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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले दिनों अपने अयोध्या दौरे में जिस महिला के घर गए थे, उन्हें पत्र लिखकर कहा कि उनका उज्ज्वला योजना का 10 करोड़वीं लाभार्थी बनना महज एक संख्या नहीं है बल्कि यह देश के लोगों के बड़े सपनों और संकल्पों की पूर्ति से जुड़ा है। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने अयोध्या में मीरा मांझी के आवास पर चाय पी और उनके परिवार के लिए एक चाय सेट, रंगों के साथ एक ड्राइंग बुक सहित अन्य उपहार भी भेजे। मांझी को लिखे अपने पत्र में मोदी ने उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। मोदी ने दो जनवरी को लिखे अपने पत्र में कहा, ''भगवान राम की पवित्र नगरी अयोध्या में आपसे और आपके परिवार के सदस्यों से मिलकर और आपके द्वारा तैयार चाय पीकर बहुत खुशी हुई।" उन्होंने कहा, "अयोध्या से आने के बाद मैंने कई टीवी चैनलों पर आपका साक्षात्कार देखा। आपके और आपके परिवार के सदस्यों के आत्मविश्वास और जिस सरल और आसान तरीके से आप सभी ने अपने अनुभव साझा किए, वह देखकर बहुत अच्छा लगा।" प्रधानमंत्री ने कहा, "आप जैसे मेरे परिवार के करोड़ों सदस्यों के चेहरे की यह मुस्कान मेरी पूंजी है, मेरी सबसे बड़ी संतुष्टि है, जो मुझे देश के लिए तन-मन से काम करने की नई ऊर्जा देती है।" मोदी ने कहा कि मांझी का उज्ज्वला योजना का 10 करोड़वीं लाभार्थी बनना महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों के बड़े सपनों और संकल्पों की पूर्ति से जुड़ा है। उन्होंने कहा, ''मुझे पूर्ण विश्वास है कि अमृत काल में आपकी तरह आकांक्षाओं से परिपूर्ण, देश के करोड़ों लोगों की जीवटता एवं उत्साह भव्य और विकसित भारत के निर्माण के हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" मोदी शनिवार को अयोध्या में लता मंगेशकर चौक के पास मांझी के घर गए थे। हवाई अड्डे, एक नए रेलवे स्टेशन और कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए मंदिरों के शहर में गए मोदी अचानक उस महिला के घर पर रुके, जिसे उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी होने का गौरव प्राप्त हुआ। यह योजना मई 2016 में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों से संबंधित महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।
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जबलपुर. मध्य प्रदेश की कैबिनेट ने रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर दो पुरस्कार शुरू करने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश के शहरी विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट की बैठक के बाद बुधवार को यह जानकारी साझा की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर स्थित शक्ति भवन में की, जो सरकारी बिजली कंपनियों का मुख्यालय है। विजयवर्गीय ने कहा कि कैबिनेट ने महान रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी की स्मृति में वार्षिक सम्मान शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाली और समाज में असाधारण योगदान देने वाली महिलाओं को दिया जाएगा। विजयवर्गीय ने कहा कि इसके अलावा कैबिनेट ने इन रानियों के जीवन पर अध्ययन के लिए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रवृति शुरू करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा आदिवासियों द्वारा तोड़े गये तेंदूपत्ता पर प्रति बोरा 4,000 रूपये देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के खजाने पर 165 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने बाजरा उत्पादन (श्री अन्न) को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया। मंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के तहत बाजरा उगाने वालों को प्रति किलोग्राम 10 रुपये दिये जायेंगे। कैबिनेट ने राज्य में सिंचाई क्षेत्र को 65 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके लिए 32,000 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
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हरिद्वार. योग गुरू रामदेव ने बुधवार को कहा कि 500 वर्षों के सतत संघर्ष और 25 पीढ़ियों के बलिदान के बाद 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा का गौरवशाली दिन विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी द्वारा रामजन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर में रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र सौंपे जाने के दौरान पतंजलि संस्थापक ने यह बात कही । रामदेव ने कहा कि 500 वर्षों के सतत संघर्ष और असंख्य हुतात्माओं के बलिदान के बाद यह गौरवशाली दिन विश्व इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर के गृर्भगृह में भगवान रामलला विराजमान होंगे और 25 पीढ़ियों के बलिदान, त्याग और समर्पण के प्रतिफल स्वरूप प्राप्त इस भव्य आयोजन की साक्षी वर्तमान पीढ़ी बनेगी, जिसने इसके वर्तमान के संघर्ष और विजय को प्रत्यक्ष देखा। उन्होंने कहा,‘‘ मैं अभिभूत हूं और बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मैं भगवान के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का साक्षी बनूंगा।'' स्वामी रामदेव ने बताया कि वह राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होने के लिए निजी विमान से अयोध्या पहुंचेंगे। इस अवसर पर तिवारी ने कहा कि संपूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति का सूर्योदय हो रहा है और श्रीराम जन्मभूमि का संघर्ष विश्व का सबसे लंबा संघर्ष है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए विहिप का सबसे बड़ा आंदोलन 35 वर्ष तक अनवरत चला और लगभग 16 करोड़ रामभक्तों ने इसमें प्रत्यक्ष भाग लिया।
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भोपाल. अफ्रीकी देश नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में तीन शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘जंगल में शावकों की आवाज गूंजी। यह जानकारी साझा कर खुशी हो रही है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान तीन नए सदस्यों का स्वागत कर रहा है। शावकों को नामीबिया से लाई गई मादा चीता आशा ने जन्म दिया है।'' उन्होंने इस घटना क्रम को ‘परियोजना चीता की शानदार सफलता करार दिया जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करने के लिए की थी। यादव ने पोस्ट किया, ‘‘ परियोजना से जुड़े सभी विशेषज्ञों, कूनों राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों और पूरे देश के वन्यजीव प्रेमियों को मेरी ओर से शुभकामनाएं।'' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी शावकों के जन्म पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, ‘‘एक समय था जब एशिया से चीते विलुप्त हो गये थे। तीन चीता शावकों का जन्म हुआ। यह दुनिया की एक खास घटना है। शावकों के जन्म से पता चलता है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता बसाने की परियोजना सफल रही है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘चीता राज्य' होने का दर्जा प्राप्त हुआ। इससे पहले मार्च 2023 में मादा चीता सियाया ने चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन एक ही शावक जिंदा बच पाया। सियाया का नाम बाद में ज्वाला रखा गया था। ज्वाला को भी नामीबिया से लाकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बसाया गया था। केएनपी के सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि आशा ने इन तीन शावकों को करीब एक सप्ताह पहले जन्म दिया।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘आशा की कहानी छह साल पहले नामीबिया में शुरू होती है जब वह 2017 में वॉटरबर्ग प्लेटू नेशनल पार्क में पैदा हुई थी। दुनिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना के हिस्से के रूप में उसे 17 सितंबर, 2022 को भारत में स्थानांतरित किया गया था और अब उसने केएनपी में सफलतापूर्वक तीन शावकों को जन्म दिया है।'' उन्होंने बताया कि इन तीन शावकों के जन्म के साथ केएनपी में चीतों की कुल संख्या 18 हो गई है।
दुनिया में जमीन पर सबसे तेजी से दौड़ने वाले जानवर के रूप में विख्यात चीता को 1952 में देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। अफ्रीका से चीतों का स्थानांतरण भारत में इस प्रजाति को फिर से पुनर्जीवित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है। चीता परियोजना के तहत नामीबिया से आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को 17 सितंबर 2022 में केएनपी के बाड़ों में छोड़ा गया था। फरवरी 2023 में, अन्य 12 चीतों को दक्षिण अफ्रीका से पार्क से लाया गया था। मार्च 2023 से अबतक केएनपी में विभिन्न कारणों से छह वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। -
गोलाघाट . असम के गोलाघाट जिले में बुधवार को कोयला ले जारहे एक ट्रक और बस की आमने-सामने की टक्कर में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, वहीं 30 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। गोलाघाट के पुलिस अधीक्षक राजन सिंह ने बताया कि दुर्घटना आज सुबह डेरगांव के पास बलिजान में हुई। 45 लोगों को ले जारही बस ट्रक से टकरा गई। यह बस अपर असम की ओर जा रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘ अब तक की जानकारी के अनुसार हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।'' सिंह ने बताया कि जांच जारी है और इस मामले में ज्यादा जानकारी बाद में दी जाएगी।
जोरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने संवाददाताओं को बताया कि अस्पताल में करीब 30 घायलों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ की हालत गंभीर है।''
स्थानीय पुलिस थाने के एक अधिकारी के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब चार बजकर 30 मिनट पर हुई। गोलाघाट के कामरगांव से पिकनिक के लिए तिनसुकिया जिले के तिलिंगा मंदिर जा रही बस की ट्रक से टक्कर हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘चार लेन राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण ट्रक गलत दिशा से जोरहाट की ओर से आ रहा था, जबकि बस सही लेन में थी। सुबह कोहरा था और दोनों वाहन तेज गति में थे।' -
तृश्शूर (केरल). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महिला सम्मेलन में भाग लेने के लिए केरल के तृश्शूर शहर पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जनरल हॉस्पिटल जंक्शन से कार्यक्रम स्थल तक प्रधानमंत्री के लगभग दो किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान सड़क के दोनों ओर उत्साही भाजपा समर्थकों सहित हजारों लोग कतार में खड़े थे। लक्षद्वीप में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से कुट्टनाल्लोर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। वहां से, उनका काफिला तृश्शूर के हॉस्पिटल जंक्शन तक गया, जहां उन्होंने एक रोड शो शुरू किया। अपराह्न 3.40 बजे शुरू हुए रोड शो में प्रधानमंत्री एक खुले वाहन में सवार होकर सड़क के दोनों किनारे खड़ी भीड़ की ओर हाथ हिला रहे थे। विशेष रूप से युवा, मोदी की एक झलक पाने और उनका अभिवादन करने के लिए बहुमंजिला इमारतों की छतों और बालकनी में जमा हो गए। केरल की पारंपरिक शॉल ओढे मोदी ने खुले वाहन से सड़क के दोनों ओर मौजूद भीड़ का अभिवादन किया। सजी हुई खुली जीप में प्रधानमंत्री के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन, अभिनेता से भाजपा नेता बने सुरेश गोपी और राज्य महिला मोर्चा की अध्यक्ष निवेदिता सुब्रमण्यन भी थीं। प्रधानमंत्री के पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल बरसा कर और नारे लगाकर उनका स्वागत किया। अभिवादन पर मोदी ने लोगों की ओर मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया।
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कावारत्ती. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार द्वारा शुरू किए गए सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का गवाह बने मुस्लिम बहुल लक्षद्वीप के लोगों का दिल जीतने के प्रयास के तहत बुधवार को कहा कि यह द्वीपसमूह भले ही छोटा है लेकिन इसका हृदय विशाल है। प्रधानमंत्री ने यहां केंद्र शासित प्रदेश में प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, जल संसाधन, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी 1,150 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यह बात कही। इस समारोह में महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों द्वीपवासियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने मलयालम में उन्हें ‘परिवारजनों' कहकर संबोधित किया। उन्होंने लक्षद्वीप की सुंदरता को शब्दों से परे बताया और यहां के नागरिकों से मिलने के लिए अगती, बंगारम और कावारत्ती का दौरा करने के कहा। उन्होंने कहा, ‘‘लक्षद्वीप का भौगोलिक क्षेत्र भले ही छोटा है लेकिन लोगों के दिल समुद्र की तरह गहरे हैं। मैं यहां मिल रहे प्यार और आशीर्वाद से अभिभूत हूं। मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।'' उन्होंने स्वदेश दर्शन योजना के तहत लक्षद्वीप के लिए एक विशेष योजना विकसित करने की घोषणा की, जिसमें इसके अद्वितीय आकर्षणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसकी क्षमता पर जोर देते हुए, उन्होंने कदमत और सुहेली द्वीपों पर दो ब्लू-फ्लैग समुद्र तटों और आगामी जल विला परियोजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप एक शीर्ष क्रूज पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है, जहां पांच साल पहले की तुलना में पर्यटकों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है। मोदी ने लोगों को अपने देश को घूमकर जानने के लिए प्रोत्साहित किया और उनसे अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर विचार करने से पहले देश में कम से कम 15 स्थानों की यात्रा करने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से लक्षद्वीप घूमने की सिफारिश की और कहा कि इसकी सुंदरता कई वैश्विक स्थलों को भी पीछे छोड़ती है। उन्होंने कहा, ‘‘एक बार जब आप लक्षद्वीप की सुंदरता देखेंगे, तो दुनिया के अन्य गंतव्य फीके दिखाई देंगे।'' प्रधानमंत्री ने हज यात्रियों के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, जिससे लक्षद्वीप के लोगों को भी लाभ हुआ। उन्होंने हज वीजा के लिए आसानी और वीजा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण और महिलाओं को ‘मेहरम' के बिना हज पर जाने की अनुमति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से उमराह के लिए जाने वाले भारतीयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप के लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके जीवन की गुणवत्ता, यात्रा सुविधा और व्यापार के अवसरों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। समारोह में मोदी ने लैपटॉप योजना के तहत छात्रों को लैपटॉप दिए और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत स्कूली छात्रों को साइकिलें दीं। उन्होंने किसानों और मछुआरों को पीएम किसान क्रेडिट कार्ड भी सौंपे।
मोदी ने अपने संबोधन में केंद्र की पूर्ववर्ती गैर-भाजपा सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों से उनकी एकमात्र प्राथमिकता अपने राजनीतिक दलों का विकास करना रही। उन्होंने कहा, ‘‘दूर-दराज के राज्यों, सीमावर्ती क्षेत्रों या जो समुद्र के बीच हैं, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।'' उन्होंने द्वीपवासियों को आश्वासन दिया कि जिन लोगों ने उनके अधिकारों को छीनने की कोशिश की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। द्वीप समूह में शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्वीप प्रशासन द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सुधारों के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया था। केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) शत प्रतिशत पूरा होने, प्रत्येक लाभार्थी के लिए मुफ्त राशन सुनिश्चित करने, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड और आयुष्मान कार्ड वितरित करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित करने का उल्लेख किया। उन्होंने 1,000 दिनों के भीतर तेज इंटरनेट सुनिश्चित करने के बारे में 2020 में उनके द्वारा दी गई गारंटी को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘2020 में मैंने गारंटी दी थी कि अगले 1,000 दिनों के भीतर आपको तेज इंटरनेट सुविधा मिल जाएगी। आज कोच्चि-लक्षद्वीप पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर परियोजना का उद्घाटन किया गया है। अब लक्षद्वीप में इंटरनेट 100 गुना अधिक गति से उपलब्ध होगा।'' मोदी ने अगस्त 2020 में अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इस परियोजना की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सरकारी सेवाओं, चिकित्सा उपचार, शिक्षा और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाओं में सुधार होगा तथा लक्षद्वीप को लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की क्षमता को इससे ताकत मिलेगी। कदमत में कम तापमान वाले थर्मल डिसेलाइनेशन प्लांट का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि लक्षद्वीप में हर घर में पाइप से पानी पहुंचाने का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने लक्षद्वीप पहुंचने पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद अली मानिकफान के साथ अपनी बातचीत का जिक्र किया और द्वीपसमूह के संरक्षण के लिए उनके शोध और नवाचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा मानिकफान को 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में लक्षद्वीप में किसी भी शीर्ष शिक्षा संस्थान के न होने का उल्लेख किया, जिसके कारण द्वीपों से युवाओं का पलायन हुआ। आजादी का अमृत काल में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में लक्षद्वीप की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप के लोगों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके जीवन को आसान बनाने, यात्रा में आसानी और व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाना जारी रखेगी। लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल और लक्षद्वीप के उपराज्यपाल प्रफुल्ल पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने कदमत में कम तापमान वाले थर्मल डिसेलाइनेशन (एलटीटीडी) संयंत्र का भी उद्घाटन किया, जो हर दिन 1.5 लाख लीटर स्वच्छ पेयजल का उत्पादन करेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अगाती और मिनिकॉय द्वीपों पर सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) राष्ट्र को समर्पित किए। उन्होंने कल्पेनी में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के नवीनीकरण और पांच द्वीपों एंड्रोथ, चेतलाट, कदमत, अगाती और मिनिकॉय में पांच मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों (नंद घरों) के निर्माण की आधारशिला भी रखी। -
नयी दिल्ली. देश में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 602 नए मामले सामने आए और पांच संक्रमितों की मौत हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार 4,440 मरीज उपचाराधीन हैं। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकडों के अनुसार केरल में दो लोगों की मौत हुई जबकि कर्नाटक, पंजाब और तमिलनाडु में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। केरल में संक्रमण से जान गंवाने वाला 66 वर्षीय व्यक्ति यकृत की बीमारी तथा अन्य बीमारियों से पीड़ित था जबकि 79 वर्षीय एक महिला को हृदय संबंधी बीमारी थी। पिछले साल पांच दिसंबर तक दैनिक मामलों की संख्या घटकर दोहरे अंक तक पहुंच गई थी, लेकिन ठंड और वायरस के नये स्वरूप के कारण मामलों में तेजी आई है। वर्ष 2020 की शुरुआत से अब तक लगभग चार वर्ष में देश भर में कोरोना वायरस से लगभग साढ़े चार करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए तथा इससे 5.3 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब तक संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक हो गई है। स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है। मंत्रालय के अनुसार, देश में कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 220.67 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
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तिरुपति (आंध्र प्रदेश). तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर के आधिकारिक संरक्षक तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को 23 दिसंबर, 2023 से एक जनवरी तक 10 दिवसीय वैकुंठद्वार दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं से 40 करोड़ रुपये का चढ़ावा (हुंडी संग्रह) प्राप्त हुआ है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि टीटीडी ने विश्व प्रसिद्ध 36 लाख ‘तिरुपति लड्डू' बेचे और दो लाख से अधिक तीर्थयात्रियों का मुंडन संस्कार करवाया। टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी ए. वी. धर्म रेड्डी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘रिकॉर्ड संख्या में 6.47 लाख श्रद्धालुओं ने वैकुंठद्वार दर्शन किए... भक्तों को आरामदायक और परेशानी मुक्त श्रीवारी दर्शन कराया गया।'' उन्होंने कहा कि समय-निर्धारित टोकन के माध्यम से श्रद्धालु कतार में लंबे समय तक इंतजार करने से बचे और सामान्य से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को वैकुंठद्वार दर्शन के दौरान अन्न प्रसादम (भोजन) मिला। हाल में दिखे तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही को लेकर अलीपीरी फुटपाथ पर श्रद्धालुओं को नियमित रूप से सतर्क किया गया। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।
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इंदौर . इस साल सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की चाल से एक पूर्ण सूर्यग्रहण समेत चार ग्रहण लगेंगे। हालांकि, उज्जैन की एक प्रतिष्ठित वेधशाला का यह पूर्वानुमान भारत के खगोलप्रेमियों को निराश कर सकता है कि देश में इनमें से एक भी खगोलीय घटना निहारी नहीं जा सकेगी। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बुधवार को बताया कि इस साल ग्रहणों का सिलसिला 25 मार्च को लगने वाले उपच्छाया चंद्रग्रहण से शुरू होगा। गुप्त ने बताया, "नववर्ष का यह पहला ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि इस खगोलीय घटना के वक्त देश में दिन का समय होगा।'' उपच्छाया चंद्रग्रहण उस समय लगता है, जब पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा चंद्रमा "पेनुम्ब्रा" (धरती की परछाई का हल्का भाग) से होकर गुजरता है। इस समय चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी आंशिक तौर पर कटी प्रतीत होती है और ग्रहण को चंद्रमा पर पड़ने वाली धुंधली परछाई के रूप में देखा जा सकता है। उपच्छाया चंद्रग्रहण के वक्त पृथ्वीवासियों को पूर्णिमा का चंद्रमा पूरा तो दिखाई देता है, लेकिन उसकी चमक कहीं खोई-खोई नजर आती है। गुप्त ने बताया कि आठ और नौ अप्रैल की दरम्यानी रात लगने वाला पूर्ण सूर्यग्रहण भी भारत में नहीं देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर की सुबह लगने वाला आंशिक चंद्रग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इसी तरह, दो और तीन अक्टूबर की दरम्यानी रात लगने वाले वलयाकार सूर्यग्रहण के नजारे से भी देश के खगोलप्रेमी वंचित रहेंगे। गुप्त ने बताया कि वलयाकार सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना कुल सात मिनट 21 सेकंड चलेगी और इसकी चरमावस्था पर सूर्य का 93 प्रतिशत फीसद हिस्सा ढंक जाएगा जिससे सौरमंडल का मुखिया पृथ्वीवासियों को चमकदार कंगन की तरह दिखाई देगा। हाल ही में समाप्त वर्ष 2023 पूर्ण सूर्यग्रहण, उपच्छाया चंद्रग्रहण, वलयाकार सूर्यग्रहण और आंशिक चंद्रग्रहण की चार खगोलीय घटनाओं का गवाह बना था।
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नयी दिल्ली. ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने मनरेगा के तहत भुगतान के वास्ते आधार को अनिवार्य बनाने की आलोचना करने पर मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि यदि श्रमिक अबतक आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) से नहीं जुड़े हैं तो ‘ हम श्रमिकों को नहीं, बल्कि राज्यों को दंडित करेंगे।' ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए एबीपीएस को अनिवार्य किये जाने के एक दिन बाद सिंह ने कहा कि आधार संख्या को जोड़ने के लिए कई समय सीमाएं दी गयीं। उन्होंने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार गरीबों के खिलाफ ‘‘प्रौद्योगिकी खासकर आधार का दुरूपयोग'' कर रही है। मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एबीपीएस को अनिवार्य बनाया गया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा दो जनवरी को उपलब्ध कराये गये आंकड़े के अनुसार मनरेगा के तहत लगभग 14.32 करोड़ कार्यरत श्रमिक हैं जिनमें अबतक 14.08 करोड़ श्रमिकों के आधार जोड़े जा चुके हैं। (कुल श्रमिकों में) 12.54 करोड़ श्रमिकों ने अन्य चरण पूरे कर लिये हैं तथा वे फिलहाल आधार आधारित भुगतान प्रणाली के लिए पात्र हैं। जब सिंह से उन श्रमिकों के बारे में पूछा गया जो अबतक एबीपीएस से नहीं जुड़े हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘ हम राज्यों से बातचीत करेंगे। यदि वे कोई चिंता सामने रखते हैं तो हम देखेंगे कि आगे क्या उपाय हो सकता है।'' मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने पिछले एक साल में समयसीमा कई बार बढ़ायी है और अब हम राज्यों से बाचतीत करेंगे और जानने का प्रयास करेंगे कि क्या मुद्दा है, वे इसे कैसे हल करेंगे ... हम श्रमिकों को नहीं, राज्यों को दंडित करेंगे।'' उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों ने आधार पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए ‘रास्ता बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘ किसी को भी काम से रोका नहीं जा सकता, लेकिन हमें पारदर्शिता लाने की जरूरत है।'' जिन लोगों की आधार संख्या नहीं जोड़ी गई है, उनको शामिल करने से जुड़े तौर-तरीकों के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ बातचीत के बाद निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को निर्णय लेने का हक होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि यदि कुछ खास ग्राम पंचायतों के सामने ‘तकनीकी समस्याएं' हैं तो सरकार उन्हें एबीपीएस के तहत अनिवार्य भुगतान से छूट देने पर विचार कर सकती है। सिंह ने जयराम रमेश की आलोचना को खारिज करते हुए कहा, ‘‘ यह राजीव गांधी की सरकार नहीं है कि एक रुपये में 15 पैसे ही लोगों तक पहुंचेंगे। नरेन्द्र मोदी सरकार पारदर्शिता लाने पर ध्यान केंद्रित की हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘जयराम रमेश इस विभाग में मंत्री रहे हैं। मनरेगा धनराशि खाते में जाती थी और यह लाभार्थियों तक पहुंचने से पहले कई हाथों से गुजरती थी। आधार से जोड़ने के कई फायदे हैं। पैसा श्रमिकों के खातों में जा रहा है। वे दुष्प्रचार कर रहे हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि लूट होती रहे। -
बेगूसराय-पटना. बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाने के अरवा पंचायत के वार्ड नंबर- 8 में आग लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की झुलसकर मौत हो गयी। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजन को अविलंब चार-चार लाख रूपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया। अधिकारी ने बताया कि बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र के अरवा नया टोला में सोमवार की देर रात अलाव की चिंगारी से एक घर में आग लग गई, जिससे इसमें झुलस कर एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और उनके दो बेटों की झुलसकर मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि मरने वालों में नीरज कुमार (32), उनकी पत्नी सविता देवी (30) उनके बेटों कुश (5) और लव (3) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सविता देवी आठ महीने की गर्भवती थी । तेघड़ा के अनुमंडल दंडाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अलाव की चिंगारी से आग लगने से कुल चार लोगों की मौत हुई है। मृतक के पिता से मिलकर उन्हें दाह संस्कार के लिए कबीर अंत्येष्टि योजना की राशि प्रदान की गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है, और दुर्घटना में मृतक के परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्घटना काफी दुःखद है और वे इस घटना से मर्माहत हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मृतकों के परिजन को अविलंब चार-चार लाख रूपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया, जिसका चेक उन्हें दे दिया गया है। -
नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश पुलिस का एक विशेष कार्य बल अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर परिसर को व्यापक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी को रामलला की प्रतिमा के "प्राणप्रतिष्ठा" किये जाने के बाद 70 एकड़ में फैला मंदिर जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस का एक विशेष कार्यबल पारंपरिक नागर शैली में निर्मित मुख्य परिसर सहित मंदिर परिसर की सुरक्षा करेगा, जो 380 फुट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फुट चौड़ा और 161 फुट ऊंचा होगा। अधिकारी ने कहा कि दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद परिसर की सुरक्षा कर रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को धीरे-धीरे हटा लिया जाएगा। अर्धसैनिक बल ने 5 जुलाई 2005 को रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर हुए एक आतंकवादी हमले को पांच आतंकवादियों को मारकर विफल कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने 2019 में एक सदी से भी पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद का निपटारा करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का समर्थन किया और फैसला सुनाया कि मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ का वैकल्पिक भूखंड खोजा जाना चाहिए।
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अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पोस्ट मैट्रिक
*15 जनवरी तक कर सकते है आवेदन*
रायपुर /सत्र 2023-24 के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन (नवीन एवं नवीनीकरण ) की तिथि बढ़ा दी गई है। यह 15 जनवरी 2024 तक निर्धारित की गई है। पंजीयन स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही ऑनलाईन होगी, जिसके लिए वेबसाइट http://postmatric.scholarship.cg.inc.in/ है।
ड्राफ्ट प्रापोजल लॉक के लिए 25 जनवरी और सेन्सन ऑर्डर लॉक के लिए 10 फरवरी तक निर्धारित की गई है। इस संबंध में रायपुर जिला अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई आदि के संस्था प्रमुख छात्रवृत्ति प्रभारी एवं उनमें अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है उन्हें सूचना दी गई है।
निर्धारित तिथियों के पश्चात् शिक्षा सत्र 2023-24 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही ड्राफ्ट प्रापोजल लॉक और सेन्सन ऑर्डर लॉक करने का अवसर प्रदान नही किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए सहायक संचालक आदिवासी विकास कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।
- नयी दिल्ली. भारत, रूस और चीन सहित शीर्ष उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले ब्रिक्स समूह ने वैश्विक मामलों में पश्चिमी प्रभुत्व की पृष्ठभूमि में अपनी रणनीतिक शक्ति बढ़ाने के प्रयास के तहत इसमें पांच पूर्ण सदस्यों को शामिल करने की घोषणा की है। रूस के ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालते ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि यह समूह अब 10 देशों का संगठन बन गया है, जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं। अगस्त में, जोहानिसबर्ग में समूह के शिखर सम्मेलन में शीर्ष ब्रिक्स नेताओं ने एक जनवरी से अर्जेंटीना सहित छह देशों को इस समूह में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि, अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति जेवियर माइली ने पिछले हफ्ते अपने देश को ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) का सदस्य बनने का प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा की। पुतिन ने एक संबोधन में कहा, "मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए पूर्ण सदस्यों के रूप में ब्रिक्स में शामिल हुए, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय मामलों में इसकी भूमिका का एक मजबूत संकेत है।" रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स लगातार बढ़ती संख्या में समर्थकों और समान विचारधारा वाले देशों को आकर्षित कर रहा है जो संप्रभु समानता, खुलेपन, आम सहमति, बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की आकांक्षा और एक निष्पक्ष वैश्विक वित्तीय एवं व्यापार प्रणाली जैसे इसके अंतर्निहित सिद्धांतों को साझा करते हैं। इस समूह ने सितंबर 2006 में आकार लिया और इसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन (ब्रिक) शामिल थे। सितंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद इसका नाम बदलकर ‘ब्रिक्स' कर दिया गया। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ ब्रिक्स वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है और यह वर्षों से वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख प्रेरक रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने अपनी टिप्पणी में कहा कि लगभग 30 और देश ब्रिक्स के बहुआयामी एजेंडे में शामिल होने के लिए तैयार हैं। पुतिन ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि परंपराओं को संरक्षित करते हुए और पिछले वर्षों में संगठन द्वारा प्राप्त अनुभव से निर्देशित होकर, हम इसकी गतिविधियों के सभी प्रारूपों में नए प्रतिभागियों के सामंजस्यपूर्ण एकीकरण की सुविधा प्रदान करें।" उन्होंने कहा कि समूह की रूसी अध्यक्षता के तहत प्राथमिकताओं में विज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति और खेल में सहयोग को बढ़ावा देना शामिल होगा। पुतिन ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, हमारी अध्यक्षता के तहत कई रूसी शहरों में विभिन्न स्तरों और प्रकारों के 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।" उन्होंने कहा, "हम अपने संगठन के साथ सहयोग करने में रुचि रखने वाले सभी देशों के प्रतिनिधियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अक्टूबर में कज़ान में हमारी अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा।"
- नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि महामारी से निपटने की तैयारी और बीमारी को लेकर सतर्कता मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली का आधार है। उन्होंने कहा कि मजबूत प्रणाली की सभी तक पहुंच बड़े पैमाने पर फैलने वाली बीमारी से बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करती है। मांडविया ने यहां स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) से ऑनलाइन माध्यम से असम में संस्थान की क्षेत्रीय इकाई और हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और मिजोरम छह राज्य इकाइयों और हिमाचल प्रदेश एवं झारखंड में बीएसएल-3 प्रयोगशाला की आधारशिला रखी। उन्होंने मध्यप्रदेश के भोपाल में एनसीडीसी की क्षेत्रीय शाखा का उद्घाटन किया।मंडाविया ने कहा कि एनसीडीसी की ये क्षेत्रीय शाखाएं क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार (सीसीएचएफ), क्यासानूर फॉरेस्ट डीजीज (केएफडी) और स्क्रब टाइफस जैसी क्षेत्रीय विविधता वाली बीमारियों से निपटने में मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि एनसीडीसी और बीएसएल-3 प्रयोगशाला की राज्य शाखाएं जब काम करने लगेंगी तब विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली बीमारियों को फैलने से रोकने की इन क्षेत्रों/राज्यों की क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, ‘‘महामारी से निपटने की तैयारी और बीमारी को लेकर सतर्कता मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली का आधार है।मजबूत प्रणाली की सभी तक पहुंच होना बड़े पैमाने पर फैलने वाली बीमारी से बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करती है।'' मांडविया ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य पेशेवर और चिकित्सक रक्षा बलों की तरह हैं, वे कभी भी बेपरवाह नहीं रह सकते। उन्हें हमेशा सतर्क रहना होगा। हमारी स्वास्थ्य सेवा के लिए कोई कमजोर कड़ी नहीं हो सकती है, हमें समय पर निगरानी और बीमारी का पता लगाने के लिए अपने कौशल को मजबूत करना होगा।''
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नयी दिल्ली. केंद्र द्वारा 2021 में क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) की स्थापना के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) वार्षिक क्षमता निर्माण योजना शुरू करने वाला पहला स्वायत्त संगठन बन गया है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। वार्षिक क्षमता निर्माण योजना (एसीबीपी) की मंगलवार को यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने क्षमता निर्माण आयोग के सदस्य (मानव संसाधन) आर बालासुब्रमण्यम की उपस्थिति में आधिकारिक तौर पर शुरूआत की। कुमार ने कहा, ‘‘यूजीसी पहला स्वायत्त संगठन है जिसने सीबीसी के सहयोग से अपने कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए योजना शुरू की है। एसीबीपी एक व्यापक योजना है जो अधिकारियों की दक्षताओं और यूजीसी की समग्र क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक हस्तक्षेपों को रेखांकित करती है।'' कुमार ने कहा, ‘‘यह योजना एक क्षमता आवश्यकता मूल्यांकन अभ्यास से ली गई है जो मार्च, 2023 से शुरू होने वाली छह महीने की अवधि में यूजीसी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ किया गया था।'' यूजीसी प्रमुख ने बताया कि इसके पीछे विचार यूजीसी कर्मचारियों की क्षमताओं, प्रतिभाओं, दक्षताओं, दक्षता और योग्यताओं का निर्माण, विकास और वृद्धि करना है जिससे भारत में उच्च शिक्षा प्रणाली की सेवा करने की उनकी क्षमता बढ़ायी जा सके। पहल के माध्यम से, यूजीसी कर्मचारियों को चार प्रमुख क्षेत्रों - व्यावहारिक, कार्यात्मक, कार्यक्षेत्र और प्रौद्योगिकी दक्षताओं में प्रशिक्षित किया जाएगा।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत एक करोड से अधिक लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इस मिशन का उद्देश्य तीन वर्ष में सात करोड़ लोगों की जांच करना है। सिकल सेल रोग एक रक्त संबंधित आनुवांशिक बीमारी है जिससे रोगी की सारी जिंदगी प्रभावित होती है। यह देश की जनजातीय आबादी में आमतौर पर देखी जाती है, लेकिन अब यह जनजातीय इलाकों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी देखी जा रही है।
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल पहली जुलाई को मध्यप्रदेश के शहडोल से शुरू की थी। जनजातीय क्षेत्रों तथा इस बीमारी की आशंका वाले अन्य क्षेत्रों में यह कार्यक्रम मिशन मोड पर चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया के रोगियों की जांच, रोकथाम और प्रबंधन किया जाता है। मिशन के अंतर्गत 17 राज्यों के दो सौ 78 जिलों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जिनमें सिकल सेल बीमारी होने की आशंका काफी अधिक है। -
नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. मनसुख मांडविया ने कहा है कि सरकार राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के जरिए संक्रामक रोगों पर नजर रखने और उसके रोकथाम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नई दिल्ली में स्वास्थ्य से जुडी कई ढांचागत सुविधाओं के उद्घाटन और आधारशिला रखने संबन्धी समारोह में ये बात कही। श्री मांडविया ने उन्नत राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र का उद्घाटन किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से असम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र की क्षेत्रीय शाखा और हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडीसा, पश्चिम बंगाल और मिजोरम में छह राज्य शाखाओं की आधारशिला रखी।
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के बारे में डा. मांडविया ने कहा कि मोदी सरकार मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए कई बडे उपाय कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी महामारी से बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उससे निपटने और नजर रखने के साथ-साथ मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली होना महत्वपूर्ण है। श्री मांडविया ने कहा कि देश का विकास सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुडा है। क्षेत्रीय शाखाओं के बारे में डा. मांडविया ने कहा कि इनसे रोगों से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और झारखंड में दो जैव सुरक्षा लेवल-तीन प्रयोगशालाओं की आधारशिला भी रखी। -
नई दिल्ली। समूचे उत्तर भारत में शीत लहर और घने कोहरे का कहर जारी है। मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और बिहार में कुछ स्थानों पर अत्याधिक घना कोहरा छाया रहा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी शीत लहर के चपेट में है। आज सुबह कई स्थानों पर घना कोहरा रहा। वायु गुणवत्ता भी अत्याधिक खराब श्रेणी में बनी हुई है। आज सुबह सात बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 332 रिकॉर्ड किया गया। उत्तर रेलवे ने कोहरे के कारण 26 रेलगाड़ियों के विलम्ब से चलने की सूचना दी है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि जनवरी से मार्च महीने के दौरान उत्तर भारत में वर्षा सामान्य रहने की संभावना है।
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खरसावां . झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कुछ ताकतें ‘जल, जंगल और जमीन' से संबंधित मुद्दों पर आदिवासी समुदाय को विभाजित करने की कोशिश कर रही हैं। एक जनवरी 1948 को खरसावां में मारे गए आदिवासियों को श्रद्धांजलि देने के बाद सोमवार को जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ये ताकतें आदिवासी संस्कृति और परंपराओं पर भी हमला कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासी लगातार उपेक्षित रहते हैं क्योंकि नीति निर्माता कभी समुदाय के हितों को ध्यान में नहीं रखते। यही कारण है कि आदिवासी कमजोर हो गए हैं और आर्थिक, शैक्षणिक, बौद्धिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ रहे हैं।'' उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘समाज में कुछ ताकतें हैं जो ‘जल, जंगल और जमीन' से जुड़े मुद्दों पर आदिवासियों को बांटना चाहती हैं और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम और संताल परगना भूधारण अधिनियम जैसे कानूनों के साथ छेड़छाड़ करके समुदाय को विस्थापित करना चाहती हैं। वे आदिवासी संस्कृति और परंपराओं पर भी हमला कर रहे हैं।'' सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान कभी आदिवासियों से होती थी, लेकिन पिछले दो दशकों में यह समुदाय राज्य में हाशिए पर चला गया है। उन्होंने आदिवासियों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘लेकिन, आप लोगों ने मेरी पार्टी को वोट देकर सत्ता में पहुंचाया है और मैं आप सभी को आश्वस्त कर सकता हूं कि मेरी सरकार किसी को भी समुदाय के सम्मान और स्वाभिमान को धूमिल करने की इजाजत नहीं देगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘झारखंड की अस्मिता और गौरव के लिए कई लोगों ने बलिदान दिया है और हमें प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
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हैदराबाद. आरआरआर' फिल्म में अभिनय करने वाले जूनियर एनटीआर ने मंगलवार को सुबह कहा कि वह भूकंप प्रभावित जापान से लौटे हैं और द्वीप देश में सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। पश्चिमी जापान में आये सिलसिलेवार भूकंप के कारण कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई इमारतें, वाहन तथा नौकाएं क्षतिग्रस्त हो गयी हैं। जूनियर एनटीआर पिछले सप्ताह जापान में थे। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट कर उन्होंने कहा कि वह देश में आए भूकंप से ‘‘गहरे सदमे'' में हैं। अभिनेता ने पोस्ट में कहा, ‘‘मैं आज ही जापान से घर लौटा हूं और भूकंप के कारण गहरे सदमे में हूं। मैंने पिछला पूरा सप्ताह वहीं बिताया और मेरी संवेदनाएं सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं। मैं सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'' जापान के इशिकावा प्रांत और आसपास के इलाकों में सोमवार को एक के बाद एक भूकंप के कई झटके महसूस किये गये। एक भूकंप तो सबसे अधिक 7.6 तीव्रता का था। अधिकारियों ने बताया कि वाजिमा शहर में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हैं जबकि मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
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इंदौर . मध्यप्रदेश के इंदौर के एक इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्रोफेसर ने घोड़े की नाल से प्रेरणा लेकर नैनो उपग्रहों पर लगने वाले एंटीना का आकार 33 प्रतिशत तक घटा दिया है। उपग्रहों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर केंद्रित इस अविष्कार के लिए केंद्र सरकार ने प्रोफेसर को पेटेंट भी प्रदान किया है। श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर सतीश कुमार जैन ने मंगलवार को बताया कि सात साल के अनुसंधान के बाद उन्होंने नैनो उपग्रहों पर लगने वाले अलग-अलग तरह के एंटीना का आकार 17 से 33 प्रतिशत तक घटा दिया है। उन्होंने बताया, ‘‘नैनो उपग्रहों के एंटीना के डिजाइन की चुनौतियों को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों से चर्चा के बाद मैंने इस अविष्कार की योजना बनाई। इसके आकार के लिए मुझे घोड़े की नाल से प्रेरणा मिली। इसलिए मैंने नैनो उपग्रहों के एंटीना के लिए अपने खास डिजाइन को हॉर्स शू का नाम दिया है।'' जैन के मुताबिक एंटीना का आकार छोटा होने से नैनो उपग्रहों में पहले से ज्यादा एंटीना लगाए जा सकेंगे और जाहिर है कि ये पुराने डिजाइन के एंटीना से हल्के भी होंगे। उन्होंने कहा,‘‘छोटे एंटीना के कारण अंतरिक्ष में तैनात उपग्रह और धरती पर स्थित नियंत्रण कक्ष के बीच सिग्नलों का बेहतर आदान-प्रदान हो सकेगा। इससे अंतरिक्ष में उपग्रहों की दिशा तय करने और उससे डेटा हासिल करने जैसे अलग-अलग कामों में मदद मिलेगी और उपग्रहों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।'' एसजीएसआईटीएस, सरकारी सहायताप्राप्त स्वायत्त संस्थान है। जैन ने बताया कि संस्थान की "एडवांस्ड रेडियो फ्रीक्वेंसी एंड माइक्रोवेव लैब" में उन्होंने नैनो उपग्रहों के लिए खास एंटीना विकसित किया।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि महिला कर्मचारी वैवाहिक विवाद के मामले में पति के बजाय अपने बच्चे या बच्चों को पारिवारिक पेंशन के लिए नामांकित कर सकेंगी। केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 का नियम 50 सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन देने की अनुमति देता है। यदि किसी मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की जीवित पति या पत्नी हैं, तो पारिवारिक पेंशन सबसे पहले पति या पत्नी को दी जाती है। नियमों के अनुसार, मृत सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी के जीवन साथी के पारिवारिक पेंशन के लिए अयोग्य हो जाने या उसकी मृत्यु हो जाने पर ही परिवार के अन्य सदस्य अपनी बारी पर पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र बनते हैं। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने अब नियमों में संशोधन किया है और एक महिला कर्मचारी को पारिवारिक पेंशन के लिए अपने पति के बजाय अपने बच्चे/बच्चों को नामांकित करने की अनुमति दी है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) के सचिव वी श्रिनिवास ने कहा, उन सभी मामलों में जिनमें तलाक की याचिका दायर की गई है या घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम के तहत याचिका दायर की गई है या भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज मामले शामिल हैं, यह संशोधन एक महिला सरकारी कर्मचारी को पारिवारिक पेंशन पति के बजाय उसके पात्र बच्चे को वितरित करने की अनुमति देता है।'' उन्होंने कहा कि यह संशोधन डीओपीपीडब्ल्यू ने प्राप्त अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के परामर्श से किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1989 बैच के राजस्थान कैडर के अधिकारी श्रिनिवास ने कहा, यह संशोधन प्रगतिशील प्रकृति का है और पारिवारिक पेंशन के मामलों में महिला कर्मचारियों को सशक्त बनाता है।
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उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में नए साल के पहले दिन आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचे। मंदिर के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।मंदिर प्रबंधन समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि सोमवार को दिन भर मंदिर बंद होने तक 8.10 लाख भक्तों ने मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि सोमवार को मंदिर में दर्शन के लिए सुबह छह बजे से लंबी कतारें थीं और 45,000 से अधिक लोगों ने भस्म-आरती (सुबह की प्रार्थना) देखी। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग महाकाल कॉरिडोर पर कतार में लगे नजर आए।















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