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नोएडा (उप्र). नोएडा के सोरखा गांव में बदमाशों ने एक व्यक्ति की कार का शीशा तोड़कर उसमें लाखों रुपये कीमत के चांदी के आभूषण और अन्य सामान लूट लिया और पीड़ित द्वारा विरोध करने पर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलायी। पुलिस उपायुक्त (प्रथम जोन) हरिश चंदर ने बताया कि सोरखा गांव निवासी अमित वर्मा ने सोमवार रात को थाने में शिकायत दर्ज करायी कि वह अपनी कार से सोरखा गांव के पास पहुंचा। वहां पर उसने एक होटल पर खाना खाने के लिए कार रोकी। इसी बीच दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर चार बदमाश वहां पर आए। दो बदमाशों ने हथियार के बल पर उसे रोक लिया तथा दो बदमाशों ने उसकी कार का शीशा तोड़कर अंदर रखा बैग लूट लिया। उन्होंने बताया कि शिकायत के अनुसार बैग में वर्मा का लैपटॉप तथा करीब दो किलोग्राम वजन के चांदी के जेवरात रखे थे। उन्होंने बताया कि पीड़ित का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो बदमाशों ने उसके ऊपर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई लेकिन गोली उसे लगी नहीं। उन्होंने बताया कि पीड़ित एक कंपनी में काम करता है और उसके पिता की आभूषण की दुकान है।
डीसीपी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पीड़ित ने एक व्यक्ति पर घटना को अंजाम देने का शक जाहिर किया है। उस आधार पर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है। -
लेह/जम्मू. कैप्टन गीतिका कौल दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन पर तैनात होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला चिकित्सा अधिकारी बन गई हैं। ‘फायर एंड फ्यूरी' कोर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्हें यह उपलब्धि प्रतिष्ठित सियाचिन बैटल स्कूल में कठोर प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद मिली है, जिसमें अत्यधिक ऊंचाई पर रहने के अनुकूल बनना, खुद को बचाने की तकनीक और विशेष चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं। भारतीय सेना की ‘फायर एंड फ्यूरी' कोर ने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की।
‘फायर एंड फ्यूरी' कोर ने ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "स्नो लेपर्ड ब्रिगेड की कैप्टन गीतिका कौल सियाचिन बैटल स्कूल में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन में तैनात होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला चिकित्सा अधिकारी बन गई हैं।" उत्तरी हिमालय में स्थित सियाचिन अपने सामरिक महत्व, प्रतिकूल जलवायु और दुर्गम इलाके के कारण चुनौतियों से भरा क्षेत्र है। -
श्रीनगर. पर्यटकों के एक समूह को लेह से श्रीनगर ले जा रही एक कैब मंगलवार को एक पर्वतीय राजमार्ग से गिर गई, जिससे पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यटक केरल के थे। यह दुर्घटना जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। अधिकारियों के अनुसार, कार चालक ने बर्फ से ढके इलाके में फिसलन के चलते जोजिला दर्रे के पास एक मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो दिया। हादसे में कार चालक की भी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि घायलों को सोनमर्ग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और उनमें से एक को विशेष उपचार के लिए यहां एक अस्पताल में रेफर किया गया है।
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नई दिल्ली। जोरम पीपुल्स मूयूमेंट- जेड पी एम के नेता लालदुहोमा ने मिजोरम में नई सरकार के गठन का दावा किया है। श्री लालदुहोमा ने आज सुबह राजभवन में राज्यपाल डॉ हरिबाबू भाई कमभामपटी से मुलाकात की। मनोनीत मुख्यमंत्री लालदुहोमा के साथ जेड पी एम के कार्यकारी अध्यक्ष और निर्वाचित विधायक के सपदांगा तथा एक अन्य निर्वाचित विधायक वनलालहलाना राज्यपाल के साथ बैठक में उपस्थित रहे।
जेड पी एम विधायक दल की बैठक कल रात आईजोल में हुई जिसमें पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने भाग लिया। इस बैठक में लालदुहुमा को सर्वसम्मति से जेड पी एम विधायक दल का नेता चुना गया जबकि के सपदांगा को उप-नेता निर्वाचित किया गया। नये मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण के लिए जोरदार तैयारियां की जा रही हैं। यह समारोह शुक्रवार को आईजोल के राजभवन में आयोजित किया जा सकता है। जेड पी एम ने हाल ही के विधानसभा चुनाव में 40 सदस्यों के सदन में 27 सीट पर विजय प्राप्त कर बड़ी जीत हासिल की है। मिजोरम में सात नवंबर को एक चरण में नई विधानसभा चुनने के लिए मतदान कराया गया था। -
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने संगठित निवेश या फिर अंशकालिक कार्य आधारित रोजगार देने की धोखाधड़ी में शामिल सौ से अधिक वेबसाइटों की पहचान की है और उन्हें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की पहल के अंतर्गत ब्लॉक कर दिया गया है।
मंत्रालय की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस तरह की वेबसाइट आर्थिक अपराधों को बढ़ावा दे रही हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ये वेबसाइट विदेशी लोगों संचालित कर रहे थें और धोखाधड़ी के लिए डिजिटल विज्ञापन, चैट मैसेंजर तथा गैर कानूनी माध्यमों का इस्तेमाल हो रहा था।मंत्रालय ने कहा है कि कथित तौर पर कार्ड नेटवर्क, क्रिप्टो मुद्रा, विदेशी एटीएम निकासी और अंतरराष्ट्रीय फिनटेक कंपनियों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी से प्राप्त आय को भारत से बाहर भेजा गया। नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने पिछले सप्ताह इस पर कार्रवाई की। गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसे धोखेबाजों द्वारा इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों और सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर साझा करें। -
आइजोल. मिजोरम के निवर्तमान मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की हार के बाद मंगलवार को पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। एमएनएफ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तावंलुइया को भेजे गए अपने त्याग पत्र में जोरमथांगा ने कहा कि वह पार्टी के अध्यक्ष के रूप में चुनावी हार के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने पत्र में कहा, "एमएनएफ राज्य विधानसभा चुनाव जीतने में विफल रही। इस संबंध में, मैं पार्टी प्रमुख के रूप में नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं। यह मानते हुए कि एमएनएफ अध्यक्ष के रूप में यह मेरा दायित्व है, मैं अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं और आपसे अनुरोध करता हूं कि इसे स्वीकार करें।” एमएनएफ को इस चुनाव में केवल 10 सीटों पर जीत मिली जबकि 2018 में हुए पिछले चुनाव में पार्टी को 26 सीट पर जीत हासिल हुई थी।
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नयी दिल्ली. कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी को मंगलवार को विधायक दल का नेता बनाने का फैसला किया, जो राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। शपथ ग्रहण समारोह सात दिसंबर को होगा। रेवंत रेड्डी के नाम की घोषणा से कुछ देर पहले कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के पूर्व अध्यक्ष और विधायक एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा था कि वह भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं। हालांकि, जब कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रेवंत रेड्डी के नाम की घोषणा की, तो उनके साथ उत्तम कुमार रेड्डी भी मौजूद थे।
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘विधायक दल के नेता का फैसला करने के लिए कल कांग्रेस विधायक दल की बैठक हैदराबाद में बैठक हुई थी। उस बैठक में पर्यवेक्षक मौजूद थे...विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित कर विधायक दल का नेता चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत किया था।'' उन्होंने बताया कि आज प्रदेश प्रभारी माणिक राव ठाकरे और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री एवं पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार ने खरगे को रिपोर्ट सौंपी। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘इस रिपोर्ट पर विचार करने और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने यह फैसला किया कि रेवंत रेड्डी विधायक दल के नेता होंगे। रेवंत रेड्डी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। वह बहुआयामी नेता हैं और उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनाव में पूरी ताकत से प्रचार किया।'' उन्होंने कहा कि इस नयी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता तेलंगाना के लोगों की अकांक्षाओं और पार्टी द्वारा दी गई ‘गारंटी' को पूरा करना है। वेणुगोपाल ने उप मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल से जुड़े सवाल पर कहा कि आगे के विवरण के बारे में बाद में सूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘वन मैन शो' नहीं होगा, यह एक टीम होगी। कांग्रेस एक टीम के साथ आगे बढ़ेगी।''
उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण सात दिसंबर को होगा। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार दोपहर बैठक की, जिसमें रेवंत रेड्डी के नाम पर मुहर लगाई गई। रेड्डी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए पहले से ही लगभग तय माना जा रहा था। उन्हें हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत का श्रेय दिया जा रहा है। खरगे ने पहले पत्रकारों से कहा था कि मुख्यमंत्री के संबंध में फैसला आज किया जाएगा।
तेलंगाना में नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों की सोमवार को बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया था।
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गोरखपुर . बस्ती जिले में एक व्यक्ति को अपनी बेटी के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि बस्ती के छावनी थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी आरोपी शिव कुमार को अपनी 19 वर्षीय एक बेटी से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी कुमार की पत्नी ने सोमवार को उसके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उसकी बेटी के साथ बलात्कार कर रहा है और उसे अपने कुकर्मों का खुलासा न करने की धमकी भी दे रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भादस की धारा 376 (बलात्कार) और पास्को एक्ट के तहत दर्ज की गई है। अधिकारी ने कहा, लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 15,186.64 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है तथा इनमें से लगभग सभी राशि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस लौटा दी गई है। वित्त मंत्री ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऋणों का भुगतान नहीं करने वालों, खासकर जानबूझकर कर ऐसा करने वालों, के खिलाफ विभिन्न कानूनी प्रावधानों के जरिए कार्रवाई की जा रही है और उसके फलस्वरूप, "बड़ी मात्रा में धनराशि" बैंकों को वापस मिल रही है। सीतारमण ने कहा कि 31 मार्च, 2023 तक 13,978 ऋण खातों के खिलाफ वसूली के लिए कानूनी मुकदमे दायर किए गए जबकि 11,483 मामलों में ‘सरफेसी' कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है, वहीं 5,674 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुल 33,801 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। वित्त मंत्री ने कहा, "एक दिसंबर, 2023 तक, धनशोधन कानून के तहत 15,186.64 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने जब्त की है, जिसमें से 15,183.77 करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वापस कर दिए गए हैं।" इस दौरान उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ ने उनसे ‘फोन बैंकिंग' का अर्थ बताने के लिए कहा। वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने एक पूरक सवाल का जवाब देते हुए ‘फोन बैंकिंग' शब्द का उल्लेख किया था। वित्त मंत्री सीतारमण ने ‘फोन बैंकिंग' का जिक्र करते हुए कहा कि 'फोन बैंकिंग' वह तरीका है जिसके जरिए (2004-2014 के दौरान संप्रग शासनकाल में) "राजनीतिक हस्तक्षेप ने हमारे सभी बैंकों की स्थिति को खराब कर दिया और उन्हें घाटे में ला दिया"। उन्होंने कहा, ‘‘उस समय 'फोन बैंकिंग' के तहत लोग बैंकों को फोन करते थे और कहते थे कि अमुक व्यक्ति आपके बैंक से ऋण लेने आएगा, कृपया उसे दे दें। उसका अर्थ है कि उनकी पात्रता आदि पर गौर करने की कोई आवश्यकता नहीं है तथा ऋण अवश्य दिया जाना चाहिए।" सीतारमण ने कहा कि समस्या की जड़ 2004 से 2014 के बीच संप्रग शासनकाल के दौरान थी जब ऐसे लोगों को ऋण देने के लिए कहा गया जो पात्र नहीं थे। उन्होंने कहा, "भारतीय बैंकों की समस्याओं को सुलझाने का बोझ हम पर आ गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मेरे पूर्ववर्ती अरुण जेटली (पूर्व वित्त मंत्री) सहित विभिन्न लोगों के साथ बैठे। हमें यह समझने में काफी समय लग गया कि समस्या कहां है और हमने आरबीआई के साथ मिलकर काम किया।" उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और उसने पिछली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत दर्ज की। वित्त मंत्रालय के अनुसार पिछले दो वित्त वर्ष में, वाणिज्यिक बैंकों में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनएपी) खातों की संख्या 2.19 करोड़ से घटकर 2.06 करोड़ हो गई है, जो 6.2 प्रतिशत की कमी स्पष्ट करती है। इसी प्रकार, इस अवधि के दौरान ऐसे खातों का कुल बकाया (सकल एनपीए) 7.41 लाख करोड़ रुपये से घटकर 5.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो 22.9 प्रतिशत की गिरावट दिखाता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए शुद्ध एनपीए अनुपात 2017-18 में 5.94 प्रतिशत था जो 2022-23 में घटकर 0.95 प्रतिशत रह गया है। राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों के मामले में, शुद्ध एनपीए 2017-18 में 5.94 प्रतिशत था जो अब 1.24 प्रतिशत रह गया है।
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जयपुर. अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी पर गोलियां चला दीं। पुलिस के अनुसार गोगामेड़ी की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। राज्यपाल कलराज मिश्र ने पुलिस से अपराधियों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार घटना के बाद राज्य भर में पुलिस को सतर्क कर दिया गया है। जयपुर के पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा कि मंगलवार दोपहर को श्याम नगर इलाके में हुई इस गोलीबारी में एक हमलावर की भी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि गोगामेड़ी के घर के बाहर से एक व्यक्ति की स्कूटी छीनकर फरार हुए दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा,‘‘तीन लोग गोगामेड़ी के आवास पर गए और उन्होंने उनके सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे गोगामेड़ी से मिलना चाहते हैं। सुरक्षाकर्मी उन्हें अंदर ले गए जहां उन्होंने गोगामेड़ी से दस मिनट तक बातचीत की। इसके बाद, उन्होंने उन पर गोलियां चला दीं।'' जोसेफ ने कहा कि गोगामेड़ी के सुरक्षाकर्मियों को भी गोली लगी, जबकि तीन आरोपियों में से एक आरोपी नवीन सिंह शेखावत की भी गोलीबारी में मौत हो गई। उनके मुताबिक घटना के बाद दो हमलावर घर से बाहर निकले और एक व्यक्ति से स्कूटी छीनकर फरार हो गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि आरोपी नवीन शेखावत ही उस गाड़ी को चला रहा था जिससे तीनों श्याम नगर में गोगामेड़ी के आवास पहुंचे थे । उनका कहना है कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार आरोपी नवीन शेखावत एक दुकान चलाता था। जोसफ ने बताया कि घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया, पूरी घटना सीसीटीवी में रिकार्ड हो गई। हम घटना में संलिप्त दो आरोपियों की पहचान करने और उनका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। हत्या की साजिश रचने वाले भी पकड़े जायेंगे।'' इस घटना की खबर फैलते ही गोगामेड़ी के समर्थक और राजपूत समाज के लोग उनके घर और अस्पताल पहुंचने लगे। गोगामेड़ी के एक रिश्तेदार ने अस्पताल के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उन्हें पहले भी धमकी दी गई थी और उन्हें हमले की आशंका थी। उन्होंने बताया कि धमकी के बारे में पुलिस को भी जानकारी दी गयी। रिश्तेदार ने कहा, हमलावर उनके घर गए और सुरक्षाकर्मी से कहा कि वे सुखदेव गोगामेड़ी से मिलना चाहते हैं। वह उन्हें ड्राइंग रूम में ले गये जहां उन्होंने गोलियां चलाईं। उन्होंने कहा गोगामेड़ी को काफी समय से धमकियां मिल रही थीं। पुलिस को आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।” करणी सेना के संस्थापक और संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी के साथ मतभेदों के बाद गोगामेड़ी 2015 में श्री राजपूत करणी सेना से अलग हो गए और उन्होंने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का गठन किया। इन दोनों संगठनों ने राजपूत समुदाय के संदर्भ में ऐतिहासिक तथ्यों से कथित छेड़छाड़ को लेकर फिल्म पद्मावत का विरोध किया था। राज्यपाल ने इस घटना का त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस को इस संबंध में अपराधियों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राजभवन के प्रवक्ता के अनुसार राज्यपाल ने पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा से फोन पर तथ्यात्मक जानकारी ली और प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था को सभी स्तरों पर सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस महानिदेशक ने पुलिस को सतकर्तता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार राज्य भर में पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और इस घटना के आरोपियों को पकड़ने के लिए की गई कड़ी नाकेबंदी की गई है। केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा है। शेखावत ने 'एक्स' पर कहा, (मैं) राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के समाचार से स्तब्ध हूं।
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जम्मू। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक (आईजी) डी.के. बूरा ने मंगलवार को दावा किया कि जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर शांति रही और उन्होंने कहा कि पिछले साल पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोई सूचना नहीं मिली। उन्होंने बताया कि ड्रोन गिराने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
बूरा ने यहां संवाददाताओं से कहा, पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई । घुसपैठ की दो से तीन कोशिशें हुई हैं, सभी को विफल कर दिया गया। इसके अलावा हमारे सतर्क सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन करने की तीन पाकिस्तानी तस्करों की कोशिश को भी विफल कर दिया।'' ड्रोन गतिविधियों के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले साल इस तरह की घटनाओं में गिरावट आई है।
बीएसएफ अधिकारी ने कहा, इस साल की शुरुआत में ड्रोन-आधारित तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था। जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन गतिविधि न के बराबर है। पुलिस ने सीमा पार से ड्रोन द्वारा गिराई गई सामग्री को इकट्ठा करने वाले अपराधियों के तंत्र का भंडाफोड़ किया और आतंकवादियों को समर्थन देने वालों को भी गिरफ्तार किया।'' उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की किसी भी गतिविधि में सीमा के पास रहने वालों की कोई संलिप्तता नहीं है। हाल के संघर्ष विराम उल्लंघन पर, बूरा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ऐसी तीन घटनाएं हुईं और बीएसएफ ने ‘‘मुंहतोड़ जवाब'' दिया, जिससे पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंची। आधुनिक बाड़ (स्मार्ट फेंसिंग) और ड्रोन-रोधी व्यवस्था स्थापित करने की परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर, बूरा ने कहा कि ये लगभग पूरे हो चुकी हैं। सुरंगों पर सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले साल आतंकवादियों द्वारा सुरंगों का इस्तेमाल किए जाने की कोई सूचना नहीं मिली। इजराइल पर हमास द्वारा किए गए हमलों की तर्ज पर हवाई हमलों की आशंका के बारे में पूछे जाने पर, बूरा ने पुष्टि की कि ऐसी किसी भी हिमाकत का उचित जवाब दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खेती के संबंध में उन्होंने कहा कि सीमा बाड़ के आगे की 20 प्रतिशत भूमि पर किसान खेती कर रहे हैं। -
नयी दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली राशि को मौजूदा 6,000 रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। तोमर ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा को बताया, इस समय पीएम-किसान योजना की राशि 6,000 रुपये से बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में इस योजना को लागू किया था जिसके तहत किसानों के बैंक खातों में हर साल 6,000 रुपये की राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में हस्तांतरित की जाती है। तोमर ने अपने उत्तर में यह भी बताया कि केंद्र ने अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 2.81 लाख करोड़ रुपये इस योजना के तहत ‘प्रत्यक्ष लाभ अंतरण' (डीबीटी) माध्यम से हस्तांतरित किए हैं। ग्रामीण विकास राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक सदस्य के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि ‘पीएम-किसान' के तहत राज्य सरकारों से करीब 11 करोड़ किसानों की सूची केंद्र को मिली थी जिनमें दो करोड़ नाम फर्जी निकले थे। उन्होंने कहा, सरकार की इच्छा है कि किसान सम्मान निधि योजना को अधिकतम स्तर पर लाया जाए, यानी देश के समस्त किसानों को इसका लाभ मिले और इस दिशा में काम हो रहा है। -
नई दिल्ली। प्रचंड तूफान मिचौंग उत्तर की ओर समानांतर बढ़ते हुए दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र की ओर पहुँचकर जमीन से टकरा चुका है और इसके तट से टकराने की प्रक्रिया अगले तीन घण्टे चल सकती है। चक्रवाती तूफान मिचोंग फिलहाल आंध्रप्रदेश में ओंगोल से बीस किलोमीटर पूर्व और बापतला से 50 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम तटीय क्षेत्र में स्थित है। इस तूफान के अब बापतला के तटीय क्षेत्र के साथ उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। इसकी रफ्तार 90-100 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो और तेज़ होकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। चक्रवात के प्रभाव से भूस्खलन हो रहा है और अगले तीन घंटों तक इसके जारी रहने की संभावना है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की यात्रा पर आए केन्याई राष्ट्रपति विलियम समोई रुतो के साथ व्यापक वार्ता के बाद मंगलवार को केन्या को उसके कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा देने के भारत के फैसले की घोषणा की। रुतो दोनों देशों के बीच समग्र संबंधों का विस्तार करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को यहां पहुंचे। मोदी ने वार्ता के बाद मीडिया को जारी बयान में कहा कि अपनी विदेश नीति में भारत ने हमेशा अफ्रीका को उच्च प्राथमिकता दी है और पिछले करीब एक दशक में मिशन मोड पर इस महाद्वीप के साथ अपने समग्र संबंधों का विस्तार किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति रुतो की भारत यात्रा से न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे बल्कि अफ्रीका के साथ हमारे संबंधों को नई गति मिलेगी।''बाद में मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति रुतो के साथ सार्थक बातचीत हुई आज। हमें भारत-केन्या संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा करने का अवसर मिला। हमने अपने देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। हमारे देश प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचारों, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में भी एक साथ काम करेंगे।'' प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि अफ्रीकन यूनियन के जी20 में शामिल होने के कुछ समय बाद ही रुतो की भारत यात्रा हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की विदेश नीति में अफ्रीका को हमेशा उच्च प्राथमिकता का स्थान दिया गया है। पिछले लगभग एक दशक में हमने मिशन मोड में अफ्रीका के साथ अपना सहयोग बढ़ाया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केन्या को उसके कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए 25 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा, ‘‘एक प्रगतिशील भविष्य की नींव रखते हुए आज हमने सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग सुदृढ़ करने पर विचार किया। और कई नई पहल की पहचान भी की। भारत और केन्या के बीच आपसी व्यापार और निवेश में लगातार प्रगति हो रही है। हमारे आर्थिक सहयोग के पूरी क्षमता के दोहन के लिए हम नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे। भारत केन्या के लिए एक विश्वसनीय और प्रतिबद्ध विकास साझेदार रहा है।'' मोदी ने कहा कि दो कृषि प्रधान अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और केन्या ने अपने अनुभव साझा करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘केन्या के कृषि क्षेत्र का आधुनिकिकरण करने के लिए हमने ढाई सौ मिलियन डॉलर की ऋण सुविधा प्रदान करने का भी निर्णय लिया है।'' उन्होंने कहा कि आधुनिक समय की जरूरतों के अनुसार दोनों देश प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं तथा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) में भारत की उपलब्धियों को केन्या के साथ साझा करने के लिए भारत पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण विषय पर आज किए जा रहे समझौते से हमारे प्रयासों को बल मिलेगा। स्वच्छ ऊर्जा दोनों ही देशों की मुख्य प्राथमिकता है। केन्या द्वारा अफ्रीका जलवायु सम्मेलन की पहल एक बहुत ही सराहनीय कदम है।'' हिंद-प्रशांत का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि क्षेत्र में भारत और केन्या के बीच करीबी सहयोग साझा प्रयासों को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और केन्या का मानना है कि आतंकवाद मानवता के सामने सबसे गंभीर चुनौती है और दोनों पक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष भारत-केन्या आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत और केन्या के राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है लेकिन दोनों देशों के संबंधों का हज़ारों वर्ष पुराना इतिहास है। उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई और मोम्बासा को आपस में जोड़ता हुआ विशाल हिंद महासागर हमारे प्राचीन संबंधों का साक्षी रहा है। इस मज़बूत नींव पर हम सदियों से साथ मिलकर आगे बढ़ते रहे हैं। पिछली सदी में हमने मिलकर उपनिवेशवाद का विरोध किया। भारत और केन्या ऐसे देश हैं जिनका अतीत भी साझा है, और भविष्य भी।'' प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि केन्या ने ‘वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन' और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के साथ ही इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने का फैसला किया है।
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नई दिल्ली। अयोध्या में जनवरी में होने वाले राम मंदिर के उद्घाटन से पहले देशभर में राममय माहौल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार सोशल मीडिया का सहारा लेगी। प्रदेश सरकार सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर की भी इस काम में मदद लेगी। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी जबकि इसके एक सप्ताह पहले ही प्रदेश सरकार की ओर से हर जिले के प्रमुख मंदिरों में अखंड रामायण और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करवा दिया जाएगा। इसके अलावा भगवान राम से जुड़ी हुयी कथाओं व रामायण के प्रसंगों विभिन्न सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों पर प्रचारित व प्रसारित किया जाएगा। पर्यटन व संस्कृति विभाग को इसका जिम्मा सौंपा गया।
योजना के मुताबिक के मुताबिक जनवरी व फरवरी दो महीनों तक पूरे देश में राममय माहौल बनाया जाएगा। इसका काम के लिए प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है।संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर प्रभावी व सक्रिय लोगों से संपर्क साधा जा रहा है। इन इंफ्लूएंसर को रील्स, शार्ट वीडियो आदि बना कर अपने सोशल मीडिया हैंडलों पर डालने के लिए कहा जा रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स व यूट्यूब पर मौजूद इन्फ्लुएंसर्स इन रील्स व वीडियो के माध्यम से माहौल बनाने का काम करेंगे। संस्कृति विभाग इन इंफ्लूएंसर पर 25 लाख रुपये खर्च करेगा।प्राण प्रतिष्ठा व उसके बाद महीने भर तक चलने वाले कार्यक्रमों की तैयारी में जुटे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का कहना है कि प्राण प्रतिष्ठा के दिन पूरे देश में दीपावली मनाई जाएगी।उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा में 6000 लोगों को निमंत्रण भेजा गया है जिनमें संतो के अलाना वीवीआईपी लोग, कार सेवा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन, परमवीर चक्र विजेता अथवा उनके परिजनों के साथ मंदिर आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शामिल हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद से महीने भर तक चलने वाले कार्यक्रमों में देश के विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालु अलग-अलग दिनों में बुलाए जाएंगे।उन्होंने कहा कि आने वालों के रहने व खाने का इंतजाम ट्रस्ट की ओर से किया जा रहा है। मंदिर उद्घाटन को लेकर देश भर के पांच लाख मंदिरों व 10 करोड़ परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।महीने भर तक चलते वाले उद्घाटन समारोह के दौरान राम मंदिर, राम कथा व अयोध्या से संबंधित डाक्यूमेंट्री का निर्माण कर उनका प्रदर्शन किया जाएगा। समारोह के दौरान देश-विदेश के गायकों द्वारा रामायण पर बनाए गए आडियो व वीडियो एल्बम भी रिलीज किए जाएंगे। -
नयी दिल्ली. राज्यसभा ने सोमवार को डाकघरों से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करने के उद्देश्य से लाए गए एक अहम विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। डाकघर विधेयक, 2023 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डाक सेवाओं के निजीकरण संबंधी विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सवाल ही नहीं उठता। डाक सेवाओं के निजीकरण का ना तो विधेयक में कोई प्रावधान है ना ही सरकार की ऐसी कोई मंशा है।'' उन्होंने बताया कि इस कानून के जरिए कई प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है और सुरक्षा संबंधी उपाय भी किए गए हैं। वैष्णव ने विधेयक में ‘इंटरसेप्शन' के प्रावधान के बारे में स्पष्ट किया कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे प्रक्रियाएं पारदर्शी होंगी। सदस्यों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस विधेयक का मकसद डाक सेवाओं को विस्तार देना है। आज डाक सेवा बैंकिंग सेवाओं की तरह काम कर रही है। करीब 26 करोड़ खाते हैं और 17 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। साधारण परिवारों के लिए पैसे बचाने का यह एक जरिया भी है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत तीन करोड़ खाते हैं और इनमें करीब 1.41 लाख करोड़ रुपये जमा हैं।'' उन्होंने कहा कि डाकघरों को व्यावहारिक रूप से एक बैंक में तब्दील किया गया है। उन्होंने कहा कि डाकघरों के विस्तार को देखें तो 2004 से 2014 के बीच 670 डाकघर बंद किए गए वहीं 2014 से 2023 के बीच करीब 5,000 नये डाकघर खोले गये तथा करीब 5746 डाकघर खुलने की प्रक्रिया में हैं। डाक विभाग में खेल कोटे से नौकरियों का खत्म किए जाने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह तो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने ही 2011 में किया था जबकि आज की सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कुछ सदस्यों के उस दावे को भी खारिज किया कि देश में डाक सेवा की शुरुआत अंग्रेजों के जमाने में हुई थी। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र से पर्सिया तक की डाक सेवा 2000 साल पहले स्थापित थी। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की सोच भी अंग्रेजों के जमाने सी है।''
डाक विभाग में नौकरियां नहीं दिए जाने संबंधी आरोपों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस विभाग में 1.25 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। दूरसंचार मंत्री ने कहा कि 1,60,000 डाकघरों को कोर बैंकिंग और डिजिटल बैंकिंग से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि डाकघर में बने 434 पासपोर्ट सेवा केंद्रों में अभी तक करीब सवा करोड़ पासपोर्ट आवेदनों पर समुचित कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 13,500 डाकघर आधार सेवा केंद्र खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि डाक विभाग किफायती कीमतों में आधुनिक सेवा मुहैया कराता है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। विधेयक के उद्देश्य एवं कारण में कहा गया है कि इसका उद्देश्य भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 को निरस्त करना और भारत में डाकघर से संबंधित कानून को समेकित और संशोधित करना और उससे जुड़े या उसके प्रासंगिक मामलों का प्रावधान करना है। इसमें कहा गया है कि भारतीय डाकघर कानून, 1898 भारत में डाकघर के कामकाज को संचालित करने की दृष्टि से 1898 में अधिनियमित किया गया था। यह कानून मुख्यतया डाकघर के जरिए प्रदान की जाने वाली मेल सेवाओं से संबंधित है। इससे पहले, चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि देश में डाक व्यवस्था के कई रूप थे किंतु करीब डेढ़ सौ साल पहले ब्रिटिश शासन ने उसे एकरूपता दी और भारतीय डाक को ‘एक नया रूप और रंग मिला'। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने यह काम जनता के हित के लिए नहीं बल्कि अपने शासन एवं व्यापारिक हितों के लिए किया था। गोहिल ने कहा, ‘‘आज हम फक्र से कह सकते हैं कि दुनिया में सबसे बड़ी और सबसे बेहतरीन डाक सेवा कहीं हैं, तो हमारे यहां है।'' उन्होंने कहा कि ‘कुछ फर्जी डिग्री वाले एवं व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी वाले' यह सवाल करते हैं कि देश में 70 साल में क्या हुआ तो उनको यह बताया जाना चाहिए कि इस दौरान दुनिया की सबसे बेहतरीन डाक सेवा दी गयी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सार्वजनिक उपक्रमों को मारकर निजी क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि टाई पहने कूरियर वाला मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में तो डाक दे जाएगा किंतु क्या वह कच्छ के छोटे से गांव में कूरियर पहुंचाएगा? कांग्रेस सदस्य गोहिल ने सरकार को नसीहत दी कि उसे इस मंशा से निकलना होगा कि लाभ कमाने वाले सार्वजनिक उद्यम यह काम करेंगे और सार्वजनिक उद्यम को बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी गांव गांव में लोगों को भारतीय डाक सेवा पर भरोसा है। विधेयक के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में, डाकघर के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं में काफी विविधता आई है और डाकघर नेटवर्क विभिन्न प्रकार की नागरिक केंद्रित सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक प्रमुख माध्यम बन गया है, जिसके कारण मूल अधिनियम को निरस्त करना और उसके स्थान पर नया कानून लागू करना आवश्यक हो गया है। इसमें जिक्र किया गया है कि डाकघर ऐसी सेवाएं प्रदान करेगा जो केंद्र सरकार नियमों द्वारा निर्धारित करती है। इसके साथ ही डाक सेवा महानिदेशक उन सेवाओं को प्रदान करने के लिए आवश्यक गतिविधियों को लेकर नियम बनाएंगे और ऐसी सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित करेंगे। डाकघर को डाक टिकट जारी करने का विशेषाधिकार होगा। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को विपक्षी दलों से आग्रह किया कि संसद के शीतकालीन सत्र में वे विधानसभा चुनावों में मिली पराजय का ‘गुस्सा' ना निकालें बल्कि उससे सीख लेते हुए पिछले नौ सालों की नकारात्मकता को पीछे छोड़ें और सकारात्मक रूख के साथ आगे बढ़ें, तभी उनके प्रति लोगों का नजरिया बदल सकता है। सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यदि विपक्षी दल ‘विरोध के लिए विरोध' का तरीका छोड़ दें और देश हित में सकारात्मक चीजों में साथ दें तो देश के मन में उनके प्रति आज जो नफरत है, हो सकता है वह मोहब्बत में बदल जाए। चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों को ‘बहुत ही उत्साहवर्धक' करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देश ने नकारात्मकता को नकारा है।'' चार में से तीन राज्यों में भाजपा ने रविवार को भारी बहुमत से जीत हासिल की। मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्य में उसने सत्ता में वापसी की वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने में सफल रही। तेलंगाना में भले ही भाजपा सत्तासीन होने में विफल रही लेकिन दक्षिणी राज्य में उसने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अगर मैं वर्तमान चुनाव नतीजे के आधार पर कहूं तो विपक्ष में जो बैठे हुए साथी हैं उनके लिए यह स्वर्णिम अवसर है। इस सत्र में पराजय का गुस्सा निकालने की योजना बनाने के बजाय, इस पराजय से सीखकर, पिछले नौ साल में चलाई गई नकारात्मकता की प्रवृत्ति को छोड़कर, इस सत्र में अगर सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ेंगे तो देश उनकी तरफ देखने का दृष्टिकोण बदलेगा।'' मोदी ने कहा कि वे (विरोधी दल) विपक्ष में हैं, फिर भी वह उन्हें सकारात्मक सुझाव दे रहे हैं कि सकारात्मक के साथ ही हर किसी का भविष्य उज्ज्वल है और उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कृपा करके बाहर की पराजय का गुस्सा सदन में मत उतारना। हताशा, निराशा होगी... आपके साथियों को दम दिखाने के लिए कुछ न कुछ करना भी पड़ेगा...लेकिन कम से कम लोकतंत्र के इस मंदिर को वह मंच मत बनाइए।'' मोदी ने कहा कि वह अपने लंबे अनुभव के आधार पर कह रहे हैं कि आप (विपक्ष) थोड़ा सा अपना रुख बदलिए और विरोध के लिए विरोध का तरीका छोड़ दीजिए। उन्होंने कहा, ‘‘देश हित में सकारात्मक चीजों का साथ दीजिए। जो कमियां है उन पर चर्चा कीजिए। आप देखिए, देश के मन में आज जो (विपक्ष के प्रति) नफरत पैदा हो रही है... हो सकता है वह मोहब्बत में बदल जाए। तो मौका है यह। इसे जाने मत दीजिए।'' उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर नफरत के माहौल में ‘मोहब्बत की दुकान' खोलने की बात करते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से संसद सत्र में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इसी में उनकी भलाई है कि वह देश को सकारात्मकता का संदेश दें। उन्होंने कहा, ‘‘और इसलिए हर बार मैं करबद्ध प्रार्थना करता रहा हूं कि सदन में सहयोग दीजिए। आज मैं राजनीतिक दृष्टिकोण से भी कहना चाहता हूं कि आपका भी भला इसमें है कि आप देश को सकारात्मकता का संदेश दें। आपकी छवि नफरत की और नकारात्मकता की नहीं बने। लोकतंत्र के लिए यह अच्छा नहीं है। लोकतंत्र में विपक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है, उतना ही मूल्यवान है और उतना ही सामर्थ्यवान भी होना चाहिए। और लोकतंत्र की भलाई के लिए मैं फिर से एक बार अपनी ये भावना प्रकट करता हूं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि जो देश के सामान्य जन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित है और जो सभी समाजों व सभी समूहों की महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों का सशक्तीकरण सुनिश्चित करने पर दृढ़ हो, उसे जनता का भी भरपूर समर्थन मिलता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब सुशासन होता है तो सत्ता विरोधी लहर जैसे शब्द अप्रासंगिक हो जाते हैं। और हम लगातार ये देख रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि अब देश विकसित होने के लक्ष्य में लम्बा इंतजार करना नहीं चाहता है क्योंकि समाज के हर वर्ग में ये भाव पैदा हुआ है कि बस आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा, ‘‘सत्र के प्रारंभ में विपक्ष के साथियों के साथ हमारा विचार-विमर्श होता है। हमारी टीम उनसे चर्चा करती है। मिलकर के सबके सहयोग के लिए हम हमेशा प्रार्थना करते हैं। इस बार भी इस प्रकार की सारी प्रक्रियाएं कर ली गई हैं।'' मोदी ने कहा, ‘‘सार्वजनिक रूप से हमेशा, हमारे सभी सांसदों से आग्रह करता हूं कि लोकतंत्र का यह मंदिर जन आकांक्षाओं के लिए, विकसित भारत की नयी राह को अधिक मजबूत बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण मंच है। मैं सभी सांसदों से आग्रह कर रहा हूं कि वह ज्यादा से ज्यादा तैयारी करके आएं तथा सदन में जो भी विधेयक रखे जाएं, उन पर गहन चर्चा हो।'' उन्होंने कहा कि एक सांसद जब सुझाव देता है तो उसमें जमीनी अनुभव का उत्तम तत्व होता है लेकिन अगर चर्चा ही नहीं होती है तो देश को इसकी कमी खलती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद भवन के नए परिसर का जब उद्घाटन हुआ था तब एक छोटा सा सत्र हुआ था और उसमें ऐतिहासिक निर्णय लिए गए थे। उन्होंने कहा कि लेकिन इस बार लम्बे समय तक इस सदन में कार्य करने का अवसर मिलेगा और हो सकता है कि व्यवस्थाओं में कुछ कमियां महसूस हों लेकिन जैसे-जैसे यह ध्यान में आएगा उसे ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘आवश्यकता के अनुसार बदलाव की भी जरूरत होती है।''
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया। यह सत्र इस महीने की 22 तारीख तक चलेगा। इस दौरान 19 दिन में 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। -
चेन्नई. चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम' के प्रभाव से चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में सोमवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लगातार बारिश के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी भर गया, जिससे 2015 की बाढ़ की पुनरावृत्ति की आशंका पैदा हो गई। बारिश के कारण लोगों को पीने के पानी तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों की बिजली गुल हो गई तथा इंटरनेट सेवा बाधित हुई। चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम' के मंगलवार की पूर्वाह्न आंध्र प्रदेश के समुद्र तट से टकराने की संभावना है।
खराब मौसम के कारण कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द होने से परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
चेन्नई के कई हिस्से और उससे सटे कांचीपुरम, चेंगलपेट और तिरुवल्लुर में पानी भर गया तथा सड़कों पर रुके हुए पानी को निकालने के लिए सरकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया। भारत मौसम विज्ञान (आईएमडी) विभाग द्वारा जारी एक अपडेट के मुताबिक, ‘‘चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम' पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु तटों के पास बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी पर केंद्रित है तथा आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। यह चार दिसंबर को उसी क्षेत्र में गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में तब्दील हो गया। इसके उत्तर की ओर लगभग समानांतर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के करीब बढ़ने और पांच दिसंबर की पूर्वाह्न के दौरान एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में नेल्लोर और मछलीपट्टनम के तट से टकराने की आशंका है।'' कैबिनेट मंत्री उदयनिधि स्टालिन और मा. सुब्रमण्यम ने चेन्नई में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत गतिविधियों का निरीक्षण किया। भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण चेन्नई हवाई अड्डे का संचालन सुबह नौ बजकर 40 मिनट से रात 11 बजे तक निलंबित कर दिया गया है तथा हवाई अड्डे पर आने और जाने वाली लगभग 70 उड़ानें रद्द कर दी गईं। उन्होंने बताया कि रनवे भी बंद हैं। -
नयी दिल्ली. संसद ने सोमवार को ‘अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023' को मंजूरी प्रदान कर दी। इस विधेयक का मकसद अदालत परिसरों में दलालों की भूमिका को खत्म करना है। लोकसभा ने विधेयक पर विस्तृत चर्चा और विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के जवाब के बाद ध्वनिमत से स्वीकृति दी। राज्यसभा में यह विधेयक पिछले मानसून सत्र में पारित किया गया था। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह तय किया है कि उन औपनिवेशिक कानूनों को निरस्त किया जाएगा जो अनुपयोगी हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस संशोधन को लाने का उद्देश्य पूरी तरह पवित्र है।''
मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार में 1486 औपनिवेशिक कानून समाप्त कर दिए गए, जबकि संप्रग सरकार के 10 साल के कार्यकाल में एक भी ऐसा कानून खत्म नहीं किया गया। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदम्बरम ने विधेयक पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि छोटी अदालतों में छोटे-मोटे दलालों के खिलाफ पहल करने के साथ-साथ केंद्र को ‘बड़ी मछलियों' को पकड़ने के लिए प्रावधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक के समर्थन में है, लेकिन जटिल विधिक प्रक्रिया और सामाजिक असमानता के कारण दलाल पैदा होते हैं। भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि सरकार अपना औचित्य खो चुके ब्रिटिशकालीन कानूनों को निरस्त करने के प्रति वचनबद्ध है। भाजपा के ही पी. पी. चौधरी ने कहा कि न्यायपालिका में दलालों की मौजूदगी का नुकसान समाज के अंतिम छोर के लोग उठाते हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सदस्य सुप्रिया सुले ने विधेयक वापस लेने, स्थायी समिति को समीक्षा के लिए भेजने तथा एक विस्तारित विधेयक पेश करने की सरकार से मांग की। विधेयक पर चर्चा में कई अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।
विधेयक पर चर्चा और मंत्री के जवाब के बाद सदन ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।
सरकार ने भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के परामर्श से लीगल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1879 को निरस्त करने और अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में संशोधन करने का निर्णय लिया है। विधेयक का उद्देश्य ‘अनावश्यक अधिनियमों' की संख्या कम करने के लिए अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में ‘लीगल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1879' की धारा 36 के प्रावधानों को शामिल करना है। यह धारा अदालतों में दलालों की सूची तैयार करने और प्रकाशित करने की शक्ति प्रदान करती है। -
अमरावती. आंध्र प्रदेश के पश्चिम-मध्य और तटीय दक्षिण क्षेत्र में मंडरा रहा चक्रवात ‘मिगजॉम' गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अमरावती मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बयान में कहा कि गंभीर चक्रवाती तूफान के धीरे-धीरे तेज होने और उत्तर की ओर लगभग समानांतर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के करीब बढ़ने तथा नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच, बापटला के करीब से गुजरने की संभावना है। बयान में कहा गया कि सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मौसम प्रणाली आठ किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गई और दक्षिण आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु तटों के क्षेत्र में केंद्रित हो गई। अधिकारी ने कहा कि यह चेन्नई से 90 किमी पूर्व से उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 17 किमी दक्षिण-पूर्व, पुडुचेरी से 200 किमी उत्तर-पूर्व, बापटला से 300 किमी दक्षिण से दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 320 किमी दक्षिण में केंद्रित है। मौसम प्रणाली के कारण 100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने सोमवार से बुधवार तक अगले तीन दिन में आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान दोहराया है। चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम' के मद्देनजर राज्य के कई स्थानों पर भारी वर्षा हो रही है। लगातार बारिश के कारण, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने अस्थायी रूप से भक्तों को श्री कपिलतीर्थम झरने पर पवित्र स्नान करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है।
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आइजोल. जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने मणिपुर विधानसभा की 40 में से 27 सीट जीतकर सोमवार को राज्य में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। निर्वाचन आयोग की तरफ से यह जानकारी दी गई। जीत हासिल करने वाले जेडपीएम के प्रमुख नेताओं में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लालदुहोमा शामिल हैं। उन्होंने सेरछिप सीट पर मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के जे. माल्सावमजुआला वानचावंग को 2,982 मतों से हराया। राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट को नौ सीटों पर जीत मिली है जबकि एक सीट पर उसका उम्मीदवार आगे है। उसने जिन सीटों पर जीत हासिल की उनमें हाच्चेक, मामिक, तुइरियाल, सेरलुई, तुइवावल, ईस्ट तुइपुई, वेस्ट तुइपुई, थोरंग और तुईछांग शामिल हैं। भाजपा ने पलक और सैहा सीट अपने नाम कर ली है। कांग्रेस ने लांग्तलाई वेस्ट सीट पर जीत हासिल की।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव में जिन नेताओं को हार का सामना करना पड़ा उनमें उप मुख्यमंत्री और एमएनएफ उम्मीदवार तावंलुइया शामिल हैं जो तुइचांग में जेडपीएम उम्मीदवार से हार गए। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री और एमएनएफ उम्मीदवार आर लालथंगलियाना दक्षिण तुईपुई में जेडपीएम के जेजे लालपेखलुआ से हार गए और ग्रामीण विकास मंत्री लालरुआत्किमा को आइजोल वेस्ट-द्वितीय सीट पर जेडपीएम के उम्मीदवार लालनघिंगलोवा हमार से हार झेलनी पड़ी। आयोग ने बताया कि मुख्यमंत्री जोरमथंगा आइजोल ईस्ट-प्रथम सीट पर जेडपीएम उम्मीदवार लालथनसांगा से 2,101 मतों से हार गए। जेडपीएम ने जिन सीट पर जीत हासिल की, उनमें कोलासिब, चालफिल, तवी, आइजोल नॉर्थ-प्रथम, आइजोल नॉर्थ-द्वितीय, आइजोल नॉर्थ-तृतीय, आइजोल ईस्ट-प्रथम, आइजोल ईस्ट-द्वितीय, आइजोल वेस्ट-प्रथम, आइजोल वेस्ट-द्वितीय, आइजोल वेस्ट-तृतीय, आइजोल साउथ-प्रथम, आइजोल साउथ-द्वितीय, आइजोल साउथ-तृतीय, लेंगतेंग, तुइचांग, चम्फाई नॉर्थ, चम्फाई साउथ, तुइकुम, ह्रांगतुर्जो, साउथ तुइपुई, लुंगलेई नॉर्थ, लुंगलेई ईस्ट, लुंगलेई वेस्ट, लुंगलेई साउथ, लांग्तलाई ईस्ट और सेरछिप शामिल हैं ।
मिजोरम विधानसभा के लिए मतदान सात नवंबर को हुआ था और राज्य के 8.57 लाख मतदाताओं में से 80 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। चुनाव में 18 महिलाओं सहित कुल 174 उम्मीदवार मैदान में थे। मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) और कांग्रेस ने 40-40 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि भाजपा ने 23 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। मिजोरम में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके अलावा 17 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे। -
नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध के रजिस्टर मामलों की संख्या 2021 में 428,278 की तुलना में 2022 में 4 प्रतिशत बढ़कर 445,256 हो गई। 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले मेट्रो शहरों में, 2022 में ऐसे अपराधों की वृद्धि 12.3 प्रतिशत बढ़कर 48,755 हो गई।
राज्यों के बात करें, तो उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध दर्ज किए गए। पिछले साल यूपी में ऐसे मामलों की संख्या 56,083 थी। “भारत में अपराध 2022” रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में, यूपी में 49,385 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे। 2022 में, यूपी के बाद महाराष्ट्र (45,331 मामले) और राजस्थान (45,058 मामले) थे। आंकड़ों से पता चला कि भारत के ज्यादातर राज्यों में महिलाओं के खिलाफ मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है।केंद्र शासित प्रदेशों में, दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध दर्ज किए गए। भले ही यह 2021 में दर्ज मामलों से कम था, लेकिन यह संख्या 2020 में दिल्ली में दर्ज 10,093 मामलों से काफी ज्यादा थी।महानगरीय शहरों में, महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध दिल्ली शहर में 14,158 दर्ज किए गए। इसके बाद मुंबई में 6,176 मामले और बेंगलुरु में 3,924 मामले थे।दिलचस्प बात यह है कि महिलाओं के खिलाफ कुल अपराध की दर – प्रति 100,000 महिलाओं पर ऐसे मामले – जयपुर में सभी मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में शहर में प्रति 100,000 महिलाओं पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के 239.3 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद दिल्ली में 186.9 और इंदौर में 174.3 मामले दर्ज किए गए।राज्यों में, महिलाओं के खिलाफ अपराध की सबसे ज्यादा दर हरियाणा (118.7) में दर्ज की गई, इसके बाद तेलंगाना (117) और राजस्थान (115.1) का स्थान है।कुल मिलाकर, 2022 में अपराध दर 66.4 थी, जबकि 2021 में यह 64.5 थी।भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत महिलाओं के खिलाफ अपराध के ज्यादातर मामले “पति या उसके घरवालों द्वारा क्रूरता” (31.4 प्रतिशत) कैटेगरी के तहत दर्ज किए गए थे। इसके बाद “महिलाओं की किडनैपिंग” (19.2 प्रतिशत), “महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला” (18.7 प्रतिशत), और “बलात्कार” (7.1 प्रतिशत) का नंबर आया। -
नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ के प्रभाव से चेन्नई और इसके आसपास के जिलों में सोमवार को भी भारी बारिश जारी रही। इस तूफान के पांच दिसंबर को आंध्र प्रदेश के समुद्र तट से टकराने की संभावना है। लगातार भारी बारिश के कारण शहर के निचले और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। नगर निगम के कर्मचारी शहर में जगह-जगह भरे पानी को निकालने की कोशिश में जुटे हैं।
चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ के प्रभाव के कारण चेन्नई और आसपास के चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में रविवार देर रात से भारी बारिश जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक चक्रवाती तूफान तीन दिसंबर को रात साढ़े ग्यारह बजे पुडुचेरी से करीब 210 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, चेन्नई से 150 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है।इसके पांच दिसंबर को पूर्वाह्न उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर मजबूत होकर आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और मछलीपट्टनम के समुद्र तट से टकराने की संभावना है। चक्रवात की वजह से रेल एवं हवाई सेवाओं को रद्द किया गया है या उनमें देरी हुई है। - आइजोल। जोरम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने मणिपुर विधानसभा की 40 में से 24 सीट जीतकर सोमवार को राज्य में बहुमत हासिल कर लिया। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी।आयोग ने बताया कि मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना के बीच जेडपीएम 24 सीट जीतने के अलावा 3 अन्य सीट पर आगे है। जीत हासिल करने वाले जेडपीएम के प्रमुख नेताओं में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लालदुहोमा शामिल हैं। उन्होंने सेरछिप सीट पर मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के जे. माल्सावमजुआला वानचावंग को 2,982 वोट से हराया।जेडपीएम ने जिन सीट पर जीत हासिल की, उनमें कोलासिब, चालफिल, तवी, आइजोल नॉर्थ-द्वितीय, आइजोल वेस्ट-प्रथम, आइजोल वेस्ट-द्वितीय, आइजोल वेस्ट-तृतीय, आइजोल साउथ-प्रथम, आइजोल साउथ-तृतीय, लेंगतेंग, तुइचांग, चम्फाई नॉर्थ, तुइकुम, ह्रांगतुर्जो, साउथ तुइपुई, लुंगलेई वेस्ट, लुंगलेई साउथ और लांग्टलाई ईस्ट शामिल हैं।सत्तारूढ़ एमएनएफ ने सात सीट जीत ली हैं और वह तीन सीट पर आगे है। भाजपा ने पलक और सैहा सीट अपने नाम कर ली है। कांग्रेस एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
- नयी दिल्ली । अधिक वजन होने से ‘एसएआरएस-सीओवी-2’ संक्रमण के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बाधित हो सकती है, लेकिन कोविड-19 टीकाकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा पर इसका असर नहीं होता। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। ‘क्लीनिकल एंड ट्रांसलेशनल इम्यूनोलॉजी’ जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन इस बात पर आधारित है कि कैसे कोविड-19 अधिक वजन वाले लोगों को प्रभावित करता है।ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड विश्वविद्यालय में पीएचडी उम्मीदवार मार्कस टोंग ने कहा, “हमने पहले यह दिखाया है कि ज्यादा वजन होना (केवल मोटा होना नही), ‘एसएआरएस-सीओवी-2’ के खतरे को बढ़ाता है।”टोंग ने कहा, ‘‘लेकिन इससे पता चलता है कि ज्यादा वजन होने से संक्रमण के प्रति कमजोर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है, लेकिन टीकाकरण के प्रति यह बेअसर रहती है।”शोधकर्ताओं की एक टीम ने उन लोगों के रक्त के नमूने एकत्र किए जो कोविड-19 से उबर चुके थे और अध्ययन अवधि के दौरान संक्रमण के लगभग 13 महीने बाद तक दोबारा संक्रमित नहीं हुए थे।टोंग ने कहा, ‘‘संक्रमण के तीन महीने बाद, एक उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कम एंटीबॉडी स्तर से जुड़ा था’’उन्होंने कहा, “संक्रमण के 13 महीने बाद, एक उच्च बीएमआई, कम एंटीबॉडी गतिविधि और प्रासंगिक बी कोशिकाओं के प्रतिशत में कमी देखी गई थी। यह कोशिका कोविड-19 से लड़ने वाले एंटीबॉडी बनाने में मदद करती है।” क्वीन्सलैंड विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर किर्रस्टी शॉर्ट ने कहा कि परिणामों से स्वास्थ्य नीति में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा ‘‘अगर संक्रमण से अधिक वजन वाले लोगों में गंभीर बीमारी और कमजोर प्रतिक्रिया का खतरा बढ़ता है तो इस समूह को पुन: संक्रमित होने का खतरा भी अधिक है। यह देखते हुए इस समूह के लिए टीकाकरण आवश्यक हो जाता है।’’















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