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- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना की दी मंजूरी-राज्य में फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा बढ़ावारायपुर, / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में फैशन शिक्षा और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) के नए कैम्पस की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए फैशन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर खोलेगा, बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.एफ.टी.) भारत में फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में से एक है। 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत स्थापित इस संस्थान के वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु सहित देश भर में 17 परिसर हैं। नवा रायपुर में स्थापित होने वाला यह 18वां नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि होगी। यह संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करेगा। साथ ही, यह फैशन उद्योग के साथ सहयोग के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध कराएगा।नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को विश्वस्तरीय फैशन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर अपने राज्य में ही मिलेगा। यह संस्थान तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करके फैशन और टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। नवा रायपुर में एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना न केवल फैशन शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति लाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाएगी।नवा रायपुर एक उभरता हुआ वैश्विक केंद्रनवा रायपुर, जो पहले से ही एक स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, अब शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में भी एक नया मुकाम हासिल कर रहा है। एन.आई.एफ.टी. कैम्पस की स्थापना से नवा रायपुर को फैशन और टेक्सटाइल उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की छवि को भी निखारेगी।
- -बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट संयंत्र को मंजूरी- स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावारायपुर, / छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए शिखर पर ले जाने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र के स्थापना की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इस संयंत्र के लिए बिलासपुर, चांपा के समीप नेशनल हाईवे से लगी 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार सृजन और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना है।छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30, जो एक नवंबर 2024 से लागू हुई, ने राज्य को निवेशकों के लिए अनुकुल बना दिया है। इस नीति का मूल मंत्र न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन है, जिसके तहत उद्योगों को स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ऑनलाइन आवेदन, और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ में कारोबारी माहौल को आसान किया है। नीति में फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।इस नीति के तहत उद्योगों को 30-50 प्रतिशत सब्सिडी, 5 से 12 वर्ष तक की कर छूट और ब्याज अनुदान जैसे आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, 1000 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों के लिए बी-स्पोक पॉलिसी और प्रति व्यक्ति 15,000 रुपये तक का प्रशिक्षण अनुदान भी शामिल है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5 लाख नए रोजगार सृजित करना है, जो स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।बीईएमएल के हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस संयंत्र के लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आवंटित करने का निर्णय निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाएगा।छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार किए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को सभी स्वीकृतियां एक ही मंच पर प्रदान की जा रही हैं, जिससे समय और लागत की बचत हो रही है। ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी उद्योगों की स्थापना को गति दी है। उद्यमी अब घर बैठे विभिन्न स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए सार्थक पहल की है। दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश-विदेश के उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुंबई समिट में 6,000 करोड़ रुपये, दिल्ली में 15,184 करोड़ रुपये, और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की सहमति ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को रेखांकित किया है।प्रोजेक्ट टूडे सर्वे के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में 218 नई परियोजनाओं में 1,63,749 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो देश के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टेन निवेश वाले राज्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल नीतियों के साथ हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति न केवल उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देती है, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि पर भी जोर देती है। हमारा लक्ष्य अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विजन 2047 नवा अंजोर के तहत विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब नक्सल प्रभावित छवि से बाहर निकलकर एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में उभर रहा है।
- -कार्य में तेजी लाने अनुबंधित कम्पनियों द्वारा शिविर लगाये जाएंगे-एचएसआरपी लगाने की यूनिटों में कार्यबल बढ़ाया जाएगा-पंजीकृत वाहन में मोबाईल नंबर अपडेट करने बढ़ायी जाएगी काउण्टरों की संख्या-जिला परिवहन कार्यालयों में एचएसआरपी लगाने की सुविधा उपलब्ध होगी-परिवहन सचिव ने अनुबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ ली बैठकरायपुर / वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के कार्य में तेजी लाने के लिए अनुबंधित कम्पनियों द्वारा शिविर लगाये जाएंगे। कम्पनियों की यूनिटों में कार्यबल बढ़ाया जाएगा। साथ ही हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की सुविधा जिला परिवहन कार्यालयों में भी उपलब्ध होगी। परिवहन सचिव एवं आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने आज इस कार्य के लिए अनुबंधित कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में परिवहन अधिकारी भी उपस्थित थे।बैठक में इस कार्य में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के निर्देश के अनुपालन में राज्य में वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।बैठक में परिवहन सचिव ने वाहन स्वामी के पंजीकृत वाहन में मोबाईल नंबर अपडेट करने के लिए परिवहन कार्यालय में काउण्टरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को एचएसआरपी लगाने की सरल, सुलभ प्रक्रिया तथा विभागीय वेबसाईट cgtransport.gov.in के उपयोग करने के संबंध में जागरूक किया जाए। साथ ही प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक तथा सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता के बीच एचएसआरपी नंबर प्लेट की महत्ता एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आम जनता की सुविधा के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया तथा संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिलास्तर पर भी मोबाईल नंबर जारी किए जाएंगे।बैठक में अनुबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने फिटमेंट सेंटर के कार्यबल, तकनीकी उपकरणों सहित जिला परिवहन कार्यालयों में आम जनता, वाहन स्वामियों को एचएसआरपी फिटेड कराने की सुविधा मुहैया कराये। इसके अतिरिक्त अनुबंधित कंपनियां विशेष क्षेत्रों में इस हेतु शिविरों का आयोजन करें, जिसमें परिवहन कार्यालय से संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। अनुबंधित कंपनियों को आबंटित जिलों में एचएसआरपी लगाने हेतु उपलब्ध यूनिट, इकाई व कार्यबल में वृद्धि कर कम समय में फिटिंग कार्य करने, एचएसआरपी लगाने हेतु आवेदन की प्रक्रिया, फिटमेंट सुविधा, घर पहुंच सुविधा एवं निर्धारित शुल्क के संबंध में अवगत कराना सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। अनुबंधित कम्पनियों के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे जिले में खोले गये फिटमेंट सेंटर, प्रतिनिधि की जानकारी, संपर्क नंबर इत्यादि को सार्वजनिक रूप से आम जनता को उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें।बैठक में अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, संयुक्त परिवहन आयुक्त श्री यू.बी.एस. चौहान, उप परिवहन आयुक्त श्री मनोज कुमार धु्रव, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुश्री युगेश्वरी वर्मा तथा रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, धमतरी, जॉजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़ के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त अनुबंधित कंपनी रोसमार्टा के श्री मुकेश मल्होत्रा तथा रियल मेजॉन कम्पनी के श्री विश्वजीत मुखर्जी उपस्थित थे।
- -हर घर जल योजना से बदली गांव की तस्वीरमहासमुंद, / जिले के पिथौरा विकासखण्ड का ग्राम गबोद, जो अपनी हरियाली और स्वच्छता के लिए “ग्रीन गाँव” के नाम से प्रसिद्ध है, अब एक और बड़ी उपलब्धि के साथ नई पहचान बना रहा है। यह गांव अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित हो चुका है। 14 जनवरी 2025 को गबोद गांव को यह उपाधि तब मिली जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां हर घर में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। यहां गांववासियों का अनुशासन और देशभक्ति भी तारीफे काबिल है। हर सुबह 7ः30 बजे गांव का हर नागरिक अपने घर के बाहर आकर राष्ट्रगान में भाग लेता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 89.39 लाख रुपये की लागत से गांव में 40 किलोलीटर की उच्चस्तरीय जलागार और 760 मीटर पाइपलाइन के साथ 138 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। इस योजना के तहत अब गांव के हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। इससे पहले महिलाओं और बच्चों को गांव के 5 हैंडपंप और कुछ कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के समय पानी लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और कभी-कभी विवाद भी हो जाते थे। अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और समय की बचत होने से वे अब आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। बच्चों को पढ़ाई का समय मिलने लगा है और गर्भवती महिलाओं को भी विशेष लाभ मिला है, जिससे गर्भपात जैसी समस्याएं कम हुई हैं। गांव के लोग अब जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रीन गाँव का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
गांव की महिला श्रीमति पूजा सिंह ठाकुर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “अब पानी की वह समस्या नहीं रही जो पहले होती थी। हम सब सरकार के आभारी हैं।” गबोद ग्राम के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया है। - महासमुंद, / पोषण पखवाड़ा अंतर्गत महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और पोषण के प्रति जागरूकता फैलाना है। पोषण पखवाड़ा 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक आयोजित होगा।
इसी क्रम में महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत गुरु नानक वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित सुपोषण चौपाल में नन्ही बालिका अमायरा का अन्नप्राशन संस्कार विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। वहीं, डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र में बालिका सिमरन भोई और नर्गिस देवांगन का भी अन्नप्राशन संस्कार किया गया। इस दौरान पोषक आहार से संबंधित खाद्य पदार्थों को टेबल पर सजाया गया था तथा इन पौष्टिक पदार्थां के महत्व को भी बताया गया।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद श्री धनेंद्र चंद्राकर, समाजसेवी श्रीमती निरंजना चंद्राकर, महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान एवं कुंती यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। आयोजन के दौरान गर्भवती महिलाओ और शिशुवती महिलाओं को पोषण, स्वच्छता और शिशु देखभाल के विषय में जानकारी भी दी गई, जिससे वे अपने बच्चों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान ने बताया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि इस समय शरीर को उचित मात्रा में पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। पोषक आहार ना खाने से माता और शिशु कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए सुपोषण चौपाल अभियान एक सार्थक पहल है। - महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी और व्यापक रूप से किया जाए, ताकि अधिकतम किसानों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिले में केवल धान पर निर्भरता कम करते हुए व्यवसायिक फसलों, दलहन-तिलहन और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसानों को इन वैकल्पिक फसलों की ओर प्रेरित करें और बाजार मांग के अनुसार उत्पादन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके। उन्होंने कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी पारंपरिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसानों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता और वितरण पर भी चर्चा की।
कलेक्टर श्री लंगेह ने पशुपालन विभाग के अधिकारी से पशुओं के पंजीयन, उपचारित पशुओं की संख्या, टीकाकरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मोबाइल यूनिट के माध्यम से गांवों तक पहुंचकर पशुपालकों को लाभ दें। उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने भी विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियों एवं किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले के किसानों एवं ग्रामीण जनों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो सके। - दंतेवाड़ा, । दंतेवाड़ा जिले के जनपद पंचायत गीदम अंतर्गत ग्राम कासोली में क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा मोर आवास मोर अधिकार एवं आवास प्लस सर्वे 2.0 के अंतर्गत सर्वेक्षण पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। ज्ञात हो कि मोर आवास मोर अधिकार एवं आवास प्लस सर्वे 2.0 का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाअभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है और उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजना अंतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी रंगोली के माध्यम से आवास योजना प्लस 2.0 को विशेष प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
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- कबीरधाम के चार होनहार युवाओं ने लहराया भारत का परचम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के चार होनहार खिलाड़ियों ने नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग एवं वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ और देश का परचम लहराया है। अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त भारतीय खेल संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, पाकिस्तान, भूटान, श्रीलंका, बांग्लादेश और म्यांमार समेत सात देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के कवर्धा से सूरज राजपूत, दीपाली सोनी, अभिषेक तिवारी और अनुराग जांगड़े ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेकर स्वर्ण पदक हासिल किए।ज्ञात हो कि बॉडीबिल्डिंग स्पर्धा में कबीरधाम के सूरज राजपूत ने सात देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज पूर्व में मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल बॉडीबिल्डिंग चौंपियनशिप और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में वे कवर्धा के “भारत हेल्थ क्लब” में कोच की भूमिका निभा रहे हैं और लगभग 50 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। दीपाली सोनी, जो कि जिले की पहली महिला स्वर्ण विजेता वेटलिफ्टर बनीं, उन्होंने 76 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की। वे इससे पहले राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं। पुरुषों की 67 किलोग्राम श्रेणी में सब-जूनियर वर्ग के अभिषेक तिवारी ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके पहले स्कूल नेशनल गेम्स में भी पदक जीत चुके हैं। वहीं 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े, जिन्होंने 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, पहले भी जिला और स्कूल स्तरीय कई प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे हैं।गौरतलब है कि इन चारों खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने का श्रेय भी सूरज राजपूत को जाता है, जो वर्षों से समर्पण भाव से निःशुल्क प्रशिक्षण देकर जिले के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार कर रहे हैं। सूरज राजपूत ने अपनी सफलता और टीम की उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के साथ-साथ राज्य के हर युवा की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दुबई में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसकी तैयारी भी वे कवर्धा से ही पूरी निष्ठा के साथ करेंगे। नेपाल की धरती पर खिलाड़ियों द्वारा किया गया यह प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।बॉडी बिल्डिर सूरज राजपूत -बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में सूरज राजपूत का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। नेपाल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने सात देशों के धुरंधरों को पछाड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। सूरज राजपूत कहा कि यह जीत सिर्फ मेरी नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की है। छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मन में जुनून हो और मार्गदर्शन सही हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। सूरज ‘भारत हेल्थ क्लब’ में बतौर कोच लगभग 50 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे मिस्टर छत्तीसगढ़, सीनियर नेशनल और पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भी मेडल जीत चुके हैं।वेटलिफ्टर दीपाली सोनी76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली कबीरधाम जिले की दीपाली सोनी कबीरधाम की पहली महिला वेटलिफ्टर बनी हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दीपाली सोनी अपना अनुभव साझा करती हुए कहती है कि नेपाल की यात्रा मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रही। पहली बार विदेश जाकर खेलना और तिरंगा लहराना एक सपना था, जो पूरा हुआ। मुझे खुशी है कि अब जिले की अन्य बेटियां भी वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगी।” दीपाली पहले भी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं।वेटलिफ्टर अभिषेक तिवार67 किलोग्राम वर्ग के सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में अभिषेक तिवारी ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी कड़ी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया। अभिषेक तिवारी कहते हैं कि जब मेरे गले में मेडल आया, तो मुझे अपने माता-पिता, गुरुजी और पूरे जिले की मेहनत याद आई। नेपाल में रहना, वहां के खिलाड़ी और माहौल सभी कुछ नया था, लेकिन हमने भारत का झंडा ऊंचा रखने का संकल्प लिया था।वेटलिफ्टर अनुराग जांगड़ेसिर्फ 14 वर्ष की उम्र में 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में गोल्ड जीतने वाले अनुराग जांगड़े ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अनुराग जांगड़े ने अपनी कैरियर की पहली विदेश यात्रा में मिले उपलब्धियों की खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “मैं बहुत खुश हूं कि इतनी छोटी उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीत पाया। यह सब मेरे कोच सूरज सर की वजह से संभव हुआ, जिन्होंने हमें दिन-रात निःस्वार्थ भाव से मुझे तैयार किया।” विदेश में राष्ट्रीय ध्वज लहराने की खुशी में शब्दों में बयां नही कर सकता। - -व्यवसायियों को मिली राहतरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव कदम उठाते हुए व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और कठिन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि व्यवसायियों को समय और लागत की बचत भी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को उद्यमियों और व्यापारियों ने खूब सराहा है।नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक करने की सुविधा ने प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। पहले जहां कागजी कार्रवाई और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही क्लिक में पूरा हो जाएगा। स्वचालित सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि सभी नियामक आवश्यकताएं पूरी हों, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो और ऑडिट प्रक्रिया भी सरल हो।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में व्यवसाय करना आसान और सुगम हो। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हमने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवसायी-अनुकूल भी बनाया है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।इस डिजिटल प्रणाली ने कागजी कार्रवाई और बार-बार सरकारी दफ्तरों के दौरे की जरूरत को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आई है। छोटे और मझोले उद्यमी, जो पहले जटिल प्रक्रियाओं से जूझते थे, अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। रायपुर के एक युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया, पहले कनेक्शन लेने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकार का यह कदम वाकई सराहनीय है।यह सिस्टम न केवल तेज और सुगम है, बल्कि पूरी तरह नियमों के अनुरूप भी है। डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग से ऑडिट प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि यह डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल व्यवसायियों को राहत मिली है, बल्कि यह राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रणाली निश्चित रूप से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
- -अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में बड़ा कदमरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, और हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशानिर्देश देते हुए यह बात कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।बैठक में मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा सुश्री किरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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-महापौर मीनल चौबे, जनप्रतिनिधि वार्ड पार्षदगण सम्मिलित होंगे
रायपुर /राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय और राजकीय कार्यकमों के संगठित संचालन और सुदृढीकरण और जनभागीदारी प्राप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 17 अप्रैल 2025 गुरूवार को सुबह 10 बजे से राजधानी शहर रायपुर के होटल बेबीलान केपिटल में नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में सभी जनप्रतिनिधि वार्ड पार्षदगणों, स्वास्थ्य अधिकारियों, जोन कमिश्नरों की एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन रखा गया है. -
मोर आवास-मोर अधिकार' अभियान के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान होगी
दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण की शुरुआत हो चुकी है। इस विशेष सर्वेक्षण अभियान का उद्देश्य उन पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जो अब तक स्थायी प्रतीक्षा सूची अथवा पूर्ववर्ती आवास प्लस सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। यह सर्वे 30 अप्रैल 2025 तक संपन्न किया जाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने जानकारी दी कि सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को इस अभियान को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। 'मोर आवास-मोर अधिकार' अभियान के अंतर्गत यह सर्वे 'मोर दुआर, साय सरकार' महाअभियान का हिस्सा है।
यह अभियान तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 19 अप्रैल तक जनप्रतिनिधि प्रतीकात्मक रूप से एक-एक परिवार का सर्वे करेंगे। दूसरे चरण 20-28 अप्रैल में ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को सर्वे की प्रक्रिया समझाई जाएगी, और सर्वेक्षक घर-घर जाकर शत-प्रतिशत सर्वेक्षण करेंगे। तीसरे चरण 29-30 अप्रैल में सरपंच और सर्वेक्षक संयुक्त रूप से सर्वे पूर्णता का प्रमाण-पत्र जिला कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे।प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में कोटवार/पटेल द्वारा मुनादी, दीवार लेखन, रैली, पोस्टर एवं पाम्प्लेट के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, अभियान से जुड़ी रचनात्मक प्रतियोगिताएं जैसे निबंध लेखन, रंगोली, चित्रकला, स्लोगन एवं गीत लेखन आदि भी आयोजित की जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2024 को 'आवास प्लस 2.0 मोबाइल एप' लॉन्च किया था, जिसके माध्यम से यह सर्वेक्षण संपन्न किया जा रहा है। नागरिकों को सोशल मीडिया पर #मोर_दुआर_साय_सरकार हैशटैग के साथ अभियान से जुड़ी फोटो और वीडियो साझा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। -
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम उनके निवास कार्यालय में पदभार ग्रहण उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने डॉ.वर्णिका शर्मा को उनके नई एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि डॉ. वर्णिका शर्मा काफी समय से आम जनता की सुरक्षा के साथ साथ बाल अधिकारों के सरंक्षण तथा सुरक्षा के प्रति सजगता से कार्य करते हुए जुड़ी हुई है। इनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग को एक नई दिशा मिलेगी और प्रदेश में बाल अधिकारों तथा उनके सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए प्रभावी ढंग से कार्य होंगे। इस मौके पर राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय,छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग सचिव श्री प्रतीक खरे, बाल संरक्षण पर कार्य करने वाले सामाजिक संगठन के सदस्यों सहित उनके परिवार के सदस्य गण उपस्थित रहे।
- - पांच हजार गरीब परिवार जुड़ेंगे आजीविका सेरायपुर, / छत्तीसगढ़ के जशपुर और कबीरधाम जिले के पांच विकासखण्डों में गरीबी उन्मूलन के लिए आज छत्तीसगढ़ समावेशी आजीविका योजना का शुभारंभ हुआ। नया रायपुर के होटल मेफेयर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस योजना के तहत जशपुर और कबीरधाम जिले के 5 विकासखंडों के 5000 अति गरीब परिवारों को अगले तीन वर्षों में प्रशिक्षण, विशेष कार्ययोजना और सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्थायी आजीविका से जोड़ा जाएगा। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और बीआरएसी इंटरनेशनल के बीच तीन साल के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, मिशन संचालक श्रीमती जयश्री जैन, बीआरएसी इंटरनेशनल की कंट्री हेड सुश्री श्वेता एस. बैनर्जी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और विशिष्ट पिछड़ी जनजाति की महिलाएं उपस्थित थीं। योजना का उद्देश्य अति गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनकी आय बढ़ाना और खाद्य-पोषण व्यवहार में सुधार लाना है। कार्यक्रम का संचालन सुश्री एलिस मनीषा लकड़ा ने किया, जबकि समापन में श्री आर.के. झा ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम रायपुर के सभी जोनों द्वारा गुलमोहर पार्क पीएमवाय कॉलोनी में विगत दिनों हुई आकस्मिक दुर्घटना के पश्चात जनहित में जनजीवन सुरक्षा को दृष्टिगत रखकर चेम्बर को बन्द करने, कवर करने का कार्य वार्डों में तेज गति से प्रगति पर है. इस हेतु नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों को आदेश दिए हैँ. नगर निगम जोन 8 की टीम द्वारा जोन क्षेत्र में पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड में वाल्मीकि नगर योजना क्षेत्र में 16 खुले चेम्बरों, संत रविदास वार्ड के तहत डिपरापारा बीएसयूपी आवासीय कॉलोनी में 5 खुले चेम्बरों, इसी वार्ड के तहत सरोना बीएसयूपी आवासीय कॉलोनी में 7 खुले चेम्बरों इस प्रकार कुल 28 विभिन्न स्थानों पर खुले चेम्बरों को अभियान चलाकर जनहित में जन जीवन सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल कवर किया गया है.
- रायपुर, / कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में आवेदन लेने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। अब इन प्राप्त आवेदनों से प्राप्त समस्या का समाधान करें। गर्मी मौसम के मद्देनजर सभी पेयजल आपूर्ति का इंतजाम सुनिश्चित करें, बिगड़े हैंडपंप का सुधार कर लें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गर्मी के मौसम के अनुसार दवाईयों का स्वास्थ्य केन्द्रों में व्यवस्था रखें। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरूआत हो चुकी है। शिक्षा विभाग इसके आधार पर अपनी कार्ययोजना बनाकर तैयारी पूर्ण करें।कलेक्टर ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में और सभी ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज, बोर या अन्य किसी कारण से गढ्ढे खोदे गए हैं तो उसे खुला ना छोडे या सुरक्षा के अन्य उपाय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। बैठक में एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड नम्बर 57 के क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का प्रत्यक्ष निरीक्षण वार्ड पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी सहित जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह एवं अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में कर आवश्यक निर्देश दिए हैँ. आयुक्त ने वार्ड 57 के सतबहनिया तालाब की जलकुम्भी सफाई अभियान चलाकर हटाने और तालाब में सौंदर्यीकरण कार्य करने शीघ्र प्रस्ताव बनाकर देने के निर्देश वार्ड पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी की मांग पर स्थल में दिए हैँ. आयुक्त ने कुंदरापारा में पुराने और जर्जर शौचालय में आवश्यक सुधार और मरम्मत का कार्य करवाने के निर्देश दिए हैँ. आयुक्त ने वार्ड 57 के अरविन्द नगर में सामुदायिक भवन में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करवाकर प्रथम तल पर निर्माण शीघ्र करवाने के निर्देश दिए हैँ.
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रायपुर - प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आदेशानुसार और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2025 के प्रथम चरण में आमजनों से प्राप्त जनशिकायत का त्वरित समाधान दूसरे चरण में करवाने रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़, आयुक्त श्री विश्वदीप, नगर निगम जोन 6 के जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन में जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव और कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा के निर्देशन में नगर निगम जोन क्रमांक 6 की विशेष टीम भेजकर जोन के तहत वार्ड क्रमांक 62 के क्षेत्र के अंतर्गत धरम नगर में गार्डन कुण्ड की विशेष सफाई अभियान प्रारम्भ करवाई गयी है.विशेष सफाई नागरिकों द्वारा सुशासन तिहार में की गयी जनशिकायत पर प्रारम्भ करवाई गयी है. विगत लम्बे समय से धरम नगर के गार्डन कुण्ड की सफाई नहीं हुई थी, जिसके कारण गन्दगी और बदबू की समस्या उत्पन्न हो गयी थी. धरम नगर के रहवासियों ने सुशासन तिहार में जनशिकायत दर्ज करवाई, जिस पर गार्डन कुण्ड की विशेष सफाई का अभियान तत्काल प्रारम्भ करवाया गया,अभियान शीघ्र पूर्ण किया जाकर नागरिकों को गार्डन कुण्ड की गन्दगी और बदबू की समस्या से त्वरित राहत मिल सकेगी.
- -समय-सीमा की बैठक में विभाग प्रमुखों को दिए निर्देश-समाधान शिविरों के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने सभी विभाग प्रमुखों को सुशासन तिहार के अंतर्गत अपने-अपने विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समुचित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उपस्थित अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तीन चरणों में संपन्न होने वाले सुशासन तिहार राज्य सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं विशेष प्राथमिकता वाले कार्य है। इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं असावधानी का बिल्कुल भी गुंजाईश नही है। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने सुशासन तिहार के अंतर्गत विभागवार प्राप्त आवेदनों के संख्या के संबंध में जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, श्री नूतन कंवर एवं श्री अजय किशोर लकरा सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने विभागवार प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण हेतु तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उप संचालक समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था एवं दिव्यांग पेंशन आदि के संबंध में प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेते हुए इसके निराकरण हेतु शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों के निराकरण की जानकारी संबंधित आवेदकों को अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास अधिकारी को महतारी वंदन योजना के लाभ हेतु प्राप्त आवेदनों का निराकरण करते समय इसके लिए निर्धारित पात्रता एवं दस्तावेजों का उचित परीक्षण कर इसका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए पेयजल समस्या से संबंधित मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत नियुक्त सेक्टर अधिकारियों को भी नियमित रूप से अपने-अपने सेक्टर में शामिल गांव का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने को कहा। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को जिला स्तर पर निराकरण होने योग्य प्रकरणों का निराकरण जिला स्तर पर करने तथा राज्य स्तर पर निराकरण होने योग्य प्रकरणों को तत्काल राज्य शासन को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा आज अपने बालोद जिले के प्रवास के दौरान दिए गए निर्देशों के पालन हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में भी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी से जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने महिला एवं बाल विकास मंत्री द्वारा आज जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों के निरीक्षण के दौरान व्यवस्था में सुधार हेतु दिए गए निर्देशों के पालन हेतु तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी विभाग के अधिकारियों को दिए।
- -अधिकारी-कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा सभी परियोजना अधिकारियों एवं सेक्टर सुपरवाईजरों को आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण कर वहाँ सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को फील्ड में भी लगातार दौरा कर शासकीय योजनाओं का निर्धारित समयावधि में समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री डीपी सिंह, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने सभी परियोजना अधिकारियों से अपने-अपने परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्य के अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा शौचालय निर्माण के कार्य की प्रगति के संबंध मंे बारी-बारी से जानकारी ली। उन्होेंने अधिकारियों को इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों से आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा बच्चों की दर्ज संख्या के अलावा उनकी उपस्थिति के आंकलन के संबंध में प्रारंभ किए गए पोषण ट्रेकर एप्प में आॅनलाईन एंट्री के कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को शत प्रतिशत सही एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने तथा इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण भी प्रदान कराने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा। श्री चन्द्रवाल ने जिले के सभी शौचालय विहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय निर्माण हेतु विभाग को प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु चल रहे भर्ती प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने जिले में संचालित सखी वन स्टाॅप सेंटर में चल रहे भर्ती प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को गर्म भोजन के वितरण के कार्य की भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने हेतु पुराने भवनों का जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।बैठक में श्री चन्द्रवाल ने समाज कल्याण विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने घरौंदा, नशामुक्ति केंन्द्र एवं प्रशामक गृह की व्यवस्थाओं तथा वहाँ निवासरत लोगों को प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इन स्थानों पर निवासरत लोगों को समय पर भोजन, नाश्ता आदि प्रदान करने के अलावा उनके इलाज की समुचित व्यवस्था करने तथा इन संस्थानों में शौचालय, साफ-सफाई एवं मनोरंजन आदि की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को इन संस्थानों का नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के निर्देश भी दिए।
- भिलाईनगर। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत बेरोजगार लोगो को रोजगार प्रदान करने के लिए गुमटी प्रदान की गई थी। जिसमें उन्हे प्रतिमाह किराया जमा करना था, परन्तु उनके द्वारा दुकान किराया एवं समेकित कर जमा नहीं किया जा रहा है। उनसे दुकान किराया एवं समेकित कर जमा करने के लिए नगर निगम भिलाई द्वारा नोटिस भी जारी किया गया है। जो दुकानदार नहीं मिल रहे है, उनके दुकान के सामने नोटिस चस्पा किया जा रहा है।मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत हितग्राहियो को जो भी दुकान आबंटित किया गया है, उसकी माह अनुसार बकाया राशि जमा करना अनिवार्य है। आज प्रियदर्शिनी परिसर के दुकानों में दुकान किराया एवं समेकित कर जमा करने के लिए नोटिस प्रदान किया गया है। निगम के कर्मचारी उन्हे जाकर समझा रहे थे कि अपनी किस्त की राशि तत्काल जमा कर दें। अन्यथा नगर निगम अधिनियम 1956 के तहत कार्यवाही की जावेगी। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी आवेदन की होगी, साथ ही आबंटन भी निरस्त हो सकता है।जो आबंटिती पैसा जमा कर देगे, उन्हे आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं वर्तमान समय का 1 नग फोटो जमा करना होगा। इससे उनके नाम का आनलाईन आई.डी. जनरेट हो जाएगा। जिससे उनको एक प्रमाणिकता मिलेगी, भविष्य में उसी आधार पर अपना व्यापार और आगे बढ़ा सकेगें। शासन की यह एक महत्वकांक्षी योजना है, सबको लाभ लेना चाहिए।
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‘‘मोर द्वार साय सरकार“ महाअभियान
महासमुंद / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “मोर द्वार साय सरकार महा अभियान“ के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्लस 2.0 के पात्र हितग्राहियों के चिन्हांकन हेतु प्रदेशभर में चल रहे आवास सर्वेक्षण कार्य के दूसरे दिन, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक द्वारा पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कसहीबाहरा एवं परसापाली में सर्वेक्षण कार्य का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री लंगेह ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं सर्वेयरों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की एवं यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पात्र परिवारों का सर्वे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य जितना सटीक और समयबद्ध होगा, उतनी ही तेजी से वास्तविक लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
कलेक्टर श्री लंगेह ने हितग्राहियों के घर जाकर सर्वे की जानकारी ली तथा उन्हें योजना के उद्देश्य और लाभों के बारे में बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवास प्लस 2.0 के अंतर्गत किया जा रहा सर्वेक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और यह छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस सर्वेक्षण के बदले धनराशि की मांग करता है, तो इसकी सूचना दें। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जनपद सीईओ श्री सी.पी. मनहर मौजूद थे। - “लखपति दीदी“ जानकी नाग की बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की ओर उड़ानमहासमुंद / भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु चलाई जा रही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना आज कई महिलाओं के जीवन में बदलाव की कहानी लिख रही है। इसी योजना की बदौलत छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम सिरको की जानकी नाग आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अपने साथ गांव की कई अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की राह दिखाई है।
जानकी नाग ने प्रगति स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत की। उन्हें योजना के तहत 15 हजार रुपए की रिवॉल्विंग फंड और बाद में 60 हजार रुपए का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड मिला। इस पूंजी का उपयोग कर जानकी ने आटा चक्की और सिलाई मशीन जैसे स्वरोजगार के संसाधनों की स्थापना की और अपने व्यवसाय का विस्तार किया। समूह के मार्गदर्शन और बैंक ऋण की मदद से जानकी का व्यापार लगातार बढ़ता गया। आज उनकी वार्षिक आय 80 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है, और वे हर महीने औसतन 07 हजार रुपए की आय अर्जित कर रही हैं।
साल 2024 में जानकी को ’पशु सखी’ की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जिससे उन्हें हर माह 1,910 रुपए की अतिरिक्त आय हो रही है। इस आय से जानकी न सिर्फ अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख रही हैं।जानकी गर्व से कहती हैं,“समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपनी पहचान मिली है। अब मैं आत्मनिर्भर हूं और अपने पैरों पर खड़ी हूं। मुझे खुद पर और अपने काम पर गर्व है।“ उड़ान महिला संकुल संगठन, सांकरा और प्रकाश महिला ग्राम संगठन, सिरको के सहयोग से जानकी ने जिस संकल्प और आत्मबल के साथ सफलता पाई है, वह आज ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि जब महिलाओं को सही अवसर और मार्गदर्शन मिलता है, तब वे न केवल अपनी, बल्कि अपने पूरे समुदाय की तस्वीर बदल सकती हैं। - -15 से 30 अप्रैल तक विशेष सर्वेक्षण अभियानमहासमुंद / प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ‘आवास प्लस 2.0’ सर्वेक्षण पखवाड़ा के अंतर्गत छूटे हुए पात्र ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित करने हेतु महासमुंद जिले में विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा की शुरुआत की गई है। यह कार्य ‘मोर दुआर साय सरकार’ अभियान के तहत किया जा रहा है यह अभियान 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य स्थायी प्रतीक्षा सूची एवं पूर्ववर्ती आवास प्लस सूची में छूटे हुए पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान कर उन्हें पक्के आवास का लाभ दिलाना है।
इस अभियान के सम्बन्ध में जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री एस. आलोक ने बताया कि 16 अप्रैल को राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, 17 अप्रैल को सांसद एवं विधायक, 18 अप्रैल को जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य तथा 19 अप्रैल को जनपद अध्यक्ष एवं सदस्य एक-एक परिवार का प्रतीकात्मक सर्वेक्षण करेंगे।
जनजागरूकता हेतु सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया गया है कि ग्रामीणों को अभियान की जानकारी कोटवार, पटेल, दीवार लेखन, पोस्टर, पाम्प्लेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से स्थानीय भाषा में दी जाए। “मोर आवास - मोर अधिकार“ और “मोर दुआर - साय सरकार“ शीर्षकों के अंतर्गत ग्राम स्तर पर जनजागृति रैलियां भी आयोजित की जाए। इसके साथ जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान की थीम पर निबंध, चित्रकला, रंगोली, स्लोगन, कविता एवं गीत लेखन जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं कराई जाएं।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय कलाकारों, समाजसेवियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास पंचायत एम्बेसडर के रूप में नामित किया जाएगा। सोशल मीडिया पर #morduwaarsaysarkar and #morawaasmoradhikar हैशटैग के माध्यम से नागरिकों से भागीदारी की अपील की गई है।
अभियान का दूसरा चरण 20 से 28 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें रोजगार सहायक एवं आवास मित्र द्वारा घर-घर जाकर ‘आवास प्लस’ एप के माध्यम से पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण किया जा रहा है। ग्रामीणों को स्थानीय भाषा में जानकारी देकर इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी व प्रभावी बनाया जा रहा है। सर्वेक्षण के बाद तैयार की गई पात्रता सूची को ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अधिकतम पात्र परिवार योजना का लाभ ले सकें।
तीसरे और अंतिम चरण में 29 से 30 अप्रैल तक सर्वेक्षण पूर्णता की पुष्टि ग्राम पंचायत सरपंच और सर्वेक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से की जाएगी, जिसके उपरांत रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजी जाएगी। इस दौरान विशेष योगदान देने वाले एम्बेसडर, जनप्रतिनिधि एवं स्वयंसेवी संगठनों को सम्मानित किया जाएगा तथा प्रतियोगिता विजेताओं को जिला स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि इस अभियान को मिशन मोड में क्रियान्वित कर 30 अप्रैल 2025 तक सर्वेक्षण पूर्ण किया जाए, जिससे कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार योजना के लाभ से वंचित न रह सके। file photo - महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा जिले में अवैध रेत उत्खनन पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज ग्राम सेनकपाट तहसील महासमुंद स्थित महानदी में अवैध रेत उत्खनन की शिकायत पर खनिज जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।खनिज विभाग की टीम ने अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त एक चैन माउंटेन मशीन को मौके से जब्त किया। साथ ही नदी के किनारे बनाए गए अवैध रैंप रास्ते को भी ध्वस्त कर दिया गया, जिससे भविष्य में इस मार्ग से रेत की अवैध ढुलाई रोकी जा सके। जब्त की गई मशीन लावारिस हालत में पाई गई, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए थाना तुमगांव की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इस कार्रवाई में खनिज अधिकारी योगेंद्र सिंह, सहायक खनिज अधिकारी देवेंद्र साहू, एवं पुलिस विभाग से सिपाही प्रशांत कालू, मनीष डीडी और मनोज निर्मलकर सक्रिय रूप से शामिल रहे।









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