उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई, राजस्थान में धूलभरी आंधी
नयी दिल्ली. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार को उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में बारिश हुई, जिससे पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। वहीं, राजस्थान के कई हिस्सों में भीषण धूलभरी आंधी ने जनजीवन को प्रभावित किया। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण चूरू, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, अलवर और सीकर जिलों में तेज धूलभरी आंधी चली, जबकि जयपुर में तेज हवाओं के बाद बारिश हुई। आंधी के दौरान धूल और रेत के घने गुबार ने कई शहरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई और वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलानी पड़ी। अधिकारियों के अनुसार, आंधी की शुरुआत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्रों से हुई, जहां हवा की गति लगभग 56 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। हालांकि आंधी से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके साथ हुई बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई। चूरू के एक निवासी ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''हमने कभी नहीं सोचा था कि इतनी भीषण धूलभरी आंधी पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लेगी। अपराह्न करीब दो बजे आसमान में ऐसा अंधेरा हो गया मानो रात हो गई हो। लोग वाहनों की हेडलाइट जलाकर चल रहे थे। जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।'' इसी बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी 'रेड' और 'ऑरेंज अलर्ट' के बीच दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी धूलभरी आंधी चली। मौसम विभाग ने गरज-चमक, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई है। आईएमडी के अनुसार, मध्य, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी, पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आंधी के बाद बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा हल्की से मध्यम बारिश के साथ भीषण आंधी आने की आशंका है। विभाग ने कहा कि हवा की गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है और यह 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण क्षेत्र में नमी और अस्थिरता बढ़ी है, जिससे मौसम में यह बदलाव आया है। पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी शनिवार को बारिश हुई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। पंजाब में मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, फाजिल्का और फिरोजपुर में वर्षा हुई, जबकि पठानकोट में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। हरियाणा में नारनौल, सिरसा, गुरुग्राम, रोहतक, सोनीपत और करनाल में बारिश हुई। पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 18.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 14 डिग्री कम था। मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से आठ से 10 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में भी बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई। बहराइच, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी, नजीबाबाद और मेरठ में तीन से 18 मिलीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। हालांकि लखनऊ में बारिश नहीं हुई, लेकिन वहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.1 डिग्री कम था। मुरादाबाद उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से दर्ज हो रहे 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की तुलना में काफी कम था। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी आने की संभावना जताई है।
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिसके बाद मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश क्षेत्रों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। शुक्रवार शाम शिमला और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी। शिमला जिले के चौपाल और कोटखाई में भी ओले गिरे। मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के 12 में से 10 जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। जनजातीय जिले किन्नौर और लाहौल-स्पीति को इस चेतावनी से बाहर रखा गया है। विभाग के अनुसार, राज्य में पांच जून तक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। शिमला स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, मंडी जिले के पंडोह में सर्वाधिक 37.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा ऊना, नैना देवी, गुलेर, सुंदरनगर, कांगड़ा, जोत, सराहन और देहरा गोपीपुर में 15 से 34 मिलीमीटर तक बारिश हुई। बारिश के कारण राज्यभर में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ऊना 28.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान शुक्रवार की तुलना में लगभग 11 डिग्री कम दर्ज किया गया।









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