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- नई दिल्ली। आगामी मानसून सत्र के लिए राज्यसभा में सूचीबद्ध निजी विधेयकों में, न्यायाधीश जैसे संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की सेवानिवृत्ति के बाद किसी राजनीतिक पार्टी में उनके शामिल होने पर रोक लगाने से संबंधित विधेयक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ‘डीपफेक' पर विधेयक, तथा नागरिकता कानून में संशोधन से संबंधित एक विधेयक शामिल है। आगामी सत्र में, संसद के उच्च सदन में पेश करने के लिए कुल 23 निजी विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं।एक सूत्र ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद ए डी सिंह द्वारा सूचीबद्ध संविधान (संशोधन) विधेयक, 2024 का उद्देश्य (अनुच्छेद 124, 148, 319 और 324 का संशोधन और नए अनुच्छेद 220ए और 309ए को सम्मिलित करना), न्यायाधीश जैसे संवैधानिक पदों से सेवानिवृत्त होने वालों और निर्वाचन आयुक्तों को सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक दलों में शामिल होने से रोकना है। ये विधेयक हालिया विवादों की पृष्ठभूमि में लाये गए हैं। ऐसा ही एक विवाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय से जुड़ा है, जिन्होंने पांच मार्च को अपने न्यायिक पद से इस्तीफा दे दिया था और दो दिन के भीतर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गये थे। जुलाई में, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रोहित आर्य अपनी सेवानिवृत्ति के तीन महीने बाद भाजपा में शामिल हो गये थे। सिंह द्वारा सूचीबद्ध एक अन्य विधेयक में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में संशोधन कर पति द्वारा पत्नी से बलात्कार को अपराध के रूप में शामिल करने की मांग की गई है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद वी. शिवदासन ने दो विधेयक सूचीबद्ध किए हैं।तृणमूल कांग्रेस की सांसद मौसम नूर ने भी दो विधेयक सूचीबद्ध किए हैं। इनमें से एक का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता से कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना है जबकि दूसरा ‘डीपफेक' को अपराध की श्रेणी में शामिल करने की मांग से संबंधित है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पी.संदोष कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी नियामक प्राधिकरण बनाने के लिए एक विधेयक सूचीबद्ध किया है। निजी विधेयक ऐसा विधेयक होता है जिसे वह सांसद पेश करता है जो सरकार का हिस्सा नहीं होता। वर्ष 1952 से अब तक दोनों सदनों द्वारा केवल 14 ऐसे विधेयक पारित किए गए हैं।
- नई दिल्ली। केंद्र ने केरल सरकार को निपाह वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए जन स्वास्थ्य उपायों को तत्काल लागू करने की सलाह दी है। मल्लपुरम जिले में निपाह वायरस से संक्रमित एक 14 वर्षीय लडके का उपचार चल रहा था, जिसकी रविवार को मृत्यु हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की बहु-सदस्यीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया टीम राज्य में तैनात की जाएगी। यह टीम मामले की जांच करने, महामारी के संपर्क की पहचान करने और तकनीकी सहायता प्रदान करने में राज्य की सहायता करेगी। मंत्रालय ने बताया कि निपाह वायरस रोग का प्रकोप पहले भी केरल के कोझिकोड जिले में वर्ष 2023 में हो चुका है। निपाह वायरस के वाहक, फल चमगादड हैं। चमगादड से प्रदूषित फल खाने से व्यक्ति के संक्रमित होने की संभावना बढ जाती है। केंद्र ने राज्य को पिछले 12 दिनों में सक्रिय संपर्क का पता लगाने, वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों को कड़ाई से क्वारंटीन करने और संक्रमण के संदिग्ध मामले को अलग करने जैसे जन-स्वास्थ्य उपाय कार्यान्वित करने की सलाह दी है।
- मुंबई। भाजपा और कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया से बातचीत के लिए अपनी-अपनी टीम की घोषणा कर दी है। प्रदेश में अक्टूबर महीने में चुनाव होने की संभावना है। राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख घटक भाजपा ने 30 से अधिक नेताओं की सूची जारी की है जो हर रोज सुबह नौ बजे और शाम चार बजे मीडिया से बात करेंगे। भाजपा की इस सूची मे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, वकील उज्ज्वल निकम और हाल ही में विधान पार्षद चुनी गईं पंकजा मुंडे के अलावा नए लोगों को भी शामिल किया गया है.। प्रदेश भाजपा मीडिया संयोजक नवनाथ बन सभी नेताओं के साथ समन्वय करेंगे.।इन तीनों नेताओं के अलावा मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार, पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे, विधान परिषद में भाजपा के नेता प्रवीण दरेकर, राज्य सरकार के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, गिरीश महाजन, विधायक नितेश राणे, अतुल भटकलकर, राम कदम और वरिष्ठ पार्टी नेता एवं उपाध्यक्ष माधव भंडारी को भी प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। पुणे से नवनिर्वाचित सांसद और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल को पार्टी ने क्षेत्रीय मुद्दों के लिए प्रवक्ताओं की सूची में शामिल किया है।.कांग्रेस ने अपनी ओर से 15 नेताओं को नियुक्त किया है, ताकि वे भाजपा के कथित फर्जी विमर्श का भंडाफोड़ कर सकें और राज्य के लोगों को सच्चाई से अवगत करा सकें। पार्टी के एक नेता ने कहा कि भाजपा और इसका आईटी प्रकोष्ठ विपक्षी नेताओं की तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ करके बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर राज्य के लोगों को गुमराह कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को सच्चाई से अवगत कराने और सत्तारूढ़ पार्टी के झूठे प्रचार को रोकने के लिए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देशानुसार पंद्रह नेताओं और प्रवक्ताओं की एक टीम को जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस की सूची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट, विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं गोवा मामलों के प्रभारी माणिकराव ठाकरे तथा विधान परिषद में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल शामिल हैं.। अन्य लोगों में पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीम खान, सांसद चंद्रकांत हंडोरे, पूर्व मंत्री नितिन राउत, विधायक यशोमति ठाकुर, अमित देशमुख, विश्वजीत कदम, मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंधे, सचिन सावंत और चरण सिंह सपरा शामिल हैं।
- जम्मू। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन के लिए जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से 3,113 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था रविवार तड़के रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि इस जत्थे में 707 महिलाएं शामिल हैं।अनंतनाग के पहलगाम और गांदेरबल के बालटाल मार्ग से संचालित 52 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 29 जून को शुरू हुई थी। अभी तक लगभग 3.90 लाख श्रद्धालु 3,800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 123 वाहनों में सवार 3,113 तीर्थयात्रियों के 24वें जत्थे ने तड़के 2.55 बजे भगवती नगर आधार शिविर से आगे की यात्रा शुरू की। इस जत्थे में 87 साधू और 15 साध्वी शामिल हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने जत्थे को सुरक्षा मुहैया कराई। अधिकारियों ने बताया कि 1,960 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे मार्ग से अमरनाथ गुफा मंदिर जाने के लिए पहलगाम पहुंचेंगे, जबकि बाकी 1,153 तीर्थयात्रियों ने गांदेरबल जिले में 14 किलोमीटर के अपेक्षाकृत छोटे, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग को यात्रा के लिए चुना है। अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगी। पिछले साल, 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।
- रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम के पैदल रास्ते पर रविवार सुबह पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में महाराष्ट्र के दो श्रद्धालु शामिल हैं।रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसा सुबह करीब साढ़े सात बजे गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से तीन किलोमीटर आगे चीड़वासा के पास हुआ, जहां पहाड़ी से अचानक आए मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में वहां से गुजर रहे श्रद्धालु आ गए। रजवार के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि मलबे से अब तक तीन श्रद्धालुओं के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आठ लोगों को घायल अवस्था में निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। तलाश अभियान अभी जारी है। सूत्रों के मुताबिक, ये श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए जा रहे थे और सुबह गौरीकुंड से पैदल चले थे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी किशोर अरुण पराटे (31), जालना (महाराष्ट्र) निवासी सुनील महादेव काले (24) और तिलवाड़ा (रुद्रप्रयाग) के रहने वाले अनुराग बिष्ट के रूप में की गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने घटना को दुखद बताते हुए ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोकसंतत्प परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। धामी ने कहा, ''घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। मैं लगातार अधिकारियों के संपर्क में हूं। हादसे में घायल हुए लोगों को त्वरित रूप से बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।''
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गुवाहाटी. पड़ोसी बांग्लादेश में पिछले कुछ दिन से जारी हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर असम के करीब 120 छात्र वहां से लौट आये। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अजय तिवारी ने बताया कि असम के छात्र अब तक करीमगंज जिले के सुतारकंडी और मेघालय के दावकी में एकीकृत जांच चौकियों के रास्ते भारत में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्वोत्तर में छात्र एवं अन्य लोग असम, मेघालय और त्रिपुरा में एकीकृत जांच चौकियों के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे हैं। शनिवार रात तक असम के 76 छात्र दावकी से और 41 छात्र सुतारकंडी से भारत में प्रवेश कर चुके हैं।'' उन्होंने यह भी कहा कि बराक घाटी के छात्र ज़्यादातर सुतारकंडी के रास्ते आ रहे हैं, जबकि ब्रह्मपुत्र घाटी के छात्र दावकी की ओर से आ रहे हैं। तिवारी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में और छात्रों के आने की उम्मीद है और असम सरकार ने उनके भारत में प्रवेश को आसान बनाने के लिए सुतारकंडी में एक मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तैनात किया है।
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कोझिकोड. केरल में मलप्पुरम के 14 वर्षीय एक लड़के की निपाह वायरस से रविवार को मौत हो गई। उसका यहां इलाज किया जा रहा था। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने यह जानकारी दी। जॉर्ज ने बताया कि पांडिक्कड़ निवासी लड़के को रविवार सुबह 10.50 बजे दिल का दौरा पड़ा और उसे बचाया नहीं जा सका। जॉर्ज ने कहा, ‘‘उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। दिल का दौरा पड़ने के बाद उसे बचाने का बहुत प्रयास किया गया लेकिन सभी प्रयास विफल रहे और सुबह 11.30 बजे उसकी मौत हो गई।'' मंत्री ने कहा कि उसका अंतिम संस्कार अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जाएगा।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘जिलाधिकारी लड़के के माता-पिता और परिवार के साथ चर्चा करेंगे और उसके बाद ही अंतिम संस्कार के बारे में कोई फैसला किया जाएगा।'' -
नोएडा. उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर की लुक्सर जेल में एक विचाराधीन कैदी द्वारा आत्महत्या करने के मामले में रविवार को तीन सिपाहियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। गौतमबुद्ध नगर के जेल अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि बनारसी (42) नामक विचाराधीन कैदी ने 18 जुलाई को जेल में फंदा लगाकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। सिंह ने बताया कि बनारसी बलरामपुर जिले का मूल निवासी था और यहां थाना जेवर में दर्ज हत्या के एक मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन सिपाहियों को निलंबित किया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की कक्षा-6 की सामाजिक विज्ञान की नयी पाठ्यपुस्तक के अनुसार ग्रीनविच मध्यरेखा से काफी पहले भारत की अपनी प्रधान मध्यरेखा थी जिसे ‘मध्यरेखा' कहा जाता था और जो मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर से गुजरती थी। नए पाठ्यक्रम के अनुसार विकसित पाठ्यपुस्तक में जो बदलाव किए गए हैं उनमें जाति-आधारित भेदभाव का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, भेदभाव के बारे में बी आर आंबेडकर के अनुभव के संदर्भ में बदलाव किया गया है और हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु-सरस्वती' सभ्यता के रूप में संदर्भित किया गया है। पुस्तक के अनुसार, ‘‘ग्रीनविच भूमध्य रेखा पहली प्रधान मध्यरेखा नहीं है। अतीत में अन्य भी थीं। वास्तव में, यूरोप से कई शताब्दियों पहले, भारत की अपनी एक प्रधान मध्यरेखा थी। इसे मध्य रेखा कहा जाता था और यह उज्जयिनी (आज का उज्जैन) शहर से होकर गुजरती थी, जो कई शताब्दियों तक खगोल विज्ञान का एक प्रतिष्ठित केंद्र था।'' इसमें लिखा है, ‘‘प्रसिद्ध खगोलशास्त्री वराहमिहिर लगभग 1,500 साल पहले यहीं रहते थे और काम करते थे। भारतीय खगोलशास्त्री अक्षांश और देशांतर की अवधारणाओं से अवगत थे, जिसमें शून्य या प्रधान मध्य रेखा की आवश्यकता भी शामिल थी। उज्जयिनी मध्य रेखा सभी भारतीय खगोल ग्रंथों में गणनाओं के लिए एक संदर्भ बन गई।'' पाठ्यपुस्तक में अतीत से हटकर, ‘भारतीय सभ्यता का प्रारंभ' अध्याय में ‘सरस्वती' नदी का कई बार उल्लेख किया गया है। नयी पाठ्यपुस्तक में, सरस्वती नदी को ‘भारतीय सभ्यता का प्रारंभ' नामक अध्याय में प्रमुख स्थान दिया गया है, जहां हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु-सरस्वती' के रूप में संदर्भित किया गया है। इसमें कहा गया है कि ‘सरस्वती' नदीघाटी में सभ्यता के प्रमुख शहरों-राखीगढ़ी और गणवेरीवाला के साथ-साथ छोटे शहर और कस्बे भी शामिल थे। इसके अनुसार, आज उक्त नदी को भारत में ‘घग्गर' के नाम से और पाकिस्तान में ‘हाकरा' के नाम से जाना जाता है तथा अब यह मौसमी नदी है।
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जयपुर. राजस्थान के गंगापुर सिटी जिले के बामनवास थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात 11 केवी लाईन के तार की चपेट में आने से करंट लगने से एक बुजुर्ग महिला और उसकी बहू की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि पांच्या की ढाणी में बीती रात 11 केवी लाइन का तार टूटकर गिर जाने से खेत में काम कर रही मनभर देवी मीणा (60) और उनकी बहू सीमा मीणा (34) की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तार की चपेट में आने से खेत में बनी झोपड़ी में आग लग गई जिससे झोपड़ी में रखा सिलेंडर भी फट गया। रविवार सुबह ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग भी की। प्रशासन द्वारा समझाने-बुझाने के बाद परिजन मान गये जिसके बाद दोनों का पोस्टमार्टम करवाया गया। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह दोनों महिलाओं के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये।
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नयी दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की भारत इकाई ‘यूएनएफपीए- इंडिया' की प्रमुख एंड्रिया वोजनार ने कहा है कि भारत की बुजुर्ग आबादी 2050 तक दोगुनी हो जाने की संभावना है और देश में खासकर उन बुजुर्ग महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और पेंशन में अधिक निवेश किए जाने की जरूरत है, जिनके ‘‘अकेले रह जाने और गरीबी का सामना करने की अधिक आशंका है।'' ‘यूएनएफपीए-इंडिया' की ‘रेजिडेंट' प्रतिनिधि वोजनार ने विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के कुछ दिन बाद ‘ एक साक्षात्कार में जनसंख्या के उन प्रमुख रुझानों को रेखांकित किया, जिन्हें भारत सतत विकास में तेजी लाने के लिए प्राथमिकता दे रहा है। इनमें युवा आबादी, वृद्ध जनसंख्या, शहरीकरण, प्रवासन और जलवायु के अनुसार बदलाव करना शामिल हैं। ये कारक सभी देश के लिए अनूठी चुनौतियां और अवसर पेश करते हैं। वोजनार ने कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों की संख्या 2050 तक दोगुनी होकर 34 करोड़ 60 लाख हो जाने का अनुमान है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा, आवास और पेंशन योजनाओं में निवेश बढ़ाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘...खासकर वृद्ध महिलाओं के लिए ऐसा करना आवश्यक है, जिनके अकेले रहने और गरीबी का सामना करने की अधिक आशंका है।''
‘यूएनएफपीए-इंडिया' प्रमुख ने कहा कि भारत में युवा आबादी काफी है और 10 से 19 वर्ष की आयु के 25 करोड़ 20 लाख लोग हैं। उन्होंने जिक्र किया कि लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, नौकरी के लिए प्रशिक्षण और रोजगार सृजन में निवेश करने से इस जनसांख्यिकीय क्षमता को भुनाया जा सकता है और देश को सतत प्रगति की ओर अग्रसर किया जा सकता है। वोजनार ने कहा, ‘‘भारत में 2050 तक 50 प्रतिशत आबादी शहर में होने का अनुमान है, इसलिए झुग्गी बस्तियों की वृद्धि, वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के लिए स्मार्ट शहरों, मजबूत बुनियादी ढांचे और किफायती आवास का निर्माण महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘शहरी योजनाओं में महिलाओं की सुरक्षा संबंधी जरूरतों, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा एवं नौकरियों तक पहुंच को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार हो सके।'' वोजनार ने यह भी कहा कि आंतरिक और बाहरी प्रवासन को प्रबंधित करने के लिए अच्छे से सोच-विचार कर योजना बनाने, कौशल विकास करने और आर्थिक अवसर वितरण की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि पति के किसी दूसरे स्थान पर जाने के कारण अकेली रहने वाली महिलाओं या प्रवासी महिलाओं के सामने आने वाली विशेष चुनौतियों से निपटना संतुलित विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुसार बदलाव को विकास योजनाओं में शामिल करना और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करना भारत के लिए महत्वपूर्ण है।वोजनार ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है जिससे गर्भधारण करना कठिन हो सकता है, गर्भावस्था संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं और आपात स्थितियों के दौरान स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सीमित हो सकती है। इन मुद्दों से निपटना लैंगिक समानता और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा कि इन रुझानों पर ध्यान केंद्रित करके भारत अधिक सतत और न्यायसंगत विकास के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम को लागू करने वाला पहला देश है और उसने काफी प्रगति की है, लेकिन ‘‘कुछ चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं।'' वोजनार ने कहा, ‘‘एनएफएचएस-5 (2019-21) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, परिवार नियोजन की 9.4 प्रतिशत जरूरतें पूरी नहीं हुई हैं और अनियोजित गर्भधारण के 7.5 प्रतिशत मामले हैं। इस वर्ष की ‘थीम' विशेषकर उन क्षेत्रों में गर्भनिरोधक और परिवार नियोजन संसाधनों तक पहुंच में सुधार के प्रयासों का समर्थन करती है जहां इसकी अत्यधिक आवश्यकता है।'' स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की ‘थीम' के आधार पर ‘‘मां और बच्चे की भलाई के लिए गर्भधारण का उचित समय एवं अंतराल'' के बारे में जागरुकता पैदा करने के प्रयास कर रहा है क्योंकि ये मां और शिशु के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। विशेषज्ञों ने शिशु के जन्म के बाद महिला के फिर से गर्भवती होने के बीच कम से कम 24 महीने का अंतराल रखने की सलाह दी है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होता है और पारिवारिक बंधन मजबूत होते हैं। - नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय चुनावी बॉण्ड योजना की अदालत की निगरानी में जांच का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ दो गैर सरकारी संगठनों - ‘कॉमन कॉज' और ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन' (सीपीआईएल) की जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई कर सकती है। दोनों गैर सरकारी संगठनों की जनहित याचिका में राजनीतिक दलों और कंपनियों के बीच ‘‘स्पष्ट लेन-देन'' का आरोप लगाया गया है। चुनावी बॉण्ड योजना को एक ‘‘घोटाला'' करार देते हुए याचिका में ‘‘मुखौटा कंपनियों और घाटे में चल रही उन कंपनियों'' के वित्तपोषण के स्रोत की जांच का अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जिन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों को चंदा दिया। पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने 15 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) -नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा शुरू की गई गुमनाम राजनीतिक चंदे की ‘चुनावी बॉण्ड योजना' रद्द कर दी थी। भारतीय स्टेट बैंक ने शीर्ष अदालत के फैसले के बाद निर्वाचन आयोग के साथ आंकड़े साझा किए थे, जिन्हें आयोग ने बाद में सार्वजनिक किया था।
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नयी दिल्ली। भारतीय चिकित्सकों ने चिंता व्यक्त की है कि वायु प्रदूषण और तम्बाकू के सेवन के उच्च स्तर के कारण देश में फेफड़े से संबंधित बीमारियों का बोझ हाल में लैंसेट द्वारा किए गए अध्ययन में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक हो सकता है। मई में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ‘इस्केमिक' हृदय रोग के दुनियाभर में मौत का प्रमुख कारण बने रहने की आशंका है। इसके बाद स्ट्रोक, मधुमेह और ‘क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज' (सीओपीडी) से मौत का अधिक खतरा है। ‘इस्केमिक' हृदय रोग आपके हृदय में रक्त के प्रवाह में कमी के कारण हृदय के कमजोर होने का संकेत है। आमतौर पर, यह कम रक्त प्रवाह कोरोनरी धमनी रोग का परिणाम होता है, एक ऐसी स्थिति जो तब होती है जब आपकी कोरोनरी धमनियां संकरी हो जाती हैं।
सीओपीडी फेफड़ों की एक बीमारी है जो वायु प्रवाह को बाधित करती है और इससे सांस लेने में समस्या पैदा होती है। यहां स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में ‘इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी' के कार्यकारी निदेशक और कैथ लैब के प्रमुख डॉ. अतुल माथुर ने कहा, ‘‘खराब जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण यह सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी बनी रहेगी।'' चिकित्सकों ने हालांकि यह भी चेतावनी दी कि भारत में फेफड़े से संबंधित बीमारियों का बोझ हाल में लैंसेट द्वारा किए गए अध्ययन में लगाए गए अनुमान से कहीं अधिक हो सकता है क्योंकि संक्रामक रोगों के साथ-साथ वायु प्रदूषण और धूम्रपान की चुनौतियां पहले से ही बनी हुई हैं। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट सर्जरी, चेस्ट ऑन्को सर्जरी और लंग ट्रांसप्लांटेशन' के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अभी भी संक्रामक बीमारियों की पुरानी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसमें टीबी भी शामिल है। दूसरी ओर, हमने फेफड़ों के कैंसर जैसी नई बीमारियों में भारी वृद्धि देखी है।'' मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल और चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में सलाहकार पल्मोनोलॉजिस्ट और महामारीविज्ञानी डॉ. लैंसलॉट पिंटो के अनुसार वायु प्रदूषण और तम्बाकू सेवन के उच्च स्तर के कारण सीओपीडी मृत्यु दर के शीर्ष प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।
- देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कहा कि देश सेवा कर लौटने वाले प्रदेश के अग्निवीरों को राज्य के विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाएगा तथा इसके लिए आरक्षण का प्रावधान भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अग्निवीर योजना लाए जाने के बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों, पूर्व अधिकरियों, जवानों तथा अन्य लोगों के साथ बैठक की थी और 15 जून 2022 को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर घोषणा की थी कि उनकी सरकार पुलिस समेत राज्य के अन्य विभागों में देश सेवा करके आने वाले अग्निवीरों को समायोजित करेगी और उन्हें प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के लिए आरक्षण का भी प्रावधान किया जाएगा। धामी ने कहा कि अग्निवीरों को समायोजित करने के लिए अगर कोई अधिनियम बनाना जरूरी होगा तो उसके लिए भी प्रस्ताव मंत्रिमंडल में लाकर उसे विधानसभा में रखा जाएगा ।
- नयी दिल्ली। भारत ने खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने, पशुओं और पौधों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जनवरी, 2020 से अबतक 300 से अधिक अधिसूचनाएं जारी की हैं। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। ये अधिसूचनाएं स्वच्छता और वनस्पति स्वास्थ्य उपायों (एसपीएस) तथा व्यापार में तकनीकी बाधाओं (टीबीटी) के तहत जारी की जाती हैं। इनकी अनुमति विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के तहत दी गई है। टीबीटी और एसपीएस गैर-शुल्क उपाय (एनटीएम) हैं। एसपीएस का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा और पशु तथा पौधों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के बुनियादी नियम तय करने के लिए किया जाता है। आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी, 2020 से भारत ने 62 एसपीएस और 247 टीबीटी अधिसूचनाएं जारी की हैं। डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार, सदस्य देशों को इन विनियमों के बारे में डब्ल्यूटीओ को सूचित करना होगा।
- नयी दिल्ली,। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि कृत्रिम मेधा (एआई) का वक्त आ चुका है और सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थान (एसएआई) सार्वजनिक व्यय की गुणवत्ता में सुधार के लिए नयी प्रौद्योगिकियों का लाभ उठा रहा है। मुर्मू ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे यह विकसित होगा, हम भी उसी के अनुसार खुद को विकसित करेंगे। जो भी चुनौतियां होंगी, हम उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे। हम इससे संबंधित वैश्विक अनुभवों और व्यवहार का अनुसरण करेंगे और अपने अनुभवों को उनके साथ साझा करेंगे।'' उन्होंने हाल में कहा, ‘‘हमने लेखा परीक्षा व्यवहार को बेहतर बनाने के लिए एआई और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।'' उन्होंने कहा कि एआई, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स के तेजी से आगे बढ़ने के साथ पारंपरिक पद्धतियों को फिर से परिभाषित किया जा रहा है। इससे नवाचार और दक्षता के लिए अभूतपूर्व अवसर तैयार हुए हैं। मुर्मू ने कहा कि एआई ऑडिट के क्षेत्र में बदलाव के वाहक के रूप में उभरा है। एआई संचालित एल्गोरिदम और पूर्वानुमान विश्लेषण का उपयोग करके सटीक तरीके से बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण किया जा सकता है।
- नूह । हरियाणा सरकार ने सोमवार को नूह जिले में निकलने वाली ब्रज मंडल यात्रा से पहले एक बड़ा फैसला लिया है.। सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नूह जिले में कल 22 जुलाई शाम 18:00 बजे तक मोबाइल इंटरनेट और SMS सेवा पर रोक लगा दी है.। इसी दौरान पूरे जिले में मोबाइल इंटरनेट और SMS पर प्रतिबंध रहेगा। हरियाणा सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया कि जिला नूह में तनाव, परेशानी, आंदोलन, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति और सौहार्द को भंग करने की आशंका है। . ऐसे में नूह जिले में मोबाइल इंटरनेट और SMS सेवा पर 24 घंटे के लिए रक लगाईं जा रही है। .हरियाणा सरकार की तरफ से कहा गया कि भड़काऊ सामग्री और झूठी अफवाहों के प्रसार के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं के दुरुपयोग के कारण जिला नूह में सार्वजनिक उपयोगिताओं में व्यवधान, सार्वजनिक संपत्तियों और सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक कानून और व्यवस्था को भंग करने की स्पष्ट संभावना है। इसलिए सरकार की तरफ से यह फैसला लिया गया।
- लखनऊ।. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि व्यापक जनसहभागिता से राज्य में एक दिन में 36.50 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य हासिल कर नया कीर्तिमान रचा गया है। एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम' आह्वान को समर्पित पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ वृक्षारोपण जन अभियान-2024 के अवसर पर पारिजात के पौधे का रोपण किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश ने 36.50 करोड़ पौधारोपण कर कीर्तिमान बनाया है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम' के क्रम में लगभग हर मातृ शक्ति के नाम तीन-तीन पेड़ लगाने का कार्य अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है।'' मुख्यमंत्री ने इस नए रिकॉर्ड के लिए सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। आदित्यनाथ ने कहा कि विगत सात वर्षों में प्रदेश सरकार 168 करोड़ वृक्षारोपण का नया रिकॉर्ड बना चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘168 करोड़ पौधारोपण राज्य सरकार ने जनसहभागिता और प्रदेश के विभिन्न विभागों के माध्यम से किया था। जो पेड़ लगाए गए, उसमें से 75 से 80 प्रतिशत पेड़ आज भी सुरक्षित हैं।'' इसके पहले, लखनऊ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर देशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम लगाने' का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, ‘‘पर्यावरणविद चिंतित हैं कि धरती के तापमान में वृद्धि सृष्टि के लिए नया संकट खड़ा करने जा रही है। यह संकट मनुष्य के स्वार्थ का नतीजा है, इसलिए इसे नियंत्रित करने की जिम्मेदारी भी मनुष्य पर ही होनी चाहिए।'' मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पौधारोपण महाअभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम लगाने' का गौरव लगभग हर परिवार को मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की कुल आबादी 25 करोड़ है और हम 36.50 करोड़ पौधे लगाकर रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। हम आज (शनिवार) एक दिन के भीतर प्रदेश में हर मातृशक्ति के नाम पर तीन-तीन पेड़ लगाने जा रहे हैं। हमें पौधों को लगाना, बचाना और इनके जरिये पर्यावरण को संरक्षित करना है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शनिवार को उत्तर प्रदेश में ‘पौधारोपण महाअभियान' शुरू किया गया, जिसके तहत एक दिन में 36.50 करोड़ पौधे लगाए गए। योगी ने कहा, ‘‘मैंने हरिशंकरी (पौधा) भी लगाया है। इसके दूसरी तरफ शक्ति वन बनाया जा रहा है। यह भारत की नदी संस्कृति को बचाने का माध्यम बनेगा। यह हमें 'एक पेड़ मां के नाम' के साथ एक नई ताकत प्रदान करने में मार्गदर्शन करेगा।'' उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के 56 लाख लाभार्थियों के घरों में सहजन के पौधे लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने धरोहर वृक्षों, खासकर 100 साल से अधिक पुराने पेड़ों को संरक्षित करने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
- नयी दिल्ली।. ग्वाटेमाला की कार्यकर्ता रिगोबेर्ता मेंचू तुम और मैक्सिको के राजनीतिज्ञ एवं व्यवसायी विक्टर गोंजालेज टोरेस को क्रमशः मानवाधिकार और स्वास्थ्य सेवा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए गांधी-मंडेला पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्वदेशी आबादी के अधिकारों और जातीय-सांस्कृतिक सामंजस्य के लिए मेंचू की अथक वकालत के लिए उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया है। मेंचू को 1992 में नोबेल शांति पुरस्कार और 1998 में 'प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस पुरस्कार' से नवाजा गया था। गांधी-मंडेला फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि मेंचू का काम वैश्विक स्तर पर स्वदेशी अधिकारों के लिए लड़ाई को प्रेरित और नेतृत्व करता रहेगा। मैक्सिको में शुक्रवार को आयोजित एक समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया।
- गोंडा (उप्र)। जिले के मनकापुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सेवानिवृत्त रेलकर्मी की हत्या कर दी गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल ने बताया कि वजीरगंज थाना क्षेत्र के उपाध्याय पुर निवासी व रेलवे से सेवानिवृत्त परमेश्वरी चौहान (78) मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के भरहू गांव के पास मकान बनाकर अकेले रह रहे थे। उनकी पोती सरस्वती प्रतिदिन अपने घर से उनके लिए खाना लाती थी और उन्हें खाना देने के बाद चली जाती थी। एसपी ने बताया कि शनिवार को दिन में करीब डेढ़ बजे जब वह बाबा के मकान पर खाना लेकर पहुंची तो उनकी कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की जा चुकी थी। बिस्तर पर ही एक कुल्हाड़ी रखी थी। शव पर कई स्थानों पर चोट के निशान मिले हैं। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसपी ने कहा कि मौके से साक्ष्य संकलन करके जांच शुरू कर दी गई है।
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हैदराबाद ।. तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान की सर्विस हथियार से कथित तौर पर गलती से गोली चलने के कारण मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना उस समय हुई, जब सीआईएसएफ जवान बीडीएल-भानूर इकाई में शुक्रवार को रात्रि ड्यूटी पूरी करने के बाद हथियार जमा करने के लिए बस से उतरने वाला था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर यह सामने आया है कि हथियार से चली गोली जवान की ठुड्डी को चीरते हुए सिर में जा लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जवान की उम्र लगभग 30 वर्ष थी और वह आंध्र प्रदेश का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में एक मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली।संसद का मानसून सत्र सोमवार से आरंभ होने वाला है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस सत्र के दौरान विपक्ष भी ‘नीट' पेपरलीक और रेल सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। मानसून सत्र सोमवार (22 जुलाई) से शुरू होने वाला है और 12 अगस्त को समाप्त होगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। इस सत्र में सरकार की ओर से छह विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है, जिनमें 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने वाला विधेयक भी शामिल है। इस सत्र में जम्मू-कश्मीर के बजट के लिए संसद की मंजूरी भी मिलेगी। इस केंद्रशासित प्रदेश में फिलहाल विधानसभा अस्तित्व में नहीं है और केंद्र का शासन है।सीतारमण सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश करेंगी। वित्त मंत्री सीतारमण 23 जुलाई को आम बजट पेश करने वाली हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने 21 जुलाई को संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई है, ताकि उन मुद्दों को समझा जा सके जिन्हें वे सत्र के दौरान उठाना चाहते हैं। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल ने घोषणा की है कि वह एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगा और संसद में राज्य के हित के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाएगा। बीजद संसदीय दल के अध्यक्ष चुने गए पटनायक ने अपनी पार्टी के सांसदों से ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाने को कहा है। इस सत्र में वित्त विधेयक के अलावा सरकार ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक को भी पेश करने, विचार करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया है। गत बृहस्पतिवार को जारी लोकसभा बुलेटिन में कहा गया कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रहे विभिन्न संगठनों की भूमिका में अधिक स्पष्टता और तालमेल लाना है। भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 नागरिक उड्डयन क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी के लिए सक्षम प्रावधान प्रदान करने की खातिर 1934 के विमान अधिनियम को बदलने का प्रयास करता है। सत्र के दौरान पेश और पारित किए जाने वाले अन्य विधेयकों में स्वतंत्रता पूर्व के कानून की जगह लेने वाला बॉयलर विधेयक, कॉफी (संवर्धन और विकास) विधेयक और रबर (संवर्धन और विकास) विधेयक शामिल हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) का भी गठन किया है। बीएसी संसदीय कामकाज का एजेंडा तय करती है। समिति में सुदीप बंदोपाध्याय (तृणमूल कांग्रेस), पीपी चौधरी (भाजपा), लावू श्रीकृष्ण देवरायलु (तेदेपा), निशिकांत दुबे (भाजपा), गौरव गोगोई (कांग्रेस), संजय जायसवाल (भाजपा), दिलेश्वर कामत (जदयू), भर्तृहरि महताब (भाजपा), दयानिधि मारन (द्रमुक), बैजयंत पांडा (भाजपा), अरविंद सावंत (शिवसेना-यूबीटी), कोडिकुन्नील सुरेश (कांग्रेस), अनुराग ठाकुर (भाजपा) और लालजी वर्मा (सपा) शामिल हैं।
- बेंगलुरु. । कर्नाटक के सरकारी स्कूलों के छात्रों को अब मध्याह्न भोजन योजना के तहत सप्ताह में छह दिन अंडे दिए जाएंगे। यह कदम अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा शनिवार को कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के बाद उठाया गया है। वर्तमान में राज्य सरकार के मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन अंडे उपलब्ध कराये जाते हैं। फाउंडेशन ने एक बयान में कहा, "फाउंडेशन के सहयोग से स्कूल सप्ताह के सभी छह दिनों में अंडे उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे छात्रों के पोषण में काफी वृद्धि होगी। जो छात्र सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के कारण अंडे नहीं खाते हैं, उनके लिए वैकल्पिक उच्च पोषण पूरक उपलब्ध कराया जाएगा।" कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की ऐतिहासिक पहल के लिए अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य और अच्छी शिक्षा के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन महत्वपूर्ण है।उन्होंने बताया कि प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सहमति पत्र के अनुसार, फाउंडेशन ने सप्ताह में चार दिन अंडे उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। प्रत्येक छात्र को एक अंडा - सरकारी छात्रों और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों दोनों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को स्वस्थ भोजन दिया जाना चाहिए, चाहे वे सरकारी स्कूल के हों या सहायता प्राप्त स्कूल के। उन्होंने कहा, "“मैंने देखा है कि बच्चे नाश्ता किए बिना स्कूल आते हैं और दोपहर तक बिना भोजन के रहते हैं, इसी ने हमें सप्ताह में दो बार भोजन और अंडे देने के लिए प्रेरित किया। अब अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने सरकार के साथ मिलकर बच्चों को सप्ताह में चार अतिरिक्त दिनों तक अंडे और पोषक आहार प्रदान करने का फैसला लिया है।" फाउंडेशन के अनुसार इन स्कूलों में कक्षा एक से 10 तक के 55 लाख छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन में अंडे शामिल किए जाएंगे, ताकि उन्हें पौष्टिकता प्रदान की जा सके।
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नयी दिल्ली ।आम बजट से पहले स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भारत में एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली तैयार करने के लिए सरकारी खर्च में वृद्धि, बेहतर बुनियादी ढांचे और उन्नत नवाचार की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा उद्योग को बजट से बहुत अधिक उम्मीद है। इसमें अच्छे इलाज तक पहुंच, गुणवत्ता में वृद्धि और शोध तथा विकास पर जोर देना चाहिए। एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स - इंडिया (एएचपीआई) के महानिदेशक डॉ गिरधर ज्ञानी ने कहा, ''उभरते स्वास्थ्य खतरों से निपटने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने के लिए सरकारी खर्च में वृद्धि जरूरी है।'' उन्होंने कहा कि सरकार को स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल और पोषण पर ध्यान केंद्रित करते हुए 'स्वस्थ भारत' के निर्माण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को स्वायत्त राज्य बोर्डों के तहत पेशेवर बनाया जाना चाहिए, और सभी एसईसीसी-2011 लाभार्थियों को शामिल करने के लिए आयुष्मान भारत योजना का पुनर्गठन होना चाहिए।''
अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप की प्रबंध निदेशक सुनीता रेड्डी ने कहा कि देश के आर्थिक स्वास्थ्य और इसके स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के बीच महत्वपूर्ण संबंध को स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र हमारी रणनीति के केंद्र में होना चाहिए। उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और निदेशक प्रबल घोषाल ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वास्थ्य सेवा खर्च को जीडीपी के 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का आग्रह किया। आईएमए के अध्यक्ष आर वी अशोकन ने बताया कि सकल घरेलू उत्पाद के मुकाबले स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन काफी कम है। इसके अलावा पेयजल, स्वच्छता जैसे स्वास्थ्य निर्धारकों पर किए जाने वाले खर्च को अलग से देना चाहिए। आईएमए ने बजट से पहले अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री को एक पत्र भी लिखा है। फोर्टिस हेल्थकेयर के सीईओ और प्रबंध निदेशक आशुतोष रघुवंशी ने जीडीपी के मुकाबले खर्च को 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने बात कही।
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नई दिल्ली। पशु-पक्षियों से जुड़े वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर देखने को मिलते रहते हैं, जिन्हें देखकर लोगों के चेहरे पर न सिर्फ मुस्कान आती है, बल्कि दिन भी खुशनुमा बन जाता है। कई बार ऐसे नजारे सामने आते हैं, जो इतने अद्भुत होते हैं कि हम अपना दिल हार जाते हैं.।खासकर, मां और उनके बच्चों से जुड़े वीडियो देखना लोग काफी पसंद करते हैं। इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर एक दिल जीतने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मां हंस (Mother Swan) अपने बच्चों को पीठ पर बिठाकर नदी में तैरते हुए एक तरफ से दूसरी तरफ जाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए मां हंस ने दोनों तरफ से अपने पंखों से एक सुरक्षात्मक कवच बनाया है.।
इस वीडियो को @Yoda4ever नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है। इसके साथ कैप्शन लिखा है- मामा हंस अपने छोटे बच्चों को ले जाते हुए... शेयर किए जाने के बाद से अब तक इस वीडियो को 14.7 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक मां हंस अपने चार बच्चों को पीठ पर बिठाकर एक नदी को पार कर रही है। इस दौरान उसके बच्चे सुरक्षित रहें, इसके लिए उसने अपने पंखों को दोनों तरफ से कवच की तरह लगा दिया है, जो देखने में इतना मनमोहक लग रहा है कि कोई भी इसे देखकर अपना दिल हार जाए।. बच्चों के लिए मां की ममता लोगों के दिलों को जीत रही है।











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