अंधविश्वास के खिलाफ लड़ने वाली सामाजिक कार्यकर्ता बिरूबाला राभा का निधन
गुवाहाटी। पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता बिरूबाला राभा का यहां सोमवार को एक अस्पताल में निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थीं। चिकित्सकों ने यह जानकारी दी। राभा 75 वर्ष की थीं। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है।
असम डायन प्रथा (निषेध, राकथाम एवं संरक्षण) अधिनियम,2005 को लागू कराने में राभा का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने में उनके उल्लेखनीय कार्यों को लेकर उन्हें 2021 में, देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। गौहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के अधीक्षक अभिजीत शर्मा ने बताया कि राभा को जीएमसीएच के राज्य कैंसर संस्थान में 22 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। शर्मा ने कहा कि उनकी हालत बिगड़ने पर चार मई को उन्हें गहन देखभाल कक्ष (आईसीयू) में भर्ती किया गया और सांस लेने में परेशानी होने के कारण रविवार को उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। उन्होंने बताया, ‘‘शरीर के विभिन्न अंदरूनी अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उन्होंने आज सुबह नौ बजकर 23 मिनट पर अंतिम सांस ली।'' राभा के बेटे और भाई जादू-टोना का शिकार बने थे। दूर-दराज के इलाकों में शत्रुता का सामना करने के बीच राभा ने निर्भिकता से अपने गैर सरकारी संगठन ‘मिशन बिरूबाला' का नेतृत्व किया। अंधविश्वास के कारण ग्रामीणों ने उनपर डायन का आरोप लगाते हुए उनकी जान लेने की कई बार कोशिशें की थीं लेकिन उन्होंने अपना साहसिक कार्य जारी रखा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ता के निधन पर गहरी संवेदना जताई है।
उन्होंने कहा, पद्म श्री बिरूबाला राभा के निधन के बारे में जानकर मैं बहुत दुखी हूं। असम, समाज की सेवा करने में उनके नेतृत्व का सदा आभारी रहेगा।'' पर्यावरण एवं वन मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि राभा का पार्थिव शरीर गोपालपारा जिले में उनके घर ले जाया जाएगा और उनकी अंत्येष्टि पूरे राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी। ‘द स्विस पीस', स्विटजरलैंड ने ‘1,000 वुमन' परियोजना के तहत उन्हें 2005 में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया था। केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने उनके निधन पर कहा, उनके निधन से मेरा हृदय दुखी है।''
असम जातीय परिषद के प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई ने कहा कि राभा के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। कांग्रेस की असम इकाई के प्रमुख भूपेन कुमार बोरा ने कहा कि राभा का निधन असम समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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