कुक्कुट पालन से ग्रामीण परिवारों को मिली नई आजीविका
0- शासन की पहल से 50 हितग्राहियों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयों का वितरण, आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
रायपुर। सुकमा जिले में ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुधन विकास विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार और पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इंदुरकर के नेतृत्व में सुकमा विकासखंड के कई गांवों में 50 हितग्राहियों को निःशुल्क कुक्कुट इकाइयों का वितरण किया गया।
इस योजना के तहत गीदम नाला, नींबूपदर, मुलागुडा, भेलवापाल और झापरा गांव के हितग्राहियों को प्रत्येक कुक्कुट इकाई में 45 चूजे और 10 किलोग्राम दाना उपलब्ध कराया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को कुक्कुट पालन से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
कुक्कुट इकाइयों का वितरण महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों की उपस्थिति में पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से किया गया। कार्यक्रम में पशु चिकित्सालय सुकमा के डॉ. टेकेश्वर, श्री भुवाल नेताम तथा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम ने सक्रिय सहयोग दिया।
पशुधन विकास विभाग की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कुक्कुट पालन से मिलने वाली अतिरिक्त आय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। यह पहल दिखाती है कि शासन की योजनाएं जब गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंचती हैं, तो वे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ आजीविका के नए अवसर भी पैदा करती हैं।











Leave A Comment