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डिब्रूगढ़ (असम) .राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भौतिक प्रगति के बावजूद विश्व आज भी उन्हीं समस्याओं का सामना कर रहा है जो हजारों साल से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान ‘आध्यात्मिक एकता' की प्राचीन भारतीय अवधारणा में निहित है। भागवत ने प्राचीन परंपराओं और संस्कृतियों के आध्यात्मिक गुरुओं को समर्पित एक गैर-लाभकारी संगठन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (आईसीसीएस) द्वारा आयोजित आठवें ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एंड गैदरिंग ऑफ एल्डर्स' के उद्घाटन सत्र में यह टिप्पणी की। यह सम्मेलन एक फरवरी तक चलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रौद्योगिकी में प्रगति के बावजूद युद्ध अब भी होते हैं और बाहरी तथा आंतरिक, दोनों तरह से शांति की कमी है। उन्होंने व्यक्तिगत या सामुदायिक स्तर पर अहंकार और मन की संकीर्णता के मुद्दों पर प्रकाश डाला। भागवत ने कहा कि इन समस्याओं को समझने और हल करने के प्रयास किए गए जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न सिद्धांत और दर्शन सामने आए हैं जो मुख्य रूप से भौतिक समृद्धि पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन परंपराओं ने ‘आध्यात्मिक एकता' की अवधारणा को मान्यता दी जिसे भारत में ‘धर्म' के रूप में जाना जाता है।
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पटना. भाजपा के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपनी पार्टी के गठबंधन को असली (नेचुरल) गठबंधन बताते हुए रविवार को कहा कि उनके साथ गठजोड़ होने से राज्य को फायदा होगा और आगामी लोकसभा चुनाव में राजग प्रचंड विजय हासिल करेगा। गठबंधन सहयोगी के रूप में अपनी पार्टी के साथ कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के तुरंत बाद यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में नड्डा ने विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन का उपहास करते हुए गठबंधन का मतलब परिवार की रक्षा करना एवं भ्रष्टाचार का बचाव करना है । उन्होंने कहा,‘‘ बिहार के लोगों ने पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के साथ हमारे असली गठबंधन को जनादेश दिया था। जब भी हम एक साथ सत्ता में रहे हैं, बिहार को फायदा हुआ है, चाहे वह कानून और व्यवस्था के मामले में हो या आर्थिक विकास के मामले में। अब बिहार फिर से ऐसा करेगा।'' नड्डा ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अब डबल इंजन की सरकार से बिहार लाभान्वित होगा और यहां विकास को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि राजग लोकसभा चुनाव में भारी जीत दर्ज करेगा, यह गठबंधन बिहार में सभी 40 सीट जीतेगा। हम विधानसभा चुनाव के बाद भी राज्य में अगली सरकार भी बनाएंगे।''
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नयी दिल्ली. अयोध्या में नवनिर्मित भव्य राम मंदिर को उस भीषणतम भूकंप को भी झेलने के लिए डिजाइन किया गया है जिसके 2,500 वर्षों में एक बार आने की आशंका होती है। वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी। अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई है और यहां बड़ी संख्या में रोजाना श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान से संबद्ध केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई) रुड़की ने अयोध्या के मंदिर स्थल पर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए हैं जिनमें भू-तकनीकी विश्लेषण, नींव डिजाइन पुनरीक्षण और 3 डी संरचनात्मक विश्लेषण और डिजाइन शामिल हैं। सीएसआईआर-सीबीआरआई के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक देबदत्ता घोष ने बताया कि भीषणतम भूकंप से मंदिर की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन किया गया था। सीएसआईआर-सीबीआरआई में संरचनाओं के संरक्षण के लिए उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक घोष और मनोजीत सामंत ने नींव की डिजाइन, 3 डी संरचनात्मक विश्लेषण और राम मंदिर के डिजाइन की समीक्षा और निगरानी करने के लिए गठित टीम का नेतृत्व किया था। इन वैज्ञानिकों का सीएसआईआर-सीबीआरआई के निदेशक प्रदीप कुमार रामंचरला और उनके पूर्ववर्ती एन गोपालकृष्णन ने मार्गदर्शन किया था। घोष ने बताया कि 50 से अधिक कंप्यूटर मॉडलों का अनुकरण करने और सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थितियों के तहत उनका विश्लेषण करने के बाद संरचनात्मक डिजाइन की सिफारिश की गई थी। उन्होंने बताया कि संपूर्ण संरचना का निर्माण बंसी पहाड़पुर बलुआ पत्थर का इस्तेमाल करके किया गया है, जिसमें लोहे का इस्तेमाल नहीं किया गया है और इसमें एक हजार साल तक कोई खामी नहीं आएगी।
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नयी दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राजस्थान के उनके समकक्ष भजनलाल शर्मा ने रविवार को यहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की और अपने-अपने राज्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। यादव और शर्मा ने पिछले साल दिसंबर में क्रमश: मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए पोस्ट किया, ‘‘आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के साथ मुलाकात हुई और प्रदेश के विकास व सुशासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।'' गृहमंत्री ने बताया कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।
उन्होंने पोस्ट किया, आज राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से भेंट हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए भजन लाल जी राजस्थान को कांग्रेस के कुशासन से मुक्त कर तरक्की की नई राह की ओर अग्रसर करने की दिशा में सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में राजस्थान चहुंमुखी विकास का साक्षी होगा।'' -
पटना । बिहार में जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड नौवीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ली है। राजभवन में उनके साथ आठ अन्यों ने भी कैबिनेट मंत्री की शपथ ली है। राज्य के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने आज भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के तीन-तीन नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके अलावा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के एक नेता और एक निर्दलीय विधायक ने भी मंत्री की शपथ ली है।
भारतीय जनता पार्टी को राज्य प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, पूर्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा और प्रेम कुमार सरकार में शामिल किए गए हैं। दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव और श्रवण कुमार को भी कैबिनेट में जगह मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र तथा हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन और एक निर्दलीय विधायक को भी मंत्री बनाया गया है। आज के शपथ ग्रहण के बाद कैबिनेट का विस्तार जल्दी किए जाने की संभावना है।भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय तथा अन्य कई नेता समारोह में मौजूद थे। राजभवन के बाहर भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और अन्य सहयोगी दलों के समर्थकों का भारी जमावड़ा मौजूद रहा। -
नयी दिल्ली. देश में उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) को मान्यता प्रणाली के तहत अब ग्रेड नहीं दी जाएगी, उन्हें "मान्यता प्राप्त" या "गैर मान्यता प्राप्त" के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। यह फैसला राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) ने शनिवार को लिया। शनिवार को आयोजित कार्यकारी परिषद की बैठक में, एनएएसी ने यह भी निर्णय लिया कि मान्यता प्राप्त संस्थानों को उच्चतम स्तर हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते एक से पांच के बीच स्तर दिए जाएंगे। इन सुधारों को दो चरणों में लागू किया जाएगा - अगले चार महीनों में द्विआधारी मान्यता (मान्यता प्राप्त या गैर-मान्यता प्राप्त) प्रणाली और दिसंबर तक परिपक्वता-आधारित श्रेणीबद्ध मान्यता (स्तर 1 से 5)। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी संस्थानों को मान्यता प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्रेड के बजाय द्विआधारी (बाइनरी) मान्यता (मान्यता प्राप्त या गैर-मान्यता प्राप्त) होगी, जिससे उच्च शिक्षा प्रणाली में एक गुणवत्तापूर्ण संस्कृति का निर्माण होगा।'' उन्होंने कहा, "द्विआधारी मान्यता दुनिया के कई अग्रणी देशों में अपनायी जाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है।" इसके अलावा, मान्यता प्राधिकार परिपक्वता-आधारित श्रेणीबद्ध मान्यता (स्तर 1 से 5) का उपयोग मान्यता प्राप्त संस्थानों को 5 के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने के लिए अपने स्तर को बढ़ाने के वास्ते प्रोत्साहित करने के लिए करेगा जो कि "बहु-अनुशासनात्मक अनुसंधान और शिक्षा के लिए वैश्विक उत्कृष्टता संस्थान" है।
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नयी दिल्ली. उत्तरपूर्व दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक आवासीय इमारत में आग लगने से सात महीने की एक बच्ची समेत चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान गौरी सोनी (40), उनके बेटे प्रथम सोनी (17), रचना (28) और उनकी सात महीने की बेटी रूही के रूप में हुई है। रचना के पति विनोद ने कहा कि वह एक जूता प्रिंटिंग कारखाने में काम करते हैं और शुक्रवार को जब यह घटना हुई तब वह अपने कार्यस्थल पर थे। विनोद ने कहा, “मैं आमतौर पर रात 9 बजे के आसपास घर आता हूं, लेकिन शुक्रवार को मैं कुछ जल्दी शाम करीब 6 बजे घर आ गया और देखा कि हमारी इमारत में आग लग गई है। मुझे किसी का कोई फोन नहीं आया। मेरी पत्नी और बेटी को अस्पताल ले जाया गया।” उन्होंने कहा, “मैं बाद में अस्पताल पहुंचा और पाया कि उन दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है। हम पिछले दो साल से इमारत की दूसरी मंजिल पर किराये पर रह रहे थे। मैंने अपने जीवन के दो सबसे प्रिय व्यक्तियों को खो दिया है।'' विनोद ने बताया कि रूही 7 जून को एक साल की होने वाली थी। रूही उनकी गोद ली हुई बेटी थी। उन्होंने रचना के एक रिश्तेदार की बेटी से लड़की गोद ली थी। रचना के भाई करण कुमार ने बताया कि इमारत के भूतल पर एक गोदाम है, जहां वाइपर का रबर रखा हुआ था। करण ने कहा, ‘‘इमारत के भूतल पर एक पार्टी चल रही थी। घटना के बारे में मुझे शाम को फोन आया। मामले की जांच से घटना के कारणों का पता लगेगा। जब आग लगी तो किसी ने मेरे जीजा विनोद को घटना के बारे में सूचित करने के लिए फोन नहीं किया। मालिक अपनी पत्नी को छोड़कर इमारत से भाग गया।” उन्होंने बताया कि इमारत की तीसरी मंजिल पर एक और परिवार था जिसकी एक महिला और उसके बेटे की इस घटना में मौत हो गई। इस घटना में गौरी और उनके बेटे प्रथम की भी जान चली गई, जबकि उनकी बेटी बच गई। गौरी के देवर योगेश सोनी ने बताया, ''भूतल पर वाइपर के रबर का गोदाम था। हमने सुना है कि किसी ने सिगरेट पीने के बाद, उसका टुकड़ा फेंक दिया और वाइपर के फोम में आग लग गई। हालांकि, वास्तविक कारण जांच के बाद पता चलेगा।'' योगेश ने कहा, “मेरी भाभी, भतीजा और भतीजी तीसरी मंजिल पर थे। उनमें से मेरी भाभी और भतीजे की मृत्यु हो चुकी है और मेरी भतीजी जीवित है। जहां तक लग रहा है कि इनकी मौत दम घुटने से हुई है। उन्हें बाहर जाने का समय नहीं मिला और सीढ़ियों पर ही उनकी मृत्यु हो गई।'' योगेश ने कहा कि उनके भाई एवं गौरी के पति आशुतोष सोनी मंडोली में एक निजी कंपनी में काम करते हैं और घटना के समय वह अपने कार्यालय में थे। उन्होंने बताया कि वे पिछले दो साल से इस मकान में किराये पर रह रहे थे। आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगने पर वे लोग आग बुझाने में जुट गए।
आशुतोष के रिश्तेदार हर्ष वर्मा ने बताया कि उन्होंने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन धुआं पूरी इमारत में फैल गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने दोस्त के घर जा रहा था जब मैंने देखा कि इमारत में आग लग गई है। दमकल के आने से पहले हमने आसपास के घरों के पानी के पंप खोले और पानी डालना शुरू कर दिया। हमने कुछ हद तक आग पर काबू पा लिया, लेकिन धुआं बहुत घना था। आसपास के सभी लोगों ने जान बचाने की पूरी कोशिश की।'' अग्निशमन अधिकारियों को शाम 5:22 बजे शाहदरा इलाके के एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। दमकल की पांच गाड़ियों को मौके पर लगाया गया और शाम 6:55 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। इमारत के भूतल पर एक घर में रखी रबर सामग्री जैसे वाइपर और रबर काटने वाली मशीन में आग लग गई थी। इमारत की चौथी मंजिल पर रहने वाले सत्य मिश्रा ने बताया कि घटना के वक्त वह मानसरोवर पार्क डीडीए फ्लैट्स में गए थे। मिश्रा ने कहा, “दोपहर करीब 2 बजे, मैं भागवत कथा के लिए मानसरोवर पार्क गया था। मुझे शाम करीब 5 बजे मेरे पड़ोसियों का फोन आया कि हमारी इमारत में आग लगने की घटना हो गई है। जब मैं यहां पहुंचा तो देखा कि आग भूतल फैल गई है और हर कोई आग बुझाने की कोशिश कर रहा है। उस समय इमारत में बहुत अधिक धुआं था।” स्थानीय निवासी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि छह लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से चार की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि उस समय यहां लोग चिल्ला रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इमारत में चार मंजिल और एक सीढ़ी है। इमारत मालिक भरत सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि भरत सिंह ने भूतल और पहली मंजिल अपने लिए रखी थी और बाकी दो मंजिलें किराये पर दे दी थीं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि विमान यात्रियों के लिए ‘डिजी यात्रा' पूरी तरह स्वैच्छिक है और हवाई अड्डों पर कर्मचारियों को केवल यात्रियों की सहमति के बाद ही आवेदन के लिए सूचना एकत्र करने के निर्देश दिये गये हैं। शिकायतें मिल रही थीं कि यात्रियों से उनकी सहमति के बिना ‘डिजी यात्रा' के लिए बायोमेट्रिक डेटा एकत्र किया जा रहा था और इस मुद्दे को राज्यसभा के सदस्य साकेत गोखले द्वारा नागर एवं विमानन मंत्री सिंधिया को अवगत कराया गया। ‘डिजी यात्रा' चेहरे की पहचान प्रौद्योगिकी (एफआरटी) के आधार पर हवाई अड्डों पर विभिन्न जांच बिंदुओं पर यात्रियों की संपर्क रहित और निर्बाध आवाजाही की सुविधा प्रदान करती है और वर्तमान में घरेलू यात्रियों के लिए न्यूनतम 13 हवाई अड्डों पर यह सुविधा उपलब्ध है। सांसद को दिये गये जवाब में सिंधिया ने कहा है कि इस मुद्दे की जांच की गई और हवाई अड्डे के संचालकों को सहमति लेने की प्रक्रिया पर डिजी मित्रों को जागरूक करने और ‘डिजी यात्रा' के उपयोग को पूरी तरह से स्वैच्छिक रखने की सलाह दी गई है। ‘डिजी यात्रा' के उपयोग के प्रति यात्रियों की सहायता के लिए हवाई अड्डों पर ‘डिजी मित्र' नामक व्यक्तियों की सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मंत्री ने 24 जनवरी को लिखे पत्र में गोखले को बताया कि ‘डिजी यात्रा' निर्बाध और परेशानी मुक्त हवाई यात्रा के लिए एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है जो पूरी तरह से स्वैच्छिक है। सिंधिया ने पत्र में कहा, ‘‘कियोस्क आधारित पंजीकरण पर ‘फेस बायोमेट्रिक' लेने के लिए यात्री की पहले से सहमति लेना आवश्यक है। इसके अलावा, उड़ान के प्रस्थान के 24 घंटे के बाद हवाई अड्डे के सिस्टम से डेटा स्वचालित रूप से हटा दिया जाता है।'' गोखले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर इस पत्र को साझा किया है। ‘डिजी यात्रा' के लिए यात्री द्वारा साझा किया गया डेटा एक ‘एन्क्रिप्टेड' प्रारूप में संग्रहीत किया जाता है। सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्री को पहले आधार-आधारित सत्यापन और खुद की फोटो का उपयोग करके ‘डिजी यात्रा' ऐप पर अपना विवरण पंजीकृत करना होगा। अगले चरण में बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और जानकारी हवाई अड्डे के साथ साझा की जाएगी। हवाई अड्डा के ई-गेट पर यात्री को पहले बार-कोडेड बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और ई-गेट पर स्थापित चेहरे की पहचान प्रणाली यात्री की पहचान और यात्रा दस्तावेज को मान्य करेगी। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यात्री ई-गेट के जरिए हवाई अड्डा में प्रवेश कर सकता है। एक गैर लाभकारी कंपनी ‘डिजी यात्रा फाउंडेशन' इस डिजी यात्रा के लिए नोडल निकाय है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के सातवें संस्करण की तैयारियों की समीक्षा की। प्रधान ने कहा, ‘‘परीक्षा पे चर्चा एक वार्षिक परंपरा बन गई है, जिस पर ‘परीक्षा योद्धा' (छात्र), माता-पिता और शिक्षक सभी की नजर होती हैं क्योंकि इससे उन्हें तनाव से उबरने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद मिलती हैं। आगामी सत्र में प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के लिए सभी में उत्साह है।'' ‘परीक्षा पे चर्चा' (पीपीसी) परीक्षाओं से जुड़े तनाव को दूर करने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक पहल है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में पिछले छह वर्षों से छात्र, अभिभावक और शिक्षक शामिल होते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के कारण चौथा संस्करण ऑनलाइन आयोजित किया गया। पिछले वर्ष के कार्यक्रम में कुल 31.24 लाख छात्रों, 5.60 लाख शिक्षकों और 1.95 लाख अभिभावकों ने इसमें भाग लिया था। प्रधान ने कहा, ‘‘मौजूदा सातवें संस्करण में सरकारी पोर्टल पर उल्लेखनीय 2.26 करोड़ पंजीकरण दर्ज किए गए, जो देशभर में छात्रों के बीच व्यापक उत्साह को दर्शाता है।'' गौरतलब है कि 29 जनवरी को निर्धारित यह कार्यक्रम ‘भारत मंडपम' में आयोजित किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) के 25वें संस्करण में एक फरवरी से 15 भारतीय शहरों में कार्यशालाओं, चर्चाओं और मास्टर कक्षाओं के साथ-साथ 150 से अधिक नाटकों का मंचन होगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने शनिवार को यहां यह घोषणा की। ‘दुनिया का सबसे बड़ा रंगमंच महोत्सव' माना जाने वाला 'भारंगम' रंगमंच और सांस्कृतिक प्रेमियों को भारतीय और वैश्विक रंगमंच परंपराओं की एक समृद्ध खजाना प्रस्तुत करेगा। इस साल का रंगमंच महोत्सव मुंबई के ‘नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स' (एनसीपीए) में अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र आशुतोष राणा के शुरुआती नाटक "हमारे राम" के साथ शुरू होगा। एनएसडी के निदेशक चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा, ‘‘पिछले 25 वर्षों में, इस महोत्सव ने एक मार्गदर्शक का काम किया है और यह वैश्विक रंगमंच परंपराओं का समृद्ध खजाना है। आगामी संस्करण एक भव्य महोत्सव होगा, जो न केवल रंगमंच क्षेत्र के भीतर असाधारण रचनात्मकता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि सहयोग की सुंदरता पर भी जोर देगा।'' उन्होंने कहा कि यह नाट्य विद्यालय "रंगमंच के जादू को बढ़ावा देने, विविध आवाज और विमर्श को पनपने के लिए एक मंच प्रदान करने" के लिए समर्पित है। इस वर्ष का संस्करण "वसुधैव कुटुंबकम, वंदे भारंगम" के विषय पर आधारित है, जो कलाकारों के बीच वैश्विक एकता को बढ़ावा देता है। नाट्य विद्यालय ने इस साल के महोत्सव के लिए अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र पंकज त्रिपाठी को ‘ब्रांड एंबेसडर' भी नियुक्त किया है। महोत्सव के बारे में बात करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि वह "रंगदूत" की भूमिका के माध्यम से भारंगम के बारे में जानकारी छोटे शहरों और आम जनता तक फैलाने की कोशिश करेंगे। त्रिपाठी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण है कि न केवल रंगमंच कलाकार बल्कि आम जनता भी इस महोत्सव में शामिल हो। कई बार छोटे शहरों में, यहां तक कि पटना जैसे शहरों में भी लोगों को पता नहीं होता है कि कोई रंगमंच के क्षेत्र में कैसे जा सकता है या कैसे शामिल हो सकता है। मेरा प्रयास इस महोत्सव के बारे में अधिक जागरूकता फैलाने का होगा, ताकि लोग आ सकें और देख सकें और साथ ही अधिक युवाओं को रंगमंच की कला में रुचि हो।'' भारंगम का मंचन नयी दिल्ली के अलावा मुंबई, पुणे, भुज, विजयवाड़ा, जोधपुर, डिब्रूगढ़, भुवनेश्वर, पटना, रामनगर, अगरतला और श्रीनगर सहित कुछ नए और पुराने स्थानों पर किया जाएगा। कार्यक्रम में एनएसडी के अध्यक्ष और अभिनेता परेश रावल ने कहा कि रंगमंच, खासकर एनएसडी को और अधिक केंद्रों तक ले जाना महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव का समापन 21 फरवरी को दिल्ली में एक विशेष समारोह के साथ होगा।
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बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को कहा कि उसके अंतरिक्ष प्लेटफॉर्म पीओईएम-3 ने अपने सभी पेलोड उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल-3 (पीओईएम-3) पीएसएलवी-सी58 रॉकेट के पीएस4 चरण का इस्तेमाल किया है जिसने इस साल एक जनवरी को एक्सपोसेट लॉन्च किया था। इसरो ने कहा कि पीओईएम-3 ने नौ पेलोड के साथ उड़ान भरी थी। कक्षा में 25वें दिन तक पीओईएम-3 ने 400 परिक्रमाएं पूरी कर लीं। अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे एक विशिष्ट और किफायती मंच बताया। इस अवधि के दौरान, प्रत्येक पेलोड को योजना के अनुसार परिचालन में लाया गया और प्रदर्शन प्रदर्शित किया गया। पीओईएम-3 एक तीन-अक्ष-नियंत्रित प्लेटफॉर्म है जिसमें पेलोड का समर्थन करने के लिए बिजली उत्पादन और टेलीकमांड तथा टेलीमेट्री क्षमताएं हैं। यह अनुमान लगाया गया है कि पीओईएम-3 पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करने से पहले लगभग 73 दिन तक परिक्रमा करता रहेगा।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त किये। पार्टी के एक बयान के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को बिहार का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि भाजपा के राज्यसभा सदस्य और झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष दीपक प्रकाश सह-प्रभारी होंगे। तावड़े बिहार में भाजपा के राजनीतिक मामलों के प्रभारी हैं। भाजपा ने उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा को उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को उत्तराखंड का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। बयान में कहा गया है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी झारखंड के चुनाव प्रभारी होंगे। इसमें कहा गया है कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने नियुक्तियां की हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को हरियाणा का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि भाजपा नेता सुरेंद्र नागर सह प्रभारी होंगे। बिहार के पूर्व मंत्री और पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रभारी मंगल पांडे को राज्य का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। भाजपा नेता अमित मालवीय और आशा लाकड़ा सह प्रभारी होंगे। नड्डा ने उत्तर प्रदेश के विधान परिषद सदस्य और राज्य के पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह को मध्य प्रदेश के लिए भाजपा का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि सतीश उपाध्याय सह प्रभारी नियुक्त किये गये हैं। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब के भाजपा प्रभारी विजय रूपाणी को राज्य का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव नरिंदर सिंह को राज्य में चुनाव के लिए सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। रूपणी को चंडीगढ़ का भी चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि संजय टंडन सह प्रभारी होंगे। भाजपा ने राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय महासचिव राधा मोहन दास अग्रवाल को कर्नाटक का चुनाव प्रभारी और सुधाकर रेड्डी को सह प्रभारी बनाया है। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक मामलों के लिए भाजपा के सह-प्रभारी आशीष सूद को गोवा का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। गुजरात के विधायक पूर्णेश मोदी को दमन और दीव का चुनाव प्रभारी और दुष्यंत पटेल को सह प्रभारी बनाया गया है। पार्टी नेता अशोक सिंघल को अरुणाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और अंडमान एवं निकोबार में राजनीतिक मामलों के प्रभारी वाई सत्य कुमार को केंद्र शासित प्रदेश का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में राजनीतिक मामलों के लिए पार्टी के प्रभारी हैं, को दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव प्रभारी नामित किया गया है। उत्तर प्रदेश से पार्टी के राज्यसभा सदस्य विजयपाल सिंह तोमर को ओडिशा का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ की विधायक लता उसेंडी सह-प्रभारी होंगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को केरल का चुनाव प्रभारी बनाया गया है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को तमिलनाडु का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुडुचेरी में राजनीतिक मामलों के लिए भाजपा की प्रभारी निर्मला कुमार सुराणा को चुनाव प्रभारी भी बनाया गया है। बिहार के भाजपा नेता और विधान परिषद सदस्य दिलीप जायसवाल को सिक्किम का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। -
नई दिल्ली। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के सावधिक अनुमोदन, आकलन और प्रत्यायन तथा रैंकिंग के लिए प्रस्तावित सुधारों को स्वीकृति दे दी है। शिक्षा मंत्री ने सुधार प्रस्तावित करने के लिए इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में नवंबर 2022 में समिति गठित की थी।
समिति ने इस वर्ष 16 जनवरी को अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्री को सौपी। रिपोर्ट में सभी शिक्षण संस्थानों को गुणवत्ता बढ़ाकर प्रत्यायन में शामिल होने को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेड देने की बजाय बाइनरी एक्रेडिटेशन यानी दोहरे आधार पर प्रत्यायन की सिफारिश की गई है। इससे उच्च शिक्षा प्रणाली में और गुणवत्ता आएगी। समिति ने संस्थानों को अपना स्तर उन्नत करने और लगातार सुधार के लिए परिपक्वता और गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडेड एक्रेडिएशन की सिफारिश की है। सुधारों के तहत एक राष्ट्र - एक डेटा प्लेटफार्म का प्रस्ताव किया गया है, ताकि संस्थागत डेटा प्रबंधन में पारदर्शिता आये। - नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस महीने की 22 तारीख को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ने देश के करोड़ों लोगों को एक सूत्र में पिरोया है। आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश ने इस अवसर पर सामूहिकता की अद्भुत शक्ति देखी, जो सरकार के विकसित-भारत संकल्प का प्रमुख आधार हैप्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश ने 22 जनवरी की शाम को राम ज्योति प्रज्ज्वलित की और राम भजन गाये। भगवान राम के शासन को भारतीय संविधान निर्माताओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए श्री मोदी ने देव से देश और राम से राष्ट्र के अपने कथन का उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने अपने आग्रह पर लाखों लोगों के मकर संक्रांति से लेकर 22 जनवरी तक स्वच्छता अभियान में शामिल होने पर प्रसन्नत व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई की और इसकी तस्वीरें और वीडियो भेजे। श्री मोदी ने कहा कि यह अभियान रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिकता की शक्ति देश को सफलता की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।श्री मोदी ने कहा कि यह 2024 का पहला मन की बात कार्यक्रम है और अमृतकाल में एक नई उमंग और तरंग है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही देश ने 75वां गणतंत्र दिवस उत्साह और उल्लास से मनाया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारतीय संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के भी 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। लोकतंत्र के ये उत्सव भारत को लोकतंत्र की मातृका के रूप में और सशक्त करते हैं।श्री मोदी ने कहा कि हमारा संविधान इतने गहन मंथन के बाद बना है कि इसे जीवंत दस्तावेज कहा जाता है। संविधान की मूल प्रति के भाग 3 में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का वर्णन है और उल्लेखनीय है कि भाग 3 के आरंभ में संविधान निर्माताओं ने भगवान राम, माता सीता और लक्षमण जी के चित्रों को स्थान दिया।प्रधानमंत्री ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस परेड में नारी शक्ति का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की महिला टुकड़ियों को कर्तव्य-पथ पर मार्च करते हुए देखकर पूरा देश गर्व से भर उठा। उन्होंने कहा कि इस बार परेड में शामिल 20 टुकड़ियों में से 11 महिलाओं की थी।श्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत महिला नीत विकास के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हाल में राष्ट्रपति भवन में आयोजित अर्जुन पुरस्कार समारोह में 13 महिला खिलाड़ियों को सम्मानित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में अद्भुत काम कर रही हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं ने स्व-सहायता समूहों में भी अपना परचम लहराया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह दिन दूर नहीं जब नमो ड्रोन दीदी हर गांव में ड्रोन की मदद से खेती बाड़ी में मदद करती नजर आएंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बहराइच में महिलाओं द्वारा स्थानीय चीजों के उपयोग से जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक तैयार किये जाने का भी उल्लेख किया।श्री मोदी ने कहा कि नीबिया बेगमपुर गांव की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने गोबर, नीम की पत्तियों और कई औषधीय पौधों से जैव उर्वरक तैयार किया है। ये महिलाएं अदरक, लहसुन, प्याज और मिर्च से जैव कीटनाशक भी तैयार करती हैं। इन महिलाओं ने उन्नति जैविक इकाई नाम से एक संगठन बनाया है। इनके द्वारा तैयार जैव उर्वरक और जैव कीटनाशक की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और आसपास के गांवों के 6 हजार से ज्यादा किसान इनसे जैव उत्पाद खरीद रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले घोषित पद्म पुरस्कारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिल्कुल जमीनी स्तर से जुड़कर समाज में बड़े बदलाव लाने वाले अनेक लोगों को पद्म सम्मान दिये गये हैं। श्री मोदी ने बिना किसी प्रचार-प्रसार के समाज सेवा में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार पाने वाले अधिकांश लोग अलग तरह का काम कर रहे हैं- जैसे एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराना, प्रकृति के संरक्षण का प्रयास, धान की 650 से अधिक किस्मों का संरक्षण तथा मादक पदार्थ और शराब की लत की रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता लाना।उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि पद्म पुरस्कार पाने वालों में 30 महिलाएँ हैं। ये महिलाएँ जमीनी स्तर पर अपने कार्यों से समाज और देश को आगे ले जा रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि प्राकृत, मालवी ओर लंबाडी भाषाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी यह पुरस्कार दिया गया है। भारतीय संस्कृति और विरासत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में प्रयास करने वाले विदेश के भी कई लोग पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किये गये हैं। इनमे फ्रांस, ताइवान, मैक्सिको और बंग्लादेश के नागरिक शामिल हैं।प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पद्म पुरस्कारों की प्रणाली पिछले दशक में पूरी तरह बदल चुकी है। अब यह पीपल्स पद्म बन चुका है। श्री मोदी ने कहा कि अब लोग स्वयं को इस पुरस्कार के लिए नामित करा सकते हैं और यही वजह है कि वर्ष 2014 की तुलना में इस बार 28 गुना अधिक नामांकन मिले। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कारों की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने पद्म सम्मान पाने वाले सभी लोगों को फिर अपनी शुभकामनाएं दीं।अंगदान के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में देश में एक हजार से भी अधिक लोगों ने मृत्यु के बाद अंगदान किये। उन्होंने ऐसा उदार निर्णय लेने वाले और उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करने वाले परिजनों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अनेक संगठन भी इस दिशा में बहुत ही प्रेरक काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन लोगों को अंगदान के लिए जागरूक कर रहे हैं और कुछ संस्थाएं अंगदान की इच्छा रखने वाले लोगों के पंजीकरण में मदद कर रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयासों के कारण समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है और लोगों का जीवन भी बचाया जा रहा है।श्री मोदी ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद से आयुर्वेद, सिद्ध और युनानी औषधि से संबंधित डेटा और शब्दावली का वर्गीकरण किया है। उन्होंने कहा कि इससे आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा पद्यति में रोगों और उपचार से जुड़ी शब्दावली की कोडिंग कर दी गई है। इसकी मदद से सभी डॉक्टर अब पर्ची पर एक जैसी भाषा लिख पाएंगे और रोगियों को दूसरे डॉक्टर के पास जाकर भी चिकित्सा कराने में आसानी होगी। इस पर्ची से डॉक्टर भी रोगी की बीमारी, उपचार और दवाओं के बारे में जान सकेंगे। शोध कार्यों से जुड़े लोगों को भी इससे फायदा होगा और अन्य देशों के वैज्ञानिकों को भी रोग, औषधि और इसकी प्रभावकारिता के बारे में जानकारी मिल सकेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आयुष पद्धति से जुड़े चिकित्सक इस कोडिंग को जल्द से जल्द अपनाएंगे।प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की जड़ी-बूटी औषधि विशेषज्ञ सुश्री यानुंग जामोह लैगोकी का भी उल्लेख किया। उन्होंने आदि जनजाति की पारंपरिक चिकित्सा पद्यति को पुनर्जीवित करने के लिए बहुत काम किया है। इस बार सुश्री यानुंग को भी अपने योगदान के लिए पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के वैद्य हेमचंद मांझी का भी उल्लेख किया, जिन्हें पद्म पुरस्कार दिया गया है। श्री मांझी आयुष पद्धति की मदद से नारायणपुर में पांच दशक से भी अधिक समय से गरीब रोगियों की सेवा कर रहे हैं। श्री मोदी ने आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभाने वाले इन लोगों की सराहना की।प्रधानमंत्री ने रेडियो को पूरे देश से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के दौर में भी इसकी उपयोगिता कायम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए रेडियो की बदलाव लाने की शक्ति का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा कि पिछले लगभग सात वर्षों से छत्तीसगढ़ में रडियो से एक लोकप्रिय कार्यक्रम का प्रसारण हो रहा है, जिसका नाम है हमर हाथी-हमर गोठ। यह कार्यक्रम आकाशवाणी के अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ से प्रत्येक शाम प्रसारित होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जंगलों और आस-पास रहने वाले लोग बड़े ध्यान से इसे सुनते हैं। इस कार्यक्रम में बताया जाता है कि हाथियों का झुंड किस तरफ से गुजर रहा है, इससे लोगों को हाथियों के आने की जानकारी मिल जाती है और वे सतर्क हो जाते हैं। सोशल मीडिया के जरिये भी यह जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाती है। इससे जंगल के आस-पास रहने वाले लोगों को हाथियों के साथ तालमेल बिठाना आसान हो जाता है।25 जनवरी को मनाये गए राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश में लगभग 96 करोड़ मतदाता है। यह संख्या अमरीका की कुल जनसंख्या की लगभग तीन गुनी और पूरे यूरोप की कुल आबादी के लगभग डेढ़ गुनी है। श्री मोदी ने देश में लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत करने के अथक प्रयासों के लिए निर्वाचन आयोग की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि जहां दुनिया के अनेक देशों में मतदान प्रतिशत घट रहा है, वहीं भारत में यह लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 1951-52 में, जब देश में पहली बार चुनाव हुए थे, केवल 45 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। श्री मोदी ने कहा कि आज इस आंकड़े में महत्वपूर्ण वृद्धि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी कानून में सुधार किए है, ताकि युवा मतदाताओं को नाम दर्ज कराने के अधिक अवसर मिले। श्री मोदी ने पहली बार वोट डालने की पात्रता हासिल करने वाले मतदाताओं से अपना नाम राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल और मतदाता हेल्प लाइन ऐप के जरिए मतदाता सूची में दर्ज कराने को कहा।प्रधानमंत्री ने कहा कि वे कल परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 7वें संस्करण की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा यह कार्यक्रम उन्हें विद्यार्थियों से बातचीत करने और परीक्षा से जुड़ा उनका तनाव कम करने का मौका देता है। उन्होंने कहा पिछले 7 वर्षों में परीक्षा पे चर्चा शिक्षा और परीक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत का एक अच्छा माध्यम बनकर उभरा है। 2 करोड़ 25 लाख से भी अधिक विद्यार्थियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है और अपनी बात साझा की है।प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय और फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा की जयंती पर उनका स्मरण किया। उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय ने पंजाब नेशनल बैंक और अन्य संस्थानों की स्थापना में महत्वपूण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि फील्ड मार्शल करियप्पा ने इतिहास के महत्वपूर्ण दौर में सेना का नेतृत्व कर साहस और शौर्य की मिसाल कायम की।खेलकूद का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया युवा खेलों का अब से कुछ दिन पहले ही चेन्नई में शुभारंभ हुआ है। 5 हजार से भी अधिक खिलाड़ी इन खेलों में भाग ले रहे हैं। श्री मोदी ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए लगातार नये माध्यम तैयार होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में ही दीव में समुद्र तट खेलों का अयोजन किया गया। यह भारत का पहला मल्टी स्पोर्टस बीच गेम्स था। इसमें रस्साकशी, तैराकी, मलखंब, समुद्र तट वॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल और मुक्केबाजी जैसी प्रतियोगिताएं हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हैरानी की बात थी कि इस प्रतियोगिता में ऐसे राज्यों से भी खिलाड़ी आये, जिनका दूर-दूर तक समुद्र से कोई नाता नहीं था। मध्य प्रदेश ने प्रतियोगिता में सबसे अधिक पदक जीते, जहां कोई समुद्र तट ही नहीं है।
- पटना। बिहार में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सम्राट चौधरी को रविवार को राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उपनेता चुना गया। इसके साथ ही भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष चौधरी और सिन्हा को राज्य में बनने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नयी सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है।रविवार को नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर गवर्नर को अपना इस्तीफा दिया। विधायक दल की बैठक के बाद विनोद तावड़े ने कहा कि नेता और उपनेता चुनने के बाद एनडीए की संयुक्त बैठक होगी फिर हमलोग सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विकास और लालू के आतंक को खत्म करने के लिए जो जनमत मिला था. इसके लिए नीतीश कुमार का प्रस्ताव आया। संजय झा जी इस प्रस्ताव को लेकर आये तो हमने ये प्रस्ताव स्वीकार लिया। विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में फिर से जंगलराज लौट रहा था। जो भी जिम्मेदारी मिली है, निर्णय लिया है उसे हम स्वीकार करते है। हमारे संकल्प में शुरू से ही सुशासन था हम अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।. जातिगत समीकरण की बात करें तो सम्राट चौधरी ओबीसी कोटे से आते हैं वहीं विजय सिन्हा अनारक्षित वर्ग से हैं।मालूम हो कि बिहार में महागठबंधन सरकार गिर चुकी है. नीतीश कुमार ने रविवार को बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब बिहार में एनडीए की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठन होने जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह आज ही पटना में होना है जिसके लिए 5 बजे शाम का संभावित समय है।अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने नीतीश कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नयी सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।राज्यपाल को इस्तीफा सौंपकर राजभवन से लौटने के बाद नीतीश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।’’उन्होंने कहा कि वह ‘महागठबंधन’ से अलग होकर नया गठबंधन बनाएंगे।यह पूछे जाने पर कि उन्होंने यह फैसला क्यों किया, नीतीश ने कहा, ‘‘अपनी पार्टी के लोगों से मिल रही राय के अनुसार मैंने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने पूर्व के गठबंधन (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को छोड़कर नया गठबंधन बनाया था लेकिन इसमें भी स्थितियां ठीक नहीं लगी। जिस तरह के दावे एवं टिप्पणियां लोग कर रहे थे, वे पार्टी के नेताओं को खराब लगे इसलिए आज हमने (त्यागपत्र) दे दिया और हम अलग हो गए।’’उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अन्य घटक दलों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘पहले साथ रहे अन्य दल आज ही मिलकर तय करेंगे कि नयी सरकार के गठन को लेकर क्या फैसला करना है। इंतजार करिए।’’नीतीश पर ‘‘अवसरवादी’’ होने के लगाए जा रहे आरोपों को लेकर उन्होंने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के गठन में अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमने गठबंधन कराया लेकिन कोई कुछ काम ही नहीं कर रहा था... तो हमने बोलना छोड़ दिया था।’’नीतीश के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने उनकी तुलना ‘गिरगिट’ से की और कहा कि राज्य की जनता उनके विश्वासघात को कभी माफ नहीं करेगी।उसने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से डरे हुए हैं और इससे ध्यान भटकाने के लिए यह राजनीतिक नाटक रचा गया।दूसरी ओर, भाजपा नेता विनोद तावड़े ने बताया कि भाजपा विधायकों ने जद(यू) के समर्थन से बिहार में राजग की सरकार बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
- कोलकाता। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान विपक्षी नेताओं की मौजूदगी उन नेताओं को उस भूमिका में ला देती जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहायक की भूमिका में नजर आते।थरूर ने संबंधित समारोह को भी मोदी का बताया है।उन्होंने 22 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल न होने के कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का समर्थन करते हुए आम चुनाव खत्म होने के बाद वहां जाने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि तब तक मंदिर की ओर से राजनीतिक ध्यान हट जाएगा।तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, ‘‘कांग्रेस की स्थिति बहुत स्पष्ट है। कांग्रेस पार्टी के सदस्य अपने धर्म और आस्था के पालन के लिए स्वतंत्र हैं और पार्टी सभी के धर्म का सम्मान करती है। इसलिए मैं मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए जाता हूं, न कि राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए।’’उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विशेष कार्यक्रम (प्राण प्रतिष्ठा समारोह) अनिवार्य रूप से आमंत्रित विपक्षी नेताओं को प्रधानमंत्री अभिनीत तमाशे के लिए एक तरह की सहायक भूमिका में धकेलने वाला था। मैंने नहीं सोचता कि कांग्रेस को ऐसी सहायक भूमिका निभाने की जरूरत है।’’पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को 'सम्मानपूर्वक अस्वीकार' कर दिया था।थरूर ने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों को यह समझना चाहिए कि भगवान राम या किसी भी हिंदू देवी-देवता पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है।उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि बड़ी संख्या में कांग्रेस के लोग राजनीति से इतर (अयोध्या) मंदिर जाएंगे। मैं स्वयं (अयोध्या) जाकर मंदिर देखना पसंद करूंगा, लेकिन मैं ऐसा केवल (आम) चुनाव के बाद ही करूंगा, जब सारा राजनीतिक ध्यान खत्म हो जाएगा। हम भाजपा की राजनीतिक कवायद का हिस्सा नहीं बनना चाहते।’’थरूर ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और कांग्रेस के बीच चल रहे सीट-बंटवारे के विवाद पर किसी सवाल का जवाब देने को लेकर अनिच्छा जताई और कहा कि इस मामले पर पार्टी नेतृत्व विचार कर रहा है।उन्होंने कहा, ‘‘इस पूरे गठबंधन या सीट-बंटवारे पर राज्य-दर-राज्य आधार पर चर्चा की जा रही है। किसी के पास भी एकतरफा समाधान नहीं है।”थरूर ने इस सवाल को भी टाल दिया कि क्या कांग्रेस, टीएमसी के समर्थन से पश्चिम बंगाल में जीवित रहना चाहती है।उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी का ध्यान भाजपा-नीत केंद्र सरकार को सत्ता से बेदखल करने की अनिवार्य आवश्यकता पर है। नयी दिल्ली में मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को बदलना होगा और यही हम सभी का अंतिम उद्देश्य है।”बिहार के मुख्यमंत्री एवं जद(यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ हाथ मिलाने की संभावना पर थरूर ने कहा, ''मैं मीडिया में इस पर नजर रख रहा हूं। यह मेरी जिम्मेदारी के क्षेत्र में नहीं है। जब ऐसा कोई घटनाक्रम होगा, तो आप इस बारे में पार्टी की ओर से अवश्य सुनेंगे।”
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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपालों को पत्र लिखा है और उनसे 29 जनवरी को विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की उपस्थिति में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन और निजी टेलीविजन चैनलों पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य के निर्माताओं में उत्साह लाने के लिए परीक्षाओं के उत्सव - परीक्षा पे चर्चा में सहयोग करना चाहिए ।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा के लिए तकरीबन 2 करोड़ 26 लाख विद्यार्थियों और शिक्षकों और अभिभावकों ने पंजीकरण कराया है। पिछले वर्ष 2023 में इस कार्यक्रम में 38 लाख 80 हजार प्रतिभागी थे।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को विकसित भारत का वास्तुकार बताते हुए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों पर शनिवार को प्रकाश डाला और कहा कि इसने युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाया है। उन्होंने यहां वार्षिक ‘एनसीसी-पीएम' रैली में युवाओं से कहा, ‘‘आप एक विकसित भारत के वास्तुकार हैं।'' उन्होंने कहा कि महिलाएं पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक ही सीमित थीं लेकिन उनकी सरकार ने तीनों सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों को उनके लिए खोल दिया है और वे हर जगह अपनी छाप छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड उन्हें (महिलाओं को) समर्पित थी।
मोदी ने कहा, ‘‘जब देश बेटों और बेटियों की प्रतिभा को समान अवसर देता है, तो इसका प्रतिभा भंडार व्यापक हो जाता है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्ष में केंद्रीय सुरक्षा बलों में महिलाओं की संख्या दोगुनी हो गई है और कहा कि राज्यों को भी इसी तरह के रास्ते पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति हो रही है और इससे युवाओं की रचनात्मकता को सबसे ज्यादा फायदा होता है। मोदी ने कहा कि लोग एक दशक पहले 2जी और 3जी बुनियादी ढांचे के लिए संघर्ष कर रहे थे, जबकि 5जी और ‘ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क' अब हर गांव तक पहुंच रहा है। पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने जानबूझकर सीमावर्ती गांवों के विकास की उपेक्षा की और इन्हें देश का अंतिम गांव बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बड़े पैमाने पर इन गांवों का विकास किया है और वे बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेंगे तथा इन गांवों को अब देश के ‘‘पहले गांव'' के रूप में देखा जाता है। स्वयं सहायता समूहों की 100 से अधिक महिलाएं इस कार्यक्रम में उपस्थित थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके विकास के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज' कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि भारत अब तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसमें 1.25 लाख से अधिक ‘स्टार्ट-अप' और 100 से अधिक ‘यूनिकॉर्न' हैं। जब किसी स्टार्टअप का मूल्य एक अरब डॉलर को पार कर जाता है तो उसे ‘यूनिकॉर्न' कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं को इन कंपनियों में गुणवत्तापूर्ण नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत की युवा शक्ति की नई ताकत और पहचान बनेगी। मोदी ने कहा कि एक योग्य सरकार भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में निर्णय लेती है और उसकी प्राथमिकताएं स्पष्ट होती हैं। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष में भारत को एक विकसित देश बनाने के उनकी सरकार के प्रयासों का सबसे बड़ा लाभार्थी मोदी नहीं, बल्कि स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा होंगे। उन्होंने कहा कि भारत अब दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता और आयातक बन गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मोबाइल डेटा बेहद किफायती दर पर उपलब्ध हो। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्ष में, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था हमारे युवाओं के लिए ताकत का एक नया स्रोत बन गई है।'' उन्होंने बताया कि वह स्वयं एनसीसी कैडेट थे। उन्होंने एनसीसी के कैडेटों से कहा कि वे ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत'' के विचार पर प्रकाश डालें। -
आज 26 जनवरी 2024 को नई दिल्ली के कर्तव्य-पथ पर गणतंत्र-दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी बस्तर की आदिम जनसंसद मुरिया दरबार प्रदर्शित की गई। इस झांकी में जनजातीय समाज में आदिम-काल से उपस्थित लोकतांत्रिक चेतना के प्रमाण स्वरूप जगदलपुर के मुरिया दरबार और बड़े डोंगर के लिमऊ राजा को विषय-वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ के लोक-संगीत से सजी इस झांकी में परब नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। झांकी की सजावट जनजातीय शिल्पों से की गई थी, जिसमें बेलमेटल और टेराकोटा शिल्प के सौंदर्य को प्रदर्शित किया गया। कर्तव्य-पथ पर दर्शक-दीर्घा में उपस्थित विशिष्ट-जनों और आम नागरिकों ने इस झांकी की सराहना की है।
परेड में शामिल विभिन्न राज्यों की झांकियों के बारे में आम-नागरिकों की राय लेने के लिए रक्षा मंत्रालय ने आज एक पोल की शुरुआत की है। इसकी समय-सीमा कल 27 जनवरी को शाम 5.30 बजे तक है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि कृपया छत्तीसगढ़ की झांकी के संदर्भ में अपनी राय अवश्य देवें।
*वोटिंग के लिए प्रक्रिया*
1. भारत सरकार की MyGov एप को प्ले स्टोर से डाउन लोड करें।
2. साइनअप करके अपने आपको रजिस्टर करें।
3. फिर साइन-इन करें। आप अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से साइन इन कर सकते हैं।
4. डैशबोर्ड में पोल/सर्वे बटन पर क्लिक करें।
5. वोट फॉर योर फेबरेट टेबल्यू एट रिपब्लिक डे 2024 लिंक के नीचे कंट्रीब्यूट नाऊ बटन दबाएं।
6. अब छत्तीसगढ़ थीम आदिम जनसंसद ऑफ बस्तर मुरिया दरबार को चुने और सबमिट करें।
7. आपका वोट दर्ज हो जाएगा। - नयी दिल्ली। )पंचायती राज मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि 75वें गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए पंचायती राज संस्थानों के कई निर्वाचित प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय ने यहां जारी बयान में बताया कि देश भर से पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों और उनके जीवनसाथी सहित लगभग 500 मेहमानों को यहां कर्तव्य पथ पर परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि ये प्रतिनिधि उन पंचायतों से चुने गए हैं जिन्हें गत वर्षों में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया गया था या उनकी पंचायतों ने उल्लेखनीय कार्य किया है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य सरकार के ‘जनभागीदारी' दृष्टिकोण के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय उत्सव में भाग लेने का अवसर प्रदान करना है। यह पहल अत्यधिक महत्व रखती है क्योंकि यह राष्ट्रीय उत्सव में पंचायत प्रतिनिधियों को मान्यता देकर और उन्हें शामिल करके लोकतांत्रिक लोकाचार को मजबूत करती है।'' बयान के मुताबिक आमंत्रित जनप्रतिनिधि और उनके जीवनसाथी नयी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे और उसके बाद वे ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। इस दौरान ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल भी उपस्थित रहेंगे। file photo
- मुंबई। दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर ‘बॉम्बे सैपर्स' की टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी करेंगी। इस रेजिमेंट की टुकड़ी में सभी पुरुष अधिकारी शामिल होंगे। बॉम्बे सैपर्स के तीन सदी पुराने इतिहास में पहली बार एक महिला अधिकारी परेड के दौरान टुकड़ी की अगुवाई करेंगी। आठ साल पहले ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स' की 115 इंजीनियर रेजिमेंट में नियुक्त होने वाली 31 वर्षीय मेजर दिव्या त्यागी के लिए यह एक अनोखी उपलब्धि है। एक अधिकारी ने ‘ बताया कि मेजर त्यागी उस दल का नेतृत्व करेंगी, जिसमें एक अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड अधिकारी और 144 अन्य रैंक के जवान शामिल हैं। ये टुकड़ी पिछले छह महीने से परेड के लिए लगातार अभ्यास कर रही है। मेजर त्यागी गणतंत्र दिवस परेड में कॉन्टिनजेंट कमांडर के रूप में बॉम्बे सैपर्स की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी होंगी। सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक मेजर त्यागी वर्तमान में पुणे जिले के खड़की में ‘बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर' में तैनात हैं। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से अकादमी कैडेट एडजुटेंट के रूप में उत्तीर्ण हुईं त्यागी सितंबर 2016 में बॉम्बे सैपर बनीं। बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप जिसे बॉम्बे सैपर्स के रूप में जाना जाता है, थलसेना के इंजीनियर्स कोर की एक रेजिमेंट है।
- नयी दिल्ली ।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान का गीत जारी किया। पार्टी की ओर से जारी इस गीत के वीडियो में इस बात को रेखांकित किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वादों को और कैसे लोगों के सपनों को पूरा किया। इसमें दर्शाया गया है कि जब 2014 में लोगों ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुना तब देश की क्या हालत थी और पिछले 10 सालों में वह समाज के हर वर्ग के लिए क्या बदलाव लाए। इस गीत का मुख्य वाक्य है ‘सपने नहीं हकीकत बुनते हैं, तभी तो सब मोदी को चुनते हैं'।पार्टी ने कहा कि यह गीत ‘मोदी की गारंटी' पर आधारित लोकप्रिय भावना को दर्शाता है।नड्डा ने भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से आयोजित ‘नमो नवमतदाता सम्मेलन' के दौरान यह गीत जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी भी इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने युवा मतदाताओं को संबोधित भी किया। इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मोदी सपनों को हकीकत में बदलते हैं और कई पीढ़ियों से वादों और सपनों को पूरा करने की गारंटी देते हैं। दशकों या यहां तक कि 500 साल तक के सपने भी उनके द्वारा पूरे किए गए हैं।'' पार्टी नेताओं ने कहा कि इसी विषय का उपयोग करते हुए कई अन्य संबंधित अभियानों की भी योजना बनाई गई है।भाजपा के एक नेता ने कहा कि कुछ दिनों में अलग-अलग शैलियों में गीत जारी किए जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल होर्डिंग, बैनर, फिल्में और विज्ञापन सभी चरणबद्ध तरीके से लाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इनमें यह बताया जाएगा कि मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में क्या हासिल किया है और कैसे अपने वादों को पूरा किया है।'
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नयी दिल्ली । गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता और सेवा पदक की विभिन्न श्रेणियों में 1,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया है। इसमें 277 वीरता पदक शामिल हैं। गुरुवार को एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार हाल में पदकों की समीक्षा के बाद गणतंत्र दिवस, 2024 के अवसर पर पुलिस, दमकल सेवा, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा एवं सुधारात्मक सेवा के कुल 1,132 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। कुल 16 वीरता और सेवा पदकों को मिलाकर अब चार श्रेणियों में कर दिया गया है। इन पदकों को अब वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएमजी), वीरता के लिए पदक (जीएम), विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) और सराहनीय सेवा के लिए पदक (एमएसएम) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बयान में कहा गया है कि 277 वीरता पुरस्कारों में से 119 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर्मियों को और 133 जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के कर्मियों को दिए गए हैं। शीर्ष श्रेणी का पीएमजी पदक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो कर्मियों को ‘‘कांगो गणराज्य (एमओएनयूएससीओ) में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत शांति स्थापना के प्रतिष्ठित कार्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए मरणोपरांत प्रदान किया गया है। दोनों बुटेम्बो में मोरक्कन रैपिड डिप्लॉयमेंट बटालियन (एमओआरडीबी) शिविर में बीएसएफ की 15वीं कांगो टुकड़ी का हिस्सा थे।'' जुलाई, 2022 में कांगो में कार्रवाई के दौरान बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सांवला राम विश्नोई और शिशु पाल सिंह शहीद हो गए थे। बयान में कहा गया है कि पीएमजी और जीएम पदक क्रमशः ‘‘वीरता के दुर्लभ विशिष्ट कार्य'' और ‘‘वीरता के विशिष्ट कार्य'' के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। सबसे अधिक 72 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों को मिले। उसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को 65, महाराष्ट्र से 18, छत्तीसगढ़ से 26, झारखंड से 23, ओडिशा से 15, दिल्ली पुलिस से आठ कर्मियों और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 21 जवानों को पदक से सम्मानित किया गया है। file photo
- नयी दिल्ली । पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, अभिनेत्री वैजयंतीमाला बाली, अभिनेता कोनिडेला चिरंजीवी, सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक दिवंगत बिंदेश्वर पाठक, उच्चतम न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश दिवंगत एम. फातिमा बीवी और ‘बॉम्बे समाचार' के मालिक होर्मुसजी एन. कामा सहित 132 प्रतिष्ठित शख्सियतों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की गुरुवार को घोषणा की गई।एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन के अध्यक्ष यंग लियू, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता राम नाइक, दिवंगत अभिनेता विजयकांत, गायिका उषा उत्थुप और परोपकारी किरण नादर को भी प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित करने की घोषणा की गई। सरकार ने मंगलवार को पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह बिहार के दो बार मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित करेगी। पद्म पुरस्कार पाने वालों में 34 गुमनाम नायक हैं, जिनमें भारत की पहली महिला हाथी महावत पार्वती बरुआ, आदिवासी पर्यावरणविद चामी मुर्मू, मिजोरम का सबसे बड़ा अनाथालय चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता संगथंकिमा और प्लास्टिक सर्जन प्रेमा धनराज शामिल हैं। जिन पांच प्रतिष्ठित व्यक्तियों को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा रहा है उनमें नायडू, बाली, चिरंजीवी, पाठक और भरत नाट्यम नृत्यांगना पद्मा सुब्रमण्यम शामिल हैं। बीवी, कामा, चक्रवर्ती, यंग, विजयकांत, उत्थुप, नाइक, गुजराती अखबार ‘जन्मभूमि' के समूह संपादक और सीईओ कुंदन व्यास, अभिनेता और निर्देशक दत्तात्रय अंबादास मयालू, पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सी.पी. ठाकुर और भाजपा नेता ओलानचेरी राजगोपाल सहित 17 प्रमुख व्यक्तियों को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई। टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना, नादर, हॉकी खिलाड़ी हरबिंदर सिंह, पेशेवर स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा, पापुआ न्यू गिनी की संसद के लिए चुने गए भारतीय मूल के पहले व्यक्ति ससींद्रन मुथुवेल और बैंकर कल्पना मोरपारिया उन 110 हस्तियों में शामिल हैं जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। बांग्लादेश की रवीन्द्र संगीत प्रतिपादक रेजवाना चौधरी बान्या, सौ साल की फ्रांसीसी योग शिक्षिका चार्लोट चोपिन, गायक सुरेंद्र मोहन मिश्रा को पद्मश्री दिया गया है। बयान में कहा गया, "पद्म विभूषण' असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है; 'पद्म भूषण' उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और 'पद्म श्री' किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में, कहा, "उन सभी को बधाई जिन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। भारत विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को महत्व देता है। वे अपने असाधारण कार्यों से लोगों को प्रेरित करते रहें।" गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पद्म पुरस्कार समारोह को "तर्कसंगत" बनाया है ताकि इसे सामाजिक परिवर्तन के लिए अग्रणी उदाहरण स्थापित करने वाले व्यक्तियों की सराहना करने का एक मंच बनाया जा सके।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को उपहार में अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति दी। प्रधानमंत्री मोदी 22 जनवरी को मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।मैक्रों का स्वागत करने के लिए मोदी जयपुर पहुंचे जहां दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक शहर का दौरा किया और इसके कुछ प्रतिष्ठित स्थानों पर गए।













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