हाथरस सत्संग भगदड़ में सौ से अधिक लोगों के मरने की आशंका, डॉक्टरों ने 50-60 लोगों के मरने की पुष्टि की
मृतकों को 2-2 लाख का मुआवजा
हाथरस (उप्र)। हाथरस जिले के सिकन्दराराऊ क्षेत्र में आयोजित एक सत्संग में मंगलवार को भगदड़ मच गयी जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। सिकन्दराराऊ के थानाध्यक्ष आशीष कुमार ने बताया कि इस थाना क्षेत्र के फुलराई गांव में भोलेबाबा के सत्संग के दौरान यह भगदड़ मच गयी जिसमें कई लोगों की मौत हो गयी है तथा अनेक अन्य घायल हो गये हैं।
इस बीच, पड़ोस में स्थित एटा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि भगदड़ में मारे गये 27 लोगों के शव एटा के पोस्टमार्टम हाउस भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
न्यूज 18 के अनुसार मरने वालों की संख्या करीब 100 पहुंच चुकी है ्और ये संख्या बढ़ भी सकती है। हाथरस की दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने दु:ख जताते हुए गहन जांच के आदेश दिए हैं। मृतकों को 2-2 लाख तथा घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। कार्यक्रम आयोजकों के विरुद्ध एफआईआर की जाएगी और बड़ी कार्रवाई की तैयारी में शासन में है।
एसएसपी एटा राजेश कुमार सिंह द्वारा सबसे पहले दी गई जानकारी में बताया गया कि भगदड़ में लोगों की मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम के लिए 27 डेड बॉडी आई हैं, जिनमें 23 महिलाएं हैं, 3 बच्चे और एक पुरुष है। हाथरस हादसे की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।. एडीजी आगरा जोन के नेतृत्व में कमेटी इस बड़े हादसे की जांच करेगी. अलीगढ़ के कमिश्नर भी इसकी जांच करेंगे?
हाथरस डीएम आशीष कुमार ने कहा, "... जिला प्रशासन काम कर रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है और लोगों का इलाज जारी है... डॉक्टरों ने मुझे करीब 50-60 लोगों की मौत का आंकड़ा बताया है... कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति एसडीएम ने दी थी और यह एक निजी आयोजन था... मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है... प्रशासन की प्राथमिकता घायलों और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराना है..."
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संदीप सिंह ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री द्वारा हाथरस घटना स्थल पर पहुंचने और मामले को देखने और सरकार की ओर से आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है..."

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