एकीकृत किसान पोर्टल में तेजी से किया जा रहा रकबा संशोधन का कार्य
- जिले में किसानों को धान बिक्री के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का किया जा रहा निराकरण
- अब तक लगभग 150 कृषकों के तकनीकी समस्याओं का किया गया समाधान
- किसानों ने समस्याओं का समाधान होने पर खुशी जाहिर की
- कृषकों के खसरा, रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण, नवीन पंजीयन, वारिसान पंजीयन, वन पट्टा सहित त्रुटि सुधार से संबंधित विभिन्न तरह के आवेदनों का किया जा रहा निराकरण
राजनांदगांव । जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी महाभियान के तहत शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। जिले में किसानों को धान बिक्री के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए एकीकृत किसान पोर्टल में रकबा संशोधन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। एकीकृत किसान पोर्टल अंतर्गत कृषकों के खसरा, रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण, नवीन पंजीयन, वारिसान पंजीयन, वन पट्टा सहित त्रुटि सुधार से संबंधित विभिन्न तरह के आवेदन प्राप्त हुए थे। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में कृषकों को नवीन पंजीयन एवं रकबा संशोधन जैसे आवेदनों का शीघ्रता से निराकरण किया जा रहा है। अब तक लगभग 150 कृषकों के तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया है।
ग्राम मनगटा के किसान श्री अमर कुमार साहू ने बताया कि ऑनलाईन टोकन काटते समय गलती से 26 क्विंटल की जगह 14 क्विंटल का टोकन कट गया था। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में धान बिक्री के लिए टोकन कटवाया था। इस तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अब समस्या का समाधान होने के बाद 9 दिसम्बर को उन्होंने अपने धान की बिक्री की है। ग्राम गठुला के किसान श्री जशवंत निर्मलकर ने बताया कि उन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल में रकबा संशोधन करवाया है। उन्होंने बताया कि उनके पास 6.5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे धान की खेती कर रहे है। जिसमें से 1.5 एकड़ में धान के स्थान पर अन्य फसल की त्रुटिपूर्ण एण्ट्री होने के कारण वे अपने धान की बिक्री नहीं कर पा रहे थे। आवेदन करने के बाद समस्या का सुधार हुआ और 15 जनवरी को 129 क्विंटल का टोकन प्राप्त हुआ है। ग्राम भंवरमरा के किसान श्री रामअवतार सिंह ने बताया कि उन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल में रकबा संशोधन कराया है। उन्होंने बताया कि उनके पास 4 एकड़ कृषि भूमि है और वह धान उपार्जन केन्द्र सिंघोला में धान की बिक्री करते हैं। 51 डिसमिल रकबे का धान बिक्री के लिए टोकन कट गया था, जिसके कारण केवल 68 क्विंटल धान ही पोर्टल दिखा रहा था। एकीकृत किसान पोर्टल में आवेदन करने पर इसका निराकरण किया गया और दो टोकन मिला। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए बताया कि 19 दिसम्बर को 60 क्ंिवटल एवं 6 जनवरी को 18.4 क्विंटल धान की बिक्री हो गई है।
जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों व पटवारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन उपरांत विवरण संशोधन का प्रावधान समस्त समितियों में समिति लॉगिन किया गया है। इसके अलावा खसरा व रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड, फसल विवरण की प्रविष्टि, नवीन पंजीयन, रकबा संशोधन अन्य कार्रवाई हेतु कृषकों से अपील की जा रही है। उल्लेखनीय है कि एकीकृत किसान पोर्टल में तथा 31 जनवरी 2026 तक सभी प्रकार के संशोधन किए जाएंगे। 15 जनवरी 2026 तक कैरी फारवर्ड, वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का नवीन पंजीयन, त्रुटि पूर्ण आधार के प्रकरण में पूर्ण पंजीयन निरस्त कर नवीन पंजीयन, राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी एवं भौतिक सत्यापन के आधार पर कलेक्टर की अनुशंसा पर नवीन पंजीयन किए जाएंगे। एकीकृत किसान पोर्टल में कार्य हेतु समस्त समितियों में समिति लॉग इन में प्रावधान किया गया है।












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