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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राजस्थान स्थित लोंगेवाला के अग्रिम इलाकों का दौरा किया। यहां रक्षा मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र के साहस और संयम का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”ऑपरेशन सिंदूर इतिहास में केवल एक सैन्य अभियान के रूप में नहीं, बल्कि भारत के नैतिक अनुशासन, रणनीतिक स्पष्टता और मानवीय गरिमा के उदाहरण के रूप में दर्ज होगा।” उन्होंने जैसलमेर में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरक्षा स्थिति एवं भारतीय सेना की ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा भी की।चीन से लगी उत्तरी सीमा की स्थिति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चल रही वार्ताएं और डी-एस्केलेशन के प्रयास भारत की संतुलित और दृढ़ विदेश नीति के प्रमाण हैं।उन्होंने कहा, ”हमारी नीति स्पष्ट है। संवाद भी होगा और सीमा पर हमारी तैयारी भी अटूट रहेगी।”कॉन्फ्रेंस में भारतीय सेना के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ ग्रे-जोन वॉरफेयर, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार जैसे प्रमुख विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह तथा सभी आर्मी कमांडर उपस्थित रहे।उन्होंने कहा कि यह अभियान इस बात का प्रतीक है कि भारत किसी भी आतंकवादी गतिविधि का उत्तर अपनी ही शर्तों पर देता है। यही नए भारत का रक्षा सिद्धांत है, जो संकल्प और साहस दोनों का प्रतीक है। रक्षा मंत्री ने सैनिकों से आह्वान किया कि वे दुश्मनों को कभी कम न आंके और हर समय सतर्क एवं तैयार रहें। रक्षा मंत्री ने सेना के कमांडरों से डिफेंस डिप्लोमेसी, आत्मनिर्भरता, सूचना युद्ध, रक्षा अवसंरचना और बल आधुनिकीकरण पर लगातार ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने की है। उन्होंने सैनिकों के साहस और अनुशासन की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सरकार आधुनिक तकनीक, इन्फ्रास्ट्रक्चर और आवश्यक संसाधन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद की स्थिति पर कहा, ”आज जम्मू-कश्मीर की गलियों में अशांति नहीं, उम्मीद दिखाई देती है। लोग अपने भविष्य के प्रति आत्मविश्वास से भरे हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अब निर्णय लेने की शक्ति स्थानीय लोगों के हाथों में है। भारतीय सेना ने इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने कई टेक्नोलॉजी आधारित परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन किया। रक्षा मंत्री ने लोंगेवाला में 1971 के युद्ध के वीर योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्होंने ‘चांदपुरी हॉल’ का उद्घाटन किया। यह ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी की स्मृति में निर्मित एक ऑडियो-वीडियो कक्ष है, जिन्होंने 1971 के युद्ध में वीरता का परिचय दिया था।रक्षा मंत्री ने लोंगेवाला को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक स्थल बनाने के लिए चल रही विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। राजनाथ सिंह ने एक ‘कैपेबिलिटी डेमोंस्ट्रेशन एक्सरसाइज’ भी देखी, जिसमें भैरव बटालियन और अशनि प्लाटून सहित सेना के नवीनतम तकनीकी संसाधनों का समन्वित प्रदर्शन किया गया।यह प्रदर्शन भारतीय सेना की परंपरा और नवाचार के समन्वय का प्रतीक बना तथा इसने क्षमता विकास और आधुनिकीकरण के प्रति समर्पण को दिखाया।रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का युद्ध केवल मशीनों का नहीं बल्कि मानव आत्मा और दृढ़ संकल्प का भी है। तकनीक शक्ति बढ़ाती है, लेकिन परिणाम सैनिकों की इच्छाशक्ति से तय होते हैं। आधुनिक युद्ध अब साइबर, सूचना, इलेक्ट्रॉनिक और अंतरिक्ष जैसे अदृश्य क्षेत्रों में लड़े जा रहे हैं और इन सबके केंद्र में हमारे सैनिक हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के समस्तीपुर से अपने चुनाव प्रचार का आगाज किया। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’। ”
पीएम मोदी ने कहा- ‘एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा’अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। इन चुनावों में एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश प्राप्त होगा।पीएम मोदी ने कहा, “राजद और कांग्रेस वाले क्या कह रहे हैं और क्या कह रहे हैं ये आपको मुझसे ज्यादा पता है। आपको याद दिलाने की जरूरत नहीं है। ये लोग हजारों करोड़ रुपए के घोटालों में जमानत पर चल रहे हैं। कोई चोरी के मामले में जमानत पर है, अब चोरी की आदत इनकी ऐसी है कि ये ‘जननायक’ की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर का ये अपमान कभी नहीं सहेंगे।”उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। इन चुनावों में बिहार एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश देगा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’।”नई रफ्तार से चलेगा बिहारउन्होंने कहा कि इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मैया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं, समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है- ‘नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार।’पीएम मोदी ने कहा- ‘आज का दिवस मेरे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस’पीएम मोदी ने कहा, “आज का दिवस मेरे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है। यहां आने से पहले मैं कर्पूरी ग्राम गया था, वहां मुझे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन करने का अवसर मिला। ये उनका ही आशीर्वाद है कि आज हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं। आजाद भारत के सामाजिक न्याय लाने में, गरीब और वंचितों को नए अवसरों से जोड़ने में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की भूमिका बहुत बड़ी रही है। वे मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला। ये हमारे लिए सम्मान की बात है। हमारी सरकार भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को प्रेरणापुंज मानती है। वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीब की सेवा हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं।”कर्पूरी ठाकुर के दिखाए सामाजिक न्याय के रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनायाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कर्पूरी ठाकुर के दिखाए सामाजिक न्याय के रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है। हमने गरीबों, दलितों, महादलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है। हमारी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। भाजपा एनडीए ने ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को भी 10 साल के लिए और आगे बढ़ाया। डॉक्टर की पढ़ाई के लिए अखिल भारतीय कोटे में पहले पिछड़ों को, गरीबों को आरक्षण नहीं था। ये संविधान लेकर जो गुमराह करते हैं तब ये हक नहीं मिलता था। एनडीए सरकार ने ही ये प्रावधान किया। हमारे देश में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई दशकों से हो रही थी। ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की। अब गरीब का बेटा अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकता है।” -
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने शुक्रवार को ‘स्थानीय मासिक पास’ और ‘वार्षिक पास’ की उपलब्धता के संबंध में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया, जिसके तहत सभी टोल प्लाजा पर इन पासों के बार विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
एनएचएआई ने अपने बयान में कहा कि यूजर्स के बीच जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है, जिससे यूजर्स को स्थानीय मासिक पास और वार्षिक पास सुविधा की उपलब्धता, दरों और प्रक्रियाओं के बारे में सटीक जानकारी हो। एनएचएआई ने आगे कहा कि यह विवरण टोल प्लाजा के प्रवेश द्वारों, ग्राहक सेवा क्षेत्रों और प्रवेश/निकास के स्थान सहित, सभी दिखाई देने स्थानों पर साइनेज बोर्डों पर प्रदर्शित की जाएगी।ये साइनेज अंग्रेजी, हिन्दी और/या स्थानीय क्षेत्रीय भाषा में प्रदर्शित किए जाएंगे। एनएचएआई ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को 30 दिनों के भीतर शुल्क प्लाजा पर ये बोर्ड लगाने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि शुल्क के बारे में लागू किए गए नियमों के अनुसार सभी साइन बोर्ड दिन और रात में स्पष्ट रूप से दिखाई दें। साथ ही, इस विवरण को ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल एप्लिकेशन और एनएचएआई की संबंधित परियोजना वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा।एनएचएआई ने बताया कि हाइवे यूजर्स विभिन्न रियायती पासों का लाभ उठा सकते हैं जो आवागमन को सहज और किफायती बनाने के लिए उपलब्ध हैं। इन पासों में शुल्क प्लाजा के 20 किमी (या जहां लागू हो) के दायरे में रहने वाले निजी वाहनों वाले यात्रियों के लिए ‘स्थानीय मासिक पास’ सुविधा शामिल है।स्थानीय मासिक पास’ का लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र और आवासीय पते का प्रमाण आदि शामिल हैं, जो सभी टोल प्लाजा पर भी सूचीबद्ध हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मासिक पास शुल्क प्लाजा हेल्पडेस्क पर जारी किया जाता है।इसी प्रकार, एक वर्ष या 200 शुल्क प्लाजा क्रॉसिंग की वैधता वाला ‘वार्षिक पास’ सुविधा केवल कार/जीप/वैन जैसे “निजी वाहनों” के लिए ही उपलब्ध है। वार्षिक पास ‘राजमार्गयात्रा ऐप’ के माध्यम से खरीदा जा सकता है और 3,000 रुपए का एकमुश्त शुल्क अदा करने के बाद वाहन से जुड़े वैध फास्टैग पर डिजिटल रूप से सक्रिय हो जाता है। यह वार्षिक पास पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लगभग 1,150 शुल्क प्लाजा पर मान्य है। शुल्क प्लाजा पर ‘स्थानीय मासिक पास’ और ‘वार्षिक पास’ की उपलब्धता के बारे में विवरण का प्रमुखता से प्रदर्शन, उपयोगकर्ताओं के अनुभव में सुधार लाने, यात्रा को अधिक किफायती बनाने और देश भर में टोल के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। -
नई दिल्ली। भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज और ओगिल्वी इंडिया के क्रिएटिव लीडर पीयूष पांडे अब हमारे बीच नहीं रहे। 70 साल की उम्र में गुरुवार को उनका निधन हो गया। पांडे को सिर्फ एक विज्ञापन विशेषज्ञ के रूप में ही नहीं बल्कि ऐसी शख्सियत के रूप में याद किया जाता था, जिन्होंने भारतीय विज्ञापन को उसकी अपनी भाषा और आत्मा दी।
पीयूष पांडे के निधन को लेकर लेखक और कमीडियन सुहेल सेठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “मेरे सबसे प्यारे दोस्त पीयूष पांडे जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति के निधन से मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। भारत ने विज्ञापन जगत की एक महान हस्ती ही नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक सज्जन इंसान को खोया है। अब जन्नत में भी गूंजेगा ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा।’अदाणी ग्रुप में एग्रो और ऑयल एंड गैस के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव अदाणी ने पीयूष पांडे के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ”मेरे प्रिय मित्र पीयूष पांडे के निधन से स्तब्ध हूं, वह रचनात्मक प्रतिभा जिन्होंने भारतीय विज्ञापन जगत को एक वैश्विक शक्ति के रूप में आकार दिया। उनके विचार उद्योग के मानक बने। उन्होंने कई पीढ़ियों के कहानीकारों को प्रेरित किया। उनकी गर्मजोशी और बुद्धिमता की बहुत कमी खलेगी। ओम शांति।”वहीं फिल्ममेकर हंसल मेहता ने भी ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ”फेविकोल का जोड़ टूट गया। विज्ञापन जगत ने आज अपनी चमक खो दी। पीयूष पांडे, आप हमेशा याद आएंगे।”पीयूष पांडे का जन्म 1955 में जयपुर में हुआ था। उनके परिवार में नौ बच्चे थे, जिनमें सात बहनें और दो भाई शामिल थे। उनके भाई प्रसून पांडे फिल्म निर्देशक हैं, जबकि बहन ईला अरुण गायिका और अभिनेत्री थीं। उनके पिता राजस्थान राज्य सहकारी बैंक में कार्यरत थे। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की और 1982 में विज्ञापन जगत में कदम रखा और ओगिल्वी इंडिया में क्लाइंट सर्विसिंग एक्जीक्यूटिव के रूप में शामिल हुए।उनका पहला प्रिंट विज्ञापन सनलाइट डिटर्जेंट के लिए लिखा गया। छह साल बाद वे क्रिएटिव विभाग में आए और लूना मोपेड, फेविकोल, कैडबरी और एशियन पेंट्स जैसे ब्रांड्स के लिए कई प्रसिद्ध विज्ञापन बनाए। इसके बाद उन्हें क्रिएटिव डायरेक्टर और फिर राष्ट्रीय क्रिएटिव डायरेक्टर बनाया गया। 1994 में उन्हें ओगिल्वी इंडिया के निदेशक मंडल में भी स्थान मिला। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया ने लगातार 12 वर्षों तक भारत की नंबर 1 एजेंसी का दर्जा हासिल किया।पीयूष पांडे द्वारा बनाए गए विज्ञापन आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। उन्होंने एशियन पेंट्स के लिए ‘हर खुशी में रंग लाए,’ कैडबरी के लिए ‘कुछ खास है,’ फेविकोल के लिए आइकॉनिक ‘एग’ विज्ञापन और हच के पग वाले विज्ञापन जैसी रचनाएं तैयार कीं। इसके अलावा, उन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनावी नारा ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ दिया। उनका योगदान केवल व्यावसायिक विज्ञापन तक सीमित नहीं था। उन्होंने राष्ट्रीय एकता गीत ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ लिखा और कई सामाजिक अभियान जैसे पोलियो जागरूकता और धूम्रपान विरोधी अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। पांडे को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें 2016 में पद्म श्री से नवाजा गया और 2024 में एलआईए लीजेंड अवार्ड दिया गया। इसके अलावा, उन्हें क्लियो लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, मीडिया एशिया अवार्ड्स और कान्स लायंस में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया को वैश्विक स्तर पर सबसे रचनात्मक कार्यालयों में से एक माना गया। उनकी रचनात्मकता, सहजता और भारतीय विज्ञापन को दी गई दिशा उन्हें हमेशा यादगार बनाएगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व छठ पूजा के आगमन पर देशवासियों से उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह महापर्व जल्द ही शुरू होने वाला है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु इस पर्व की तैयारियों में भक्ति-भाव से जुटे हैं।
पीएम मोदी ने कहा- इस पर्व के गीत इसकी भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैंप्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छठ पूजा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पर्व के गीत इसकी भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे छठ पूजा से जुड़े अपने पसंदीदा गीत उनके साथ साझा करें।पीएम मोदी इन गीतों को देशवासियों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से करेंगे साझापीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि वे अगले कुछ दिनों तक इन गीतों को देशवासियों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे, ताकि इस पर्व का उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश में फैले। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रकृति और संस्कृति को समर्पित महापर्व छठ आने वाला है। बिहार सहित देशभर में इसकी तैयारियों में श्रद्धालु पूरे भक्ति-भाव से जुट चुके हैं। छठी मइया के गीत इस पावन अवसर की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाने वाले होते हैं। आपसे आग्रह है कि आप भी छठ पूजा से जुड़े गीत मेरे साथ शेयर करें। मैं अगले कुछ दिनों तक इन्हें सभी देशवासियों के साथ साझा करूंगा।”छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्वछठ पूजा, जो मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है, भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है, जिसमें नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान शामिल हैं। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु घाटों पर एकत्र होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान छठी मइया के गीतों की गूंज वातावरण को और भी पवित्र बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान से देशभर के लोग छठ पूजा के गीतों को साझा करने के लिए उत्साहित हैं। ( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 17वें रोजगार मेले में नवनियुक्त युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं का सशक्तिकरण भाजपा और एनडीए सरकार की प्राथमिकता है।
उत्सवों के बीच पक्की नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिलना सफलता की डबल खुशीकार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्सवों के बीच पक्की नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिलना यानी उत्सवों का उल्लास और सफलता की डबल खुशी। ये खुशी आज देश के 51 हजार से अधिक युवाओं को मिली है। मैं महसूस कर सकता हूं कि सभी के परिवार में कितना आनंद होगा। मैं सभी को और उनके परिवारजनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।नवनियुक्त युवाओं से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- ‘भारत के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाने में अपनी भूमिका निभाएं’नवनियुक्त युवाओं से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आपको सिर्फ सरकारी नियुक्ति नहीं मिली है, आपको राष्ट्र सेवा में सक्रिय योगदान देने का अवसर मिला है। मुझे विश्वास है कि आप इसी भावना से काम करेंगे। ईमानदारी और सुचिता के साथ आप भविष्य के भारत के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।”पिछले 11 साल से देश विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर बढ़ रहा है आगेकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार के लिए ‘नागरिक देवो भव:’ ये मंत्र है। पीएम मोदी ने कहा, “सेवाभाव और समर्पण भाव से हर नागरिक के जीवन में हम उपयोगी कैसे हों, ये कभी भूलना नहीं है। पिछले 11 सालों से देश विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है और इसमें सबसे बड़ी भूमिका हमारे युवाओं की है।”आज भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्रउन्होंने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है। हम अपने युवाओं की शक्ति को देश की सबसे बड़ी संपत्ति मानते हैं। इसी विश्वास और आत्मविश्वास के साथ हम हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। यहां तक कि हमारी विदेश नीति भी भारत के युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। हमारे राजनयिक संबंध और वैश्विक समझौते युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार सृजन पर अधिकाधिक केंद्रित हो रहे हैं।पीएम मोदी ने कहा- ‘अकेले रोजगार मेले के जरिए 11 लाख से ज्यादा नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं’प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अकेले रोजगार मेले के जरिए बीते कुछ समय में ही 11 लाख से ज्यादा नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और ये प्रयास सिर्फ सरकारी नौकरियों तक ही सीमित नहीं है। हमने देश में पीएम विकसित भारत रोजगार योजना भी शुरू की है। इसके तहत साढ़े 3 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार त्योहारों के इस मौसम में जीएसटी बचत उत्सव ने भी नए रंग भर दिए हैं।”पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने कई यूरोपीय देशों के साथ निवेश साझेदारी की है, जिससे हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने निवेश को बढ़ावा देने और स्टार्टअप्स व एमएसएमई को समर्थन देने के लिए ब्राजील, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ कई समझौते भी किए हैं। ये सहयोग निर्यात को मजबूत करेंगे और भारत के युवाओं के लिए विकास व अवसर के नए रास्ते खोलेंगे।” -
नयी दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की एक नयी रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे बड़े वन कार्बन सिंक वाले शीर्ष दस देशों में शामिल है, जो 2021 और 2025 के बीच हर साल लगभग 15 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है। मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर, इस अवधि के दौरान वनों ने शुद्ध कार्बन सिंक के रूप में काम किया, जिससे वायुमंडल से प्रतिवर्ष लगभग 0.8 अरब टन सीओ2 हटाई गई। वन कार्बन सिंक जंगल के उस पारस्थितिकीय तंत्र को कहा जाता है जो कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने की तुलना में इसका अधिक मात्रा में अवशोषण करता है। ‘‘वन उत्सर्जन और निष्कासन - वैश्विक, क्षेत्रीय और देश के रुझान 1990-2025'' शीर्षक वाली एफएओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021-2025 के दौरान, वैश्विक वनों ने वन भूमि पर प्रति वर्ष 3.6 अरब टन सीओ2 का संचयन किया। हालांकि, शुद्ध वन रूपांतरण से होने वाले उत्सर्जन, जो अनुमानित रूप से 2.8 अरब टन प्रतिवर्ष है, ने इसकी आंशिक भरपाई की। इसके परिणामस्वरूप, इस अवधि के दौरान वैश्विक वनों ने वायुमंडल से प्रतिवर्ष 0.8 अरब टन सीओ2 हटाई। शुद्ध वन रूपांतरण का मतलब है किसी क्षेत्र के वन आवरण में होने वाले शुद्ध परिवर्तन का माप, जिसमें वनों की कटाई और वनीकरण (पेड़ लगाने) दोनों को ध्यान में रखा जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक दशक पहले, यह शुद्ध निष्कासन लगभग दोगुना था, जो 1.4 अरब टन प्रति वर्ष था। वर्ष 2021 और 2025 के बीच, सबसे मजबूत वन कार्बन सिंक यूरोप और एशिया में थे, जो क्रमशः 1.4 अरब टन और 0.9 अरब टन सीओ2 प्रति वर्ष हटाते थे। अमेरिका और अफ्रीका में वनों की कटाई से सबसे अधिक उत्सर्जन दर्ज किया गया, जो क्रमशः 1.8 अरब टन और 0.7 अरब टन प्रति वर्ष था। रूसी संघ में प्रति वर्ष 1,150 एमटी सीओ2 का सबसे बड़ा कार्बन सिंक था, उसके बाद चीन (840 एमटी), अमेरिका (410 एमटी), ब्राजील (340 एमटी), भारत और बेलारूस (150 एमटी प्रत्येक), दक्षिण अफ्रीका (75 एमटी), घाना (55 एमटी), कोरिया गणराज्य (45 एमटी) और होंडुरास (35 एमटी) का स्थान था। इसके विपरीत, ब्राजील (प्रति वर्ष 1,242 एमटी सीओ2), कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (156 एमटी) और पेरू (131 एमटी) में 2021-2025 के दौरान शुद्ध वन रूपांतरण के कारण सबसे अधिक उत्सर्जन हुआ। अमेरिका और अफ्रीका समग्र रूप से सबसे बड़े उत्सर्जक बने रहे।
इस अवधि के दौरान शुद्ध वन रूपांतरण से एशिया का उत्सर्जन तेजी से घटकर 0.3 अरब टन प्रति वर्ष हो गया।एफएओ की रिपोर्ट हाल में जारी वन संसाधन आकलन (एफआरए) 2025 के आंकड़ों पर आधारित है। - मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को वैश्विक हैकाथन 'हार्बिंजर 2025- इनोवेशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन' शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर ऐसे सुरक्षित और उपयोगकर्ता-केंद्रित वित्तीय समाधान तैयार करना है, जो ग्राहकों की पहचान की रक्षा करें और लोगों के बीच विश्वास बढ़ाएं। आरबीआई ने विभिन्न संस्थाओं, टीमों और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को आमंत्रित किया है कि वे प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग कर तीन प्रमुख विषयों पर समाधान तैयार करें।ये विषय टोकनाइज्ड केवाईसी (पहचान की सुरक्षित प्रक्रिया) ऑफलाइन डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) और भरोसा बढ़ाना हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस हैकाथन में भाग लेने वाले ऐसे समाधान प्रस्तुत करें जिनमें नई सोच हो या प्रौद्योगिकी का नया उपयोग किया गया हो, जो समाज के हित में हो। सभी देशों और पृष्ठभूमियों से लोग इसमें भाग ले सकते हैं, हालांकि भारतीय वित्तीय प्रणाली और ग्राहकों की जानकारी रखने वाले प्रतिभागियों को प्राथमिकता दी जाएगी। आरबीआई ने बताया कि ‘हार्बिंजर 2025' में भाग लेने वालों को उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागी अपने नवाचारपूर्ण विचार एक विशेषज्ञ समिति के सामने पेश कर सकेंगे और प्रत्येक विषय के तहत आकर्षक पुरस्कार भी जीत सकते हैं।
- मुंबई. फिल्म निर्देशक अमर कौशिक ने कहा कि उनकी आगामी पौराणिक फिल्म ‘महावतार' एक बड़ी जिम्मेदारी है और एक ऐसी कहानी है जिसे वह लंबे समय से तलाश रहे थे। इस फिल्म में विक्की कौशल नजर आएंगे। ‘स्त्री'फिल्म से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले निर्देशक कौशिक ने कहा कि ‘महावतार' की तैयारी चल रही है और टीम कॉस्ट्यूम और सेट पर काम कर रही है। वह अगले साल फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे। कौशिक ने कहा, ‘‘यह फिल्म मेरे करियर में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह ईश्वर की ओर से मुझे मिली है, क्योंकि यह किरदार बचपन से ही मेरे साथ रहा है। हम अरुणाचल प्रदेश में परशुराम कुंड के पास रहते थे और हर कुछ दिनों में हम वहां जाते थे। हमारे घर में यह परंपरा बन गई थी, जब भी मैं वहां जाता था, बहुत रोमांचित होता था।'' कौशिक ने कहा कि वह हमेशा से इस कहानी पर काम करना चाहते थे, लेकिन वह डरे हुए भी थे।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता था कि इसे कैसे बनाना है क्योंकि इसके लिए पैसे और वीएफएक्स की जरूरत थी। मैं यह भी सुनिश्चित करना चाहता हूं कि जो मेरे मन में योजना है, यह फिल्म उसके अनुरूप हो... मैं विक्की के साथ काम करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। जब भी मैं उनसे मिलता हूं, मुझे उनमें बहुत पवित्रता दिखाई देती है। वह इस किरदार को निभाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। हम इसकी शूटिंग अगले साल करेंगे, हम विक्की के आने का इंतजार कर रहे हैं। फिर, वह तैयारी करेंगे।'' निर्माता के रूप में उनकी परियोजना ‘शक्ति शालिनी' है, जो हॉरर-कॉमेडी जगत की आगामी फिल्म है। ‘सैयारा' स्टार अनीत पड्डा ‘शक्ति शालिनी' में मुख्य भूमिका निभा में नजर आएंगी। फिल्म निर्माता ने बताया कि वह एक थ्रिलर और एक रोमांटिक फिल्म भी बनाना चाहते हैं।अमर कौशिक ने 2018 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म ‘स्त्री' का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं इसलिए ‘महावतार' पर काम कर रहा हूं और मैंने ‘बाला' का निर्देशन किया। मैं अन्य फिल्मों का निर्माण भी कर रहा हूं। लेकिन मैं (हॉरर-कॉमेडी) की दुनिया को नहीं छोड़ सकता क्योंकि लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया है। मैं उस जिम्मेदारी को नजरअंदाज नहीं कर सकता। एक निर्देशक के तौर पर मैं बहुत कुछ करना चाहता हूं। मैं 80 साल की उम्र तक काम करते रहना चाहता हूं।''
- नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि त्योहारी मौसम में रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ पर मंडल, जोन और रेलवे बोर्ड स्तर पर नजर रखी जा रही है, ताकि उसे कुशलतापूर्वक और निर्बाध रूप से नियंत्रित किया जा सके। यहां रेल भवन के वॉर रूम में संवाददाताओं से बातचीत में वैष्णव ने कहा कि सभी मंडल और जोन सीसीटीवी कैमरों की मदद से वास्तविक समय में स्टेशन पर यात्रियों के आगमन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड का वॉर रूम निगरानी के तीसरे स्तर के रूप में काम करता है।वैष्णव ने कहा कि जिन प्रमुख रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ की आशंका है, उन पर लगातार नजर रखी जा रही है और जब भी यात्रियों की भीड़ बढ़ती है, तो संबंधित अधिकारी तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ नियंत्रण के अतिरिक्त उपाय करते हैं। वॉर रूम में लगाए गए एक बड़े मॉनिटर की ओर इशारा करते हुए वैष्णव ने कहा कि रेल भवन से सभी प्रमुख स्टेशन पर नजर रखी जा सकेगी और विशेष तथा अन्य ट्रेन के परिचालन की भी वास्तविक समय में समीक्षा की जा सकेगी। रेल मंत्री ने कहा कि नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थायी ‘होल्डिंग क्षेत्र' त्योहारों के दौरान भीड़ को संभालने और उसका प्रबंधन करने में उपयोगी साबित हुआ है। उन्होंने कहा, “16 रेलवे जोन में 76 स्टेशन की पहचान की गई है, जहां स्थायी ‘होल्डिंग क्षेत्र' या तो बनाए जा रहे हैं या आने वाले समय में बनाए जाएंगे। इनमें गयाजी, दरभंगा, कानपुर, गुवाहाटी, जयपुर, भोपाल और मैसूरु रेलवे स्टेशन शामिल हैं।” विशेष ट्रेन के देरी से चलने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर वैष्णव ने कहा कि पिछले 24 घंटे में केवल एक ट्रेन छह घंटे की देरी से अपने गंतव्य पर पहुंची। उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी सभी विशेष ट्रेन के परिचालन पर लगातार नजर रख रहे हैं।
- नयी दिल्ली. दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में 1,300 से अधिक घाटों पर छठ पूजा के आयोजन के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। इसके साथ ही यमुना नदी के किनारे विशेष इंतज़ाम किए जा रहे हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और संस्कृति मंत्री मिश्रा ने वासुदेव घाट का निरीक्षण किया और वहां की जा रहीं तैयारियों की समीक्षा की। इसके मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष की छठ पूजा दिल्ली में अब तक आयोजित सबसे व्यापक पर्व होगी।उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध अनुभव प्रदान करना है।” उन्होंने कहा कि तैयारियां अभूतपूर्व स्तर पर की जा रही हैं। मंत्री ने बताया कि यह छठ पूजा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित की जाने वाली पहली पूजा होगी और श्रद्धालु यमुना तट पर अनुष्ठान कर सकेंगे। उन्होंने कहा, “यह सरकार केवल बात नहीं करती, काम करती है। यमुना तट पर छठ पूजा की अनुमति देने का वादा पूरा किया जा रहा है। यह दिल्ली के लिए गर्व की बात है कि अब श्रद्धालु वहां पारंपरिक अनुष्ठान कर पाएंगे।” मिश्रा ने कहा कि पिछली सरकार ने कई वर्षों तक यमुना किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा, “अब पूर्वांचल के लोग गर्व और आत्मसम्मान के साथ अपना पर्व मना सकेंगे।” दिल्ली सरकार ने कहा है कि सभी घाटों पर तैयारियां त्योहार शुरू होने से पहले पूरी कर ली जाएंगी। शहर भर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एकत्र होने की संभावना है। सूर्य देवता और छठी मइया को समर्पित चार दिवसीय छठ पर्व इस वर्ष 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा।
- नयी दिल्ली. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई)ने बृहस्पतिवार को कहा कि चंद घंटों में भुगतान सुनिश्चित करने वाली नई चेक निपटान प्रणाली के संचालन में अभी कुछ शुरुआती समस्याएं देखी जा रही हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चार अक्टूबर को चेकों के बैच के बजाय कुछ घंटों में ही चेक निपटान के लिए एक सतत निपटान प्रणाली शुरू की थी। इस बदलाव ने दो कार्यदिवसों में चेक के निपटान चक्र को एक नई एवं त्वरित प्रक्रिया से बदल दिया है। नई प्रणाली के तहत चेक जमा किए जाने के कुछ घंटों के भीतर ही उनका निपटान कर दिया जाएगा।एनपीसीआई ने बयान में कहा, ‘‘चार अक्टूबर से अब तक हमने केंद्रीय प्रणाली के माध्यम से 3,01,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2.56 करोड़ उपकरणों का सकारात्मक निपटान सुनिश्चित किया है।'' एनपीसीआई ने कहा कि आज की तारीख तक बैंकों द्वारा निपटान के लिए रखे गए प्रत्येक उपकरण (चेक) का निपटान किया गया है और सकारात्मक/ नकारात्मक पुष्टि प्रदान की गई है। साथ ही, बैंकों को सकारात्मक रूप से पुष्ट चेक की राशि ग्राहकों के खातों में जमा करने की सलाह दी गई है। भुगतान प्रणाली का संचालन करने वाले निकाय एनपीसीआई ने कहा, ‘‘अधिकांश समस्याओं का हल निकाल लिया गया है, लेकिन केंद्रीय प्रणाली और कुछ बैंकों की प्रणालियों एवं प्रक्रियाओं में अभी भी कुछ शुरुआती समस्याएं देखी जा रही हैं।शेष चुनौतियों का समाधान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी हैं कि सभी चेकों का भुगतान उसी दिन हो जाए।'' एनपीसीआई ने यह स्वीकार किया कि चेक निपटान प्रक्रिया में देरी के कारण शुरुआती दिनों में कुछ ग्राहकों को देरी का सामना करना पड़ा। एनपीसीआई ने कहा, ‘‘हमें इस विलंब के कारण हुई असुविधा के लिए खेद है। हम एक सुचारू चेक समाशोधन अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सतत निपटान में परिवर्तन के लिए आपके निरंतर समर्थन और समझ की सराहना करते हैं।'' एनपीसीआई भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए जिम्मेदार एक व्यापक संस्था है। इसकी स्थापना आरबीआई और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने की है।
- नयी दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के लिए बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष निकट भविष्य में एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते की दिशा में काम करेंगे। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल पिछले सप्ताह अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ व्यापार वार्ता करने के लिए वाशिंगटन में था। तीन दिवसीय वार्ता 17 अक्टूबर को समाप्त हुई। गोयल ने कहा, ‘‘हम अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं, हमारी टीमें इसमें लगी हुई हैं। हाल ही में वाणिज्य सचिव अमेरिका गए थे और उन्होंने अपने समकक्षों से मुलाकात की थी। हम उनके साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं और बातचीत आगे बढ़ रही है।'' गोयल ने बर्लिन में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम निकट भविष्य में एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौते की दिशा में काम करेंगे।''
- शिमला. हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में एक पिकअप ट्रक के गहरी खाई में गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह घटना बुधवार रात चैल के निकट हुई जब पांच निर्माण श्रमिकों को लेकर निर्माण स्थल पर जा रहा ट्रक जुब्बार झील में खाई में गिर गया। प्रत्यक्षदर्शी निखिल ठाकुर ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया कि उन्हें एक ठेकेदार का फोन आया था जो कुछ मजदूरों को एक वाहन में भेज रहा था और उसने उन्हें स्थान दिखाने का निर्देश दिया था।पुलिस ने बताया कि ठाकुर गाड़ी का इंतजार कर रहे थे, तभी उन्होंने दुर्घटना की आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने गाड़ी के अंदर चालक समेत दो लोगों को मृत पाया, जबकि दो पुरुष और एक महिला घायल अवस्था पड़े थे। उन्होंने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और पुलिस को सूचना दी। घायलों को सोलन के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मृतकों का पोस्टमॉर्टम भी इसी अस्पताल में किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति से गाड़ी चलाना), 125 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) और 106 (1) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
- नयी दिल्ली. यूरोपीय देश आइसलैंड के एक नागरिक ने पिछले सप्ताह अपने घर पर मच्छर देखे और इसकी पुष्टि के लिए तस्वीरें भेजीं। एक वैज्ञानिक ने इसकी पुष्टि की है कि यह देश में मच्छरों के पाए जाने का पहला मामला है। हालांकि, यह निर्धारित करने के लिए कि क्या मच्छरों ने खुद को आइसलैंड में स्थापित कर लिया है, आगे की निगरानी की आवश्यकता है। आइसलैंड के राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान के कीट विज्ञानी मैथियास अल्फ्रेडसन ने बताया कि मच्छरों की मौजूदगी से यह संकेत मिलता है कि वे हाल ही में यहां आए हैं, और संभवतः जहाजों या शिपिंग कंटेनरों के माध्यम से यहां पहुंचे हैं।अल्फ्रेडसन ने कहा कि ‘कुलीसेटा एन्युलाटा' नामक प्रजाति के मच्छरों को ठंडे मौसम की आदत हो सकती है, लेकिन ग्लोबल वार्मिंग के कारण गर्म परिस्थितियां मच्छरों के लिए यहां जीवित रहने और यहां स्थापित होना आसान बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि कुलीसेटा एन्युलाटा या सीएस. एन्युलाटा प्राकृतिक रूप से यूरोप के उत्तरी क्षेत्रों में पाया जाता है और यह शून्य से नीचे के तापमान को सहन कर सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि लगातार बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग के कारण, उच्च आर्द्रता और वर्षा जैसी स्थितियां मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती हैं। इससे मच्छर जनित संक्रामक रोग उन क्षेत्रों में भी फैलने लगे हैं, जहां पहले बहुत कम मामले दर्ज किए जाते थे। आइसलैंड पृथ्वी पर मच्छरों से अछूते कुछ चुनिंदा स्थानों में से एक है, तथा अंटार्कटिका भी एक ऐसा ही स्थान है।अल्फ्रेडसन ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा, ‘‘वर्ष 2019 से ब्योर्न हेजल्टासन (एक कीट उत्साही) वाइन रोपिंग नामक एक विधि के साथ प्रयोग कर रहे हैं, जो पतंगों को आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक है।'' इस विधि में एक लंबे कपड़े को लाल वाइन और चीनी के मीठे, किण्वित मिश्रण में भिगोया जाता है, जिसकी गंध से पतंगे आकर्षित होते हैं। कीट विज्ञानी अल्फ्रेडसन ने कहा, ‘‘16 अक्टूबर की शाम को, ब्योर्न को अपनी वाइन की रस्सियों पर एक अप्रत्याशित चीज मिली, एक कीड़ा जिसे उसने पहले मच्छर समझा। उन्होंने मुझे एक तस्वीर भेजी, और करीब से जांच करने पर पता चला कि यह एक मादा मच्छर था।''
- अहमदाबाद. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को राजधानी गांधीनगर में गुजरात के विधायकों के लिए नवनिर्मित आवासों का उद्घाटन किया और अहमदाबाद जिले के साणंद तालुका में एक सड़क परियोजना की आधारशिला रखी। गांधीनगर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले शाह दिवाली उत्सव के बीच अपने गुजरात दौरे के तीसरे दिन सेक्टर 17 में विधायकों के लिए आवासीय अपार्टमेंट का उद्घाटन करने के लिए राज्य की राजधानी पहुंचे थे। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 12 टॉवर में 216 अपार्टमेंट वाले इस परिसर का निर्माण अनुमानित 325 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। प्रत्येक फ्लैट में तीन शयनकक्ष हैं और यह 238.45 वर्ग मीटर (लगभग 2,500 वर्ग फुट) का है। इसमें कहा गया है कि कॉलोनी में एक बड़ा बगीचा, बहुउद्देशीय हॉल, सामुदायिक हॉल, स्विमिंग पूल, व्यायामशाला, कैंटीन, इनडोर खेल उपकरण, एक डिस्पेंसरी और एक स्टोर है। गुजरात विधानसभा में 182 विधायक हैं।वर्ष 1971 में, विधायकों के लिए राज्य की राजधानी के सेक्टर 17 में एक बीएचके वाले अपार्टमेंट बनाए गए थे। समय के साथ आवास की बढ़ती जरूरत के कारण, 1990-91 में सेक्टर 21 के 14 ब्लॉक में दो शयनकक्ष वाले 168 अपार्टमेंट बनाये गये थे। वर्तमान विधायक अभी भी इसी भवन में रह रहे हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2022 में राज्य सरकार ने 1971 में बने क्वार्टर को ध्वस्त करके तीन शयनकक्ष वाले अपार्टमेंट के निर्माण को मंजूरी दी। इससे पहले शाह ने साणंद तालुका में अहमदाबाद-मालिया रोड के शांतिपुरा-खोराज जीआईडीसी खंड पर छह लेन के निर्माण की परियोजना की आधारशिला रखी। साणंद तालुका गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन प्रशासनिक रूप से अहमदाबाद जिले में आता है। विज्ञप्ति में कहा गया कि इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी मौजूद थे।इसमें कहा गया है कि लगभग 43 हजार वाहनों के औसत दैनिक यातायात को देखते हुए यातायात जाम से निपटने और दुर्घटना की संख्या को कम करने के लिए मौजूदा चार लेन वाली सड़क को छह लेन में परिवर्तित करने की तत्काल आवश्यकता है। अनुमानित 805 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में कुल 28.8 किलोमीटर सड़क को छह लेन में परिवर्तित किया जायेगा।
- नयी दिल्ली. डेलॉयट इंडिया ने बढ़ती मांग एवं नीतिगत सुधारों के बीच चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था के 6.7-6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का बृहस्पतिवार को अनुमान लगाया। भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।पेशेवर सेवा कंपनी डेलॉयट ने कहा कि घरेलू मांग में तेजी, उदार मौद्रिक नीति तथा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) 2.0 जैसे संरचनात्मक सुधारों से वृद्धि को बल मिलने की संभावना है। कम मुद्रास्फीति, क्रय शक्ति में सुधार के साथ खर्च बढ़ाने में योगदान देगी। डेलॉयट इंडिया की ‘भारत आर्थिक परिदृश्य' रिपोर्ट में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.7 से 6.9 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है जो डेलॉयट के पिछले अनुमान से 0.3 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर औसतन 6.8 प्रतिशत बनी हुई है। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि त्योहारों के दौरान मांग में वृद्धि उपभोग व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि से होने की संभावना है।इसके बाद मजबूत निजी निवेश की उम्मीद है क्योंकि व्यवसाय अनिश्चितताओं का सामना करने और बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए तैयारी कर रहे हैं। मजूमदार ने कहा, ‘‘ यह भी अनुमान है कि भारत साल के अंत तक अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ एक समझौता कर लेगा जिससे समग्र निवेश धारणा में सुधार होने की उम्मीद है। पहली एवं तीसरी तिमाही में मजबूत वृद्धि से समग्र वार्षिक वृद्धि को बल मिलने की संभावना है।'' चालू वित्त वर्ष में हालांकि वृद्धि, वैश्विक चुनौतियों को लेकर संवेदनशील बनी हुई है। बढ़ती व्यापार अनिश्चितताएं और अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने में भारत की असमर्थता, ऐसे संभावित जोखिम हैं जो भारत की आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच पर प्रतिबंध और पश्चिमी देशों में उच्च मुद्रास्फीति, भारत में मुद्रास्फीति के दबाव को बढ़ा सकते हैं।
- अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर में रामलला के दर्शन के समय में बृहस्पतिवार को बदलाव कर दिया गया। अब आम श्रद्धालुओं को रात नौ बजे के बजाय साढ़े आठ बजे तक ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी अनिल मिश्रा द्वारा जारी निर्देश के अनुसार रामलला के दर्शन के समय में मामूली बदलाव शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए किया गया है। निर्देश के तहत दर्शन का समय आधा घंटा कम कर दिया गया है लिहाजा अब आम श्रद्धालु जन्मभूमि पथ से रात साढ़े आठ बजे तक प्रवेश कर सकेंगे।पहले यह समय रात नौ बजे तक था। इस बदलाव का उद्देश्य शयन आरती को उसके पूर्व निर्धारित समय रात 10 बजे से बदलकर साढ़े नौ बजे करना है। इसके अलावा बृहस्पतिवार को लागू की गई नयी व्यवस्था में सुबह के समय में भी बदलाव किया गया है। नयी व्यवस्था के मुताबिक भगवान श्रीराम की मंगला आरती अब सुबह चार बजे के बजाय साढ़े चार बजे शुरू होगी। इसके बाद भगवान श्रीराम की श्रृंगार आरती पहले की तरह सुबह छह बजे के बजाय साढ़े छह बजे होगी। इन बदलावों के बावजूद आम भक्तों के लिए सुबह के दर्शन पहले की तरह सुबह सात बजे से ही उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा दोपहर में राजभोग आरती दोपहर 12 बजे निर्धारित है। इसके बाद मंदिर के कपाट दोपहर साढ़े 12 बजे से एक बजे तक बंद रहेंगे और एक बजे फिर से खुलेंगे, जिसके बाद दर्शन भी शुरू होंगे। दूरदर्शन पर श्रृंगार आरती के प्रसारण कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और प्रसार भारती के बीच हुए समझौते के अनुसार पहले सुबह छह बजे से प्रसारित होने वाला सीधा प्रसारण अब छह बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा।
- हावेरी. कर्नाटक के हावेरी जिले में बृहस्पतिवार को बैलों को काबू करने के खेल के दौरान अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि पहली मौत हावेरी तालुका में, दूसरी तिलावल्ली में, तीसरी देवीहोसुर गांव में और चौथी हंगल में हुई। उन्होंने बताया कि मृतकों में से दो की पहचान चंद्रशेखर कोडिहल्ली और गनीसाब के रूप में हुई है, जिनकी उम्र लगभग 70 साल थी। कर्नाटक में सांडों को काबू करने के खेल को ‘होरी हब्बा' के नाम से जाना जाता है। यह एक पारंपरिक ग्रामीण खेल है, जिसमें प्रतिभागी दिवाली के त्योहार के दौरान सजाए गए बैलों से बंधे पुरस्कारों को प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। पुलिस के अनुसार, मौतों के संबंध में अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए गए हैं और इनकी जांच की जा रही है।
- औरंगाबाद. हाजीपुर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव ‘राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विकास' और ‘इंडिया गठबंधन के विनाश' के बीच की लड़ाई है। औरंगाबाद जिले में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए नड्डा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे ‘‘परजीवी पार्टी'' बताया, जो अपने छोटे सहयोगी दलों को समाप्त कर देती है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर हमला करते हुए कहा कि लालू प्रसाद की पार्टी ‘‘रंगदारी, जंगलराज और दबंगई'' की प्रतीक है। नड्डा ने महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के शासनकाल के इतिहास से अच्छी तरह वाकिफ़ है।उन्होंने कहा, ‘‘वह दौर अराजकता, जंगलराज और विकास की राह में रुकावटों का दौर था, जिसने बिहार को दशकों पीछे धकेल दिया। आज ये दल फिर से सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता अब और भ्रमित होने वाली नहीं है। महागठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए बनाया गया एक अपवित्र गठबंधन है, जो राज्य के लिए केवल विनाश लाएगा।'' तेजस्वी यादव द्वारा युवाओं को रोजगार देने और पलायन रोकने के वादे पर तंज कसते हुए नड्डा ने कहा कि राजद की ऐसी घोषणाएं ‘‘भूमि के बदले नौकरी'' घोटाले की याद दिलाती हैं। उन्होंने राजद के इस चुनावी वादे की आलोचना की कि बिहार के हर परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी। नड्डा ने सवाल उठाया कि इसके लिए धन कहां से आएगा और वेतन कैसे दिया जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने राजद द्वारा अपराधी से नेता बने दिवंगत मोहम्मद शाहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शाहाब को टिकट देने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘‘राजद ने शाहाबुद्दीन के बेटे को मैदान में उतारा है, ऐसी पार्टी बिहार की जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी? लालू का राजद रंगदारी, जंगलराज और दबंगई का प्रतीक है।'' राजद ने ओसामा शाहाब को सिवान जिले की रघुनाथपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है।नड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में बिहार को ‘‘जंगलराज'' से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस चुनाव में मुकाबला ‘विकास' और ‘विनाश' के बीच है। बिहार की जनता जंगलराज को कभी नहीं भूल सकती। लालू प्रसाद के शासनकाल में लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा था, जबकि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार प्रगति की राह पर है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बहुत कम लोग जानते हैं कि मेरा जन्म पटना, बिहार में हुआ था। मैंने अपने बचपन के 20 साल बिहार में बिताए। मैं अंधकार के उस युग को जानता हूं और मैं प्रकाश के इस युग को भी देखता हूं... आज, यह चुनाव स्पष्ट रूप से राजग के साथ 'विकास' और महागठबंधन के साथ 'विनाश' दिखाता है।'' नड्डा ने दावा किया कि राजग सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य के विकास के लिए अनेक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने बिहार के रेल बजट में लगभग 10 गुना वृद्धि की है। हाल में शुरू की गई 44 वंदे भारत ट्रेनों में से 26 बिहार के लिए हैं।''उन्होंने यह भी बताया कि छठ पर्व के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने इस बार विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 12,000 कर दी है। वैशाली जिले के पातेपुर विधानसभा क्षेत्र में एक अन्य सभा में नड्डा ने कहा कि, ‘‘राज्य की राजग सरकार द्वारा महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपए की किश्त महिलाओं दी जा रही है। यह सुविधा 75 लाख महिलाओं को मिल चुकी है। नीतीश कुमार जी ने लड़कियों को साइकिल देने से लेकर छात्रवृत्ति और आरक्षण देने तक महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बिहार की जनता जंगलराज को कभी नहीं भूल सकती। लालू प्रसाद के शासन में लोग पलायन को मजबूर थे, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।'' उन्होंने कहा, ‘‘राजग सरकार बिहार के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य में 10 नए हवाई अड्डे बनाए जा रहे हैं, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र द्वारा स्थापित मखाना बोर्ड किसानों की आय बढ़ाएगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा गठित युवा आयोग युवाओं के जीवन में परिवर्तन लाएगा।'' राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का नाम लिए बिना नड्डा ने कहा, ‘‘बिहार के लोग भलीभांति जानते हैं कि अपहरण के मामलों में फिरौती की रकम तत्कालीन मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर तय होती थी।'' नड्डा ने मतदाताओं से अपील की कि वे विकास की गति को बनाए रखने के लिए राजग उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि बिहार के समग्र विकास के लिए ‘डबल इंजन' की सरकार का रहना अपरिहार्य है।
- गोपेश्वर. उत्तराखंड के चमोली जिले में बृहस्पतिवार को देवखाल के समीप एक कार के गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गयी तथा एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गोपेश्वर-पोखरी मोटर मार्ग पर हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा राहत और बचाव कार्य शुरू किया।हादसे के समय कार में चार लोग सवार थे। घायल को उपचार के लिए गोपेश्वर में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार हादसे का शिकार हुआ परिवार चमोली जिले की पोखरी तहसील के विशाल गांव का रहने वाला था। मृतकों की पहचान अरविंद त्रिपाठी, अनीता त्रिपाठी और अनंत स्वरूप त्रिपाठी शामिल हैं। घायल अंबुज त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी का पुत्र है। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
- बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख वी नारायणन ने बृहस्पतिवार को बताया कि संगठन ने अपने भारी-भरकम रॉकेट एलवीएम-3 के दो प्रक्षेपणों की योजना बनाई है, जो इस साल के अंत तक दो उपग्रहों सीएमएस-03 और निजी अमेरिकी संचार उपग्रह ब्लूबर्ड को कक्षा में स्थापित करेंगे। नारायणन ने कहा कि 30 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार (निसार) उपग्रह अभी ‘कैलिब्रेशन' चरण में है और 10-15 दिनों के भीतर यह सक्रिय हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उपग्रह बेहतर स्थिति में है और दोनों पेलोड अच्छी तरह काम कर रहे हैं।''इसरो प्रमुख ने ‘उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन 2025' की घोषणा के लिए आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अंतरिक्ष एजेंसी के भविष्य के मिशनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गगनयान परियोजना पर 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गगनयान मिशन भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है।नारायणन ने कहा, ‘‘अगले महीने की शुरुआत में, हम सीएमएस-03 उपग्रह को स्थापित करने के लिए एलवीएम3-एम5 को प्रक्षेपित करेंगे।'' इसरो अधिकारियों के अनुसार, सीएमएस-03 जिसे जीसैट7-आर के नाम से भी जाना जाता है और इसे दो नवंबर को प्रक्षेपित किये जाने की उम्मीद है। नारायणन ने कहा कि अमेरिकी कंपनी का 6.5 टन वजनी उपग्रह ब्लूबर्ड-6 इस वर्ष के अंत तक प्रक्षेपित किये जाने की उम्मीद है। इसरो प्रमुख ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें उपग्रह मिल गया है और हम प्रक्षेपण के लिए काम कर रहे हैं तथा प्रक्षेपण के लिए रॉकेट को तैयार किया जा रहा है।'' इसरो द्वारा प्रक्षेपित किये जाने वाले सबसे भारी वाणिज्यिक उपग्रहों में से एक, ब्लूबर्ड-6 को 19 अक्टूबर को अमेरिका से भारत लाया गया। इसरो प्रमुख ने चंद्रयान-4 की प्रगति के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि परियोजना अभी डिजाइन चरण में है। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हम डिज़ाइन चरण और इसकी स्वीकृत परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।साथ ही, मूलभूत मानकों के तहत बुनियादी ढांचा भी तैयार कर रहे हैं।'' चंद्रयान-4 मिशन का उद्देश्य चंद्र सतह पर लैंडर और रोवर को उतार कर चंद्रमा की चट्टानों और मिट्टी के नमूनों को पृथ्वी पर वापस लाना हैं। इसके तहत चंद्रमा से एक अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण करना, चंद्र कक्षा में उक्त लैंडर को यान से जोड़ने की क्षमता का प्रदर्शन करना और नमूनों को पृथ्वी पर वापस लाना शामिल है। नारायणन ने भारत के स्वदेशी नेविगेशन उपग्रह प्रणाली ‘नाविक' के बारे में बताया, ‘‘हमारे पास चार उपग्रह हैं और हम तीन और उपग्रह बना रहे हैं। हां, कुछ रुकावटें जरूर आईं, लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं।'' उन्होंने आगे कहा, ‘‘नाविक नेविगेशन प्रणाली भी तीन नए सैटेलाइट के साथ 18 महीनों में पूरी हो जाएगी।'' उन्होंने एनवीएस-02 उपग्रह में तकनीकी खराबी के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘उपग्रह दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चला गया है और वाल्व में खराबी के कारण हम इसे वृत्ताकार कक्षा में नहीं ले जा सके।'' उन्होंने कहा कि इसकी जांच के लिए गठित विफलता विश्लेषण समिति ने जांच पूरी कर ली है और दोष का पता लगा लिया है। नारायणन ने कहा,‘‘समिति की सिफारिशें सरकार के समक्ष रखी जाएंगी।''इसरो प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतरिक्ष मिशन 2047 की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 56 उपग्रह कक्षा में हैं, जो देश के आम आदमी की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन से चार वर्षों में उपग्रहों की संख्या लगभग तीन गुना तक बढ़ा दी जाएगी और 2027 तक हम गगनयान कार्यक्रम पूरा कर लेंगे।' नारायणन ने कहा, ‘‘हम 2035 तक अंतरिक्ष में भारत का अपना केंद्र स्थापित करने जा रहे हैं और पहले मॉड्यूल के लिए हमें परियोजना की मंजूरी मिल गई है और अभी काम चल रहा है तथा इसे 2028 तक कक्षा में स्थापित कर दिया जाएगा।'' अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान के बारे में उन्होंने कहा कि पहले प्रक्षेपण की क्षमता केवल 35 किलोग्राम थी, जिसे वर्ष 1980 में सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। इसरो प्रमुख ने कहा, ‘‘आज हम अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान के ज़रिए पृथ्वी की निचली कक्षा में लगभग 30,000 किलोग्राम वजन ले जाने की बात कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने मानवयुक्त चंद्र मिशन को संभव बनाने के लिए रॉकेट बनाने के लिए दिशानिर्देश भी दिए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी अवधारणा के चरण में हैं। हमने डिजाइन पूरी नहीं की है, लेकिन इसे लगभग 75,000 से 80,000 किलोग्राम भार उठाना होगा। इस दिशा में काम जारी है।'' इसरो प्रमुख के मुताबिक, इसरो ने अब तक 34 देशों के लगभग 433 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजे हैं। इनमें से लगभग 95 उपग्रह पिछले दस वर्षों के दौरान भेजे गए हैं।
- नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सावधान रहने के लिए ‘‘अच्छी खुराक'' दे दी है और वह अब भारत के खिलाफ कोई भी दुस्साहस करने से पहले दो बार सोचेगा। रक्षा मंत्री ने राजस्थान के जैसलमेर में सशस्त्र बलों से भी कहा कि वे सतर्क रहें क्योंकि भारत के ‘‘दुश्मन कभी निष्क्रिय नहीं रहते।'' सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने कोई दुस्साहस किया तो भारतीय सेना उसे और कड़ा जवाब देगी। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान भारत के खिलाफ अब कोई भी दुस्साहस करने से पहले दो बार सोचेगा क्योंकि हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्हें सावधान रहने के लिए अच्छी खुराक दे दी है।'' रक्षा मंत्री ने ‘बड़ा-खाना' (विशाल भोज) के दौरान सेना के जवानों के साथ बातचीत में दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है और इसे केवल रोका गया है।उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान कोई दुस्साहस करता है तो उसे और कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पायलट ने पाकिस्तान के सामने भारत की ताकत का केवल एक छोटा सा नमूना पेश किया। अगर उन्हें मौका मिला तो वे हमारी असली ताकत का प्रदर्शन करेंगे।'' पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों में आतंकवादियो के बुनियादी ढांचों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों के बाद चार दिन तक भीषण झड़पें हुईं जो सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के साथ 10 मई को समाप्त हुईं। सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 2047 तक भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने में सशस्त्र बलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सैनिक न केवल सीमाओं के रक्षक हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के अग्रदूत भी हैं। यह सदी हमारी है; भविष्य हमारा है और आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने जो प्रगति की है, उसे देखकर मुझे विश्वास है कि हमारी सेना दुनिया में निस्संदेह सर्वश्रेष्ठ बनेगी।''रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने के लिए सीमाओं पर विकास गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने भारत की संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों के प्रतीक के रूप में बड़ा-खाना के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेनाएं विभिन्न धर्मों, जातियों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों का घर हैं। यहां बहुत विविधता है, जो बड़ा-खाना के दौरान एक ही थाली में झलकती है और इसे किसी भी अन्य रात्रिभोज से बेहतर बनाती है।'' सिंह ने बड़ा-खाना से पहले जैसलमेर में अपनी तरह के अनूठे कैक्टस-सह-वनस्पति उद्यान-शौर्यवन का भी उद्घाटन किया। रक्षा मंत्री ने जैसलमेर युद्ध स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और थल सेना के सभी कमांडर उपस्थित थे। सिंह शुक्रवार को जैसलमेर में सेना के कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
- पणजी. उत्तरी गोवा में अगुआडा खाड़ी के पास बृहस्पतिवार शाम एक ‘क्रूज बोट' और एक छोटी नौका के समुद्र में चट्टानों के बीच फंस जाने के बाद दोनों पर सवार 42 लोगों को बचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य द्वारा नियुक्त एजेंसी दृष्टि मरीन के बचावकर्मियों ने तूफान के बीच अशांत समुद्र में यह अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि क्रूज पर 38 पर्यटक सवार थे, जबकि चार लोग छोटी नौका में यात्रा कर रहे थे। दोनों नौका चट्टानी क्षेत्र में टकरा गए।दृष्टि मरीन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गोवा तट पर खराब मौसम के लिए पहले ही ‘येलो अलर्ट' जारी कर दिया था। सूचना मिलने के बाद 12 बचावकर्मियों की एक टीम ने बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, चट्टानों और तेज़ धारा के कारण ‘क्रूज़ बोट' तक पहुंचना बहुत खतरनाक था। अभियान जारी रहने के बीच छोटी नौका से फंसे होने की सूचना मिली। बचावकर्मियों ने उन्हें भी बचा लिया। एजेंसी ने बताया कि निकटवर्ती अगुआडा जेल और बंदरगाह परिसर के कर्मचारियों ने ऑपरेशन में सहायता के लिए रस्सी, रोशनी और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए।--
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नयी दिल्ली. रक्षा मंत्रालय ने सेना की लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नाग मिसाइलों, युद्धक जहाजों और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया एवं निगरानी प्रणालियों सहित 79,000 करोड़ रुपये के हथियार और सैन्य साजो-सामान खरीदने के प्रस्तावों को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर' के बाद खरीद पर यह दूसरा बड़ा फैसला है। पांच अगस्त को 67,000 करोड़ रुपये की खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीएसी ने लगभग 79,000 करोड़ रुपये की कुल लागत के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। भारतीय नौसेना के लिए, लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक्स (एलपीडी), 30 मिमी नेवल सरफेस गन (एनएसजी), एडवांस्ड लाइट वेट टॉरपीडो (एएलडब्ल्यूटी), इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रा-रेड सर्च एंड ट्रैक सिस्टम और 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट के लिए गोला-बारूद की खरीद को मंजूरी दी गई। एलपीडी की खरीद से भारतीय नौसेना को भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साथ जल-थल अभियानों को अंजाम देने में मदद मिलेगी। भारतीय नौसेना कम से कम चार एलपीडी खरीदने पर विचार कर रही है। एलपीडी द्वारा प्रदान की गई एकीकृत समुद्री क्षमता भारतीय नौसेना को शांति अभियानों, मानवीय सहायता और आपदा राहत में भी मदद करेगी। बयान में कहा गया, ‘‘डीआरडीओ की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एएलडब्ल्यूटी को शामिल करने से पारंपरिक, परमाणु और छोटी पनडुब्बियों को निशाना बनाया जा सकेगा।'' इसमें कहा गया कि 30 मिमी एनएसजी की खरीद से भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और समुद्री डकैती विरोधी भूमिकाओं को निभाने की क्षमता में वृद्धि होगी। भारतीय सेना के लिए, नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-दो (एनएएमआईएस), ग्राउंड बेस्ड मोबाइल ईएलआईएनटी सिस्टम (जीबीएमईएस) और मैटेरियल हैंडलिंग क्रेन सहित हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (एचएमवी) की खरीद को लेकर स्वीकृति प्रदान की गई। एनएएमआईएस (ट्रैक्ड) की खरीद से भारतीय सेना की दुश्मन के लड़ाकू वाहनों, बंकरों और अन्य क्षेत्रीय किलेबंदी को निष्क्रिय करने की क्षमता बढ़ेगी, जबकि जीबीएमईएस दुश्मन के उत्सर्जकों की चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी प्रदान करेगा। एचएमवी के शामिल होने से विविध भौगोलिक क्षेत्रों में सेनाओं की रसद सहायता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वायु सेना के लिए, समन्वित लंबी दूरी लक्ष्य संतृप्ति/विनाश प्रणाली (सीएलआरटीएस/डीएस) और अन्य प्रस्तावों के लिए मंजूरी दी गई। सीएलआरटीएस/डीएस में मिशन क्षेत्र में स्वचालित टेक-ऑफ, लैंडिंग, नेविगेशन, पता लगाने और पेलोड पहुंचाने की क्षमता है।



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