राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) से कोदो की खेती बनी आय का बेहतर माध्यम
-ग्राम नमना के कृषक भरोस राम पोर्ते ने 0.80 हेक्टेयर में किया कोदो उत्पादन
अम्बिकापुर । राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के माध्यम से सरगुजा जिले में किसानों को परंपरागत खेती के साथ फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के सकारात्मक परिणाम अब किसानों की आर्थिक स्थिति में भी दिखाई देने लगे हैं। उदयपुर विकासखंड के ग्राम नमना निवासी कृषक भरोस राम पोर्ते ने योजना के तहत कोदो की खेती कर बेहतर उत्पादन एवं अतिरिक्त आय अर्जित की है।कृषक भरोस राम पोर्ते के पास कुल 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है। योजना से पूर्व वे खरीफ मौसम में धान, मक्का एवं सब्जियों की खेती तथा रबी मौसम में गेहूं एवं सब्जियों का उत्पादन करते थे। सीमित संसाधनों के कारण उनकी अधिकांश भूमि खाली रह जाती थी, जिससे खेती से अपेक्षित आय प्राप्त नहीं हो पाती थी और आर्थिक स्थिति सामान्य बनी हुई थी।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई ) के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा उन्हें 0.80 हेक्टेयर क्षेत्र में कोदो फसल का प्रदर्शन कराया गया। इसके लिए विभाग द्वारा 8 किलोग्राम (दो पैकेट) उन्नत कोदो बीज उपलब्ध कराया गया तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने का प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया। विभागीय सलाह के अनुरूप खेती करने से उन्हें उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुए।फसल कटाई के उपरांत कृषक को 0.80 हेक्टेयर क्षेत्र से लगभग 10 क्विंटल कोदो का उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पाद के विक्रय से उन्होंने लगभग 30 हजार रुपये की आय अर्जित की। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।कृषक भरोस राम पोर्ते ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत प्राप्त उन्नत बीज एवं तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें कोदो की खेती में अच्छा उत्पादन मिला। उन्होंने कहा कि इस फसल से बेहतर लाभ मिलने के बाद वे इस वर्ष में भी कोदो की खेती जारी रखेंगे तथा इसके रकबे में वृद्धि करेंगे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई ) का उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ना, मोटे अनाज (श्रीअन्न) के उत्पादन को बढ़ावा देना तथा उनकी आय में वृद्धि करना है। योजना के अंतर्गत गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्राम नमना के कृषक भरोस राम पोर्ते ने वैज्ञानिक खेती, गुणवत्तायुक्त बीज एवं विभागीय सहयोग के माध्यम से कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय बढ़ाई हैं। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी बन रही है।












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