बालोद जिले के कोडेकसा में जिले का अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा
0- जिले के अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर का किया गया रंगारंग समापन, शिविर में 56 आवेदनों का किया गया निराकरण
बालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से 01 मई 2026 से प्रारंभ की गई सुशासन तिहार 2026 बालोद जिले में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सुशासन तिहार के तहत 04 मई से जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जाने वाले जनसमस्या निवारण शिविरों के अंतर्गत आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम कोडेकसा में आयोजित जिले के अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर का रंगारंग समापान किया गया। ग्राम कोडेकसा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर कोडेकसा सहित आसपास के 14 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों एवं हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा।
शासकीय हायर सेण्डरी स्कूल मैदान कोडेकसा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उपस्थित अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य श्री राजाराम तारम, जनपद सदस्य श्री जागेश्वर कौड़ो, राजेश्वरी टेकाम, श्रीमती दुलारी देवांगन, ग्राम पंचायत कोडेकसा के सरपंच श्री ऐन सिंह भुआर्य सहित अन्य अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को स्वामीत्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख का वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, आयुष्मान कार्ड, नया राशन कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत हितग्राहियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण के अलावा शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया।
इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। ग्राम कोडेकसा में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 188 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से 56 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय लोक कलाकारों के द्वारा केन्द्र व राज्य सरकार के विकास कार्यों पर आधारित एवं सुमधुर नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से जिले के अंतिम जनसमस्या निवारण शिविर को यादगार एवं चिरस्मरणीय बना दिया।
जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए जनपद अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा ने सुशासन तिहार एवं जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। श्रीमती सोनबरसा ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं वास्तविक समस्याओं से रूबरू होेकर उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सोनबरसा ने राज्य शासन द्वारा आयोजित इस सुशासन तिहार की भूरी-भूरी सराहना करते हुए आम जनता को विभिन्न विभागों के स्टालों में पहुँचकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लेने को कहा। जनपद उपाध्यक्ष श्री जयलाल मालेकर ने इस भीषण गर्मी के उपरांत भी जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति पर सराहना व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन द्वारा शिविर के सफल आयोजन हेतु की गई चाक-चैबंद व्यवस्था की भी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से लेकर प्रदेश के मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा संपूर्ण प्रशासनिक अमला आम जनता के बीच पहुँचकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की क्रियान्वयन की स्थिति का पड़ताल कर रहे हैं। इसके अलावा शासन-प्रशासन के लोगों के द्वारा आम जनता के वास्तवित मांगों एवं समस्याओं से वाकिफ भी हो रहे हैं। निश्चित रूप से इसका बेहतर परिणाम हम सभी के सामने आएगा। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिला प्रशासन द्वारा तेजी से घटते भूजल स्तर की रोकथाम के अलावा पानी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु चलाए जा रहे नीर चेतना अभियान की भी सराहना की। जिला पंचायत सदस्य श्री राजाराम तारम ने कहा कि भीषण गर्मी के उपरांत भी शिविर में ग्रामीणों की उपस्थिति बहुत ही सराहनीय है। श्री तारम ने सुशासन तिहार के आयोजन की सराहना करते हुए अंचल के प्रमुख मांगों एवं आवश्यकताओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही करने को कहा। जनसमस्या निवारण शिविर को जनपद सदस्य दुलारी बाई देवांगन, श्रीमती रामेश्वरी टेकाम एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। उन्होंने शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सुशासन तिहार के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं तथा शिविर में अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि ग्राम कोडेकसा में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम कोडेकसा, गैंजी, जाटादाह, कमकापार, हितापठार, बड़ाजुंगेरा, पीपरखार, चिखली, किल्लेकोड़ा, झरनटोला, सहगांव, खड़बत्तर, सिवनी और बटेरा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 61 आवेदन, खाद्य विभाग को 32, राजस्व विभाग को 23 एवं वन विभाग को 15 आवेदन सहित विभिन्न विभागों से कुल 188 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से 56 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। शिविर में आज डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर, तहसीलदार श्री हिंसाराम नायक, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री गोविंद चंद्राकर, श्री प्रकाश सोनबरसा के अलावा आसपास के 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य अतिथियों व विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।










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