मप्र के लिए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी, महाराष्ट्र में वर्षा संबंधी घटनाओं में 113 की मौत.. जानें छत्तीसगढ़ में क्या रहेगा हाल
नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को मध्य प्रदेश में भारी बारिश, गरज और बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताते हुए ऑरेंज एवं येलो अलर्ट जारी किए, जबकि महाराष्ट्र में मानसून का कहर जारी रहा, जहां अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 113 लोगों की मौत हो चुकी है। दक्षिण भारत में केरल के कई हिस्सों में रविवार सुबह भारी बारिश हुई।
विभाग के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार का दिन उमस भरा रहा और अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि इस मौसम का सामान्य तापमान है। आईएमडी ने सोमवार को शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और शाम में मध्यम स्तर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पडऩे का अनुमान जताया है। विभाग ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, अजमेर, निम्न दाब का केंद्र, डाल्टनगंज, जमशेदपुर और उसके बाद पूर्व की ओर त्रिपुरा तक स्थित है। निम्न दाब का क्षेत्र मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है, इसके साथ चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका 25 डिग्री उत्तर में 3.1 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से 26 जुलाई को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में वृद्धि संभावित है।
वहीं उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई और गरज एवं चमक के साथ बौछारें पड़ीं। विभाग ने बताया कि राज्य में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकी और गरज के साथ छींटे पड़े। विभाग के अनुसार, प्रतापगढ़, बांदा, ललितपुर और महोबा में बारिश दर्ज की गई जबकि आगरा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस (ताज वेधशाला में) दर्ज किया गया। विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि 26 जुलाई को राज्य में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है जबकि 27 जुलाई और 28 जुलाई को प्रदेश के अधिकातर स्थानों पर बारिश / गरज के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण बीते 24 घंटे में एक और व्यक्ति की मौत के बाद रविवार को मृतकों की संख्या 113 हो गई, जबकि 100 लोग लापता हैं। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने एक बयान में कहा कि इन घटनाओं में 50 लोग घायल भी हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बताया कि महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं के बाद 89 शव बरामद किए गए हैं और 34 लोग लापता हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ ने इन इलाकों से कुल 89 शव बरामद किए हैं जिनमें से सबसे अधिक 47 शव रायगढ़ की महाड तहसील के सबसे अधिक प्रभावित तालिये गांव से बरामद किए गए हैं। एक लाख 35 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सांगली जिले में कृष्णा नदी और कोल्हापुर जिले में पंचगंगा नदी में बाढ़ आई हुई है। हालांकि शनिवार को बारिश कम होने की सूचना मिली थी। इस बीच मध्यप्रदेश के अधिकतर हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने, मेघ गर्जन एवं बिजली चमकने एवं गिरने की आशंका जताते हुये मौसम विभाग ने ऑरेंज एवं यलो अलर्ट जारी किये हैं।

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