कर्नाटक में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच टकराव तेज
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के खिलाफ भाषा का प्रयोग करने वाले भाषण को पढ़ने से इनकार करने के बाद कर्नाटक में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच टकराव तेज हो गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज सुबह 11 बजे विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने, भाषण में केंद्र-विरोधी कठोर शब्दों पर आपत्ति जताते हुए भाषण देने से असहमति जताई।
राज्यपाल का क्या है कहना?
राज्यपाल का कहना है कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ कानून के विरोध में इस्तेमाल की गई भाषा अतिरंजित है और उससे द्वेष की भावना झलकती है। उन्होंने सरकार द्वारा तैयार लगभग 100 अनुच्छेदों वाले भाषण में से 11 अनुच्छेदों को आपत्तिजनक बताया है और स्पष्ट किया है कि इन्हें हटाए जाने पर ही वे भाषण देंगे। इस संबंध में राज्य सरकार को संदेश भी भेजा गया है।
यह विवाद अब बना एक संवैधानिक टकराव
हालांकि, राज्य सरकार ने राज्यपाल की आपत्तियों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में अनुच्छेदों को हटाया नहीं जाएगा और राज्यपाल को सरकार द्वारा तैयार किया गया भाषण ही पढ़ना होगा। इस घटनाक्रम के चलते संयुक्त सत्र में राज्यपाल की उपस्थिति को लेकर राजनीतिक गलियारों में गहरी उत्सुकता बनी हुई है। राज्य में यह विवाद अब एक संवैधानिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है।



.jpeg)






Leave A Comment