- Home
- देश
- अहमदाबाद ।गुजरात सरकार ने राज्य से कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले हर श्रद्धालु के लिए सहायता राशि 23 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने की शनिवार को घोषणा की। एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यंत्री भूपेंद्र पटेल ने यह निर्णय लिया। विदेश मंत्रालय हर साल जून से सितंबर तक कैलाश मानसरोवर यात्रा का अयोजन करता है। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार हिंदुओं के लिए भगवान शिव के वासस्थल माने जाने वाले कैलाश मानसरोवर का बहुत महत्व है। इसका जैनियों और बौद्धों के लिए भी धार्मिक महत्व है। यह यात्रा वैध भारतीय पासपोर्ट रखने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। file photo
- कटक (ओडिशा)। बालासोर रेल हादसे में बचे कई लोग शारीरिक चोटों से उबर रहे हैं, लेकिन कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती 105 मरीजों में से करीब 40 में ‘पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर' (पीटीएसडी) की प्रवृत्ति दिख रही है। चिकित्सकों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पीटीएसडी, किसी भयानक घटना का अनुभव करने या उससे गुजरने के बाद सामान्य हो पाने की विफलता वाला विकार है। नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जसबंत महापात्रा ने कहा कि ट्रेन हादसे में बचे लोगों की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल ने सभी मरीजों की ‘काउंसलिंग' शुरू कर दी है। डॉ. महापात्रा ने कहा कि जीवित बचे लोगों के दिमाग पर इस तरह की दुर्घटना का गंभीर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक था। उन्होंने कहा, ‘‘कई घायल व्यक्ति गंभीर रूप से तनावग्रस्त, भयभीत और कभी-कभी घबराए हुए देखे गए। हम उनकी काउंसलिंग कर रहे हैं और उनके परिवार के सदस्यों के साथ उनसे बात कर रहे हैं।'' डॉ. महापात्रा ने कहा कि अस्पताल ने बचे लोगों की काउंसलिंग के लिए चार टीम का गठन किया है।उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक टीम में एक मनोचिकित्सक, एक मनोवैज्ञानिक, एक सामाजिक कार्यकर्ता और रोगी के परिवार के एक या दो सदस्य शामिल हैं।'' शल्य चिकित्सा विभाग की एक नर्स ने बताया कि रेल हादसे के शिकार लोग दुर्घटना से जुड़ा सपना देखकर कई बार अचानक नींद से जाग जाते हैं। उन्होंने बताया कि 23 वर्षीय एक युवक, जिसके दोनों हाथ और पैर दुर्घटना में टूट गए हैं, दिन-रात सो नहीं पाता है। एक डॉक्टर ने बताया कि हादसे में अपने करीबी मित्र को खोने वाला एक युवक अपने मित्र का नाम पुकारते हुए अचानक नींद से जाग जाता है।
- बरेली(उप्र) । बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के लोधी नगर मोहल्ला में शनिवार को एक युवक ने कथित तौर पर पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार पत्नी की हत्या के बाद आरोपी ने एक युवक पर भी गोली चलाई लेकिन वह बाल बाल बच गया।बरेली के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजकुमार अग्रवाल ने घटनास्थल से लौटने के बाद बताया कि फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला लोधी नगर के आरोपी कृष्णपाल (29) ने कई साल पहले पूजा (28) से प्रेम विवाह किया था और उनके दो बेटे भी हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे आरोपी कृष्णपाल का पूजा के किसी से कथित अवैध संबंधों को लेकर विवाद हो गया। अग्रवाल ने बताया कि विवाद के चलते आरोपी ने घर के भीतर पहले पत्नी की पिटाई की और जब वह बचने के लिए घर से बाहर निकली तो आरोपी ने उसे गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया। अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को ही आरोपी कृष्णपाल ने मुन्ना नाम के एक व्यक्ति को भी गोली मारी, लेकिन वह बाल बाल बच गया। उन्होंने बताया कि आरोपी की मुन्ना से पुरानी रंजिश चल रही थी। उन्होंने बताया कि जानकारी के मुताबिक आरोपी ने पहले भी चौराहे पर मुन्ना को गोली मारी थी और मामले में वह जेल गया था। महीने भर पहले ही वह जेल से छूटकर आया था। पुलिस ने बताया कि गोली की आवाज सुनकर जुटी भीड़ ने उसे घटना की सूचना दी। उसने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है।
- भुवनेश्वर ।केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और जनकल्याण की नयी परिभाषा लिखी है। मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर ओडिशा के देवगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से ओडिशा की महिलाओं को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि देवगढ़ की महिलाओं, किसानों और युवाओं ने इन कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाया है। मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर भाजपा देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसी कार्यक्रम के तहत प्रधान अपने गृह राज्य ओडिशा के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं।
-
भोपाल. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर समेत तीन धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए दो दिवसीय दौरे पर शनिवार दोपहर मध्य प्रदेश पहुंचेंगे। पिछले महीने दक्षिणी राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त जीत के बाद इस यात्रा को धन्यवाद यात्रा के रूप में देखा जा रहा है। मीडिया में जारी उनके यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, शिवकुमार के एक विशेष विमान से दोपहर दो बजे के आसपास ग्वालियर हवाई अड्डे पहुंचने की उम्मीद है। जिसके बाद वह दतिया जिले के प्रसिद्ध पीताम्बरा पीठ (हिंदू मंदिरों के एक परिसर) में पूजा-अर्चना करने के लिए रवाना होंगे। शिवकुमार (61) दतिया में पूजा अर्चना के बाद वापस ग्वालियर लौटेंगे और इंदौर के लिए उड़ान भरेंगे, जहां से वे सड़क मार्ग से उज्जैन जाएंगे। रविवार सुबह करीब चार बजे वह देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में हिस्सा लेंगे। वह शहर के कालभैरव मंदिर भी जाएंगे। पार्टी के संकटमोचक कहे जाने वाले शिवकुमार रविवार सुबह इंदौर से बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे।
पिछले महीने 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीटों पर जीत हासिल की थी। भाजपा और जद (एस) ने क्रमश: 66 और 19 सीटें जीती थीं।
- -
नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल में न सिर्फ वंचित लोगों को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा गया है, बल्कि उनका सर्वस्पर्शी-समावेशी सशक्तीकरण भी किया गया है। उन्होंने यहां एक कौशल केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर यह भी कहा कि "गरीब देश की पंक्ति" से "मजबूत आर्थिक शक्ति" की पहचान ने भारत की शान बढ़ाई है। नकवी ने कहा कि इस सरकार में "नीतिगत पंगुता की परंपरा" को "रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के परिणाम" से खत्म किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत दुनिया भर के लिए निवेश का बेहतरीन केंद्र बन गया है।'' नकवी ने कहा, ‘‘पिछले नौ वर्षों में मोदी सरकार द्वारा न केवल वंचित लोगों को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ा गया है, बल्कि उनका सर्वस्पर्शी-समावेशी सशक्तीकरण भी किया गया है।
- -
नयी दिल्ली. भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 186 नए मामले आए हैं और उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 2,501 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के अनुसार मृतक संख्या 5,31,888 पर बनी हुई है। मंत्रालय ने कहा कि देश में अब तक संक्रमित हुए लोगों की कुल संख्या 4.49 करोड़ (4,49,92,648) है और उपचाराधीन मरीजों की संख्या कुल संक्रमितों का 0.01 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, कोविड-19 से ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.81 प्रतिशत है।
बीमारी से स्वस्थ हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4,44,58,259 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत दर्ज की गई है। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, देश में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से कोविड-19 रोधी टीके की अब तक 220.66 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।
- -
नई दिल्ली। ओडिशा के बालासोर जिले में स्थित बाहानगा बाजार स्टेशन पर अगले आदेश तक कोई ट्रेन नहीं रुकेगी, क्योंकि रेल हादसे की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ‘लॉग बुक’ और उपकरण जब्त करने के बाद स्टेशन को सील कर दिया है।
अप’ और ‘डाउन’, दोनों लाइन पर परिचालन बहाल होने के बाद कम से कम सात ट्रेन बाहानगा बाजार स्टेशन पर रुक रही थीं। वहां दो जून को हुए रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई और 1,208 अन्य घायल हुए।दक्षिण पूर्व रेलवे (एसईआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आदित्य कुमार चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि CBI ने ‘लॉग बुक’, ‘रिले पैनल’ और अन्य उपकरण जब्त करने के बाद स्टेशन को सील कर दिया है। चौधरी ने कहा, ‘रिले इंटरलॉकिंग पैनल को सील कर दिया गया है, जिससे सिग्नल प्रणाली तक कर्मचारी की पहुंच निषिद्ध हो गई है। कोई सवारी गाड़ी या मालगाड़ी अगले नोटिस तक बाहानगा बाजार स्टेशन पर नहीं रुकेगी।’ हालांकि, प्रतिदिन करीब 170 ट्रेन बाहानगा बाजार रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती हैं, लेकिन केवल भद्रक-बालासोर मेमू, हावड़ा भद्रक बाघजतीन फास्ट पैसेंजर, खड़गपुर खुर्दा रोड फास्ट पैसेंजर जैसी ट्रेन एक मिनट के लिए स्टेशन पर रुका करती हैं। चौधरी ने बताया कि 1,208 घायल व्यक्तियों में से 709 को रेलवे अनुग्रह राशि मुहैया करा चुका है। -
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने देश के एक हज़ार 514 शहरी सहकारी बैंकों को मजबूती प्रदान करने के लिए चार महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "सहकार से समृद्धि" की दृष्टि को कार्यरूप देने के लिए गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रिजर्व बैंक के गवर्नर के बीच बातचीत के बाद इन उपायों को अधिसूचित किया गया है। इन उपायों में शहरी सहकारी बैंकों को नई शाखाएं खोलने की अनुमति देना, वाणिज्यिक बैंकों की ही तरह इन बैंकों का एकमुश्त निपटान करना, प्राथमिकता वाले क्षेत्र में ऋण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए दो वर्ष का अतिरिक्त समय देना और रिजर्व बैंक में एक नोडल अधिकारी नामित करना शामिल हैं।
सहकारिता मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि शहरी सहकारी बैंक अब रिजर्व बैंक से अनुमति लिए बिना ही अनुमोदित इलाकों में प्रत्येक वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत नई शाखाएं खोल सकेंगे। इसके लिए इन बैंकों को अपने बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी और कुशल वित्तीय प्रबंधन करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि अब सहकारी बैंक बोर्ड से मंजूरी के बाद ऋण माफी और समाधान प्रक्रिया तकनीकी रूप से शुरू कर सकेंगे।इन उपायों के बाद अब सहकारी बैंक भी अन्य वाणिज्यिक बैंकों की बराबरी में आ गए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि रिजर्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण देने का लक्ष्य पूरा करने की समय-सीमा दो वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी है। -
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन -डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट में सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक बचत के 'हर घर जल' कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया गया है। हर घर जल के बारे में इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि देश में सभी घरों के लिए सुरक्षित रूप से प्रबंधित पेयजल सुनिश्चित करने से डायरिया से होने वाली लगभग चार लाख मौतों को रोका जा सकता है और इन बीमारियों से संबंधित लगभग 1 करोड़ 40 लाख विकलांगता समायोजित जीवन वर्ष को रोका जा सकता है। अकेले इस उपलब्धि के कारण 101 अरब अमरीकी डॉलर तक की अनुमानित लागत की बचत होगी।
नई दिल्ली में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि जीवन बचाने, महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने और जीवन को आसान बनाने में सुरक्षित पेयजल की भूमिका अहम है। 2019 से पहले, ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी।जल शक्ति मंत्रालय के तहत जल जीवन मिशन के हर घर जल कार्यक्रम की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2019 को की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार को नलों के जरिए सुरक्षित पेयजल की सस्ती और नियमित पहुंच उपलब्ध कराना है। - इस्तांबुल,। विस्तार चालू वित्त वर्ष में अपने बेड़े में कुल 10 विमान जोड़ने की लिए तैयार है। इस दौरान कंपनी की योजना 1,000 से अधिक लोगों को भर्ती करने की भी है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, कंपनी ने अमेरिका उड़ान की योजना फिलहाल टाल दी है। इस समय एयरलाइन कंपनी विस्तार के बेड़े में 61 विमान हैं और उसके कर्मचारियों की संख्या 5,200 से अधिक है। कंपनी का एयर इंडिया के साथ विलय प्रस्तावित है। विस्तार के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद कन्नन ने इस सप्ताह हुई बातचीत के दौरान कहा कि गो फर्स्ट का परिचालन बंद होने के बाद नियुक्ति के लिए प्रतिभाशाली पायलट और चालक दल के सदस्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एयर इंडिया और इंडिगो की तरह, हमने भी उन्हें भर्ती किया। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि हम सही संख्या में सही लोगों को भर्ती करें। हम एक सामान्य प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, जैसा कि कोई भी एयरलाइन करेगी। हम प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।'' एयरलाइन ने गो फर्स्ट के करीब 50 पायलटों को भर्ती किया है।विस्तार की भर्ती योजनाओं के बारे में बताते हुए कन्नन ने कहा कि एयरलाइन अपने बेड़े में कुल 10 विमान जोड़ेगी और इस वित्त वर्ष में उसे लगभग 1,000 कर्मचारियों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त उपक्रम विस्तार के बेड़े में 61 विमान हैं और सभी उड़ान भर रहे हैं।
- नयी दिल्ली। खानपान की सामग्री घर पर पहुंचाने की सेवा देने वाली कंपनी जोमेटो को ‘लगान' फिल्म में ‘कचरा' का दलित किरदार अदा करने वाले अभिनेता को अपशिष्ट वस्तुओं से बनने वाली सामग्री के विज्ञापन में दिखाने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उसने अनजाने में भावनाओं को आहत करने के लिए .गुरुवार को माफी भी मांगी।विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को टेलीविजन पर प्रसारित विज्ञापन में कचरे के लिए फिल्म के पात्र ‘कचरा' की तस्वीर दिखाई गयी। सोशल मीडिया पर विज्ञापन की आलोचनाएं शुरू हो गयीं और इसे जातिवादी बताया जाने लगा जिसके बाद कंपनी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से खेद जताया गया और कहा गया कि ‘‘प्लास्टिक कचरे के बारे में जागरुकता फैलाने और हास्यपूर्ण तरीके से पुनर्चक्रण के फायदे बताने का'' इरादा था। इसमें कहा गया, ‘‘हो सकता है कि अनजाने में हमने कुछ समुदायों और लोगों की भावनाओं को आहत किया हो। हमने वीडियो को हटा दिया है।'' ट्विटर पर लोगों ने इस विज्ञापन को ‘बेहूदा', ‘पूरी तरह जातिवादी' और ‘बेहद असंवेदनशील' करार दिया। फिल्म ‘मसान' के निर्देशक नीरज घेवन, फिल्मकार मधुरिता आनंद और दलित इतिहासकार करुण्यकारा लेला ने विज्ञापन के खिलाफ अपने विचार साझा किये।
- बेंगलुरु,। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने .गुरुवार को कहा कि‘हाइपरसोनिक एयर ब्रीदिंग' यान ‘हवा' के संबंध में अंतरिक्ष एजेंसी की परीक्षण सुविधा के बारे में जल्द ही एक घोषणा होगी। अंतरिक्ष वैज्ञानिक ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि इसरो का ध्यान ‘एयर ब्रीदिंग' तकनीक पर नहीं था क्योंकि वह अंतरिक्ष को लेकर ज्यादा काम करना चाहता है। ‘एयर ब्रीदिंग' इंजन वे होते हैं जो ईंधन जलाने के लिए आसपास के परिवेश से हवा लेते हैं, जैसे जेट इंजन। इसलिए यह अंतरिक्ष यात्रा के लिए उपयुक्त नहीं है क्योंकि अंतरिक्ष में कोई हवा/वायुमंडल नहीं है। सोमनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया, “हम 200 से अधिक सेकंड के लिए हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने के वास्ते एक नया रॉकेट ‘हवा' भी विकसित कर रहे हैं। आप ‘एयर ब्रीदिंग' के लिए नए ईंधन के साथ हमारे परीक्षण संयंत्र के बारे में जल्द ही कुछ घोषणाएं भी सुनेंगे।” ‘हवा' का मतलब वायु एकीकृत प्रणाली के साथ ‘हाइपरसोनिक एयर ब्रीदिंग व्हीकल' है।‘एयर ब्रीदिंग' तकनीक को लेकर हुई प्रगति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सोमनाथ ने कहा कि इसरो इसे किसी रॉकेट के तत्काल इनपुट के तौर पर नहीं बल्कि प्रौद्योगिकी क्षमता के तौर पर देख रहा है। सोमनाथ ने बताया, “अगर वहां हवा है, तो वह अंतरिक्ष नहीं है।” उन्होंने कहा, “इसरो मुख्य रूप से ‘एयर ब्रीदिंग' तकनीक में बहुत ज्यादा शामिल नहीं है क्योंकि हम हवा में नहीं रहना चाहते, हम अंतरिक्ष में जाना चाहते हैं। लेकिन हम प्रौद्योगिकी का विकास करते हैं क्योंकि क्षमताओं के मामले में यह एक बहुत ही उच्च तकनीक है जो हमारे पास है - दहन आदि के संदर्भ में। इसलिए हम इंजन का परीक्षण कर रहे हैं। हम अपनी महेंद्रगिरि सुविधा में परीक्षण कर रहे हैं जहां हमने हाइपरसोनिक परीक्षण सुविधा स्थापित की है।” नई पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (एनजीएलवी) के बारे में सोमनाथ ने कहा कि इसरो एक ‘आर्किटेक्चरल रॉकेट' बना रहा है और विभिन्न केंद्रों की एक बड़ी टीम इस पर काम कर रही है।
- नयी दिल्ली। भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम नयी पीढ़ी की ‘अग्नि प्राइम' मिसाइल का ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से सफलतापूर्वक रात्रिकालीन परीक्षण कर देश के सामरिक महत्व की हथियार प्रणाली को मजबूती दी है। अधिकारियों ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सामरिक बल कमान ने 1,000 से 2,000 किलोमीटर (किमी) तक की मारक क्षमता वाली मिसाइल का पहला ‘प्री-इंडक्शन' (सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पहले) रात्रिकालीन परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि परीक्षण ने सभी वांछित लक्ष्यों को पूरा किया और इस तरह इसने इस हथियार को सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच मिसाइल का यह परीक्षण किया गया है।रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम' का डीआरडीओ ने ओडिशा तट पर स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सात जून को सफल परीक्षण किया।'' इसने एक बयान में कहा, ‘‘मिसाइल के तीन सफल विकासात्मक परीक्षणों के बाद इसे सशस्त्र बलों में शामिल किये जाने से पूर्व उपयोगकर्ता द्वारा किया गया यह पहला रात्रिकालीन परीक्षण था, जो इसकी सटीकता और इस पर विश्वसनीयता को मान्यता देता है।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सशस्त्र बलों को इस सफलता पर और नयी पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। मंत्रालय ने कहा, ‘‘परीक्षण के लिए रडार, टेलीमेट्री, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसे उपकरण विभिन्न स्थानों पर लगाये गये थे।'' डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने इसकी (डीआरडीओ) की प्रयोगशालाओं के दलों और परीक्षण में शामिल उपयोगकर्ताओं द्वारा की गई कोशिशों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि अग्नि-5 की जद में चीन का सुदूर उत्तर क्षेत्र और यूरोप के कुछ क्षेत्र सहित पूरा एशिया आ जाएगा। अग्नि-1 से अग्नि-4 तक, मिसाइलों की रेंज 700 किमी से लेकर 3,500 किमी तक है और उन्हें पहले ही तैनात किया जा चुका है।
- नयी दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की एक समिति ने सुझाव दिया है कि किसी भी छात्र को जरूरी संख्या में ‘क्रेडिट' हासिल करने पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री सहित अहर्ता प्रदान की जा सकती है, चाहे उसने संबंधित पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम अवधि पूरी की हो या नहीं। ‘डिग्री के विशिष्टीकरण पर अधिसूचना की समीक्षा और नयी डिग्री के नामकरण पर सुझाव देने संबंधी विशेषज्ञ समिति' ने सुझाव दिया है कि उच्च शिक्षा में बहुविध प्रवेश एवं निकासी के प्रावधानों के अधीन ‘‘स्नातक कार्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय क्रेडिट एवं पाठ्यक्रम रूपरेखा'' के तहत स्नातक सर्टिफिकेट, स्नातक डिप्लोमा और स्नातकोत्तर डिप्लोमा स्तरीय योग्यता को मान्यता देना उपयुक्त होगा। यूजीसी की समिति ने कहा, ‘‘किसी भी छात्र को जरूरी संख्या में क्रेडिट हासिल होने पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री सहित योग्यता (अहर्ता) प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है चाहे उसने पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम अवधि पूरी की हो या नहीं।'' इसमें कहा गया है कि डिग्री नामकरण को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप परिवर्तित किया जा सकता है।समिति ने कहा है कि इस उद्देश्य के लिए गठित स्थायी समिति इस बारे में विचार करेगी और आयोग के समक्ष सिफारिश पेश करेगी। आयोग से मंजूरी मिलने पर यूजीसी नये डिग्री नामकरण को अधिसूचित करेगी।
- कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि जिस दिन अलग से रेल बजट पेश करने का चलन बंद हुआ, उसी दिन से भारतीय रेल तबाह हो गई। नरेन्द्र मोदी सरकार ने लगभग 100 वर्षों की प्रथा को समाप्त करते हुए 2017 में रेल बजट का विलय केंद्रीय बजट में कर दिया था। बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मैं रेल मंत्री थी तो हमारे पास विभिन्न रेलवे विभागों, जैसे वित्त, कर्मचारी कल्याण, सिग्नलिंग, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल, के लिए कैबिनेट रैंक के छह सचिव रखने का विकल्प था। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में मदद की। आज यह समन्वय समाप्त हो गया है।" उन्होंने कहा, ‘‘जिस दिन हमने अलग से बजट पेश करना बंद किया, उसी दिन से भारतीय रेल तबाह हो गई। ऐसा लगता है कि आजकल किसी को भी इन चीजों की परवाह नहीं है।'' तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख का यह बयान दो जून को ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे के बाद आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के निवासियों सहित 288 लोग मारे गए हैं। बनर्जी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ट्रेन हादसे के पीछे की सच्चाई को दबाने में लगी है। मणिपुर में अशांति का उल्लेख करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र पत्रकारों सहित किसी को भी इस पूर्वोत्तर राज्य का दौरा करने की अनुमति नहीं दे रहा है, ताकि वह सच्चाई को दबा सके। उन्होंने कहा कि मणिपुर और उत्तर प्रदेश में हो रहे अत्याचारों पर चुप रहने के लिए उन्हें (भाजपा को) खुद पर शर्म आनी चाहिए।
- मुरैना (मप्र)। मध्य प्रदेश के दमोह में छात्राओं की वर्दी से जुड़े विवाद को लेकर गंगा-जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने .गुरुवार को कहा कि विद्यालयों को धर्मांतरण में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी और वर्दी को लेकर ऐसा नियम लागू नहीं किया जायेगा, जो भारतीय संस्कृति के अनुरूप न हो। चौहान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उस निजी स्कूल पर लगे आरोपों की जांच के आदेश दिये थे, जिसने छात्राओं को वर्दी के रूप में हिजाब जैसा ‘हेड स्कार्फ' पहनाया। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के ऐसे सभी विद्यालयों की जांच की जाएगी। किसी भी संस्था को धर्म परिवर्तन करने या वर्दी संबंधी ऐसा नियम लागू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार न हो।'' चौहान ने कहा, ‘‘हम इस घटना की गहन जांच कर रहे हैं और इसमें शामिल आरोपियों को नहीं बख्शेंगे।''राज्य के शिक्षा विभाग ने पिछले हफ्ते गंगा-जमुना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता निलंबित कर दी थी, क्योंकि एक पोस्टर में हिंदू छात्राओं सहित अन्य लड़कियों को वर्दी के हिस्से के तौर पर हिजाब की तरह दिखने वाले ‘हेड स्कार्फ' को पहने हुए दिखाया गया था।
- नयी दिल्ली,। देश में कोविड-19 महामारी के दौरान मोतियाबिंद की सर्जरी के ‘बैकलॉग' को खत्म करने के लिए इस वर्ष 17 जनवरी से अब तक विशेष अभियान के तहत 83 लाख से अधिक मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इससे मोतियाबिंद के कारण होने वाले अंधेपन के मामलों में कमी आई है।स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “महामारी के दौरान नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस एंड विजुअल इम्पेयरमेंट (एनपीसीबीवीआई) के तहत मोतियाबिंद सर्जरी काफी हद तक प्रभावित हुई थी। इसलिए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले के मामलों के लिए एक विशेष अभियान की योजना बनाई और कम से कम 75 लाख मोतियाबिंद सर्जरी करने का लक्ष्य रखा। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मोतियाबिंद सर्जरी की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।” अधिकारी ने बताया, “लेकिन हमने लक्ष्य को पार कर लिया है, क्योंकि 17 जनवरी से अब तक 83 लाख से अधिक मोतियाबिंद सर्जरी की जा चुकी हैं।” एनपीसीबीवीआई द्वारा 2015-2019 में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 2019 में अंधेपन के प्रसार में 0.36 प्रतिशत की गिरावट आई थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत, 2025 तक अंधेपन के प्रसार को 0.25 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है।
- भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने करीब एक सप्ताह पहले हुई बालासोर रेल दुर्घटना में मृतकों के 82 शव मिलने के बाद उनकी पहचान के लिए .गुरुवार को पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड के अधिकारियों से चर्चा की और यहां संरक्षित शवों की शीघ्र पहचान तथा निपटान में मदद मांगी। भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के आयुक्त विजय अमृत कुलंगे ने कहा, ‘‘हम शवों के दावेदारों को सत्यापित करने और पहचान प्रक्रिया को तेज करने के लिए अन्य राज्यों की सरकार के अधिकारियों के साथ भी समन्वय कर रहे हैं।'' कुलंगे ने कहा कि बीएमसी रेलवे और भुवनेश्वर-एम्स के बीच समन्वय कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों से शवों की पहचान में तेजी लाने में मदद करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ितों के परिजनों की मदद करने के लिए नियंत्रण केंद्र बनाया गया है। शव लेने आने वाले लोगों के लिए भोजन और रहने की भी व्यवस्था की जा रही है।'' भुवनेश्वर-एम्स ने कहा कि संस्थान में रखे गए 162 शवों में से 80 शवों को मृत व्यक्तियों के परिवारों को सौंप दिया गया है, जबकि 82 शवों की पहचान अब तक नहीं की जा सकी है। file photo
-
नई दिल्ली। चक्रवात बिपरजॉय के इस समय पोरबंदर से 870 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित होने को देखते हुए गुजरात के तटवर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इसके असर से दक्षिणी गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 13 जून तक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार बढ़कर 50 किलोमीटर प्रतिघंटे भी हो सकती है।
-
नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस या पैक्स) को उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव और संपत्ति का सर्वेक्षण करने के लिए ड्रोन उद्यमियों के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। सहकारिता मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह सहकारिता मंत्री अमित शाह और रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया के बीच हुई बैठक में लिए गए पांच प्रमुख फैसलों में से एक था। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मैपिंग के आधार पर खुदरा उर्वरक विक्रेताओं के रूप में काम नहीं करने वाले पैक्स की पहचान की जाएगी और उन्हें व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से खुदरा विक्रेताओं के तौर पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वर्तमान में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) के रूप में काम नहीं कर रहे पैक्स को पीएमकेएसके के दायरे में लाया जाएगा। देश भर में लगभग एक लाख पैक्स मौजूद हैं। इसके अलावा पैक्स को जैविक उर्वरकों, विशेष रूप से खमीरयुक्त (फर्मेन्टेड) जैविक खाद (एफओएम)/तरल फर्मेन्टेड जैविक खाद (एल-एफओएम)/फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद (पीआरओएम) के विपणन से भी जोड़ा जाएगा। सहकारिता मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन महत्वपूर्ण फैसलों से पैक्स की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसान स्थानीय स्तर पर खाद, कीटनाशक, बीज और कृषि मशीनरी प्राप्त कर सकेंगे।'' -
नयी दिल्ली. ओडिशा रेल दुर्घटना के मद्देनजर रेलवे ने अपने सभी मंडलों को ट्रेन प्रबंधकों तथा नियंत्रकों को उनके कर्तव्यों के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए सत्र आयोजित करने की सलाह दी है ताकि रेलगाड़ियों का सुरक्षित और सुगम आवागमन हो सके। गत दो जून को बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी के बीच हुई टक्कर में 288 लोगों की मौत हो गयी और 1,000 से अधिक यात्री घायल हो गये। रेल मंत्रालय ने घटना की प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के साथ संभावित छेड़छाड़ की बात सामने आने के बाद जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी है। रेलवे बोर्ड ने प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधकों को भेजे परामर्श में कहा कि भारतीय रेलवे की ट्रेनों के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए ट्रेन प्रबंधकों और अनुभाग नियंत्रकों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में समय-समय पर परामर्श देने की एक प्रणाली की आवश्यकता है। उसने कहा, ‘‘कुछ जोन में यह प्रणाली पहले से है और समस्त जोन में सभी स्टेशन मास्टर (एसएम) के लिए है।'' रेलवे ने अधिकारियों से कहा है कि परामर्श को अत्यावश्यक समझा जाए। -
नयी दिल्ली. लुटियंस दिल्ली स्थित एक पांच सितारा होटल में अपने परिवार के साथ ठहरने के लिए 3.65 लाख रुपये का बिल चुकाने से इनकार करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। होटल के सहायक प्रबंधक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा गया है कि व्यक्ति और उसके परिवार ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि भुगतान 31 मई को किया जाएगा और दो कमरे बुक किए। पुलिस ने प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि वे 28 मई को होटल आए थे, लेकिन उन्होंने वादा की गई तारीख पर भुगतान नहीं किया। उन्होंने बताया कि आरोपी ने कथित रूप से फर्जी यूटीआर (यूनिक ट्रांजैक्शन रेफरेंस) नंबर दिखाते हुए होटल की ऋण नीति का उल्लंघन किया। आरोपी ने यूटीआर नंबर का हवाला दे दावा किया गया कि उसने बैंक हस्तांतरण के जरिये पहले ही 6,50,000 रुपये का भुगतान कर दिया है। प्राथमिकी में कहा गया है कि लेकिन जांच करने पर उनके द्वारा ऐसा कोई लेन-देन नहीं पाया गया और जब उनसे इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने आश्वासन दिया कि भुगतान तीन जून को कर दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान, उन्होंने होटल की सभी सेवाओं का आनंद लिया और फिर से सुनिश्चित तिथि पर वे भुगतान करने में विफल रहे। इसमें कहा गया है कि जब होटल कर्मियों ने उससे भुगतान के संबंध में पूछताछ की तो उसने होटल के कर्मचारियों को धमकी दी कि वह पुलिस को बुलाएगा और उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाएगा। उसने भुगतान करने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर होटल के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और होटल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उस व्यक्ति ने 3,65,965 रुपये के बिल का भुगतान नहीं किया।
पुलिस ने बताया कि दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मंगलवार को व्यक्ति और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। -
कोच्चि. केरल पुलिस की फिल्मोद्योग में कथित रूप से मौजूद मादक पदार्थों की समस्या को समाप्त करने की कोशिश में उस समय बाधा पैदा हुई, जब मलयालम फिल्म निर्देशकों ने शूटिंग स्थलों समेत उनके कार्यस्थलों की पूर्ण निगरानी किए जाने का विरोध किया। ‘फेफका डायरेक्टर्स यूनियन' ने कड़ा रूख अपनाते हुए कहा कि वह शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती की इजाजत नहीं देगा। जाने माने निर्देशक और ‘फेफका डायरेक्टर्स यूनियन' के महासचिव बी उन्नीकृष्णन ने कहा कि ऐसी धारणा बनायी जा रही है कि फिल्मोद्योग में युवा नशे के आदी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हाल में ऐसी चर्चा चल रही है। ऐसे में प्राधिकारियों का यह मानना है कि इस क्षेत्र-फिल्मोद्योग- पर पूर्ण निगरानी की जरूरत है।'' इस दिशा में कदम उठाते हुए पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की इकाइयां तैनात की जाएंगी। कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त के सेतु रमण ने पिछले महीने कहा था कि यहां सभी शूटिंग स्थलों पर अब पुलिस की मौजूदगी होगी। उन्होंने कहा था कि सादे कपड़ों में पुलिस सभी शूटिंग स्थलों पर होगी तथा नशीले पदार्थों के सेवन या बिक्री की कोई सूचना मिलने पर छापे मारे जायेंगे। उन्नीकृष्णन ने कहा कि ‘फेफका' का मानना है कि सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती या पूर्ण निगरानी की जरूरत नहीं है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘शूटिंग स्थलों पर सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती कोई व्यावहारिक हल नहीं है। उन्हें आसानी से पहचान लिया जाएगा क्योंकि हमें पता होता है कि क्रू के सदस्य कौन-कौन हैं और कौन-कौन नहीं। इसके अलावा, ऐसे स्थान बंद परिवेश होते हैं और किसी बाहरी का अंदर आना आसान नहीं होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हमारे ‘फ्रेम' में भी नहीं आ सकती। इसकी अनुमति नहीं है। इसके अलावा, सादे कपड़ों में तैनात पुलिस की मौजूदगी में काम करना मुश्किल होगा। हम इसके खिलाफ हैं। हम पूर्ण निगरानी नहीं चाहते हैं। हम इसका विरोध करेंगे।''
-
बालासोर. ओडिशा में बहनागा उच्च विद्यालय के छात्र अपनी कक्षाओं में वापस आने से डर रहे हैं। इस विद्यालय में रेल हादसे के बाद शव रखे गये थे। ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में 288 यात्रियों की मौत हुई थी। इस दुर्घटना के तुरंत बाद, 65 साल पुराने इस स्कूल भवन में कफन में लिपटे शवों को रखा गया था। छात्र अब इस स्कूल में आने से कतरा रहे हैं और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने राज्य सरकार से इमारत को गिराने की गुहार लगाई है क्योंकि यह बहुत पुरानी है। बहनागा उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रमिला स्वैन ने स्वीकार किया, “छात्र डरे हुए हैं।'' उन्होंने कहा कि स्कूल ने “धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने और कुछ अनुष्ठान करने की योजना बनाई है।” उन्होंने कहा कि स्कूल के कुछ वरिष्ठ छात्र और एनसीसी कैडेट भी बचाव कार्य में शामिल हुए थे।
स्कूल और जन शिक्षा विभाग के निर्देश पर बृहस्पतिवार को स्कूल का दौरा करने वाले बालासोर के जिलाधिकारी दत्तात्रय भाऊसाहेब शिंदे ने कहा, “मैंने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों, प्रधानाध्यापिका, अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की है। वे पुरानी इमारत को तोड़कर उसका जीर्णोद्धार करना चाहते हैं ताकि बच्चों को कक्षाओं में जाने में कोई डर या आशंका न हो।'' एसएमसी के एक सदस्य ने जिलाधिकारी को बताया कि स्कूल की इमारत में पड़े शवों को टेलीविजन चैनलों पर देखने के बाद, "बच्चे प्रभावित हुए हैं और 16 जून को फिर से स्कूल खुलने पर वे आने से कतरा रहे हैं।'' हालांकि शवों को भुवनेश्वर ले जाया गया है और स्कूल परिसर को साफ कर दिया गया है लेकिन छात्र और अभिभावक डरे हुए हैं। एक छात्र ने कहा, ‘‘यह भूलना मुश्किल है कि हमारे स्कूल की इमारत में इतने सारे शव रखे गए थे।''
एसएमसी ने शुरू में शव रखने के लिए केवल तीन कक्षाओं की अनुमति दी थी। बाद में जिला प्रशासन ने पहचान के लिए शवों को रखने के लिए स्कूल के हॉल का इस्तेमाल किया था। एक अभिभावक सुजीत साहू ने कहा, ‘‘हमारे बच्चे स्कूल जाने से इनकार कर रहे हैं और उनकी माताएं उन्हें अब शिक्षण संस्थान भेजने की इच्छुक नहीं हैं।'' कुछ माता-पिता अपने बच्चों को बहनागा विद्यालय में भेजने के बजाय शिक्षण संस्थान बदलने की भी सोच रहे हैं। इस बीच बालासोर के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बिष्णु चरण सुतार ने छात्रों और अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए बुधवार को एसएमसी और पूर्व छात्र सदस्यों के साथ बैठक की ताकि वे किसी भी नकारात्मक विचारों को बढ़ावा न दें। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी छात्र इस वजह से स्कूल नहीं छोड़े।''
डीईओ ने कहा कि स्कूल और स्थानीय लोगों ने रेल दुर्घटना के दौरान बचाव और राहत अभियान में बहुत योगदान दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने एसएमसी से इमारत गिराने संबंधी उनकी मांग के बारे में एक प्रस्ताव पारित करने और इसे सरकार को सौंपने को कहा है।

.jpg)
.jpg)

.jpg)



.jpg)


.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)







.jpg)