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- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में राजनांदगांव जिला कोसरिया यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को राजनांदगांव में 10 सितंबर को आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी के समापन एवं शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल को समाज की तरफ से लड्डू गोपाल की मूर्ति और पीतांबर वस्त्र आदि भेंट किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री मन्ना लाल यादव, राजनांदगांव यादव समाज के संगठन प्रभारी श्री भोला यादव, हरीश यादव और यादव समाज के अन्य सदस्य मौजूद थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ झेरिया गड़रिया धनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सरकार के कार्यों को सराहा। प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को अहिल्या बाई होलकर की चित्र भी भेंट किया।इस दौरान झेरिया गडरिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री मिलन धनकर, लक्ष्मी नारायण महतो प्रदेश अध्यक्ष सर्व गड़रिया समाज महासंघ, अजय हंसा महासचिव छत्तीसगढ़ समाज महासंघ, यशवंत पाल प्रदेश अध्यक्ष देशहा गडरिया समाज, अनूप उपासे महासचिव वराडे धनगर समाज, पुरुषोत्तम पाल अध्यक्ष रायपुर ढेंगर समाज, गोविंद धनगर प्रदेश अध्यक्ष झाड़े धनगर समाज सहित रामविशाल धनकर, सोहन महतो, कोमल धनकर खुमान सिंह धनकर के अलावा समाज के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पटवा नामदेव समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को रायपुर में आयोजित समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही भेंट-मुलाकात के दौरान बेलतरा में सामाजिक भवन के लिए जमीन आबंटित करने के लिए प्रतिनिधि मंडल ने आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ पटवा नामदेव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रवेश पटवा, सचिव श्री राघवेन्द्र नामदेव, कोषाध्यक्ष श्री सौरव पाटकर, राम पटवा सहित समाज के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
- -सत्यनारायण राठौर को नान, अरुण प्रसाद को सीएसआईडीसी का अतिरिक्त प्रभाररायपुर। राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें एक आईएफएस और 6 आईएएस अधिकारी शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। राज्य सरकार ने IFS अरुण प्रसाद पी को संचालक उद्योग एवं प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम CSIDC सौंपा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में भी आदेश जारी किया है-देखें पूरी सूची-

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- रायपुर । वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर नशा के विरुद्ध चलाये जा रहे हैलो जिंदगी अभियान के तहत मंदिर हसौद थाना अमला ने बीते गुरुवार को 3 आरोपी कोचियों को शराब सहित धर दबोचने में सफलता हासिल की ।मंदिर हसौद रावणभाठा निवासी आरोपी राहुल कुर्रे नकटी से मंदिर हसौद रोड पर नहर पुलिया के पास 32 पौव्वा शराब के साथ प्रधान आरक्षक तुलसी नेताम के साथ पहुंचे स्टाफ के हत्थे चढ़ गया। 5 लीटर से अधिक शराब होने की वजह से आरोपी को आबकारी अधिनियम की धारा 34 2 के गैरजमानतीय अपराध के गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायालयीन आदेश पर उसे जेल दाखिल करा दिया गया ।इधर सेरीखेडी निवासी आरोपी दीपक बघेल को जिंदल कंपनी कॉलोनी के पास शराब बेचते सहायक उपनिरीक्षक शंकर लाल वर्मा के साथ पहुंचे स्टाफ ने पकड़ 11 पौव्वा शराब जप्त किया । साथ ही प्रधान आरक्षक ऐश्वर्य मार्कंडेय के साथ पहुंचे स्टाफ ने कोटराभाठा निवासी आरोपी हरीश बांधे को कोटराभाठा चौक के आगे रोड किनारे शराब बेचते 11 पौव्वा के साथ धर दबोचा । दोनों आरोपियों के पास से 5 लीटर से कम शराब जप्त होने की वजह से इनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 1 जमानतीय अपराध पंजीबद्ध कर जमानत पर रिहा कर दिया गया ।ज्ञातव्य हो कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर थाना प्रभारी रोहित मालेकर के नेतृत्व में थाना अमला अवैध शराब बिक्री के खिलाफ अभियान चला रहा है ।
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-टेेकारी (कुंडा) के स्कूलों में स्वीकृत व रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति किए जाने की मांग की
-गांजा व अवैध शराब पर स्थायी रुप से रोक लगाने ठोस व प्रभावी कार्यवाही की मांग रखी-चायत रायपुर की बैठक में क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता कृष्णा वर्मा ने अपने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 13 की समस्याओं को उठाया । क्षेत्र के धनसूली ,बाहनाकाडी , नरदहा व खपरी आदि में हो रहे अवैध उत्खनन व हैवी ब्लास्टिंग का मुद्दा उठाते हुये उन्होंने इससे मकानों में दरार आने व रहवासियों में अनहोनी के भय व्याप्त रहने की बात रखते हुये त्वरित प्रशासनिक कार्यवाही की मांग की ।इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती वर्मा ने बिना रायल्टी पटाये गिट्टी परिवहन से शासन को हो रहे नुकसान की ओर भी ध्यान आकृष्ट कर कार्यवाही की मांग की । टेकारी ( कुंडा ) के उच्चतर , पूर्व व प्राथमिक शाला में प्राचार्य व प्रधानपाठकों सहित व्याख्याताओं की कमी व इसकी वजह से विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय होने व इसकी वजह से पालकों में आक्रोश व्याप्त होने की जानकारी देते हुए उन्होंन अविलंब स्वीकृत व रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग की ।जिला पंचायत सदस्य श्रीमती वर्मा ने अपने जिला पंचायत क्षेत्र के ग्रामों में धड़ल्ले से बिक रहे गांजा व अवैध शराब पर स्थायी रुप से रोक लगाने रस्मी कार्यवाही के बदले ठोस व प्रभावी कार्यवाही की मांग रखी । साथ ही बरसात के मौसम में कुत्तों के आतंक व काटने की घटना के मद्देनजर सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराये जाने व सहकारी समितियों में खाद का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित कराने का आग्रह किया । - -फीस में इस वर्ष मात्र 5 प्रतिशत वृद्धि की गई-तीन से पांच वर्ष पूर्व पाठ्यक्रमों की फीस की गई थी निर्धारित-शिक्षण सत्र 2023-2024, 2024-2025 एवं 2025-2026 के लिए निर्धारित की गई फीसरायपुर / प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा प्रदेश में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों क्रमशः बी.एड., एम.एड., बी.पी.एड., एम.पी.एड. बी.टेक, एम.टेक, एम.बी.ए., एम.सी.ए., डी. फार्मेसी, बी. फार्मेसी, एम. फार्मेसी, बी.एस.सी. नर्सिंग (पोस्ट बेसिक), बी.एस.सी. नर्सिंग, एम.एस.सी. नर्सिंग, पी.एच.डी., बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में फीस का अंतिम निर्धारण शिक्षण सत्र 2023-2024, 2024-2025 एवं 2025-2026 के लिए विस्तृत संकल्प पारित कर किया गया है।प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति के अध्यक्ष श्री प्र्रभात कुमार शास्त्री से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों फीस में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की गई है। पूर्व में लगभग तीन से पांच वर्ष पूर्व इन शिक्षण संस्थाओं की फीस निर्धारित हुई थी, इतने वर्षों के पश्चात इस बार फीस में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। भिन्न-भिन्न शिक्षण संस्थाओं की भिन्न-भिन्न फीस उनके मूल्यांकन के आधार पर समिति द्वारा निर्धारित की गई है। फीस के निर्धारण के समय पड़ोस के राज्यों की फीस, छत्तीसगढ़ राज्य की प्रति व्यक्ति आय आदि तथ्यों को ध्यान में रखते हुए समिति ने उपरोक्त निर्णय लिया है। समिति की 10 अगस्त 2023 को आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष के अलावा संचालक तकनीकी शिक्षा, सदस्य (पदेन), संचालक चिकित्सा शिक्षा, सदस्य (पदेन), सदस्य (वित्त) श्री योगेश वर्ल्यानी एवं सदस्य (विधि) श्री सैयद अफसर अली शामिल हुए।प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति निर्धारित शुल्क में समस्त अन्य तथ्यों को सम्मिलित किया गया है, जिसमें यूनिफार्म, आई.डी. कार्ड, लेबोरेटरी, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि मद में अतिरिक्त राशि शिक्षण संस्थाएं नहीं ले सकेंगी। केवल छात्रावास, वाहन सुविधा और मेस के लिए ‘नो प्राफिट, नो लॉस‘ के आधार पर अतिरिक्त राशि ली जा सकती है। प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति द्वारा विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित फीस इस प्रकार है- बी.एड.-अधिकतम फीस 34,697 रूपए, न्यूनतम फीस 31,670 रूपए प्रति वर्ष, एम.एड.-अधिकतम फीस 53,850 रूपए, न्यूनतम फीस 52,850 रूपए प्रति वर्ष, बी.पी.एड.-अधिकतम फीस 34,140 रूपए, न्यूनतम फीस 33,840 रूपए प्रति वर्ष, एम.पी.एड.-अधिकतम फीस 46,500 रूपए प्रति वर्ष निर्धारित की गई है।इसी तरह बी.टेक-अधिकतम फीस 40,200 रूपए, न्यूनतम फीस 38,300 रूपए प्रति सेमेस्टर, एम.टेक- अधिकतम फीस 37,500 रूपए, न्यूनतम फीस 32,400 रूपए प्रति सेमेस्टर, एम.बी.ए.-अधिकतम फीस 34,500 रूपए, न्यूनतम फीस 33,750 रूपए प्रति सेमेस्टर निर्धारित की गई है।इसी तरह एम.सी.ए.- अधिकतम फीस 31,950 रूपए प्रति सेमेस्टर, डी. फार्मेसी- अधिकतम फीस 60,750 रूपए, न्यूनतम फीस 56,700 रूपए प्रति वर्ष, बी.फार्मेसी- अधिकतम फीस 39,600 रूपए, न्यूनतम फीस 35,150 रूपए प्रति सेमेस्टर, एम.फार्मेसी- अधिकतम फीस 60,300 रूपए, न्यूनतम फीस 56,070 रूपए प्रति सेमेस्टर, बी.एस.सी नर्सिंग (पोस्ट बेसिक)- अधिकतम फीस 52,950 रूपए, न्यूनतम फीस 46,450 रूपए प्रति वर्ष, बी.एस.सी. नर्सिंग-अधिकतम फीस 63,900 रूपए, न्यूनतम फीस 58,022 रूपए प्रति वर्ष, एम.एस.सी नर्सिंग- अधिकतम फीस 95,200 रूपए, न्यूनतम फीस 92,111 रूपए प्रति वर्ष निर्धारित की है।पी.एच.डी (इंजीनियरिंग)- अधिकतम फीस 35,000 रूपए से 26,500 रूपए-प्रथम सेमेस्टर हेतु एवं द्वितीय सेमेस्टर से 20,000 रूपए से 17,000 रूपए, बी.एच.एम.एस.- अधिकतम फीस 70,000 रूपए प्रति वर्ष निर्धारित की गई है।
- रायपुर, /राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पटवारियों के हड़ताल अवधि को उनके अर्जित, अर्द्धवैतनिक अवकाश में समायोजित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के राजस्व पटवारियों के 15 मई से 15 जून 2023, कुल 31 दिवस तक की हड़ताल अवधि को संबंधित हल्का पटवारी के अर्जित अवकाश, अर्द्धवैतनिक अवकाश के रूप में समायोजन करने की अनुमति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा गया है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त के अवसर पर प्रदेश के सभी युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि युवाओं की उपलब्धियों को बढ़ावा देने और समाज में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन युवाओं की अपार क्षमता और जीवन शक्ति की याद दिलाता है। एक स्थायी और समावेशी भविष्य को आकार देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में युवा महोत्सव और युवाओं से भेंट-मुलाकात जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने की पहल की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम युवाओं के लिए हरित कौशल: एक सतत विश्व की ओर, हरित संक्रमण की दिशा में यात्रा शुरू करना रखी गई है। इससे युवाओं में सामाजिक भागीदारी और अपने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिसके भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
- -जन हानि से प्रभावित परिवार को स्व-रोजगार से जोड़ने की पहल-एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एण्ड अलर्ट‘ एप विकसित-हाथी प्रभावित क्षेत्रों में चलाया जा रहा जन-जागरूकता अभियान-12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ में वन विभाग द्वारा मानव-हाथी द्वंद पर नियंत्रण के लिए जन-जागरूकता लाने सहित अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इनमें जंगली हाथियों के समूह के आगमन की पूर्व सूचना गांव में वायरलेस, मोबाइल तथा माइक आदि के माध्यम से मुनादी कर दी जा रही है। हाथी विचरण क्षेत्र और आसपास के ग्रामीणों को हाथियों के साथ साहचर्य बनाए रखने के लिए आवश्यक समझाईश भी दी जा रही है। साथ ही वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने जन-धन हानि से प्रभावित परिवारों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मुआवजा के अलावा स्व-रोजगार आदि से जोड़कर उन्हें राहत पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.श्रीनिवास राव ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध भोजन एवं पानी तथा हाथियों के रहवास के लिए अनुकूल होने के कारण हाथियों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। इसके परिणाम स्वरूप वनांचलों तथा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद की स्थिति निर्मित होती है। इसके नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा जन, धन एवं फसल हानि के मुआवजा प्रकरणों पर कार्यवाही करने के साथ-साथ प्रभावित गांवों में हाथी मित्र दल का गठन, जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा हाथियों के प्राकृतिक रहवास में सुधार जैसे अनेक कार्य तत्परतापूर्वक जारी है। साथ ही जन हानि की दशा में प्रभावित परिवार के लोगों को वन विभाग द्वारा स्व-रोजगार से जोड़ने आवश्यक पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर राज्य में जन-जागरूकता संबंधी विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप’ विकसित किया गया है। पिछले 3 महिनों से उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में इस ऐप का उपयोग किया जा रहा है। 10 किलोमीटर के इलाके में हाथियों के रियल टाईम मूवमेंट का अलर्ट ग्रामीणों केे मोबाइल पर सफलतापूर्वक भेजा रहा है। इस एप में ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन का पंजीयन किया जाता है। जब एलीफैंट ट्रैकर्स द्वारा हाथियों के मूवमेंट का इनपुट एप पर दर्ज किया जाता है, तो एप द्वारा स्वचालित रूप से ग्रामीणों के मोबाइल पर अलर्ट जाता है।छत्तीसगढ़ के हाथी प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) और वन्यजीव विंग द्वारा संयुक्त रूप से इस एप को विकसित किया गया है। यह एप एलीफैंट ट्रैकर्स (हाथी मित्र दल) से प्राप्त इनपुट के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई पर काम करता है। इस एप का उद्देश्य हाथी ट्रैकर्स द्वारा की जाने वाली ‘मुनादी’ के अलावा प्रभावित गांव के प्रत्येक व्यक्ति को मोबाइल पर कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप अलर्ट के भेजकर हाथियों की उपस्थिति के बारे में सूचना पहुंचाना है। इस तरह विभाग द्वारा जंगली हाथियों के साथ साहचर्य हेतु ग्रामीणों में जनजागरूकता, प्रचार-प्रसार एवं ग्रामीणों को शिक्षा तथा उनके साथ द्वंद से बचने के लिए उपायों को आदान-प्रदान करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
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-कार्यशाला में जूनोटिक रोगों के रोकथाम व नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों में समन्वय और कार्ययोजना पर की गई चर्चा
रायपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज जूनोटिक रोगों के सर्वेलेंस एवं डॉटा एकीकरण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यशाला में जूनोटिक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों में समन्वय और कार्ययोजना पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा, एकीकृत रोग नियंत्रण कार्यक्रम (IDSP) के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, पशु चिकित्सा विभाग के रोग जांच प्रयोगशाला में सहायक सर्जन डॉ. नलिन शर्मा, वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के डॉ. राकेश वर्मा, एम्स (AIIMS) रायपुर में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्राध्यापक डॉ. अनुदिता भार्गव तथा जपाइगो संस्था के राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. परवेज मेमन भी कार्यशाला में शामिल हुए।कार्यशाला में जूनोटिक रोगों के रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और वन तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के बीच आपसी समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रदेश में जानवरों और मनुष्यों के बीच फैलने वाली बीमारियों के पूर्वानुमान, सर्विलेंस तथा इन पर नियंत्रण के लिए अपने सुझाव दिए। एकीकृत रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई ने आईडीएसपी के अंतर्गत किए जाने वाले विभिन्न जूनोटिक बीमारियों के सर्वेलेंस के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया। एम्स की डॉ. अनुदिता भार्गव ने जूनोटिक रोगों की जाँच के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बताया। पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. नलिन शर्मा ने कार्यशाला में पशुओं में पाए जाने वाले विभिन्न जूनोटिक रोगों के बारे में जानकारी दी। वन विभाग के डॉ. राकेश वर्मा ने जूनोटिक रोगों की निगरानी के लिए वाइल्ड लाइफ़ सर्वेलेंस के बारे में बताया। - रायपुर । राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ अब भिलाई टाउनशिप के हजारों उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। राज्य शासन के ऊर्जा विभाग ने आज इसका आदेश जारी कर दिया। पहले भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के टाउनशिप में निवासरत उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता था, क्योंकि उन्हें बीएसपी प्रबंधन विद्युत आपूर्ति करता है। लंबे समय से वहां के उपभोक्ता हाफ बिजली बिल योजना के तहत छूट देने की मांग कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं उपमुख्यमंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने बीएसपी कर्मियों को इसकी सौगात दी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के सभी घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा प्रति माह खपत की गई 400 यूनिट तक की बिजली पर प्रभावशाली विद्युत की दरों के आधार पर आंकलित बिल की राशि की आधी राशि देनी होती है। फरवरी 2019 से लागू इस योजना का लाभ 42.82 लाख उपभोक्ताओं को मिल रहा है जिसमें अब तक 3900 करोड़ रूपए से अधिक राशि की छूट प्रदान की जा चुकी है। अब इसका लाभ बीएसपी क्षेत्र के 27 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।जारी आदेश में कहा गया है कि बी.एस.पी. के डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी एरिया में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 400 यूनिट तक की प्रति माह विद्युत खपत पर देय फिक्स्ड चार्ज, एनर्जी चार्ज एवं वेरियेबल कॉस्ट एडजस्टमेंट के मद में कुल देय राशि के 50 प्रतिशत की रियायत दी जाती है।यह योजना 01 सितम्बर 2023 से आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी। उपभोक्ताओं को रियायत के समतुल्य राशि का अग्रिम भुगतान प्रतिपूर्ति के रूप में राज्य शासन द्वारा बी. एस.पी. को बजट के माध्यम से किया जाएगा। रियायत की राशि का प्रावधान बजट में किए जाने हेतु बी.एस.पी. के द्वारा समुचित प्रस्ताव समय-समय पर ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके आधार पर राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान किया जायेगा।
- -आंजनेय विश्वविद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपालरायपुर /विद्यार्थियों को कौशल, ज्ञान और बुद्धि से लैस करना समय की मांग है ताकि छत्तीसगढ़ के छात्र बाहर के बड़े शहरों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। हमारे छात्र उच्च अध्ययन के लिए महानगरों में न जाएं बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में पाठ्यक्रमों के मामले मेें समान गुणवत्ता, समान बुनियादी ढांचा और समान सुविधाएं मिले यह प्रयास होना चाहिए।राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज आंजनेय विश्वविद्यालय के उदघाटन अवसर पर यह उदगार व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि समय की मांग है कि ऐसे माहौल को बढ़ावा दिया जाए जहां नवाचार फलता-फूलता हो। विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का स्थान न बने बल्कि एक यह एक ऐसी जगह हो जहां विद्यार्थियों के सपनों को पोषित किया जाए, संम्भावनाओं को साकार और भविष्य को आकार दिया जाए। विश्वविद्यालय केवल कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का संग्रह नही होना चाहिए। इसमें दुनिया और समाज को बेहतर बनाने के लिए नए-नए रिसर्च कर सकारात्मक बदलाव के लिए प्रतिबद्धता होनी चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि आज हमारे समाने बहुत बड़ी चुनौती है। गरीब, पिछड़े और वंचित लोगों के बारे में सोचना और शासन की योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचा कर उन्हे विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। राज्यपाल ने कोविड-19 महामारी के दौरान हेल्थ वर्कर, डॉक्टर, नर्स एवं उन सभी फ्रन्ट लाइन वर्कर के योगदान को रेखांकित किया जिन्होने अपनी जान की परवाह न करते हुए जनता की सेवा की और महामारी को नियंत्रित करने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए अत्यन्त गर्व विषय है कि हमारा देश विश्व की पांचवी बड़ी आर्थिक शक्ति है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।राज्यपाल श्री हरिचंदन ने विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक उत्सव ‘उड़ान‘ के आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि विद्यार्थियों को यह ऊंची उड़ान के लिए प्रेरित करेगी ।कार्यक्रम को विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह विश्वविद्यालय अपने नाम के अनुरूप विद्यार्थियों को बल, बुद्धि, ज्ञान देने के साथ-साथ देश सेवा का रास्ता भी दिखाएगा।कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल ने दिया। आभार प्रदर्शन कुलपति श्री टी.रामाराव ने किया। इस अवसर पर विश्विद्यालय की पत्रिका का विमोचन श्री हरिचंदन के हाथों किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विजेता क्रिकेट टीम को ट्राफी प्रदान की और संस्था के प्राचार्य और प्राध्यापकों को सम्मानित किया ।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष ड़ॉ उमेश मिश्रा, विश्वविद्यालय के डायरेक्टर श्री बी.सी जैन अन्य अधिकारी, फैकल्टी मेम्बर, डीन, प्राचार्य, प्राध्यापक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे ।
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-रायपुर के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से किया गया ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल, कोरबा के बिजलीघरों को पुनर्संचालित करने बांगो से भेजा गया पॉवररायपुर । प्रदेश में आकस्मिक ब्लैक आउट होने की स्थिति में ताप विद्युत गृहों को पुर्नसंचालित करने हेतु हसदेव बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट अप पॉवर सप्लाई करने संबंधी एक मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) छत्तीसगढ़ स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में सफलतापूर्वक किया गया। पॉवर कंपनी के फील्ड में तैनात कर्मचारियों एवं अभियंताओं द्वारा तत्परतापूर्वक दूसरी लाईन को आईलैण्डेड स्कीम में शामिल करते हुए कोरबा - पश्चिम के संयंत्रों को शुरू करने हेतु 1 घंटा 24 मिनट में बांगो जल विद्युत संयंत्र से बिजली पहुंचायी गयी।गौरतलब है कि अचानक ब्लैक आऊट होने की स्थिति में पावर प्लांटों को फिर से स्टार्ट करना कठिन होता है, इसके लिए तुरंत बिजली की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी तत्काल आपूर्ति जल विद्युत संयत्रों से ही हो सकती है। यह मॉकड्रिल छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की प्रबंध निदेशक श्रीमती उज्जवला बघेल तथा जनरेशन कम्पनी के प्रबंध निदेशक श्री एसके कटियार की विशेष उपस्थिति एवं कुशल मार्गदर्शन में 11 अगस्त 2023 को डंगनिया मुख्यालय स्थित लोड डिस्पैच सेंटर में किया गया।इस "ब्लेक स्टार्ट मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) की मानीटरिंग मुंबई स्थित वेस्टर्न रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर के एक्सपर्ट इंजीनियर स्काडा सिस्टम से कर रहे थे। इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड और स्टेट ग्रिड कोड के प्रावधानों के अनुसार साल में दो बार इस तरह का मॉकड्रिल करना होता है। इस दौरान डंगनिया स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर में कार्यपालक निदेशक सर्व श्री आरके शुक्ला, डीके चावड़ा, केएस मनोठिया, एके वर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री गिरीश गुप्ता तथा जनरेशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक से एमएस कंवर एवं उनकी टीम उपस्थित थे ।राज्य भार प्रेषण केन्द्र के नियंत्रण कक्ष में अधीक्षण अभियंता श्री संजय चौधरी, अभिषेक जैन, कार्यपालन अभियंता श्री जीपी सिंह, सुदेशना पाल, प्रेम देवांगन तथा ड्यूटी पर उपस्थित श्री मनोज रावटे व सहायक अभियंता श्री प्रेम जायसवाल, श्री केतन मिश्रा, श्री विन्ध्याचल गुप्ता, सुश्री जुवेना गोम्स, श्रीमती रेखा शर्मा, श्री संदीप देवांगन, कनिष्ठ अभियंता श्री शुभम घोरे एवं तकनीकी सहायक दिनेश विश्वकर्मा आदि का मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही ।इसी तरह बांगो जल विद्युत संयंत्र के अधीक्षण अभियंता श्री ओपी पाण्डेय एवं उनकी टीम, कोरबा पश्चिम में अधीक्षण अभियंता श्री एस करकरेएवं उनकी टीम, पारेषण संकाय से कोरबा पूर्व, जमनीपाली, छुरीखुर्द एवं खरमोरा विदयुत उपकेन्द्रों से अधीक्षण अभियंता श्री डीएस पटेल एवं उनकी टीम, वितरण संकाय से कार्यपालन अभियंता श्री अनुपम सरकार एवं उनकी टीम का कोरबा पूर्व जमनीपाली एवं छुरीखुर्द तथा संचार एवं टेलीमीटरी संकाय से कार्यपालन यंत्री श्री जेएल उरांव एवं उनकी टीम की सक्रिय भूमिका इस मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में रही है ।ऐसे पूरी हुई मॉकड्रिल की प्रक्रिया-मॉक ड्रिल के दौरान सर्वप्रथम बांगो जल विद्युत गृह छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व के उपकेन्द्रों से फीड होने वाले क्षेत्रों को मिलाकर एक आईलैण्ड सब सिस्टम बनाया गया। इसके पश्चात् इस आईलैण्ड सब सिस्टम में ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित की गई। इस तरह एक बनावटी बिजली संकट छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा क्षेत्र में निर्मित किया गया। इसके पश्चात् इजीनियरों की टीम ने युद्धस्तर पर बिजली सकट क्षेत्र में बिजली बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ की। इसके लिये बांगो में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट से बंद जल विद्युत इकाई कमांक 3 को सर्विस में लेकर बांगो उपकेन्द्र के बस को चार्ज किया गया और वहां उत्पादित बिजली को 132 केव्ही लाईनों के माध्यम से छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व 132 केव्ही उपकेन्द्रों तक क्रमशः पहुंचाया गया और पूर्व निर्धारित 33/11 केव्ही विद्युत फीडरों को एक के बाद एक चालू कर बांगों की जल विद्युत इकाई से करीब 23 मेगावाट लोड लिया गया । इसके पश्चात् आईलैण्ड सब-सिस्टम की फ्रिक्वेन्सी एवं वोल्टेज को मॉनीटर करते हुए बांगो जल विद्युत गृह की सप्लाई को कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह तक पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में 1 घण्टा 24 मिनट का समय लगा। - रायपुर। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार के छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय द्वारा रायपुर में “हेरिटेज वॉक” का आयोजन किया गया। जिसमें कृष्णा पब्लिक स्कूल के युवा पर्यटन क्लब के 30 सदस्यों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना और प्रतिभागियों को क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानने और सीखने का अवसर प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से, आयोजकों को स्थानीय इतिहास के प्रति गहरी सराहना को बढ़ावा देने और प्रतिभागियों के बीच सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की उम्मीद है।यह हेरिटेज वॉक लिली चौक से शुरू होकर नगरीदास मंदिर, बजरंगबली बावली, अखाड़ा, जैतुसाव मठ, जगन्नाथ मंदिर होते हुए तुरी हटरी पर समाप्त हुई। इस वॉक का नेतृत्व हेरिटेजवाला के संस्थापक श्री शिवम त्रिवेदी द्वारा किया गया और पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थित विरासत स्थलों को बहुत ही खूबसूरती से समझाया गया। यहाँ स्थित जैतुसाव मठ की भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इस मठ में महात्मा गांधी वर्ष 1933 में आये थे और एक सभा ली थी। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय छत्तीसगढ़ नोडल कार्यालय के प्रबंधक मयंक दुबे एवं सहायक प्रबंधक टी. बालामुरुगन, कृष्णा पब्लिक स्कूल के युवा पर्यटन क्लब की शिक्षक समन्वयक श्रीमती अर्पिता दुबे, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड से श्री संतोष रैदास शामिल हुए।
- -रीपा में महिलाओं को मिल रहा रोजगाररायपुर /टसर सिल्क, ये नाम तो आपने सुना ही होगा। टसर रेशम को जंगली रेशम भी कहा जाता है। टसर रेशम से बने कपड़े पहनने के शौकीनों की कमी नहीं हैं। सिल्क साड़ियां का बाजार आज भी गुलजार है। खास मौकों पर सिल्क कपड़ों का अपना अलग महत्व है। युवा से लेकर बुजुर्ग महिलाओं की पसंद में सिल्क साड़ियां पहले नंबर पर है। टसर सिल्क की समृद्ध बनावट और चटक गहरा रंग है, जो इसकी लोकप्रियता का कारण है।वर्तमान में छत्तीसगढ़ के विभिन्न रीपा केंद्रों में रेशम धगाकरण का कार्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। महिलाएं इससे अपना जीवन बेहतर बना रहे हैं। राजनांदगांव जिले के ग्राम बघेरा की नारी शक्ति टसर सिल्क मटका स्पिनर स्व-सहायता की 15 महिलाओं ने जनवरी 2023 से रेशम धागाकरण का कार्य प्रारंभ किया। ये महिलाएं पहले खेती किसानी, मजदूरी और घर का काम करती थी। परिवार के साथ रहकर सीमित साधनों के साथ अपने जीवन का निर्वहन कर रही थी। समूह की महिलाओं द्वारा 4 लाख 50 हजार रुपए का रेशम धागा का उत्पादन किया गया, जिसमें इन महिलाओं को 1 लाख 40 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।इसी तरह रीपा योजनान्तर्गत बस्तर जिले के ग्राम तुमेनार के रेशम धागा समिति की 20 महिलाओं रेशम धागाकरण का कार्य कर रही है। समूह की महिलाओं द्वारा कुल 6 लाख रुपए का धागा उत्पादन किया गया, जिसमें इन महिलाओं को 1 लाख 80 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।रीपा केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को रेशम धागे का उत्पादन और विपणन करने में सक्षम बनाना है। इसके अलावा, उद्यम गरीबी को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के सृजन की सुविधा प्रदान करना है और ग्रामीण आबादी विशेष रूप से महिलाओं को स्व-रोजगार के ढेर सारे अवसरों के माध्यम से सशक्त बनाना है।
- -सतनामी समाज बहुल हर विकासखण्ड में मॉडल जैतखाम के निर्माण की घोषणा-मिनीमाता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित मिनीमाता स्मृति दिवस एवँ प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, राजश्री सद्भावना समिति एवं समस्त सतनामी समाज रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस मौके पर सतनामी समाज बहुल हर विकासखण्ड में मॉडल जैतखाम के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में सामाजिक उत्थान की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सतनामी समाज के 11 महिलाओं को प्रतीक स्वरूप सम्मानित भी किया। साथ ही उन्होंने गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं कर्तव्य निष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने मौके पर अकादमी के साहित्य प्रकाशन का विमोचन भी किया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम में पूर्व सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए शोषण, भेदभाव तथा अत्याचार से मुक्त और समतामूलक समाज के निर्माण में उनका योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने समाज की उन्नति तथा विकास के लिए निरंतर कार्य किया। मिनीमाता छत्तीसगढ़ की पहली महिला थी, जो सांसद बनी थी। वर्ष 1952 से 1972 तक सारंगढ़, महासमुंद तथा जांजगीर से वे सांसद रही। उन्होंने इस दौरान समाज की उन्नति के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कार्य करती रहीं।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मिनीमाता ने अपना राजनीतिक जीवन शुरू होने के बाद सामाजिक उत्थान काम और तेज कर दिया। जिन बुराईयों और विसंगतियों को वे बचपन से देखती आई थीं, उन्हें मिटाने के लिए अब उनके पास लोकतंत्र और संविधान की ताकत भी थी। छुआछूत, नारी-उत्थान, श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में मिनीमाता ने अद्वितीय कार्य किए। लोक सभा में अस्पृश्यता निवारण विधेयक पारित कराने में मिनी माता के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि मिनीमाता जिस तरह के समाज के निर्माण का सपना देख रही थीं, असल में वह हर छत्तीसगढ़िया का सपना था। पिछले पौने पांच वर्षों से हम लोग हमारी पुरखिन मिनीमाता और हमारे तमाम पुरखों के सपनों के छत्तीसगढ़ का निर्माण करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने संबोधित करते हुए कहा कि मिनीमाता का पूरा जीवन समाज के शोषित तथा वंचित लोगों की भलाई के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. महंत रामसुंदर दास, अकादमी के अध्यक्ष श्री के.पी. खांडे, संरक्षक श्रीमती शकुन डहरिया एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर / गौठान, बिहान और महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक इकाई (रीपा) से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। महिलाएं अपनी मेहनत से लाभ अर्जित कर रही हैं। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम लेन्ध्रा (छोटे) के महिला समूहों के द्वारा गौठान में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अलावा मल्टीएक्टिविटी सेंटर सह-गोदाम कक्ष में कार्य कराई जा रही है। सीमेंट पोल विक्रय कर समूह की माहिलाएं 8 लाख रूपए की शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी है।रोशनी स्वसहायता समूह लेन्ध्रा (छोटे) के गौठान में सीमेंट पोल का निर्माण कार्य महिलाओं द्वारा बेहतर तरीके से किया जा रहा है। पोल निर्माण से महिलाएं अच्छी आमदनी अर्जित कर रही है । रोशनी समूह द्वारा उत्पादित सीमेंट पोल सामग्री का उपयोग अन्य गौठानों में बाउंड्री के लिए उपयोग करने की व्यवस्था की गई, जिसके कारण रोशनी समूह को बिक्री के लिए आर्डर मिलने लगे। रोशनी स्वसहायता समूह की अध्यक्ष हिरन कोशले ने बताया कि उनके समूह में 10 सदस्य हैं। मिक्चर मशीन 2 लाख रूपए में और बाइलरेटर मशीन ढाई लाख रूपए में खरीदी की है। समूह ने अब तक कुल 11 हजार सीमेंट खम्भा बनाया है, जिसमें से 10 हजार 430 खम्बे की बिक्री 16 लाख 68 हजार 8 सौ रूपए में हो चुकी है। खम्भों को बनाने में 8 लाख 34 हजार 4 सौ रूपए की लागत आई है। समूह को शुद्ध 8 लाख रूपए की आमदनी हुई है। रोशनी समूह के सभी सदस्य और उनका परिवार इस कार्य से खुश हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। रोशनी समूह के सभी सदस्यों की यह उपलब्धि अन्य महिला समूहों के प्रेरणादायी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना रीपा और गौठान की सफलता का यह मॉडल है। उल्लेखनीय है कि लेन्ध्रा (छोटे) के गौठान में दीक्षा, सरस्वती, शिवानी, आशाकिरण आदि स्वसहायता समूह वर्मी कम्पोस्ट, जैविक खाद का निर्माण कर रही हैं। अन्य स्वसहायता समूह सर्फ, अगरबत्ती आदि का भी निर्माण कर आत्मानिर्भरता की राह में चल रही हैं।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2023 से अब तक राज्य में 620.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2023 से आज 11 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1070.1 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 291.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 559.2 मिमी, बलरामपुर में 520.0 मिमी, जशपुर में 492.9 मिमी, कोरिया में 604.5 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 629.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 734.8 मिमी, बलौदाबाजार में 628.4 मिमी, गरियाबंद में 585.6 मिमी, महासमुंद में 677.4 मिमी, धमतरी में 624.3 मिमी, बिलासपुर में 624.4 मिमी, मुंगेली में 790.2 मिमी, रायगढ़ में 686.0 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 542.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 501.0 मिमी, सक्ती में 510.1 मिमी, कोरबा में 621.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 583.1 मिमी, दुर्ग में 502.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 489.6 मिमी, राजनांदगांव में 683.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 787.7 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 652.4 मिमी, बालोद में 679.8 मिमी, बेमेतरा में 484.5 मिमी, बस्तर में 654.6 मिमी, कोण्डागांव में 478.7 मिमी, कांकेर में 561.8 मिमी, नारायणपुर में 566.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 760.2 मिमी और सुकमा में 895.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।file photo
- रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त के अवसर पर राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने राज्य के युवाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति से ही देश की उन्नति होती है। युवा दिवस मनाने का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और राजनौतिक मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है और देश के विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सभा द्वारा इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की थीम ‘‘युवाओं के लिए हरित कौशल: एक सतत् विश्व की ओर‘‘ घोषित की गयी है। युवाओं को हरित कौशल से जोड़कर पर्यावरण और वन क्षेत्र में कौशल विकास की एक अच्छी पहल केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा भी की जा रही है। जिससे आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आयेंगे।
- -पात्र हितग्राही से 10 प्रतिशत अंशदान जमा कर लाॅटरी में होंगे शामिलभिलाईनगर। मोर मकान मोर आस प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राही को दस प्रतिशत अंशदान राशि जमा कर 18 अगस्त को होने वाले लाॅटरी पद्धति के आबंटन प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। प्रधानंत्री आवास योजना के अंतर्गत मोर मकान मोर आस घटक अंतर्गत शासन से स्वीकृति विभिन्न स्थलों में निर्मित व निर्माणाधीन आवासों के आबंटन हेतु जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन पश्चात हितग्राहियों से 10 प्रतिशत अंशदान की राशि जमा कराया गया है एवं मोर मकान मोर चिन्हारी घटक अंतर्गत जिन हितग्राहियों द्वारा समानुपातिक अंशदान की राशि एकमुश्त जमा कर दिया गया है। ऐसे सभी हितग्राहियों का दिनांक 18 अगस्त को सुबह 10ः30 बजे निगम मुख्यालय सुपेला मे लाॅटरी पद्धति से आवास आबंटन किया जाना है। आवास आबंटन हेतु हितग्राही योजना शाखा से लाॅटरी सूचना पत्र प्राप्त कर लेवे। पात्र आवेदक दिनांक 16 अगस्त तक आवास का अंशदान की राशि जमा कर लाॅटरी में सम्मिलित हो सकते है। निर्धारित तिथि के पश्चात राशि जमा करने पर आगामी लाॅटरी में शामिल किया जावेगा।लाॅटरी में शामिल होने हेतु हितग्राही अपना अंशदान जमा रसीद की मूलपति, मूल आधार कार्ड, आवेदन पत्र की पावती तथा लाॅटरी का सूचना पत्र के साथ निर्धारित स्थल एवं समय में स्वंय उपस्थित रहेंगे, हितग्राही यदि दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकजन हो तो प्रमाण पत्र की मूल प्रति आवास शाखा कक्ष क्रं. 16 में पुष्टि हेतु 16 अगस्त तक प्रस्तुत करेंगे अन्य जानकारी हेतु नगर पालिक निगम, भिलाई के मुख्य कार्यालय के कक्ष क्रं. 16 प्रधानमंत्री आवास शाखा के प्रभारी अधिकारी विद्याधर देवांगन से संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर /जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों से घुमन्तू पशुओं को हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में बड़ी संख्या में आवारा पशुओं को जप्त कर रखने के लिए जिले के रहंगी और मोपका गौठान प्रमुख केन्द्र बनाया गया है। जप्त किए गए पशुओं को उनके मालिकों द्वारा निर्धारित समयावधि में नहीं ले जाने पर इन्हें विशेष पिछड़ी जनजातियों को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें स्वस्थ नर सांड पशुओं को जिले के बैगा बिरहोर जनजातियों के सदस्यों को कृषि कार्य में उपयोग हेतु बैलजोड़ी इकाई के रूप में निःशुल्क वितरण किया जाएगा। बैलजोड़ी मिलने से उन्हें कृषि कार्य में बहुत मदद मिलेगी और उनके जीविकोपार्जन में भी वृद्धि होगी। कलेक्टर द्वारा उक्त कार्य के समुचित क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बैलजोड़ी इकाई का चयन एवं हितग्राहियों को इकाई वितरण का कार्य किया जाएगा। नगर निगम को बैलजोड़ी इकाईयों को वितरण हेतु काउ कैचर वाहन से रहंगी गौठान से वितरण स्थल तक पहुंचाने का कार्य दिया गया है, वहीं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को शिविर आयोजन कर वितरण में आवश्यक सहयोग एवं नवीन हितग्राहियों के चयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- भिलाईनगर। शहर के बाजार क्षेत्र को हरा भरा करने व खूबसूरत बनाने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई, चेम्बर आफ काॅमर्स एवं व्यापारिक समिति के सहयोग से बड़े बाजार क्षेत्र के दुकानो के सामने रखने गमले में पौधा का वितरण करेगा यह अभियान 15 अगस्त से होगा प्रारंभ।आयुक्त रोहित व्यास ने निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा की राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त से निगम क्षेत्र के व्यापारियों के सहयोग से शहर के बाजार क्षेत्र के दुकानों के सामने गमले में पौधा रखने के अभियान की शुरूवात किया जाना है। जिसके लिए चेम्बर आफ काॅमर्स तथा व्यापारिक समिति से निगम द्वारा आवश्यक सहयोग लिया जायेगा। शुरूवात में आकाशगंगा, सुपेला, गोल मार्केट वैशाली नगर, सर्कुलर जवाहर मार्केट पावर हाउस, न्यू खुर्सीपार मार्केट तथा ए मार्केट सेक्टर 06 के दुकानों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। दुकानदार अपने दुकान के सामने गमले में पौधा रखेगें ताकि मार्केट क्षेत्र हरा भरा और खुबसुरत दिखे, उन्होने जोन आयुक्तों से कहा की सड़क प्रकाश व्यवस्था का जायजा लेकर बंद पड़े लाईट को बदल कर मार्ग को प्रकाशमय बनाएं विशेष रूप से जी.ई.रोड को तत्काल रोशनी से युक्त करें।आयुक्त श्री व्यास ने 14वें एवं 15वें वित्त आयोग के मद से चल रहे कार्यो की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए की प्रगतिरत कार्य को शीध्र पूर्व करे तथा अप्रारंभ कार्यो को इसी माह प्रारंभ कर लें। उन्होने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि जोन आयुक्त ये सुनिश्चित कर ले कि जोन क्षेत्र के वार्ड से निकलने वाले कचरे का निष्पादन उसी जोन में स्थापित एस.एल.आर.एम. सेंटर में ही हो। मतदान केन्द्रो का भ्रमण कर केन्द्रो में लाईट पानी रैम्प, शौचालय की स्थिति दुरूस्त कर लेवें। मुख्यमंत्री स्कुल जतन योजना के कार्यों की प्रगति से अवगत होकर अपूर्ण कार्य को शीध्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए है।बैठक में अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी, संजय बागड़े, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता एवं विभाग प्रमुख आदि उपस्थित थे।
- दुर्ग, / उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक, दुर्ग में संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में पी.पी.टी. व नान- पी.पी.टी. तथा लेटरल एंट्री के माध्यम से सत्र 2023-24 में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। आबंटित संस्था में प्रवेश प्रक्रिया 18 अगस्त 2023 से आरंभ होगी। उ.प्र.उ शासकीय पॉलीटेक्निक, दुर्ग के प्राचार्य से मिली जानकारी अनुसार प्रवेश के समय विद्यार्थी ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन की प्रति, पीपीटी का स्कोर कार्ड (डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए), अंकसूची (दसवीं, बारहवीं, आई.टी.आई.) अनु. जनजाति/अनु. जाति/अ.पि.व. के लिए स्थाई जाति प्रमाण-पत्र, अनु. जनजाति/अनु. जाति/अ.पि.व. के छात्र यदि शिक्षण शुल्क में छूट प्राप्त करना चाहते हैं तो सत्र 2022-23 का समस्त स्रोतों से पालक की आय प्रमाण-पत्र, स्थानांतरण प्रमाण-पत्र, यदि कोई छात्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सैनिक अथवा निःशक्तजन की सीट प्राप्त करता है तो उससे सम्बन्धित निर्धारित प्रपत्र में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, गेप सर्टिफिकेट (पढ़ाई के दौरान कोई व्यवधान उपस्थित हुआ हो), आधार कार्ड, बैंक पास बुक के प्रथम पेज की फोटो कापी, स्वयं का तीन पासपोर्ट साईज का रंगीन फोटो इत्यादि दस्तावेजों के साथ उपस्थित होंगे।
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*ग्यारह हजार से अधिक मवेशियों को सड़कों से हटाया गया, 45 हजार रूपये से अधिक जुर्माना भी वसूला*
*संभागायुक्त ने सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की समीक्षा की, पांचों जिलों के कलेक्टर वीडियो काॅफ्रेसिंग में हुए शामिल*
रायपुर / संभागायुक्त डाॅ. संजय अलंग ने आज वीडियो काॅफ्रेसिंग के माध्यम से रायपुर संभाग में सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने, पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की कार्रवाई गहन समीक्षा की। वीडियो काॅफ्रेसिंग से हुई इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्री रतन लाल डांगी सहित संभाग के पांचों जिलों रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, धमतरी और महासमंुद के कलेक्टर एवं अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में संभागायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गों, शहरी क्षेत्रों की सड़कों के साथ संभाग की मुख्य सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा हटाने के लिए की जा रही कार्रवाई की जिलावार समीक्षा की। डाॅ. अलंग ने आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाकर गौठानों, कांजी हाउस या गौशालाओं में रखने के साथ-साथ ग्रामीणों और मवेशियों के पालकों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए। रायपुर संभाग में पिछले एक सप्ताह में 11 हजार से अधिक मवेशियों को सड़कों से हटाया गया है। इन मवेशियों को बड़े गौठानों, गांव के कांजी हाउस या गौशालाओं में सुरक्षित रखा गया है। मवेशियों के मालिकों से 45 हजार रूपये से अधिक जुर्माना भी वसूला गया है। अब तक की गई कार्रवाईयों पर संतोष जताते हुए संभागायुक्त ने आगे भी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश सभी कलेक्टरों को दिए।
बैठक में संभागायुक्त ने गांव-गांव में बने सभी कांजी हाउसों को सक्रिय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मवेशियों को रखने वाले गौठानों, गौशालाओं और कांजी हाउसों में चारा-पानी के साथ-साथ पशुओं के इलाज की सुविधा भी सुनिश्चित करने को कहा। जिला कलेक्टरों ने बताया कि आवारा और सड़क पर बैठे मवेशियों की धर-पकड़ के दौरान उनके गले में रेडियम बेल्ट बांधा जा रहा है, ताकि पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके साथ ही पशुओं की टैगिंग कर उनके मालिकों की पहचान भी की जा रही है, ताकि भविष्य में सड़क पर बैठे पाये जाने पर पशु टैग से मालिक को चिन्हांकित कर कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही बैठक में नये गौशालाओं के पंजीयन के काम में भी तेजी लाने के निर्देश संभागायुक्त ने दिए। उन्होंने गांव स्तर पर पशुपालकों से चर्चा कर मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने और उससे होने वाले नुकसान के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने के निर्देश भी दिए।बैठक में रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रतन लाल डांगी ने भी अधिकारियों को सड़कों को मवेशियों से मुक्त कराने के लिए पुलिसकर्मियों का सहयोग करने को कहा। उन्होंने बताया कि गाय स्वभाव सुखी जगहों पर बैठने का होता है, इसीलिए बरसात के दिनों में ज्यादातर गाये सड़कों पर बैठती है। उन्होंने बारिश होने वाले दिनों में सड़कों पर मवेशियों के बैठने पर ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता बताई। श्री डांगी ने संभाग के सभी जिलों में सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए सेन्ट्रल कंट्रोल रूम स्थापित करने और उसकी जानकारी व्यापक रूप से आमलोगों तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।




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