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- नयी दिल्ली। खानपान की सामग्री घर पर पहुंचाने की सेवा देने वाली कंपनी जोमेटो को ‘लगान' फिल्म में ‘कचरा' का दलित किरदार अदा करने वाले अभिनेता को अपशिष्ट वस्तुओं से बनने वाली सामग्री के विज्ञापन में दिखाने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उसने अनजाने में भावनाओं को आहत करने के लिए .गुरुवार को माफी भी मांगी।विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को टेलीविजन पर प्रसारित विज्ञापन में कचरे के लिए फिल्म के पात्र ‘कचरा' की तस्वीर दिखाई गयी। सोशल मीडिया पर विज्ञापन की आलोचनाएं शुरू हो गयीं और इसे जातिवादी बताया जाने लगा जिसके बाद कंपनी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से खेद जताया गया और कहा गया कि ‘‘प्लास्टिक कचरे के बारे में जागरुकता फैलाने और हास्यपूर्ण तरीके से पुनर्चक्रण के फायदे बताने का'' इरादा था। इसमें कहा गया, ‘‘हो सकता है कि अनजाने में हमने कुछ समुदायों और लोगों की भावनाओं को आहत किया हो। हमने वीडियो को हटा दिया है।'' ट्विटर पर लोगों ने इस विज्ञापन को ‘बेहूदा', ‘पूरी तरह जातिवादी' और ‘बेहद असंवेदनशील' करार दिया। फिल्म ‘मसान' के निर्देशक नीरज घेवन, फिल्मकार मधुरिता आनंद और दलित इतिहासकार करुण्यकारा लेला ने विज्ञापन के खिलाफ अपने विचार साझा किये।
- बेंगलुरु,। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने .गुरुवार को कहा कि‘हाइपरसोनिक एयर ब्रीदिंग' यान ‘हवा' के संबंध में अंतरिक्ष एजेंसी की परीक्षण सुविधा के बारे में जल्द ही एक घोषणा होगी। अंतरिक्ष वैज्ञानिक ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि इसरो का ध्यान ‘एयर ब्रीदिंग' तकनीक पर नहीं था क्योंकि वह अंतरिक्ष को लेकर ज्यादा काम करना चाहता है। ‘एयर ब्रीदिंग' इंजन वे होते हैं जो ईंधन जलाने के लिए आसपास के परिवेश से हवा लेते हैं, जैसे जेट इंजन। इसलिए यह अंतरिक्ष यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि अंतरिक्ष में कोई हवा/वायुमंडल नहीं है। सोमनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया, “हम 200 से अधिक सेकंड के लिए हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने के वास्ते एक नया रॉकेट ‘हवा' भी विकसित कर रहे हैं। आप ‘एयर ब्रीदिंग' के लिए नए ईंधन के साथ हमारे परीक्षण संयंत्र के बारे में जल्द ही कुछ घोषणाएं भी सुनेंगे।” ‘हवा' का मतलब वायु एकीकृत प्रणाली के साथ ‘हाइपरसोनिक एयर ब्रीदिंग व्हीकल' है।‘एयर ब्रीदिंग' तकनीक को लेकर हुई प्रगति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सोमनाथ ने कहा कि इसरो इसे किसी रॉकेट के तत्काल इनपुट के तौर पर नहीं बल्कि प्रौद्योगिकी क्षमता के तौर पर देख रहा है। सोमनाथ ने बताया, “अगर वहां हवा है, तो वह अंतरिक्ष नहीं है।” उन्होंने कहा, “इसरो मुख्य रूप से ‘एयर ब्रीदिंग' तकनीक में बहुत ज्यादा शामिल नहीं है क्योंकि हम हवा में नहीं रहना चाहते, हम अंतरिक्ष में जाना चाहते हैं। लेकिन हम प्रौद्योगिकी का विकास करते हैं क्योंकि क्षमताओं के मामले में यह एक बहुत ही उच्च तकनीक है जो हमारे पास है - दहन आदि के संदर्भ में। इसलिए हम इंजन का परीक्षण कर रहे हैं। हम अपनी महेंद्रगिरि सुविधा में परीक्षण कर रहे हैं जहां हमने हाइपरसोनिक परीक्षण सुविधा स्थापित की है।” नई पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (एनजीएलवी) के बारे में सोमनाथ ने कहा कि इसरो एक ‘आर्किटेक्चरल रॉकेट' बना रहा है और विभिन्न केंद्रों की एक बड़ी टीम इस पर काम कर रही है।
- नयी दिल्ली। भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम नयी पीढ़ी की ‘अग्नि प्राइम' मिसाइल का ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से सफलतापूर्वक रात्रिकालीन परीक्षण कर देश के सामरिक महत्व की हथियार प्रणाली को मजबूती दी है। अधिकारियों ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सामरिक बल कमान ने 1,000 से 2,000 किलोमीटर (किमी) तक की मारक क्षमता वाली मिसाइल का पहला ‘प्री-इंडक्शन' (सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पहले) रात्रिकालीन परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण ने सभी वांछित लक्ष्यों को पूरा किया और इस तरह इसने इस हथियार को सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच मिसाइल का यह परीक्षण किया गया है।रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम' का डीआरडीओ ने ओडिशा तट पर स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सात जून को सफल परीक्षण किया।'' इसने एक बयान में कहा, ‘‘मिसाइल के तीन सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद इसे सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पूर्व उपयोगकर्ता द्वारा किया गया यह पहला रात्रिकालीन परीक्षण था, जो इसकी सटीकता और इस पर विश्वसनीयता को मान्यता देता है।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सशस्त्र बलों को इस सफलता पर और नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। मंत्रालय ने कहा, ‘‘परीक्षण के लिए रडार, टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे उपकरण विभिन्न स्थानों पर लगाये गये थे।'' डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने इसकी (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाओं के दलों और परीक्षण में शामिल उपयोगकर्ताओं द्वारा की गई कोशिशों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि अग्नि-5 की जद में चीन का सुदूर उत्तर क्षेत्र और यूरोप के कुछ क्षेत्र सहित पूरा एशिया आ जाएगा। अग्नि-1 से अग्नि-4 तक, मिसाइलों की रेंज 700 किमी से लेकर 3,500 किमी तक है और उन्हें पहले ही तैनात किया जा चुका है।
- नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक समिति ने सुझाव दिया है कि किसी भी छात्र को जरूरी संख्या में ‘क्रेडिट' हासिल करने पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री सहित अहर्ता प्रदान की जा सकती है, चाहे उसने संबंधित पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम अवधि पूरी की हो या नहीं। ‘डिग्री के विशिष्टीकरण पर अधिसूचना की समीक्षा और नयी डिग्री के नामकरण पर सुझाव देने संबंधी विशेषज्ञ समिति' ने सुझाव दिया है कि उच्च शिक्षा में बहुविध प्रवेश एवं निकासी के प्रावधानों के अधीन ‘‘स्नातक कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट एवं पाठ्यक्रम रूपरेखा'' के तहत स्नातक सर्टिफिकेट, स्नातक डिप्लोमा और स्नातकोत्तर डिप्लोमा स्तरीय योग्यता को मान्यता देना उपयुक्त होगा। यूजीसी की समिति ने कहा, ‘‘किसी भी छात्र को जरूरी संख्या में क्रेडिट हासिल होने पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री सहित योग्यता (अहर्ता) प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है चाहे उसने पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम अवधि पूरी की हो या नहीं।'' इसमें कहा गया है कि डिग्री नामकरण को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप परिवर्तित किया जा सकता है।समिति ने कहा है कि इस उद्देश्य के लिए गठित स्थायी समिति इस बारे में विचार करेगी और आयोग के समक्ष सिफारिश पेश करेगी। आयोग से मंजूरी मिलने पर यूजीसी नये डिग्री नामकरण को अधिसूचित करेगी।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि जिस दिन अलग से रेल बजट पेश करने का चलन बंद हुआ, उसी दिन से भारतीय रेल तबाह हो गई। नरेन्द्र मोदी सरकार ने लगभग 100 वर्षों की प्रथा को समाप्त करते हुए 2017 में रेल बजट का विलय केंद्रीय बजट में कर दिया था। बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मैं रेल मंत्री थी तो हमारे पास विभिन्न रेलवे विभागों, जैसे वित्त, कर्मचारी कल्याण, सिग्नलिंग, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल, के लिए कैबिनेट रैंक के छह सचिव रखने का विकल्प था। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में मदद की। आज यह समन्वय समाप्त हो गया है।" उन्होंने कहा, ‘‘जिस दिन हमने अलग से बजट पेश करना बंद किया, उसी दिन से भारतीय रेल तबाह हो गई। ऐसा लगता है कि आजकल किसी को भी इन चीजों की परवाह नहीं है।'' तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख का यह बयान दो जून को ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे के बाद आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के निवासियों सहित 288 लोग मारे गए हैं। बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ट्रेन हादसे के पीछे की सच्चाई को दबाने में लगी है। मणिपुर में अशांति का उल्लेख करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र पत्रकारों सहित किसी को भी इस पूर्वोत्तर राज्य का दौरा करने की अनुमति नहीं दे रहा है, ताकि वह सच्चाई को दबा सके। उन्होंने कहा कि मणिपुर और उत्तर प्रदेश में हो रहे अत्याचारों पर चुप रहने के लिए उन्हें (भाजपा को) खुद पर शर्म आनी चाहिए।
- मुरैना (मप्र)। मध्य प्रदेश के दमोह में छात्राओं की वर्दी से जुड़े विवाद को लेकर गंगा-जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने .गुरुवार को कहा कि विद्यालयों को धर्मांतरण में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी और वर्दी को लेकर ऐसा नियम लागू नहीं किया जायेगा, जो भारतीय संस्कृति के अनुरूप न हो। चौहान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उस निजी स्कूल पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दिये थे, जिसने छात्राओं को वर्दी के रूप में हिजाब जैसा ‘हेड स्कार्फ' पहनाया। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के ऐसे सभी विद्यालयों की जांच की जाएगी। किसी भी संस्था को धर्म परिवर्तन करने या वर्दी संबंधी ऐसा नियम लागू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार न हो।'' चौहान ने कहा, ‘‘हम इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं और इसमें शामिल आरोपियों को नहीं बख्शेंगे।''राज्य के शिक्षा विभाग ने पिछले हफ्ते गंगा-जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता निलंबित कर दी थी, क्योंकि एक पोस्टर में हिंदू छात्राओं सहित अन्य लड़कियों को वर्दी के हिस्से के तौर पर हिजाब की तरह दिखने वाले ‘हेड स्कार्फ' को पहने हुए दिखाया गया था।
- नयी दिल्ली,। देश में कोविड-19 महामारी के दौरान मोतियाबिंद की सर्जरी के ‘बैकलॉग' को खत्म करने के लिए इस वर्ष 17 जनवरी से अब तक विशेष अभियान के तहत 83 लाख से अधिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इससे मोतियाबिंद के कारण होने वाले अंधेपन के मामलों में कमी आई है।स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “महामारी के दौरान नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस एंड विजुअल इम्पेयरमेंट (एनपीसीबीवीआई) के तहत मोतियाबिंद सर्जरी काफी हद तक प्रभावित हुई थी। इसलिए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले के मामलों के लिए एक विशेष अभियान की योजना बनाई और कम से कम 75 लाख मोतियाबिंद सर्जरी करने का लक्ष्य रखा। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मोतियाबिंद सर्जरी की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।” अधिकारी ने बताया, “लेकिन हमने लक्ष्य को पार कर लिया है, क्योंकि 17 जनवरी से अब तक 83 लाख से अधिक मोतियाबिंद सर्जरी की जा चुकी हैं।” एनपीसीबीवीआई द्वारा 2015-2019 में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 2019 में अंधेपन के प्रसार में 0.36 प्रतिशत की गिरावट आई थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत, 2025 तक अंधेपन के प्रसार को 0.25 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है।
- भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने करीब एक सप्ताह पहले हुई बालासोर रेल दुर्घटना में मृतकों के 82 शव मिलने के बाद उनकी पहचान के लिए .गुरुवार को पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के अधिकारियों से चर्चा की और यहां संरक्षित शवों की शीघ्र पहचान तथा निपटान में मदद मांगी। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के आयुक्त विजय अमृत कुलंगे ने कहा, ‘‘हम शवों के दावेदारों को सत्यापित करने और पहचान प्रक्रिया को तेज करने के लिए अन्य राज्यों की सरकार के अधिकारियों के साथ भी समन्वय कर रहे हैं।'' कुलंगे ने कहा कि बीएमसी रेलवे और भुवनेश्वर-एम्स के बीच समन्वय कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों से शवों की पहचान में तेजी लाने में मदद करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ितों के परिजनों की मदद करने के लिए नियंत्रण केंद्र बनाया गया है। शव लेने आने वाले लोगों के लिए भोजन और रहने की भी व्यवस्था की जा रही है।'' भुवनेश्वर-एम्स ने कहा कि संस्थान में रखे गए 162 शवों में से 80 शवों को मृत व्यक्तियों के परिवारों को सौंप दिया गया है, जबकि 82 शवों की पहचान अब तक नहीं की जा सकी है। file photo
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नई दिल्ली। चक्रवात बिपरजॉय के इस समय पोरबंदर से 870 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित होने को देखते हुए गुजरात के तटवर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इसके असर से दक्षिणी गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 13 जून तक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार बढ़कर 50 किलोमीटर प्रतिघंटे भी हो सकती है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस या पैक्स) को उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव और संपत्ति का सर्वेक्षण करने के लिए ड्रोन उद्यमियों के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। सहकारिता मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह सहकारिता मंत्री अमित शाह और रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया के बीच हुई बैठक में लिए गए पांच प्रमुख फैसलों में से एक था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मैपिंग के आधार पर खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के रूप में काम नहीं करने वाले पैक्स की पहचान की जाएगी और उन्हें व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से खुदरा विक्रेताओं के तौर पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) के रूप में काम नहीं कर रहे पैक्स को पीएमकेएसके के दायरे में लाया जाएगा। देश भर में लगभग एक लाख पैक्स मौजूद हैं। इसके अलावा पैक्स को जैविक उर्वरकों, विशेष रूप से खमीरयुक्त (फर्मेन्टेड) जैविक खाद (एफओएम)/तरल फर्मेन्टेड जैविक खाद (एल-एफओएम)/फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद (पीआरओएम) के विपणन से भी जोड़ा जाएगा। सहकारिता मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन महत्वपूर्ण फैसलों से पैक्स की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसान स्थानीय स्तर पर खाद, कीटनाशक, बीज और कृषि मशीनरी प्राप्त कर सकेंगे।'' -
नयी दिल्ली. ओडिशा रेल दुर्घटना के मद्देनजर रेलवे ने अपने सभी मंडलों को ट्रेन प्रबंधकों तथा नियंत्रकों को उनके कर्तव्यों के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए सत्र आयोजित करने की सलाह दी है ताकि रेलगाड़ियों का सुरक्षित और सुगम आवागमन हो सके। गत दो जून को बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में 288 लोगों की मौत हो गयी और 1,000 से अधिक यात्री घायल हो गये। रेल मंत्रालय ने घटना की प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के साथ संभावित छेड़छाड़ की बात सामने आने के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी है। रेलवे बोर्ड ने प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधकों को भेजे परामर्श में कहा कि भारतीय रेलवे की ट्रेनों के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए ट्रेन प्रबंधकों और अनुभाग नियंत्रकों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में समय-समय पर परामर्श देने की एक प्रणाली की आवश्यकता है। उसने कहा, ‘‘कुछ जोन में यह प्रणाली पहले से है और समस्त जोन में सभी स्टेशन मास्टर (एसएम) के लिए है।'' रेलवे ने अधिकारियों से कहा है कि परामर्श को अत्यावश्यक समझा जाए। -
नयी दिल्ली. लुटियंस दिल्ली स्थित एक पांच सितारा होटल में अपने परिवार के साथ ठहरने के लिए 3.65 लाख रुपये का बिल चुकाने से इनकार करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। होटल के सहायक प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि व्यक्ति और उसके परिवार ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि भुगतान 31 मई को किया जाएगा और दो कमरे बुक किए। पुलिस ने प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि वे 28 मई को होटल आए थे, लेकिन उन्होंने वादा की गई तारीख पर भुगतान नहीं किया। उन्होंने बताया कि आरोपी ने कथित रूप से फर्जी यूटीआर (यूनिक ट्रांजैक्शन रेफरेंस) नंबर दिखाते हुए होटल की ऋण नीति का उल्लंघन किया। आरोपी ने यूटीआर नंबर का हवाला दे दावा किया गया कि उसने बैंक हस्तांतरण के जरिये पहले ही 6,50,000 रुपये का भुगतान कर दिया है। प्राथमिकी में कहा गया है कि लेकिन जांच करने पर उनके द्वारा ऐसा कोई लेन-देन नहीं पाया गया और जब उनसे इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने आश्वासन दिया कि भुगतान तीन जून को कर दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान, उन्होंने होटल की सभी सेवाओं का आनंद लिया और फिर से सुनिश्चित तिथि पर वे भुगतान करने में विफल रहे। इसमें कहा गया है कि जब होटल कर्मियों ने उससे भुगतान के संबंध में पूछताछ की तो उसने होटल के कर्मचारियों को धमकी दी कि वह पुलिस को बुलाएगा और उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाएगा। उसने भुगतान करने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर होटल के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और होटल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उस व्यक्ति ने 3,65,965 रुपये के बिल का भुगतान नहीं किया।
पुलिस ने बताया कि दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मंगलवार को व्यक्ति और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। -
कोच्चि. केरल पुलिस की फिल्मोद्योग में कथित रूप से मौजूद मादक पदार्थों की समस्या को समाप्त करने की कोशिश में उस समय बाधा पैदा हुई, जब मलयालम फिल्म निर्देशकों ने शूटिंग स्थलों समेत उनके कार्यस्थलों की पूर्ण निगरानी किए जाने का विरोध किया। ‘फेफका डायरेक्टर्स यूनियन' ने कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि वह शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती की इजाजत नहीं देगा। जाने माने निर्देशक और ‘फेफका डायरेक्टर्स यूनियन' के महासचिव बी उन्नीकृष्णन ने कहा कि ऐसी धारणा बनायी जा रही है कि फिल्मोद्योग में युवा नशे के आदी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हाल में ऐसी चर्चा चल रही है। ऐसे में प्राधिकारियों का यह मानना है कि इस क्षेत्र-फिल्मोद्योग- पर पूर्ण निगरानी की जरूरत है।'' इस दिशा में कदम उठाते हुए पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की इकाइयां तैनात की जाएंगी। कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त के सेतु रमण ने पिछले महीने कहा था कि यहां सभी शूटिंग स्थलों पर अब पुलिस की मौजूदगी होगी। उन्होंने कहा था कि सादे कपड़ों में पुलिस सभी शूटिंग स्थलों पर होगी तथा नशीले पदार्थों के सेवन या बिक्री की कोई सूचना मिलने पर छापे मारे जायेंगे। उन्नीकृष्णन ने कहा कि ‘फेफका' का मानना है कि सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती या पूर्ण निगरानी की जरूरत नहीं है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती कोई व्यावहारिक हल नहीं है। उन्हें आसानी से पहचान लिया जाएगा क्योंकि हमें पता होता है कि क्रू के सदस्य कौन-कौन हैं और कौन-कौन नहीं। इसके अलावा, ऐसे स्थान बंद परिवेश होते हैं और किसी बाहरी का अंदर आना आसान नहीं होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमारे ‘फ्रेम' में भी नहीं आ सकती। इसकी अनुमति नहीं है। इसके अलावा, सादे कपड़ों में तैनात पुलिस की मौजूदगी में काम करना मुश्किल होगा। हम इसके खिलाफ हैं। हम पूर्ण निगरानी नहीं चाहते हैं। हम इसका विरोध करेंगे।''
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बालासोर. ओडिशा में बहनागा उच्च विद्यालय के छात्र अपनी कक्षाओं में वापस आने से डर रहे हैं। इस विद्यालय में रेल हादसे के बाद शव रखे गये थे। ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में 288 यात्रियों की मौत हुई थी। इस दुर्घटना के तुरंत बाद, 65 साल पुराने इस स्कूल भवन में कफन में लिपटे शवों को रखा गया था। छात्र अब इस स्कूल में आने से कतरा रहे हैं और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने राज्य सरकार से इमारत को गिराने की गुहार लगाई है क्योंकि यह बहुत पुरानी है। बहनागा उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रमिला स्वैन ने स्वीकार किया, “छात्र डरे हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि स्कूल ने “धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने और कुछ अनुष्ठान करने की योजना बनाई है।” उन्होंने कहा कि स्कूल के कुछ वरिष्ठ छात्र और एनसीसी कैडेट भी बचाव कार्य में शामिल हुए थे।
स्कूल और जन शिक्षा विभाग के निर्देश पर बृहस्पतिवार को स्कूल का दौरा करने वाले बालासोर के जिलाधिकारी दत्तात्रय भाऊसाहेब शिंदे ने कहा, “मैंने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों, प्रधानाध्यापिका, अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की है। वे पुरानी इमारत को तोड़कर उसका जीर्णोद्धार करना चाहते हैं ताकि बच्चों को कक्षाओं में जाने में कोई डर या आशंका न हो।'' एसएमसी के एक सदस्य ने जिलाधिकारी को बताया कि स्कूल की इमारत में पड़े शवों को टेलीविजन चैनलों पर देखने के बाद, "बच्चे प्रभावित हुए हैं और 16 जून को फिर से स्कूल खुलने पर वे आने से कतरा रहे हैं।'' हालांकि शवों को भुवनेश्वर ले जाया गया है और स्कूल परिसर को साफ कर दिया गया है लेकिन छात्र और अभिभावक डरे हुए हैं। एक छात्र ने कहा, ‘‘यह भूलना मुश्किल है कि हमारे स्कूल की इमारत में इतने सारे शव रखे गए थे।''
एसएमसी ने शुरू में शव रखने के लिए केवल तीन कक्षाओं की अनुमति दी थी। बाद में जिला प्रशासन ने पहचान के लिए शवों को रखने के लिए स्कूल के हॉल का इस्तेमाल किया था। एक अभिभावक सुजीत साहू ने कहा, ‘‘हमारे बच्चे स्कूल जाने से इनकार कर रहे हैं और उनकी माताएं उन्हें अब शिक्षण संस्थान भेजने की इच्छुक नहीं हैं।'' कुछ माता-पिता अपने बच्चों को बहनागा विद्यालय में भेजने के बजाय शिक्षण संस्थान बदलने की भी सोच रहे हैं। इस बीच बालासोर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बिष्णु चरण सुतार ने छात्रों और अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए बुधवार को एसएमसी और पूर्व छात्र सदस्यों के साथ बैठक की ताकि वे किसी भी नकारात्मक विचारों को बढ़ावा न दें। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी छात्र इस वजह से स्कूल नहीं छोड़े।''
डीईओ ने कहा कि स्कूल और स्थानीय लोगों ने रेल दुर्घटना के दौरान बचाव और राहत अभियान में बहुत योगदान दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने एसएमसी से इमारत गिराने संबंधी उनकी मांग के बारे में एक प्रस्ताव पारित करने और इसे सरकार को सौंपने को कहा है। -
त्रिशूर . केरल में त्रिशूर जिले के एक होटल में एक ही परिवार के तीन सदस्य मृत मिले हैं। वे मूल रूप से केरल के रहने वाले थे लेकिन तमिलनाडु के चेन्नई में बस गए थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक व्यक्ति, उनकी पत्नी और बेटी कमरे के अंदर फंदे से लटके पाए गए।
पुलिस ने होटल कर्मियों के हवाले से कहा कि परिवार कुछ दिन पहले होटल में रुकने आया था।
परिवार ने होटल कर्मियों से पहले कहा था कि वे जल्द ही होटल से चले जाएंगे। होटल कर्मियों ने कमरे के दरवाज़े पर दस्तक दी और उन्हें बार-बार कॉल की लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस को सूचित किया और फिर पुलिस कमरे का ताला तोड़कर अंदर घुसी। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है।
उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, “ कमरे से बरामद पहचान पत्रों के अनुसार, वे चेन्नई में बसे हुए थे। लेकिन, हमें अब तक केरल में उनके मूल स्थान का पता नहीं चल पाया है।” सूत्रों ने कहा कि शवों के पास मिले एक कथित सुसाइड नोट में कहा गया है कि आर्थिक परेशानियों ने उन्हें जान देने पर मजबूर किया। -
जयपुर. राजस्थान सरकार ने बुधवार देर रात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 20 अधिकारियों के तबादले कर दिये। राज्य के कार्मिक विभाग ने इस बारे में दो अलग-अलग आदेश जारी किए। इसके तहत 15 आईपीएस अधिकारियों को नवगठित जिलों में विशेष अधिकारी (ओएसडी) के पद पर तैनात किया गया है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी-यातायात) विजय कुमार सिंह को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम एंड टेक्निकल सर्विसेज) के पद पर तैनात किया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन व कानून व्यवस्था) हवा सिंह घुमरिया को एडीजी-यातायात बनाया गया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक (आरएसी) रूपिंदर सिंघ को भरतपुर रेंज के आईजी (पुलिस महानिरीक्षक) पद पर स्थानांतरित किया गया है। इसी तरह विभाग ने नवगठित जिलों में 15 आईपीएस अधिकारियों को ओएसडी (पुलिस) के पद पर स्थानांतरित करने का एक और आदेश जारी किया। प्रदेश में जिन आईपीएस को विशेषाधिकारी बनाया गया है उनमें राजेंद्र कुमार (दूदू), राजकुमार गुप्ता (केकड़ी), अरशद अली (सलूम्बर), आलोक श्रीवास्तव (शाहपुरा), पूजा अवाना (अनूपगढ़), विनीत कुमार बंसल (फलौदी), सुरेंद्र सिंह (खैरथल), नरेंद्र सिंह (ब्यावर), अनिल कुमार (नीम का थाना), शैलेंद्र सिंह इंदोलिया (सांचोर), सुशील कुमार (गंगापुर सिटी), बृजेश ज्योति उपाध्याय (डीग), रंजीता शर्मा (कोटपुतली-बहरोड़), हरि शंकर (बालोतरा) और प्रवीण नायक (डीडवाना- कुचामन) शामिल हैं।
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मिर्जापुर (उप्र) . जिले के गोहिया गांव में बृहस्पतिवार को तड़के सड़क के किनारे खड़े ट्रैक्टर ट्राली से एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल के टकरा जाने से उस पर सवार चार किशोरों की मृत्यु हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने कहा कि गोहिया गांव में यह दुर्घटना उस समय घटी जब तेज गति से आ रही मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सोमेश (15), अंकित (16), अर्पित पांडेय (16) और गणेश (17) के रूप में हुई है। वे एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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बालासोर. भारत ने नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम' का बृहस्पतिवार को ओडिशा तट के एक द्वीप से सफल परीक्षण किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तट से ‘अग्नि प्राइम' का परीक्षण किया और इस दौरान, यह मिसाइल सभी मानकों पर खरी उतरी। अधिकारियों के मुताबिक, विकास चरण में ‘अग्नि प्राइम' के तीन सफल परीक्षण के बाद यह मिसाइल को सशस्त्र बलों में शामिल किए जाने से पूर्व इसका पहला रात्रि परीक्षण था, जिसने इसकी सटीकता और विश्वसनीयता पर मुहर लगाई। उन्होंने बताया कि अलग-अलग जगहों पर क्षैतिज दूरी नापने वाले उपकरण, जैसे कि राडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम सहित दो जहाज तैनात किए गए थे, ताकि मिसाइल के पूरे सफर के आंकड़े एकत्रित किए जा सकें। अधिकारियों के अनुसार, डीआरडीओ और रणनीतिक बल कमान के शीर्ष अधिकारी ‘अग्नि प्राइम' के सफल परीक्षण के गवाह बने, जिसने इन मिसाइल को सशस्त्र बलों में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त किया। ‘अग्नि प्राइम' के सफल परीक्षण के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सशस्त्र बलों को बधाई दी
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मुंबई. उड़ान में तकनीकी खामी के कारण रूस में फंसे 216 यात्रियों को अमेरिका में उनके गंतव्य सैन फ्रांसिस्को तक पहुंचाने के लिए एअर इंडिया का एक विमान बुधवार अपराह्न तीन बजकर 20 मिनट पर मुंबई से मगदान (रूस) रवाना हुआ। विमानन कंपनी ने कहा कि विमान मगदान में फंसे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर आठ जून को सैन फ्रांसिस्को की उड़ान भरेगा। एअर इंडिया की उड़ान संख्या एइआई-173 छह जून को दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना हुई थी लेकिन बीच हवा में बोइंग-777 विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी आने का पता चला। इसके बाद इस विमान को रूस के मगदान हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतरना पड़ा था। इस विमान में 216 यात्री और चालक दल के 16 सदस्य सवार थे। फंसे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सैन फ्रांसिस्को ले जाने वाले विमान को पहले बुधवार को दोपहर एक बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मगदान के लिए उड़ान भरनी थी। एअर इंडिया ने एक बयान में कहा, “मुंबई से मगदान के बीच हमारी एक उड़ान रवाना हो चुकी है और इसके आठ जून को स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे रूस पहुंचने का अनुमान है।” बयान के मुताबिक, विमानन कंपनी का एक दल भी विमान में सवार है, जो मगदान में मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों को जरूरी सहायता प्रदान करेगा। इसमें कहा गया कि विमान से रूस में फंसे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के लिए भोजन व अन्य जरूरी वस्तुएं भी भेजी गई हैं।
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मुंबई. भारतीय उपमहाद्वीप में बारिश लाने वाले दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगमन की सामान्य तारीख से सात दिन बाद केरल पहुंचने पर बृहस्पतिवार को उसकी प्रगति की निगरानी की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी। आईएमडी क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुंबई प्रमुख एस.जी. कांबले ने कहा कि महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख 10 जून और मुंबई में 11 जून है। उन्होंने कहा, “मानसून की प्रगति पर नजर रखी जा रही है। हम अगले दो-तीन दिनों में महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत के बारे में बात कर सकेंगे।” उन्होंने कहा, “मुंबई में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख 11 जून है। महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख 10 जून है, जब यह दक्षिणी कोंकण में प्रवेश करता है।” मौसम विभाग के अधिकारियों ने पहले कहा था कि चक्रवात ‘बिपारजॉय' मानसून की तीव्रता को प्रभावित कर रहा है और केरल में इसकी शुरुआत “हल्की” होगी। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख एक जून है।
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तिरुवनंतपुरम. केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देने के साथ ही अरब सागर में बारिश होने तथा तेज हवाओं के कारण नौ जून से मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू हो जाएगा। इस प्रतिबंध के कारण केरल के मछुआरों के पास तट पर रहने और समुद्री लहरों के जरिए तट पर आने वाले संभावित खजाने की तलाश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। केरल के तटीय इलाकों में मछली पकड़ने पर लगे प्रतिबंध और चक्रवात ‘बिपरजॉय' के कारण मछुआरों की जीविका पहले से ही प्रभावित हो रही है और वे अब आय के अन्य विकल्पों की ओर ध्यान दे रहे हैं और समुद्री लहरों के जरिए आने वाले खजाने पर निर्भर हैं। तिरुवनंतपुरम के शांगुमुगम किनारे पर विशाल समुद्री लहरों से बेखबर बड़ी संख्या में मछुआरे सिक्के, सोना और अन्य कीमती सामान के लिए तटों को खंगाल रहे थे। कई मछुआरों को पहले ही चेन, पेंडेंट और झुमके के रूप में सोना मिल चुका है। सिरिल नामक एक स्थानीय मछुआरे ने कहा, ‘‘ जब मानसून के दौरान बारिश शुरू होती है, समुद्र अशांत हो जाता है, अपनी लहरों के जरिए छिपे हुए खजाने को ऊपर लाता है। तो हमें पैसा मिलता है। इस समय के दौरान कुछ भी कमाने का कोई दूसरा तरीका नहीं है।'' मछुआरे ने 10 रुपये का एक सिक्का दिखाते हुए, जिसे उसने तट से टकराने वाली लहरों से लड़ते हुए रेत से उठाया था, कहा कि कुछ साल पहले, हमें समुद्री किनारों से सोना और अन्य कीमती सामान भी मिलता था। लेकिन, कोविड-19 महामारी के कारण अब अधिकतर सिक्के ही मिलते हैं। एंटनी जेवियर नामक एक अन्य मछुआरे ने कहा, ‘‘ मुझे कल 67 रुपये मिले थे। आज मैं अभी पहुंचा ही हूं। एक व्यक्ति को अभी-अभी एक सोने का पेंडेंट मिला है, और वह चला गया है।''
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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि देश में एमबीबीएस की सीटों की संख्या एक लाख सात हजार के आंकड़े को पार कर गई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आठ हजार 195 एमबीबीएस अंडर ग्रेजुएट सीटें बढाई गई हैं। डॉ. मांडविया ने कहा कि इस साल 30 सरकारी और 20 निजी कॉलेजों सहित 50 मेडिकल कॉलेज बढाए गए हैं। अब देश में कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या सात सौ दो हो गई है।
श्री मांडविया ने कहा कि इस वर्ष 83 लाख 44 हजार से अधिक मोतियाबिंद के सफल ऑपरेशन हुए हैं। ये आप्रेशन सर्जरी मिशन मोड मोतियाबिंद सर्जरी अभियान 2022-23 के अंतर्गत हुई। डॉ. मांडविया ने कहा कि कोविड महामारी के कारण एक करोड़ 25 लाख से अधिक मोतियाबिंद के आप्रेशन लंबित थे। -
नई दिल्ली। . सरकार ने देशभर में अब तक सात सौ 33 वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए है और महिला सुरक्षा के लिए तीन सौ और ऐसे सेंटरों के लिए बजट स्वीकृत किया है। इन वन स्टॉप सेंटरों में एक छत के नीचे हिंसा या परेशानी से पीडित महिलाओं के लिए पुलिस, चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता और परामर्श और अस्थाई आश्रय प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आज नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए यह बात कही। पिछले नौ वर्ष में देश में महिला कल्याण केंद्र की कई पहल को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में इस समय 34 से अधिक महिला हेल्प लाइन कार्यरत हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी सेवाओं को देश में मजबूत बनाया गया है और सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्टफोन मोबाइल से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्यारह लाख स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पोषण ट्रैकर प्रणाली स्थापित की गई है और नौ करोड़ से अधिक लाभार्थी इसका फायदा उठा रहे हैं। सुश्री ईरानी ने कहा कि मातृत्व लाभ योजना-प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अन्तर्गत देश में लगभग तीन करोड़ 32 लाख महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ भुगतान के माध्यम से 13 हजार छह सौ पच्चास करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने देश में एक हजार 23 फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की हैं, जिनमें से चार सौ 18 ऐसी अदालतें विशेष रूप से यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों की सुरक्षा संबंधी कानून-पॉक्सो अदालतें हैं। सुश्री ईरानी ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए कोई एक परियोजना नहीं चलाई, जबकि पिछले नौ वर्ष में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने निर्भया फंड सहित 12 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्थापित की हैं। - ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भायंदर इलाके में बुधवार रात एक इमारत की सातवीं मंजिल पर एक फ्लैट में एक महिला का शव मिला, जो कई टुकड़ों में कटा हुआ था। पुलिस ने यह जानकारी दी। नया नगर पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला (36) मनोज साहनी (56) नामक एक व्यक्ति के साथ ‘लिव-इन रिलेशनशिप' में थी और दोनों पिछले तीन साल से फ्लैट में एक साथ रह रहे थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत की और इसकी जानकारी पुलिस को दी गयी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक टीम मौके पर पहुंची और उसे वहां टुकडों में विभक्त एक महिला का शव मिला।उन्होंने बताया कि पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारी ने संदिग्धों की पहचान या हत्या के संभावित मकसद का खुलासा नहीं किया है। मामले की जांच चल रही है।पुलिस का कहना है कि वह सोसाइटी में अपने एक दोस्त के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला की गला रेत कर हत्या की गई है और बाद में उसके शव के कई टुकड़े किए गए। डीसीपी जयंत बजबाले ने कहा कि मृतका की पहचान 32 वर्षीय सरस्वती वैद्य के रूप में हुई है। वह अपने 56 वर्षीय दोस्त मनोज साहनी के साथ आकाशगंगा सोसाइटी में किराए के एक फ्लैट में पिछले तीन साल से रह रही थी। उन्होंने कहा कि अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है। फ्लैट से दुर्गंध आने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को जानकारी दी थी। जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और सोसाइटी की सातवीं मंजिला से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला की हत्या करने के बाद उसके शव को कई टुकड़ों में काटा गया। बदबू ना फैले, इसलिए आरोपी ने शव के टुकड़ों को कुकर में उबाल दिया। हालांकि इसके बावजूद पड़ोसी अजीब से दुर्गंध से परेशान हो गए तो उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की।सूचना पर पुलिस ने फ्लैट में छापा मारा। पुलिस ने मौके से शव के टुकड़े भी बरामद किए हैं। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और फ्लैट से अन्य सबूत भी इकट्ठा किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही अधिक जानकारी सामने आ सकेगी। पुलिस ने फ्लैट को सील कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को शक है कि महिला के पार्टनर ने उसकी निर्मम हत्या की है। शव को धारदार हत्यार से काटा गया। पुलिस ने लिव-इन पार्टनर की हत्या और उसके शव के कई टुकड़े करने के आरोप में मृतका के दोस्त को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में महिला की बेरहमी से हत्या किए जाने की बात सामने आई है। अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही हत्या की वजह साफ हो सकेगी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- पटना,। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए बुधवार को राज्य में कई विभागों के प्रमुख के तौर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी। आईएएस अधिकारी एस सिद्धार्थ (बिहार काडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी) को राज्य के गृह विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। सिद्धार्थ अपने नए कार्यभार के अलावा अगले आदेश तक कैबिनेट सचिवालय विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, 2016 में शराबबंदी कानून बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले के के पाठक (1990 बैच के आईएएस अधिकारी) को शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। पाठक ने दीपक कुमार सिंह (1992 बैच के आईएएस अधिकारी) का स्थान लिया है। सिंह को राज्य सहकारिता विभाग का नया अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा चैतन्य प्रसाद (1990 बैच के आईएएस अधिकारी) को राज्य जल संसाधन विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। हरजोत कौर बम्हराह (1992 बैच की आईएएस अधिकारी) को कला, संस्कृति और युवा मामलों के विभाग की अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने बंदना प्रेयसी (2003 बैच की आईएएस अधिकारी) का स्थान लिया है। प्रेयसी को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। पटना में 22 जून और 23 जून को जी20 समूहों की निर्धारित बैठकों के मद्देनजर कला, संस्कृति और युवा मामलों के विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विनोद सिंह गुंजियाल (2007 बैच के आईएएस अधिकारी) को मद्यनिषेध, आबकारी एवं निबंधन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटी आशिमा जैन (2008 बैच की आईएएस अधिकारी) को लघु जल संसाधन विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।

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