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मुजफ्फरनगर (उप्र). बिजनौर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर एक एम्बुलेंस के ट्रक से टकराने से एक मरीज समेत तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। थाना प्रभारी सुनील कसाना ने ‘ बताया कि यह घटना शनिवार को उस समय हुई जब मरीज ऋषिपाल को एम्बुलेंस में बिजनौर के हल्दोर से मुजफ्फरनगर के अस्पताल ले जाया जा रहा था। हादसे में ऋषिपाल (30), उनकी पत्नी बेबी (28) और एम्बुलेंस चालक सुभाष (26) की मौत हो गई। चार अन्य घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में जांच जारी है।
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने आज सुबह 10 बजकर 42 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से जीएसएलवी-एफ-12 के जरिए देश की दूसरी पीढ़ी के पहले नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-01 का सफल प्रक्षेपण किया। जीएसएलवी-एफ-12 ने नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-01 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया है। दो हजार 232 किलोग्राम वजन वाला यह उपग्रह भारतीय नक्षत्र श्रृंखला के साथ नेविगेशन के लिए परिकल्पित दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों में से पहला है।
- नई दिल्ली ।कम्बोडिया के नरेश नोरोडोम सिहामोनी भारत की तीन दिन की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गये हैं। विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह ने कम्बोडिया नरेश की अगवानी की। कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठकें होंगी। कल सुबह उनका राष्ट्रपति भवन में रस्मी स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी कम्बोडिया नरेश से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणमान्य अतिथियों के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन करेंगी। ये यात्रा भारत और कम्बोडिया के बीच राजनयिक संबंधों की 70 वर्ष पूरे होने के उपल्क्ष्य में हो रही है। कम्बोडिया नरेश की यह भारत यात्रा छह दशक बाद हो रही है। भारत और कम्बोडिया के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध और लोगों के बीच गहरे संबंधों की विशेषता वाले मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को शाम को नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। श्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि उनकी आज बीजेपी के मुख्यमंत्रियों और उप मुख्यमंत्रियों के साथ रचनात्मक बैठक हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में उन्होंने विकास में तेजी लाने और नागरिकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन किए जाने का स्वागत किया और कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व तथा अपार हर्ष की बात है। राष्ट्रपति ने उद्घाटन के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि नये संसद भवन का उद्घाटन देश के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “नए संसद भवन का उद्घाटन भारत के सभी लोगों के लिए गर्व और खुशी की बात है।” राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति का संदेश पढ़कर सुनाया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे इस बात का गहरा संतोष है कि नई संसद का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया गया है, जो संसद में विश्वास का प्रतीक है।'' राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद को देश के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश करार देते हुए कहा कि नया संसद भवन ‘‘हमारी लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।” मुर्मू ने कहा, “नए संसद भवन के उद्घाटन का अवसर भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नये संसद भवन का उद्घाटन किया। मुर्मू ने कहा कि नये संसद भवन का उद्घाटन देशवासियों के दिलों में एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करेगा। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान आयोजित यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के संरक्षण और विस्तार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है।'' उन्होंने कहा कि यह उत्तर से दक्षिण तक और पूर्व से पश्चिम तक देश के सभी लोगों के लिए गर्व और बहुत आनंद का क्षण है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सामूहिक चेतना में संसद का विशेष स्थान है। संसद हमारी समृद्ध लोकतांत्रिक परंपराओं का भी प्रकाशस्तंभ है।'' मुर्मू ने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक विमर्श के प्रति सम्मान हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का मूल सार है, जिसके आधार पर सदियों से चली आ रही स्वस्थ बहस, सार्थक संवाद और विचारों के आदान-प्रदान की व्यवस्था फली-फूली है।'' राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे देश ने लगातार जनभागीदारी विकसित की है और अपनी स्वाभाविक लोकतांत्रिक जन भावनाओं के बल पर समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति को सशक्त बनाया है।'' मुर्मू ने नये संसद भवन के निर्माण में शामिल सभी लोगों के काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके प्रयास और योगदान देश के लोगों के दिलो-दिमाग में भी अंकित रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी शुभकामना है कि नया संसद भवन भारत के लोकतंत्र की समृद्ध परंपराओं और आदर्शों के नये मानदंड स्थापित करे। -
बेंगलुरु. दिल्ली में नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में रविवार को शामिल होने वाले पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बड़े क्षण के साक्षी बने। देवेगौड़ा (91) ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह अपने जीवन में नए संसद भवन में बैठेंगे। उन्होंने कहा, यह मेरा सौभाग्य है कि मैं भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बड़े क्षण का गवाह बना। मैंने 1962 में कर्नाटक विधानसभा में प्रवेश किया और 1991 से संसद सदस्य रहा हूं।
32 साल पहले जब मैंने लोगों के इस महान संसद में प्रवेश किया था, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं प्रधानमंत्री बनूंगा और मुझे इतने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहने की उम्मीद नहीं थी।” गौड़ा ने एक बयान में कहा “ लेकिन इससे भी बड़ा आश्चर्य यह है कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने जीवन में कभी नए संसद भवन में बैठूंगा- मैंने ऐसा 91 साल की उम्र में किया।” जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक ने कहा कि भारतीय परंपरा में और सामान्य भारतीय के जीवन में, एक नए घर का निर्माण और एक नए घर में प्रवेश करना बहुत ही शुभ और दुर्लभ क्षण होता है। उन्होंने कहा, “ किसी राष्ट्र के जीवन में यह एक असाधारण क्षण है। पूर्व प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि जब पुराने संसद भवन का उद्घाटन किया गया था, तब भारत औपनिवेशिक शासन में था और आज़ादी आसन्न नहीं थी। कई प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों को याद करते हुए देवेगौड़ा ने कहा, "हमारा देश और संसद खूनी क्रांति से दागदार नहीं है।” उन्होंने कहा, “हम शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों के जरिए एक राष्ट्र बने। यह एक अमूल्य उपलब्धि थी। यह हमारी विरासत है और यही मूल्य प्रणाली है, जिसे हमें संरक्षित करना है और अपनी आने वाली पीढ़ियों को देना है।" देवेगौड़ा के अनुसार, आजादी के बाद से संसद ने उतार-चढ़ाव देखा है, अहंकार और विनम्रता देखी है, हार-जीत देखी है, लेकिन कुल मिलाकर इसने संतुलन बनाए रखने और भारत के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश की है। बुजुर्ग नेता ने कहा कि संसद ने सभी जातियों, सभी नस्लों, सभी धर्मों, सभी भाषाओं और सभी भौगोलिक क्षेत्रों को संरक्षण किया है। उन्होंने कहा, “इसने सभी प्रकार की राय, विचारों और विचारधाराओं को समायोजित किया है। इसने विविधता को स्वीकार किया है और हमारे लिए लोकतंत्र के इस नए घर में भारत की इस विशाल विविधता को संरक्षित करने से बड़ा कोई लक्ष्य नहीं है।" देवेगौड़ा ने कहा कि भारत के लोग हमेशा सतर्क और बहुत समझदार रहे हैं, और जब भी उन्होंने किसी को अत्याचार करते और देश के संतुलन को बिगाड़ते देखा है, तो लोगों ने चुपचाप उन्हें इस महान संसद से बाहर निकाल दिया। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “ उन्होंने हम सभी लोक सेवकों को कई बार सबसे कठिन सबक सिखाया है। नए संसद भवन के उद्घाटन के इस अवसर पर मैं भारत के सभी लोगों को नमन करता हूं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ यहां पार्टी मुख्यालय में रविवार को एक बैठक की। यह बैठक भाजपा के सुशासन के एजेंडा का हिस्सा है। बैठक में मुख्यमंत्रियों ने शासन और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में अपनी सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा भी बैठक में उपस्थित थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा शासित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल हुए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और उत्तर प्रदेश के उनके समकक्ष केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक भी बैठक में शामिल हुए।
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तुलमुल्ला/जम्मू. जम्मू-कश्मीर में गंदेरबल जिले के प्रसिद्ध रागन्या देवी मंदिर में सैकड़ों कश्मीरी पंडितों ने रविवार को मत्था टेका और वार्षिक खीर भवानी मेले का आयोजन किया। मध्य कश्मीर जिले में चिनार के विशाल पेड़ों की छाया में स्थित इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई, जिनमें से अधिकांश कश्मीरी पंडित थे जो देश के कई हिस्सों से यहां आए थे। मेले में आए भक्त नंगे पैर चल रहे थे, गुलाब की पंखुड़ियां ले जा रहे थे और देवी को अर्पित कर रहे थे, जबकि पुरुषों ने मंदिर के करीब जलधारा में डुबकी लगाई। मुख्य मंदिर परिसर के करीब जाने के लिए भक्त एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की करते हुए नजर आए, इस दौरान मंदिर परिसर में भजनों की गूंज सुनाई दी और श्रद्धालुओं ने परिसर के भीतर दूध और खीर (चावल की खीर) चढ़ाते हुए देवी को प्रणाम किया। साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक यह मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया और प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा सहित व्यापक इंतजाम किए थे। जम्मू की एक भक्त गुड़ी जुत्शी ने कहा कि देवी के जन्मदिवस पर आयोजित वार्षिक मेले के अवसर पर मंदिर में आए बिना उनकी 'पूजा' अधूरी है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस अवसर पर मंदिर में दर्शन किये। महबूबा ने कहा कि उन्होंने घाटी में कश्मीरी पंडितों की गरिमापूर्ण वापसी के लिए प्रार्थना की। महबूबा मुफ्ती ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं यहां जम्मू और अन्य जगहों से आए हमारे कश्मीरी पंडित भाइयों का स्वागत करने आई हूं। हम यहां इन लोगों की गरिमापूर्ण वापसी के लिए प्रार्थना करने के लिए आए हैं ताकि एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम-कश्मीरी पंडित जम्मू-कश्मीर में भाईचारे के साथ रह सकें।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में आम आदमी के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव सिर्फ इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि मतदाताओं ने एक निर्णायक नेता का समर्थन किया। केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में ठाकुर ने दावा किया कि पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत खराब थी और वह भ्रष्टाचार से जूझ रही थी, लेकिन मोदी के नेतृत्व में यह दुनिया की पांच शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे कतार के अंत में खड़े लोगों तक लाभ पहुंचा और उनके जीवन में गुणात्मक परिवर्तन आया। ठाकुर ने कहा कि सेवा की भावना, बड़े विचार, सुशासन, प्रौद्योगिकी को शामिल करने और वितरण तंत्र में पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाने से अंतिम छोर तक सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। मंत्री ने कहा, “समय कैसे बदला? यह आपके वोट के कारण हुआ, जो एक मजबूत सरकार और निर्णायक नेतृत्व लेकर आया।” दूरदर्शन द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन रेलवे, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया। इसमें उद्योग, खेल और फिल्म जगत की अहम शख्सियतों के साथ-साथ पर्यावरणविदों ने शिरकत की। ठाकुर की बात से सहमति जताते हुए वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार गरीब व्यक्ति के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। उन्होंने कहा कि 3.5 करोड़ लाभार्थियों को पक्के घर मिले हैं, 12 करोड़ घरों में नलों के जरिये पानी पहुंचा है और 9.6 करोड़ घरों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। वैष्णव ने कहा, “यह इसलिए संभव हुआ, क्योंकि आपने एक स्थिर सरकार चुनी। मैं आपसे आगे भी एक निर्णायक नेतृत्व के लिए मतदान करने का आग्रह करता हूं, ताकि भारत 2047 तक एक विकसित देश के रूप में उभर सके।” वैष्णव ने कहा कि किसी भी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के भाषणों के दौरान शौचालय जैसी मूलभूत मानवीय जरूरतों की बात नहीं की। उन्होंने कहा, “लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में हर घर में शौचालय बनाने की बात कही। उसने आज 11.72 करोड़ शौचालयों के निर्माण के साथ महिला सुरक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में क्रांति ला दी है।” वैष्णव ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि आज भारत के पास आतंकवादी कृत्यों का जवाब देने की मजबूत इच्छा शक्ति और साधन हैं। वहीं, ठाकुर ने कहा कि सरकार औपनिवेशिक अतीत की विरासत को पीछे छोड़कर आधुनिक एवं स्वदेशी प्रतीकों को अपनाने के मामले में आगे रही है। उन्होंने कहा, “यह कर्तव्य पथ और नये संसद भवन के निर्माण स्पष्ट है।
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रियासी (जम्मू कश्मीर). जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में कौड़ी के निवासी दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के लिए अपनी जमीन देने के बाद एक रेलवे स्टेशन की अपनी मांग को लेकर लामबंद हैं, जिससे उन्हें लगता है कि यह उनकी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करेगा। यह 1.3 किलोमीटर लंबा चिनाब रेल पुल नदी के तल से 359 मीटर ऊंचा और पेरिस में ऐतिहासिक एफिल टावर से 35 मीटर अधिक ऊंचा है और यह कटरा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबे मार्ग को जोड़ता है जो प्रतिष्ठित उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना का हिस्सा है। कौड़ी के निवासियों ने कहा कि इस पुल का काम पूरा होने के करीब है लेकिन रेलवे स्टेशन कहीं नजर नहीं आता है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। स्थानीय निवासी अंग्रेज सिंह ने कहा, ‘‘करीब 20 साल पहले पुल का काम शुरू होने पर हमें इस ऐतिहासिक पुल पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने को देखते हुए हमारे इलाके में एक रेलवे स्टेशन बनाने का वादा किया गया था...आज हम ठगा महसूस कर रहे हैं क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था में सुधार लाने तथा हमारे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने का हमें दिखाया सपना पूरा होते नहीं दिख रहा है।'' उन्होंने दावा किया कि रेलवे अधिकारियों ने ‘‘कुछ तकनीकी मुद्दों'' का हवाला देते हुए इस पुल के समीप एक स्टेशन बनाने की योजना छोड़ दी है। सिंह ने कहा, ‘‘परियोजना के लिए कई लोगों ने बेहतर भविष्य की उम्मीद से अपनी जमीन दी थी। उन्हें बेरोजगार छोड़ दिया गया और उनके बच्चों का भविष्य भी अंधकारमय नजर आता है।'' सेवानिवृत्त कैप्टन राजेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘बिना रेलवे स्टेशन के हम ट्रेन को पुल पार करने नहीं देंगे। हम पटरियों पर बैठेंगे और ट्रेन हमारे शवों पर से होकर गुजर सकती है।'' उन्होंने कहा कि कौड़ी में रेलवे स्टेशन से रियासी जिले की छह तहसील के लोगों को फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा, हमने अपनी मांग के समर्थन में कई बार उच्च प्राधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं। अगर कुछ अप्रिय होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।'' पंच ओम प्रकाश ने कहा कि यह बहुत ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार में कोई भी कौड़ी के निवासियों की नहीं सुन रहा है। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनके नौ साल के कार्यकाल के दौरान उपलब्धियां इसलिए संभव हो पाईं, क्योंकि लोगों ने एक स्थिर सरकार को चुना, जिसने प्रमुख वादों को पूरा किया। केंद्र की राजग सरकार के कार्यकाल के नौ साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर कई लोगों द्वारा सरकार के प्रदर्शन की सराहना किये जाने के जवाब में मोदी की यह टिप्पणी सामने आई है। मोदी ने ट्विटर पर कहा, ‘‘सुबह से मैं मोदी सरकार के नौ साल पूरा होने पर किये गए कई ट्वीट देख रहा हूं, जिनमें लोगों ने 2014 से सरकार की उन बातों को रेखांकित किया है, जो उन्हें अच्छी लगी हैं। इस तरह का स्नेह पाकर हमेशा सम्मान की भावना का अनुभव होता है और इससे मुझे लोगों के लिए और भी अधिक मेहनत करने की ताकत मिलती है।'' नागरिकों के ट्वीट को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने पिछले नौ वर्षों में बहुत कुछ किया है और हम आने वाले समय में और भी अधिक मेहनत करना चाहते हैं, ताकि हम अमृतकाल में एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकें।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी उपलब्धियां इसलिए संभव हो पाई हैं, क्योंकि भारत के लोगों ने एक स्थिर सरकार को चुना है, जो प्रमुख वादों को पूरा करने में सक्षम रही है। यह अद्वितीय समर्थन अपार शक्ति का स्रोत है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने जीवन को बदलने और भारत की विकास यात्रा को गति देने के लिए विभिन्न प्रयास किए हैं। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सरकार की पहल की प्रशंसा करने वाले एक ट्वीट के जवाब में मोदी ने कहा, ‘‘आपने प्रमुख अवसंरचनाओं और ‘जीवनयापन में आसानी' की परियोजनाओं पर प्रकाश डाला है, जो जमीनी स्तर पर बहुत प्रभावशाली रही हैं।'' मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मैं वास्तव में 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर पाकर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं।'' भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को राजग सरकार की नौ साल की उपलब्धियों का जिक्र किया था और कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में ‘‘सर्वांगीण विकास और समावेशी विकास'' हुआ है।
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मऊ (उप्र) .मऊ जिले के बढुआ गोदाम इलाके में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने एक दुकानदार की उसकी दुकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक़, ग़ाज़ीपुर जनपद के थाना मरदह के दिवान पट्टी निवासी चन्द्रभान चौहान (35) मऊ के थाना सराय लखंसी क्षेत्र के बढुआ गोदाम में गाड़ियां ठीक करने का काम करते थे। शुक्रवार शाम को अचानक लगभग दो से तीन बदमाश दुकान में घुसे और ताबड़तोड़ गोली मारकर चंद्रभान की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधीक्षक अविनाश चन्द्र पांडेय ने बताया कि घटना की सभी पहलुओं का जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ दिन पहले गांव में ही कुछ लोगों से चंद्रभान का विवाद हुआ था और इस पहलू पर भी पुलिस काम कर रही है। -
आइजोल. मिजोरम की राजधानी आइजोल में हिंसा से प्रभावित मणिपुर के आदिवासियों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए शनिवार को आयोजित रैली में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। रैली का आयोजन ‘जो री यूनिफिकेशन ऑर्गनिजेशन' (जोरो) द्वारा किया गया, जो एक प्रशासनिक प्रणाली के तहत सभी ‘जो' लोगों (चिन-कुकी-मिजो-जोमी) के पुन: एकीकरण की मांग करता है। जोरो के महासचिव एल रामदिनलियाना रेंथलई ने कहा कि अगर अत्याचार जारी रहे तो मिजोरम के मिजो युवा मणिपुर में अपने भाइयों की रक्षा के लिए वहां जाएंगे।
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ठाणे. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक नेता की महाराष्ट्र के ठाणे जिले में लगभग छह लोगों के समूह ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हिल लाइन थाने के वरिष्ठ निरीक्षक रंजीत डेरे ने बताया कि शुक्रवार रात उल्हासनगर की जय जनता कॉलोनी में शब्बीर शेख (45) नामक एक शख्स पर धारदार हथियार से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि शेख को चार महीने ही पहले ही शिंदे नीत शिवसेना की उल्हासनगर इकाई के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। पुलिस को शक है कि जीन्स निर्माण व्यवसाय से जुड़े शेख की हत्या पैसों के लिए की गई है।
अधिकारी ने बताया कि उक्त घटना में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है। You
- भद्रवाह/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के किसान, भूखे बंदरों से अपने खेत को बचाने के लिए चावल, मक्का और गेहूं जैसी फसलों की बजाय औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं। वनों की कमी ने इन बंदरों को भोजन की तलाश में खेतों पर धावा बोलने के लिए मजबूर किया है, जिससे किसानों को काफी नुकसान होता है। इसके निपटने के लिये, आयुष मंत्रालय के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को चावल, गेहूं और मक्का जैसी पारंपरिक फसलों के बजाय जड़ी-बूटियां उगाने की सलाह दी है, क्योंकि इससे न केवल उनकी फसलों की सुरक्षा होगी बल्कि अधिक मुनाफा भी होगा। डोडा में वन क्षेत्रों के पास स्थित गांवों के कई किसानों ने इस समाधान को अपनाया है और अब सुगंधित पौधों जैसे लैवेंडर और टैगेटस मिनुटा के साथ-साथ ट्रिलियम (नाग-चत्री), सोसुरिया कोस्टस (कुथ), इनुला (मन्नू), सिंहपर्णी (हांध), जंगली लहसुन और बलसम सेब (बान-काकरी) जैसे औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं।अधिकारियों ने कहा कि इन पौधों का स्वाद कड़वा होता है और इनमें तेज तीखी गंध होती है, जिससे ये बंदरों के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं। एक स्थानीय उद्यमी तौकीर बागबान ने कहा कि औषधीय और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद बनाने वाली घरेलू कंपनियों की जड़ी-बूटियों की बढ़ती मांग के कारण किसान अब बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। बागबान ने कहा, ‘‘आयुष मंत्रालय के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में मिट्टी, पानी और हवा की स्थिति के आधार पर उपयुक्त फसलों की खेती के लिए किसानों को शिक्षित कर रहे हैं। वे खेती के इस बदलाव को अंजाम देने में मदद करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और रोपण सामग्री भी प्रदान करते हैं।'' अधिकारी ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती के इस बदलाव ने किसानों के खेतों को पुनर्जीवित कर दिया है और समुदाय के बीच आशा की नयी किरण पैदा की है। जम्मू और कश्मीर के चिनाब क्षेत्र में 3,000 से अधिक किसान पहले से ही जड़ी-बूटियों और सुगंधित पौधों की खेती कर रहे हैं, जिनमें से 2,500 अकेले भद्रवाह में स्थित हैं। सरतिंगल गांव के किसान नवीद बट ने कहा, ‘‘इससे पहले, हमने बंदरों को डराने के लिए कुत्तों का उपयोग किया और यहां तक कि एयर गन का भी इस्तेमाल किया था।'' बट ने कहा, ‘‘लेकिन बंदरों को दूर रखना मुश्किल था और हम खेती छोड़ने वाले थे। लेकिन पिछले दो वर्षों से पारंपरिक मक्का से औषधीय पौधों की खेती की ओर जाने के बाद इन बंदरों को दूर रखा है। इसके अलावा, हम अच्छे लाभ की उम्मीद कर रहे हैं।'' केंद्र सरकार के वर्ष 1978 में जैव चिकित्सा अनुसंधान के लिए उनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद से बंदरों की आबादी में वृद्धि हुई है। कई लोगों के बंदरों की पूजा और भोजन देने से समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि, इन बंदरों का प्रभाव जम्मू- कश्मीर में चिनाब क्षेत्र जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में वन क्षेत्र के घटने के कारण सबसे अधिक महसूस किया जाता है। काही गांव की एक किसान शबनम बेगम (52 वर्ष) ने कहा, ‘‘फसल की चौबीसों घंटे रखवाली करना एक चुनौती है, खासकर जब हमारे खेत घर के करीब नहीं होते हैं।'' औषधीय पौधों की ओर रुख करके हमें एक नई उम्मीद मिली है। आयुष ने हमें एक नई उम्मीद दी है।''
- नयी दिल्ली ।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन किए जाने के बाद रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री संसद भवन के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘संसद लोगों की आवाज़ है! प्रधानमंत्री संसद भवन के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं।’’प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को नए संसद भवन का उद्घाटन किया और ऐतिहासिक राजदंड ‘सेंगोल’ को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समीप स्थापित किया।पारंपरिक परिधान में प्रधानमंत्री मोदी ने द्वार संख्या-एक से संसद भवन परिसर में प्रवेश किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मोदी और बिरला ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
- नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नए संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट और 75 रुपये का सिक्का जारी किया।उन्होंने नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित उद्घाटन समारोह में सिक्का और डाक टिकट जारी किया।केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सिक्के का वजन 34.65 ग्राम से 35.35 ग्राम के बीच होगा। अधिसूचना में कहा गया कि सिक्के के एक तरफ बीच में अशोक स्तंभ की छवि होगी, जिसके एक ओर देवनागरी लिपि में ‘भारत’ जबकि दूसरी ओर अंग्रेजी में ‘इंडिया’ लिखा होगा।
- फिरोजाबाद. उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले के नगला खंगर थाना क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे शनिवार को एक युवक के अंतिम संस्कार के दौरान जलती चिता में उसका दोस्त कूद पड़ा और उसकी मौत हो गयी । पुलिस क्षेत्राधिकारी सिरसागंज प्रवीण तिवारी ने बताया किनगला खंगर थानाक्षेत्र का 42 वर्षीय अशोक कैंसर से पीड़ित था, शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई । उन्होंने बताया कि दोपहर में अशोक का अंतिम संस्कार गांव में यमुना किनारे किया जा रहा था तभी उसका दोस्त 40 वर्षीय आनंद चिता में कूद गया । उन्होंने बताया कि मौजूद लोगों ने उसे चिता से निकाला और वे उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल फिरोजाबाद ले गये । पुलिस के अनुसान वहां से आनंद को गंभीर रूप से जली अवस्था में आगरा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया लेकिन आगरा मेडिकल पहुंचने से पूर्व ही उसकी मौत हो गयी । पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने किसी का कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है।
- नयी दिल्ली ।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद रविवार को सांसदों का आह्वान किया कि वे नए भवन में नए संकल्प के साथ प्रवेश करें तथा संसदीय अनुशासन, मर्यादा और गरिमा के नए मापदंड स्थापित करें। उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।बिरला ने कहा, ‘‘आजादी के अमृतकाल में संपूर्ण राष्ट्र इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पल का साक्षी बन रहा है। प्रधानमंत्री के दृढ़संकल्प और प्रेरक मार्गदर्शन से ढाई वर्ष से कम समय में भी यह भवन बनकर तैयार हुआ।’’उन्होंने कारीगरों और मजदूरों का भी आभार जताया।बिरला ने कहा, ‘‘भारत विश्व का प्राचीनतम लोकतंत्र है। लोकतंत्र की जननी के रूप में हमारी पहचान है। हमने सदनों की अच्छी परिपाटी स्थापित की है। लोगों का विश्वास लोकतंत्र के लिए बढ़ा है।’’मोदी ने कहा, ‘‘आज लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए विश्व भारत की ओर देखता है… हमारी संसद घरेलू और बाहरी चुनौतियों को अवसर में बदलने की ताकत रखती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सांसद मित्रों से अनुरोध है कि जब नए भवन में प्रवेश करें तो नए संकल्प के साथ प्रवेश करें। हम संसदीय अनुशासन, मर्यादा और गरिमा के नए मापदंड स्थापित करें।’’
- नयी दिल्ली. नरेन्द्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किये गये एक राष्ट्रीय सम्मेलन में शनिवार को केंद्रीय मंत्रियों ने लोगों की सोच और आम आदमी के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रधानमंत्री के ‘निर्णायक नेतृत्व' की सराहना की। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2047 तक राष्ट्र को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लोगों से मोदी के नेतृत्व में अपना विश्वास बनाये रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने भ्रष्टाचार से लड़ने के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। दूरदर्शन द्वारा आयोजित दिन भर के सम्मेलन में, मोदी सरकार की उपलब्धियों के बखान वाली ‘नौ साल--सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण' शीर्षक वाली एक पुस्तिका भी जारी की गई। कार्यक्रम में उद्योगपतियों, खेल जगत की शख्सियतों, अभिनेताओं और पर्यावरणविदों ने भी भागीदारी की। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि भारत में 2027 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। मित्तल ने कहा कि सामान्य रूप से व्यवसायों को निर्णायक नेतृत्व की जरूरत होती है और भारत में लंबे समय के बाद न केवल पूर्ण बहुमत वाली सरकार है बल्कि एक ऐसा नेता भी है, जिसे वैश्विक नेता के रूप में मान्यता प्राप्त है। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों की सोच में बदलाव लाये हैं और अपने सेवाभाव से देश के लोगों का भरोसा हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर था, जबकि 2014 से भ्रष्टाचार का नाम भी नहीं है। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और प्रत्येक श्रेणी में इसने हर गुजरते साल के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि आंकड़ों से परे ''कुछ ऐसा है, जो मुझे आपको बताना है। आज सोच बदल गई है। शासन करने वालों ने अपनी सोच बदल दी है। जिन लोगों ने ऐसी सरकार को वोट दिया है, वे अपने दोस्तों और परिवारों के बीच भी सोच में बदलाव देखते हैं।'' उन्होंने कहा, ''पहले की सरकार से लोगों को कोई उम्मीद नहीं थी। हमने सोचा था कि यह देश भ्रष्टाचार के लिए ही जाना जाएगा। लोगों ने इस देश में व्यवसाय करना छोड़ दिया। लेकिन आज, भारत में सोच बदली है। लोगों को लगता है कि सरकार उनके प्रति जवाबदेह है। उनकी भलाई के लिए काम करेगी। ऐसा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण हुआ।'' केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में आम आदमी के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव सिर्फ इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि मतदाताओं ने निर्णय लेने वाले एक नेता का समर्थन किया। ठाकुर ने दावा किया कि पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत खराब थी और वह भ्रष्टाचार से जूझ रही थी, लेकिन मोदी के नेतृत्व में यह दुनिया की पांच शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों और जमीनी स्तर पर उठाये गये कदमों के कारण भारत दो साल में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद 2014 से देश में तेजी से सामाजिक और आर्थिक बदलाव आया है।बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए कहा कि उन्होंने पिछले नौ वर्षों में कई परिवर्तनकारी पहल हुईं, जिसने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है।
- नयी टिहरी. उत्तराखंड के टिहरी जिले के गाजा-खादी मोटर मार्ग पर शनिवार को कार के 500 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से 50 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी पत्नी की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। तहसीलदार रेनू सैनी ने बताया कि दंपति भलियालपानी से दिल्ली जा रहे थे। गाजा से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर यह हादसा हुआ। सैनी ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रीतम सिंह चौहान और उनकी पत्नी भरोसी देवी (45) के रूप में हुई है। राजस्व पुलिस और एसजीआरएफ कर्मियों को शवों को बरामद करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लोगों के सपने और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिये केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘टीम इंडिया' के रूप में करने के साथ दीर्घकालीन साझा दृष्टिकोण तैयार करने की जरूरत है। वर्ष 2047 भारत की आजादी का सौवां साल है। नीति आयोग संचालन परिषद की शनिवार को आठवीं बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने राज्यों से राजकोषीय अनुशासन बनाये रखने को भी कहा। उन्होंने सूझ-बूझ के साथ ऐसे वित्तीय निर्णय लेने को कहा जो लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे। प्रधानमंत्री ने राज्यों से न केवल बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक के लिये बल्कि स्थानीय क्षेत्र विकास तथा सामाजिक बुनियादी ढांचा सृजित करने के लिये गतिशक्ति पोर्टल के उपयोग करने का आग्रह किया। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीवीआर सुब्रमणियम ने परिषद की बैठक के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि इसमें 19 राज्यों के मुख्यमंत्री और छह केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टनेंट गवर्नर शामिल हुए। हालांकि 11 राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल नहीं हुए। ये राज्य हैं...पंजाब, बिहार, तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली, तेलंगाना, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, केरल, मणिपुर और राजस्थान। यह पहली बैठक थी जो हाल में प्रगति मैदान में बने सम्मेलन केंद्र में हुई। इसी सम्मेलन केंद्र में इस साल जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने संचालन परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिये राज्यों और जिलों के दृष्टिकोण का राष्ट्रीय सोच के साथ तालमेल जरूरी है। इससे पहले, नीति आयोग ने ट्विटर पर लिखा था, ‘‘नीति आयोग संचालन परिषद की आठवीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब राज्य बढ़ते हैं, तो भारत बढ़ता है। उन्होंने 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साझा दृष्टिकोण विकसित करने के महत्व पर जोर दिया।'' उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नीति आयोग के साथ मिलकर काम करने को कहा ताकि देश अमृत काल के दृष्टिकोण को हासिल करने में लंबी छलांग लगा सके। प्रधानमंत्री ने राज्यों से वित्तीय मामलों में सूझबूझ के साथ निर्णय लेने को कहा। उन्होंने कहा कि यह उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत बनाएगा और नागरिकों के कल्याण के लिये कार्यक्रमों को लागू करने में सक्षम बनाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री/लेफ्टिनेंट गर्वनर ने नीतियों के स्तर पर कई सुझाव दिये। उन्होंने राज्यों से संबंधित कुछ मुद्दों का जिक्र किया जिसके लिये केंद्र-राज्य सहयोग जरूरत है। उन्होंने बेहतर गतिविधियों के लिये कुछ प्रमुख सुझाव दिये, उसमें हरित रणनीति अपनाना, क्षेत्रवार योजना तैयार करना, शहरी नियोजन, कृषि, लॉजिस्टिक आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति आयोग राज्यों की चिंताओं, चुनौतियों और बेहतर गतिविधियों का अध्ययन करेंगे तथा उसके अनुसार आगे का रास्ता तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि नीति आयोग राज्यों को अगले 25 साल के लिये उनकी रणनीति तैयार करने तथा उसे राष्ट्रीय विकास एजेंडा के साथ तालमेट बैठाने में मदद करने के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। नीति आयोग संचालन परिषद की बैठक में भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के मकसद से स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और बुनियादी ढांचा विकास समेत कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल के साथ उत्तर प्रदेश, असम, झारखंड तथा मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। पश्चिम बंगाल, पंजाब और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बैठक का बहिष्कार किया।
आप प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को पत्र लिखा था और केंद्र के हाल के अध्यादेश के खिलाफ नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश में सहयोगपूर्ण संघवाद को ‘मजाक' बना दिया गया है। पंजाब की आप सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी बैठक का बहिष्कार किया।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2019 में परिषद की बैठक में शामिल नहीं होने पर कहा था कि आयोग के पास कोई शक्ति नहीं है और इन बैठकों का कोई मतलब नहीं है। परिषद की पूर्ण बैठक हर साल होती है। पिछले साल मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक सात अगस्त को हुई थी। परिषद की पहली बैठक आठ फरवरी, 2015 को हुई थी। कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 में बैठक नहीं बुलायी गयी थी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नये संसद भवन का रविवार को उद्घाटन किये जाने के साथ ही 1927 से देश की गाथा का गवाह रहा पुराना संसद भवन इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा। स्व-शासन की ओर पहले कदम से लेकर स्वतंत्रता की सुबह तक और देश के परमाणु शक्ति के रूप में उभरने और उससे आगे तक, पुराना संसद भवन लगभग एक सदी से देश की गाथा का गवाह बना हुआ है। संसद भवन संविधान के निर्माण, महात्मा गांधी की मृत्यु की घोषणा के बाद के दृश्यों के साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना के बिना शर्त आत्मसमर्पण की घोषणा का भी साक्षी रहा है। पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का दिल को छू लेने वाला भाषण, लाल बहादुर शास्त्री के शांत लेकिन दृढ़ संकल्प, इंदिरा गांधी की वाक्पटुता, अटल बिहारी वाजपेयी की काव्य प्रतिभा और नरेंद्र मोदी की शक्तिशाली भाषणकला संसद के कक्षों में गूंजी है। पुरानी संसद भवन की आधारशिला वर्ष 1921 में ड्यूक ऑफ कनॉट, प्रिंस आर्थर द्वारा रखी गई थी और इसका उद्घाटन 18 जनवरी, 1927 को किया गया था। संसद का हाल ही में समाप्त हुआ मानसून सत्र शायद पुराने भवन में अंतिम हो। वायसराय लॉर्ड इरविन ने 24 जनवरी, 1927 को तीसरी विधानसभा के पहले सत्र में कहा, ‘‘आज आप दिल्ली में अपने नए और स्थायी भवन में पहली बार मिल रहे हैं। इस कक्ष में, विधानसभा के लिए इसकी गरिमा और महत्व के मद्देनजर एक व्यवस्था की गई है।'' पंडित मदन मोहन मालवीय, मोहम्मद अली जिन्ना, पंडित मोतीलाल नेहरू, लाला लाजपत राय, सी.एस. रंगा अय्यर, माधो श्रीहरि अणे, विठ्ठलभाई पटेल सहित अन्य तीसरी विधानसभा के सदस्य थे। भारत सरकार अधिनियम, 1919 के जरिये अंग्रेजों ने सरकार में भारतीयों की अधिक भागीदारी की अनुमति दी थी। दो साल बाद, क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने सदन द्वारा विवादास्पद व्यापार विवाद विधेयक पारित किए जाने के बाद सार्वजनिक गैलरी से विधानसभा कक्ष में बम फेंके। आठ अप्रैल, 1929 की विधानसभा की कार्यवाही की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘इस चरण में आगंतुक दीर्घा से दो बम फेंके गए जो सदस्यों की सीट के बीच फट गए, जिससे कुछ सदस्यों को चोटें आईं। कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति रही और अध्यक्ष ने कुछ समय के लिए काम करना बंद कर दिया। बाद में वह अपने आसन पर वापस आ गए।'' विट्ठलभाई पटेल विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष (प्रेसीडेंट) थे, बाद में देश में संसदीय लोकतंत्र विकसित होने के बाद यह पद अध्यक्ष (स्पीकर) के रूप में जाना जाने लगा। स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर, संविधान सभा की बैठक रात 11:00 बजे राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई। उत्तर प्रदेश की एक सदस्य सुचेता कृपलानी ने विशेष सत्र की शुरुआत के मौके पर ‘वंदे मातरम' का पहला छंद गाया। पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध ‘‘नियति से साक्षात्कार'' (ट्रिस्ट विद डेस्टिनी) भाषण दिया, जिसके बाद संविधान सभा के सदस्यों ने स्वयं को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया। अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर ने 2 फरवरी, 1948 को लोकसभा की एक बैठक के दौरान महात्मा गांधी की मृत्यु की घोषणा की। मावलंकर ने कहा, ‘‘आज हम एक दोहरी आपदा की छाया में बैठक कर रहे हैं, हमारे युग की सबसे कद्दावर हस्ती का दुखद निधन हो गया है जिसने हमें गुलामी से आजादी की ओर अग्रसर किया और हमारे देश में राजनीतिक हिंसा की फिर से शुरुआत हो गई है।'' वहीं, नेहरू ने कहा, ‘‘एक गौरव चला गया है और हमारे जीवन को गर्म और उज्ज्वल करने वाला सूर्य अस्त हो गया है और हम ठंड और अंधेरे में कांप रहे हैं।'' इसी सदन से तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश से हर हफ्ते एक समय भोजन छोड़ने की अपील की थी क्योंकि भारत भोजन की कमी से जूझ रहा था और 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा था। वर्ष 1975 में आपातकाल लागू होने के बाद जब लोकसभा की बैठक हुई, तो सदन में मुद्दों को उठाने के निजी सदस्यों के अधिकारों को निलंबित करने के सरकार के कदम के खिलाफ सदन में कई सदस्यों का विरोध देखा गया। उप गृहमंत्री एफ.एच. मोहसिन ने 21 जुलाई, 1975 को लोकसभा की बैठक में राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल लगाये जाने की घोषणा की। लोकसभा सदस्य सोमनाथ चटर्जी, इंद्रजीत गुप्ता, जगन्नाथराव जोशी, एच.एन. मुखर्जी, पी.के. देव ने अपने अधिकारों के निलंबन का विरोध किया। वर्ष 1989 में देश की राजनीति के गठबंधन युग में प्रवेश करने के साथ ही संसद 1998 तक लगातार सरकारें बदलने की गवाह बनी, जब भाजपा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठबंधन बनाया था। एक साल के भीतर वाजपेयी सरकार 17 अप्रैल, 1999 को तब गिर गई जब वह लोकसभा में एक वोट से विश्वास मत हार गए थे। हालांकि, बाद में हुए आम चुनावों के बाद वाजपेयी सरकार फिर से सत्ता में आ गई। वर्ष 1974 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 22 जुलाई को संसद में एक विस्तृत बयान दिया, जिसमें सदन को पोखरण में ‘‘शांतिपूर्ण परमाणु परीक्षण'' और अन्य देशों की प्रतिक्रिया से अवगत कराया गया। लगभग 24 साल बाद 1998 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी ने वैज्ञानिकों द्वारा उस वर्ष 11 मई और 13 मई को पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद भारत को परमाणु हथियार संपन्न देश घोषित किया। उन्होंने दुनिया को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए पहले इस्तेमाल नहीं करने की नीति की भी घोषणा की, जो परीक्षणों के बारे में अनजान थी। वर्ष 2008 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर मतभेद के बाद वामपंथी दलों द्वारा समर्थन वापस लेने के मद्देनजर विश्वास मत के दौरान अपनी गठबंधन सरकार का सशक्त तरीके से बचाव किया।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के स्तर पर लोगों की मानसिकता को बदला है और अपने सेवाभाव से देश के लोगों का भरोसा हासिल किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यह बात कही। उन्होंने मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर था, जबकि 2014 से भ्रष्टाचार का नाम भी नहीं है। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और प्रत्येक श्रेणी में इसने हर गुजरते साल के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि आंकड़ों से परे ''कुछ ऐसा है, जो मुझे आपको बताना है। आज मानसिकता बदल गई है। शासन करने वालों ने अपनी मानसिकता बदल दी है। जिन लोगों ने ऐसी सरकार को वोट दिया है, वे अपने दोस्तों और परिवारों के बीच भी मानसिकता में बदलाव देखते हैं।'' उन्होंने आगे कहा, ''मानसिकता में बदलाव तब आता है, जब सरकार लोगों पर भरोसा करती है और जब लोग बदले में सरकार पर भरोसा करते हैं।'' सीतारमण ने साथ ही जोड़ा कि लोगों को भरोसा है कि प्रधानमंत्री मोदी कभी भी कुछ भी गलत या देश के खिलाफ कुछ भी नहीं करेंगे और वह हमेशा देश की सेवा करने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा, ''पहले की सरकार से लोगों को कोई उम्मीद नहीं थी। हमने सोचा था कि यह देश भ्रष्टाचार के लिए ही जाना जाएगा। लोगों ने इस देश में व्यवसाय करना छोड़ दिया। लेकिन आज, भारत में मानसिकता बदली है। लोगों को लगता है कि सरकार उनके प्रति जवाबदेह है। उनकी भलाई के लिए काम करेगी। ऐसा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण हुआ। सीतारमण ने कहा, ''यही वजह है कि आज भी बहुत सारे वैश्विक नेताओं की तुलना में, वह (नरेन्द्र मोदी) अधिक लोकप्रिय हैं।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करने से एक दिन पहले शनिवार को अपने आवास पर अधीनम (पुजारियों) से मिले और उनका आशीर्वाद लिया। तमिलनाडु से दिल्ली आए अधीनम ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें ‘सेंगोल (राजदंड)' सहित विशेष उपहार दिए। मोदी ने उनका आशीर्वाद लिया और उनका अभिनंदन किया। कई विपक्षी दलों द्वारा कार्यक्रम का बहिष्कार करने के बीच प्रधानमंत्री रविवार को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से सुसज्जित नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि नया संसद भवन प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करेगा। उन्होंने नए परिसर का वीडियो भी साझा किया था।















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