- Home
- देश
-
नयी दिल्ली। जब कोई ट्रेन 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हो तो क्या टक्कर रोधी प्रणाली ‘कवच' कुशलता एवं प्रभावी तरीके से काम करेगी। भारतीय रेलवे ने इसका जवाब तलाशने के लिए 30 दिसंबर को मथुरा और पलवल के बीच पहली बार कवच लगे इंजन को 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर परीक्षण किया। इससे पहले, दक्षिण मध्य रेलवे में तीन खंडों में प्रणाली शुरू करने से पहले विभिन्न स्थानों पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ऐसे परीक्षण किए गए थे। आगरा मंडल की जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) प्रशस्ति श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘नतीजा (नये परीक्षण का) बेहद उत्साहजनक रहा है। हम अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) एवं अन्य हितधारकों के साथ रिपोर्ट का विस्तार से विश्लेषण करेंगे ताकि यह देखा जा सके कि किन क्षेत्रों में सुधार किये जाने की जरूरत है।'' ‘कवच' प्रणाली के तहत किसी भी आपातकालीन स्थिति में चालक के विफल होने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लग सकते है। रेलवे सूत्रों के अनुसार प्रणाली की दक्षता जांचने के लिए और अधिक परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है।
अधिकारी ने कहा, इसके अलावा, यदि प्रणाली के सभी मापदंड 140 किमी प्रति घंटे पर ठीक काम कर रहे हैं, तो हम 160 किमी प्रति घंटे तक की उच्च गति पर परीक्षण करेंगे।'' श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमने मथुरा (स्टेशन को छोड़कर) और पलवल के बीच 80 किलोमीटर की दूरी पर एक संपूर्ण कवच नेटवर्क विकसित किया है। इसमें स्टेशन क्षेत्रों और अन्य स्थानों पर रेलवे पटरियों पर आरएफआईडी टैग लगाना शामिल है।'' रेलवे के अनुसार, कवच प्रणाली दक्षिण मध्य रेलवे क्षेत्र में 1,465 किमी मार्ग और 139 लोकोमोटिव पर तीन खंडों में पहले से ही काम कर रही है। गति प्रतिबंध के कारण हालांकि उस मार्ग पर परीक्षण नहीं किया जा सकता है। एक रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘‘इस दिल्ली-आगरा खंड को छोड़कर, भारत के सभी रेल नेटवर्क पर रेलगाड़ियां अधिकतम 130 किमी प्रति घंटे की गति से चलती हैं।'' कवच चलती रेलगाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसे तीन भारतीय कंपनियों के सहयोग से आरडीएसओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
-
-
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि गाय की पूजा करना 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा करने के समान है। वह ग्वालियर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने एक व्यापार मेले का उद्घाटन किया।उन्होंने कहा, “सनातन संस्कृति को समझने के लिए (हमारे पास) मेला संस्कृति मौजूद है। मेले कला की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। मेले व्यापार को बढ़ावा देने का माध्यम हैं।” उन्होंने मुगलों द्वारा तोड़े गए मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए लंबे समय तक इस क्षेत्र के शासक रहे सिंधियों की प्रशंसा भी की। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की सराहना करते हुए, यादव ने कहा कि 22 जनवरी को इसके उद्घाटन से लोगों को तीसरी बार दिवाली मनाने का मौका मिलेगा, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इसमें भागीदार होगी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में संस्कृति का पुनरुद्धार हो रहा है।
इससे पहले, यहां लाल टिपारा इलाके में संचालित 'गौशाला' के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "गौ माता की पूजा करने का मतलब 33 करोड़ देवताओं की पूजा करना है। -
नयी दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के घोषणापत्र का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी संभालने वाली कांग्रेस की समिति ने गुरुवार को अपनी पहली बैठक की और दस्तावेज में शामिल किए जाने वाले विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। लगातार करीब 10 साल से सत्ता पर काबिज भाजपा से सत्ता छीनने की कोशिश में जुटी कांग्रेस का लक्ष्य जनता के सामने एक वैकल्पिक सकारात्मक एजेंडा पेश करना है।
समिति के अध्यक्ष पी. चिदंबरम ने बैठक के बाद कहा, “घोषणापत्र समिति की यह पहली बैठक थी। यह प्रारंभिक विचारों का आदान-प्रदान था कि हम घोषणापत्र के प्रारूप के साथ कैसे आगे बढ़ते हैं। अगली बैठक अगले सप्ताह होगी।” चिदंबरम के अलावा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंह देव समिति का हिस्सा हैं। सिंह देव समिति के संयोजक हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, जयराम रमेश, शशि थरूर, रंजीत रंजन, गौरव गोगोई, के. राजू और गैखंगम भी समिति का हिस्सा हैं और बैठक में शामिल हुए। राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी, गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी और कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यालय में समन्वयक गुरदीप सप्पल और अमिताभ दुबे भी अहम समिति का हिस्सा हैं और बैठक में शामिल हुए।
-
दीव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार ने भारत में पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है जिससे देश में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित हो रही है। केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के हिस्से दीव के घोघला समुद्र तट पर आयोजित ‘बीच गेम्स 2024' के उद्घाटन समारोह में एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़ा। मोदी ने अपने पत्र में कहा, ‘‘किसी भी देश की प्रगति अक्सर खेलों में उसके प्रदर्शन से झलकती है इसलिए भारत में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित होते देखना खुशी की बात है। हमारे खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्टता के माध्यम से देश को गौरवांवित कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा ‘‘पिछले दशक में हमने खेल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है। चाहे वह छोटे शहरों और कस्बों से खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें अवसर प्रदान करना हो या आधुनिक खेल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना हो। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में खेलों में भारतीय युवाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।'' दीव में आयोजित बीच गेम्स 2024 पर खुशी व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि यह पहली बार है कि भारत में कई प्रतियोगिताओं के बीच गेम्स आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का संदेश आईएएस अधिकारी अमित सिंगला ने पढ़ा।
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,200 से अधिक प्रतिभागी सात दिनों तक विभिन्न आयु वर्गों में आठ खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। खेल 11 जनवरी को समाप्त होंगे। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र भारत में विश्व बीच खेलों के आयोजन की योजना बना रहा है। ठाकुर ने कहा कि बीच खेलों के कारण आने वाले वर्षों में दीव में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और अगले 10 वर्षों में इस आयोजन के कारण यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पांच गुना बढ़ जाएगी। खेल मंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने में मदद के लिए केंद्र ने देश भर में 1,000 ‘खेलो इंडिया केंद्र' बनाने का फैसला किया है और ये सभी इस साल मार्च से पहले तैयार हो जाएंगे। - नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप द्वीप समूह की अपनी यात्रा के दौरान समुद्र के नीचे के जीवन का पता लगाने के लिए ‘स्नॉर्कलिंग' का लुत्फ उठाया। मोदी ने समुद्र के नीचे का जीवन पता लगाने संबंधी तस्वीरें सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कीं और अरब सागर में स्थित द्वीपों में प्रवास के अपने ‘उत्साहजनक अनुभव' को साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘‘जो लोग रोमांचकारी अनुभव लेना चाहते हैं, लक्षद्वीप उनकी सूची में जरूर होना चाहिए। मेरे प्रवास के दौरान, मैंने स्नॉर्कलिंग की भी कोशिश की। यह कितना उत्साहजनक अनुभव था!'' ‘स्नॉर्कलिंग' एक लोकप्रिय गतिविधि है जहां लोग समुद्र की सतह पर तैरते हुए उसके नीचे के समुद्री जीवन का पता लगाते हैं। स्नॉर्कलर्स अपनी दृष्टि के लिए मुखौटा पहनते हैं, सांस लेने के लिए स्नॉर्कल पहनते हैं, और कभी-कभी दिशा और गति के लिए पंख पहनते हैं। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों की ओर से एक वीडियो भी साझा किया गया जिसमें प्रधानमंत्री समुद्र में डुबकी लगाते और पानी के अंदर मछलियों के बीच तैरते दिख रहे हैं। इस वीडियो में प्रधानमंत्री समुद्र तट पर बैठकर कुछ काम करते भी दिख रहे हैं।मोदी ने लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर सुबह की सैर और समुद्र तट के किनारे कुर्सी पर बैठे फुर्सत के कुछ क्षणों की तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने कहा, ‘‘प्राकृतिक सुंदरता के अलावा, लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। इसने मुझे यह सोचने का अवसर दिया कि 140 करोड़ भारतीयों के कल्याण के लिए और कड़ी मेहनत कैसे की जाए।'' मोदी कोच्चि-लक्षद्वीप द्वीप पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन का उद्घाटन करने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा और पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के नवीनीकरण की आधारशिला रखने के लिए दो और तीन जनवरी को लक्षद्वीप में थे। उन्होंने कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में मुझे लक्षद्वीप के लोगों के बीच रहने का अवसर मिला। मैं अब भी यहां के द्वीपों की आश्चर्यजनक सुंदरता और यहां के लोगों की अविश्वसनीय गर्मजोशी से चकित हूं। मुझे अगाती, बंगाराम और कावारत्ती में लोगों से बातचीत करने का अवसर मिला। मैं द्वीपों के लोगों को उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि लक्षद्वीप में उनकी सरकार का ध्यान विकास के माध्यम से जीवन का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि भविष्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा, यह जीवंत स्थानीय संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, तेज इंटरनेट और पीने के पानी के अवसर पैदा करने के बारे में भी है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, वे इस भावना को दर्शाती हैं।''
- नयी दिल्ली। अयोध्या में तीन मंजिला राम मंदिर का निर्माण इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विस्तृत क्षेत्र में फैले मंदिर परिसर में अन्य ढांचे भी होंगे।नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘‘हम सभी भगवान राम द्वारा कर्तव्य निर्वहन में प्रदर्शित की गई मर्यादा का पालन कर रहे हैं।'' अयोध्या में 22 जनवरी को मंदिर के उद्घाटन की तैयारियां की जा रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसमें शामिल होंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने समारोह में 7,000 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया है।निर्माण कार्य के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा, ‘‘अभी, भूतल का निर्माण हुआ है, पहली और दूसरी मंजिल का निर्माण दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाएगा।'' निर्माण कार्य में चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिदिन चुनौतियां आती हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि चुनौतियों का हल अपने आप हो जाता है। अगली सुबह, हम देखते हैं कि समाधान खुद ब खुद हो गया है।'' न्यास के महासचिव चंपत राय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी कार्य इस तरह से नहीं किया जाएगा जो नियमों, सिद्धांतों, मर्यादा पुरषोत्तम राम के जीवन के खिलाफ हो। मिश्रा ने कहा, ‘‘वह बहुत स्पष्ट हैं। सरकार को जो कुछ भी कर दिया जाना है, दिया जाएगा। इसलिए हम उस मर्यादा का पालन कर रहे हैं।'' मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि श्रद्धालु निर्माण की गुणवत्ता और इसके टिकाऊपन से संतुष्ट होंगे। मिश्रा ने कहा कि वे इसके कम से कम 1,000 साल टिकने की उम्मीद कर रहे हैं इसलिए ‘‘हमारी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं।'' मूर्ति चुनने के विषय पर उन्होंने कहा कि इस बारे में निर्णय कर राय साझा करेंगे।तीन मूर्तियां तैयार की जा रही हैं और उनमें से एक को मंदिर में स्थापित किया जाएगा।हाल में एक आपात बैठक में, न्यास के सदस्यों ने तीनों मूर्तियों को एक क्रम प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि राय उपयुक्त समय पर इस बारे में निर्णय साझा करेंगे। मिश्रा ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि न्यास तीनों मूर्तियों को लेगा। और भविष्य में, इन मूर्तियों का कैसे उपयोग किया जाएगा, इस बारे में न्याय निर्णय लेगा। इन तीन मूर्तियों में से एक को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।'' उन्होंने कहा कि अगले चार-पांच महीनों में कम से कम 75,000 से एक लाख लोगों के मंदिर की यात्रा करने का अनुमान है।
- अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य द्वार पर हाथियों, शेरों, भगवान हनुमान और 'गरुड़' की अलंकृत मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। मंदिर ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ये मूर्तियाँ राजस्थान के बंसी पहाड़पुर क्षेत्र से प्राप्त बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनाई गई हैं।ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पूर्व में कहा था, “मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से और निकास दक्षिण दिशा से होगा। संपूर्ण मंदिर अधिरचना अंततः तीन मंजिला होगी होगी।” मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए पर्यटक पूर्वी दिशा से 32 सीढ़ियां चढ़ेंगे।मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को राम मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य द्वार पर मूर्तियां स्थापित की गईं। इन मूर्तियों को मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों के दोनों ओर लगाए गए स्तरीय फलकों पर स्थापित किया गया है। ट्रस्ट द्वारा साझा की गई तस्वीरों के अनुसार, निचले फलक पर हाथी की एक-एक मूर्ति है, दूसरे स्तर पर शेर की एक मूर्ति है और सबसे ऊपर वाले फलक पर, भगवान हनुमान की मूर्ति एक तरफ है जबकि दूसरी तरफ ‘गरुड़' की मूर्ति है। पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मंदिर परिसर 380 फीट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फीट चौड़ा और 161 फीट ऊंचा होगा। मंदिर की प्रत्येक मंजिल 20 फीट ऊंची होगी और इसमें कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे।
- अयोध्या (उप्र)। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की देखरेख कर रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की विभिन्न विशेषताओं के बारे में गुरुवार को जानकारी साझा की। इसके मुताबिक राम मंदिर का अपना जल उपचार संयंत्र और एक बिजली उपकेंद्र होगा। ट्रस्ट के अनुसार मंदिर परिसर में एक सीवेज उपचार संयंत्र, जल उपचार संयंत्र, अग्नि सुरक्षा के लिए जल आपूर्ति और एक स्वतंत्र बिजली उपकेंद्र होगा। इसके अलावा 25 हजार लोगों की क्षमता वाले एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) का निर्माण किया जा रहा है जिसमें तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा और लॉकर की सुविधा होगी। ट्रस्ट द्वारा सोशल मीडिया पर जारी की गई जानकारी के मुताबिक मंदिर का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है। इसका निर्माण पर्यावरण-जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए किया जा रहा है और ट्रस्ट के अनुसार 70 एकड़ क्षेत्र के 70 प्रतिशत हिस्से को हरा-भरा रखा गया है। मंदिर में निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए समारोह 22 जनवरी को निर्धारित है जिसमें प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया जा रहा है जिसकी लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। मंदिर तीन मंजिला है, जिसकी प्रत्येक मंजिल 20 फीट ऊंची है। इसमें कुल 392 खंभे और 44 दरवाजे हैं। मुख्य गर्भगृह में भगवान राम का बाल स्वरूप (श्री राम लला की मूर्ति) होगा और पहली मंजिल पर श्री राम दरबार होगा। ट्रस्ट के मुताबिक मंदिर में प्रवेश पूर्व दिशा से सिंह द्वार से होगा। परिसर के चारों कोनों पर सूर्य देव, देवी भगवती, भगवान गणेश और शिव को समर्पित चार मंदिर होंगे। ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर की नींव का निर्माण रोलर-कॉम्पैक्ट कंक्रीट (आरसीसी) की 14 मीटर मोटी परतों से किया गया है, जो इसे कृत्रिम चट्टान का रूप देता है। सीलन से सुरक्षा के लिए ग्रेनाइट का उपयोग करके 21 फुट ऊंचे चबूतरे का निर्माण किया गया है।
-
नयी दिल्ली. साइबर अपराधियों ने देश को एक अप्रैल 2021 से 10,300 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई, लेकिन एजेंसियां इसमें से 1127 करोड़ रुपये देश में ही रोकने में कामयाब रहीं। ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (आई4सी) ने बुधवार को यह दावा किया। ‘आई4सी' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजेश कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 2021 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 4.52 लाख से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए जो 2022 में 113.7 प्रतिशत बढ़कर 9.66 लाख हो गए। ‘आई4सी' साइबर अपराध से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक ढांचा और पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा स्थापित एक निकाय है।
कुमार ने कहा कि 2023 में एनसीआरपी पर 15.56 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए यानी प्रति लाख जनसंख्या पर 129 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए। कुमार ने कहा, ‘‘भारत को एक अप्रैल, 2021 से 31 दिसंबर, 2023 तक कथित तौर पर 10,319 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है... हम 1127 करोड़ रुपये को रोकने में कामयाब रहे हैं, जिसमें से 9-10 प्रतिशत राशि पीड़ितों के खातों में भेज दी गई।'' साइबर अपराधियों का विवरण देते हुए अधिकारियों ने कहा कि लगभग 50 प्रतिशत साइबर हमले कंबोडिया, वियतनाम, चीन और अन्य देशों से संचालित होने वाले ‘गिरोह' द्वारा किए जा रहे हैं। पीड़ितों के खातों में राशि दोबारा भेजने में आने वाली कठिनाइयों का जिक्र करते कुमार ने कहा कि सरकार नई मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर रही है जिसके जल्द ही सामने आने की संभावना है, इसके बाद पीड़ितों के लिए अपने पैसे का दावा करना आसान हो जाएगा। अभी किसी पीड़ित को अपना पैसा वापस पाने के लिए अदालत से आदेश लेना पड़ता है। इस संंबंध में गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्य अग्रणी हैं, जहां लोग अपना पैसा पाने के लिए लोक अदालतों और मजिस्ट्रेट के समक्ष गुहार लगा रहे हैं। -
नयी दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने नियोक्ताओं के लिए अधिक पेंशन का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों का वेतन विवरण अपने डेटाबेस में अपलोड करने की समय सीमा 31 मई तक बढ़ा दी है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल के चेयरमैन ने नियोक्ताओं के लिए संबंधित ब्योरा अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पहले उच्च अंशदान पर ऊंची पेंशन का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों का वेतन विवरण अपलोड करने के लिए नियोक्ताओं को 31 दिसंबर, 2023 तक का समय दिया गया था। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सभी ग्राहकों को उच्च अंशदान पर अधिक पेंशन के लिए विकल्प/संयुक्त विकल्प चुनने के लिए आवेदन जमा करने के लिए एक ऑनलाइन सुविधा प्रदान की थी। उच्चतम न्यायालय के चार नवंबर, 2022 के आदेश के तहत ईपीएफओ ने पात्र पेंशनभोगियों/ ईपीएफओ सदस्यों को उच्च पेंशन विकल्प की पेशकश की थी। ऑनलाइन आवेदन सुविधा 26 फरवरी, 2023 को शुरू की गई थी जिसे दो बार विस्तार देते हुए 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया था। इस दौरान पेंशनभोगियों एवं मौजूदा कर्मचारियों से अधिक पेंशन का विकल्प चुनने संबंधी 17.49 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इसके बादे नियोक्ताओं को अपने इच्छुक कर्मचारियों का वेतन विवरण अपलोड करने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया था। बाद में उसे 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था।
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले दिनों अपने अयोध्या दौरे में जिस महिला के घर गए थे, उन्हें पत्र लिखकर कहा कि उनका उज्ज्वला योजना का 10 करोड़वीं लाभार्थी बनना महज एक संख्या नहीं है बल्कि यह देश के लोगों के बड़े सपनों और संकल्पों की पूर्ति से जुड़ा है। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने अयोध्या में मीरा मांझी के आवास पर चाय पी और उनके परिवार के लिए एक चाय सेट, रंगों के साथ एक ड्राइंग बुक सहित अन्य उपहार भी भेजे। मांझी को लिखे अपने पत्र में मोदी ने उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। मोदी ने दो जनवरी को लिखे अपने पत्र में कहा, ''भगवान राम की पवित्र नगरी अयोध्या में आपसे और आपके परिवार के सदस्यों से मिलकर और आपके द्वारा तैयार चाय पीकर बहुत खुशी हुई।" उन्होंने कहा, "अयोध्या से आने के बाद मैंने कई टीवी चैनलों पर आपका साक्षात्कार देखा। आपके और आपके परिवार के सदस्यों के आत्मविश्वास और जिस सरल और आसान तरीके से आप सभी ने अपने अनुभव साझा किए, वह देखकर बहुत अच्छा लगा।" प्रधानमंत्री ने कहा, "आप जैसे मेरे परिवार के करोड़ों सदस्यों के चेहरे की यह मुस्कान मेरी पूंजी है, मेरी सबसे बड़ी संतुष्टि है, जो मुझे देश के लिए तन-मन से काम करने की नई ऊर्जा देती है।" मोदी ने कहा कि मांझी का उज्ज्वला योजना का 10 करोड़वीं लाभार्थी बनना महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों के बड़े सपनों और संकल्पों की पूर्ति से जुड़ा है। उन्होंने कहा, ''मुझे पूर्ण विश्वास है कि अमृत काल में आपकी तरह आकांक्षाओं से परिपूर्ण, देश के करोड़ों लोगों की जीवटता एवं उत्साह भव्य और विकसित भारत के निर्माण के हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" मोदी शनिवार को अयोध्या में लता मंगेशकर चौक के पास मांझी के घर गए थे। हवाई अड्डे, एक नए रेलवे स्टेशन और कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए मंदिरों के शहर में गए मोदी अचानक उस महिला के घर पर रुके, जिसे उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी होने का गौरव प्राप्त हुआ। यह योजना मई 2016 में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों से संबंधित महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।
-
जबलपुर. मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर दो पुरस्कार शुरू करने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश के शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट की बैठक के बाद बुधवार को यह जानकारी साझा की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर स्थित शक्ति भवन में की, जो सरकारी बिजली कंपनियों का मुख्यालय है। विजयवर्गीय ने कहा कि कैबिनेट ने महान रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी की स्मृति में वार्षिक सम्मान शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाली और समाज में असाधारण योगदान देने वाली महिलाओं को दिया जाएगा। विजयवर्गीय ने कहा कि इसके अलावा कैबिनेट ने इन रानियों के जीवन पर अध्ययन के लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रवृति शुरू करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा आदिवासियों द्वारा तोड़े गये तेंदूपत्ता पर प्रति बोरा 4,000 रूपये देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के खजाने पर 165 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने बाजरा उत्पादन (श्री अन्न) को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया। मंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के तहत बाजरा उगाने वालों को प्रति किलोग्राम 10 रुपये दिये जायेंगे। कैबिनेट ने राज्य में सिंचाई क्षेत्र को 65 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके लिए 32,000 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
-
हरिद्वार. योग गुरू रामदेव ने बुधवार को कहा कि 500 वर्षों के सतत संघर्ष और 25 पीढ़ियों के बलिदान के बाद 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का गौरवशाली दिन विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी द्वारा रामजन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर में रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र सौंपे जाने के दौरान पतंजलि संस्थापक ने यह बात कही । रामदेव ने कहा कि 500 वर्षों के सतत संघर्ष और असंख्य हुतात्माओं के बलिदान के बाद यह गौरवशाली दिन विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर के गृर्भगृह में भगवान रामलला विराजमान होंगे और 25 पीढ़ियों के बलिदान, त्याग और समर्पण के प्रतिफल स्वरूप प्राप्त इस भव्य आयोजन की साक्षी वर्तमान पीढ़ी बनेगी, जिसने इसके वर्तमान के संघर्ष और विजय को प्रत्यक्ष देखा। उन्होंने कहा,‘‘ मैं अभिभूत हूं और बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मैं भगवान के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का साक्षी बनूंगा।'' स्वामी रामदेव ने बताया कि वह राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होने के लिए निजी विमान से अयोध्या पहुंचेंगे। इस अवसर पर तिवारी ने कहा कि संपूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति का सूर्योदय हो रहा है और श्रीराम जन्मभूमि का संघर्ष विश्व का सबसे लंबा संघर्ष है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए विहिप का सबसे बड़ा आंदोलन 35 वर्ष तक अनवरत चला और लगभग 16 करोड़ रामभक्तों ने इसमें प्रत्यक्ष भाग लिया।
-
भोपाल. अफ्रीकी देश नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में तीन शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘जंगल में शावकों की आवाज गूंजी। यह जानकारी साझा कर खुशी हो रही है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान तीन नए सदस्यों का स्वागत कर रहा है। शावकों को नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा ने जन्म दिया है।'' उन्होंने इस घटना क्रम को ‘परियोजना चीता की शानदार सफलता करार दिया जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने के लिए की थी। यादव ने पोस्ट किया, ‘‘ परियोजना से जुड़े सभी विशेषज्ञों, कूनों राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों और पूरे देश के वन्यजीव प्रेमियों को मेरी ओर से शुभकामनाएं।'' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी शावकों के जन्म पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब एशिया से चीते विलुप्त हो गये थे। तीन चीता शावकों का जन्म हुआ। यह दुनिया की एक खास घटना है। शावकों के जन्म से पता चलता है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता बसाने की परियोजना सफल रही है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘चीता राज्य' होने का दर्जा प्राप्त हुआ। इससे पहले मार्च 2023 में मादा चीता सियाया ने चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन एक ही शावक जिंदा बच पाया। सियाया का नाम बाद में ज्वाला रखा गया था। ज्वाला को भी नामीबिया से लाकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाया गया था। केएनपी के सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि आशा ने इन तीन शावकों को करीब एक सप्ताह पहले जन्म दिया।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘आशा की कहानी छह साल पहले नामीबिया में शुरू होती है जब वह 2017 में वॉटरबर्ग प्लेटू नेशनल पार्क में पैदा हुई थी। दुनिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना के हिस्से के रूप में उसे 17 सितंबर, 2022 को भारत में स्थानांतरित किया गया था और अब उसने केएनपी में सफलतापूर्वक तीन शावकों को जन्म दिया है।'' उन्होंने बताया कि इन तीन शावकों के जन्म के साथ केएनपी में चीतों की कुल संख्या 18 हो गई है।
दुनिया में जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाले जानवर के रूप में विख्यात चीता को 1952 में देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। अफ्रीका से चीतों का स्थानांतरण भारत में इस प्रजाति को फिर से पुनर्जीवित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। चीता परियोजना के तहत नामीबिया से आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को 17 सितंबर 2022 में केएनपी के बाड़ों में छोड़ा गया था। फरवरी 2023 में, अन्य 12 चीतों को दक्षिण अफ्रीका से पार्क से लाया गया था। मार्च 2023 से अबतक केएनपी में विभिन्न कारणों से छह वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। -
गोलाघाट . असम के गोलाघाट जिले में बुधवार को कोयला ले जारहे एक ट्रक और बस की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, वहीं 30 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। गोलाघाट के पुलिस अधीक्षक राजन सिंह ने बताया कि दुर्घटना आज सुबह डेरगांव के पास बलिजान में हुई। 45 लोगों को ले जारही बस ट्रक से टकरा गई। यह बस अपर असम की ओर जा रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘ अब तक की जानकारी के अनुसार हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' सिंह ने बताया कि जांच जारी है और इस मामले में ज्यादा जानकारी बाद में दी जाएगी।
जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने संवाददाताओं को बताया कि अस्पताल में करीब 30 घायलों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ की हालत गंभीर है।''
स्थानीय पुलिस थाने के एक अधिकारी के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब चार बजकर 30 मिनट पर हुई। गोलाघाट के कामरगांव से पिकनिक के लिए तिनसुकिया जिले के तिलिंगा मंदिर जा रही बस की ट्रक से टक्कर हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘चार लेन राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण ट्रक गलत दिशा से जोरहाट की ओर से आ रहा था, जबकि बस सही लेन में थी। सुबह कोहरा था और दोनों वाहन तेज गति में थे।' -
तृश्शूर (केरल). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महिला सम्मेलन में भाग लेने के लिए केरल के तृश्शूर शहर पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जनरल हॉस्पिटल जंक्शन से कार्यक्रम स्थल तक प्रधानमंत्री के लगभग दो किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान सड़क के दोनों ओर उत्साही भाजपा समर्थकों सहित हजारों लोग कतार में खड़े थे। लक्षद्वीप में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से कुट्टनाल्लोर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। वहां से, उनका काफिला तृश्शूर के हॉस्पिटल जंक्शन तक गया, जहां उन्होंने एक रोड शो शुरू किया। अपराह्न 3.40 बजे शुरू हुए रोड शो में प्रधानमंत्री एक खुले वाहन में सवार होकर सड़क के दोनों किनारे खड़ी भीड़ की ओर हाथ हिला रहे थे। विशेष रूप से युवा, मोदी की एक झलक पाने और उनका अभिवादन करने के लिए बहुमंजिला इमारतों की छतों और बालकनी में जमा हो गए। केरल की पारंपरिक शॉल ओढे मोदी ने खुले वाहन से सड़क के दोनों ओर मौजूद भीड़ का अभिवादन किया। सजी हुई खुली जीप में प्रधानमंत्री के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन, अभिनेता से भाजपा नेता बने सुरेश गोपी और राज्य महिला मोर्चा की अध्यक्ष निवेदिता सुब्रमण्यन भी थीं। प्रधानमंत्री के पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल बरसा कर और नारे लगाकर उनका स्वागत किया। अभिवादन पर मोदी ने लोगों की ओर मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया।
-
कावारत्ती. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बने मुस्लिम बहुल लक्षद्वीप के लोगों का दिल जीतने के प्रयास के तहत बुधवार को कहा कि यह द्वीपसमूह भले ही छोटा है लेकिन इसका हृदय विशाल है। प्रधानमंत्री ने यहां केंद्र शासित प्रदेश में प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, जल संसाधन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी 1,150 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यह बात कही। इस समारोह में महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों द्वीपवासियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने मलयालम में उन्हें ‘परिवारजनों' कहकर संबोधित किया। उन्होंने लक्षद्वीप की सुंदरता को शब्दों से परे बताया और यहां के नागरिकों से मिलने के लिए अगती, बंगारम और कावारत्ती का दौरा करने के कहा। उन्होंने कहा, ‘‘लक्षद्वीप का भौगोलिक क्षेत्र भले ही छोटा है लेकिन लोगों के दिल समुद्र की तरह गहरे हैं। मैं यहां मिल रहे प्यार और आशीर्वाद से अभिभूत हूं। मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।'' उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना के तहत लक्षद्वीप के लिए एक विशेष योजना विकसित करने की घोषणा की, जिसमें इसके अद्वितीय आकर्षणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसकी क्षमता पर जोर देते हुए, उन्होंने कदमत और सुहेली द्वीपों पर दो ब्लू-फ्लैग समुद्र तटों और आगामी जल विला परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप एक शीर्ष क्रूज पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है, जहां पांच साल पहले की तुलना में पर्यटकों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है। मोदी ने लोगों को अपने देश को घूमकर जानने के लिए प्रोत्साहित किया और उनसे अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर विचार करने से पहले देश में कम से कम 15 स्थानों की यात्रा करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से लक्षद्वीप घूमने की सिफारिश की और कहा कि इसकी सुंदरता कई वैश्विक स्थलों को भी पीछे छोड़ती है। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार जब आप लक्षद्वीप की सुंदरता देखेंगे, तो दुनिया के अन्य गंतव्य फीके दिखाई देंगे।'' प्रधानमंत्री ने हज यात्रियों के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिससे लक्षद्वीप के लोगों को भी लाभ हुआ। उन्होंने हज वीजा के लिए आसानी और वीजा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण और महिलाओं को ‘मेहरम' के बिना हज पर जाने की अनुमति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से उमराह के लिए जाने वाले भारतीयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप के लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके जीवन की गुणवत्ता, यात्रा सुविधा और व्यापार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। समारोह में मोदी ने लैपटॉप योजना के तहत छात्रों को लैपटॉप दिए और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत स्कूली छात्रों को साइकिलें दीं। उन्होंने किसानों और मछुआरों को पीएम किसान क्रेडिट कार्ड भी सौंपे।
मोदी ने अपने संबोधन में केंद्र की पूर्ववर्ती गैर-भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों से उनकी एकमात्र प्राथमिकता अपने राजनीतिक दलों का विकास करना रही। उन्होंने कहा, ‘‘दूर-दराज के राज्यों, सीमावर्ती क्षेत्रों या जो समुद्र के बीच हैं, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।'' उन्होंने द्वीपवासियों को आश्वासन दिया कि जिन लोगों ने उनके अधिकारों को छीनने की कोशिश की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। द्वीप समूह में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्वीप प्रशासन द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सुधारों के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया था। केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) शत प्रतिशत पूरा होने, प्रत्येक लाभार्थी के लिए मुफ्त राशन सुनिश्चित करने, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड वितरित करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित करने का उल्लेख किया। उन्होंने 1,000 दिनों के भीतर तेज इंटरनेट सुनिश्चित करने के बारे में 2020 में उनके द्वारा दी गई गारंटी को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘2020 में मैंने गारंटी दी थी कि अगले 1,000 दिनों के भीतर आपको तेज इंटरनेट सुविधा मिल जाएगी। आज कोच्चि-लक्षद्वीप पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर परियोजना का उद्घाटन किया गया है। अब लक्षद्वीप में इंटरनेट 100 गुना अधिक गति से उपलब्ध होगा।'' मोदी ने अगस्त 2020 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस परियोजना की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सरकारी सेवाओं, चिकित्सा उपचार, शिक्षा और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाओं में सुधार होगा तथा लक्षद्वीप को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की क्षमता को इससे ताकत मिलेगी। कदमत में कम तापमान वाले थर्मल डिसेलाइनेशन प्लांट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लक्षद्वीप में हर घर में पाइप से पानी पहुंचाने का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने लक्षद्वीप पहुंचने पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद अली मानिकफान के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया और द्वीपसमूह के संरक्षण के लिए उनके शोध और नवाचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा मानिकफान को 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में लक्षद्वीप में किसी भी शीर्ष शिक्षा संस्थान के न होने का उल्लेख किया, जिसके कारण द्वीपों से युवाओं का पलायन हुआ। आजादी का अमृत काल में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में लक्षद्वीप की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप के लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके जीवन को आसान बनाने, यात्रा में आसानी और व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाना जारी रखेगी। लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल और लक्षद्वीप के उपराज्यपाल प्रफुल्ल पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने कदमत में कम तापमान वाले थर्मल डिसेलाइनेशन (एलटीटीडी) संयंत्र का भी उद्घाटन किया, जो हर दिन 1.5 लाख लीटर स्वच्छ पेयजल का उत्पादन करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अगाती और मिनिकॉय द्वीपों पर सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) राष्ट्र को समर्पित किए। उन्होंने कल्पेनी में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के नवीनीकरण और पांच द्वीपों एंड्रोथ, चेतलाट, कदमत, अगाती और मिनिकॉय में पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों (नंद घरों) के निर्माण की आधारशिला भी रखी। -
नयी दिल्ली. देश में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 602 नए मामले सामने आए और पांच संक्रमितों की मौत हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार 4,440 मरीज उपचाराधीन हैं। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकडों के अनुसार केरल में दो लोगों की मौत हुई जबकि कर्नाटक, पंजाब और तमिलनाडु में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। केरल में संक्रमण से जान गंवाने वाला 66 वर्षीय व्यक्ति यकृत की बीमारी तथा अन्य बीमारियों से पीड़ित था जबकि 79 वर्षीय एक महिला को हृदय संबंधी बीमारी थी। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी, लेकिन ठंड और वायरस के नये स्वरूप के कारण मामलों में तेजी आई है। वर्ष 2020 की शुरुआत से अब तक लगभग चार वर्ष में देश भर में कोरोना वायरस से लगभग साढ़े चार करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए तथा इससे 5.3 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक हो गई है। स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। मंत्रालय के अनुसार, देश में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 220.67 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
-
तिरुपति (आंध्र प्रदेश). तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर के आधिकारिक संरक्षक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को 23 दिसंबर, 2023 से एक जनवरी तक 10 दिवसीय वैकुंठद्वार दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं से 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा (हुंडी संग्रह) प्राप्त हुआ है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि टीटीडी ने विश्व प्रसिद्ध 36 लाख ‘तिरुपति लड्डू' बेचे और दो लाख से अधिक तीर्थयात्रियों का मुंडन संस्कार करवाया। टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी ए. वी. धर्म रेड्डी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘रिकॉर्ड संख्या में 6.47 लाख श्रद्धालुओं ने वैकुंठद्वार दर्शन किए... भक्तों को आरामदायक और परेशानी मुक्त श्रीवारी दर्शन कराया गया।'' उन्होंने कहा कि समय-निर्धारित टोकन के माध्यम से श्रद्धालु कतार में लंबे समय तक इंतजार करने से बचे और सामान्य से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को वैकुंठद्वार दर्शन के दौरान अन्न प्रसादम (भोजन) मिला। हाल में दिखे तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर अलीपीरी फुटपाथ पर श्रद्धालुओं को नियमित रूप से सतर्क किया गया। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।
-
इंदौर . इस साल सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की चाल से एक पूर्ण सूर्यग्रहण समेत चार ग्रहण लगेंगे। हालांकि, उज्जैन की एक प्रतिष्ठित वेधशाला का यह पूर्वानुमान भारत के खगोलप्रेमियों को निराश कर सकता है कि देश में इनमें से एक भी खगोलीय घटना निहारी नहीं जा सकेगी। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बुधवार को बताया कि इस साल ग्रहणों का सिलसिला 25 मार्च को लगने वाले उपच्छाया चंद्रग्रहण से शुरू होगा। गुप्त ने बताया, "नववर्ष का यह पहला ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि इस खगोलीय घटना के वक्त देश में दिन का समय होगा।'' उपच्छाया चंद्रग्रहण उस समय लगता है, जब पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा चंद्रमा "पेनुम्ब्रा" (धरती की परछाई का हल्का भाग) से होकर गुजरता है। इस समय चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी आंशिक तौर पर कटी प्रतीत होती है और ग्रहण को चंद्रमा पर पड़ने वाली धुंधली परछाई के रूप में देखा जा सकता है। उपच्छाया चंद्रग्रहण के वक्त पृथ्वीवासियों को पूर्णिमा का चंद्रमा पूरा तो दिखाई देता है, लेकिन उसकी चमक कहीं खोई-खोई नजर आती है। गुप्त ने बताया कि आठ और नौ अप्रैल की दरम्यानी रात लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर की सुबह लगने वाला आंशिक चंद्रग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इसी तरह, दो और तीन अक्टूबर की दरम्यानी रात लगने वाले वलयाकार सूर्यग्रहण के नजारे से भी देश के खगोलप्रेमी वंचित रहेंगे। गुप्त ने बताया कि वलयाकार सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना कुल सात मिनट 21 सेकंड चलेगी और इसकी चरमावस्था पर सूर्य का 93 प्रतिशत फीसद हिस्सा ढंक जाएगा जिससे सौरमंडल का मुखिया पृथ्वीवासियों को चमकदार कंगन की तरह दिखाई देगा। हाल ही में समाप्त वर्ष 2023 पूर्ण सूर्यग्रहण, उपच्छाया चंद्रग्रहण, वलयाकार सूर्यग्रहण और आंशिक चंद्रग्रहण की चार खगोलीय घटनाओं का गवाह बना था।
-
नयी दिल्ली. ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने मनरेगा के तहत भुगतान के वास्ते आधार को अनिवार्य बनाने की आलोचना करने पर मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि यदि श्रमिक अबतक आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) से नहीं जुड़े हैं तो ‘ हम श्रमिकों को नहीं, बल्कि राज्यों को दंडित करेंगे।' ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए एबीपीएस को अनिवार्य किये जाने के एक दिन बाद सिंह ने कहा कि आधार संख्या को जोड़ने के लिए कई समय सीमाएं दी गयीं। उन्होंने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार गरीबों के खिलाफ ‘‘प्रौद्योगिकी खासकर आधार का दुरूपयोग'' कर रही है। मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एबीपीएस को अनिवार्य बनाया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दो जनवरी को उपलब्ध कराये गये आंकड़े के अनुसार मनरेगा के तहत लगभग 14.32 करोड़ कार्यरत श्रमिक हैं जिनमें अबतक 14.08 करोड़ श्रमिकों के आधार जोड़े जा चुके हैं। (कुल श्रमिकों में) 12.54 करोड़ श्रमिकों ने अन्य चरण पूरे कर लिये हैं तथा वे फिलहाल आधार आधारित भुगतान प्रणाली के लिए पात्र हैं। जब सिंह से उन श्रमिकों के बारे में पूछा गया जो अबतक एबीपीएस से नहीं जुड़े हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘ हम राज्यों से बातचीत करेंगे। यदि वे कोई चिंता सामने रखते हैं तो हम देखेंगे कि आगे क्या उपाय हो सकता है।'' मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने पिछले एक साल में समयसीमा कई बार बढ़ायी है और अब हम राज्यों से बाचतीत करेंगे और जानने का प्रयास करेंगे कि क्या मुद्दा है, वे इसे कैसे हल करेंगे ... हम श्रमिकों को नहीं, राज्यों को दंडित करेंगे।'' उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों ने आधार पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए ‘रास्ता बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘ किसी को भी काम से रोका नहीं जा सकता, लेकिन हमें पारदर्शिता लाने की जरूरत है।'' जिन लोगों की आधार संख्या नहीं जोड़ी गई है, उनको शामिल करने से जुड़े तौर-तरीकों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को निर्णय लेने का हक होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि यदि कुछ खास ग्राम पंचायतों के सामने ‘तकनीकी समस्याएं' हैं तो सरकार उन्हें एबीपीएस के तहत अनिवार्य भुगतान से छूट देने पर विचार कर सकती है। सिंह ने जयराम रमेश की आलोचना को खारिज करते हुए कहा, ‘‘ यह राजीव गांधी की सरकार नहीं है कि एक रुपये में 15 पैसे ही लोगों तक पहुंचेंगे। नरेन्द्र मोदी सरकार पारदर्शिता लाने पर ध्यान केंद्रित की हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जयराम रमेश इस विभाग में मंत्री रहे हैं। मनरेगा धनराशि खाते में जाती थी और यह लाभार्थियों तक पहुंचने से पहले कई हाथों से गुजरती थी। आधार से जोड़ने के कई फायदे हैं। पैसा श्रमिकों के खातों में जा रहा है। वे दुष्प्रचार कर रहे हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि लूट होती रहे। -
बेगूसराय-पटना. बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाने के अरवा पंचायत के वार्ड नंबर- 8 में आग लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की झुलसकर मौत हो गयी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजन को अविलंब चार-चार लाख रूपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया। अधिकारी ने बताया कि बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र के अरवा नया टोला में सोमवार की देर रात अलाव की चिंगारी से एक घर में आग लग गई, जिससे इसमें झुलस कर एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उनके दो बेटों की झुलसकर मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मरने वालों में नीरज कुमार (32), उनकी पत्नी सविता देवी (30) उनके बेटों कुश (5) और लव (3) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सविता देवी आठ महीने की गर्भवती थी । तेघड़ा के अनुमंडल दंडाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अलाव की चिंगारी से आग लगने से कुल चार लोगों की मौत हुई है। मृतक के पिता से मिलकर उन्हें दाह संस्कार के लिए कबीर अंत्येष्टि योजना की राशि प्रदान की गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है, और दुर्घटना में मृतक के परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्घटना काफी दुःखद है और वे इस घटना से मर्माहत हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मृतकों के परिजन को अविलंब चार-चार लाख रूपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया, जिसका चेक उन्हें दे दिया गया है। -
नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश पुलिस का एक विशेष कार्य बल अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर परिसर को व्यापक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी को रामलला की प्रतिमा के "प्राणप्रतिष्ठा" किये जाने के बाद 70 एकड़ में फैला मंदिर जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस का एक विशेष कार्यबल पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मुख्य परिसर सहित मंदिर परिसर की सुरक्षा करेगा, जो 380 फुट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फुट चौड़ा और 161 फुट ऊंचा होगा। अधिकारी ने कहा कि दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद परिसर की सुरक्षा कर रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को धीरे-धीरे हटा लिया जाएगा। अर्धसैनिक बल ने 5 जुलाई 2005 को रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर हुए एक आतंकवादी हमले को पांच आतंकवादियों को मारकर विफल कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने 2019 में एक सदी से भी पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद का निपटारा करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया और फैसला सुनाया कि मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ का वैकल्पिक भूखंड खोजा जाना चाहिए।
-
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पोस्ट मैट्रिक
*15 जनवरी तक कर सकते है आवेदन*
रायपुर /सत्र 2023-24 के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन (नवीन एवं नवीनीकरण ) की तिथि बढ़ा दी गई है। यह 15 जनवरी 2024 तक निर्धारित की गई है। पंजीयन स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही ऑनलाईन होगी, जिसके लिए वेबसाइट http://postmatric.scholarship.cg.inc.in/ है।
ड्राफ्ट प्रापोजल लॉक के लिए 25 जनवरी और सेन्सन ऑर्डर लॉक के लिए 10 फरवरी तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में रायपुर जिला अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई आदि के संस्था प्रमुख छात्रवृत्ति प्रभारी एवं उनमें अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है उन्हें सूचना दी गई है।
निर्धारित तिथियों के पश्चात् शिक्षा सत्र 2023-24 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही ड्राफ्ट प्रापोजल लॉक और सेन्सन ऑर्डर लॉक करने का अवसर प्रदान नही किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए सहायक संचालक आदिवासी विकास कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।
- नयी दिल्ली. भारत, रूस और चीन सहित शीर्ष उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले ब्रिक्स समूह ने वैश्विक मामलों में पश्चिमी प्रभुत्व की पृष्ठभूमि में अपनी रणनीतिक शक्ति बढ़ाने के प्रयास के तहत इसमें पांच पूर्ण सदस्यों को शामिल करने की घोषणा की है। रूस के ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालते ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि यह समूह अब 10 देशों का संगठन बन गया है, जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं। अगस्त में, जोहानिसबर्ग में समूह के शिखर सम्मेलन में शीर्ष ब्रिक्स नेताओं ने एक जनवरी से अर्जेंटीना सहित छह देशों को इस समूह में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि, अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति जेवियर माइली ने पिछले हफ्ते अपने देश को ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) का सदस्य बनने का प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा की। पुतिन ने एक संबोधन में कहा, "मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए पूर्ण सदस्यों के रूप में ब्रिक्स में शामिल हुए, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय मामलों में इसकी भूमिका का एक मजबूत संकेत है।" रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स लगातार बढ़ती संख्या में समर्थकों और समान विचारधारा वाले देशों को आकर्षित कर रहा है जो संप्रभु समानता, खुलेपन, आम सहमति, बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की आकांक्षा और एक निष्पक्ष वैश्विक वित्तीय एवं व्यापार प्रणाली जैसे इसके अंतर्निहित सिद्धांतों को साझा करते हैं। इस समूह ने सितंबर 2006 में आकार लिया और इसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन (ब्रिक) शामिल थे। सितंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद इसका नाम बदलकर ‘ब्रिक्स' कर दिया गया। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ ब्रिक्स वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है और यह वर्षों से वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख प्रेरक रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लगभग 30 और देश ब्रिक्स के बहुआयामी एजेंडे में शामिल होने के लिए तैयार हैं। पुतिन ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि परंपराओं को संरक्षित करते हुए और पिछले वर्षों में संगठन द्वारा प्राप्त अनुभव से निर्देशित होकर, हम इसकी गतिविधियों के सभी प्रारूपों में नए प्रतिभागियों के सामंजस्यपूर्ण एकीकरण की सुविधा प्रदान करें।" उन्होंने कहा कि समूह की रूसी अध्यक्षता के तहत प्राथमिकताओं में विज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति और खेल में सहयोग को बढ़ावा देना शामिल होगा। पुतिन ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, हमारी अध्यक्षता के तहत कई रूसी शहरों में विभिन्न स्तरों और प्रकारों के 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।" उन्होंने कहा, "हम अपने संगठन के साथ सहयोग करने में रुचि रखने वाले सभी देशों के प्रतिनिधियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अक्टूबर में कज़ान में हमारी अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा।"






.jpg)

.jpg)
















.jpeg)
.jpg)
