बालोद में जल संरक्षण तथा जल स्त्रोतों के साफ-सफाई एवं पुनरूद्धार हेतु नीर चेतना अभियान का शुभारंभ
- अभियान के पहले दिन जीवनदायिनी तांदुला नदी की साफ-सफाई करने उमड़ा जनसैलाब
बालोद। , बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में जल स्त्रोतों के साफ-सफाई एवं उनके संवर्धन तथा पुनरूद्धार करने के साथ-साथ जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2025 के अंतिम दिन आज बालोद शहर व जिले के जीवनदायिनी तांदुला जलाशय के साफ-सफाई के माध्यम से नीर चेतना अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान के पहले दिन आज जीवनदायिनी तांदुला नदी के साफ-सफाई के इस पुनीत कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने नगर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों, एनएसएस, रेडक्राॅस के सदस्यों, छात्रा-छात्राओं एवं आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी की साफ-सफाई कर जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जिले में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ भी दिलाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य लघु वन उपज संघ के अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा ने पानी के महत्व, आवश्यकता एवं पानी के लगातार विदोहन के फलस्वरुप भविष्य में आने वाले भीषण जल संकट के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने तांदुला नदी को बालोद शहर व जिले के लिए जीवनदायिनी बताते हुए संपूर्ण जिले वासियों से इसके संरक्षण व संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने लगातार गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य को आज के समय की प्रमुख आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जल है तो कल है। श्री जैन ने कहा कि नहाते एवं गाड़ी धोने तथा अन्य दैनिक क्रियाकलापों के लिए पानी का कम उपयोग करने जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से हम जल संरक्षण तथा जल संचयन की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी ने तांदुला नदी की साफ सफाई तथा उनके पुनरुद्धार के अलावा जिले में जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस नीर चेतना अभियान की भूरी भरी सराहना की।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज के दिन को बहुत ही पावन, पुनीत दिवस बताते हुए आशा व्यक्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस नीर चेतना अभियान के माध्यम से जीवनदायिनी तांदुला नदी के समुचित साफ-सफाई एवं पुनरूद्धार सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह नीर चेतना अभियान बालोद जिले में जल के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हवा और पानी मनुष्य के साथ-साथ संपूर्ण प्राणी जगत के लिए सर्व प्रमुख आवश्यकताओं में सेे एक है। उन्होंने आज से कुछ महीने पूर्व के तांदुला नदी के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वे बालोद जिले के कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किया था उस समय तांदुला नदी जल कंुभीयों से पटा हुआ था। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण एवं जल संवर्धन अभियान के फलस्वरूप आप सभी के सहयोग से तांदुला नदी में इस स्थान से जल कुंभी को साफ-सफाई करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण जिले वासियों के सहयोग से जल संचय, जन भागीदारी के अंतर्गत बालोद जिले को प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने के अलावा जिले को अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई है। इस अवसर पर उन्होंने आने वाले समय में संपूर्ण देश एवं दुनिया की भाँति बालोद जिले में भी भयावह जल संकट के संबंध में भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट की चुनौतियों की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अभी से इसका समुचित उपाय सुनिश्चित करना आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने हम सभी को अपने दैनिक क्रियाकलाप, व्यवहार, तथा घरेलु दैनिक दिनचर्या के माध्यम से पानी के संरक्षण एवं संवर्धन की शुरूआत करना चाहिए। जिससे कि हमारे छोेटे-छोटे प्रयासों से मनुष्य के अलावा सभी जीव-जंतुओं के जीवन की रक्षा हेतु अनुकूल परिवेश उपलब्ध हो सके। इस मौके पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य जनों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी में उतर कर इस जीवनदायिनी नदी की साफ-सफाई की।



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