघ प्रमुख ने कहा, “मणिपुर में स्थिति बहुत कठिन है। सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित हैं। जो लोग वहां व्यापार या सामाजिक कार्य के लिए गए हैं, उनके लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी संघ के स्वयंसेवक मजबूती से तैनात हैं और दोनों गुटों की सेवा कर रहे हैं तथा स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं।” भागवत ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक न तो उस राज्य से भागे हैं और न ही निष्क्रिय बैठे हैं, बल्कि वे वहां जीवन को सामान्य बनाने, दोनों समूहों के बीच क्रोध और द्वेष को कम करने तथा राष्ट्रीय एकता की भावना सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “एनजीओ सब कुछ नहीं संभाल सकते, लेकिन संघ अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहा है। वे संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से बातचीत कर रहे हैं। नतीजतन, उन्होंने उनका (लोगों का) विश्वास हासिल कर लिया है। इस विश्वास का कारण यह है कि स्थानीय लोगों ने वर्षों से काणे जैसे लोगों के काम को देखा है।” संघ प्रमुख ने कहा, “हम सभी भारत को वैश्विक मुद्दों पर काम करने वाला देश बनाने की बात करते हैं, लेकिन यह केवल काणे जैसे लोगों की तपस्या के कारण ही संभव है।” उन्होंने कहा कि लगभग 15 वर्ष पहले ‘पूर्वांचल' क्षेत्र को “समस्याओं वाला क्षेत्र” कहा जाता था और कुछ चरमपंथी समूह तो अलग होने की भाषा भी बोलते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और क्षेत्र में बदलाव आया। भागवत ने कहा, “लोगों में स्वधर्म की भावना व्याप्त है। हम भारत के हैं, यह भावना मजबूत होती जा रही है। मणिपुर जैसे राज्यों में आज जो अशांति हम देख रहे हैं, वह कुछ लोगों का काम है जो प्रगति के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न करना चाहते हैं। लेकिन उनकी योजना सफल नहीं होगी।” आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जब 40 साल पहले स्थिति बदतर थी, तब लोग वहीं रुके, काम किया और स्थिति को बदलने में मदद की। उन्होंने कहा, “संघ के सदस्य, चाहे वे स्वयंसेवक हों या प्रचारक, वहां गए, उस क्षेत्र का हिस्सा बन गए और परिवर्तन लाने के लिए काम किया।” भागवत ने कहा कि जिस भारत का सपना देखा गया है, उसे साकार करने में दो और पीढ़ियां लगेंगी।उन्होंने कहा, “इस रास्ते में हमें उन लोगों की ओर से बाधाओं का सामना करना पड़ेगा जो भारत के उत्थान से ईर्ष्या करते हैं। लेकिन हमें इन बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ना होगा।”
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को बधाई दी और पूर्व राष्ट्रपति एस राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं। यह युवा मन को आकार देने वाले सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।" तमिलनाडु में पांच सितंबर 1888 को जन्मे डॉ. राधाकृष्णन को भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् और महान दार्शनिक के तौर पर जाना जाता है। उनके सम्मान में उनकी जयंती को ‘शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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महाराजगंज. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा बृहस्पतिवार अपराह्न पनियरा थाना क्षेत्र के मुजुरी पनियरा मार्ग पर डिंगुरी गांव के पास हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आतिश कुमार सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसके कारण मोटरसाइकिल पर सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान आकाश (17), छोटू (25) और डबलू (35) के रूप में हुई है। सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। -
कोरापुट (ओडिशा) .ओडिशा के रायगढ़ जिले में 22 वर्षीय एक महिला ने चलती बस में एक शिशु को जन्म दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मां और नवजात को रायगढ़ के गुनुपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि परलाखेमुंडी से बुधवार शाम साढ़े पांच बजे बस रवाना हुई थी, लेकिन इसके 30 मिनट बाद ही महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि बस में परलाखेमुंडी अस्पताल के चिकित्सक अरुण नायक और एक यात्री महिला की पीछे वाली सीट पर बैठे थे। चिकित्सक ने यात्री की मदद से महिला को शिशु को जन्म देने में सहायता की। उन्होंने बताया कि बस के कर्मचारियों ने मां और नवजात शिशु को तत्काल परलाखेमुंडी से 50 किलोमीटर दूर स्थित गुनुपुर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल अधीक्षक रमेश साहू के अनुसार, मां और उसका नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं। नवजात का वजन 2.2 किलोग्राम है। -
सिंगापुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सिंगापुर को विकासशील देशों के लिए एक आदर्श बताया और कहा कि भारत अपने खुद के ‘‘कई सिंगापुर'' बनाना चाहता है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने इस देश की चौथी पीढ़ी के नेतृत्व पर भरोसा जताया। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सिंगापुर महज एक साझेदार देश नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक विकासशील देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत में भी कई ‘सिंगापुर' बनाना चाहते हैं और मुझे खुशी है कि हम इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे बीच जिस मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की व्यवस्था हुई है, वह एक पथ-प्रदर्शक तंत्र है।'' सिंगापुर के प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आपके प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह हमारी पहली मुलाकात है। मेरी ओर से आपको बहुत-बहुत बधाई। मुझे पूरा भरोसा है कि 4जी (चौथी पीढ़ी के नेताओं) के नेतृत्व में सिंगापुर और भी तेजी से प्रगति करेगा।'' वोंग ने मई में सिंगापुर के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अर्थशास्त्री से नेता बने वोंग (51) ने 72 वर्षीय ली सीन लूंग का स्थान लिया जो दो दशक तक सिंगापुर के प्रधानमंत्री रहे। ये दोनों ही नेता सत्तारूढ़ ‘पीपुल्स एक्शन पार्टी' (पीएपी) से संबंधित हैं जो पांच दशकों से अधिक समय से सिंगापुर की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ा रही है। पूर्व उपप्रधानमंत्री वोंग प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में पीएपी नेताओं की चौथी पीढ़ी की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ब्रुनेई की अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा समाप्त करने के बाद वोंग के निमंत्रण पर इस दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की अपनी पांचवीं आधिकारिक यात्रा के तहत बुधवार को यहां पहुंचे थे। मोदी ने कहा, ‘‘कौशल, डिजिटलीकरण, गतिशीलता, उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर और एआई (कृत्रिम मेधा), स्वास्थ्य सेवा, स्थिरता और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोगात्मक पहलों की पहचान की गई है।'' मोदी ने कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट' नीति के लिए भी सिंगापुर बहुत अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक मूल्यों में हमारी साझा आस्था हमें जोड़ती है। मुझे अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में सिंगापुर आने का अवसर पाकर बहुत खुशी हो रही है।'' भारत और सिंगापुर के बीच रणनीतिक साझेदारी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘पिछले 10 साल में हमारा व्यापार दोगुने से भी अधिक हो गया है। आपसी निवेश लगभग तीन गुना बढ़कर 150 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। सिंगापुर पहला देश था जिसके साथ हमने ‘यूपीआई पर्सन टू पर्सन' (यूपीआई के माध्यम से दो व्यक्तियों या व्यक्तिगत खातों के बीच राशि का हस्तांतरण) भुगतान सुविधा शुरू की।'' उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि पिछले 10 साल में सिंगापुर के 17 उपग्रहों को भारतीय धरती से प्रक्षेपित किया गया है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास से लेकर रक्षा क्षेत्र तक सहयोग में तेजी आई है और ‘सिंगापुर एअरलाइंस' तथा ‘एअर इंडिया' के बीच समझौते से संपर्क सुविधा मजबूत हुई है। मोदी ने कहा, ‘‘हम अपने संबंधों को एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जा रहे हैं। सिंगापुर में रहने वाले भारतीय मूल के 3.5 लाख लोग हमारे संबंधों की मजबूत नींव हैं...हम सिंगापुर में सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज और ‘लिटिल इंडिया' को मिले स्थान और सम्मान के लिए सिंगापुर के हमेशा आभारी रहेंगे।'' भारत एवं सिंगापुर 2025 में अपने संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। मोदी ने इस अवसर को भव्य तरीके से मनाने के लिए दोनों देशों से एक कार्ययोजना बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। मोदी ने कहा, ‘‘मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत का पहला तिरुवल्लुवर सांस्कृतिक केंद्र जल्द ही सिंगापुर में खोला जाएगा। महान संत तिरुवल्लुवर ने दुनिया का मागदर्शन करने वाले अपने विचार सबसे प्राचीन भाषा तमिल में व्यक्त किए थे। उनकी रचना ‘तिरुक्कुरल' लगभग 2,000 साल पहले लिखी गई थी, फिर भी इसमें व्यक्त किए गए विचार आज भी प्रासंगिक हैं।'' प्रधानमंत्री ने तिरुवल्लुवर के इन शब्दों को उद्धृत किया- ‘‘नयानोडु नानरी पुरींड पयानुदैयार पंबू परट्टुं उलगु'' (दुनिया उन लोगों की सराहना करती है जो न्याय की समझ और दूसरों की सेवा करने के भाव के लिए जाने जाते हैं)। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सिंगापुर में रहने वाले लाखों भारतीय भी इन विचारों से प्रेरित हैं और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि उन्होंने सिंगापुर में शांगरी-ला वार्ता के दौरान हिंद-प्रशांत को लेकर भारत के दृष्टिकोण को पेश किया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए सिंगापुर के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। मुझे दिए गए सम्मान और गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए मैं एक बार फिर दिल से धन्यवाद देता हूं।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल बातों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे अमल में भी लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और माता-पिता की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इस तरह से शिक्षित करें कि वे हमेशा महिलाओं की गरिमा बनाए रखें।
मुर्मू ने यहां राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘किसी भी समाज में महिलाओं की स्थिति उनके विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मानदंड है। शिक्षकों और अभिभावकों की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इस तरह शिक्षित करें कि वे हमेशा महिलाओं की गरिमा बनाये रखें।'' राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षकों का यह कर्तव्य है कि वे ऐसे नागरिक तैयार करें जो न केवल शिक्षित हों बल्कि संवेदनशील, ईमानदार और व्यावहारिक भी हों। उन्होंने कहा, जीवन में आगे बढ़ना ही सफलता है, लेकिन जीवन का अर्थ दूसरों के कल्याण के लिए काम करने में निहित है। हममें करुणा होनी चाहिए। हमारा आचरण नैतिक होना चाहिए। सार्थक जीवन में ही सफल जीवन निहित है। छात्रों को ये मूल्य सिखाना शिक्षकों का कर्तव्य है।'' मुर्मू ने कहा कि किसी भी शिक्षा प्रणाली की सफलता में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षण केवल एक नौकरी नहीं है। यह मानव के विकास का एक पवित्र मिशन है। यदि कोई बच्चा अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं है, तो शिक्षा प्रणाली और शिक्षकों की जिम्मेदारी अधिक होती है।'' उन्होंने कहा कि शिक्षक अक्सर केवल उन विद्यार्थियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो अकादमिक रूप से उत्कृष्ट होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन उत्कृष्टता का केवल एक आयाम है। एक बच्चा बहुत अच्छा खिलाड़ी हो सकता है; किसी बच्चे में नेतृत्व कौशल हो सकता है; कोई बच्चा सामाजिक कल्याण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने में रुचि रखता है। शिक्षक को प्रत्येक बच्चे की स्वाभाविक प्रतिभा को पहचानना होगा और उसे बाहर लाना होगा।'' राष्ट्रपति ने शिक्षकों से कहा कि उनके छात्रों की पीढ़ी एक विकसित भारत का निर्माण करेगी। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को वैश्विक सोच और विश्वस्तरीय कौशल रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘महान शिक्षक महान राष्ट्र का निर्माण करते हैं। केवल विकसित मानसिकता वाले शिक्षक ही ऐसे नागरिक तैयार कर सकते हैं जो विकसित राष्ट्र का निर्माण करेंगे। मुझे विश्वास है कि विद्यार्थियों को प्रेरित करके हमारे शिक्षक भारत को दुनिया का ज्ञान केंद्र बनाएंगे।
- सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को सिंगापुर में शीर्ष कारोबारियों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) से मुलाकात की। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने भारत में निवेश और नवोन्मेषण लाने के लिए उन्हें देश में अभी जारी सुधारों के बारे में बताया।सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के निमंत्रण पर मोदी अभी दो दिन की सिंगापुर की यात्रा पर हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ सिंगापुर में शीर्ष कारोबारियों और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) से बातचीत की। हमने आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। मैंने भारत में जारी उन सुधारों को रेखांकित किया जो निवेश तथा नवाचार को बढ़ावा देंगे।’’ भारत-सिंगापुर व्यापार पिछले 10 साल में दोगुना से भी अधिक हो गया है। पारस्परिक निवेश करीब तीन गुना होकर 150 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है।
- गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में संपत्ति के एक हिस्से को लेकर 20 वर्षीय आरोपी युवक ने बुधवार को हथौड़े से चचेरे भाई की हत्या कर दी तथा चाची को घायल कर दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई है। आरोपी रविंदर ने कुमार के घर में घुसकर उस पर हथौड़े से हमला किया। राकेश के भाई राजेश ने पुलिस को बताया कि उसका चचेरा भाई घर में घुस आया और सोते समय राकेश पर हमला कर दिया। राजेश ने पुलिस थाने में दर्ज कराई शिकायत में कहा, "परिवार के सदस्यों के बीच एक प्लॉट को लेकर कुछ विवाद था। यह मामला पंचायत में सुलझा लिया गया था, लेकिन बुधवार को मेरा चचेरा भाई रविंदर घर में घुस आया और जब राकेश सो रहा था तो उसने उस पर हथौड़े से हमला कर दिया।'' उन्होंने बताया कि जब उनकी मां ने उसे बचाने की कोशिश की तो रविंदर ने उन पर भी हमला कर दिया और फिर मौके से भाग गया। राजेश ने कहा, "हम उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मेरे भाई को मृत घोषित कर दिया।" पुलिस ने बताया कि आरोपी रविंदर को पकड़ने के लिए तीन टीम गठित की गई हैं।सदर पुलिस थाने के थाना प्रभारी अर्जुन देव ने कहा, ''हमने पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया है। घायल महिला की हालत स्थिर है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हथौड़ा जब्त कर लिया है।''
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नयी दिल्ली ।भारत में सड़क दुर्घटना की जांच अक्सर ‘दोषी' चालकों पर केंद्रित होती है, जबकि जांच के तरीके बुनियादी हैं और उनमें गहनता का अभाव है जिससे दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कारकों की व्यापक समझ नहीं हो पाती। एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। बिना किसी गति नियंत्रण उपायों के बस्तियों से गुजरने वाले राजमार्गों के खंडों पर ‘ब्लैक स्पॉट' का एक बड़ा हिस्सा, शहर की सड़कों पर पैदल यात्री पथों और साइकिल ट्रैक की कमी, बस स्टॉप और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों के पास सुरक्षित क्रॉसिंग सुविधाओं की कमी और सीट बेल्ट तथा हेलमेट का कम उपयोग रिपोर्ट में उजागर की गई खामियों में शामिल हैं। रिपोर्ट का अनावरण बुधवार को सड़क दुर्घटनाओं में चोटों की रोकथाम और सुरक्षा बढ़ाने के लिए आयोजित 15वें विश्व सम्मेलन में किया गया। यह दस्तावेज जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया द्वारा तैयार किया गया है और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के भारत कार्यालय द्वारा इसका समर्थन किया गया है। इसमें कहा गया, ‘‘सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 4 ई - इंजीनियरिंग (सड़क और वाहन), इन्फोर्समेंट (प्रवर्तन), एजुकेशन (शिक्षा) और (इमरजेंसी केयर) आपातकालीन देखभाल - में सन्निहित कई सड़क सुरक्षा पहल लागू हैं।'' इसके अनुसार, ‘‘हालांकि, यह एक अलग दृष्टिकोण है और क्रमबद्ध सोच, सतत विकास तथा समानता के दृष्टिकोण से दायरे को सीमित करता है, जो सड़क सुरक्षा और सतत विकास पर त्वरित कार्रवाई के लिए बहुत जरूरी है।'' रिपोर्ट में कहा गया है कि राजमार्गों पर दुर्घटना अवरोधों की अनुपस्थिति या अपर्याप्तता एकल-वाहन दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार होती है। इसके अनुसार, ‘‘सड़क दुर्घटना की जांच अक्सर ‘गलती करने वाले' चालक, निवारक साक्ष्य, व्यवस्थित सड़क डिजाइन और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित होती है। सड़क दुर्घटनाओं के लिए जांच के तरीके बुनियादी हैं और उनमें गहनता की कमी है, जिससे दुर्घटना के लिए जिम्मेदार कारकों की व्यापक समझ नहीं हो पाती है।'' इसमें कहा गया है, ‘‘नियमित सड़क सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण लगातार नहीं किए जाते हैं, जिससे सड़क बुनियादी ढांचे में सुरक्षा से समझौते करने वाले ऐसे खतरे और खामियां रहती हैं जिनकी अनदेखी की जाती है।''
- आइजोल,। मिजोरम सरकार ने इस महीने की शुरुआत से पेट्रोल और डीजल के दाम चार रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। राज्य के एक मंत्री ने बुधवार को यह जानकारी दी। मिजोरम के कराधान मंत्री डॉ वनललथलाना ने कहा कि ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी सामाजिक बुनियादी ढांचे और सड़क रखरखाव के लिए वित्त जुटाने के इरादे से की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने सामाजिक बुनियादी ढांचे और सेवा उपकर के लिए डीजल और पेट्रोल दोनों पर दो-दो रुपये प्रति लीटर और सड़क रखरखाव के लिए दो रुपये प्रति लीटर का नया शुल्क लगाया है।'' उन्होंने कहा कि नई कीमतें राज्य में एक सितंबर से लागू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लोगों के लाभ और कल्याण के लिए लिया गया है। वनललथलाना ने कहा कि कुल चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी और हाल में वैट शुल्क बढ़ाए जाने के बावजूद ईंधन की मौजूदा कीमतें वर्ष 2021 की कीमतों से कम हैं। मिजोरम सरकार ने हाल ही में पेट्रोल पर वैट 5.23 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और डीजल पर 16.36 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की थी। इस अतिरिक्त शुल्क के साथ राजधानी आइजोल में पेट्रोल की मौजूदा कीमत 99.24 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत 88.02 रुपये प्रति लीटर है। पहले इनकी कीमत क्रमशः 93.93 रुपये और 82.62 रुपये प्रति लीटर थी।
- सिद्धार्थनगर (उप्र)। जिले की एक महिला के साथ एक निजी एम्बुलेंस के चालक और सहायक द्वारा कथित तौर पर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि महिला ने गंभीर रूप से बीमार अपने पति को घर ले जाने के लिए एम्बुलेंस किराए पर ली थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने उसके पति को दी जा रही ऑक्सीजन की आपूर्ति भी रोक दी, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। महिला के पति का लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज हो रहा था।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने 29 अगस्त की शाम को अपने पति को अस्पताल से छुट्टी दिलाकर निजी एम्बुलेंस से घर ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन लौटते समय चालक और सहायक ने महिला के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की। उसकी शिकायत के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया, तो चालक ने गंतव्य से लगभग 150 किलोमीटर पहले बस्ती जिले में एम्बुलेंस को रोक दिया और उसे, उसके भाई और उसके पति को वाहन से बाहर निकाल दिया। महिला ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, जिसने उसके पति को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए एक अन्य एम्बुलेंस की व्यवस्था की, जहां पहुंचने पर उसके पति को मृत घोषित कर दिया गया। महिला लखनऊ लौटी और बुधवार को गाजीपुर थाने में चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) जितेंद्र कुमार दुबे ने कहा, “हमने महिला की शिकायत के आधार पर घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। हमारी टीमें आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही हैं।”
- रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को बेहतर ढ़ंग से संचालित करने के लिए केदारपुरी में व्यवसाय कर रहे व्यापारियों एवं स्थानीय लोगों के वास्ते आज से निःशुल्क हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है। रुद्रप्रयाग के जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जुलाई में अतिवृष्टि के बाद केदारनाथ में व्यवसाय कर रहे लोगों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालकर नीचे लाया गया था तथा अब उन्हें निशुल्क हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंचाया जाएगा । चौबे ने बताया कि विशेष हैली सेवा का संचालन हिमालय शेरसी हैलीपैड से किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इसके लिए इच्छुक ग्रामीणों को अपने व्यवसाय से संबंधित दस्तावेजों सहित अपना संपूर्ण विवरण संबंधित ग्राम प्रधान को उपलब्ध कराना होगा ताकि आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचाया जा सके। इकत्तीस जुलाई को केदारघाटी में बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ पैदल मार्ग तथा मोटर मार्ग का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण धाम की यात्रा अवरुद्ध हो गई थी। जिला प्रशासन द्वारा मार्ग को दुरूस्त कर दिया गया है जिसके बाद धीरे-धीरे केदारनाथ यात्रा पटरी पर आने लगी है।
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श्रीनगर। निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान मीडिया संस्थानों द्वारा अथवा किसी अन्य तरीके से ‘एग्जिट पोल' जारी करने पर रोक लगा दी है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत यह प्रतिबंध लगाया है। चुनावों के दौरान समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाने वाला यह एक नियमित कदम है। आयोग के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अधिसूचना के अनुसार, चुनाव परिणामों पर एग्जिट पोल प्रतिबंध मतदान के पहले दिन मतदान के लिए निर्धारित समय से शुरू होगा और जम्मू-कश्मीर में मतदान समाप्त होने के आधे घंटे बाद तक जारी रहेगा।'' जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होंगे, जिसमें पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण का मतदान 25 सितंबर को और तीसरे चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 126ए का उपयोग करते हुए, निर्वाचन आयोग की अधिसूचना में इस बात पर जोर दिया गया कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का ‘एग्जिट पोल' नहीं करेगा और प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशित या प्रचारित नहीं करेगा। इस अवधि के दौरान किसी भी एग्जिट पोल के परिणाम पर रोक लगा दी गयी है।
निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के मुताबिक कोई भी व्यक्ति जो इस धारा के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसे दो वर्ष तक के कारावास या जुर्माने अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग 18 सितंबर, 2024 (बुधवार) को सुबह सात बजे से लेकर पांच अक्टूबर, 2024 (शनिवार) को शाम 6:30 बजे के बीच की अवधि को अधिसूचित करता है...इस दौरान प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित किसी भी माध्यम से एग्जिट पोल का संचालन, प्रकाशन या प्रचार, उपरोक्त विधानसभा चुनावों के संबंध में प्रतिबंधित रहेगा। -
बहराइच. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों के बढ़ते हमलों के बीच विशेषज्ञों का कहना है कि भेड़िये बदला लेने वाले जानवर होते हैं और संभवत: पूर्व में इंसानों द्वारा उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाए जाने के प्रतिशोध के रूप में ये हमले किए जा रहे हैं। बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र के लोग मार्च से भेड़ियों के आतंक का सामना कर रहे हैं। बरसात के मौसम में हमले बढ़े हैं और जुलाई माह से लेकर सोमवार रात तक इन हमलों से सात बच्चों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित करीब 36 लोग घायल भी हुए हैं। भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी और बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में वन अधिकारी रह चुके ज्ञान प्रकाश सिंह अपने तजुर्बे के आधार पर बताते हैं कि भेड़ियों में बदला लेने की प्रवृत्ति होती है और पूर्व में इंसानों द्वारा उनके बच्चों को किसी ने किसी तरह की हानि पहुंचाई गई होगी, जिसके बदले के स्वरूप ये हमले हो रहे हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद ‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया' के सलाहकार के तौर पर सेवाएं दे रहे सिंह ने पूर्व के एक अनुभव का जिक्र करते हुए बताया, “20-25 साल पहले उत्तर प्रदेश के जौनपुर और प्रतापगढ़ जिलों में सई नदी के कछार में भेड़ियों के हमलों में 50 से अधिक इंसानी बच्चों की मौत हुई थी। पड़ताल करने पर पता चला था कि कुछ बच्चों ने भेड़ियों की एक मांद में घुसकर उनके दो बच्चों को मार डाला था। भेड़िया बदला लेता है और इसीलिए उनके हमले में इंसानों के 50 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। बहराइच में भी कुछ ऐसा ही मामला लगता है।” उन्होंने कहा, “जौनपुर और प्रतापगढ़ में भेड़ियों के हमले की गहराई से पड़ताल करने पर मालूम हुआ कि अपने बच्चे की मौत के बाद भेड़िये काफी उग्र हो गए थे। वन विभाग के अभियान के दौरान कुछ भेड़िये पकड़े भी गए थे, लेकिन आदमखोर जोड़ा बचता रहा और बदला लेने के मिशन में कामयाब भी होता गया। हालांकि, अंतत: आदमखोर भेड़िये चिह्नित हुए और दोनों को गोली मार दी गई, जिसके बाद भेड़ियों के हमले की घटनाएं बंद हो गईं।” सिंह के अनुसार, बहराइच की महसी तहसील के गांवों में हो रहे हमलों का पैटर्न भी कुछ ऐसा ही एहसास दिला रहा है। उन्होंने कहा, “इसी साल जनवरी-फरवरी माह में बहराइच में भेड़ियों के दो बच्चे किसी ट्रैक्टर से कुचलकर मर गए थे। तब उग्र हुए भेड़ियों ने हमले शुरू किए तो हमलावर भेड़ियों को पकड़कर 40-50 किलोमीटर दूर बहराइच के ही चकिया जंगल में छोड़ दिया गया। संभवतः यहीं थोड़ी गलती हुई।” सिंह ने बताया, “चकिया जंगल में भेड़ियों के लिए प्राकृतिक वास नहीं है। ज्यादा संभावना यही है कि यही भेड़िये चकिया से वापस घाघरा नदी के किनारे अपनी मांद के पास लौट आए हों और बदला लेने के लिए हमलों को अंजाम दे रहे हों।” उन्होंने कहा, “अभी तक जो चार भेड़िये पकड़े गए हैं, वे सभी आदमखोर हमलावर हैं, इसकी उम्मीद बहुत कम है। हो सकता है कि एक आदमखोर पकड़ा गया हो, मगर दूसरा बच गया हो। शायद इसीलिए पिछले दिनों तीन-चार हमले हुए हैं।” बहराइच के प्रभागीय वन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह का भी कहना है, “शेर और तेंदुओं में बदला लेने की प्रवृत्ति नहीं होती, लेकिन भेड़ियों में होती है। अगर भेड़ियों की मांद से कोई छेड़छाड़ होती है, उन्हें पकड़ने या मारने की कोशिश की जाती है या फिर उनके बच्चों को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है, तो वे इंसानों का शिकार कर बदला लेते हैं।” देवीपाटन के मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने कहा कि अगर आदमखोर भेड़िये पकड़ में नहीं आते हैं और उनके हमले जारी रहते हैं, तो अंतिम विकल्प के तौर पर उन्हें गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों को पकड़ने के लिए थर्मल ड्रोन और थर्मोसेंसर कैमरे लगाए गए हैं। जिम्मेदार मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी या तो क्षेत्र में डटे हुए हैं या मुख्यालय से स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।



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