रक्षाबंधन के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण, भारत में ग्रहण संबंधी रोक नहीं मानी जाएगी....
पंडित प्रकाश उपाध्याय
साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त की सुबह 8 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा और सुबह 11 बजकर 22 मिनट तक चलेगा। यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा, जिस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा। 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसकी दृश्यता मुख्य रूप से उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में रहेगी। भारत में ग्रहण नजर नहीं आने के कारण यहां इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। आमतौर पर चंद्र ग्रहण से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है। लेकिन जब ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई ही न दे, तो वहां सूतक की धार्मिक मान्यता लागू नहीं होती। इसलिए भारत में इस चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ या शुभ कार्यों को लेकर ग्रहण संबंधी रोक नहीं मानी जाएगी।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
-धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का समय मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है।
-भगवान का स्मरण करने के साथ चंद्र मंत्र, नवग्रह मंत्र, गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है।
-ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करने और जरूरतमंदों को दान देने की भी परंपरा है।
-कुछ लोग ग्रहण के बाद पवित्र नदी में स्नान को भी शुभ मानते हैं।








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