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आगरा,(उप्र)। आगरा में घर के आंगन में साड़ी की रस्सी बनाकर उस पर झूल रही बालिका की उसमें फंसकर दम घुटने से मौत हो गयी। पुलिस के अनुसार मंसुखपुरा थानाक्षेत्र के जगतपुरा के हरवीर सिंह अपनी पत्नी के साथ अहमदाबाद में रहते हैं और उनकी 11 साल की बेटी अंजलि अपने ताऊ जोगेंद्र के पास ही रहती थी। थाना प्रभारी अमरदीप सिंह ने बताया कि सोमवार सायं करीब चार बजे गांव की बच्चियां खेल रहीं थीं और अंजलि भी उन्हीं के साथ खेल रही थी। उन्होंने बताया कि बालिकाओं ने साड़ी की रस्सी बनाकर उसका झूला डाल लिया था, झूलते-झूलते साड़ी अंजलि के गले मेें अटक गयी जिससे अंजलि का दम घुट गया और उसकी मौत हो गयी। थाना प्रभारी ने बताया कि बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें बालिका की मौत की वजह दम घुटना बताया गया है। उसकी मौत की सूचना उसके परिजनों को दे दी गयी है। माता-पिता बुधवार सायं तक अहमदाबाद से आगरा पहुंच जाएंगे।
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नई दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजोय के आज शाम को गुजरात के कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह के पास टकराने की आशंका है। इस चक्रवात से बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार बिपरजॉय चक्रवात के गुजरात के जखाऊ बंदरगाह के पास मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच सौराष्ट्र और कच्छ और उससे सटे पाकिस्तान के तटों को पार करने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इसके प्रभाव से आज से चार दिन तक गुजरात में वर्षा होती रहेगी। कच्छ और सौराष्ट्र में कहीं तेज और कहीं बहुत भारी वर्षा के अनुमान है। इस चक्रवात का सर्वाधिक प्रभाव कच्छ, जामनगर और देवभूमि द्वारका जिलों में होगा। इन जिलों के तटवर्ती इलाकों में तेज वर्षा हो सकती है। आज शाम स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
राज्य सरकार ने इस संभावित आपदा के दौरान आवश्यकता पड़ने पर वायु सेना, नौसेना, तटरक्षक और सेना की सहायता लेने का निर्णय किया है और आपदा प्रबंधन की तैयारियां भी जोरों पर हैं। एहतियात के तौर पर चक्रवात की आशंका वाले जिलों में 4 हजार से अधिक होर्डिंग हटा दिए गए हैं। चक्रवात के कम होने के बाद बिजली आपूर्ति को तेजी से बहाल करने के लिए 597 कर्मियों की एक टीम बनाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाली प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अन्य जिलों से टीमों को बुलाया गया है। तटीय क्षेत्रों में चक्रवात से प्रभावित जिलों में सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में आश्रय गृह स्थापित किए गए हैं। इन आश्रयगृहों में भोजन, पानी और दवा जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इसके अलावा, आस-पास के क्षेत्रों में सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।पश्चिम रेलवे ने चक्रवात संभावित क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर कुछ ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है।तेज बारिश या तूफान के कारण संचार प्रणाली में किसी भी संभावित व्यवधान को दूर करने के लिए सैटेलाइट फोन और हैम रेडियो सेवाओं को तैयार रखा गया है। इसके अलावा, मोबाइल सेवा ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया है कि वे वैकल्पिक टावरों को चालू रखें। - नयी दिल्ली। विधि आयोग ने बुधवार को कहा कि उसने राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा ‘समान नागरिक संहिता' (यूसीसी) पर लोगों तथा मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों के सदस्यों सहित विभिन्न हितधारकों के विचार आमंत्रित कर नये सिरे से परामर्श की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी। इससे पहले, 21वें विधि आयोग ने मुद्दे की पड़ताल की थी और समान नागरिक संहिता पर दो मौकों पर सभी हितधारकों के विचार मांगे थे। उसका कार्यकाल अगस्त 2018 में समाप्त हो गया था। इसके बाद, ‘परिवार कानून में सुधारों' पर 2018 में एक परामर्श पत्र जारी किया गया था।आयोग ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा, ‘‘उक्त परामर्श पत्र को जारी करने की तिथि से तीन वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद, मुद्दे की प्रासंगिकता एवं महत्व और इस पर विभिन्न अदालती आदेशों को ध्यान में रखते हुए 22वें विधि आयोग ने मुद्दे पर नये सिरे से चर्चा करने का फैसला किया है।'' उल्लेखनीय है कि 22वें विधि आयोग को हाल में तीन साल का कार्य विस्तार दिया गया है। इसने कानून एवं न्याय मंत्रालय द्वारा एक पत्र भेजे जाने के बाद समान नागरिक संहिता से जुड़े विषयों की पड़ताल शुरू कर दी है। नोटिस में कहा गया है, ‘‘बाइसवें विधि आयोग ने एक बार फिर समान नागरिक संहिता पर व्यापक स्तर पर लोगों और मान्यताप्राप्त धार्मिक संगठनों के विचार मांगने का फैसला किया है।'' इसमें रुचि रखने वाले इच्छुक लोग व संगठन नोटिस जारी होने की तारीख की 30 दिन की अवधि के अंदर विधि आयोग को अपने विचार दे सकते हैं। नोटिस में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर आयोग व्यक्तिगत सुनवाई या चर्चा के लिए किसी व्यक्ति या संगठन को बुला सकता है। समान नागरिक संहिता का मतलब देश के सभी नागरिकों के लिए एक साझा कानून से है, जो धर्म पर आधारित न हो। समान नागरिक संहिता लागू करना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव घोषणापत्रों में प्रमुखता से शामिल रहा है। उत्तराखंड जैसे राज्य अपनी समान नागरिक संहिता तैयार करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। वहीं, भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था।
- अहमदाबाद। शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ‘बिपारजॉय’ के गुजरात तट की ओर बढ़ने के साथ ही सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने के साथ ही भारी बारिश हुई। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में सौराष्ट्र और कच्छ जिलों के 54 तालुकों में 10 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई। देवभूमि द्वारका, राजकोट, जामनगर, पोरबंदर और जूनागढ़ जिलों में भारी बारिश हुई। एसईओसी के अनुसार, इस अवधि में देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया तालुका में सबसे अधिक 121 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं द्वारका में 92 मिलीमीटर और कल्याणपुर 70 मिलीमीटर बारिश हुई।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के बुलेटिन के अनुसार, 15 जून को चक्रवात के गुजरात तट पर पहुंचने के साथ ही बारिश बढ़ जाएगी। कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।आईएमडी के अनुसार, चक्रवात के 15 जून की शाम को 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार के साथ जखाऊ बंदरगाह के पास कच्छ में मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच टकराने के आसार हैं।आईएमडी ने शुक्रवार को उत्तरी गुजरात के कुछ जिलों और दक्षिणी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी जिलों में बृहस्पतिवार को हवाएं 125-135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक चल सकती हैं।आईएमडी के अनुसार, सौराष्ट्र और कच्छ के तटों पर बुधवार शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहने की आशंका है। खगोलीय ज्वार के अलावा दो से तीन मीटर तक की ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इससे चक्रवात के वहां पहुंचने के दौरान निचले इलाकों में पानी भर जाने की आशंका है। अलग-अलग जगहों पर 3-6 मीटर तक की लहरें उठ सकती हैं।
- बेंगलुरु । बेंगलुरु में 39 वर्षीय एक फिजियोथेरेपिस्ट ने अपनी मां की कथित रूप से हत्या कर दी और बाद में वह शव को एक सूटकेस में रखकर पुलिस थाने आत्मसमर्पण करने पहुंची। पुलिस ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी सोनाली सेन पश्चिम बंगाल की निवासी है और अपने माता-पिता की एकमात्र संतान है। उसने बताया कि पांच साल पहले कोलकाता में उसके पिता की मौत हो गई थी और उसके बाद से उसकी मां यहां उसके पास रह रही थी। दक्षिण पूर्व संभाग के पुलिस उपायुक्त सी के बाबा ने संवाददाताओं को बताया कि कल पूर्वाह्न करीब 11 से साढ़े 11 बजे के बीच आरोपी महिला ने एक कपड़े से अपनी मां का उस समय गला घोंट दिया, जब उसका पति शहर के हेब्बागोडी में स्थित कंपनी में काम करने गया हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने पति, बेटे, मां बिभा पॉल और सास के साथ पिछले पांच साल से शहर के मीको लेआउट के बिलेकहल्ली में एक अपार्टमेंट में रह रही थी। बाबा ने बताया कि आरोपी ने अपनी मां की हत्या करने के बाद शव को एक सूटकेस में बंद किया और वह मीको लेआउट थाने पहुंची, जिसके बाद एक पुलिस उपनिरीक्षक ने हत्या का एक मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपी महिला ने अपनी मां की हत्या क्यों की।बाबा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि हत्या क्यों की गई। हमें उसे (आरोपी को) हिरासत में लेना होगा। उसने फिजियोथेरेपी की पढ़ाई की है। ऐसा लगता है कि यह कोई घरेलू मामला है।'' उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी अपने माता-पिता की एकमात्र संतान है। आरोपी पिछले पांच साल से उसकी (अपनी मां की) देखभाल कर रही थी। पीड़िता को स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां थीं। जब हत्या की गई, उस समय आरोपी की सास और उसका बेटा भी घर के दूसरे कमरे में थे।''
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नयी दिल्ली । विश्व सुंदरी (मिस वर्ल्ड) कैरोलिना बिलावस्का इस साल के अंत में भारत में होने वाली मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के दौरान देश में अधिक से अधिक जगह देखने को उत्साहित हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर वह हिंदी सिनेमा में भी जरूर काम करना चाहेंगी। भारत इस साल 71वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है।
बिलावस्का (24) ने कहा, ‘‘ मुझे टिक्का मसाला और बटर चिकन काफी पंसद है। भारत की यात्रा के समय मैं खान-पान पर नियंत्रण नहीं रख पाती क्योंकि आपका खाना बहुत ही स्वादिष्ट है और मुझे मसालेदार खाना बहुत पसंद हैं।'' बिलावस्का की इस साल के अंत में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के दौरान एक महीने तक भारत की यात्रा पर रहने की योजना है। बिलावस्का इस दौरान मणिपुर, आगरा और फिर से मुंबई और गोवा जाना चाहती हैं।उन्होंने कहा, ‘‘ मैं मणिपुर जाना चाहती हूं और ताज महल देखने आगरा जाना चाहूंगी... गोवा थोड़ा और देखना चाहूंगी। कई जगह हैं... मुंबई भी .. मुझे लगता है कि वहां देखने के लिए बहुत कुछ है। हम बेहद कम समय के लिए वहां थे। इसलिए मैं चाहती हूं कि एक महीने की प्रतियोगिता के दौरान अधिक से अधिक जगह देख पाऊं।'' बॉलीवुड के प्रति अपना प्यार जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि वह जरूर हिंदी सिनेमा में काम करना पसंद करेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सबसे अधिक प्रियंका चोपड़ा के बारे में जानती हूं क्योंकि वह भी मिस वर्ल्ड थीं ... मैं बॉलीवुड फिल्में देखती आई हूं और मुझे सबसे अधिक उनका जुनून पसंद है। नृत्य, संस्कृति बहुत जीवंत और रंगीन हैं। ऐश्वर्या (राय) भी एक बेहतरीन कलाकार हैं और मैं खुद को भी यह सब करते देखना चाहती हूं।'' बिलावस्का ‘मिस वर्ल्ड' का खिताब जीतने वाली पोलैंड की दूसरी महिला हैं। अनीता क्रेग्लिका ने 1989 में अपने देश के लिए यह सौंदर्य प्रतियोगिता जीती थी। - लखनऊ । केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने मंगलवार को दावा किया कि पिछली सरकार के मुकाबले नरेंद्र मोदी सरकार ने 58 प्रतिशत ज्यादा युवाओं को नौकरियां दी हैं। ईरानी ने लखनऊ में आयोजित रोजगार मेले को संबोधित करते कहा कि पिछली सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने युवाओं को 58 प्रतिशत ज्यादा नौकरियां दी हैं। अब तक आठ लाख 80 हजार से ज्यादा युवाओं को नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि इस वक्त देश में निजी और सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में नौकरियों के लगातार नए मौके उत्पन्न हो रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार के लिए भी आगे आ रहे हैं। उद्यमियों को बिना गारंटी के बैंक से कर्ज दिलाने वाली मुद्रा योजना के तहत सरकार 40 करोड़ रुपये का कर्ज दे चुकी है। इसमें से 27 करोड़ रुपये का कर्ज महिलाओं को दिया गया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सरकारी विभागों और संगठनों में भर्ती हुए लगभग 70,000 नवनियुक्त सदस्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भर्ती हुए सदस्यों को संबोधित भी किया। रोजगार मेले का आयोजन देशभर में 43 स्थानों पर किया गया। केंद्रीय मंत्री ईरानी ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उद्यमियों को कर्ज देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, "स्टैंड अप योजना के तहत 40 हजार करोड़ रुपये महिलाओं और अनुसूचित जनजाति के लोगों को दिए गए हैं।" ईरानी ने कहा कि रोजगार पाने वाला एक व्यक्ति हजारों लोगों की जिंदगी बदल सकता है।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रोजगार मेले की इस पहल का समर्थन करते हुए राज्य सरकारों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में भी नियुक्तियां की जा रही हैं। देशभर से नई भर्तियां वित्तीय सेवा विभाग, डाक विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, रक्षा मंत्रालय, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, रेल मंत्रालय, लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग तथा गृह मंत्रालय सहित विभिन्न विभागों में की जा रही हैं।
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नयी दिल्ली । केंद्र ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किया है, जिससे उनके लिए सेवा नियमों का पालन करना अनिवार्य हो गया है और ऐसा करने में विफल होने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और परिणामी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अखिल भारतीय सेवा के कुछ अधिकारियों के अध्ययन अवकाश के दौरान एआईएस (आचरण) नियमावली, 1968 की भावना के अनुरूप आचरण नहीं करने के उदाहरणों के बाद आया है। तीन अखिल भारतीय सेवाएं (एआईएस) हैं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस)। कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश के अनुसार, अब ऐसे अधिकारियों को एक संशोधित बॉन्ड के तहत एक वचन पत्र देना होगा कि वे अध्ययन अवकाश के दौरान आचरण को लेकर अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 और दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तथा ऐसा करने में विफल होने पर वे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के लिए उत्तरदायी होंगे। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी आदेश में कहा गया है कि अध्ययन अवकाश पर जाने से पहले निष्पादित किए जाने वाले बांड को तदनुसार संशोधित किया गया है, जिसके तहत सेवा का सदस्य अध्ययन अवकाश के दौरान अन्य बातों के साथ-साथ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 और आचरण संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने का वचन देगा। दिशानिर्देश में कहा गया कि अधिकारियों से ‘‘सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुरूप परिपक्वता और संवेदनशीलता प्रदर्शित करने की अपेक्षा की जाती है।'' दिशानिर्देशों में कहा गया है, ‘‘सेवा के सदस्य से अपेक्षा की जाती है कि वह विदेशी नागरिकों और/या मिशन के साथ अपनी बातचीत और सोशल मीडिया पर अपने संवाद में विवेक का प्रयोग करें।'' इसमें कहा गया है कि ऐसे अधिकारी स्वीकृत अवकाश से अधिक अवधि तक छुट्टी पर नहीं रहेंगे।
- बेंगलुरु । बेंगलुरू की एक विशेष अदालत ने बेल्लारी में अवैध लौह अयस्क खनन घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री जी जनार्दन रेड्डी और उनकी पत्नी जी. लक्ष्मी अरुणा की कुल 82 अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। कर्नाटक के पूर्व और मौजूदा सांसदों/विधायकों से संबंधित आपराधिक मामलों से निपटने के लिए गठित विशेष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दायर एक याचिका पर 12 जून को अपना आदेश दिया। सीबीआई ने जनार्दन रेड्डी की छह संपत्तियों और लक्ष्मी अरुणा के नाम की 118 संपत्तियों को कुर्क करने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने रेड्डी के नाम पर पांच संपत्तियों की कुर्की की अनुमति दी, क्योंकि सीबीआई द्वारा सूचीबद्ध छह संपत्तियों में से एक उनके नाम पर नहीं थी। जहां तक लक्ष्मी अरुणा के नाम वाली संपत्तियों की बात है, तो अदालत ने पाया कि उन्होंने ‘‘अपराध की तारीख यानी 01.01.2009 से पहले कुछ संपत्तियों का अधिग्रहण किया था और उन्हें कुर्क नहीं किया जा सकता है तथा यह नहीं कहा जा सकता है कि उन संपत्तियों को कथित अपराध के तरीके से हासिल किया गया था।'' इसके साथ ही अदालत ने लक्ष्मी अरुणा की 118 संपत्तियों में से केवल 77 को ही कुर्क करने की अनुमति दी। संपत्तियों की कुर्की बेल्लारी अवैध लौह अयस्क खनन घोटाले में सरकारी अधिकारियों के शामिल होने के खिलाफ 2012 की शिकायत से जुड़ा है। सीबीआई द्वारा जांच के बाद दायर एक पूरक आरोप-पत्र में जनार्दन रेड्डी और अन्य के नाम शामिल थे।कुर्की की मांग को लेकर सीबीआई ने 2022 में एक आपराधिक याचिका दायर की थी। कुर्की की अनुमति देने वाला अदालती आदेश 12 जून, 2023 को पारित किया गया था। इस मामले में 21 आरोपी हैं।सूची के अनुसार, कुर्क की जाने वाली संपत्तियां 65.05 करोड़ रुपये मूल्य की हैं, जो प्रतिवादी द्वारा अपराध की आय के माध्यम से अपने नाम पर, अपनी पत्नी और अपनी कंपनियों के नाम पर अर्जित की गई हैं।
- नयी दिल्ली । दो तिहाई से अधिक बुजुर्गों का कहना है कि वे घर में बच्चों समेत परिवार के सदस्यों के हाथों उत्पीड़न, अपमान और दुर्व्यवहार का सामना करते हैं। ‘एजवेल फाउंडेशन' नामक एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने अपने स्वयंसेवकों के राष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से जून के पहले हफ्ते में 5000 बुर्जुगों पर किए गए सर्वेक्षण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट 15 जून के विश्व बुजुर्ग उत्पीड़न जागरूकता दिवस से दो दिन पहले मंगलवार को जारी की गयी। एजवेल फाउंडेशन ने कहा कि उसने भारत में बुजुर्गों के उत्पीड़न की स्थिति तथा उनके अधिकारों पर जागरूकता के संबंध में 5000 वृद्धों से रायशुमारी की। रिपोर्ट के अनुसार जिन बुजुर्गों से बातचीत की गयी, उनमें दो तिहाई से अधिक ने कहा कि घर में परिवार के लोग, बच्चे , रिश्तेदार या अन्य उन्हें झिड़कते हैं, उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं या उनका अपमान करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर बुजुर्गों (करीब 77 प्रतिशत) का कहना है कि उन्हें अपने मानवाधिकारों की जानकारी नहीं है तथा उनसे जब बुरा बर्ताव किया जाने लगता है तो वे उसका विरोध नहीं करते हैं और ऐसे में यह एक पैटर्न (चलन) बन जाता है।रिपोर्ट के मुताबिक वृद्धावस्था में अपनी जरूरतों के लिए अन्य पर आश्रित बुजुर्गों पर बुरे व्यवहार का खतरा अधिक रहता है। आमतौर पर देखा गया कि बुजुर्गों के साथ बड़े पैमाने पर दुर्व्यवहार इसलिए भी होता है क्योंकि वृद्धों को परिवार के दूर चले जाने या उनका सहयोग नहीं मिलने का डर सताता है। एनजीओ के मुताबिक बुजुर्ग डरते हैं कि यदि उन्होंने दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की चर्चा की एवं उसकी रिपोर्ट की तो उनके जीवन में तनाव आ जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ बुजुर्ग लोगों को वृद्धावस्था में अकेला पड़ जाने, अलग-थलग पड़ जाने, या हाशिये पर डाल दिये जाने का डर रहता है इसलिए वे समझौते को गले लगा लेते हैं। अधिकतर परिवार की बेहतरी के लिए दुर्व्यवहार को नजर अंदाज करते हैं।'' रिपोर्ट में कहा गया है कि खासकर बुजुर्ग महिलाओं पर उत्पीड़न/दुर्व्यवहार का खतरा अधिक होता है क्योंकि वे अपनी जरूरतों, खासकर वित्तीय एवं मनोवैज्ञानिक जरूरतों के लिए दूसरों पर अपेक्षाकृत अधिक आश्रित होती हैं। एजवेल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष हिमांशु रथ ने कहा कि बुजुर्गों की तेजी से बढ़ती संख्या और एकल परिवारों की बढ़ती लोकप्रियता के चलते पीढ़ियों के बीच खाई चौड़ी होती जा रही है तथा बुजुर्गों का उत्पीड़न/दुर्व्यवहार ज्यादातर बुजुर्गों के संदर्भ में आम बात हो गयी है। रथ ने कहा, ‘‘ हम हर साल यह दिवस मनाते हैं लेकिन लोगों को बुजुर्गों के मानवाधिकार के बारे में संवेदनशील बनाने के लिए जमीनी स्तर पर कुछ नहीं करते। अब समय आ गया है , जब सभी संबंधित पक्षों को हाथ मिलाना चाहिए और सभी के लिए बेहतर कल के वास्ते इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए।''----
- चेन्नई।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु के मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि लंबी पूछताछ के बाद बालाजी को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले मंत्री को बेचैनी की शिकायत के कारण शहर के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।उन्हें दिन में एक विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां एजेंसी उनकी हिरासत का अनुरोध करेगी।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले की जांच के सिलसिले में करूर जिले से ताल्लुक रखने वाले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कद्दावर नेता बालाजी से जुड़े परिसरों पर मंगलवार को छापेमारी की थी।उच्चतम न्यायालय ने बालाजी के खिलाफ कथित ‘नौकरी के बदले नकदी’ घोटाले में पुलिस और ईडी को जांच की अनुमति दी थी, जिसके कुछ महीने बाद यह कार्रवाई की गई।इससे पहले बालाजी ने बेचैनी होने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।राज्य के मंत्री पी. के. शेखर बाबू ने दावा किया कि ऐसे ‘‘लक्षण’’ दिखे हैं जिससे लगता है कि बालाजी को ‘‘प्रताड़ित’’ किया गया है।बाबू ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वह आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में हैं। वह अचेत अवस्था में थे और जब उनका नाम लेकर पुकारा गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वह (चिकित्सकों) निगरानी में हैं… उनके कान के पास सूजन है। चिकित्सकों का कहना है कि ईसीजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) में उतार-चढ़ाव है.. ये सभी प्रताड़ित किए जाने के लक्षण हैं।’’हीं टेलीवीजन चैनल पर दिखाए जा रहे वीडियो में शहर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में लाए जाने के दौरान बालाजी असहज नजर आ रहे थे।अस्पताल पहुंचे राज्य के कानून मंत्री एस. रघुपति ने बालाजी के घर पर घंटों तक ईडी की छापेमारी पर सवाल उठाए।तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन सहित राज्य के कई मंत्री अस्पताल पहुंचे। इस बीच केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवानों को अस्पताल में तैनात किया गया।ईडी ने धन शोधन मामले की जांच के तहत मंगलवार को चेन्नई, करूर और इरोड में बालाजी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की है। बालाजी पहले अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) में थे और दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की सरकार में परिवहन मंत्री थे।
- खगडिय़ा ( बिहार )। खगडिय़ा जिले के मानसी इलाके में कल देर रात एक साथ पांच लोगों की मौत ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एकनिया गांव का है। सनकी पिता ने पहले अपनी तीन बेटियों का गला रेता। उसके बाद उसने पत्नी का भी गला काट दिया। जब चारों की मौत हो गई तो पति ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।आरोपी मुन्ना यादव मुफस्सिल थाने के एक मामले में फरार चल रहा था। लेकिन अचानक मंगलवार की देर रात वो घर पहुंचा। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की पत्नी से जोरदार बहस हुई। इसके बाद आरोपी ने बारी-बारी से अपनी 15 से 18 साल की तीन बेटियों को गला रेत दिया। बेटियों का बचाव कर रही पत्नी का भी आरोपी ने गला काट दिया। बाद में उसने घर में ही फांसी लगाकर अपनी भी जान दे दी।एसपी अमित कुमार ने बताया कि कि जिस समय आरोपी मुन्ना यादव ने इस वारदात को अंजाम दिया, तब उसके दो बेटे छत पर सो रहे थे। पिता को बहनों की हत्या करते उन्होंने देखा और इसके बाद दोनों बेटे डर के मारे घर से भाग कर बाहर निकल गए। इसी वजह से उनकी जान बच पाई है। एसपी अमितेष कुमार ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए भागलपुर से एफएसएल की टीम बुलाई गई है और पूर केस की गहराई से पड़ताल की जाएगी।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने की 18 तारीख को मन की बात कार्यक्रम के अंतर्गत देशवासियों से अपने विचार साझा करेंगे। यह इस कार्यक्रम की 102वीं श्रृंखला होगी। एक ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री ने अपने इस कार्यक्रम के लिए देशवासियों के सुझाव मांगे हैं। लोग इस कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव नमो ऐप और माईगोव पर भेज सकते हैं। इसके अलावा टेलीफोन नंबर- 1800-11-7800 पर भी अपने सुझाव दिए जा सकते हैं। टेलीफोन संख्या नंबर - 1922 पर मिस्ड कॉल देकर भी एसएमएस के जरिए एक लिंक हासिल किया जा सकता है। इस लिंक के जरिए भी सुझाव भेजे जा सकते हैं।
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नई दिल्ली। भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू ने लेखा परीक्षण के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी के उपयोग के कारण नौकरियां कम होने की आशंकाओं से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत यह प्रौद्योगिकी रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही है। मंगलवार को पणजी में एसएआई-20 शिखर सम्मेलन के दौरान एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री मुर्मू ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जी20 देशों के सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस के बीच घनिष्ठ सहयोग पर भी जोर दिया।
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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता राजनाथ सिंह ने कहा है कि भाजपा केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश को समृद्ध बनाने के लिए राजनीति करती है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के मोहनपुरा में मंगलवार आयोजित किसान कल्याण महाकुंभ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश का किसान अन्नदाता या जीवनदाता ही नहीं बल्कि भविष्यदाता भी है क्योंकि वे देश के मजबूत भविष्य की नींव रख रहे हैं।
महिलाओं की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, घर-घर शौचालय और सेना में बेटियों की भर्ती जैसे कई कदम उठाए हैं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष करने की घोषणा की।उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना के तहत प्रथम चरण में आठ लाख किसानों का एक हजार पांच सौ करोड़ रुपये का ब्याज माफ करने की भी घोषणा की। -
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्व अरब सागर में आने वाला भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजॉय पिछले छह घंटों के दौरान पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसका केंद्र गुजरात में जखाऊ बंदरगाह से करीब दो सौ 90 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, देवभूमि द्वारका के तीन सौ किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, नलिया के तीन सौ दस किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, पोरबंदर के तीन सौ 50 किलोमीटर पश्चिम और पाकिस्तान के कराची से तीन सौ 70 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित होगा। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान बिपरजॉय के कल शाम तक उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा की ओर बढ़ने और सौराष्ट्र-कच्छ तथा जखाऊ बंदरगाह के पास गुजरात के मांडवी और पाकिस्तान में कराची के तटीय इलाकों को पार करने की संभावना हैं। इस भीषण चक्रवाती तूफान के कारण 125 से 135 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है,जो बढ़कर 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इस तूफान के कारण कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और सौराष्ट्र के मोरबी जिले में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा से बहुत तेज वर्षा होने की संभावना है। कल बारिश की रफ्तार और तेज होने के आसार है।पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिले के तटीय क्षेत्रों में 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल रही है, जो 85 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार तक बढ़ सकती है। कल इन हवाओं की रफ्तार बढ़कर 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा और अगले 12 घंटे 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।कल शाम तक उत्तर-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य अरब सागर में समुद्र की स्थिति असामन्य रहेगी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम अरब सागर और पूर्व-मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों में समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहेगी। सौराष्ट्र और कच्छ के तटों के साथ आज समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है और हालात कल शाम तक उच्च से असाधारण रहने की संभावना है।चक्रवाती तूफान से लगभग 2 से 3 मीटर ऊपर की तूफानी लहरों के टकराने से कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ आने की संभावना है। इन जिलों में विभिन्न स्थानों पर 3 से 6 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मौसम विभाग ने आज और कल पूर्व मध्य, पश्चिम मध्य अरब सागर से सटे और पूर्वोत्तर अरब सागर में मछली पकड़ने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के लिए कहा है। जो लोग समुद्र में हैं उन्हें तट पर लौटने की सलाह दी गई है। -
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार शहरी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने, अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने और भूस्खलन से निपटने के लिए राज्यों को आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की मदद देगी।
मंगलवार को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए राज्यों को पांच हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। श्री शाह ने कहा कि मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे महानगरों में बाढ़ के प्रकोप को कम करने के लिए दो हजार पांच सौ करोड़ रुपये दिए जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि भूस्खलन की समस्या से निपटने के लिए 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आठ सौ 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन सौ पचास आपदा आशंका वाले जिलों में लगभग एक लाख युवा स्वयं-सेवकों को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से जारी धनराशि 25 हजार करोड़ रुपये से लगभग तीन गुना बढ़कर 77 हजार करोड़ रुपये हो गई है। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, एमबीबीएस करने वाले छात्रों को प्रवेश की तिथि से नौ वर्ष के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करना होगा जबकि उन्हें प्रथम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिये केवल चार प्रयास मिलेंगे। नए स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम 2023 या जीएमईआर-23 में, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने कहा है कि नीट-यूजी मेधा सूची के आधार पर देश के सभी चिकित्सा संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक सामान्य काउंसलिंग होगी। एनएमसी ने दो जून को एक गजट अधिसूचना में कहा, “किसी भी परिस्थिति में, छात्र को प्रथम वर्ष (एमबीबीएस) के लिए चार से अधिक प्रयासों की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी भी छात्र को पाठ्यक्रम में प्रवेश की तारीख से नौ वर्ष बाद स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप विनियम, 2021 के अनुसार स्नातक चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम में भर्ती हुए छात्र को स्नातक तब तक पूरा नहीं माना जाएगा जब तक कि वह अपनी ‘रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप' पूरी नहीं कर लेता। गजट में कहा गया, “वर्तमान विनियमों या अन्य एनएमसी विनियमों में कही गई किसी भी बात के पूर्वाग्रह के बिना, नीट-यूजी की मेधा सूची के आधार पर भारत में सभी चिकित्सा संस्थानों के लिए चिकित्सा में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्य काउंसलिंग होगी।” इसमें कहा गया कि काउंसलिंग पूरी तरह से एनएमसी द्वारा प्रदान किए गए सीटों के पैमाने पर आधारित होगी, बशर्ते साझा काउंसलिंग में कई चक्र हो सकते हैं, जैसी आवश्यक हो। स्नातक चिकित्सा शिक्षा बार्ड (यूजीएमईबी) सामान्य काउंसलिंग के संचालन के लिए दिशानिर्देश प्रकाशित करेगा और धारा 17 के तहत नामित प्राधिकारी प्रकाशित दिशानिर्देशों के अनुरूप काउंसलिंग का आयोजन करेगा।
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मेदिनीनगर . झारखंड के पलामू जिले के नीलांबर-पीतांबर थाना क्षेत्र में कुछ अज्ञात हमलावरों ने सोमवार को एक भोजनालय के मालिक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटू कुमार (22) एक ग्राहक को खाना परोस रहा था, जब आरोपियों ने उस पर गोलियां चला दी। उसके पेट और सीने पर गोली लगी थी। पुलिस ने बताया कि हमले के पीछे की वजह पता नहीं चल पाई है। हमलावर अपराध को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद हत्या का विरोध करते हुए बाजार में लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं।
अनुमंडल पुलिस अधिकारी (लेस्लीगंज) आलोक कुमार तुती ने बताया कि हमलावरों की तलाश जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। - नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तीन मंजिला राम मंदिर के भूतल का काम अपने अंतिम चरण में है और इस साल अक्टूबर तक इसे पूरा करने के लिए सहायक संरचनाओं का काम जोरों पर जारी है। मंदिर के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक बयान के अनुसार, ‘‘राम मंदिर के भूतल के निर्माण कार्य की प्रगति की हाल में निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा सहित ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा समीक्षा की गई थी।'' इसमें कहा गया है कि ‘लार्सन एंड टुब्रो' और ‘टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स' की इंजीनियरिंग टीमों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की समीक्षा में हिस्सा लिया। बयान में कहा गया है, ‘‘श्री राम मंदिर, अयोध्या, के भूतल निर्माण का काम अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है। इस काम को अक्टूबर, 2023 तक पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण का काम जोरों पर है।'' इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दैनिक आधार पर निर्माण कार्य की प्रगति की निगरानी की जाती है और वास्तविक मुद्दों का समाधान किया जाता है। गर्भगृह के अलावा, मंदिर में पांच मंडप - गुड मंडप, रंग मंडप, नृत्य मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘पांच मंडपों के गुंबद का आकार 34 फुट चौड़ा और 32 फुट लंबा और आंगन से ऊंचाई 69 फुट से 111 फुट तक है।'' इसमें कहा गया है कि मंदिर की लंबाई 380 फुट, चौड़ाई 250 फुट और और यह प्रांगण से 161 फुट ऊंचा है।
- जयपुर. राजस्थान के सीकर जिले के उद्योगनगर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी का गला काटकर कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी। थानाधिकारी श्रीनिवास ने बताया कि दासा की ढाणी में झुग्गियों में रहने वाले आरोपी होशियार सिंह (50) ने अपनी पत्नी गुड्डी देवी (45) पर कुल्हाड़ी से वार कर गला काट कर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद आरोपी होशियार सिंह फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है।उन्होंने बताया कि आरोपी पेशे से मजदूर है और शराब पीने का आदी है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
- हैदराबाद. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जून को डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड (सीजीपी) का निरीक्षण करेंगी। इस संबंध में सोमवार को यहां एक रक्षा विज्ञप्ति में कहा गया कि पूर्ण सैन्य वैभव के साथ 211वें पाठ्यक्रम की संयुक्त स्नातक परेड 17 जून को वायुसेना अकादमी डुंडीगल में आयोजित की जाएगी। विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति सीजीपी की मुख्य अतिथि और निरीक्षण अधिकारी होंगी।इसमें कहा गया कि परेड के बाद वायुसेना के विभिन्न विमान हवाई करतब भी दिखाएंगे।
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नयी दिल्ली. सरकार ने कोविन पोर्टल को बिल्कुल सुरक्षित बताते हुए पंजीकृत लाभार्थियों के आंकड़ों में सेंध लगने का दावा करने वाली खबरों ‘‘बेबुनियाद'' और शरारतपूर्ण प्रकृति की बताते हुए खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि देश की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी ‘सर्ट-इन' ने मामले की समीक्षा की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोविन के मौजूदा सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक आंतरिक कवायद शुरू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर कोविन डेटा में कथित सेंधमारी को लेकर कुछ खबरों के संदर्भ में कहना चाहता हूं कि भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) ने तुरंत कदम उठाया और मामले की समीक्षा की है तथा ऐसा नहीं लगता कि कोविड ऐप या डेटाबेस सीधे तौर पर सेंध का शिकार हुआ है।'' इस बीच, विपक्षी दलों ने डेटा उल्लंघन के दावों की जांच की मांग की और सरकार से कठोर कार्रवाई करने को कहा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह ‘‘आपराधिक लापरवाही'' का मामला है और सवाल किया कि सरकार डेटा सुरक्षा विधेयक को दबाकर क्यों बैठी है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, ‘‘भारत सरकार नागरिकों की निजता को नजरअंदाज कर रही है। कोविड-19 का टीका लगवाने वाले हर भारतीय का निजी डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। भारत सरकार डेटा सुरक्षा विधेयक पर कदम क्यों नहीं उठा रही है?'' चंद्रशेखर ने खबरों को खारिज करते हुए कहा कि एक टेलीग्राम बॉट फोन नंबर की एंट्री पर कोविड ऐप का विवरण दिखा रहा था। मंत्री ने कहा, ‘‘डेटा को बॉट द्वारा एक थ्रेट एक्टर डेटाबेस से एक्सेस किया गया, जिससे ऐसा लगता है कि इसे पूर्व में चोरी किए गए डेटा के साथ जोड़ा गया है। ऐसा नहीं लगता कि कोविड ऐप या डेटाबेस में सीधे तौर पर सेंधमारी हुई है।'' स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविन पोर्टल से डेटा के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जहां उन लाभार्थियों का डेटा है, जिन्हें कोविड-19 रोधी टीका लगाया गया। मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी सभी खबरें बेबुनियाद और शरारतपूर्ण प्रकृति की हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कोविन पोर्टल डेटा गोपनीयता के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ पूरी तरह से सुरक्षित है।'' मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, कोविन पोर्टल पर वेब एप्लिकेशन फायरवॉल, नियमित रूप से जोखिम मूल्यांकन और पहचान तथा पहुंच प्रबंधन के साथ तमाम सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘डेटा तक केवल ओटीपी प्रमाणीकरण-आधारित पहुंच है। कोविन पोर्टल में डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं और उठाए जा रहे हैं।'' बयान में कहा गया है, ‘‘सर्ट-इन ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया है कि टेलीग्राम बॉट के लिए बैकएंड डेटाबेस सीधे कोविन डेटाबेस के एपीआई तक नहीं पहुंच रहा था।'' बयान में कहा गया कि कुछ ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने दावा किया है कि जिन व्यक्तियों को टीका लगाया गया है उनके व्यक्तिगत डेटा तक टेलीग्राम (ऑनलाइन मैसेंजर एप्लिकेशन) बॉट के जरिए पहुंच बनी है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी खबरें आई हैं कि बॉट किसी लाभार्थी के मोबाइल नंबर या आधार संख्या के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा जुटाने में सक्षम है। कोविन को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया और प्रबंधित किया जा रहा। कोविन तैयार करने और नीतिगत मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए टीकाकरण पर एक अधिकार प्राप्त समूह (ईजीवीएसी) का गठन किया गया था। बयान में कहा गया कि वर्तमान में, व्यक्तिगत स्तर के टीकाकरण लाभार्थी डेटा का उपयोग तीन स्तरों पर उपलब्ध है। पहला लाभार्थी डैशबोर्ड है। इसके तहत, जिस व्यक्ति को टीका लगाया गया है, वह ओटीपी प्रमाणीकरण के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से कोविन डेटा तक पहुंच सकता है। दूसरा, कोविन अधिकृत उपयोगकर्ता है जो प्रदान किए गए प्रामाणिक लॉगिन पहचान के साथ टीकाकरण लाभार्थियों के व्यक्तिगत स्तर के डेटा तक पहुंच सकता है। इसके बाद, एपीआई-आधारित एक्सेस है। इसमें, तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन जिन्हें कोविन एपीआई की अधिकृत पहुंच प्रदान की गई है, वे केवल लाभार्थी ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से टीकाकृत लाभार्थियों के व्यक्तिगत स्तर के डेटा तक पहुंच सकते हैं। बयान में कहा गया है कि कोविन सिस्टम निगरानी करता है और हर बार किसी अधिकृत उपयोगकर्ता के कोविन सिस्टम तक पहुंचने का रिकॉर्ड रखता है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘ओटीपी के बिना, टीकाकृत लाभार्थियों के डेटा को किसी भी बॉट के साथ साझा नहीं किया जा सकता है।'' बयान में कहा गया कि वयस्क टीकाकरण के लिए केवल जन्म का वर्ष ही दर्ज किया जाता है, लेकिन ऐसा लगता है कि मीडिया पोस्ट में यह दावा किया गया है कि बॉट ने जन्म तिथि का भी उल्लेख किया है। इसके अलावा, लाभार्थी के पते को भी दर्ज करने का कोई प्रावधान नहीं है।
- नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग (ईसी) ने मिजोरम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के मुख्य सचिवों को उन अधिकारियों को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है, जो चुनाव से सीधे तौर पर जुड़े हैं और अपने गृह जिलों में तैनात हैं या पिछले तीन साल से एक ही जिले में हैं। इन पांच राज्यों में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं।आयोग ने दो जून को पांच राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे एक पत्र में यह निर्देश दिया है। आयोग ने कहा कि मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल जनवरी में खत्म हो रहा है। आयोग ने कहा कि वह एक समान नीति का पालन कर रहा है कि चुनावी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिलों या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाता है, जहां उन्होंने लंबी अवधि तक सेवा की है। इस पत्र में कहा गया है, "इसलिए, आयोग ने फैसला किया है कि चुनाव से सीधे तौर पर जुड़े किसी भी अधिकारी की मौजूदा जिले (राजस्व जिले) में तैनाती की अनुमति नहीं दी जाएगी, यदि वह अपने गृह जिले में तैनात हैं।" आयोग ने कहा कि यह नीति उन लोगों पर भी लागू होगी, जिन्होंने पिछले चार वर्षों के दौरान उस जिले में तीन साल पूरा कर लिया है या आने वाले दिनों में पूरा करने वाले हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि ये निर्देश पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), डीआईजी, राज्य सशस्त्र पुलिस के कमांडेंट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस अधीक्षक (एसपी), अतिरिक्त एसपी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों पर भी लागू होंगे। आयोग ने कहा कि किसी भी ऐसे अधिकारी को चुनाव संबंधी ड्यूटी के लिए तैनात नहीं किया जाना चाहिए, जिनके खिलाफ किसी भी अदालत में आपराधिक मामला लंबित है। आयोग लोकसभा या विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के निर्देश जारी करता है।
- नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि आदिवासियों ने मातृभूमि और इसकी प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा की रक्षा के लिए बहुत सारे बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि सतत विकास हासिल करने के लिए दूसरों को आदिवासियों से सीखना चाहिए। राष्ट्रपति भवन में विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षा के अत्यधिक महत्व पर जोर देते हुए उनसे शिक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ने सभी 75 पीवीटीजी के प्रतिनिधियों से एक साथ मिलने पर खुशी व्यक्त की और स्वीकार किया कि उनमें से कई पहली बार अपने गांवों से बाहर निकले हैं। उन्होंने पीवीटीजी समुदाय का समर्थन करने के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति मुर्मू ने पीवीटीजी महिलाओं को जनजातीय महिला सशक्तीकरण योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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