- Home
- देश
- शाहजहांपुर (उप्र) ।शाहजहांपुर जिले में खेत बेचने के बाद मिले रुपए में हिस्सा नहीं मिलने पर बेटे ने अपने पिता तथा दादी की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी है । पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने गुरुवार को बताया कि तिलहर थानाक्षेत्र के मरक्का गांव में श्याम पाल ने चार महीने पहले अपना खेत आठ लाख रुपए में बेचा था और इस पैसे में उनका बेटा उनसे हिस्सा मांग रहा था, लेकिन उन्होंने उसे नहीं दिया । आनंद ने बताया कि आज सुबह आरोपी मोहित तथा उसकी पत्नी सत्यवती ने देशी तमंचे से अपने पिता श्यामपाल (50) तथा दादी भागमती (70) की गोली मारकर हत्या कर दी ।उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतको के शवों को कब्जे में ले लिया तथा आरोपी मोहित को भी हिरासत में ले लिया। आनंद ने बताया कि गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है, साथ ही मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है। उनके अनुसार पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन-रूस युद्ध, मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चिंताओं को इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा कि आज समय की मांग है कि प्रत्येक राष्ट्र की प्राथमिकता अपने देश के हित के साथ ही विश्व हित भी हो। राजधानी स्थित अशोक होटल में आयोजित पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज दुनिया जिस युद्ध और अशांति से पीड़ित है, उसका समाधान बुद्ध के उपदेशों में है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्व को सुखी बनाना है तो स्व से निकलकर संसार, संकुचित सोच को त्यागकर, समग्रता का यह बुद्ध मंत्र ही एकमात्र रास्ता है।’’मोदी ने कहा कि सभी को अपने आस-पास गरीबी से जूझ रहे लोगों के बारे में और साथ ही संसाधनों के अभाव में फंसे देशों के बारे में सोचना ही होगा।उन्होंने कहा, ‘‘एक बेहतर और स्थिर विश्व की स्थापना के लिए यही एक मार्ग है। आज यह समय की मांग है कि हर व्यक्ति की, हर राष्ट्र की प्राथमिकता अपने देश के हित के साथ ही विश्व हित भी हो।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बात सर्व स्वीकार्य है कि आज का यह समय इस सदी का सबसे चुनौतीपूर्ण समय है।उन्होंने कहा, ‘‘आज एक ओर महीनों से दो देशों में युद्ध चल रहा है तो वहीं दुनिया आर्थिक अस्थिरता से भी गुजर रही है। आतंकवाद और मज़हबी उन्माद जैसे खतरे मानवता की आत्मा पर प्रहार कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौती पूरी मानवता के अस्तित्व पर आफत बनकर मंडरा रही है। ग्लेशियर्स पिघल रहे हैं। पारिस्थितकीय तंत्र नष्ट हो रहे है। प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं। लेकिन इन सबके बीच हमारे आप जैसे करोड़ों लोग भी हैं जिन्हें बुद्ध में आस्था है और जीव मात्र के कल्याण में विश्वास है।’’प्रधानमंत्री ने इस उम्मीद को इस धरती की सबसे बड़ी ताकत करार दिया और कहा कि जब यह ताकत एकजुट होगी तो बुद्ध का धम्म विश्व की धारणा बन जाएगा और बुद्ध का बोध मानवता का विश्वास बन जाएगा।उन्होंने कहा कि आधुनिक विश्व की ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान सैंकड़ों वर्ष पहले दिए गए बुद्ध के उपदेशों में न हो। उन्होंने कहा कि आज दुनिया जिस युद्ध और अशांति से पीड़ित है, उसका समाधान बुद्ध ने सदियों पहले दे दिया था।इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी संस्कृति मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से कर रहा है। शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘समकालीन चुनौतियों पर प्रतिक्रिया : अभ्यास के लिए दर्शन’’ है। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत के महत्व और अहमियत को चिन्हित करेगा। शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शाक्यमुनि बुद्ध की शिक्षाओं पर गौर करना है जो सदियों से बुद्ध धम्म के अभ्यास से लगातार समृद्ध होती रही हैं।
-
शिवमोगा (कर्नाटक) . कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता बी एस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई विजयेंद्र ने बुधवार को शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले विजयेंद्र ने एक मंदिर में पूजा-अर्चना की और एक रोड शो भी किया। वह भाजपा की प्रदेश इकाई में उपाध्यक्ष हैं। निवर्तमान विधानसभा में इस सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और विजयेंद्र के भाई बी वाई राघवेंद्र भी इस अवसर पर उनके साथ उपस्थित थे। राघवेंद्र शिवमोगा से लोकसभा सदस्य हैं। येदियुरप्पा पहले ही चुनावी राजनीति से संन्यास ले चुके हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल है। मतदान 10 मई को होगा और परिणाम 13 मई को घोषित किए जाएंगे।
-
नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी प्रदान की, जिसपर अगले आठ वर्षों में करीब छह हजार करोड़ रुपये का व्यय आयेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और जितेन्द्र सिंह ने यह जानकारी दी। यह मिशन सटीक समय, संचार और नौवहन के लिए परमाणु प्रणालियों और परमाणु घड़ियों में उच्च संवेदनशीलता से लैस मैग्नेटोमीटर विकसित करने में मदद करेगा। ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई । सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बताया कि इस राष्ट्रीय क्वांटम मिशन पर 6003 करोड़ रुपये की लागत आयेगी और इसकी समयावधि वर्ष 2023-24 से 2030-31 तक होगी। एक सरकारी बयान के अनुसार, इस नये मिशन (राष्ट्रीय क्वांटम मिशन) के तहत सुपरकंडक्टिंग और फोटोनिक तकनीक जैसे विभिन्न प्लेटफार्म में आठ वर्षों में 50-1000 भौतिक क्यूबिट की क्षमता वाला मध्यवर्ती स्तर का क्वांटम कंप्यूटर विकसित करने की परिकल्पना की गई है। वहीं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई क्रांतिकारी कार्य किए हैं और यह मिशन इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने, क्वांटम प्रौद्योगिकी पर आधारित आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे बड़े पक्षकारों में शामिल है जहां क्वांटम से जुड़ी सूचनाओं का संवर्द्धन महत्वपूर्ण होता है। सिंह ने कहा कि इस मिशन के तहत सूचनाओं का संवर्द्धन तेज होगा और इन्हें अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कदम से भारत छह देशों की साथ खड़ा हो गया है जिनके पास इस तरह की क्षमता है। इन देशों में अमेरिका, कनाड़ा, फ्रांस, आस्ट्रिया, फिनलैंड और चीन शामिल है। उन्होंने बताया कि इसके महत्वपूर्ण पहलुओं में भारत के भीतर 2000 किलोमीटर की सीमा में जमीनी स्टेशनों के बीच उपग्रह आधारित सुरक्षित क्वांटम संचार व्यवस्था तैयार करना शामिल है। सरकारी बयान के अनुसार, यह तकनीक क्वांटम उपकरणों के निर्माण के लिए सुपरकंडक्टर्स, नवीन सेमीकंडक्टर संरचनाओं और सांस्थितिक (टोपोलॉजिकल) सामग्रियों आदि जैसी क्वांटम सामग्रियों के डिजाइन और संश्लेषण में भी सहायता करेगा। इसके तहत क्वांटम संचार और मौसम विज्ञान संबंधी अनुप्रयोगों के लिए एकल फोटॉन स्रोत विकसित किए जायेंगे। इसमें कहा गया है कि क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम संवेदी एवं मौसम विज्ञान और क्वांटम सामग्री एवं उपकरण के क्षेत्र में चार विषयगत केन्द्र स्थापित किये जायेंगे । ये केन्द्र मौलिक अनुसंधान के माध्यम से नए ज्ञान के सृजन पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।
-
-
नयी दिल्ली. भारत और श्रीलंका में पायी जाने वाली टिटहरी (हनुमान प्लोवर) को 86 साल बाद एक बार फिर से प्रजाति का दर्जा बहाल किया गया है और शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह कदम जोखिम वाले पर्यावासों को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। हिन्दुओं के देवता- हनुमान- के नाम वाली और रोबिन के आकार की इस पक्षी को 1930 के दशक में केंटिस प्लोवर (केंट की ऐसी ही एक पक्षी) के साथ रखा गया था, क्योंकि दोनों प्रजातियों को एक समान समझा जाता था। हालांकि, डीएनए अनुक्रमण के परिणामों ने वैज्ञानिकों को उन समूहों के बीच सूक्ष्म अंतरों की पुष्टि करने का आधार प्रदान किया है, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करने के लिए पर्याप्त हैं। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि प्रजाति को फिर से बहाल करने से संरक्षण निधि का इस्तेमाल क्षेत्र की संकटग्रस्त आर्द्रभूमि को बचाने में मदद के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये पर्यावास अत्यधिक जैव विविधता वाले हैं और प्रवासी पक्षियों को अत्यधिक सर्दियों के दिन काटने वाले स्थल (ओवरविंटरिंग साइट्स) प्रदान करते हैं। एक प्रजाति में वैसी आबादी शामिल होती है, जो किसी अन्य प्रजाति के साथ सफलतापूर्वक अंतर्संकरण नहीं कर सकती है। एक उप-प्रजाति में एक प्रजाति के भीतर एक ऐसा समूह होता है, जो आमतौर पर भौगोलिक रूप से अन्य उप-प्रजातियों से अलग होता है। इस अध्ययन के सह-लेखक एलेक्स बॉण्ड ने कहा, ‘‘हालांकि हम नहीं जानते कि इस समय ‘हनुमान प्लोवर' को खतरा है या नहीं, यह ऐसे क्षेत्र में रहता है जहां मानव जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है। बॉण्ड ब्रिटेन में प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय में क्यूरेटर के पद पर कार्यरत हैं।
बॉण्ड ने एक बयान में कहा, ‘‘इन पक्षियों के साथ एक नाम जुड़ जाने का मतलब है कि नीति निर्माताओं और राजनेताओं के लिए इन टिटहरियों को नोटिस करना और उनकी मदद के लिए आवश्यक कदम उठाना आसान होगा।'' उन्होंने पाया कि इन पक्षियों में ‘केंटिश प्लोवर' की तुलना में छोटे पंख, पूंछ और चोंच होती है। इनके पंखों में भी अंतर होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यद्यपि ‘केंटिश प्लोवर' के नर एवं मादा पक्षियों के पैर काले होते हैं, लेकिन हनुमान प्लोवर में गहरे भूरे रंग के पैर होते हैं। नर हनुमान प्लोवर के माथे पर एक काली पट्टी होती है। -
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बिजली वितरण कंपनियों को छह साल में मिली सब्सिडी का विशेष ‘ऑडिट' होगा। दिल्ली सरकार ने बिजली नियामक डीईआरसी को वर्ष 2016 से 2022 तक के बिजली सब्सिडी वितरण के संबंध में वितरण कंपनियों का विशेष लेखा परीक्षण करने का निर्देश जारी किया है। दिल्ली सरकार के विशेष सचिव (बिजली) रवि धवन की तरफ से मंगलवार को जारी आदेश में कहा गया कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 108 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपराज्यपाल ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) को नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) के पैनल में शामिल लेखा-परीक्षकों के माध्यम से विशेष ‘ऑडिट' करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, वितरण कंपनियों को जारी की गई बिजली सब्सिडी को लेकर विशेष लेखा परीक्षण में 2016-17 से 2021-22 की अवधि को लिया जाएगा। इसके अनुसार, लेखा परीक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि सब्सिडी पारदर्शी और कुशल तरीके से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे। इस आदेश पर दिल्ली की बिजली मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देशों के बाद बिजली कंपनियों का ऑडिट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली सब्सिडी के विशेष ऑडिट के लिए एक फाइल 27 मार्च को उप-राज्यपाल कार्यालय भेजी गई थी। मंगलवार को वहां से मंजूरी मिलने के बाद केजरीवाल सरकार ने ऑडिट के लिए अधिसूचना जारी कर दी। दिल्ली सरकार का मानना है कि विशेष ऑडिट से खुलासा हो जाएगा कि क्या कोई अनियमितता हो रही है। इससे दिल्ली में बिजली सब्सिडी के वितरण को बेहतर करने में भी मदद मिलेगी।
-
नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूस के उप-प्रधानमंत्री एवं उद्योग व व्यापार मंत्री डेनिस मांतुरोव ने मंगलवार को दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा, “दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय निवेश और व्यापार बढ़ाने के लिए साझा हितों के क्षेत्रों में आर्थिक और वित्तीय सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर विचार साझा किए।” मांतुरोव आईआरआईजीसी-टीईसी के 24वें सत्र में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आए हैं। रूस के कई मंत्रालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उनके साथ थे।
-
गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में दो लाख रुपये के इनामी नक्सली को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में संगीन अपराधों के करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं। गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि विशिष्ट जानकारी पर कार्रवाई करते हुए जिला विशेष बल और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से हचबोडी जंगल में नक्सल रोधी अभियान चलाया और नक्सली साधु उर्फ संजय नरोटे को गिरफ्तार कर लिया। विज्ञप्ति में कहा गया कि गढ़चिरौली जिले के विभिन्न थानों में नरोट के खिलाफ 23 गंभीर मामले दर्ज हैं जिनमें 12 मुठभेड़, आठ हत्या और दो डकैती से संबंधित मामले हैं। पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि जिला पुलिस ने जनवरी 2022 से अब तक 67 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। -
नयी दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस कासरगोड से होकर भी गुजरेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अप्रैल को इस ट्रेन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला केंद्रीय राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन के अनुरोध पर लिया गया है।शुरुआत में ट्रेन को तिरुवनंतपुरम और कन्नूर के बीच चलाने की योजना थी।
वैष्णव ने यहां केरल से पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘केरल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवा कासरगोड तक बढ़ा दी गई है।'' मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे दो चरणों में केरल में पटरियों का उन्नयन करने जा रहा है। चरण एक के तहत कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक पूरे ट्रैक को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति क्षमता में बदलने के लिए 381 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह डेढ़ साल के भीतर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में अन्य आवश्यक सुधार होंगे। इसे पूरा होने में दो से साढ़े तीन साल लगेंगे और इसके बाद ट्रैक की गति क्षमता को बढ़ाकर 130 किमीमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। वैष्णव ने कहा कि तिरुवनंतपुरम एक महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र है जिसके आसपास कई छोटे उप-शहर हैं। क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार के लिए राज्य सरकार के साथ चर्चा हुई थी। मंत्री ने यह भी कहा कि अभी केरल के लिए सिर्फ एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दी गई है और भविष्य में और ट्रेनें शुरू की जाएंगी। -
तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोट्टायम में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय की स्थान संबंधी मंजूरी का मंगलवार को स्वागत किया और इसे ‘‘आध्यात्मिक पर्यटन के लिए बड़ी खबर'' करार दिया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 13 अप्रैल को केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (केएसआईडीसी) को सबरीमला में प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर के पास हवाई अड्डे के लिए स्थान संबंधी मंजूरी के बारे में सूचित किया था। मंत्रालय ने केएसआईडीसी से एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए आगे बढ़ने और इसे आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए 'सैद्धांतिक' अनुमोदन के वास्ते आवेदन के साथ भेजने के लिए भी कहा। इसके बाद, मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘परियोजना प्रस्तावक - केएसआईडीसी/केरल सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कोट्टायम (सबरीमला) में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना के लिए स्थान संबंधी मंजूरी दे दी है जो क्षेत्र में संपर्क और विकास को बढ़ावा देगी।'' मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा, ‘‘कोट्टायम ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा परियोजना को लगभग 2250 एकड़ भूमि पर विकसित करने का प्रस्ताव है और केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में लगभग 4000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर परियोजना शुरू करने का इरादा रखता है।'' घटनाक्रम पर मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘पर्यटन और विशेष रूप से आध्यात्मिक पर्यटन के लिए बहुत अच्छी खबर है।'' पिछले हफ्ते, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा था कि आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद सबरीमला में एक नया हवाई अड्डा बनाने के लिए जमीनी कार्य शुरू हो गया है। नवंबर-दिसंबर में दो महीने की वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान, लाखों तीर्थयात्री देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से भी मंदिर आते हैं। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने कहा था कि 2022 में लगभग 30 लाख तीर्थयात्री मंदिर आए।
-
नयी दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) का सभी प्रकार के भेदभाव के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति होनी चाहिए और छात्रों को पर्याप्त सहायता मुहैया करायी जानी चाहिए। प्रधान ने सभी 23 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों की शीर्ष समन्वय निकाय आईआईटी काउंसिल की बैठक में यह भी कहा कि संस्थानों के छात्रों को नए भारत का चेहरा होना चाहिए और वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार रहना चाहिए। परिषद ने आईआईटी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कई कदमों पर चर्चा की। इसमें एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग सेवाओं को बढ़ाने, दबाव कम करने और छात्रों के बीच विफलता और अस्वीकृति के डर को कम करने के महत्व पर प्रकाश डालने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। परिषद में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों से संबंधित छात्रों के लिए समर्थन बढ़ाने पर सहमति जतायी गई। इसने पीएचडी छात्राओं को सहायता की अवधि एक अतिरिक्त वर्ष के लिए बढ़ाने का भी संकल्प लिया।
दो साल के अंतराल के बाद आयोजित आईआईटी परिषद की 55 वीं बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पिछली बैठक महामारी को देखते हुए फरवरी 2021 में डिजिटल तरीके से आयोजित की गई थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में यह आईआईटी परिषद की पहली बैठक भी है। परिषद आईआईटी में प्रशासनिक और अन्य प्रमुख मामलों की देखभाल करती है। इसमें सभी 23 आईआईटी के निदेशक और अध्यक्ष शामिल होते हैं। - नई दिल्ली।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि देश में युवाओं के बीच उद्यमशीलता एवं कौशल को बढ़ावा देकर कुशल कार्यबल तैयार करने एवं अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण निवेश किए जा रहे हैं तथा इस कार्यबल का भारत सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा। बिरला ने नॉर्वे की सांसद ट्राइन लिज़ सुंडनेस के नेतृत्व में आए यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) संसदीय समिति के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह बात कही, जिसमें आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के सदस्य शामिल थे। लोकसभा सचिवालय के बयान के अनुसार, बिरला ने कहा कि यह यात्रा भारत और ईएफटीए देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईएफटीए और भारत दोनों को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग से काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईएफटीए देश विश्व शांति, अहिंसा, मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्धता को साझा करते हैं, जो एक "जीवंत लोकतंत्र" का आधार है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हाल के वर्षों में भारत और ईएफटीए देशों के बीच रिश्ते मजबूत हुए हैं और इसे और अधिक गति देने के लिए लोगों के बीच सम्पर्क को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। बिरला ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की सबसे बड़ी आबादी होगी, ऐसे में सरकार ने युवाओं के बीच उद्यमशीलता और कौशल को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों और योजनाओं की शुरुआत की है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें (युवाओं) कुशल कार्यबल में बदलने के लिए उच्च शिक्षा, अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण निवेश किए जा रहे हैं और यह कार्यबल न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि भारत विविधता के बावजूद एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में विकसित हुआ है तथा इस जीवंत विविधता को एक ताकत बनाकर भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। बिरला ने कहा कि भारत निकट भविष्य में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर पी20 शिखर सम्मेलन का भी आयोजन करेगा, जिसमें जी20 देशों के अलावा अन्य आमंत्रित देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस शिखर सम्मेलन में संसदीय व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर उद्देश्यपूर्ण संवाद होगा, जो पूरे विश्व को लाभ पहुंचाने का काम करेगा।
- नयी दिल्ली। अनुसंधानकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने गंगा नदी बेसिन (जीआरबी) के जल संसाधनों के प्रबंधन के वास्ते सभी के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण के रूप में 'गंगा जल मशीन' की अवधारणा को लागू करने के विपरीत सलाह दी है। गंगा जल मशीन (जीडब्ल्यूएम) की अवधारणा इस धारणा पर निर्भर करती है कि गंगा नदी एक उच्च-उपज देने वाले, सदृश छिद्रिल जलभृत के माध्यम से चलती है, जिसका उपयोग मॉनसून के दौरान क्षणिक बाढ़ के पानी को संगृहित करने के लिए किया जा सकता है। पत्रिका ‘एसीएस ईएस एंड टी वाटर' में प्रकाशित एक लेख में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि किसी भी नीतिगत वृद्धि से पहले भूजल-गंगा नदी के पानी की परस्पर क्रियाओं पर एक गहन अध्ययन आवश्यक है। हाल में, जीआरबी के जल संसाधनों का प्रबंधन करने में बहुत रुचि रही है, जिसमें गंगा नदी की सफाई भी शामिल है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से, भारत, नेपाल और बांग्लादेश से होकर बहने वाली गंगा नदी और उसकी सहायक नदियां बड़े पैमाने पर प्रदूषित और बाधित हो गई हैं, जिसके लिए औद्योगिक और शहरी कचरा बड़े पैमाने पर जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में जीआरबी जलभृतों से गहन भूजल निकासी के कारण समस्या और बढ़ गई है, जिसके कारण कुछ स्थानों पर भूजल स्तर में अभूतपूर्व कमी आई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-खड़गपुर के प्रोफेसर अभिजीत मुखर्जी ने कहा, "बांग्लादेश के गंगा डेल्टा क्षेत्रों में हाल के कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि "जल मशीन" की अवधारणा अनुकूल है और यह अध्ययन से जुड़े क्षेत्र में कुशलता से काम करती है।" लेख के सह-लेखक मुखर्जी ने कहा, "नतीजतन, दुनिया भर के जल प्रबंधकों और एजेंसियों ने 'गंगा जल मशीन' अवधारणा पर फिर से विचार करना शुरू कर दिया है।" हालांकि, अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस सैद्धांतिक अवधारणा में कई कमियां हैं।उन्होंने कहा कि गंगा बेसिन के जलभृत पहले से ही गंभीर रूप से अत्यधिक तनावग्रस्त हैं, तथा अधिक निकासी केवल उनके विनाश को तेज करेगी। मुखर्जी ने कहा, "इसलिए, हम गंगा जल मशीन की अवधारणा को सभी के लिए उपयुक्त दृष्टिकोण के रूप में लागू करने के खिलाफ सलाह देते हैं।
- नयी दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को लोक सेवा दिवस के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वह विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार भी प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में लोक सेवकों के योगदान की लगातार सराहना की है तथा उन्हें और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसने कहा कि यह कार्यक्रम देश भर के लोक सेवकों को प्रेरित करने का प्रधानमंत्री के लिए एक उपयुक्त मंच होगा ताकि अधिकारी विशेष रूप से अमृत काल के इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान उत्साह के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहें। लोक सेवा पुरस्कार आम नागरिकों के कल्याण के वास्ते केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के बेहतर व प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को प्रदान किया जाता है। इस वर्ष चार चिह्नित प्राथमिकता कार्यक्रमों में किए गए अनुकरणीय कार्यों के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें हर घर जल योजना के माध्यम से स्वच्छ जल को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों के माध्यम से स्वस्थ भारत को बढ़ावा देना, समग्र शिक्षा के माध्यम से एक न्यायसंगत और समावेशी कक्षा वातावरण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना और आकांक्षी जिला कार्यक्रम के माध्यम से समग्र विकास- संतृप्ति दृष्टिकोण पर विशेष ध्यान देने के साथ समग्र प्रगति शामिल है। पीएमओ ने कहा कि इन चार चिह्नित कार्यक्रमों के लिए आठ पुरस्कार दिए जाएंगे जबकि नवाचार के लिए सात पुरस्कार दिए जाएंगे। भारत सरकार प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को लोक सेवा दिवस के रूप में मनाती है।
-
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को आईएनएक्स धनशोधन मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की 11.04 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। यह जानकारी यहां एक आधिकारिक बयान में दी गई। ईडी ने कहा कि कुर्क की गई चार संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कुर्ग जिले में स्थित अचल संपत्ति है। बयान में कहा गया है कि कार्ति के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद हैं और उन्हें आईएनएक्स मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी दोनों ने गिरफ्तार किया था। मामला आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से "प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से" कथित रूप से अवैध धन प्राप्त करने से संबंधित है, जिसे संयुक्त प्रगतिशील (संप्रग) की तत्कालीन सरकार में केंद्रीय वित्तमंत्री के रूप में उनके पिता के कार्यकाल के दौरान विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिली थी।
-
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बाड़ लगाने और सड़क बनाये जाने का निर्देश दिया है। श्री शाह ने कल नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के चिंतन शिविर की अध्यक्षता की। चिंतन शिविर का उद्देश्य मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'विजन2047' लागू करने के लिए कार्य योजना तैयार करना है। गृहमंत्री ने साइबर अपराधों की रोकथाम, पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आपराधिक न्याय प्रणाली में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन और तटवर्ती सुरक्षा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए अनुकूल प्रणाली विकसित करने पर बल दिया।
गृहमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रोन्नति समितियों की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को समय से प्रमोशन मिल सके। श्री शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए विभिन्न कल्याणकारी उपायों पर बल दिया। उन्होंने गृह मंत्रालय के सभी विभागों द्वारा नियमित प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताया और विकास योजनाओं की निगरानी के लिए मंत्रालय के अधिकारियों को स्थल दौरा करने का सुझाव दिया। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार शाम अचानक यहां बंगाली मार्केट और पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में पहुंचे, जहां उन्होंने गोलगप्पे, तरबूज और कुछ अन्य पकवानों के लुत्फ उठाए। उन्होंने बंगाली मार्केट में गोलगप्पे खाये और वहां मौजूद लोगों से हाथ भी मिलाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुरानी दिल्ली भी गये और वहां तरबूज खाया। राहुल ने जामा मस्जिद के सामने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का अभिवादन किया और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई। उल्लेखनीय है कि रमजान का महीना होने के कारण पुरानी दिल्ली में और दिनों की तुलना में अभी ज्यादा भीड़भाड़ रहती है। -
पणजी. भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रतिनिधि रोडेरिको एच ओफ्रिन ने मंगलवार को कहा कि स्वास्थ्य सेवा में भारत की उपलब्धियां और निवेश विश्व के लिए अहम स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ओफ्रिन यहां दूसरे जी20 स्वास्थ्य कार्यकारी समूह की बैठक में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जो कुछ कर रहा है उससे सीखने का अन्य देशों के लिए यह एक स्वर्णिम क्षण है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा कहता हूं कि एक तैयार भारत तैयार विश्व है क्योंकि यह तैयारियों के लिए विश्व के वास्ते एक संसाधन है। साथ ही, एक स्वस्थ भारत एक स्वस्थ विश्व है क्योंकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अपने लोगों के लिए इसके (भारत के) निवेश ने पूरे वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य को बदल दिया है।'' ओफ्रिन ने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता ने स्वास्थ्य के तीन क्षेत्रों को वरीयता दी है जिनमें स्वास्थ्य आपात स्थिति की रोकथाम, तैयारियां और उपाय; फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में सहयोग मजबूत करना; और डिजिटल स्वास्थ्य नवोन्मेष, सार्वभौम स्वास्थ्य कवरेज में सहायता के लिए समाधान तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने को बेहतर बनाना शामिल है। जी20 की भारत की अध्यक्षता के तहत गोवा में हो रही दूसरी स्वास्थ्य कार्यकारी समूह बैठक 19 अप्रैल को संपन्न होगी। जी20 के 19 सदस्य देशों के 180 से अधिक प्रतिनिधि, 10 आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि और 22 अंतरराष्ट्रीय संगठन इसमें भाग ले रहे हैं।
-
मुंबई. महाराष्ट्र के नवी मुंबई में आयोजित ‘महाराष्ट्र भूषण' पुरस्कार कार्यक्रम में लू की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 14 हो गई। सात मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। स्थानीय निकाय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में दस महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।
पनवेल नगर निगम के उपायुक्त विठ्ठल डाके ने कहा, ‘‘आज विरार निवासी 34 वर्षीय एक महिला को वाशी के एमजीएम अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। महिला की पहचान स्वाति वैद्य के रूप में हुई है।'' अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में उपचाराधीन लोगों की संख्या सात है, हालांकि इससे पहले दिन में यह संख्या नौ बताई गई थी। डाके ने कहा, ‘‘नवी मुंबई के अलग-अलग अस्पतालों में अब केवल सात मरीज भर्ती हैं। उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।'' इस बीच, महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने नवी मुंबई में रविवार को आयोजित राज्य पुरस्कार समारोह में लू लगने से लोगों की मौत होने के मामले में राज्य सरकार के खिलाफ मंगलवार को गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की। प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे एक पत्र में पवार ने कहा कि यह त्रासदी प्राकृतिक नहीं, बल्कि यह मानव निर्मित आपदा है और इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। खारघर क्षेत्र में रविवार को एक खुले मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। चिलचिलाती धूप में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया था, जिनमें अधिकतर लोग महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित अप्पासाहेब धर्माधिकारी के अनुयायी थे। रविवार को कार्यक्रम के दौरान लू लगने और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी। -
चंडीगढ़. हरियाणा में करनाल जिले के तरावड़ी इलाके में एक चावल मिल की तीन मंजिला इमारत ढहने से बिहार के चार प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे जब यह घटना हुई तब 150 से ज्यादा श्रमिक मिल में मौजूद थे। करनाल के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने बताया, ''घटना में बिहार के चार मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गये।'' करनाल के उपायुक्त अनीश यादव ने संवाददाताओं से कहा, " घटना में कुल 24 लोग प्रभावित हुए। ढांचे में लगभग 150 लोग रहते थे और कुछ लोग समय पर खिड़कियों से बाहर आने में कामयाब रहे।" उन्होंने कहा, “ 24 प्रभावित लोगों में से 20 घायल हैं और चार की मौत हो गई है।
इमारत गिरने की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इमारत असुरक्षित थी। इसके लिए उपमंडल मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। कार्यपालक अभियंता (भवन एवं सड़क) इसके सदस्य होंगे। वे घटना की रिपोर्ट सौंपेंगे।" यह पूछे जाने पर कि क्या इमारत के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई करनी होगी, हम करेंगे।” घटनास्थल से मलबा हटाने का काम जारी है। - नयी दिल्ली। दुनिया में 2018 में टाइप 2 मधुमेह के एक करोड़ 41 लाख से अधिक मामलों के पीछे खराब आहार एक प्रमुख कारण था । वैश्विक स्तर पर ये आंकड़े 70 प्रतिशत से अधिक नए मामलों से जुड़े हैं। इसमें राहत वाली बात यह है कि भारत में अस्वास्थ्यकर भोजन से संबंधित टाइप 2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के दायरे में आए 30 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में, भारत, नाइजीरिया और इथियोपिया में अस्वास्थ्यकर भोजन से संबंधित टाइप 2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे।जर्नल ‘नेचर मेडिसिन’ में प्रकाशित इस विश्लेषण में 1990 और 2018 के आंकड़ों को देखा गया, जिसमें महत्वपूर्ण बात यह पता चली कि कौन कौन से आहार कारक विश्व में टाइप 2 मधुमेह के बोझ को बढ़ा रहे हैं।शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन 11 आहार कारकों पर विचार किया गया, उनमें से तीन का टाइप 2 मधुमेह की बढ़ती वैश्विक घटनाओं में बहुत बड़ा योगदान था । इसमें साबुत अनाज का अपर्याप्त सेवन, परिष्कृत चावल, गेहूं की अधिकता और प्रसंस्कृत मांस का अधिक सेवन शामिल थे।उन्होंने कहा कि बहुत अधिक फलों का रस पीने और पर्याप्त गैर-स्टार्च वाली सब्जियां, सूखे मेवे नहीं खाने जैसे कारकों का रोग के नए मामलों पर कम प्रभाव देखा गया।अमेरिका में टफ्ट्स विश्वविद्यालय के वरिष्ठ लेखक दारीश मोजाफेरियन ने कहा, ‘‘हमारे अध्ययन से पता चलता है कि खराब कार्बोहाइड्रेट गुणवत्ता वाला आहार, टाइप 2 मधुमेह का विश्व स्तर पर एक प्रमुख कारक है। ये नए निष्कर्ष पोषण में सुधार और मधुमेह के बोझ को कम करने के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सामने लाते हैं।’’टाइप 2 मधुमेह में इंसुलिन के प्रति शरीर की कोशिकाएं प्रतिरोध करती हैं। इंसुलिन अग्न्याशय द्वारा बनाया गया एक हार्मोन है जो किसी भी समय रक्तप्रवाह में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है।अध्ययन में शामिल 184 देशों में से, सभी ने 1990 और 2018 के बीच टाइप 2 मधुमेह के मामलों में वृद्धि देखी, जो व्यक्तियों, परिवारों और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों पर बढ़ते बोझ को दर्शाता है।शोध दल का मॉडल, ग्लोबल डाइटरी डेटाबेस की जानकारी के साथ-साथ जनसांख्यिकी, वैश्विक टाइप 2 मधुमेह की घटनाओं के अनुमान, मोटापे और टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित लोगों को प्रभावित करने वाले डेटा पर आधारित था। विश्लेषण से पता चला है कि खराब आहार वैश्विक स्तर पर पुरुषों बनाम महिलाओं, युवा बनाम वृद्ध वयस्कों और शहरी बनाम ग्रामीण निवासियों में कुल टाइप 2 मधुमेह की घटनाओं का एक बड़ा हिस्सा बना रहा है।शोधकर्ताओं ने कहा कि मध्य और पूर्वी यूरोप एवं मध्य एशिया- विशेष रूप से पोलैंड और रूस में, जहां आहार लाल मांस, प्रसंस्कृत मांस और आलू से भरपूर होता है, वहां आहार से जुड़े टाइप 2 मधुमेह के मामलों की सबसे बड़ी संख्या थी। लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में भी टाइप 2 मधुमेह के मामलों की संख्या काफी थी विशेष रूप से कोलम्बिया और मैक्सिको में, जिसके लिए शक्कर युक्त पेय, प्रसंस्कृत मांस की उच्च खपत और साबुत अनाज के कम सेवन को जिम्मेदार पाया गया।ऐसे क्षेत्र जहां आहार का टाइप 2 मधुमेह के मामलों पर प्रभाव कम था, उनमें दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका शामिल थे । हालांकि 1990 और 2018 के बीच खराब आहार के कारण टाइप 2 मधुमेह में सबसे बड़ी वृद्धि उप-सहारा अफ्रीका में देखी गई थी।शोध का संचालन करने वाले अध्ययन के पहले लेखक मेघन ओहर्न ने कहा, ‘‘ये निष्कर्ष चिकित्सकों, नीति निर्माताओं और निजी क्षेत्र की पोषण संबंधी प्राथमिकताओं को तय करने में मदद कर सकते हैं क्योंकि वे स्वस्थ आहार विकल्पों को प्रोत्साहित करते हैं जो इस वैश्विक महामारी का समाधान है।’’
- चंडीगढ़। हरियाणा में करनाल जिले के तरावड़ी इलाके में एक चावल मिल की तीन मंजिला इमारत ढहने से बिहार के चार प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब तीन बजे जब यह घटना हुई तब 150 से ज्यादा श्रमिक मिल में मौजूद थे। करनाल के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने बताया, ”घटना में बिहार के चार मजदूरों की मौत हो गई और 20 अन्य जख्मी हो गये।” करनाल के उपायुक्त अनीश यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘ घटना में कुल 24 लोग प्रभावित हुए। ढांचे में लगभग 150 लोग रहते थे और कुछ लोग समय पर खिड़कियों से बाहर आने में कामयाब रहे।’उन्होंने कहा, “ 24 प्रभावित लोगों में से 20 घायल हैं और चार की मौत हो गई है।’इमारत गिरने की वजह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि इमारत असुरक्षित थी। इसके लिए उपमंडल मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। कार्यपालक अभियंता (भवन एवं सड़क) इसके सदस्य होंगे। वे घटना की रिपोर्ट सौंपेंगे।’यह पूछे जाने पर कि क्या इमारत के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी, उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार जो भी कार्रवाई करनी होगी, हम करेंगे।”घटनास्थल से मलबा हटाने का काम जारी है।
-
नई दिल्ली। उच्च शिक्षा सचिव श्री के. संजय मूर्ति, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी और शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार ने सोमवार को भुवनेश्वर में शिक्षा कार्य समूह की आगामी तीसरी बैठक और अग्रगामी कार्यक्रमों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री मूर्ति ने बताया कि शिक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक 27-28 अप्रैल, 2023 को भुवनेश्वर में होगी और जी20 शिक्षा कार्य समूह की बैठकों के अग्रगामी कार्यक्रम 23-26 अप्रैल, 2023 को होंगे। "कार्य का भविष्य" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जो 23-25 अप्रैल और फिर 27 और 28 अप्रैल के बीच जनता के लिए खुली रहेगी।
जी20 देशों के प्रतिनिधि इन बैठकों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा कार्य समूह के तहत कार्यक्रम, विषयों का चयन और देश के युवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के विजन और मार्गदर्शन में चल रहा है। ओडिशा के मामले में, जहां विषय 'कार्य का भविष्य' है, गतिविधियां इस दृष्टि पर आधारित हैं कि उभरती हुई कौशल आवश्यकताओं और निरंतर कुशल कौशल और कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर हर जिले में जिले के लिए प्रासंगिक के रूप में व्यापक विचार-विमर्श और प्रभावी पहुंच होनी चाहिए।मीडिया को संबोधित करते हुए श्री अतुल कुमार तिवारी ने कहा कि अभूतपूर्व प्रगति और डिजिटलीकरण के साथ, काम की प्रकृति में मूलभूत परिवर्तन देखा जा रहा है। यह परिवर्तन उत्पादकता लाभ को बढ़ाने और विकास को प्रोत्साहित करते हुए अपार आर्थिक क्षमता भी लाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि जी20 राष्ट्र भी कई क्षेत्रों में इस सक्रिय विकास का अनुभव कर रहे हैं और इसे युवाओं को केवल प्रासंगिक कौशल, गति और चपलता से लैस करके ही तैयार कर सकते हैं। इस बदलाव को स्वीकार करते हुए और काम के भविष्य से संबंधित सबसे अहम मुद्दों के समाधान खोजने के लिए, हम भुवनेश्वर में शिक्षा कार्य समूह की आगामी तीसरी बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अग्रगामी कार्यक्रम और एक प्रदर्शनी, विशेषज्ञों, हितधारकों और विचारकों को एक साथ लाने से सुधारों को प्राथमिकता देने, सीखने की फिर से कल्पना करने, प्रतिभा को फिर से परिभाषित करने और साथ ही कार्य के भविष्य के लिए सामाजिक, राजनीतिक और व्यावसायिक नेतृत्व को तैयार करने के साथ-साथ उसकी रूपरेखा निर्धारित करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण का पता लगाने में मदद मिलेगी।श्री संजय कुमार ने स्कूली पाठ्यक्रम में कौशल के एकीकरण और बच्चों के लिए आजीवन शिक्षण के क्रम में भविष्य के कौशल से लैस करने के बारे में बात की। उन्होंने वर्किंग ग्रुप मीटिंग के 25 अप्रैल को भारत और सिंगापुर के बीच ‘फ्यूचर ऑफ वर्क’ पर वर्कशॉप में 'इंटीग्रेशन ऑफ स्किल्स इन स्कूल करिकुलम' पर ब्रेकआउट सेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को आजीवन शिक्षण के क्रम में 'भविष्य के कौशल के साथ बच्चों को लैस करने' पर भी चर्चा आयोजित की जाएगी। सचिव ने यह भी बताया कि एनईपी 2020 के तहत सिफारिश के अनुसार, कक्षा 6 से कौशल शिक्षा का एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा। यह कक्षा 9 और 10 के लिए वैकल्पिक और कक्षा 11 और 12 के लिए अनिवार्य होगा।सम्मेलन के दौरान, यह बताया गया कि 'जन भागीदारी' को भारत की जी20 अध्यक्षता का एक मजबूत तत्व बनाने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए, ओडिशा राज्य में 1 अप्रैल, 2023 से महीने भर चलने वाले कार्यक्रम शुरू हो गए हैं, जिसे "उत्कल दिबासा” या “ओडिशा दिवस” के रूप में भी मनाया जाता है। अब तक, 86,000 लोगों ने जनभागीदारी कार्यक्रमों में भाग लिया है, जैसे क्विज प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, युवा संवाद आदि। काम के भविष्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर सेमिनार आयोजित किए गए हैं, जैसे कृषि में ड्रोन एप्लिकेशन, भविष्य पर कार्यशाला रोबोटिक्स, पशुधन उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, कार्बन उत्सर्जन से मुक्त होने के क्रम में केमिकल इंजीनियरिंग का भविष्य, डीकार्बोनाइजेशन एल्यूमीनियम उत्पादन आदि। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित कॉलेजों के छात्र, एनएसटीआई और जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के लाभार्थी इन आयोजनों में भाग ले रहे हैं। ये कार्यक्रम और क्रियाकलाप यूथ-नेतृत्व और महिला-नेतृत्व वाले हैं। राज्य भर में इन कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए जी20 के सहयोगी समूह, जैसे स्टार्ट अप 20, बी20 आदि भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।विभिन्न संस्थानों, जैसे आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईएम संबलपुर, केंद्रीय विश्वविद्यालय, एनआईटी, आईएमएमटी भुवनेश्वर, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद के सहयोग से पूर्ववर्ती कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। डेलॉइट, सीआईआई और यूएसआईबीसी विभिन्न आयोजनों के लिए उद्योग से जुड़े संगठन हैं। सप्ताह भर चलने वाले इस विचार-विमर्श में भविष्य के काम के लिए एक रूपरेखा तैयार करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समर्थन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।चूंकि ओडिशा राज्य में एक महत्वपूर्ण आदिवासी आबादी है, इसलिए ओडिशा की जनजातियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा और उनके उत्पादों को विभिन्न कार्यक्रमों और क्रियाकलापों के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। जैसा कि 2023 अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष है, फूड फेस्टिवल जहां मिलेट और स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे, ताकि जी20 प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों को भारत के पारंपरिक भोजन से परिचित कराया जा सके। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी लोगों से नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय जाने का अनुरोध किया है। सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री चंद्रशेखर के पुत्र श्री नीरज शेखर द्वारा प्रधानमंत्री संग्रहालय की अपनी यात्रा के बारे में किए गए ट्वीट का जवाब देते हुए, प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा;
“यह मेरा सौभाग्य था कि चंद्रशेखर जी जैसे महान व्यक्तित्व के साथ मुझे समय बिताने का मौका मिला और बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रधानमंत्री संग्रहालय में देशवासी चंद्रशेखर जी के साथ ही अपने सभी प्रधानमंत्रियों के योगदान को देख पाएंगे। मैं हर किसी से अनुरोध करूंगा कि वो यहां जरूर जाएं।” -
नई दिल्ली। केन्द्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी.के. रेड्डी ने सोमवार को नई दिल्ली में आगामी पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के संबंध में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
श्री जी. के. रेड्डी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अप्रैल को नई दिल्ली में पहले वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। संस्कृति मंत्रालय अपने अनुदानग्राही निकाय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से 20-21 अप्रैल को अशोक होटल में इस वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन (जीबीएस) की मेजबानी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केन्द्र सरकार आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है और केन्द्र सरकार ने यह निर्णय किया है कि पहला अंतरराष्ट्रीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित किया जाएगा।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पहली बार विभिन्न देशों के प्रमुख बौद्ध भिक्षु भारत आयेंगे और इस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस शिखर सम्मेलन में बौद्ध दर्शन और विचार की मदद से समकालीन चुनौतियों से निपटने के बारे में चर्चा होगी। यह वैश्विक शिखर सम्मेलन बौद्ध धर्म में भारत की प्रासंगिकता और उसके महत्व को रेखांकित करेगा, क्योंकि बौद्ध धर्म का जन्म भारत में ही हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि इस दो-दिवसीय वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का विषय “समकालीन चुनौतियों के प्रति प्रतिक्रिया: दर्शन से अभ्यास तक” है।श्री जी. किशन रेड्डी ने यह भी बताया कि यह वैश्विक शिखर सम्मेलन अन्य देशों के साथ सांस्कृतिक एवं राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी साबित होगा। केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इस शिखर सम्मेलन में लगभग 30 देशों के प्रतिनिधि और विदेशों के लगभग 171 प्रतिनिधि और भारतीय बौद्ध संगठनों के 150 प्रतिनिधि भाग लेंगे।इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिष्ठित विद्वान, संघ के नेता और धर्म के अनुयायी भाग ले रहे हैं। भाग लेने वालों में 173 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हैं जिनमें 84 संघ सदस्य हैं और 151 भारतीय प्रतिनिधि शामिल हैं जिनमें 46 संघ सदस्य, 40 नन और दिल्ली के बाहर के 65 सामान्य धर्मोपासक शामिल हैं। इस सम्मेलन में एनसीआर क्षेत्र के लगभग 200 व्यक्ति भी भाग लेंगे, जिनमें विदेशी दूतावासों के 30 से अधिक राजदूत शामिल हैं। इस सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिनिधि आज के प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित बुद्ध के धम्म में इसके समाधानों की खोज करेंगे।चर्चाएं निम्नलिखित चार विषयों के तहत होंगी:1. बुद्ध धम्म और शांति2. बुद्ध धम्म: पर्यावरणीय संकट, स्वास्थ्य और स्थिरता3. नालंदा बौद्ध परंपरा का संरक्षण4. बुद्ध धम्म तीर्थयात्रा, जीवंत विरासत और बुद्ध अवशेष: दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशिया के देशों के साथ भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का एक सुदृढ़ आधार।संघ और अकादमिक सत्रों के लिए क्रमश: वियतनाम बौद्ध संघ के सुप्रीम पैट्रिआर्क परम पावन थिच ट्राई क्वांग और प्रोफेसर रॉबर्ट थुरमैन द्वारा दो मुख्य व्याख्यान दिए जायेंगे।भारत में उत्पन्न होने वाली धार्मिक परंपराएं ‘प्राचीन धर्म, जीवन का शाश्वत तरीका’ का हिस्सा हैं। प्राचीन भारत में बुद्ध धम्म ने मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दुनिया में इसके प्रसार से ज्ञान एवं संस्कृतियों के क्षेत्र में एक व्यापक मंथन हुआ और दुनिया भर में विविध आध्यात्मिक एवं दार्शनिक परंपराओं का विकास हुआ।उम्मीद है कि इस सम्मेलन में होने वाले विभिन्न विचार-विमर्शों के माध्यम से इस बात का पता लगाएगा कि बुद्ध धम्म के मौलिक मूल्य समकालीन माहौल में किस तरह प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, जहां तकनीकी प्रगति एवं उपभोक्तावाद को आगे बढ़ाए जाने के बावजूद पृथ्वी एक विनाशकारी संकट से जूझ रही है और विभिन्न समाजों में तेजी से हो रहे मोहभंग की समस्या सामने आ रही है।इस शिखर सम्मेलन का मुख्य दृष्टिकोण शाक्यमुनि बुद्ध की शिक्षाओं पर गौर करना है जो सदियों से बुद्ध धम्म के अभ्यास से लगातार समृद्ध होती रही हैं। इसका उद्देश्य बौद्ध विद्वानों और धर्मगुरुओं के लिए एक मंच स्थापित करना है। यह सम्मेलन धर्म के मूल मूल्यों के अनुरूप, सार्वभौमिक शांति और सद्भाव की दिशा में काम करने के उद्देश्य से शांति, करुणा एवं सद्भाव के बुद्ध के संदेश की गहन पड़ताल करेगा और वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संचालन हेतु एक उपकरण के रूप में इसके उपयोग के लिए इसकी व्यवहार्यता का अध्ययन करने व आगे के अकादमिक शोध के लिए एक दस्तावेज तैयार करेगा।संस्कृति मंत्रालय ने आईबीसी, जोकि एक वैश्विक बौद्ध समग्र निकाय है और जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में है, के साथ पार-सांस्कृतिक संबंध को फिर से स्थापित करने और एससीओ देशों के विभिन्न संग्रहालयों के संग्रह में मध्य एशिया की बौद्ध कला, कला शैलियों, पुरातात्विक स्थलों एवं पुरातनता के बीच समानताओं की खोज करने हेतु हाल ही में साझा बौद्ध विरासत के संबंध में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) देशों के विशेषज्ञों की एक सफल अंतरराष्ट्रीय बैठक आयोजित की थी।जीबीएस-2023 बौद्ध एवं सार्वभौमिक सरोकारों के मुद्दे पर वैश्विक बौद्ध धम्म नेतृत्व एवं विद्वानों को एकजुट करने और उन सरोकारों को सामूहिक रूप से पूरा करने हेतु नीतिगत सुझावों को सामने रखने का एक वैसा ही प्रयास है।












.jpg)
.jpg)







.jpg)
.jpg)


.jpg)
.jpg)
.jpg)