लखनऊ में इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने दिये जांच के आदेश
लखनऊ.। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने के कारण झुलसने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई जबकि नौ लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और मामले की जांच के निर्देश दिये। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह बताया कि बचाव दल ने इस घटना में घायल कुल 22 लोगों को केजीएमयू पहुंचाया, जिनमें से 15 को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से जारी सूची के अनुसार हादसे में मरने वालों की शिनाख्त सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमणि, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि हादसे में नौ लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने ट्रामा सेंटर में संवाददाताओं को बताया कि शवों का पंचनामा करके पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सूचना मिलने पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की। मुख्यमंत्री अलीगढ का दौरा बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वह अस्पताल भी पहुंचे और घायल पीड़ितों से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब छह बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे का शिकार हुई तीन मंजिला इमारत की स्थिति का जायजा लिया और इमारत की ऊपरी मंजिलों का दौरा भी किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उनके साथ थे। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आदित्यनाथ केजीएमयू पहुंचे और दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात करके उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों को पीड़ितों का हर संभव बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों के मुताबिक आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लेने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले की तह में जाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला वाणिज्यिक इमारत में अपराह्न करीब तीन बजे आग लगी। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों और 'हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म' वाली गाड़ी का इस्तेमाल किया गया। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह इमारत अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कोचिंग सेंटर और कैफे स्थित हैं। स्थानीय भाजपा विधायक नीरज बोरा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि हादसे में मरने वाले लोगों में से आधे स्थानीय निवासी थे। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि उनमें से ज़्यादातर लोगों की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई है। इमारत में बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था और शायद यही वजह है कि यह हादसा इतना बड़ा हो गया।'' विधायक ने कहा, ''यह इलाका और जानकीपुरम कोचिंग हब बन गए हैं इसीलिए मैं लगातार इस इलाके के लिए एक फायर स्टेशन की मांग कर रहा था।'' अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान के दौरान आग में फंसे लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। कुछ लोगों को 'बॉडी बैग' में लाया गया, जबकि कुछ को कंबल में लपेटा गया था और एम्बुलेंस में ले जाते समय वे बेहोश लग रहे थे। उन्होंने कहा कि शवों और घायल लोगों को बगल की इमारत की छत से बाहर निकाला गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''लखनऊ में अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।'' सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर लिखा कि इस हादसे के पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच हो। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे हादसों से बचने की कोशिश की जानी चाहिए। बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए 'एक्स' पर कहा, ''उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आज दोपहर बाद आग लगने की घटना में अनेक लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटना अति-दुखद है।'' उन्होंने कहा, ''इस प्रकार की जानलेवा घटनायें दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।'' आग लगने के समय इमारत के अंदर मौजूद रहे युवकों और युवतियों के रिश्तेदार बताये जा रहे कुछ लोग घटनास्थल के पास खड़े होकर रोते-बिलखते और अधिकारियों से इमारत के अंदर जाने की गुहार लगाते नजर आये।

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