मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों ने अपने भत्ते और विशेषाधिकारों में कमी लाने का स्वैच्छिक निर्णय लिया
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों ने उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और विशेषाधिकारों में कमी लाने का स्वैच्छिक निर्णय लिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने पंद्रह मई को अपना नया पदभार संभालने के बाद निर्वाचन आयोग की पहली बैठक में निर्वाचन आयुक्त अनूप चंद पांडेय की उपस्थिति में पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में आयोग ने अन्य मुद्दों के अलावा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों को उपलब्ध आयकर छूट और व्यय सम्बंधी भत्ते समेत सुविधाओं और विशेषाधिकार की समीक्षा की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त वर्तमान में मासिक व्यय सम्बंधी 34 हजार के भत्ते और इस भत्ते पर देय आयकर में पूरी छूट के लिए पात्र हैं। आयोग ने निजी पात्रताओं में कमी लाने की आवश्यकता महसूस की और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त उन्हें मिलने वाले आयकर की छूट का फायदा नहीं लेंगे। यह भी तय किया गया कि वे इस विषय में समुचित कार्रवाई के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे। इसके अलावा वे उन्हें वर्तमान में मिलने वाले तीन एलटीसी के स्थान पर वर्ष में केवल एक बार एलटीसी की सुविधा का लाभ उठाएंगे।









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