पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचने पर बीमा की वृद्धि दर पड़ सकती नरमः एलआईसी प्रमुख
नयी दिल्ली. अग्रणी बीमा कंपनी एलआईसी के प्रमुख आर दुरईस्वामी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के लंबे समय तक बने रहने की स्थिति में देश के बीमा क्षेत्र की वृद्धि दर में कुछ नरमी आ सकती है, क्योंकि इससे लोगों की आय और बचत क्षमता प्रभावित हो सकती है। भारतीय जीवन बीमा निगम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक दुरईस्वामी ने कहा कि यदि पश्चिम एशिया संकट लंबा चलता है तो इसका शृंखलाबद्ध प्रभाव लोगों की आय, खर्च और बचत के रुझान पर पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी। हालांकि दुरईस्वामी ने कहा कि यदि अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा इस संकट से प्रभावित होता है तो बीमा उद्योग भी इससे अछूता नहीं रह सकता है। लोगों की आय और बचत क्षमता पर असर पड़ने से बीमा क्षेत्र पर भी स्वाभाविक रूप से प्रभाव पड़ेगा। गौरतलब है कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों पर असर पड़ा है। इससे आर्थिक वृद्धि में सुस्ती और महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी घटाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर दुरईस्वामी ने कहा कि कंपनी इस तरह के कदमों के लिए पहले से तैयार है। उन्होंने कहा, "जब हमने अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी शुरू की थी, तभी से हम आगे के ऐसे कदमों के लिए तैयार थे। इस पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है।" एलआईसी प्रमुख ने कहा कि जैसे ही समय और हिस्सेदारी के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा, एलआईसी सरकार के साथ मिलकर इसे सफल बनाने के लिए तैयार है। वर्ष 2022 में एलआईसी का आईपीओ आया था, जो उस समय आकार के लिहाज से देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम था। इसके जरिए सरकार ने 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध कंपनियों के लिए निर्धारित मानकों के तहत न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्य पर सरकार काम कर रही है, लेकिन मौजूदा बाजार अस्थिरता के कारण अगले सार्वजनिक पेशकश के लिए उचित समय का इंतजार किया जा रहा है। आईपीओ के बाद शेयरधारकों को लाभ देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एलआईसी ने हाल में एक मौजूदा शेयर पर एक बोनस शेयर जारी किया और इसके बाद 67 प्रतिशत अधिक लाभांश देने की भी घोषणा की। एलआईसी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों को अंतिम रूप देते समय 10 रुपये अंकित मूल्य वाले शेयर पर 10 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। इसे शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रखा गया है। एलआईसी ने हाल ही में जनवरी-मार्च तिमाही में 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,420 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो देश की किसी भी वित्तीय सेवा कंपनी का अब तक का उच्चतम स्तर है।









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