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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 और 11 मई को कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात का दौरा करेंगे। इस दौरान वह हैदराबाद में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भी भाग लेंगे। दो आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि मोदी बेंगलुरु में 'द आर्ट ऑफ लिविंग' के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी भाग लेंगे और तेलंगाना में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री रविवार सुबह, बेंगलुरु में वर्षगांठ समारोह में भाग लेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। वह बेंगलुरु मे स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में नव-निर्मित ध्यान मंदिर का उद्घाटन करेंगे, जो आंतरिक शांति व समग्र कल्याण के लिए समर्पित एक ध्यान भवन है। मोदी 'आर्ट ऑफ लिविंग' की राष्ट्रव्यापी सेवा पहल भी शुरू करेंगे, जिनमें मानसिक कल्याण, ग्रामीण विकास, प्राकृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन पर केंद्रित पूरे वर्ष चलने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। इसके बाद वह हैदराबाद जाएंगे और लगभग 9,400 करोड़ रुपये मूल्य की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन व राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे और इसके बाद हैदराबाद में स्थित सिंधु अस्पताल राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक सड़क को चौड़ा करने से जुड़ी परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह हैदराबाद-पणजी आर्थिक कॉरिडोर का हिस्सा है और इसकी कुल परियोजना लागत 3,175 करोड़ रुपये से अधिक है। इस परियोजना से यातायात को सुगम और सुरक्षित होगा, यात्रा समय लगभग एक घंटा 30 मिनट कम हो जाएगा और ईंधन खपत व वाहन रखरखाव लागत घटाएगी। यह राजमार्ग तेलंगाना और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी मजबूत बनाएगा और दोनों राज्यों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। मोदी सांगरेड्डी जिले में जहीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया का शिलान्यास भी करेंगे, जो हैदराबाद-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (एचएनआईसी) के तहत राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। तेलंगाना में वह कई और परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री इसके बाद गुजरात के जामनगर पहुंचेंगे।
प्रधानमंत्री 11 मई को पूर्वाह्न 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे। बाद में वह वडोदरा जाएंगे, जहां वह शाम छह बजे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे और दोनों अवसरों पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ में प्रधानमंत्री सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेंगे।
सोमनाथ अमृत महोत्सव, पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वह इस अवसर पर सोमनाथ की समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक महत्व की स्मृति में एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे। -
नयी दिल्ली. त्वरित गश्ती पोत (एफपीवी) 'अचल' को शनिवार को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल कर लिया गया, जिससे समुद्री बल की अभियानगत क्षमताओं को मजबूती मिली है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। 'अचल' तटरक्षक बल के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा निर्मित किए जा रहे आठ एफपीवी की शृंखला में पांचवां है। बल के एक प्रवक्ता ने बताया कि नयी पीढ़ी के अदम्य श्रेणी के त्वरित गश्ती पोत को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया गया, जो ''क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि'' का प्रतीक है। रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक (खरीद) ए. अनबरासु द्वारा, महानिरीक्षक टेकुर शशि कुमार, कमांडर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम), केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा जीएसएल के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पोत को औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि यह जहाज गुजरात के वडीनार में तैनात रहेगा और तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर पश्चिम) के कमांडर के प्रशासनिक एवं परिचालन नियंत्रण में काम करेगा।
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कांठी (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मां गायत्री अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य में भाजपा की पहली सरकार की बागडोर उनके बेटे के हाथों में होने से प्रदेश के लोग उनसे भी अधिक खुश है। शुभेंदु और भाजपा के पांच अन्य विधायकों ने शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में शपथ ली। अपने बेटे के मुख्यमंत्री बनने पर गर्व व्यक्त करते हुए गायत्री ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका पुत्र यह सुनिश्चित करे कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म एवं हत्या मामले में पीड़िता को सच्चा न्याय मिले। अपने बेटे के संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु को तीन-चार बार जानलेवा हमलों का सामना करना पड़ा था। शुभेंदु की मां ने कहा, ''मैं बहुत खुश हूं, लेकिन बंगाल की जनता मुझसे भी ज्यादा खुश है।''
शुभेंदु की अथक मेहनत का जिक्र करते हुए उनकी मां ने कहा, ''उन्होंने अपने पिता से ही जुझारू भावना को आत्मसात किया है, जिसकी वजह से वह आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उनके पिता भी ऐसे ही हैं।'' शुभेंदु के पिता शिशिर अधिकारी, कांठी लोकसभा क्षेत्र से तीन बार तृणमूल कांग्रेस के सांसद रहे हैं। परिवार 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा कर ली थी। गायत्री ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और समाज के गरीब वर्गों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दों पर भी ध्यान दे। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शनिवार को शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास जोरासांको ठाकुरबाड़ी पहुंचे और उन्होंने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभालने से पहले महान कवि को पुष्पांजलि अर्पित की। धोती और भगवा कुर्ता पहने अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में काम शुरू करने से पहले वह कविगुरु का आशीर्वाद लेना चाहते थे। उन्होंने कहा, ''कविगुरु को श्रद्धांजलि देने के बाद मेरा आधिकारिक कामकाज शुरू होगा।''
अधिकारी ने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उनके शब्द ''चरैवेति, चरैवेति'' (चलते रहो, चलते रहो) दोहराए और लोगों से नए बंगाल के निर्माण के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने बंगाल के लिए नयी सुबह की कामना की।
अधिकारी ने कहा, ''आइए, हम बंगाल का पुनर्निर्माण करें।''
उन्होंने कहा कि यह दोषारोपण या आलोचना का समय नहीं है।
अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दिन की कामना की थी और उन्होंने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। -
नयी दिल्ली । वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अगले नौसेना प्रमुख होंगे।वाइस एडमिरल स्वामीनाथन नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लेंगे, जो 31 मई को सेवानिवृत्त होंगे।
वाइस एडमिरल स्वामीनाथन फिलहाल पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है।फ्लैग ऑफिसर एक जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और वह संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ हैं।वह खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), ब्रिटेन के श्रीवेनहैम स्थित ‘ज्वाइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज’, कारंजा स्थित नौसेना युद्ध महाविद्यालय और न्यूपोर्ट स्थित ‘यूएस नेवल वार कॉलेज’ के पूर्व छात्र हैं।परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित एडमिरल ने अपने नौसैन्य करियर में अभियान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश, निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर और विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान संभाली है। -
नई दिल्ली। लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को देश का नया प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) नियुक्त किया गया है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती उस महत्वाकांक्षी ‘‘थिएटराइजेशन’’ योजना को लागू करने की होगी, जिसका मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। सुब्रमणि, जनरल अनिल चौहान का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है।फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को पाकिस्तान और चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है।वह पिछले साल 31 जुलाई को थलसेना उपप्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर सहित दो कोर की कमान संभालने का गौरव भी प्राप्त है।रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो सैन्य मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
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नई दिल्ली। भारत ने कल ओडिसा के डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (एम.आई.आर.वी.) प्रणाली से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
एम.आई.आर.वी. ऐसी तकनीक है जिससे एक ही मिसाइल कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस मिसाइल का परीक्षण कई पेलोड के साथ किया गया, जिसका निशाना हिंद महासागर के भौगोलिक क्षेत्र में फैले विभिन्न लक्ष्यों पर था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एम.आई.आर.वी क्षमता से लैस अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ), सेना और उद्योग जगत की सराहना की है। श्री सिंह ने कहा कि बढ़ते खतरे के मद्देनजर इस उन्नत मिसाइल से देश की रक्षा तैयारियों को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। -
कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में शनिवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण किया। इस मौके पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच सच्ची दोस्ती के इतिहास में पश्चिम बंगाल की एक खास जगह है।
बांग्लादेश अवामी लीग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना की तरफ से सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई और शुभकामनाएं। मैं अपनी और बांग्लादेश की जनता की तरफ से सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत और भारत के पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनने पर दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।”उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के लोगों का फैसला सुवेंदु अधिकारी की मजबूत और लोगों को ध्यान में रखकर काम करने वाले नेतृत्व के लिए उनके गहरे भरोसे और सारहान को साफ दिखाता है। बांग्लादेश और भारत के बीच सच्ची दोस्ती के इतिहास में पश्चिम बंगाल की एक खास जगह है। हम एक जैसी भाषा, संस्कृति और विरासत से जुड़ा एक संबंध साझा करते हैं और मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में यह संबंध भविष्य में नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।”शेख हसीना ने कहा कि पड़ोसी होने के नाते हमने हमेशा पश्चिम बंगाल की खुशहाली और शांति की कामना की है। मुझे उम्मीद है कि सुवेंदु अधिकारी के कार्यकाल में हमारे बीच आपसी सहयोग की पुरानी परंपरा और भी मजबूत होगी और हम दोनों बंगाल के लोगों के साझा विकास और भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।बधाई संदेश के आखिरी में शेख हसीना ने कहा, “मैं सुवेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल की नई चुनी हुई कैबिनेट के सभी सदस्यों को लगातार सफलता, अच्छी सेहत और लंबी उम्र की शुभकामनाएं देती हूं।”कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है। -
कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है बल्कि यह सामाजिक और जातीय संतुलन की एक नई राजनीतिक रणनीति का भी संकेत मानी जा रही है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में अलग-अलग जातीय और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने साफ संदेश देने की कोशिश की है कि उसका लक्ष्य केवल राजनीतिक जीत नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता भी है।नई कैबिनेट की संरचना पर नजर डालें तो इसमें पश्चिम बंगाल के कई प्रभावशाली सामाजिक वर्गों को जगह मिली है। खुद सुवेंदु अधिकारी ब्राह्मण समुदाय से आते हैं जबकि दिलीप घोष ओबीसी चेहरे के रूप में लंबे समय से भाजपा की राजनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। अग्निमित्रा पॉल कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं अशोक कीर्तनिया को मंत्री बनाकर भाजपा ने मतुआ समुदाय को बड़ा संदेश दिया है, जो राज्य की राजनीति में निर्णायक प्रभाव रखता है।
इसके अलावा, खुदीराम टुडू के जरिए आदिवासी समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है जबकि निसिथ प्रामाणिक राजबंशी समुदाय का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उत्तर बंगाल की राजनीति में राजबंशी वोट बैंक बेहद अहम माना जाता है और भाजपा लंबे समय से इस सामाजिक समीकरण पर काम करती रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने बंगाल में वही सामाजिक मॉडल अपनाने की कोशिश की है जो उसने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अपनाया था। यानी अलग-अलग जातीय समूहों को सत्ता में भागीदारी देकर व्यापक सामाजिक गठबंधन तैयार करना।इस पूरी रणनीति में नितिन नवीन की भूमिका भी चर्चा में रही। चुनाव से पहले भाजपा ने उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर संगठनात्मक स्तर पर बड़ा संदेश दिया था। बिहार की राजनीति से आने वाले नितिन नवीन को भाजपा ने ऐसे चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया, जो पूर्वी भारत की सामाजिक संरचना और जातीय समीकरणों को बेहतर तरीके से समझते हैं।पश्चिम बंगाल चुनाव में नितिन नवीन ने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार, वसूली (कटमनी) और घुसपैठ को बढ़ावा देने के मुद्दे प्रमुखता से उठाए। उन्होंने सिलीगुड़ी में ट्रेड, कॉमर्स और बिज़नेस प्रोफेशनल्स के साथ संवाद किया और ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का भाजपा का एजेंडा पेश किया। उन्होंने उत्तरी कोलकाता के बारानगर में रोड शो किया और भद्रलोक (मध्यम वर्ग) को मतदान केंद्रों तक जाने के लिए प्रेरित किया। ध्यान देने वाली बात यह है कि 20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद 90 दिनों के भीतर नितिन नवीन के नेतृत्व में बंगाल और असम में भाजपा को बड़ी जीत मिली है।विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल में भाजपा की यह नई ‘सोशल इंजीनियरिंग’ केवल चुनावी रणनीति नहीं बल्कि राज्य में दीर्घकालिक राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश है।( -
कोलकाता । पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए इसे पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर सुवेंदु अधिकारी को बधाई। उन्होंने एक ऐसे नेता के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जो लोगों से गहराई से जुड़े रहे हैं और उनकी आकांक्षाओं को बहुत करीब से समझा है। उनके आगामी कार्यकाल के सफल होने के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।’ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘पोचिशे बोइशाख’ के पावन अवसर पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को याद करना विशेष महत्व रखता है। उन्होंने टैगोर को भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का महान प्रतीक बताया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल आज एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहां उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नई लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का संगम हो रहा है। बंगाल ने देश को कई महान चिंतक, समाज सुधारक, लेखक, कलाकार और राष्ट्रवादी नेता दिए हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उन्होंने ‘सोनार बांग्ला’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की जनता की उम्मीदों और बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतीक है।बता दें कि कोलकाता में शनिवार को आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी को गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस मौके पर भाजपा नेताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है।8 मई को भाजपा विधायक दल ने सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है। उन्होंने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद वे तीन बार पार्षद रहे और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी बने। उन्हें 20 साल से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पांच साल तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। -
कोलकाता। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खासियत है कि वे कभी भी अपने कार्यकर्ताओं के योगदान को नहीं भूलते हैं। कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से ही पार्टी बनती है और संगठन में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कार्यकर्ता से सफर की शुरूआत की और पीएम बनने तक का रास्ता तय किया। कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को कोलकाता में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान देखने को मिला जब भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के साथ पीएम मोदी रूबरू हुए। पीएम मोदी ने उनके पैर छूए और स्नेह सहित गले लगाया।
पीएम मोदी अपने कार्यकर्ताओं के योगदान को नहीं भूलते हैं। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मारे गए भाजपा कार्यकर्ता देबाशीष मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार ने शपथ ली है तो हम सभी के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को याद करना स्वाभाविक है। उनके विजन को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।उन्होंने लिखा कि कोलकाता में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुझे माखनलाल सरकार से मिलने का अवसर मिला। एक कट्टर राष्ट्रवादी के तौर पर उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ काम किया और उनके साथ रहते हुए जम्मू-कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन हमारी पार्टी को समर्पित कर दिया; उन्होंने पूरे पश्चिम बंगाल में पार्टी का आधार बढ़ाया और जीवन के हर क्षेत्र से लोगों को पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। भाजपा में हम इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि हमारे पास ऐसी प्रेरणादायक हस्तियां हैं, जिन्होंने लोगों के बीच रहकर काम किया और पार्टी को मजबूत बनाया। वहीं, उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेने पर दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक को बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि इन नेताओं ने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है और लोगों की सेवा की है। मुझे विश्वास है कि मंत्री के रूप में ये पश्चिम बंगाल की विकास यात्रा को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। मेरी ओर से शुभकामनाएं। - कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई और सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी और उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।=सुवेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पहली बार किसी दक्षिणपंथी दल की सरकार बनी है। 8 मई को भाजपा विधायक दल ने सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था। इसके बाद उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया था। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाया।सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है। उन्होंने 1995 में कांथी नगरपालिका से पार्षद के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद वे तीन बार पार्षद रहे और कांथी नगरपालिका के चेयरमैन भी बने। उन्हें 20 साल से अधिक का विधायी अनुभव है। वे दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार विधायक और पांच साल तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।राज्य सरकार में रहते हुए उन्होंने परिवहन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इसके अलावा वे हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के चेयरमैन भी रहे। हल्दिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने औद्योगिक शहर हल्दिया के विकास में अहम भूमिका निभाई। सहकारिता आंदोलन में भी उनका बड़ा योगदान रहा है। वे एग्रीकल्चर रूरल बैंक, कांथी अर्बन कोऑपरेटिव और विद्यासागर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रह चुके हैं।सुवेंदु अधिकारी का परिवार भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है। कांथी के प्रसिद्ध अधिकारी परिवार के बिपिन अधिकारी और केनाराम अधिकारी बंगाल के कई स्वतंत्रता सेनानियों के करीबी सहयोगी थे। बिपिन अधिकारी को अंग्रेजों ने जेल भेजा था और ब्रिटिश शासन के दौरान अधिकारी परिवार का घर दो बार जला दिया गया था।15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के करकुली गांव में जन्मे सुवेंदु अधिकारी ने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से एम.ए. की पढ़ाई की है। वे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री शिशिर अधिकारी के पुत्र हैं और फिलहाल अविवाहित हैं।सुवेंदु अधिकारी 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे, जिसने 34 साल पुराने वाम मोर्चा शासन को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई थी। वे लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में रहे और 2020 तक ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी थे। दिसंबर 2020 में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया था। उन्हें ‘जायंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 2021 में नंदीग्राम और 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंचे थे। ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए नामित सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य के साथ खुली जीप में सवार होकर वहां मौजूद हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया। पूरा ब्रिगेड परेड ग्राउंड भगवा रंग में सजा हुआ नजर आया। समारोह में बड़ी संख्या में कलाकार पारंपरिक ढोल की थाप पर प्रस्तुति दे रहे थे।जीप यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल भेंट की और उनका आशीर्वाद लिया। 98 वर्ष की आयु में भी, माखनलाल सरकार आज़ादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती ज़मीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। 1952 में, उन्हें कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ होने पर गिरफ्तार किया गया था।साल 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद उन्हें पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया। उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम किया। साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया। उस समय यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर भाजपा नेता एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज्यादा नहीं रह पाते थे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में किया था। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नियमों के अनुसार लोक भवन जाकर राज्यपाल आरएन रवि के सामने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है और शनिवार सुबह होने वाला शपथ ग्रहण समारोह राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता और राज्य के अगले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाला यह समारोह बंगाल के लिए ‘ऐतिहासिक सवेरा’ साबित होगा।सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह शपथ ग्रहण समारोह तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन के अंत और विकास, शांति व समृद्धि के नए दौर की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने से बंगाल में ‘डबल इंजन’ विकास का रास्ता खुलेगा और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में सुवेंदु अधिकारी ने लिखा कि पश्चिम बंगाल के लिए यह गर्व और उत्साह का ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सिटी ऑफ जॉय’ (खुशियों के शहर) में स्वागत करना हमारे लिए अत्यंत गर्व और उल्लास का क्षण है। आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार का गठन हो रहा है, जो संस्थापक नेताओं के सपनों को पूरा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि आज दशकों के कथित कुशासन का अंत हो रहा है और विकास, शांति और समृद्धि के नए युग की शुरुआत हो रही है।कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनन्द बोस नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हो रहे हैं। इस समारोह के दौरान यह भी साफ हो जाएगा कि सुवेंदु अधिकारी के साथ नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे। नई सरकार कोलकाता स्थित पुराने सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग से काम करेगी जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हावड़ा जिले के नबान्ना सचिवालय से काम करती थीं।सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार ‘सामूहिक नेतृत्व’ के आधार पर चलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य को केवल ‘मैं’ नहीं, बल्कि ‘हम’ मिलकर चलाएंगे। साथ ही केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के जरिए बंगाल के विकास को नई गति दी जाएगी।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे। समारोह में शामिल होने के लिए भाजपा समर्थकों, साधु-संतों और पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।समारोह में पहुंचे एक साधु ने बातचीत में कहा, “समारोह में आने की एक वजह यह है कि हम भी राज्य का हिस्सा हैं। काफी समय से यहां कम्युनिस्टों और कांग्रेस का राज रहा। तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह से मुस्लिमों की पार्टी बन चुकी थी। टीएमसी की सरकार बनने पर मुस्लिम लोग आते थे, आज भाजपा की सरकार बन रही है तो साधु-संत आ रहे हैं।” इस दौरान साधु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी हिंदुओं की पंसद हैं। वे जहां भी जाते हैं, वहां भगवा झंडा लहराता है। इसीलिए सभी के दिल में उनके लिए सम्मान है।”कार्यक्रम में पहुंचे साधु-संत ‘जयकारे’ लगाते नजर आए। साथ ही, कुछ संतों ने ‘शंख’ भी फूंका। एक अन्य साधु ने कहा, “अब राम राज्य शुरू हो गया है, इसीलिए साधु यहां आए हैं।” दिल्ली से कोलकाता पहुंचे एक भाजपा समर्थक ने कहा, “आज पश्चिम बंगाल में सनातनी सरकार बनने जा रही है। हम सनातनी के तौर पर अपना कर्तव्य निभाने आए हैं। यहां चारों तरफ आज खुशी का माहौल है। ऐसा लग रहा है, जैसे कोलकाता में कोई त्योहार मनाया जा रहा है। बड़ी संख्या में साधु-संत शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आए हैं।”एक अन्य भाजपा समर्थक रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर लेकर शपथ समारोह को देखने के लिए पहुंचा। कार्यकर्ता ने कहा, “आज गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की भी जयंती है। इसलिए मैं एक तस्वीर लेकर आया हूं। हमारे प्रधानमंत्री ‘भारत के शेर’ हैं।” एक महिला कार्यकर्ता ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सोनार बांग्ला’ का नारा दिया था और आज राज्य ‘सोनार बांग्ला’ बनने की ओर बढ़ रहा है। बंगाल में कमल खिल चुका है और हम मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह देखने को लेकर उत्साहित हैं।
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नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के ठीक एक साल बाद भारत ने ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट पर ‘टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन’ (तारा) हथियार प्रणाली के पहले सफल परीक्षण के साथ, अपनी स्वदेशी मारक क्षमता में एक और निर्णायक छलांग का प्रदर्शन किया। रक्षा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। ऑपरेशन सिंदूर ने देश की सैन्य रणनीति में व्यापक बदलाव लाया था और दूर से सटीक हमला करने की क्षमता (स्टैंड-ऑफ प्रिसिजन वॉरफेयर) की दिशा में महत्त्वपूर्ण दक्षता दिखाई थी।
यह परीक्षण भारतीय वायु सेना के सहयोग से एयर-बॉर्न प्लेटफॉर्म से किया गया। एक रक्षा अधिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘इस पहले परीक्षण ने न केवल विंग्ड ग्लाइड कॉन्फिगरेशन के एरोडायनामिक को प्रदर्शित किया बल्कि हथियार के नेविगेशन, मार्गदर्शन और नियंत्रण आर्किटेक्चर को भी प्रमाणित किया।‘फाइबर-ऑप्टिक जाइरो आधारित इनर्टियल नेविगेशन मल्टी-जीएनएसएस गाइडेंस और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इमेजिंग इन्फ्रारेड टर्मिनल के साथ मॉड्यूलर रेंज एक्सटेंशन किट के तौर पर डिजाइन किया गया ‘तारा’ लड़ाकू विमानों को काफी सुरक्षित दूरी से दुश्मन की जमीन पर मौजूद अहम ठिकानों को सटीक निशाने के साथ नष्ट करने में सक्षम बनाता है।रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तारा को हैदराबाद की रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की अन्य प्रयोगशालाओं द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह भारत का पहला स्वदेशी मॉड्यूलर ग्लाइड हथियार है जो पारंपरिक बिना गाइड वाले वॉरहेड को लंबी दूरी के सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों में बदल सकता है। इस सफल परीक्षण ने भारत की स्वदेशी रूप से किफायती लेकिन अत्यधिक प्रभावी सटीक मारक क्षमता वाले हाथियार विकसित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कीर्तिमान कायम किया है। यह कम लागत वाली प्रणाली मौजूदा हवाई हथियारों की परिचालन पहुंच, सटीकता और मारक क्षमता को बढ़ाएगी।एक रक्षा वैज्ञानिक ने कहा, ‘तारा अत्याधुनिक, कम लागत वाली प्रणालियों का उपयोग करने वाला पहला ग्लाइड हथियार है। यह वायु सेना को काफी उच्च सटीकता के साथ सामरिक लक्ष्यों को भेदने की क्षमता प्रदान करेगा। साथ ही पायलटों और विमानों को दुश्मन के रडार-निर्देशित मिसाइल प्रणालियों के संपर्क में आने के खतरे को भी कम करेगा।‘उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इमेजिंग इन्फ्रारेड टर्मिनल मार्गदर्शन का समावेश विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में भी काम कर सकता है जब सैटेलाइट नेविगेशन को खराब या जाम किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर यह सफल परीक्षण हाल के संघर्षों से सबक लेकर आंतरिक क्षमता विकसित करने के भारत के प्रयास को मजबूत करता है।भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी एन के सामल ने कहा, ‘आधुनिक युद्धक्षेत्रों में यह क्षमता जरूरी होती है कि दुश्मन के हमले के दायरे से बाहर रहते हुए भी उसके बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक केंद्रों, रडार स्टेशनों, कमांड सेंटरों और अलग-अलग सैन्य टुकड़ियों पर हमला किया जा सके। तारा भारतीय वायु सेना को स्वदेशी, कम लागत वाला ‘स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक’ विकल्प देकर इन जरूरतों को पूरा करता है। इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है।‘तारा पहले ही विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश कर चुका है, जिससे इसके जल्द ही परिचालन में शामिल होने की उम्मीद है। अब विकास-सह-उत्पादन भागीदारों और अन्य उद्योगों के सहयोग से उत्पादन गतिविधियों पर काम चल रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के चेयरमैन समीर वी कामत ने इस सफल परीक्षण से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, भारतीय वायु सेना और औद्योगिक भागीदारों को बधाई दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पहली उड़ान-परीक्षण को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में महत्त्वपूर्ण प्रगति बताया।तारा क्या है और यह कैसे काम करता है?तारा को एयर-लॉन्च, लंबी दूरी के हवा से जमीन पर मार करने वाले सटीक हथियार के तौर पर डिजाइन किया गया है, ताकि बिना गाइड वाले पारंपरिक हथियारों को कुशल ग्लाइड वाले हथियार में बदला जा सके। यह 650 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकता सकता है। इसके पीछे लगे पंख इस सिस्टम को आखिरी चरण में जटिल युद्धाभ्यास में मदद करते हैं।सूत्रों ने बताया कि यह हथियार कई कॉन्फिफगरेशन में उपलब्ध होगा, जिसमें तारा-250 लगभग 308 किलोग्राम के वजन के साथ जबकि तारा-450/500 का वजन लगभग 546 किलोग्राम होगा। मॉड्यूलर ग्लाइड और गाइडेंस किट का वजन लगभग 98 किलोग्राम है, जिससे प्रमुख संरचनात्मक संशोधनों के बिना मौजूदा बम इन्वेंटरी के साथ एकीकरण सक्षम हो जाता है। - लखनऊ:। पुलिस ने शुक्रवार को नकली आईपीएल टिकट बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह चैटजीपीटी और ग्राफिक डिजाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके नकली टिकट बनाकर इकाना स्टेडियम के बाहर बेच रहा था।अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) (दक्षिण लखनऊ) रल्लापल्ली वसंत कुमार ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की तस्वीरें लेकर कोरलड्रॉ में एडिट करते थे। टिकट के साइज और पेपर क्वालिटी की जानकारी के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया गया, ताकि नकली टिकट असली से हूबहू मिलते-जुलते दिखें।पुलिस के मुताबिक, गिरोह 170-जीएसएम पेपर पर टिकट प्रिंट कर भोले-भाले दर्शकों को ऊंचे दामों पर बेचता था और यूपीआई से भुगतान लेता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर (30), नूतन कुमार साहू (28), राजेंद्र चौधरी (29) और विश्वजीत साहू (22) के रूप में हुई है। विश्वजीत 2डी/3डी डिजाइनर है और टिकट एडिटिंग का काम करता था।मामला तब सामने आया जब जालौन निवासी प्रदीप सिंह ने शिकायत की कि उन्होंने एकाना स्टेडियम के बाहर 1,000 रुपये में दो टिकट खरीदे, जो प्रवेश के समय फर्जी निकले। इसके बाद साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने बृहस्पतिवार शाम चारों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने पहले रायपुर में ब्लैक से टिकट लेकर मैच देखा था। यहीं से नकली टिकट बनाने का विचार आया। चार मई को गिरोह दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने गया था, लेकिन बारकोड न मिलने से कामयाब नहीं हुआ। इसके बाद डिजाइन सुधारकर वे छह मई को लखनऊ पहुंचे और होटल में रुककर अगले दिन इकाना स्टेडियम के बाहर टिकट बेचे।पुलिस ने 15 नकली टिकट, 170-जीएसएम पेपर शीट पर प्रिंटेड 14 नकली टिकट, 4 मोबाइल, एक लैपटॉप, पेपर कटर, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज और एक रिट्ज कार बरामद की है। मामले में जांच की जा रही है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं हाथ जोड़कर बंगाल की जनता का कोटि-कोटि धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों के समय से जिस प्रकार का माहौल बनाया जाता था, ममता बनर्जी ने इसे और गहरे तरीके से भय में परिवर्तित किया। वहां मत की अभिव्यक्ति लगभग असंभव थी। हिंसा और क्रूरता के सैकड़ों उदाहरण उसके प्रमाण हैं। उसके बीच भाजपा और हमारे नेता नरेंद्र मोदी पर भरोसा कर बंगाल की जनता ने जो प्रचंड विजय हमें दी है, उसके लिए मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कम्युनिस्ट शासन के दौरान बंगाल में जो माहौल था, ममता के शासनकाल में वह और भी बदतर हो गया है, और अब डर का माहौल छा गया है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लगभग नामुमकिन हो गई है। हिंसा और बर्बरता की कई घटनाओं के बावजूद, जनता ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को भारी जनादेश दिया है, जिसके लिए मैं अत्यंत आभारी हूं।उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने हमसे जो अपेक्षा रखी और जिन आशाओं के साथ हमें बहुमत दिया है, हम पूरा प्रयास करेंगे कि आपके विश्वास को तनिक भी ठेस न पहुंचे, इसमें कोई कमी न हो। हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि सोनार बंगला के लक्ष्य को लेकर हम चलें और बंगाल की जनता की अपेक्षाओं को हम पूर्ण करें।अमित शाह ने कहा कि आज बंगाल की विजय अनेक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। 100 साल की वैचारिक यात्रा के बाद आज गंगोत्री से गंगासागर तक हर जगह भाजपा की सरकार बनी है, यह हम सभी के लिए बहुत आनंद का विषय है। 1950 से जिस विचार की यात्रा लेकर हम निकले और जिनके नेतृत्व में हम चले, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि पर 1950 के बाद आज 2026 में उन्हीं की पार्टी की सरकार बन रही है।उन्होंने कहा कि जब अनुच्छेद 370 हटा तो देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में खुशी की लहर दौड़ी, लेकिन मुझे कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा था कि अभी भी कसर बाकी है। तब मैंने आश्चर्य से पूछा था, “अब क्या बचा?” तब उन्होंने कहा था, “बंगाल में भाजपा का झंडा फहराना बाकी है।” मैं मानता हूं कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जहां भी होंगे, पीएम मोदी के नेतृत्व को आशीर्वाद दे रहे होंगे कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व ने भाजपा को गंगोत्री से गंगासागर तक पहुंचाया। आज त्रिपुरा में हमारी सरकार है, असम में हमारी सरकार है और अब बंगाल में भी हमारी सरकार बनी है। घसपैठ और गौ तस्करी असंभव होने वाली है। दृढ़ता के साथ बंगाल सरकार और भारत सरकार इस सीमा को राष्ट्र की सुरक्षा के अभेद किले की तरह परिवर्तित कर देगी।उन्होंने कहा कि 23 प्रशासनिक जिलों में से 9 जिले ऐसे हैं, जहां दीदी का खाता भी नहीं खुला है। सूपड़ा साफ हो चुका है। मैंने ऐसा प्रचंड जनादेश कभी देखा नहीं क्योंकि सरकार काम करती है तो जनादेश मिलता है, लेकिन जहां विरोधी दल के नेता को बोलने का मौका नहीं दिया जाता है, वहां पर सत्ताधारी दल का 9 जिलों में शून्य वोट ये केवल जनता और ईश्वर की कृपा है। आज बंगाल की जीत अनेक दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सौ वर्षों की वैचारिक यात्रा के बाद, भाजपा ने गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक पूरे देश में सरकारें स्थापित की हैं। यह उपलब्धि हम सभी के लिए अपार प्रसन्नता का स्रोत है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि पर, जिनके दूरदर्शी मार्ग का अनुसरण हमने 1950 में शुरू किया था और जिनका नेतृत्व हमें निरंतर प्रेरित करता रहा है, वही पार्टी 2026 में सरकार बनाने जा रही है।उन्होंने कहा कि भवानीपुर की जनता का मैं बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। सुवेंदु दा ने गत चुनाव में दीदी को नंदीग्राम में हराया था। मैंने दीदी का एक इंटरव्यू देखा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं उनके गढ़ में लड़ने चली गई। दीदी, इस बार सुवेंदु दा ने आपको आपके घर में हराया है। ( -
नई दिल्ली। अभिनेता-राजनेता और ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को कई विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने के बाद तमिलनाडु में सरकार बनाने का औपचारिक रूप से दावा पेश किया। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में उनके गठबंधन की ताकत बहुमत के आंकड़े से ऊपर पहुंच गई है। विजय ने चेन्नई के राजभवन में तमिलनाडु के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सहयोगी पार्टियों और निर्दलीय समर्थकों के समर्थन पत्र सौंपे।
दरअसल, यह घटनाक्रम 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के खंडित जनादेश के बाद पैदा हुई गहन राजनीतिक अनिश्चितता के कई दिनों के बीच सामने आया है। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल से उम्मीद है कि वे शुक्रवार देर शाम या शनिवार सुबह विजय को सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करेंगे। वहीं, शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को सुबह 11 बजे चेन्नई में होने की संभावना है। विजय की मां शोभा चंद्रशेखर, चेन्नई स्थित अपने आवास पहुंची हैं। अभिनेता और पार्टी प्रमुख विजय कल शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।आपको बता दें, विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। हालांकि, शुरुआत में पार्टी 234 सदस्यों वाले सदन में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी। कांग्रेस पहली पार्टी थी जिसने विजय को समर्थन दिया और उसके पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने टीवीके प्रमुख का समर्थन किया।शुक्रवार शाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी टीवीके के नेतृत्व में सरकार बनाने की कोशिश को औपचारिक रूप से अपना समर्थन देने की घोषणा की। नई विधानसभा में इन चारों पार्टियों के दो-दो विधायक हैं, जिससे विजय खेमे की कुल ताकत 120 विधायकों तक पहुंच गई है, जो साधारण बहुमत से ऊपर है।राज्यपाल से मुलाकात के बाद, विजय चेन्नई में सीपीआई के राज्य मुख्यालय गए और सरकार बनाने की उनकी कोशिशों को समर्थन देने के लिए वामपंथी पार्टी के नेताओं को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद दिया। समर्थक पार्टियों के नेताओं ने संकेत दिया कि उनका समर्थन राज्य में राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और लंबे समय तक चलने वाली अनिश्चितता को रोकने के उद्देश्य से था।इस बीच, विजय को उन दो विधानसभा क्षेत्रों में से एक से इस्तीफा देना होगा जहां से वे चुने गए थे। यह चुनाव आयोग के उन नियमों के अनुसार है जो किसी भी व्यक्ति को एक ही समय में दो सीटें रखने से रोकते हैं। ये नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण हैं, जिसमें विजय अब अपनी पार्टी को चुनावी राजनीति में औपचारिक रूप से उतारने के एक साल से भी कम समय में राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने की कगार पर हैं। -
नई दिल्ली। भारतीय जनता दल (भाजपा) के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कोलकाता स्थित राजभवन में राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात की। अधिकारी ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सुवेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी और तापस रॉय समेत कई बड़े नेता मौजूद थे।
सुवेंदु अधिकारी के विधायक दल का नेता चुने जाने के साथ ही पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लग गया। मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी का नाम तय हो गया है। सुवेंदु भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता चुने गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर मुहर लगी है।भवानीपुर विधानसभा जैसी हॉट सीट से तृणमूल चीफ ममता बनर्जी को 15 हजार वोटों से हराने के बाद सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा था। भाजपा के मुताबिक, सुवेंदु 9 मई, यानी रवींद्र जयंती के मौके पर ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे।इस बीच, ममता बनर्जी अब आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बन गई हैं। यह स्थिति तब बनी जब राज्यपाल आर.एन. रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने की घोषणा की। इसका यह भी अर्थ है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली राज्य कैबिनेट भी स्वतः ही समाप्त हो गई है।चुनावी नतीजे के बाद 5 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने की परंपरा का पालन नहीं करेंगी, क्योंकि उन्हें लगता था कि आधिकारिक नतीजे असल जनमत को नहीं दर्शाते हैं। इस तरह उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह न तो पूरे पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार स्वीकार कर रही हैं और न ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपनी निजी हार। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में स्वतंत्रता के बाद पहली भाजपा शासित सरकार बनने जा रही है। विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया है। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने ‘सामूहिक नेतृत्व’ के आधार पर नए राज्य प्रशासन को चलाने पर जोर दिया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं नई सरकार नहीं चलाऊंगा। हम सब मिलकर नई सरकार चलाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की और इसमें नव निर्वाचित 2027 भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने भाग लिया, जिसके दौरान पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नए नेता और इस प्रकार अगले मुख्यमंत्री के रूप में उनका नाम सर्वसम्मति से चुना गया।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘सामूहिक नेतृत्व’ के इस संदेश के माध्यम से अधिकारी ने यह अप्रत्यक्ष संदेश भी दिया है कि उनके नेतृत्व वाली नई राज्य कैबिनेट पिछली कैबिनेट की तरह काम नहीं करेगी, जिसका नेतृत्व उनकी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी ने किया था, क्योंकि ममता की कैबिनेट में प्रशासनिक निर्णय, चाहे छोटा हो या बड़ा, उनकी सहमति के बिना पारित नहीं किया जा सकता था। अपने संक्षिप्त भाषण में अधिकारी ने नई राज्य कैबिनेट की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया।अधिकारी ने कहा कि भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग में शामिल लोगों का पता लगाना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना, पिछले 15 वर्षों में गंभीर अन्याय और अत्याचारों का शिकार हुए लोगों को न्याय दिलाना और बेहतर एवं भ्रष्टाचार मुक्त सार्वजनिक सेवा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता होगी।इससे पहले, सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने पार्टी के सभी 207 निर्वाचित विधायकों को याद दिलाया कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पश्चिम बंगाल की जनता ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को जिस अटूट विश्वास के साथ भारी जीत दिलाई, वह टूटे नहीं।शाह ने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में यहां भय का माहौल था। लेकिन इसके बावजूद, मैं पश्चिम बंगाल की जनता का आभारी हूं कि उन्होंने हमारे नेताओं पर भरोसा करके हमें यह जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि वह पार्टी नेताओं से कहना चाहते हैं कि वे उन लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करें जिन्होंने उन्हें सत्ता में पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि विश्वास को टूटने मत दीजिए। यह आप सभी का कर्तव्य है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम पश्चिम बंगाल की जनता को अपना सर्वश्रेष्ठ दें। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगामी रविवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। अमित शाह के मार्गदर्शन में, गृह मंत्रालय ने हाल के वर्षों में देश में आपदा प्रबंधन ढांचे को काफी मजबूत किया है। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, NDRF को सुदृढ़ बनाना और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान शून्य जनहानि के दृष्टिकोण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।यह उच्च-स्तरीय समीक्षा सरकार की प्रोएक्टिव गवर्नेंस, नागरिक-केंद्रित आपदा प्रबंधन और एक आपदा-रोधी भारत के निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बैठक के दौरान, गृह मंत्री केंद्र सरकार की एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करेंगे; साथ ही, किसी भी प्रकार की जनहानि न हो और संपत्ति को कम से कम नुकसान पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों, संसाधनों की तैनाती और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा करेंगे।केंद्रीय गृह मंत्री शाह पूरे देश में बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए किए जा रहे दीर्घकालिक उपायों की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। इन उपायों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा, नदी प्रबंधन की पहल और मौसम के पूर्वानुमान में वैज्ञानिक प्रगति शामिल हैं।इसके साथ ही, केन्द्रीय गृह मंत्री पिछले वर्ष आयोजित की गई समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की भी जानकारी लेंगे, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके और विभिन्न गतिविधियों का त्वरित एवं समन्वित निष्पादन हो सके। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी का नाम का ऐलान हो गया है। सुवेंदु भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता चुने गए हैं। विधायक दल का नेता चुने जाने का बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगले सीएम के लिए उनके नाम की घोषणा की। सुवेंदु को बंगाल के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उनको बधाई देने के वालों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नबीन ने सुवेंदु अधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने पर सुवेंदु अधिकारी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं आपके सशक्त नेतृत्व में पश्चिम बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर होगा तथा सुशासन एवं विकास की नई पहचान स्थापित करेगा। आपके सफल एवं यशस्वी कार्यकाल हेतु पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और एक विकसित, समृद्ध और प्रगतिशील बंगाल की ओर हमारी यात्रा को गति प्रदान करेगा।भवानीपुर विधानसभा जैसी हॉट सीट से तृणमूल चीफ ममता बनर्जी को 15 हजार वोटों से हराने के बाद सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे प्रबल उम्मीदवार माना जा रहा था। भाजपा के मुताबिक, सुवेंदु 9 मई, यानी रवींद्र जयंती के मौके पर ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे।इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अभी कुछ समय पहले ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई। 8 प्रस्ताव और समर्थन मिले हैं, सभी में एक ही नाम मिला है। मैं सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल के नेता के रूप में निर्वाचित घोषित करता हूं। -
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अगर किसी नेता ने बीते कुछ वर्षों में तेजी से अपना कद बढ़ाया है, तो वह नाम है सुवेंदु अधिकारी। आज वे न सिर्फ राज्य में भाजपा का सबसे प्रमुख चेहरा हैं, बल्कि प्रदेश के नए मुख्यमंत्री भी बनने वाले हैं। कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा की। सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल विधानमंडल दल का नेता चुने जाने की घोषणा के बाद, गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी। वह कल शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण करेंगे।
सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के सबसे मुखर आलोचक के तौर पर भी जाना जाता है। लेकिन, एक समय था जब सुवेंदु अधिकारी, ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। नंदीग्राम और सिंगूर जैसे आंदोलनों में उनकी अहम भूमिका ने ही ममता बनर्जी को राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई। समय के साथ दोनों नेताओं के रास्ते अलग हो गए। 2021 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक टकराव राज्य की सबसे चर्चित लड़ाइयों में शामिल हो गया।सुवेंदु अधिकारी वैसे नेता हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में न सिर्फ कड़ी चुनौती दी, लगातार दो विधानसभा चुनाव में करारी मात भी दी। 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर चुनाव लड़ते हुए अधिकारी ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टक्कर दी और जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की। इसके बाद इस बार के चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ ही भवानीपुर से उम्मीदवारी पक्की कर ली। भवानीपुर को ममता बनर्जी की सुरक्षित सीट माना जा रहा था। लेकिन, चुनावी नतीजे में सुवेंदु अधिकारी की भवानीपुर से प्रचंड जीत ने ममता बनर्जी के राजनीतिक करियर पर सवालिया निशान लगा दिया।पूर्वी मेदिनीपुर जिले में अधिकारी की मजबूत पकड़ और संगठन क्षमता सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। वे उन गिने-चुने नेताओं में हैं, जो जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को संगठित करने और चुनावी समीकरण साधने में माहिर हैं। सुवेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया। कांथी पीके कॉलेज से स्नातक सुवेंदु अधिकारी ने 1989 में छात्र परिषद के प्रतिनिधि के रूप में अपनी राजनीतिक शुरुआत की।वर्ष 2006 में वे कांथी दक्षिण सीट से पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 2009 और 2014 में उन्होंने तमलुक लोकसभा सीट से सांसद के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2016 में नंदीग्राम से विधायक बनने के साथ ही वे ममता बनर्जी सरकार में मंत्री बने और परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला।2007 का नंदीग्राम आंदोलन सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ ‘भूमि उच्छेद प्रतिरोध कमेटी’ के बैनर तले उन्होंने बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया। इस आंदोलन ने न सिर्फ वाम मोर्चा सरकार को झुकने पर मजबूर किया, बल्कि टीएमसी के सत्ता तक पहुंचने का रास्ता भी तैयार किया।सुवेंदु अधिकारी एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी कांग्रेस और बाद में टीएमसी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उनके भाई भी सक्रिय राजनीति में हैं, जिससे पूर्वी मिदनापुर में इस परिवार का व्यापक प्रभाव बना हुआ है। -
तिरुवनंतपुरम. निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले 15 मार्च से लागू आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) चार राज्यों और कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समाप्त हो गई है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान लंबित होने के कारण वहां आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी। निर्वाचन आयोग ने कहा कि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव तथा पांच राज्यों की कुछ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद आदर्श आचार संहिता प्रभावहीन हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा, ''असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में 2026 के विधानसभा चुनाव तथा गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा की विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के परिणाम संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा घोषित किए जा चुके हैं।'' पत्र में कहा गया है कि ''इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गई है।''
आयोग ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर नए सिरे से मतदान कराने का आदेश दिया गया है, इसलिए वहां आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी। चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव और अन्य पांच राज्यों की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नौ, 23 और 29 अप्रैल को हुए थे तथा इनके परिणाम चार मई को घोषित किए गए।
















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