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- अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर परिसर में कुबेर टीला पहुंचकर शिव मंदिर में भगवान शिव की पूजा की और जटायु की मूर्ति का अनावरण किया। प्रधानमंत्री ने शिवलिंग का जलाभिषेक किया और मंदिर की परिक्रमा भी की।राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम जन्मभूमि परिसर में कुबेर टीला पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। बाद में प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के परिसर में 'जटायु' की एक मूर्ति का अनावरण किया।उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में शामिल श्रमिकों पर फूलों की वर्षा की।जटायु रामायण के एक प्रसिद्ध गरुड़ पात्र हैं। जब रावण सीता का हरण करके लंका ले जा रहा था तो जटायु ने सीता को रावण से छुड़ाने का प्रयत्न किया था। इससे क्रोधित होकर रावण ने उनके पंख काट दिये थे।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में सोमवार को श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा को करोड़ों राम भक्तों के लिए अविस्मरणीय दिन करार दिया और कहा कि यह मंदिर युगों-युगों तक सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक रहेगा। शाह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जय श्री राम- …5 सदी की प्रतीक्षा और प्रतिज्ञा आज पूर्ण हुई।''उन्होंने कहा, ‘‘आज का दिन करोड़ों रामभक्तों के लिये कभी ना भूलने वाला दिन है। आज जब हमारे रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं तब असंख्य रामभक्तों की तरह मैं भी भावविभोर हूं। इस भावना को शब्दों में समेट पाना संभव नहीं है।'' शाह ने कहा कि इस पल की प्रतीक्षा में न जाने कितनी पीढ़ियां खप गईं लेकिन कोई भी डर और आतंक रामजन्मभूमि पर फिर से मंदिर बनाने के संकल्प और विश्वास को डिगा नहीं पाया। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने राम मंदिर के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले सभी लोगों को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अनेक अपमान और यातनाएं सहीं पर धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद्, हजारों श्रेष्ठ संत और असंख्य नामी-गुमनामी लोगों के संघर्ष का आज सुखद व सुफल परिणाम आया है। यह विशाल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर युगों-युगों तक अविरल अविनाशी सनातन संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक रहेगा।'' शाह ने राम मंदिर निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी जताया। शाह ने राजधानी दिल्ली में स्थित बिरला मंदिर में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ ‘प्राण प्रतिष्ठा' समारोह का सीधा प्रसारण देखा।
- नयी दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित राममंदिर में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त है। सिंह ने कहा कि अयोध्या का आयोजन ‘क्रांतिकारी कार्य' था और जो इस पल के गवाह रहे लोग भाग्यशाली हैं।रक्षामंत्री ने प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर यहां एक शिव मंदिर में दर्शन किए और इसके बाद यह टिप्पणी की। अयोध्या में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुई और पूरे कार्यक्रम को देशभर के लोगों ने टेलीविजन के जरिये अपने घरों और मंदिरों में देखा। राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘यह क्रांतिकारी कार्य हो रहा है। प्रत्येक व्यक्ति महसूस कर रहा है कि नए युग की शुरुआत हो रही है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के फलस्वरूप हम सभी महसूस कर रहे हैं कि लंबे समय के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम राम अयोध्या वापस आ रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ यह हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है। हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें इस क्षण का साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है।'' रक्षामंत्री ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री ने एक नये युग की शुरुआत की है। उन पर भगवान राम का आशीर्वाद है।'' शीर्ष विपक्षी नेताओं के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं शामिल होने के सवाल पर सिंह ने कहा, ‘‘ मुझे किसी (राजनीति) पार्टी पर टिप्पणी नहीं करनी है।'' राम मंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वहां मौजूद अतिथियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भगवान राम अब तंबू में नहीं रहेंगे, बल्कि अब एक भव्य मंदिर में निवास करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे राम आए हैं। युगों-युगों के लंबे इंतजार के बाद हमारे राम आ गए हैं।
- इंदौर/दमोह/भोपाल । अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सोमवार दोपहर मध्य प्रदेश के तीन जिलों के विभिन्न अस्पतालों में कम से कम 47 बच्चों को जन्म हुआ। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंदौर के तीन अस्पतालों में 33 बच्चों का जन्म हुआ, वहीं दमोह में 13 और भोपाल में एक बच्चे का जन्म हुआ। इंदौर के सरकारी पीसी सेठी अस्पताल के डॉ. वीरेंद्र राजगीर ने बताया कि अस्पताल में सोमवार को 18 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें नौ बच्चियां और इतने ही बच्चे शामिल हैं। राजगीर ने बताया कि 17 बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जबकि एक का सीजेरियन प्रक्रिया से हुआ। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित्रा यादव ने बताया कि सरकारी एमटीएच अस्पताल में 11 शिशुओं का जन्म सामान्य प्रसव से हुआ, जबकि तीन का जन्म सिजेरियन प्रक्रिया से हुआ। इनमें से आठ लड़कियां और छह लड़के हैं। उन्होंने बताया कि सभी शिशु स्वस्थ हैं। इसी तरह देपालपुर सिविल अस्पताल की डॉ. सुषमा बोरीवाल ने बताया कि अस्पताल में सिजेरियन प्रक्रिया से एक बच्ची का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि यह बच्ची दंपति संजना और लोकेश की है। बच्ची के पिता लोकेश ने कहा, ‘‘मैं 22 जनवरी को प्रसव के लिए अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों के संपर्क में था, लेकिन मुझे बताया गया कि गर्भावस्था का समय पूरा नहीं हुआ है। हालांकि, पूर्वाह्न करीब 11 बजे संजना ने प्रसव पीड़ा होने की शिकायत की, जिसके बाद ऑपरेशन किया गया।'' उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा, दोनों स्वस्थ हैं। डॉ. मनीषा जैन ने बताया कि राजधानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में सिजेरियन प्रक्रिया से एक बच्चे का जन्म हुआ। रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) डॉ विशाल शुक्ला ने कहा कि दमोह जिले में दिन में सात लड़कों और छह लड़कियों का जन्म हुआ। धनकुंवर नाम की महिला ने कहा, ‘‘शुभ दिन जन्म लेने के कारण मैंने अपने बेटे का नाम राम रखा है।''एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में सोमवार को जन्मे बच्चों की कुल संख्या का विवरण जुटाने में समय लगेगा। अयोध्या के राम मंदिर में दोपहर साढ़े बारह बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गयी।वहीं देशभर में, माता-पिता बनने जा रहे कई दंपत्तियों ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को प्रसव कराने का चिकित्सकों से अनुरोध किया था। जबकि, उन्हें प्रसव की ‘निर्धारित' तिथि इस तारीख के पहले या बाद की बताई गई थी। उनका मानना है कि इस दिन जन्म लने वाले बच्चे में ‘मर्यादा पुरूषोत्तम' राम के गुण होंगे।
- अयोध्या (उप्र) ।मतभेद त्याग कर एकजुट रहें, क्योंकि राम राज्य आ रहा है : मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के बाद कहा कि राम राज्य आ रहा है और देश में सभी को मतभेद त्याग कर एकजुट रहना चाहिएc सोमवार को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया और इसे लाखों लोगों ने अपने घरों और देशभर के मंदिरों में टेलीविजन पर देखा। अयोध्या में श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यहां आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अकेले ही तप किया है और अब हम सभी को यह करना है।'' भागवत ने कहा कि अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ साथ भारत का आत्म गौरव भी लौटा है। उन्होंने कहा ‘‘आज का कार्यक्रम नए भारत का प्रतीक है जो खड़ा होगा और पूरी दुनिया की मदद करेगा।'' उन्होंने कहा कि राम लला 500 साल बाद कई लोगों की तपस्या की वजह से वापस लौटे हैं और ‘‘मैं उन लोगों के कठोर परिश्रम और त्याग को शत शत नमन करता हूं।'' भागवत ने कहा ‘‘लेकिन राम क्यों गए ? वह इसलिए गए क्योंकि अयोध्या में कलह थी। राम राज्य आ रहा है और हमें सभी मतभेद त्याग कर, कलह खत्म कर छोटे छोटे मुद्दों पर लड़ना झगड़ना बंद करना होगा। हमें अपना अहंकार त्यागना होगा और एकजुट रहना होगा।'' उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि राम सर्वव्यापी हैं तथा हमें अपने बीच ही समन्वय करना होगा। उन्होंने कहा कि धर्म का पहला सत्य आचरण ही एकजुट रहना है। भागवत ने कहा कि करुणा दूसरा आचरण है। उन्होंने लोगों से कहा कि जो कुछ भी अर्जित किया जाता है उसका न्यूनतम हिस्सा अपने लिए रख कर शेष को परमार्थ के लिए देना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘यही करुणा का मतलब है। आपको अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना होगा। सरकारी योजनाएं गरीब को राहत दे रही हैं, हमें भी समाज को देखना चाहिए क्योंकि हर कोई हमारा भाई है, अपना है। जहां भी आप दुख या पीड़ा देखते हैं, वहां आपको सेवा करना चाहिए।'' उन्होंने लोगों से लालची न बनने और अनुशासित जीवन जीने के लिए कहा। उन्होंने कहा ‘‘हमें हमारे देश को एक वैश्विक पथ प्रदर्शक बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा।''
- ईटानगर। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मौके पर अरूणाचल प्रदेश भी सोमवार को धार्मिक उत्साह के रंग से सराबोर रहा और पूर्वोत्तरी राज्य के विभिन्न हिस्सों में विशेष पूजा अर्चना की गईं और रैलियां निकाली गईं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राज्य की राजधानी में इस ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने के लिए व्यापारियों ने बाजारों को स्वैच्छिक रूप से बंद रखा था। प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर बड़ी संख्या में निजी स्कूलों ने भी आज छुट्टी की घोषणा की थी। राजधानी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित राजबीर सिंह ने ‘ बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा, "उन मंदिरों में कड़ी सुरक्षा की गई जहां भगवान राम के भक्त बड़ी संख्या में पूजा करने के लिए आते हैं।" अयोध्या से समारोह का सीधा प्रसारण करने के लिए राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई गईं, और इन स्थानों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक पहुंचे। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने निर्जुली में पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआरआईएसटी) परिसर में, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने निचली दिबांग घाटी में, उपमुख्यमंत्री मंत्री चौना मीन ने नामसाई में और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे ने यहां पार्टी कार्यालय में ऐतिहासिक कार्यक्रम देखा। सामाजिक संगठन ‘सद्भाव अरूणाचल' के अध्यक्ष टी निग्लर ने राज्य की राजधानी के 18 मंदिरों को पांच-पांच किलोग्राम मिठाई वितरित की। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने रविवार शाम तक ईटानगर के लोगों को 10,800 राम ज्योति (मिट्टी के दीए) वितरित कर दिए थे। खांडू ने इस अवसर पर लोगों को बधाई दी।उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, “ अयोध्या धाम में नवनिर्मित राम मंदिर में राम लला के विराजमान होने के अवसर पर आप सभी को शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम सभी को सुख-समृद्धि प्रदान करें और विश्व का कल्याण करें। जय श्री राम।”
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नयी दिल्ली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए सोमवार को देश भर से विशिष्ट अतिथियों के आगमन से नवनिर्मित हवाई अड्डे पर लगभग 100 उड़ानों का आवागमन होने की उम्मीद है। इस समारोह के लिए आमंत्रित लोगों की सूची में 7,000 से अधिक मेहमान शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में अयोध्या के भव्य मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सैकड़ों विशिष्ट हस्तियां पहुंचीं। अयोध्या स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस विशेष अवसर पर उड़ानों की आवाजाही की संख्या लगभग 100 तक पहुंचने की उम्मीद है क्योंकि समारोह के बाद लोग वापस लौटना शुरू कर देंगे। अधिकारी ने बताया कि अपराह्न करीब 2.30 बजे तक हवाई अड्डे पर 18 चार्टर्ड उड़ानें आईं जबकि 17 चार्टर्ड विमानों ने यहां से उड़ान भरी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि रविवार को कॉरपोरेट दिग्गजों और विशिष्ट अतिथियों सहित कई लोग अयोध्या पहुंचे थे। इस तरह रविवार को हवाई अड्डे पर उड़ानों की संख्या लगभग 90 थी। इस कार्यक्रम के लिए सुबह की उड़ानों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, अनुपम खेर, कैलाश खेर, जुबिन नौटियाल, प्रसन जोशी, मनोज जोशी, दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और उद्योगपति अनिल अंबानी पहुंचे। इनके अलावा हेमा मालिनी, कंगना रनौत, श्री श्री रविशंकर, मोरारी बापू, रजनीकांत, पवन कल्याण, मधुर भंडारकर, सुभाष घई, शेफाली शाह और सोनू निगम रविवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे। - जयपुर । अयोध्या स्थित राम मंदिर में ‘श्री रामलला' के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर राजस्थान में सोमवार को त्योहार जैसा माहौल देखा गया। राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों में सजावट के साथ ही विशेष भजन कीर्तन हुए तो लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं देते नजर आए। अयोध्या में भगवान राम के बाल स्वरूप के विग्रह की ‘प्राण प्रतिष्ठा' सोमवार को की गई। इसके मद्देनजर राजस्थान भर में धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिरों में भजन-कीर्तन और रामायण तथा सुंदरकांड का पाठ किया गया। जयपुर समेत कई शहरों में रामधुनी के साथ प्रभात फेरियां निकाली गईं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा श्योपुर-प्रतापनगर रोड स्थित देहलावास बालाजी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। वह बाद में प्रताप नगर में प्रेम मंदिर गए और उन्होंने वहां भी पूजा-अर्चना की। मंत्रियों और विधायकों ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन किये। अधिकारियों के मुताबिक, शर्मा का आज चूरू में सालासर बालाजी मंदिर और सीकर में खाटू श्याम जी मंदिर जाने का भी कार्यक्रम है। राजधानी जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर जुलूस निकाले गए।जैसलमेर में बीएसएफ के जवानों ने तनोट माता मंदिर में रामायण का पाठ किया। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित इस मंदिर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों द्वारा पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं, लोगों ने अपने घरों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया और झंडें लगाए । भगवान राम और राम मंदिर की छवि वाले भगवा रंग के झंडे घरों और दुकानों के ऊपर लहराते दिखाई दिए। अनेक लोगों ने अपने वाहनों पर भी ये ध्वजाएं लगाए। इन झंडों की बहुत मांग थी और ये ध्वज न केवल किराना और सामान्य वस्तुओं की दुकानों पर, बल्कि सड़क किनारे भी बिक रहे थे। टोंक रोड पर किराने की दुकान के मालिक संजय गुप्ता ने बताया, “पिछले दो दिनों में लोगों ने सभी आकार के झंडे खरीदे। मांग अधिक थी और लोगों ने कई झंडे खरीदे। झंडों के साथ ही पटाखे की भी बिक्री हुई।” उन्होंने कहा कि इसी तरह दिपावली जैसा जश्न मनाने के लिए लोगों ने कंदीलें भी खरीदीं।जयपुर के अल्बर्ट हॉल में राम मंदिर की 35 फुट ऊंची झांकी बंगाल के कारीगरों ने बनाई है। प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार शाम को अल्बर्ट हॉल में रामोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। भाषा कुंज पृथ्वी नोमान
- नयी दिल्ली । अमिताभ बच्चन, रजनीकांत, चिरंजीवी, आलिया भट्ट-रणबीर कपूर और विक्की कौशल-कैटरीना कैफ सहित भारतीय सिनेमा के कई सितारे सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। फिल्मकार रोहित शेट्टी, राजकुमार हिरानी, अभिनेता आयुष्मान खुराना, अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने तथा उनके पति श्रीराम नेने और फिल्म निर्माता महावीर जैन भी इस भव्य कार्यक्रम का हिस्सा बने। अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी, अभिनेता रजनीकांत, पवन कल्याण, गायक शंकर महादेवन, निर्देशक मधुर भंडारकर, सुभाष घई, अभिनेत्री शेफाली शाह और उनके पति विपुल शाह, अभिनेता रणदीप हुडा तथा उनकी पत्नी लिन लैशराम, आदिनाथ मंगेशकर, संगीतकार अनु मलिक और प्रसिद्ध पार्श्व गायक सोनू निगम रविवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे। अमिताभ बच्चन सोमवार को अपने बेटे एवं अभिनेता अभिषेक बच्चन के साथ मुंबई से अयोध्या के लिए रवाना हुए। अमिताभ मंदिर परिसर में अभिनेता अरुण गोविल के साथ बातचीत करते हुए नजर आए। गोविल ने 1987 के टीवी धारावाहिक ‘रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाया था। कार्यक्रम स्थल पर बच्चन परिवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रविशंकर प्रसाद तथा उद्योगपति अनिल अंबानी से भी मुलाकात की। इससे पहले अभिनेता चिरंजीवी को अयोध्या हवाई अड्डे पर एक विशेष विमान से उतरते हुए देखा गया था। चिरंजीवी के साथ उनकी पत्नी सुरेखा और बेटे एवं अभिनेता राम चरण भी थे। अनुष्ठान पूरा होने के बाद, सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान, अभिनेता अजय देवगन और गायिका श्रेया घोषाल सहित कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दीं। देवगन ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘विश्वास नहीं कर सकता कि मैं अपने जीवनकाल में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा जैसी ऐतिहासिक और शुभ घटना का गवाह बनने का भाग्यशाली हूं। यह देखकर गर्व होता है कि कैसे हमारा पूरा देश अयोध्या में हमारे राम लला के स्वागत के लिए एकजुट हुआ है।'' उस्ताद अमजद अली खान ने लिखा, ‘‘राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह सभी के लिए शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक ज्ञान लाए। सभी को अयोध्या राम मंदिर के सुखद और पूर्ण दर्शन की शुभकामनाएं।'' अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक ‘दीपक' की तस्वीर साझा की।अभिनेत्री कंगना रनौत ने ‘जय श्री राम' का नारा लगाते हुए मंदिर पर सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘‘राम आ गए।''गायक हरिहरन ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि समारोह में भाग लेना वास्तव में विनम्र अनुभव है।अभिनेता अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में समारोह के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दीं। दोनों अभी फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां' की शूटिंग कर रहे हैं।
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अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीयों द्वारा विदेशों में जाकर शादी रचाने के बढ़ते चलन का मुद्दा उठाया और कहा कि लोगों को ‘‘भारत में ही शादी'' करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि देश का धन देश में ही बना रहे। गुजरात के अमरेली शहर में बनने वाले खोडलधाम ट्रस्ट कैंसर अस्पताल के शिलान्यास समारोह को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करने की भी अपील की। मोदी ने कहा कि लोगों को कैंसर के इलाज में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार ने कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के लिए चिकित्सा देखभाल प्रदान करने और सस्ती कीमतों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 30 नए अस्पताल स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी के शीघ्र निदान में मदद के लिए ग्रामीण स्तर पर 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) भी बनाए गए हैं। श्री खोडलधाम ट्रस्ट-कागवाड का प्रबंधन करने वाले लेउवा पाटीदार समुदाय के सदस्यों की सभा को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा, ‘‘क्या विदेश में शादी करना उचित है? क्या हमारे देश में शादी नहीं हो सकती? भारत का कितना धन बाहर चला जाता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आपको ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि विदेश में शादी करने की बीमारी आपके समुदाय में न आए। शादी मां खोडल (समुदाय द्वारा पूजनीय देवी) के चरणों में क्यों नहीं होनी चाहिए? इसलिए मैं कहता हूं ‘वेड इन इंडिया'। शादी हिंदुस्तान में करो। ‘मेड इन इंडिया' की तरह ‘वेड इन इंडिया'।'' उन्होंने लोगों से देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करने की भी अपील की। मोदी ने कहा, ‘‘जितना संभव हो, पहले अपने देश की यात्रा करें। यदि आप यात्रा करना चाहते हैं, तो अपने देश के भीतर यात्रा करें, पर्यटन को बढ़ावा दें।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज किसी भी व्यक्ति या परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि लोगों को इलाज में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘इस विचार के साथ, लगभग 30 नए कैंसर अस्पताल स्थापित किए गए हैं तथा 10 और कैंसर अस्पतालों पर काम चल रहा है।'' उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए शीघ्र निदान महत्वपूर्ण होने के कारण, केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर 1.5 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं और कैंसर के शीघ्र निदान में मदद करने के लिए इन स्वास्थ्य केंद्रों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। मोदी ने कहा कि सरकार के प्रयासों से इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा और स्तन कैंसर का शीघ्र पता लगाने में भी मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना से छह करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मदद मिली है, जिनमें से बड़ी संख्या में कैंसर रोगी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10,000 जन औषधि केंद्र भी खोले, जो 80 प्रतिशत तक की छूट पर दवाएं उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाएगी। मोदी ने कहा कि कम कीमत पर दवाओं की उपलब्धता से मरीजों को 30,000 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतों को भी नियंत्रित किया है जिससे लाखों रोगियों को मदद मिली है। मोदी ने गुजरात की भी तारीफ की और कहा कि राज्य ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों का मॉडल पेश किया है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्षों में गुजरात ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में 20 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 11 से बढ़कर 40 हो गई है। एमबीबीएस सीटों की संख्या पांच गुना और परास्नातक (पीजी) सीटों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि राजकोट में एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) स्थापित किया गया है। मोदी ने कहा कि राज्य में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या 2002 में 13 थी, जो बढ़कर 100 हो गई है। उन्होंने कहा कि इन 20 वर्षों के दौरान राज्य में डिप्लोमा फार्मेसी कॉलेजों की संख्या भी छह से बढ़कर 30 हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘गुजरात ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े सुधारों का मॉडल पेश किया है। ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को आदिवासी और गरीब क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है। एम्बुलेंस सेवा-108 पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।'' मोदी ने खोडलधाम ट्रस्ट के अगले कुछ हफ्तों में 14 साल पूरे करने के लिए लेउवा पाटीदार समुदाय को भी बधाई दी और कहा कि इसने शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में अपनी सेवा के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन को बदलने के लिए काम किया है। उन्होंने समुदाय के सदस्यों से नौ अनुरोधों-पानी बचाएं, डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करें, साफ-सफाई पर जोर दें, भारत में बने उत्पादों को बढ़ावा दें, देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा दें, प्राकृतिक खेती, ज्वार-बाजरा का इस्तेमाल करें, फिटनेस का ख्याल रखें और नशीली दवाओं तथा अन्य व्यसन से दूर रहने की भी अपील की।
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भद्रक. ओडिशा के भद्रक जिले में रविवार को एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को रौंद दिया, जिससे उस पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना भद्रक ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र के रानीताल में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर हुई। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक बालासोर की ओर जा रहा था तभी उसने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद ट्रक का चालक मौके से भाग गया।
मृतकों की पहचान बापी प्रधान, जीतू प्रधान और संकर्षण प्रधान के रूप में की गई, जो थिडी थाना क्षेत्र के भाटपाड़ा गांव के निवासी थे। पुलिस ने बताया कि उनकी उम्र 28 से 30 वर्ष के बीच थी। उसने बताया कि दुर्घटना का स्पष्ट कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है संभवत: भारी बारिश हादसे की वजह हो सकती है। -
अयोध्या। उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले अतिथियों के वाहनों की पार्किंग के लिए 51 स्थानों पर व्यापक इंतजाम किये हैं। एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि इन पार्किंग में 22,825 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। पार्किंग के लिए किसी को भटकना न पड़े, इसके लिए पार्किंग स्थलों को गूगल मैप पर अपलोड कर दिया गया है। वहीं, पार्किंग स्थलों को वीवीआईपी, वीआईपी और अन्य मेहमानों के लिए भी आरक्षित किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), यातायात बीडी पॉल्सन ने बताया कि अयोध्या धाम में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों की गाड़ियों को पार्क करने के लिए 51 स्थानों को चिह्नित किया गया है। इनमें एक समय में एक साथ करीब 22,825 वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि रामपथ पर पांच स्थानों, भक्ति पथ मार्ग पर एक स्थान, धर्म पथ मार्ग पर चार स्थानों, परिक्रमा मार्ग पर पांच स्थानों, बंधा मार्ग पर दो स्थानों, टेढ़ी बाजार रामपथ से महोबरा मार्ग पर एक और टेढ़ी बाजार रामपथ से उनवल मार्ग पर सात स्थानों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया गया। इसके अलावा अयोध्या से गोंडा मार्ग पर दो, एनएच 27 पर 10 स्थानों, तीर्थ क्षेत्र पुरम में सात स्थानों और कारसेवक पुरम टेंट सिटी के आस-पास तीन स्थानों, रामकथा मंडपम टेंट सिटी पर चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इन पार्किंग को सरकारी, निजी और पर्यटन विभाग की भूमि पर बनाया गया है। इसके अलावा अयोध्या धाम में बनी मल्टीलेवल पार्किंग में भी गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) राजेश तिवारी ने बताया कि रामपथ और भक्ति पथ स्थित छह पार्किंग स्थानों को अति विशिष्ट मेहमानों के वाहनों के लिए आरक्षित किया गया है। यहां पर वीवीआईपी मेहमानों की 1,225 गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। इसके अलावा धर्म पथ मार्ग और परिक्रमा मार्ग पर नौ पार्किंग स्थानों को वीआईपी के लिए आरक्षित किया गया है। यहां पर वीआईपी की 10 हजार से अधिक गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। वहीं, पुलिस बल के लिए एनएच-27 में आठ पार्किंग स्थानों को आरक्षित किया गया है। यहां पुलिस की दो हजार से अधिक गाड़ियों को खड़ा किया जाएगा। साथ ही यहां पर सुरक्षा के लिहाज से काफी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। इन पार्किंग स्थल की निगरानी ड्रोन से की जाएगी।
- तिरुपति/अयोध्या। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) अध्यक्ष बी.कुरुणाकर रेड्डी ने रविवार को राम मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को लड्डू सौंपे। रेड्डी राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या आए हैं।तिरुपति स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने वाले टीटीडी ने राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए एक लाख लड्डुओं की आपूर्ति करने पर सहमति व्यक्त की है। प्रत्येक लड्डू का वजन 25 ग्राम है जो प्राण प्रतिष्ठा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं में वितरित किए जाएंगे। इन्हें हाल में 350 बक्सों में एक मालवाहक विमान से तिरुपति हवाई अड्डे से अयोध्या रवाना किया गया था। टीटीडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘देवस्थानम के अध्यक्ष ने सोमवार को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने वाले भक्तों के बीच वितरित करने के लिए तिरुमला श्रीवारी मंदिर में विशेष रूप से तैयार किए गए एक लाख लड्डू राम मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सौंपे।'' रेड्डी रविवार को अयोध्या राम मंदिर पहुंचे और उन्होंने विशेष पूजा में हिस्सा लिया।टीटीडी अध्यक्ष ने आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रतिनिधियों से बातचीत की। रेड्डी ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि कलयुग में श्री वेंकटेश्वर स्वामी तिरुमला में प्रकट हुए जो त्रेता युग में श्री रामचंद्र मूर्ति थे। रेड्डी ने टीटीडी अध्यक्ष के नाते स्वयं को श्री वेंकटेश्वर स्वामी का पहला सेवक मानते हुए इस बात पर खुशी व्यक्त की कि उन्हें राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेने का सौभाग्य मिला। रेड्डी ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों और प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने वाले सभी भक्तों को शुभकामनाएं दीं।
- भुवनेश्वर। ओडिशा के एक शिक्षक और कलाकार ने सोमवार को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या के मंदिर की साढ़े पांच इंच लंबी प्रतिकृति बनाई है। कलाकार ईश्वर राव ने कागज, माचिस की तीली और चॉक से यह प्रतिकृति बनाई है।राव ने कहा, ‘‘यह मॉडल साढ़े पांच इंच ऊंचा और ढाई इंच चौड़ा है। मंदिर के सामने भगवान हनुमान की एक इंच लंबी आकृति भी है। यह आकृति चॉक से बनाई गई है।" भगवान हनुमान के भक्त राव को यह प्रतिकृति बनाने में सात दिन लगे।उन्होंने कहा "ये सात दिन मेरे जीवन के सबसे अच्छे दिन थे क्योंकि मैंने मंदिर बनाते समय भगवान श्री राम से प्रार्थना की थी।" उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्व कप टूर्नामेंट, गणेश पूजा और क्रिसमस जैसे विभिन्न अवसरों की प्रतिकृति बनाई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उनके काम की सराहना की। राव ने कहा, "अगर मुझे इसे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को दिखाने का मौका मिले तो मुझे बहुत खुशी होगी।"
- अयोध्या।राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूरा होने के बाद 22 जनवरी की शाम अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी (आरटीओ) आर. पी. यादव ने बताया कि 22 जनवरी की शाम 100 प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप दीप जलाए जाएंगे तो इसमें स्थानीय कुम्हारों की मदद ली जा रही है और उनसे दीपों को खरीदा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद योगी सरकार की तरफ से पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा और राज्य पर्यटन विभाग की ओर से इसकी भव्य तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि रामलला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किये जायेंगे।
- अयोध्या। राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूरा होने के बाद 22 जनवरी की शाम अयोध्या 10 लाख दीपों से जगमगाएगी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और पौराणिक स्थलों पर 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या सरयू नदी के तटों की मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पूर्ण होने के उपरांत 'राम ज्योति' प्रज्ज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी (आरटीओ) आर. पी. यादव ने बताया कि 22 जनवरी की शाम 100 प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप दीप जलाए जाएंगे तो इसमें स्थानीय कुम्हारों की मदद ली जा रही है और उनसे दीपों को खरीदा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2017 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद योगी सरकार की तरफ से पूरी अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा और राज्य पर्यटन विभाग की ओर से इसकी भव्य तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि रामलला, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, गुप्तारघाट, सरयू तट, लता मंगेशकर चौक, मणिराम दास छावनी समेत 100 मंदिरों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किये जायेंगे।
- अयोध्या।अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले महाराष्ट्र से लाए गए साढ़े सात हजार पौधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रोपे गए हैं जिससे पूरा क्षेत्र अत्यंत मनोहारी लगने लगा है। एक अधिकारी ने बताया कि 22 जनवरी को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत लगभग आठ हजार से अधिक आगंतुक श्रीराम जन्मभूमि परिसर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे तो आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ यहां की हरियाली भी उनका मन मोह लेगी। पौधे रोपने का यह कार्य श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व उप्र वन विभाग की तरफ से किया जा रहा है। इन पौधों में एग्लोनेमा रेड-लिपिस्टक, पिंक, ऐलोकेशिया ब्लैक वेलवेट- कुकुलता, वेस्टिल, फिलोड्रेनड्रॉम रिंग ऑफ फायर-बिरकिन, जेनाडू, रेड कांगो, पिंक फायर, पिंक प्रिसेंज, डिफेनबेकिया व्हाइट, होमालोमेना ब्रांज, केलेडियम मिक्स, मेलपिघिया श्रीराम, ड्रकाना महात्मा, सेफलेरा, वेरीगेटेड, लोरोपेटलम, रेडार मचेरा, डिफेनबेकिया बोमानी, मोंसटेरा डेलीसिओसा, आर्केड मिक्स, पीस लिली आदि प्रमुख हैं। जन्मभूमि परिसर में स्थापित नक्षत्र वाटिका की खूबसूरती भी आकर्षित कर रही है। नक्षत्र वाटिका में 27 नक्षत्रों से जुड़े 27 पेड़ लगाए गए हैं इनमें पीपल, पाकड़, नीम, गुटेल, महुआ, शीशम, खैर, पलास, बेल, मौलिश्री, शमी, कदंब, आम, अर्जुन, गुलर, साल, बरगद, आंवला, चीड़ आदि शामिल हैं। प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सितांशु पांडेय ने बताया कि नक्षत्र वाटिका पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी। इसे और भव्य रूप दिया जा रहा है।
- अयोध्या (उप्र) ।चमकीले रंगों से सजा—धजा, सिर पर बड़ी पगड़ी और हाथों—पैरों को चांदी के आभूषणों से सजाए अपनी बांसुरी पर मधुर धुन बजाता एक व्यक्ति भगवान राम के घर अयोध्या में भगवान कृष्ण का स्तुतिगान कर बरबस ही सबका मन अपनी तरफ खींच रहा है । यह उज्जैन के रहने वाले स्वामी अद्भुत हैं, जो पिछले 16 वर्षों से भगवान कृष्ण का वेश धारण किये हुए हैं। उनका कहना है कि वह पूरा दिन इसी वेशभूषा में रहते हैं। स्वामी अद्भुत ने कहा कि वह 22 जनवरी के अभिषेक समारोह में "भगवान की दिव्य उपस्थिति को देखने के लिए अयोध्या में हैं।" वह अपने नाम के ही अनुरूप अयोध्या में रहते हुए वह भगवान कृष्ण की एक छवि प्रदर्शित करते हैं और अपनी पायल झनकारते हुए लय बनाए रखते हुए अपनी बांसुरी बजाते हैं। अपनी मोहक उपस्थिति और संगीत में महारत के बलबूते स्वामी अद्भुत हर आने—जाने वाले को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। लता मंगेशकर चौक से लेकर नया घाट और गुप्तार घाट तक वह जहां भी जाते हैं, लोगों की भीड़ जुट जाती है और कई लोग उनके साथ सेल्फी लेने को लालायित नजर आते हैं। वह सबकी इस ख्वाहिश को पूरा करने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, वह अपने बारे में जानने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति की इस उत्कंठा को भी शांत करते हैं। स्वामी अद्भुत ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और कृष्ण से जुड़ी कथाओं का संगम होता है जिससे आध्यात्मिक महत्व का एक माहौल बनता है। कृष्ण वेश धारण करने का ख्याल मन में कैसे आया, इस सवाल पर स्वामी कहते हैं कि उन्हें एक सपना आया था जिसके बाद से उन्होंने भगवान कृष्ण का वेश धारण करना शुरू कर दिया ताकि उनके संदेश को फैलाया जा सके। स्नातक तक की शिक्षा हासिल कर चुके स्वामी ने एक सवाल पर कहा कि वह किसी से भी धन नहीं लेते हैं। वह अपनी अयोध्या यात्रा को आध्यात्मिक पुनर्जागरण की परिणति के दर्शन के लिए एक तीर्थयात्रा के रूप में देखते हैं। अयोध्या जिज्ञासा, भक्ति और उत्सव के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण से गूंज रही है। वहीं, इस शहर ने इस असाधारण स्वामी की उपस्थिति को गले लगा लिया। स्वामी ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस स्थान का दौरा किया था लेकिन इस बार उनके लिए एक अलग भावना थी। पूरा अयोध्या शहर धार्मिक भावना से सराबोर है और इसकी फिजाएं 'राम आएंगे' और 'अवध में राम आए हैं' जैसे गीतों से गूंज रही हैं। भक्त 22 जनवरी को राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
- नयी दिल्ली। भव्य राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए अभिनेत्री कंगना रनौत, शेफाली शाह, अभिनेता पवन कल्याण एवं रणदीप हुड्डा अयोध्या पहुंच गए हैं। समारोह में आमंत्रित दिग्गज अभिनेता रजनीकांत और संगीतकार शंकर महादेवन को लखनऊ हवाई अड्डे पर देखा गया, जब वे मंदिर शहर के लिए रवाना हुए। समारोह के लिए आमंत्रित किये गए 8,000 से अधिक लोगों की लंबी सूची में, प्रमुख राजनीतिक नेता, बड़े उद्योगपति, फिल्म अभिनेता, खिलाड़ी, नौकरशाह और राजनयिक शामिल हैं। अभिनेत्री कंगना रनौत का कहना है कि सोमवार को यहां राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया जाना उनका 'सौभाग्य' है। कंगना (36) ने रविवार को अपने-अपने आध्यात्मिक गुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात की और यहां एक मंदिर में हो रहे यज्ञ में हिस्सा लिया। शनिवार को अयोध्या पहुंची कंगना ने कहा कि श्रद्धालु कल (सोमवार) भगवान राम के आने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां अपने गुरु रामभद्राचार्य जी से मिलने आयी हूं। कई पुजारी भगवान हनुमान का नाम लेकर अनुष्ठान कर रहे हैं और मंत्र पढ़ रहे हैं। यहां की ऊर्जा चमत्कारी है।'' रविवार को अपने फिल्म निर्माता पति विपुल शाह के साथ अयोध्या पहुंचीं शेफाली शाह ने कहा कि वे यहां आकर सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने अयोध्या हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह (प्राण प्रतिष्ठा समारोह) सबसे बड़े सांस्कृतिक क्षणों में से एक है जिसे हमारा देश और हम भारतीय अनुभव कर सकते हैं। हमारी संस्कृति बहुत समृद्ध है लेकिन हम इससे काफी अनजान हैं।'' अभिनेता और जन सेना पार्टी के संस्थापक पवन कल्याण ने अयोध्या में संवाददाताओं से कहा, ‘‘लंबे समय से प्रतीक्षित प्रार्थना आखिरकार वास्तविकता बन रही है।'' लखनऊ हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए महादेवन ने कहा कि पूरी दुनिया राम मंदिर के उद्घाटन का इंतजार कर रही थी। रविवार शाम अपनी अभिनेत्री-पत्नी लिन लैशराम के साथ लखनऊ हवाई अड्डे पर पहुंचे अभिनेता रणदीप हुड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि वे इस कार्यक्रम के लिए उत्साहित हैं और भगवान राम से आशीर्वाद लेने का इंतजार कर रहे हैं।
- चंद्रपुर (महाराष्ट्र) ।अयोध्या के राम मंदिर में सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर में एक मैदान पर हिंदी भाषा के वाक्य ‘सियावर रामचंद्र की जय' को दर्शाने (लिखने) के लिए 33258 दीये जलाकर गिनिज विश्व रिकॉर्ड कायम किया गया। यह कार्यक्रम शनिवार रात यहां चंदा क्लब मैदान पर प्रदेश के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की मौजूदगी में हुआ। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मिलिंद वेर्लेकर और प्रसाद कुलकर्णी ने रविवार सुबह मुनगंटीवार को इस उपलब्धि से संबंधित प्रमाण पत्र सौंपे । यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सार्वजनिक वाचनालय ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया जहां आतिशबाजी भी की गयी।
- कोलकाता. कई आभूषण खुदरा विक्रेताओं ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर मंदिर-शैली के रूपांकनों और भगवान राम की तस्वीर वाले नए ‘कलेक्शन' पेश किए हैं। सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स ने अपना 'सियाराम' कलेक्शन पेश किया है, जबकि कल्याण ज्वैलर्स ने हेरिटेज ज्वैलरी लाइन-अप ‘निमाह' पेश किया है। सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुवनकर सेन ने कहा, ‘‘ राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की प्रत्याशा में हर जगह भगवान राम की भक्ति का माहौल है।'' उन्होंने कहा कि ये डिजाइन भगवान राम और सीता के राज्याभिषेक के पौराणिक क्षण की याद दिलाते हुए राम मंदिर की भव्यता को दर्शाते हैं। कल्याण ज्वैलर्स के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने कहा कि ‘निमाह' कलेक्शन में ‘‘हमारी समृद्ध विरासत को समकालीन डिजाइन के साथ पेश किया गया है और कीमती पत्थरों से सजाया गया है।'' अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि अयोध्या में रामलला का उनके जन्मस्थान में ‘प्रवेश' और मंदिर में 'प्राण-प्रतिष्ठा' समारोह ‘भारतवर्ष के पुनर्निर्माण' के अभियान की शुरुआत होगी। भागवत ने यह भी कहा क भारतवर्ष का पुनर्निर्माण सद्भाव, एकता, प्रगति, शांति और सभी की भलाई के लिए जरूरी है। संघ प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक लेख में अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए ‘हिंदू समाज के निरंतर संघर्ष' का उल्लेख किया और कहा कि इस विवाद पर ‘टकराव और कड़वाहट' का अब अंत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद उच्चतम न्यायालय ने ‘सच्चाई और तथ्यों' की पड़ताल करने और मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नौ नवंबर, 2019 को ‘संतुलित' फैसला सुनाया। भागवत ने कहा कि ‘धार्मिक' दृष्टिकोण से भगवान राम देश के बहुसंख्यक समाज के ‘सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता' हैं और उन्हें आज भी पूरा समाज मर्यादा के प्रतीक के रूप में स्वीकार करता है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए अब इस विवाद को लेकर पक्ष और विपक्ष में जो टकराव पैदा हुआ है, उसे खत्म किया जाना चाहिए। इस बीच जो कड़वाहट पैदा हुई है, उसे भी खत्म किया जाना चाहिए। समाज के प्रबुद्ध लोगों को यह देखना होगा कि यह विवाद पूरी तरह खत्म हो।'' भागवत ने कहा, ‘‘अयोध्या का अर्थ है एक ऐसा शहर, जहां कोई युद्ध न हो, एक संघर्ष-रहित स्थान। इस अवसर पर, पूरे देश में अयोध्या का पुनर्निर्माण समय की मांग है और (यह) हम सभी का कर्तव्य भी है।" आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का अवसर ‘राष्ट्रीय गौरव के पुनर्जागरण' का प्रतीक है। उन्होंने कहा, यह ‘आधुनिक भारतीय समाज द्वारा श्रीराम के चरित्र के पीछे के जीवन दर्शन की स्वीकृति' का भी प्रतीक है। राम मंदिर में 'प्राण-प्रतिष्ठा' (प्रतिष्ठापन) समारोह 22 जनवरी को आयोजित किया जाएगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भागवत और संतों सहित 7,000 से अधिक लोग शामिल होंगे। भागवत ने कहा, ‘‘यह संसार अहंकार, स्वार्थ और भेदभाव के कारण विनाशकारी उन्माद में है और अपने ऊपर अनंत विपत्तियां आमंत्रित कर रहा है। राम जन्मभूमि में श्री राम लला का प्रवेश और उनकी प्राण-प्रतिष्ठा भारतवर्ष के पुनर्निर्माण के अभियान की शुरुआत है। संघ प्रमुख ने कहा कि भारत का इतिहास "पिछले डेढ़ हजार वर्षों से आक्रमणकारियों के खिलाफ निरंतर संघर्ष" का इतिहास है। उन्होंने कहा कि शुरुआती आक्रमणों का उद्देश्य लूटपाट करना था और कभी-कभी, सिकंदर के आक्रमण की तरह यह उपनिवेशीकरण के लिए होता था। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस्लाम के नाम पर पश्चिम से हुए हमलों ने समाज का पूर्ण विनाश किया और इसमें अलगाव पैदा किया। (किसी) राष्ट्र और समाज को हतोत्साहित करने के लिए उनके धार्मिक स्थलों को नष्ट करना आवश्यक था, इसीलिए विदेशी आक्रांताओं ने भारत में मंदिरों को भी नष्ट किया। उन्होंने ऐसा कई बार किया।'' भागवत ने कहा कि उन आक्रांताओं का उद्देश्य "भारतीय समाज को हतोत्साहित करना" था, ताकि वे ‘कमजोर समाज वाले भारत पर बेरोकटोक' शासन कर सकें। उन्होंने आगे कहा, ‘‘अयोध्या में श्रीराम मंदिर का विध्वंस भी इसी इरादे और मकसद से किया गया था। आक्रांताओं की यह नीति सिर्फ अयोध्या या किसी एक मंदिर तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक युद्ध रणनीति थी।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत में समाज की आस्था, प्रतिबद्धता और मनोबल कभी कम नहीं हुआ।उन्होंने कहा, ‘‘समाज झुका नहीं, उनका प्रतिरोध का संघर्ष जारी रहा। इसलिए (भगवान राम के) जन्मस्थान पर कब्जा लेने और वहां (अयोध्या में) मंदिर बनाने के लिए बार-बार प्रयास किए गए। इसके लिए कई युद्ध, संघर्ष और बलिदान हुए और राम जन्मभूमि का मुद्दा हिंदुओं के मन में बस गया।'' इतिहास के पन्ने पलटते हुए भागवत ने कहा कि 1857 में जब ब्रिटिश शासन के खिलाफ युद्ध की योजनाएं बनने लगीं तो हिंदुओं और मुसलमानों ने मिलकर उनके खिलाफ लड़ने के लिए 'तत्परता जाहिर की' और फिर उनके बीच विचारों का आपसी आदान-प्रदान हुआ और उस समय ऐसी स्थिति बनी कि गोहत्या पर प्रतिबंध और श्री राम जन्मभूमि की मुक्ति के मुद्दे पर सुलह हो जाती। उन्होंने कहा, ‘‘बहादुर शाह जफर ने भी गोहत्या पर प्रतिबंध की गारंटी दी थी।''उन्होंने कहा, ‘‘नतीजा यह हुआ कि पूरा समाज एकजुट होकर लड़ा। उस युद्ध में भारतवासियों ने वीरता दिखाई, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी की लड़ाई असफल रही। उसके बाद भारत को आजादी तो नहीं मिली और ब्रिटिश शासन निर्बाध रहा, लेकिन राम मंदिर के लिए संघर्ष नहीं रुका।''
- रामेश्वरम (तमिलनाडु)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अरिचल मुनाई के पास राम मंदिर में पूजा करके देश के दक्षिणी हिस्सों में रामायण से संबंध वाले मंदिरों की अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी की। प्रधानमंत्री मोदी रविवार को तमिलनाडु के अरिचल मुनाई पहुंचे और उन्होंने समुद्र तट पर पुष्प अर्पित किए। मोदी ने वहां ‘प्राणायाम' भी किया। उन्होंने समुद्र का जल हाथों में लेकर प्रार्थना की और अर्घ्य दिया। प्रधानमंत्री ने वहां बने राष्ट्रीय प्रतीक स्तंभ पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। रामायण से जुड़े तमिलनाडु के मंदिरों का उनका दौरा सोमवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले संपन्न हुआ है। मोदी ने श्री कोठंडारामस्वामी मंदिर में पूजा की और दर्शन किये, जो धनुषकोडी और अरिचल मुनाई की ओर जाने वाले रास्ते पर है, जहां से श्रीलंका कुछ ही दूरी पर है। तमिल में कोठंडारामस्वामी भगवान राम को धनुष और बाण से दर्शाते हैं।मोदी ने रात्रि प्रवास रामेश्वरम में किया था और इसके बाद वह अरिचल मुनाई गए। कहा जाता है कि अरिचल मुनाई वह स्थान है, जहां राम सेतु का निर्माण हुआ था। राम सेतु को ‘एडम ब्रिज' के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा बताया जाता है कि इसका निर्माण भगवान राम ने रावण से युद्ध करने के लिए लंका जाने के वास्ते ‘वानर सेना' की मदद से किया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, मोदी ने आंध्र प्रदेश और केरल के उन मंदिरों में भी प्रार्थना की, जिनका रामायण से संबंध है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को चेन्नई में ‘‘खेलो इंडिया गेम्स, 2023'' का उद्घाटन किया था। उन्होंने शनिवार को श्रीरंगम और रामेश्वरम में क्रमशः श्री रंगनाथस्वामी और अरुलमिगु रामनाथस्वामी मंदिरों में पूजा अर्चना भी की थी। कोठंडारामस्वामी मंदिर और अरिचल मुनाई की यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मदुरै पहुंचे और विमान से नयी दिल्ली के लिए रवाना हुए। मंदिर के पुजारियों ने कहा कि मोदी अपने साथ तमिलनाडु से पवित्र जल का ‘कलश' लेकर गए हैं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पताल सहित केंद्र सरकार द्वारा संचालित सभी चार अस्पताल अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर 22 जनवरी को अपराह्न ढाई बजे तक बंद रहेंगे। हालांकि, आपात सेवाएं जारी रहेंगी। राष्ट्रीय राजधानी स्थित एम्स के एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को अपराह्न 2.30 बजे तक आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। इसमें कहा गया है, ‘‘सभी कर्मचारियों की जानकारी के लिए सूचित किया जाता है कि संस्थान 22 जनवरी को अपराह्न 2.30 बजे तक, आधे दिन बंद रहेगा। सभी विभागाध्यक्षों, इकाई अधिकारियों से अनुरोध है कि इसे उनके तहत काम करने वाले सभी कर्मचारियों के ध्यानार्थ लाया जाए।'' इसमें कहा गया, ‘‘...सभी महत्वपूर्ण चिकित्सीय सेवाएं चालू रहेंगी।''
एम्स के एक अधिकारी ने कहा कि मरीजों को दिए गए समय को पुनर्निर्धारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई मरीज आता है तो हम उन्हें समायोजित करने का प्रयास करेंगे।'' अधिकारी ने कहा कि शाम की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) चालू रहेगी। सफदरजंग अस्पताल के एक परिपत्र के अनुसार, 22 जनवरी (सोमवार) को ओपीडी सेवाओं के लिए पंजीकरण का समय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक होगा। परिपत्र में कहा गया है कि सभी वैकल्पिक ऑपरेशन कक्ष बंद रहेंगे।
लेडी हार्डिंग अस्पताल के एक परिपत्र में कहा गया है, ‘‘अस्पतालों का बाह्य रोगी विभाग सोमवार को सुबह 8-10 बजे तक रोगी पंजीकरण के साथ कार्य करेगा और सभी पंजीकृत रोगियों का इलाज किया जाना चाहिए।'' राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने कहा कि सोमवार को ओपीडी, प्रयोगशाला सेवाएं और नियमित सेवाएं अपराह्न 2.30 बजे तक बंद रहेंगी। इन अस्पतालों ने स्पष्ट किया है कि गंभीर देखभाल और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। -
अहमदाबाद. गुजरात में 2002 में गोधरा ट्रेन अग्निकांड में मारे गए 59 में से 19 कारसेवकों के परिजन अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) । की गुजरात इकाई के महासचिव अशोक रावल ने कहा, ‘‘गोधरा रेलवे स्टेशन के पास उपद्रवियों द्वारा साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बों में आग लगा दिए जाने के कारण मारे गए कारसेवकों के परिजन भी आमंत्रित लोगों में शामिल हैं। ये कारसेवक साबरमती ट्रेन से अयोध्या से अहमदाबाद लौट रहे थे।'' उन्होंने कहा कि विहिप 20 कारसेवकों के परिवार के सदस्यों से संपर्क कर सकी ‘‘जिनमें से 19 ने अयोध्या में होने वाले समारोह में शामिल होने की पुष्टि की है।'' रावल ने दावा किया कि विहिप ने राम मंदिर निर्माण के लिए 225 करोड़ रुपये एकत्र किए थे।
गोधरा अग्निकांड फरवरी 2002 में हुआ था जिसमें 59 कारसेवक मारे गए थे।














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