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- नयी दिल्ली.‘बिग बैंग' सिद्धांत को चुनौती देने वाले प्रसिद्ध खगोल भौतिक विज्ञानी जयंत नारलीकर को शनिवार को ‘विज्ञान रत्न पुरस्कार' के लिए चुना गया। ‘बिग बैंग' सिद्धांत के अनुसार ब्रह्मांड एक ही क्षण में बना था, जबकि नारलीकर ने ब्रिटिश खगोलशास्त्री फ्रेड हॉयल के साथ मिलकर यह प्रतिपादित किया कि ब्रह्मांड हमेशा से अस्तित्व में रहा है और अनंत काल तक नये पदार्थों का निरंतर निर्माण होता रहा है। नारलीकर का 86 वर्ष की आयु में 20 मई को निधन हो गया था।पद्म पुरस्कारों की तर्ज पर, राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार देश का सर्वोच्च विज्ञान पुरस्कार है। राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार के दूसरे संस्करण, 2025 के विजेताओं की घोषणा शनिवार को राष्ट्रीय पुरस्कारों की वेबसाइट पर की गई। सरकार ने आठ विज्ञान श्री, 14 विज्ञान युवा और एक विज्ञान टीम पुरस्कार की भी घोषणा की।प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, जिन्हें गेहूं प्रजनक के रूप में जाना जाता है, को कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए विज्ञान श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के भौतिकी समूह के निदेशक यूसुफ मोहम्मद शेख को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए विज्ञान श्री पुरस्कार दिया गया है। कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र के के. थंगराज को जैविक विज्ञान के क्षेत्र में यह पुरस्कार मिला और आईआईटी-मद्रास के प्रदीप थलप्पिल को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में विज्ञान श्री पुरस्कार प्रदान किया गया। रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित को इंजीनियरिंग विज्ञान के क्षेत्र में विज्ञान श्री पुरस्कार दिया गया और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान के निदेशक एस. वेंकट मोहन को पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में पुरस्कार मिला। टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान में गणित के प्रोफेसर, एम. महाराज को गणित और कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में विज्ञान श्री पुरस्कार प्रदान किया गया। इसरो के द्रव नोदन प्रणाली केंद्र के जयन एन को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। इसके अलावा, 14 विज्ञान युवा पुरस्कार विजेताओं की भी घोषणा की गई।सीएसआईआर (वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद) अरोमा मिशन टीम, जिसने जम्मू और कश्मीर में लैवेंडर मिशन की शुरुआत की, को विज्ञान टीम पुरस्कार के लिए नामित किया गया।
- नई दिल्ली। मशहूर अभिनेता और कॉमेडी की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाने वाले सतीश शाह का निधन हो गया है। 72 वर्षीय सतीश शाह का निधन किडनी फेल होने के कारण हुआ। उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि भारतीय फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने की है। इस दुखद खबर से पूरे बॉलीवुड और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतीश शाह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “सतीश शाह के निधन से अत्यंत दुःखी हूं। उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत के एक सच्चे दिग्गज के रूप में याद किया जाएगा। उनके सहज हास्य और उत्कृष्ट अभिनय ने अनगिनत लोगों के जीवन में हंसी का संचार किया। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ॐ शांति।”महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उनके निधन पर शोक जताया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय सिनेमा जगत के प्रख्यात अभिनेता सतीश शाह के निधन की खबर से स्तब्ध हूं। उन्होंने अपनी अभिनय कला और हास्य शैली से लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है।” निर्माता अशोक पंडित ने सतीश शाह की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “यह बताते हुए दुख हो रहा है कि हमारे प्रिय मित्र और बेहतरीन अभिनेता सतीश शाह का किडनी फेल होने से निधन हो गया। यह हमारे उद्योग के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।”सतीश शाह ने अपने लंबे करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। वे ‘जाने भी दो यारों’, ‘कहो ना प्यार है’, ‘मैं हूं ना’, ‘हम साथ साथ हैं’ और ‘जुड़वा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आए थे। टीवी पर उनका मशहूर शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ आज भी दर्शकों के दिलों में बसता है। उनके हास्य अभिनय ने भारतीय दर्शकों को हंसी और खुशी के कई पल दिए। सतीश शाह के निधन से भारतीय कला जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। देशभर के कलाकार, नेता और प्रशंसक उनके निधन पर शोक प्रकट कर रहे हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दें।
- नई दिल्ली। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने शनिवार को दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीआईएएल) पर नवनिर्मित और उन्नत टर्मिनल-2 (टी-2) का उद्घाटन किया। समारोह में केंद्रीय मंत्री नायडू ने सीआईएसएफ कर्मियों की सराहना की और कहा कि उनकी निष्ठा और व्यावसायिकता हवाई अड्डे पर सुरक्षा और सेवा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करती है। इस मौके पर एडीजी विनीता ठाकुर (आईपीएस), आईजी सेंथिल अवूदई कृष्ण राज एस (आईपीएस), और जीएमआर के वरिष्ठ अधिकारी सुदीप लखटकिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।टर्मिनल-2 की संचालन और सुरक्षा तैयारियों का नेतृत्व डीआईजी और सीएएसओ जी. शिव कुमार, कमांडेंट टी-2 आरके सिंह, डीसी टी-2 परमिंदर कौर और सीआईएसएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।नया टर्मिनल यात्रियों की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि उन्हें बेहतर और सहज अनुभव मिल सके।उद्घाटन के दौरान नायडू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के हवाई अड्डे विश्वस्तरीय पारगमन केंद्रों में बदल रहे हैं। दिल्ली हवाई अड्डा उत्तरी भारत के कुल यात्री यातायात का लगभग 50 प्रतिशत संभालता है और प्रतिदिन करीब 50,000 स्थानांतरण करता है। यह डायल (DIAL) और जीएमआर द्वारा बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार और यात्री प्रवाह बढ़ाने के प्रयासों की वजह से संभव हुआ है।”उन्होंने आगे कहा कि “दिल्ली के 40 साल पुराने टर्मिनल-2 को अब पूरी तरह से आधुनिक जरूरतों के अनुसार पुनर्निर्मित किया गया है।यह स्मार्ट, कुशल और यात्री-केंद्रित है। मैं डीआईएएल और जीएमआर को इसके सफल आधुनिकीकरण के लिए बधाई देता हूं। यहां से गुजरने वाला हर यात्री एक जुड़े हुए, प्रतिस्पर्धी और देखभाल करने वाले भारत का अनुभव करेगा।” भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए तैयार किया गया नया टर्मिनल-2 आधुनिक तकनीक और स्वचालित प्रणालियों से सुसज्जित है। इसमें ‘सेल्फ-बैगेज ड्रॉप’ (SBD) सुविधा दी गई है, जिससे यात्री स्वयं अपने बैग चेक-इन कर सकते हैं। इससे कतारों में कमी आएगी और समय की बचत होगी।इसके अलावा, टर्मिनल में छह नए ‘पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज’ (PBB) लगाए गए हैं, जो यात्रियों की आवाजाही को और आसान बनाते हैं। डिजाइन के तहत इन बोर्डिंग ब्रिज पर ‘स्विंग डोर्स’ लगाए गए हैं, जो पारंपरिक दरवाजों से अधिक सुविधाजनक हैं। साथ ही किनारों पर लगे साइड-कुशन सुरक्षा और सुंदरता दोनों को बढ़ाते हैं।
- देहरादून. उत्तराखंड में बाहरी प्रदेशों से आने वाले वाहनों से दिसंबर से ‘ग्रीन टैक्स' वसूला जाएगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस शुल्क की वसूली दिसंबर माह से शुरू की जाएगी।प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि राज्य के सीमा क्षेत्रों में लगाए गए ‘ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन' (एएनपीआर) कैमरे बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले वाहनों के पंजीकरण नंबर को स्वतः ही पहचान लेंगे। उन्होंने बताया कि सीमा क्षेत्रों में पहले से 16 कैमरे लगे हुए हैं और अब इनकी संख्या बढ़ाकर कुल 37 कर दी गयी है। सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग ने ‘ग्रीन टैक्स' वसूली के लिए एक वेंडर कंपनी को नियुक्त किया है।उन्होंने बताया कि कैमरों से प्राप्त डेटा सॉफ्टवेयर के माध्यम से वेंडर के पास जाएगा, जहां से उत्तराखंड की पंजीकृत गाड़ियों, दोपहिया वाहनों और सरकारी वाहनों को अलग कर बाकी वाहनों की जानकारी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के डेटाबेस में भेजी जाएगी। अधिकारी ने बताया कि वहां से वाहन मालिकों के ‘वॉलेट नंबर' खोजे जाएंगे और संबंधित राशि स्वचालित रूप से उनके वॉलेट से कटकर परिवहन विभाग के खाते में जमा हो जाएगी। सिंह ने बताया कि विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग टैक्स दरें तय की गयी हैं, जिनमें छोटी गाड़ियों से 80 रुपये, छोटी मालवाहक गाड़ियों से 250 रुपये, बसों से 140 रुपये औक ट्रकों से उनके भार के अनुसार 120 से 700 रुपये ‘ग्रीन टैक्स' वसूला जाएगा
- कोयंबटूर. कोयंबटूर में चालक कार से नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क से फिसलकर एक पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना शुक्रवार रात पेरूर चेट्टीपलायम में हुई।पेरूर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, "सभी मृतकों की उम्र 19 से 25 साल के बीच थी। घायल को कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया है।" उन्होंने बताया कि पीड़ितों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।
- खगड़िया/ नालंदा. केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय की वह गौरवगाथा पुनर्स्थापित की है, जिसे आज “100 बख्तियार खिलजी” भी मिटा नहीं सकते। बिहारशरीफ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी दावा किया कि वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की बदौलत ही चुनाव दो चरणों में हो पा रहे हैं, और अगर जनता इसे एक और मौका दे तो अगली बार बिहार में चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे। शाह ने विपक्षी नेताओं जैसे लालू प्रसाद, राहुल गांधी, ममता बनर्जी व मायावती को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के फैसले के खिलाफ थे। उन्होंने कहा कि मोदी-सरकार ने बिहार को नक्सलवाद से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा कि अब “जंगल राज” की वापसी नहीं होने देंगे और विकास-प्रदर्शन के आधार पर सरकार का चुनाव किया जाना चाहिए।इससे पहले खगड़िया जिले में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव यह तय करेगा कि राज्य में ‘जंगलराज' वापस आएगा या यह विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा। शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का विरोध करने को लेकर ‘इंडिया' गठबंधन पर निशाना साधा और कहा कि ‘‘हर एक घुसपैठिये का पता लगाया जाएगा, मतदाता सूची से उनका नाम हटाया जाएगा और ऐसे लोगों को उनके देशों में वापस भेजा जाएगा।'' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा, ‘‘राहुल बाबा कहते हैं कि घुसपैठियों को बिहार में रहने दिया जाए। आप बताइए, क्या हमें घुसपैठियों को रहने देना चाहिए? चाहे वह जितनी भी रैलियां कर लें… ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा' निकाल लें, वह घुसपैठियों को बचा नहीं सकते।'' गृह मंत्री ने दावा किया कि बिहार में फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी और कहा, ‘‘हमारी सरकार एक-एक घुसपैठिये को चुनकर देश से बाहर करेगी…, उनका पता लगाया जाएगा और उन्हें वापस भेजा जाएगा।''उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव किसी को विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बनाने का चुनाव नहीं है। यह चुनाव तय करेगा कि बिहार में लालू-राबड़ी का ‘जंगलराज' लौटेगा या फिर राजग के आने पर विकसित बिहार पूरे देश में अपनी पहचान बनाएगा।'' शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी महागठबंधन की पहचान ‘‘भ्रष्टाचार और परिवारवाद'' है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद ने केवल अपने परिवार की समृद्धि पर ध्यान दिया। गृह मंत्री ने दावा किया, ‘‘नीतीश बाबू राज्य का समग्र विकास चाहते हैं, जबकि लालू जी अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया गांधी अपने बेटे को प्रधानमंत्री। इसलिए बिहार के बेटों-बेटियों की चिंता केवल नरेन्द्र मोदी जी और नीतीश कुमार जी ही कर सकते हैं। उनके खिलाफ एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है, जबकि लालू जी ने चारा घोटाला से लेकर बीपीएससी (बिहार लोकसेवा आयोग) घोटाले तक अनगिनत घोटाले किए हैं।''उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘लालू शासन में हत्या, लूट, फिरौती और अपहरण जैसी घटनाएं आम बात थीं। उद्योग राज्य से चले गए और बिहार को पिछड़ा बना दिया गया।'' शाह ने दावा किया कि ‘‘नीतीश बाबू के नेतृत्व में राजग ने बिहार को ‘जंगलराज' से मुक्त किया, वंशवाद को समाप्त किया और सबसे बड़ी बात यह कि नक्सलवाद को भी खत्म करने का काम किया।'' छठ महापर्व के अवसर पर बिहारवासियों को शुभकामनाएं देते हुए शाह ने कहा, ‘‘मैं कामना करता हूं कि बिहार सदैव ‘जंगलराज' से मुक्त रहे, कानून-व्यवस्था मजबूत रहे, बहन-बेटियां सुरक्षित रहें और राज्य विकास के मार्ग पर लगातार आगे बढ़ता रहे।'' उन्होंने कहा कि हाल में राजग सरकार ने ‘जीविका' से जुड़ी एक करोड़ बहनों के खातों में 10 हजार रुपए दिए हैं। शाह ने कहा, ‘‘विधवा और वृद्धावस्था पेंशन 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दी गई है। आशा बहनों का मानदेय 3,000 रुपए प्रति माह तय किया गया है। पटना में मेट्रो का सपना अब साकार हो रहा है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने पारंपरिक मीडिया को इस क्षेत्र में तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण के कारण होने वाले व्यवधानों से बचाने के लिए कई पहलों की योजना बनाई है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि सरकार रेडियो उद्योग में नियामकीय अड़चनों को दूर करने और टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) में सुधार लाने की योजना बना रही है। मंत्री ने यहां संवाददाताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा, “सरकार जहां भी नियामक बाधाएं हैं, उन्हें दूर करने के लिए काम कर रही है।” वैष्णव ने कहा कि मंत्रालय टेलीविजन रेटिंग प्रणाली में सुधार के तरीकों पर विचार कर रहा है, ताकि सरकारी विज्ञापनों से टेलीविजन चैनलों को उचित राजस्व प्राप्त हो सके। मंत्री ने कहा, “टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। परामर्श का पहला दौर पूरा हो चुका है, फीडबैक प्राप्त हो चुका है और दूसरा परामर्श पत्र जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा।” सरकार प्रिंट और टेलीविजन मीडिया के लिए विज्ञापन दरें बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।वैष्णव ने कहा कि सरकार मीडिया संपर्क और नियामक कार्यों में समन्वय को बेहतर बनाने के लिए भारत के प्रेस महापंजीयक (आरएनआई), केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) और पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के एकीकरण पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पीआईबी ने अपने संपर्क प्रयासों को तेज कर दिया है, तथा प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से पृष्ठभूमि और शोध-आधारित दस्तावेज जारी कर रहा है।
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नयी दिल्ली. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर म्यांमा की एक महिला को 1.17 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। सीमा शुल्क विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। आरोपी महिला को शुक्रवार को म्यांमा के यंगून से आने के बाद रोका गया।
तलाशी के दौरान उसके पास से छह सोने की छड़ें बरामद हुईं, जिनका वजन 996.5 ग्राम था। सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि सोने की छड़ें भूरे रंग के टेप में लपेटकर यात्री के अंत:वस्त्र के अंदर छिपाई गई थीं। सीमा शुल्क विभाग ने बताया कि बरामद सोने का कुल मूल्य 1.17 करोड़ रुपये है . - 0- यात्रियों ने सकारात्मक अनुभव साझा किए और त्योहारों के दौरान आरामदायक और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे के प्रयासों की सराहना कीनई दिल्ली। भारतीय रेल ने त्योहारों के दौरान अब तक 1.5 करोड़ से ज़्यादा यात्रियों को ट्रेनों के ज़रिए पहुँचाया है। त्योहारों के मौसम के अंत तक यह संख्या 2.5 करोड़ से अधिक होने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए, बिहार और उत्तर प्रदेश के आस-पास के इलाकों के 30 प्रमुख स्टेशनों पर बड़े होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं।हाल के वर्षों में, रेलवे के बुनियादी ढाँचे में महत्वपूर्ण निवेश से उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विशेष ट्रेनों की संख्या पहले केवल कुछ सौ थी, जो अब रिकॉर्ड तोड़ संख्या तक पहुँच गई है। ट्रैक निर्माण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो एक दशक पहले मात्र 400-600 किमी प्रति वर्ष से बढ़कर आज 4,000 किमी प्रति वर्ष हो गई है।रेलवे कर्मचारी यात्रियों की सहायता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं ताकि त्योहारों के दौरान सभी सुरक्षित घर पहुँच सकें।बिहार के रेलवे स्टेशन त्योहारों की भीड़ को देखते हुए यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर, सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुविधाओं की तैयारी कर रहे हैं।पटना रेलवे स्टेशन पर, त्योहारों के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए समर्पित होल्डिंग एरिया स्थापित किया गया है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए दानापुर रेलवे स्टेशन पर समर्पित होल्डिंग एरिया भी स्थापित किया है, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।भारतीय रेल छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। दानापुर रेलवे स्टेशन पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें 24×7 तैयार रखी गई हैं।पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन पर, समर्पित रेल कर्मचारियों ने जरूरतमंद यात्रियों की सहायता की और छठ पर्व के दौरान उनकी सुरक्षित, आरामदायक और सुखद यात्रा सुनिश्चित की।यात्रियों ने इस त्योहारी सीज़न में सुगम यात्रा अनुभव की सराहना की है, जिसमें आसान बुकिंग, साफ़-सुथरे कोच और सुव्यवस्थित स्टेशन शामिल हैं।छठ पर्व के दौरान, नई दिल्ली और पटना के बीच विशेष वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही है। अपनी तरह की इस अनूठी पहल में, भारतीय रेल ने आज छठ के लिए घर जाने वाले यात्रियों के उत्साह को बढ़ाते हुए कई पारंपरिक छठ गीत बजाए। पूरे भारत में, वर्तमान में 156 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएँ चल रही हैं, जिनमें पटना और नई दिल्ली के बीच यह विशेष ट्रेन नियमित सेवाओं के अलावा चल रही है।बिहार के जमालपुर रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ने बताया कि विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ने के कारण ट्रेन में भीड़ नहीं थी। उसी स्टेशन पर एक अन्य यात्री ने बताया कि साफ़-सफ़ाई सहित सभी सुविधाएँ अच्छी तरह से रखी गई थीं और उन्हें यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।एक यात्री ने स्वच्छता बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे को धन्यवाद दिया। उस यात्री ने स्टेशन पर छठ से संबंधित गीत बजाने की पहल की सराहना की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इससे आध्यात्मिक और उत्सव का वातावरण बन रहा है।यात्रियों ने त्योहारों के दौरान बेहतर यात्रा व्यवस्था के लिए भारतीय रेलवे की सराहना की। एक महिला यात्री ने बताया कि उसके परिवार को कन्फर्म टिकट मिले और उन्हें कोई समस्या नहीं हुई, और उन्होंने दिल्ली स्टेशनों पर बेहतर प्रबंधन की सराहना की। अन्य यात्रियों ने समय पर ट्रेनों के आने, साफ़-सुथरे डिब्बों और शौचालयों, अच्छे भोजन और बिस्तर, और कुल मिलाकर सुगम और आरामदायक यात्रा का ज़िक्र किया।अपने विशाल नेटवर्क, समर्पित कर्मचारियों और यात्री सुविधा पर विशेष ध्यान देने के साथ, भारतीय रेल हर यात्री को कुशलतापूर्वक सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अतिरिक्त ट्रेनें चलाने से लेकर स्वच्छता, सुरक्षा और समय की पाबंदी बनाए रखने तक, त्योहारों के दौरान सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है। रेल कर्मचारियों के सक्रिय कदम और कड़ी मेहनत देश भर के यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और सुव्यवस्थित यात्रा प्रदान करने के लिए संगठन के समर्पण को दर्शाती है।
- नयी दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पर्यावरण संरक्षण के लिए नए संकल्प की आवश्यकता पर बल देते हुए शनिवार को कहा कि एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए सामूहिक चेतना और ज़िम्मेदारी से जीवन जीना आवश्यक है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, बिरला ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारतीय परंपराओं, धर्मग्रंथों और लोक कथाओं में मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य पर ज़ोर दिया गया है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि भारत में बच्चों को बचपन से ही प्रकृति के साथ तालमेल रखना सिखाया जाता है, जो पर्यावरण चेतना और भारतीय जीवनशैली के बीच स्थायी सांस्कृतिक और नैतिक संबंध को दर्शाता है। बिरला ने कहा कि मानवीय गतिविधियां पारिस्थितिकी असंतुलन का प्रमुख कारण रही हैं।कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब मानवीय गतिविधियां रुकीं, तो प्रकृति ने स्वयं को स्वस्थ करना शुरू कर दिया - नदियां स्वच्छ हो गईं, वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ और वनों में जीवन फलने-फूलने लगा। उन्होंने कहा कि यह इस बात का स्मरण कराता है कि सतत जीवन कितना आवश्यक है।उन्होंने कहा, ‘‘एक राष्ट्र के रूप में भारत को भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए नवसंकल्प के साथ एकजुट होना चाहिए।'' लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की यह ज़िम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि प्रगति और स्थिरता साथ-साथ चलें। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए सामूहिक चेतना और ज़िम्मेदारी से जीवन जीना आवश्यक है।
- नयी दिल्ली. कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने शनिवार को बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि जान-माल की कोई हानि न हो और संपत्ति तथा बुनियादी ढांचे को न्यूनतम नुकसान हो। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और 900 से अधिक जहाजों को किनारे पर ले जाया गया है।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और उन्हें अल्प सूचना पर तैनात किया जाएगा। वहीं, सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव एवं राहत टीमों को उनके जहाजों और विमानों के साथ तैयार रखा गया है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 26 से 29 अक्टूबर तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और ओडिशा तट के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम और निकटवर्ती मध्य बंगाल की खाड़ी में न जाएं। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, समुद्र में मौजूद लोगों को तुरंत तट पर लौटने की सलाह दी गई है।विज्ञप्ति में कहा गया है कि सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक में भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव के क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी।
- जबलपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत 30 अक्टूबर से शुरू होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में शामिल होने के लिए शनिवार को मध्यप्रदेश के जबलपुर पहुंचे। संघ के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। पदाधिकारी ने बताया कि संघ की यह बैठक शहर के विजय नगर इलाके में आयोजित की जाएगी, जिसमें संघ की संगठनात्मक गतिविधियों, योजनाओं और क्रियान्वित पहलों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही आगामी शताब्दी समारोह की समीक्षा, ‘पंच परिवर्तन' पहल और अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारी पर चर्चा होगी। आरएसएस पदाधिकारी ने कहा कि प्रतिभागी भागवत के विजयादशमी संबोधन पर भी चर्चा करेंगे।उन्होंने कहा कि भागवत के अलावा सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह सरकार्यवाह और समान विचारधारा वाले संगठनों के प्रमुखों के कार्यक्रम में भाग लेने की उम्मीद है। बैठक के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय आरएसएस स्वयंसेवकों के भी भाग लेने की उम्मीद है।
- नई दिल्ली। सरकार 1 नवंबर से सरलीकृत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण प्रणाली शुरू करने जा रही है। इसके तहत नए आवेदकों को तीन कार्य दिवसों के भीतर मंजूरी मिल जाएगी। एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी दी। जीएसटी परिषद द्वारा अनुमोदित जीएसटी 2.0 के तहत यह नियम व्यवस्था को आसान बनाने और पंजीकरण प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप कम करने के उद्देश्य से लाया गया है।नई व्यवस्था में स्वचालित रूप से पंजीकरण दो मामलों में उपलब्ध होगा। इनमें एक वे आवेदक हैं जो जोखिम और डेटा विश्लेषण के आधार पर सिस्टम द्वारा चिह्नित किए गए हैं। दूसरे वे जो स्वयं आकलन करते हैं कि उनकी आउटपुट कर देयता 2.5 लाख रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होगी।सीतारमण के अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत नए आवेदकों को इस सरलीकृत अनुमोदन प्रक्रिया से सीधा लाभ होगा।गाजियाबाद में नए सीजीएसटी भवन का उद्घाटन करने के बाद वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार का ध्यान अब नीति बनाने से क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वयन की ओर स्थानांतरित हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय और राज्य जीएसटी इकाइयों से आग्रह किया कि वे बिना किसी उलझन में पड़े इन सुधारों को लागू करें और यह सुनिश्चित करें कि सिस्टम विवेक से नहीं, बल्कि व्यवस्थित रूप से काम करे।सीतारमण ने कहा कि कर प्रशासन को करदाताओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए, जबकि कर चोरी के खिलाफ सख्ती बनाए रखनी चाहिए।उन्होंने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारियों से कहा, ‘करदाताओं को यह महसूस होना चाहिए कि उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है, क्योंकि वे राष्ट्र के करदाता हैं। यदि करदाताओं में बुरे लोग शामिल हैं, तो उन्हें पकड़ने के लिए प्रोटोकॉल का पालन करें। लेकिन हर किसी को संदेह की दृष्टि से न देखें।’ जीएसटी की नई व्यवस्था में सरकार ने दर स्लैब को भी युक्तिसंगत बनाया है।रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया सरल की गई है और स्वचालित रिफंड और जोखिम-आधारित ऑडिट सिस्टम शुरू किए गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि ये उपाय सामूहिक रूप से व्यवस्था को अधिक कुशल, न्यायसंगत और विकासोन्मुखी बनाएंगे।उन्होंने निर्देश दिया कि देश भर में जीएसटी सेवा केंद्रों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारी हों और वे सुलभ भी हों। प्रत्येक केंद्र में पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान करदाताओं का मार्गदर्शन करने के लिए हेल्पडेस्क होनी चाहिए। साथ ही फील्ड इकाइयां इन केंद्रों का आंतरिक ऑडिट करें और करदाताओं के समक्ष आने वाली दिक्कतों को तत्काल दूर करें। कर प्रशासन के भीतर ईमानदार व्यवस्था पर भी जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही समय पर पूरी होनी चाहिए।
- नई दिल्ली। आज छठ महापर्व का दूसरा दिन है। इसे खरना के नाम से जाना जाता है। आज के दिन श्रद्धालु सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्जला उपवास रखते हैं। सूर्यास्त के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है। छठ पूजा के दूसरे दिन खरना की परंपरा है, जिसे लोहंडा भी कहा जाता है। इस दिन गुड़ की खीर, आटे की रोटी और मौसमी फलों का महाप्रसाद बनाया जाता है और छठी मइया को भोग लगाया जाता है। भक्त पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर इस प्रसाद को बनाते हैं और शाम के समय सूर्य देव की आराधना के बाद यह प्रसाद छठी मइया को अर्पित किया जाता हैं। पूजा संपन्न होने के बाद यही प्रसाद परिवारजनों और भक्तों के बीच बांटा जाता है, जिसे ‘प्रसाद ग्रहण’ की परंपरा कहा जाता है। खरना का छठ पर्व में विशेष स्थान है, क्योंकि यह अगले दो दिनों के कठोर उपवास की तैयारी का प्रतीक माना जाता है और इसी से 36 घंटे के व्रत का आरंभ होता है। इस अवसर पर व्रती महिलाएं पूरी निष्ठा और संयम के साथ सूर्य देव का आह्वान करती हैं और उनके प्रति आभार व्यक्त करती हैं।चार दिवसीय छठ पूजा कल नहाय-खाय के साथ शुरू हुई। सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया की पूजा को समर्पित यह पर्व पवित्रता, कृतज्ञता और कल्याण की भावना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छठ पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दी हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, श्री मोदी ने सभी व्रतियों की अटूट भक्ति को नमन किया। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने छठी मैया को समर्पित एक भक्ति गीत भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने कामना की कि छठी मैया सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखें।
- 0-“एक कृषि–एक देश– एक टीम”: किसानों की समृद्धि और ग्रामीण परिवर्तन की दिशा में राष्ट्रीय संकल्प0- तमिलनाडु में केंद्रीय मंत्री-ने चौपाल पर किया किसानों, दीदियों और ग्रामीणजनों के साथ संवादनई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को तमिलनाडु के आईसीएआर–कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), वेल्लोर का दौरा किया। यह दौरा देशभर में कृषि क्षेत्र की समग्र प्रगति और “एक कृषि–एक देश– एक टीम” की एकजुटता का प्रतीक है। यहां श्री शिवराज सिंह ने किसानों तथा ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई), राष्ट्रीय दलहन मिशन, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (एनएमएनएफ), क्लस्टर फ्रंटलाइन डिमॉन्स्ट्रेशन ऑन पल्सेस (CFLD on Pulses), फरमेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (एफओएम/एलएफओएम) तथा केवीके से जुड़ी अन्य पहलों के बारे में चर्चा की।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वेल्लोर में प्रगतिशील किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं से संवाद करने के साथ ही क्षेत्र की उपलब्धियों की समीक्षा की। उन्होंने केवीके वेल्लोर द्वारा विकसित वाइल्ड बोअर रिपेलेंट जैसी अभिनव तकनीक की सराहना की, जिसने किसानों को जंगली सूअरों से फसल सुरक्षा के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान किया है। केंद्र द्वारा संचालित सीड हब और पल्सेस मिशन के तहत उच्च उत्पादकता वाली किस्मों (VBN-8, VBN-10, VBN-11) का सफल प्रसार किया गया है। प्रदर्शनी में कृषि नवाचारों और मूल्यवर्धित उत्पादों का श्री शिवराज सिंह ने अवलोकन किया।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने किसानों से उक्त योजनाओं से लाभ, कृषि, पशुपालन तथा मत्स्यपालन से संबंधित प्रतिक्रिया ली और उनका मार्गदर्शन किया। चौपाल संवाद के दौरान योजनाओं का ज़मीनी प्रभाव जानने के साथ ही श्री शिवराज सिंह ने आसपास के जिलों के किसानों से बातचीत की।श्री चौहान ने पहली चौपाल में तमिलनाडु के विरुधुनगर, शिवगंगई, तूतीकोरिन और रामनाथपुरम के पीएमडीडीकेवाई से जुड़े किसानों से संवाद किया। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में रामनाथपुरम, शिवगंगई, तूतीकोरिन और विरुधुनगर (तमिलनाडु) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत 11 केंद्रीय मंत्रालयों की 36 योजनाओं को एकीकृत कर किसानों को व्यापक लाभ पहुंचाया जाएगा। उन्होंने चारों केवीके प्रमुखों से इन योजनाओं के संविलयन (convergence) की प्रगति पर जानकारी ली। यहां किसानों ने प्राकृतिक खेती, मुण्डु मिर्च, दलहन और तिलहन सीएफएलडी, और अन्य परियोजनाओं से अपनी संतुष्टि व्यक्त की।दूसरी चौपाल में श्री शिवराज सिंह ने प्राकृतिक खेती और राष्ट्रीय दलहन मिशन पर विशेष बल दिया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया यह अनोखा अभियान देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगा। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु जैसे राज्य को इस योजना से अत्यधिक लाभ होगा क्योंकि इस अंतर्गत बेहतर किस्में, आधुनिक तकनीक तथा विपणन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने टीएनएयू के राष्ट्रीय दलहन अनुसंधान केंद्र, वाम्बन द्वारा विकसित उन्नत दलहन किस्मों की सराहना भी की।केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि नारियल फसलों में कीट व रोग की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि आम उत्पादन में अधिशेष (glut) के कारण मूल्य गिरावट से राहत के लिए मूल्यवर्धन व प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत तमिलनाडु के पात्र किसानों को जोड़ा जाएगा ताकि अधिकतम लाभ पहुंच सके।श्री शिवराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वे तमिलनाडु के मेहनती किसानों, उनकी संस्कृति और मूल्यों से अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने वादा किया कि वे फिर से तमिलनाडु आएंगे और किसानों से प्राकृतिक खेती तथा अन्य पहल पर सीधे संवाद करेंगे।इस आयोजन में तमिलनाडु कृषि, बागवानी एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक, टीएनएयू के कुलपति डॉ. आर. तमिऴवेंदान, आईसीएआर-ATARI हैदराबाद के निदेशक डॉ. शेख एन. मीरा, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री ईनिथा, राज्य बागवानी आयुक्त श्री कुमारवेल पांडियन, टीएनएयू एवं टीएएनयूवीएएस के वरिष्ठ अधिकारी तथा आईसीएआर, कृषि, बागवानी, पशुपालन विभागों और अन्य संबद्ध संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों ने सहभागिता की और केंद्र तथा राज्य स्तर पर कृषि विकास के प्रयासों के प्रति अपना उत्साह प्रकट किया। यहां ड्रोन दीदियां, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लखपति दीदियां भी संवाद में शामिल हुईं।
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय जाली दस्तावेज के जरिये धोखाधड़ी का शिकार हुए 'डिजिटल अरेस्ट' पीड़ितों के स्वतः संज्ञान वाले मामले की 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। उच्चतम न्यायालय की वाद सूची के अनुसार, “जाली दस्तावेज के जरिए डिजिटल अरेस्ट के पीड़ित” विषय वाली स्वतः संज्ञान याचिका सोमवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आएगी। शीर्ष अदालत ने 17 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया न्यायिक दस्तावेज की जालसाजी, साइबर जबरन वसूली और निर्दोष लोगों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की साइबर गिरफ्तारी से जुड़े आपराधिक उद्यम की पूरी सीमा का पता लगाने के लिए केंद्र और राज्य पुलिस के बीच समन्वित प्रयासों के साथ अखिल भारतीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। उच्चतम ने इस मामले में केंद्र, सीबीआई और अन्य से जवाब मांगा है तथा कहा है कि इस तरह के अपराध न्यायिक प्रणाली में जनता के विश्वास की ‘नींव' पर प्रहार करते हैं। शीर्ष अदालत ने हरियाणा के अंबाला में एक वरिष्ठ नागरिक दंपति के ‘डिजिटल अरेस्ट' के मामले का संज्ञान लिया था। धोखाधड़ी करने वालों ने अदालत और जांच एजेंसियों के फर्जी आदेशों के आधार पर इस दंपति से 1.05 करोड़ रुपये जबरन वसूल लिये थे। पीठ ने कहा, ‘‘हम इस बात से स्तब्ध हैं कि धोखेबाजों ने भारत की शीर्ष अदालत और विभिन्न अन्य दस्तावेज के नाम पर न्यायिक आदेशों को गढ़ा है। पीठ ने यह भी कहा कि दस्तावेज की जालसाजी और उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के नाम, मुहर और न्यायिक प्राधिकार का बेशर्मी से आपराधिक दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है। शीर्ष अदालत ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि से भी इस मामले में सहायता करने का अनुरोध किया।
उसने देश भर में ‘डिजिटल अरेस्ट' के बढ़ते मामलों को चिह्नित किया था और केंद्र, सीबीआई और अन्य से स्वत: संज्ञान मामले में जवाब मांगा था जब 73 वर्षीय एक महिला ने 21 सितंबर को प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई को पत्र लिखकर अदालत के आदेशों का उपयोग करके दंपति को धोखा देने की घटना के बारे में सूचित किया था। ‘डिजिटल अरेस्ट' एक ऐसी आपराधिक प्रक्रिया है जहां धोखेबाज आभासी मंच पर खुद को कानून प्रवर्तन या सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करता है और लोगों को डरा-धमका उनसे पैसे या संवेदनशील जानकारी मांगता है। -
नयी दिल्ली. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की पृष्ठभूमि में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। शिंदे की प्रधानमंत्री से यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शिवसेना के एक नेता ने पुणे में कुछ जमीन सौदों के सिलसिले में भाजपा के लोकसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल पर निशाना साधा है। मोहोल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। शिंदे ने प्रधानमंत्री मोदी से लगभग 90 मिनट की मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री का हमेशा से मानना रहा है कि राजग और महायुति विकास के एजेंडे पर आधारित वैचारिक गठबंधन हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह दिवाली के अवसर पर एक शिष्टाचार मुलाकात थी। बिहार चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान समय देने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।'' बताया जा रहा है कि शिंदे ने महाराष्ट्र की स्थिति पर भी चर्चा की, जहां जल्द ही स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं और गठबंधन सहयोगियों के स्थानीय नेता चाहते हैं कि उनकी संबंधित पार्टियां गठबंधन के हिस्से के रूप में नहीं, बल्कि अपने बल पर चुनाव लड़ें। स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर ‘महायुति' में मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा, ‘‘ये स्थानीय चुनाव हैं और स्थानीय नेताओं को लगता है कि उन्हें ये चुनाव लड़ना चाहिए।'' हालांकि, शिवसेना प्रमुख ने कहा कि जब गठबंधन सहयोगियों के वरिष्ठ नेता कोई निर्णय लेते हैं, तो स्थानीय नेता भी उसी राह पर चलते हैं।
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कोयंबटूर. कोयंबटूर में चालक कार से नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क से फिसलकर एक पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना शुक्रवार रात पेरूर चेट्टीपलायम में हुई।
पेरूर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, "सभी मृतकों की उम्र 19 से 25 साल के बीच थी। घायल को कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया है।" उन्होंने बताया कि पीड़ितों की पहचान अभी नहीं हो पाई है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को लोगों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी। छठ पूजा के मौके पर सूर्य देवता की उपासना की जाती है और यह पूरे देश, विशेष तौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ आज से चार दिवसीय महापर्व छठ का शुभारंभ हो रहा है। बिहार सहित देशभर के श्रद्धालुओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को मेरा नमन और वंदन।'' मोदी ने मशहूर गायक शारदा सिन्हा का एक गाना भी साझा किया, जिनके दिल को छू लेने वाले गानों से त्योहार का जोश और बढ़ जाता है। मोदी ने कहा कि वह शुक्रवार को बेगूसराय में थे, जिस जगह से सिन्हा का एक आत्मीय रिश्ता था। मोदी ने कहा, ‘‘हमारी संस्कृति का यह विराट उत्सव सादगी और संयम का प्रतीक है, जिसकी पवित्रता और नियम-निष्ठा अतुलनीय है। इस पावन अवसर पर छठ के घाटों पर जो दृश्य दिखाई देता है, उसमें पारिवारिक और सामाजिक सद्भाव की अद्भुत प्रेरणा होती है। छठ की प्राचीन परंपरा का हमारे समाज पर बहुत गहरा प्रभाव रहा।'' उन्होंने कहा, ‘‘आज विश्व के कोने कोने में छठ को संस्कृति के महाउत्सव के रूप में मनाया जाता है। पूरी दुनिया में रहने वाले भारतवंशी परिवार, इसकी परंपराओं में पूरी आत्मीयता से सम्मिलित होते हैं। मेरी कामना है कि छठी मइया सबको अपना भरपूर आशीर्वाद दें।'' उन्होंने कहा, ‘‘छठ महापर्व आस्था, उपासना और प्रकृति प्रेम का एक अनूठा संगम है। इसमें जहां अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है, वहीं प्रसाद में भी प्रकृति के विविध रंग समाहित होते हैं। छठ पूजा के गीत और धुनों में भी भक्ति और प्रकृति का अद्भुत भाव भरा होता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सौभाग्य है कि कल ही, मुझे बेगूसराय जाने का अवसर मिला था। बिहार कोकिला शारदा सिन्हा जी का बेगूसराय से आत्मीय रिश्ता रहा है। शारदा सिन्हा जी और बिहार के कई लोक कलाकारों ने अपने गीतों से, छठ के उत्सव को एक अलग भाव से जोड़ा है।''
- नई दिल्ली। हाल ही में हुए जीएसटी सुधारों और फेस्टिव सीजन की शुरुआत के कारण भारत में कंज्यूमर सेंटिमेंट में इस वर्ष अक्टूबर में 1.4 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्केट रिसर्च फर्म इप्सोस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि फेस्टिव सीजन के साथ-साथ जीएसटी सुधारों से परिवारों को उनकी बचत बढ़ाने में मदद मिली और उनकी खुद की इच्छा अनुसार खर्च करने की क्षमता भी बढ़ी।रिपोर्ट के अनुसार, भारत के नेशनल इंडेक्स स्कोर में पॉजिटिव बदलाव देखा गया है। यह बदलाव नौकरियों, पर्सनल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट और इकॉनमी को लेकर बड़े पैमाने पर आशावाद को दिखाता है।क्षेत्रीय स्तर पर एशिया-पैसिफिक में कंज्यूमर सेंटीमेंट सकारात्मक देखा गया, जहां इंडोनेशिया में सबसे ज़्यादा 6.5 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी देखी गई। इसके बाद थाईलैंड में 3.6 अंक, दक्षिण कोरिया में 2.6 अंक, मलेशिया में 2.1 अंक भारत में 1.4 अंकों की बढ़ोतरी हुई। इसके उलट, ऑस्ट्रेलिया और जापान में कंज्यूमर सेंटिमेंट में गिरावट आई, जो क्रमशः 2.1 और 2.0 प्रतिशत अंक कम हो गया। ये नतीजे इप्सोस द्वारा अपने ग्लोबल एडवाइजर ऑनलाइन सर्वे प्लेटफॉर्म और भारत में अपने इंडिया वस प्लेटफॉर्म पर हर महीने 30 देशों में किए गए सर्वे के डेटा पर आधारित हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वे किए गए 30 देशों में इंडोनेशिया का नेशनल इंडेक्स स्कोर 58.8 है, जो कि सबसे अधिक है, जो कंज्यूमर सेंटिमेंट में मासिक आधार पर 6.5 प्रतिशत पॉइंट्स की मजबूत बढ़त को दिखाता है। वहीं, भारत 58.4 के नेशनल इंडेक्स स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर है, जो पिछले महीने के मुकाबले 1.4 पॉइंट्स की बढ़ोतरी को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल कुल देशों में से 11 देशों ने 50 या उससे ज़्यादा का नेशनल इंडेक्स स्कोर दर्ज किया है, जो कंज्यूमर्स के मजबूत कॉन्फिडेंस को दिखाता है। इन देशों में भारत के अलावा, मलेशिया, स्वीडन, ब्राजील, मेक्सिको, थाईलैंड, यूनाइटेड स्टेट्स, नीदरलैंड्स, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और पोलैंड के नाम शामिल हैं।
- नई दिल्ली। आस्था के महापर्व छठ पूजा के शुभ अवसर पर भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक विशेष पहल की है। अब देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर छठ गीतों का प्रसारण किया जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य न केवल यात्रियों को त्योहार की भावना से जोड़ना है, बल्कि उनके सफर को भी भक्ति और उल्लास से भर देना है।छठ पूजा के दौरान रेलवे स्टेशनों पर गूंजते पारंपरिक और भक्तिपूर्ण गीत श्रद्धालुओं के बीच एक पवित्र और भावनात्मक माहौल का निर्माण कर रहे हैं। जब यात्री प्लेटफॉर्म पर कदम रखते हैं, तो ‘उठल सवेरवा, अरघ दिहीं सूर्य भगवान’ और ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ जैसे मधुर गीतों की धुन उनके मन को छू जाती है। इससे यात्रियों को अपने गांव-घर और संस्कृति की सुगंध का अहसास हो रहा है।रेलवे की यह पहल पटना, दानापुर, हाजीपुर, भागलपुर, जमालपुर, सोनपुर, नई दिल्ली, गाजियाबाद और आनंद विहार टर्मिनल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर लागू की गई है। इन स्टेशनों पर छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने कई विशेष इंतजाम भी किए हैं। स्टेशनों पर यात्रियों के ठहरने के लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां वे आराम से अपनी ट्रेन का इंतजार कर सकते हैं।यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए रेलवे ने आरपीएफ कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की है। सभी प्लेटफॉर्म और मुख्य द्वारों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है ताकि स्टेशन परिसर में स्वच्छता और पवित्रता बनी रहे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल यात्रियों के अनुभव को और भी यादगार बनाएगी। त्योहार के मौसम में जब हजारों लोग अपने घर लौटते हैं, तब स्टेशनों पर छठ गीतों की गूंज उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ती है। यह पहल न केवल सांस्कृतिक परंपरा को सम्मान देती है, बल्कि यात्रियों के मन में घर जैसी आत्मीयता भी जगाती है।
- नई दिल्ली। कोयला मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, मंत्रालय की नॉमिनेटेड अथॉरिटी ने कमर्शियल कोयला ब्लॉक नीलामी के अंतर्गत 3 कोयला ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग ऑर्डर जारी किए हैं। ये ऑर्डर 23 अक्टूबर को जारी किए गए थे। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन ब्लॉक के लिए कोल माइन डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन एग्रीमेंट (सीएमडीपीए) पर 21 अगस्त को हस्ताक्षर किए गए थे। मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि राजगामार डिपसाइड (देवनारा), तंगरडीही उत्तर और महुआगढ़ी ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग ऑर्डर जारी किए गए हैं।इनमें से, 2 ब्लॉक आंशिक रूप से एक्सप्लोर किया गया है, जबकि एक ब्लॉक को पूरी तरह से एक्सप्लोर किया गया है, जिसकी पीक रेटेड क्षमता 1.00 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। इसके अलावा, इन तीन ब्लॉक का जियोलॉजिकल रिजर्व 1,484.41 मीट्रिक टन है। इन तीन ब्लॉक से लगभग 189.77 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने और लगभग 150 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्राप्त होने की उम्मीद है। साथ ही इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1352 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।कोयला मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल नीलामी के अंतर्गत 130 कोयला ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग/आवंटन आदेश जारी किए गए हैं,जिनका पीआरसी संयुक्त रूप से 267.244 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। इससे लगभग 37,700 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा और साथ ही, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 3,61,301 लोगों को नौकरी के अवसर मिलेंगे।इससे पहले हाल ही में कोयला मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया था कि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) में सेंटर फॉर सस्टेनेबल एनर्जी सेटअप करने के लिए आईआईटी मद्रास के साथ एक एमओयू पर साइन किए।मंत्रालय ने कहा कि यह साझेदारी भारत में ऊर्जा परिवर्तन और 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्यों के लिए स्वदेशी रिसर्च और तकनीक विकास की प्रतिबद्धता दिखाती है मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यह साझेदारी स्वदेशी रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी विकास के माध्यम से भारत में ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने और 2070 तक देश के नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- नयी दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित उपकरणों के दुरुपयोग से बचने का परामर्श जारी किया जिसमें कहा गया है कि कृत्रिम रूप से उत्पन्न जानकारी का प्रकाशन और प्रसारण एक गंभीर खतरा है क्योंकि यह सत्य का छद्म रूप धारण कर सकती है। यह परामर्श राजनीतिक दलों द्वारा की गई इन शिकायतों के बीच आया है कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी एआई का उपयोग करके गलत सूचना फैला रहे हैं।वर्ष 2024 और इस साल जनवरी में दिशा-निर्देश जारी करने के बाद, निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर परामर्श जारी किया है, जिसमें उसने मुख्य रूप से अपने पहले दिए गए निर्देशों को दोहराया है।परामर्श में कहा गया है कि एआई का इस्तेमाल कर नेताओं को चुनावी रूप से संवेदनशील संदेश देते दिखाना ‘‘चुनाव क्षेत्र में समान अवसर’’ को प्रभावित करता है।पार्टी अध्यक्षों और महासचिवों को संबोधित एक पत्र में कहा गया है कि कृत्रिम रूप से तैयार की गई जानकारी को प्रकाशित तथा प्रसारित करना एक गंभीर खतरा और चुनौती है, क्योंकि यह सत्य का छद्म रूप धारण कर सकती है।निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत अपनी संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह परामर्श जारी किया। आयोग ने कहा कि आधिकारिक पार्टी हैंडल पर कृत्रिम रूप से उत्पन्न या एआई की मदद से छेड़छाड़ करके बनाई गई छवि, ऑडियो या वीडियो, गलत सूचना या हेरफेर करके तैयार की गई सामग्री के किसी भी वाकये को ध्यान में आने या शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर हटा दिया जाना चाहिए।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 200 साल पहले कित्तूर में रानी चेन्नम्मा की उल्लेखनीय विजय के सम्मान में शुक्रवार को यहां 200 रुपये मूल्य का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया।कर्नाटक के कित्तूर में रानी चेन्नम्मा की विजय की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वर्ष भर चला राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव नयी दिल्ली में एक भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं जिनमें कर्नाटक की समृद्ध कलात्मक परंपराओं को जीवंत किया गया।शेखावत ने निडर रानी की चिरस्थायी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीयों को अटूट समर्पण और साहस के साथ राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।अधिकारियों ने बताया कि सिरी फोर्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 200 रुपये मूल्य का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया गया। केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि साल भर चले इस स्मरणोत्सव ने पूरे भारत में आयोजित प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, व्याख्यानों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से रानी चेन्नम्मा की विरासत के साथ जनता के जुड़ाव को और गहरा किया है।
- नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि वैश्विक निकाय का कामकाज ‘अवरुद्ध’ हो गया है। भारत ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकवादी संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बचाने संबंधी पाकिस्तान के प्रयासों का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक रणनीति के नाम पर आतंकवाद के पीड़ितों और गुनाहगारों की तुलना करने वालों की भी आलोचना की। उन्होंने यह टिप्पणी भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू में तौलने की प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हुए की, खासकर हाल में हुए आतंकवादी हमले के संदर्भ में।जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि संयुक्त राष्ट्र में ‘सब कुछ ठीक नहीं है’ क्योंकि संयुक्त राष्ट्र में होने वाली बहसें अब बहुत ज्यादा बंटी हुई हैं और उसका कामकाज साफ तौर पर रुका हुआ दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘किसी भी सार्थक सुधार को उसकी अपनी प्रक्रिया के जरिये ही रोका जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को बनाए रखना तथा इसके पुनर्निर्माण की मांग करना स्पष्ट रूप से विश्व के समक्ष एक बड़ी चुनौती है।



























