हिंदी प्यारी भाषा
विश्व हिंदी दिवस पर गीत
-लेखिका- डॉ. दीक्षा चौबे
- दुर्ग (वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद)
विश्व रहा स्वीकार इसे अब, हिंदी प्यारी भाषा है।
बाँध लिया मन स्नेह-सूत्र में, जन-जन की प्रत्याशा है।
सरल-सहज यह पावन धारा, लेकर सबको साथ चली।
राष्ट्र-धर्म की सीमा लाँघी, प्रचलित होती गाँव-गली।
जीत लिया मन सबका इसने, सुखदायी अभिलाषा है।।
विश्व रहा स्वीकार इसे अब, हिंदी प्यारी भाषा है।।
देवनागरी लिपि अद्भुत है, सुंदर सुगढ़ शिल्प-शैली।
अनुपम शब्द-नाद अनुशासित, अंतर्मन तक जड़ फैली।
अर्थ नवल संदर्भ शुभोचित, गढ़े नई परिभाषा है।।
विश्व रहा स्वीकार इसे अब, हिंदी प्यारी भाषा है।।
उन्नत रूप व्याकरणसम्मत,दृष्टिकोण है वैज्ञानिक।
शब्दकोश समृद्ध अति व्यापक, भावमयी यह वैधानिक।
संस्कारों की बनी वाहिका, जागृत ज्ञान-पिपासा है।।
विश्व रहा स्वीकार इसे अब, हिंदी प्यारी भाषा है।।









.jpg)
Leave A Comment