ब्रेकिंग न्यूज़

 सहकारी क्षेत्र के आकलन को नई दिशा: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का देशव्यापी त्वरित सर्वेक्षण 1 अप्रैल से

रायपुर।  भारत की अर्थव्यवस्था में सहकारी क्षेत्र की अहम भूमिका के मद्देनज़र इसके वास्तविक आर्थिक योगदान और रोजगार सृजन का समग्र आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा ‘कार्यात्मक सहकारी समितियों का त्वरित सर्वेक्षण’ (Rapid Survey of Functional Cooperatives - आरएसएफसी) 1 अप्रैल 2026 से देशभर में प्रारंभ किया जाएगा। यह सर्वेक्षण छह माह तक संचालित होगा।
सहकारी क्षेत्र कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, आवास, रोजगार सृजन तथा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, किंतु इसके उत्पादन मूल्य और रोजगार सृजन संबंधी विश्वसनीय आंकड़ों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (National Sample Survey - एनएसएस) द्वारा यह सर्वेक्षण सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation - एमओसी) के राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के आधार पर किया जा रहा है।
सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2020-21 तथा 2023-24 को संदर्भ अवधि के रूप में लिया जाएगा, जिससे सहकारी समितियों की परिचालन एवं आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार से जुड़े पहलुओं का तुलनात्मक विश्लेषण संभव हो सके। सर्वेक्षण के सुचारू संचालन हेतु राज्य सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा जिला रजिस्ट्रार कार्यालयों का सहयोग लिया जाएगा, जो संबंधित समितियों की पहचान और मैदानी कार्य में सहायता करेंगे।इसी क्रम में रायपुर स्थित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सोमवार को एक दिवसीय ‘क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य क्षेत्रीय अधिकारियों को सर्वेक्षण की अवधारणाओं, परिभाषाओं, प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराना था, ताकि आरएसएफसी का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के उप महानिदेशक श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने की। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया तथा अपने संबोधन में आरएसएफसी की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य सहकारी अधिकारियों और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सर्वेक्षण के सफल संचालन हेतु राज्य स्तर पर पूर्ण सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सर्वेक्षण के दौरान राज्य सहकारी संस्थाओं के साथ मजबूत संवाद स्थापित करें।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर की उप निदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष सुश्री अग्रवाल सचिता राकेश ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण 30 विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्राथमिक सहकारी समितियों को कवर करेगा, जिनसे संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।प्रशिक्षण शिविर में सहकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें कोरबा के उप रजिस्ट्रार श्री एम.आर. ध्रुव तथा रायपुर के सहायक रजिस्ट्रार श्री विनय कश्यप सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे, ने सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी श्री निरंजन कुमार पटेल ने आभार व्यक्त किया। यह सर्वेक्षण सहकारी क्षेत्र की वास्तविक आर्थिक स्थिति और रोजगार क्षमता का सटीक आकलन प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भविष्य की नीतियों के निर्माण को ठोस आधार मिल सकेगा।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english