ब्रेकिंग न्यूज़

बस्तर मंडल में कुल 1.61 करोड़ रुपये के इनामी 51 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर/सुकमा.  बस्तर मंडल के दो जिलों में शनिवार को कुल 1.61 करोड़ रुपये के इनामी 51 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सलवाद को खत्म करने की 31 मार्च, 2026 की समय सीमा नजदीक आने के साथ छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या लगभग 300 हो गई है। यह आत्मसमर्पण ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम 2026' उत्सव का उद्घाटन किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 34 महिलाएं शामिल हैं।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि बस्तर पुलिस की 'पूना मारगेम पुनर्वास पहल' के तहत बीजापुर जिले में 20 महिलाओं समेत 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है जबकि पड़ोसी सुकमा जिले में 14 महिलाओं समेत 21 अन्य नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है। सुंदरराज ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 30 नक्सलियों में से बोटी पोडियम उर्फ ​​मल्ला (23), सुखराम मदकम (24), और रीना पुणेम (25) शामिल हैं जिनपर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि पांच अन्य पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था, 14 नक्सलियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम था, और आठ अन्य पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। इन 30 नक्सलियों पर कुल मिलाकर 85 लाख रुपये का इनाम था। सुकमा में माओवादियों के दरभा मंडल, दक्षिण बस्तर मंडल और कालाहांडी-कंधमाल-बौद्ध-नयागढ़ (केकेबीएन) मंडल (ओडिशा) के 21 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें सोढ़ी महेश (35), पोडियम राजू (30) और करम ममता (30) शामिल हैं जिनपर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच अन्य सदस्यों पर पांच-पांच लाख रुपये, 12 अन्य पर दो-दो लाख रुपये और एक अन्य पर तीन लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि सुकमा में नक्सलियों ने तीन एके-47 राइफल (8 मैगजीन के साथ), दो सेल्फ लोडिंग राइफल (दो मैगजीन के साथ), एक इंसास राइफल, पांच एक नली बंदूक, तीन बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) (20 राउंड के साथ), दस जिलेटिन की छड़ें और 20 गैर-विद्युत डेटोनेटर भी जमा कराया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में से हर एक को तत्काल 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई और सरकार की नीति के अनुसार उनका आगे पुनर्वास किया जाएगा। सुंदरराज ने कहा कि सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना, बेहतर सड़क संपर्क, लगातार सफल नक्सल-विरोधी अभियानों और सरकार की विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच के कारण माओवादियों का आधार तेजी से सिकुड़ रहा है। उन्होंने शेष माओवादी कार्यकर्ताओं से आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश, पीड़ा और अंधकार की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि 'पूना मारगेम' अभियान शांति, गरिमापूर्ण जीवन और एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है। गौरतलब है कि 15 जनवरी को पड़ोसी बीजापुर जिले में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। छत्तीसगढ़ में 2025 में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। सुकमा और बीजापुर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह घटनाक्रम बस्तर क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पिछले दो वर्षों में दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शांति बहाल करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का ठोस परिणाम है।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english