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 सेल के कर्मचारियों की संख्या कम करने की कोई योजना नहीं -इस्पात मंत्री
नई दिल्ली। केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने गुरुवार को कहा कि सार्वजिक क्षेत्र की कंपनी सेल के कर्मचारियों को हटाने या उनकी संख्या कम करने की कोई योजना नहीं है। 
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा को लिखे पत्र में प्रधान ने आश्वासन दिया कि सेल अपने कर्मचारियों का ध्यान रखेगी। उल्लेखनीय है कि मित्रा ने बुधवार को इस्पात मंत्री से भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) के कोलकाता में कच्चा माल संभाग (आरएमडी) को बंद करने के मामले में हस्तक्षेप करने और उसे रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे कोविड-19 महामारी के बीच लोगों की नौकरियां जाएंगी। उन्होंने पत्र में यह भी कहा था कि कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा आरएमडी मुख्यालय को भंग करने का कदम पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर और बर्नपुर में सेल के दो 'प्रतिष्ठित और लाभदायक' इस्पात संयंत्रों के हितों के लिए भी नुकसानदायक होगा।
 मित्रा के पत्र का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री प्रधान ने कहा, ''कंपनी के कर्मचारियों को हटाये या उनकी संख्या कम करने की कोई योजना नहीं है। सेल एक जिम्मेदार नियोक्ता है। वह कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखती रही है। मुझे उम्मीद है कि आपने जो आशंका जतायी है, उसका समाधान हो गया होगा।'' इस्पात मंत्री ने यह भी कहा कि दुर्गापुर इस्पात संयंत्र (डीएसपी) और इस्को इस्पात संयंत्र (आईएसपी) दो प्रतिष्ठित कारखाने हैं, जिन पर सेल ने बड़ा निवेश किया है। कंपनी को विस्तार योजना के तहत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिये खनन गतिविधियों का विस्तार कर और लौह अयस्क का उत्पादन करना होगा। प्रधान ने कहा कि हालांकि, पश्चिम बंगाल में कोई लौह अयस्क खदानें नहीं हैं, ऐसे में कंपनी के निदेशक (तकनीकी, परियोजना और कच्चा माल) के समन्वय के तहत डीएसपी और आईएसपी के लिये अयस्क दूसरे राज्यों में स्थित सेल के खदानों से भेजे जाते हैं।

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