ब्रेकिंग न्यूज़

 मकर संक्रांति पर बालाजी मंदिर में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं

 
-रविवार को ड्राइंग कंपिटिशन हुआ, जिसमें तीन आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं ने कूंचे से अपनी कल्पनाओं में रंग भरे                                                                                                                                     टी सहदेव
भिलाई नगर। सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में हर साल की तरह इस मकर संक्रांति पर भी विविध आयोजन होंगे। चार दिनों तक मनाए जाने वाले तेलुगु भाषियों के सबसे बड़े उत्सव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। इस कड़ी में रविवार को ड्राइंग कंपिटिशन हुआ, जिसमें तीन आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं ने कूंचे से अपनी कल्पनाओं में रंग भरे। सब जूनियर, जूनियर और सीनियर ग्रुप में हुई इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पोंगल, प्रकृति, भगवान बालाजी, बजरंग बली, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण के दुष्प्रभाव पर आकर्षक चित्रकारी की।
 मंगलवार को रंगोली व व्यंजन प्रतियोगिता 
मंगलवार को रंगोली प्रतियोगिता रखी गई है। इसी दिन व्यंजन प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें प्रतिभागियों को अपने घरों से मैदा या बेसन से बने व्यंजन लाने होंगे। इसके अलावा पुष्पगुच्छ प्रतियोगिता भी रखी गई है, ये पुष्पगुच्छ घरों से तैयार करके ही लाने होंगे। इससे पहले सुबह छह बजे मंदिर में भगवान बालाजी और श्रीदेवी-भूदेवी का अभिषेक कर अलंकरण किया जाएगा।
 बुधवार को भोगी पर्व 
अगले दिन यानी बुधवार को भोगी पर्व मनाया जाएगा। जिसमें भगवान बालाजी और भूदेवी की अवतार माता गोदा देवी का सभी रस्मों के साथ कल्याणोत्सव (विवाहोत्सव) भी होगा। दक्षिण भारतीयों में भोगी पर्व का विशेष महत्व है। भोगी पर्व अलाव जलाकर मनाया जाता है, जिसमें प्रतीकात्मक रूप से पुरानी और अवांछित वस्तुओं के साथ बुरी आदतों को आग में झोंक दिया जाता है, ताकि नए एवं सकारात्मक विचारों का मार्ग प्रशस्त हो सके। इस दिन विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
 मकर संक्रांति गुरुवार को 
गुरुवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी, इस दिन सुबह छह बजे तिरुप्पावै अनुष्ठान रखा गया है। इसके बाद सहस्रनामार्चना की जाएगी। तत्पश्चात नित्य पूजा होगी, फिर भगवान को नैवेद्य अर्पित किया जाएगा। शाम छह बजे पूजा-अर्चना की जाएगी और उसके बाद सभी भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। रात नौ बजे सनातन विधिविधान से शुद्ध भाव से भगवान की एकांत सेवा की जाएगी। एकांत सेवा से पहले विजयनगर के म्यूजिकल ग्रुप सिने संगीत लहरी द्वारा संगीत संध्या आयोजित की जाएगी।
 
 

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english