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- -’काम में बेवजह देरी करने वाली एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई’-बिलासपुर में वर्किंग वुमेन हॉस्टल और मोबाइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश’रायपुर ।छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4ळ स्टेशन क्टछ मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला)मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (च्ीवजव ळमव.जंह) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (टब्) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।
- - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में मिली बड़ी सफलता- दुर्ग में 132 केवी का नया सब-स्टेशन किया गया ऊर्जीकृतरायपुर, । प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग की आपूर्ति करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी नई ट्रांसमिशन लाइनों के साथ ही नए सब-स्टेशन का निर्माण कर रही है। इसी कड़ी में ट्रांसमिशन कंपनी ने 132 केवी के एक और नए अतिउच्चदाब उपकेंद्र को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की। इस तरह प्रदेश में बीते एक साल में अतिउच्चदाब उपकेंद्रों की संख्या 135 से बढ़कर 141 हो गई है। एक साल के भीतर छह अतिउच्चदाब उपकेंद्रों को ऊर्जीकृत किया गया है। राज्य गठन के समय अतिउच्चदाब उपकेंद्रों की संख्या केवल 27 थी।ट्रांसमिशन कंपनी ने आज दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की, जिसमें पहला दुर्ग जिले के अंडा गांव में 132 केवी अतिउच्चदाब उपकेंद्र का निर्माण पूर्ण किया गया तथा दूसरा राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ स्थित 132 केवी अतिउच्चदाब उपकेंद्र में 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर इन्हें ऊर्जीकृत किया।श्री शुक्ला ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के निर्देशन में प्रदेश में पारेषण नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।इसी के तहत ग्राम अंडा में 132/33 के.वी. के नए उपकेंद्र की स्थापना की गई है, जिसमें 40 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसकी अनुमानित लागत लगभग 30 करोड़ 50 लाख रुपए है। इस उपकेंद्र से 33 केवी के 5 फीडर से बिजली सप्लाई होगी। इस उपकेंद्र के निर्माण से मुख्य रुप से अंडा, विनायकपुर, चंद्रखुरी, तिरगाझोला, कुथरेल, हनोदा, अंजोरा, मोहंदीपाट, निकुम, आलबरस, सकरौद, खप्परवाड़ा, रिसामा, चिंगरी, परसदा, ओटेबंद एवं देवरी सहित लगभग 38 ग्रामों को लाभ मिलेगा।इसे साथ ही राजनांदगांव जिले के 132/33 केवी अतिउच्चदाब उपकेंद्र में 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत किया गया। इससे वहां की क्षमता 40 एमवीए से बढ़कर 103 एमवीए हो गई है। इस सब-स्टेशन से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 33 केवी के पांच फीडर मंडला, भैयाटोला, अतरिया, मुढ़ीपार और सिविल लाइन राजनांदगांव को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक श्री केएस मनोठिया, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशकगण श्री शिरीष शैलेट राजनांदगांव, श्री संजय खंडेलवाल दुर्ग, ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता सर्व श्री अब्राहम वर्गीस, श्री संजय तिवारी, प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आरके तिवारी, अधीक्षण अभियंता श्री एस.के.भूआर्य, श्री एस कंवर, आर.के.मिश्रा, विक्रम मंधान, कार्यपालन अभियंता श्री छगन शर्मा, श्री सि़द्धार्थ भवसार, वीरेंद्र कुमार, श्री जेएल साहू, श्री एमआर शेरके, श्रीमती रूबी सारिका चंद्राकर, सहायक अभियंता भूषण वर्मा, प्रवीण शुक्ला एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार-कवर्धा को स्वच्छ, सुंदर और धूल-रहित बनाने के लिए योजनाबद्ध विकास कार्य जारीरायपुर। कवर्धा शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नगर के हृदय स्थल में नवनिर्मित “मित्र मिलन चौपाटी” का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक चौपाटी के प्रारंभ होने से नागरिकों को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। यह स्थल खानपान के साथ-साथ परिवारों और मित्रों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए एक प्रमुख आकर्षक केंद्र बनेगा। चौपाटी परिसर में रंग-रोगन, आधुनिक सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग, शुद्ध पेयजल और सर्वसुविधायुक्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मित्र मिलन चौपाटी शहर के परिवारों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य साबित होगी। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो छोटे फुटकर व्यवसायी पहले सड़कों और चौक-चौराहों पर असुरक्षित ढंग से गुमटी लगाकर व्यवसाय करने को मजबूर थे, उन्हें अब एक स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया गया है। इससे न केवल उनका स्वरोजगार सुरक्षित होगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा शहर तेजी से आधुनिकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शहर में जारी विभिन्न परियोजनाओं का विवरण साझा किया। पूर्ण हो चुके प्रमुख कार्यो में वीर स्तंभ चौक, शिवाजी चौक का सौंदर्यीकरण कार्य प्रमुख हैं। भोरमदेव कॉरिडोर और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी, भोजली तालाब पाथवे का चौड़ीकरण, हनुमंत वाटिका का निर्माण, ठाकुरदेव चौक से बस स्टैंड तक सुगम पहुंच मार्ग प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें नियमित रूप से इसकी कड़ाई से निगरानी कर रही है। बाईपास को जोड़ने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है।इसके साथ ही नालंदा लाइब्रेरी, शिव वाटिका, बूढ़ा महादेव परिसर उन्नयन, विशाल डोम निर्माण और पुराने अस्पताल परिसर के जीर्णाेद्धार का कार्य जारी है। बुजुर्गों के मनोरंजन और बैठक के लिए जल्द ही सियान सदन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसडीएम कार्यालय और शुगर फैक्ट्री परिसर में क्रमशः श्बलराम सदनश् एवं श्किसान सदनश् का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।श्री शर्मा ने बताया कि युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए भोरमदेव विद्यापीठ में पीएससी और व्यापम की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। साथ ही जिले के 50 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की जा चुकी है। उन्होंने नगर पालिका के सामने भी जल्द ही एक और नई चौपाटी शुरू करने की घोषणा की और शहर को धूल-रहित व स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा वासियों का वर्षों पुराना इंतजार आज समाप्त हुआ है। इस चौपाटी के बनने से फुटकर व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है और शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से अधिक सुगम व व्यवस्थित होगी। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य शहरवासी उपस्थित थे।
- -ई-श्रम और श्रमिक ऐप की जानकारी से जागरूक हो रहे ग्रामीण श्रमिक-राजमिस्त्री राजेश रवि ने कराया पंजीयन, अब मिल सकेगा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभरायपुर। प्रदेश में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित शिविर ग्रामीणों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए जागरूकता, सुविधा और शासन की योजनाओं तक आसान पहुंच का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में जिलेभर में आयोजित शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बरदर निवासी श्री राजेश रवि, जो राजमिस्त्री का कार्य करते हैं, सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें ई-श्रम कार्ड और श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी। शिविर में अधिकारियों द्वारा उन्हें ई-श्रम पोर्टल और श्रमिक ऐप के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन के बाद श्रमिकों को यूनिक ई-श्रम कार्ड जारी किया जाता है, जिसके माध्यम से वे सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।जानकारी मिलने के बाद श्री राजेश रवि ने शिविर स्थल पर ही अपना पंजीयन कराया। उन्होंने कहा कि श्रमिक ऐप के जरिए अब योजनाओं की जानकारी प्राप्त करना, आवेदन की स्थिति देखना और जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान हो गई है। उन्होंने प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले ऐसी जानकारी गांवों तक नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर श्रमिकों को जागरूक कर रहा है। सुशासन तिहार शिविरों में श्रम, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की समस्याएं सुनकर त्वरित निराकरण भी किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल को जनहितकारी बताते हुए शासन-प्रशासन के प्रयासों की प्रशंसा की है।
- -’जशपुर की नाशपाती बन रही किसानों के जीवनयापन का मजबूत आधार’-’छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों में बढ़ रही जशपुर की नाशपाती की मांग’रायपुर। जशपुर जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फलोत्पादन के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण जिले में नाशपाती की खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है। विशेष रूप से सन्ना तहसील क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर नाशपाती की खेती कर बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं।जशपुर के करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना निवासी किसान श्री अनिल एक्का ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं नाबार्ड की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी लगभग 4 से 5 एकड़ निजी भूमि में नाशपाती का बाग विकसित किया है। योजनाओं के अंतर्गत उन्हें खेत में कुआं और मोटर पंप जैसी सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे खेती करना आसान हुआ।श्री एक्का ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर खेतों का निरीक्षण कर उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी एवं आवश्यक सलाह दी जाती है। आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के कारण उनके नाशपाती उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।जशपुर की नाशपाती अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी काफी पसंद की जा रही है। किसानों को स्थानीय बाजारों के अलावा बाहरी राज्यों में भी अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।फलोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे जिले के अन्य किसान भी नाशपाती सहित विभिन्न फल फसलों की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। किसान श्री अनिल एक्का ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और तकनीकी सहयोग के कारण उनकी खेती लाभकारी बनी है और आज नाशपाती की फसल उनके परिवार के जीवनयापन का मजबूत आधार बन चुकी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जशपुर जिले की जलवायु नाशपाती, लीची और काजू जैसे फलोत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। प्रसन्नता की बात है कि उद्यानिकी विभाग और नाबार्ड की योजनाओं का लाभ उठाकर वनांचल के हमारे किसान भाई आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती कर रहे हैं। जशपुर की नाशपाती की मांग अब पड़ोसी राज्यों में भी बढ़ रही है, जो यह दर्शाता है कि हमारे ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाएं और संसाधन अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। शासन आगे भी किसानों को हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता रहेगा।
- -ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी जल उपलब्धतारायपुर । “मोर गांव मोर पानी महाभियान” के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से विभिन्न जल संरक्षण कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अब तक जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य संपादित किए गए हैं। इनमें समुदाय के लिए बोरवेल पुनर्भरण हेतु रेत फिल्टर एवं पुनर्भरण गड्ढा निर्माण के 202 कार्य, भू-जल संरक्षण के 26 कार्य तथा समुदाय के लिए तालाब निर्माण एवं पुनरुद्धार के 295 कार्य शामिल हैं।इसके अतिरिक्त सरकारी एवं पंचायत भवनों में छत पर वर्षा जल संचयन संरचनाओं के 102 कार्य पूर्ण किए गए हैं। साथ ही समुदाय के लिए मिनी अंतःश्रवण टैंक निर्माण के 25 कार्य एवं समुदाय के लिए गेबियन चेक डैम निर्माण के 34 कार्य भी किए गए हैं।व्यक्तिगत लाभार्थियों के अंतर्गत भी जल संरक्षण के साथ-साथ आजीविका संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अंतर्गत व्यक्तियों के लिए इरिगेशन ओपन वेल के 97 कार्य तथा कृषि तालाब निर्माण के 369 कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ-साथ उनकी आय में वृद्धि के अवसर भी सुनिश्चित हो रहे हैं।जिले की ग्राम पंचायतों में “नवा तरिया आय का जरिया” अभियान के अंतर्गत नए तालाबों का निर्माण एवं पुराने जल स्रोतों का जीर्णाेद्धार किया जा रहा है। यह पहल न केवल जल संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि आजीविका संवर्धन का सशक्त माध्यम भी बन रही है, जिससे ग्रामीणों को मत्स्य पालन, सिंचाई एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।विशेष रूप से, ग्रामीणों द्वारा स्वप्रेरणा से अपने घरों में निजी सोख्ता गड्ढा (ैवंा च्पज) एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल का संरक्षण बढ़ रहा है और भू-जल स्तर में सुधार को बल मिल रहा है।कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आगामी वर्षा ऋतु में अधिकतम जल संग्रहण सुनिश्चित किया जा सके।इन प्रयासों से जिले में भू-जल स्तर में सुधार हो रहा है, किसानों को सिंचाई सुविधा में लाभ मिल रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण के इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जल के महत्व को समझते हुए उसके संरक्षण में सहयोग प्रदान करें।
- -’राज्यपाल श्री डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर मे सुधार लाने योजनाओं का लाभ उन तक प्राथमिकता से पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता तय कर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों की सड़कों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और यह जानें कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके विभाग अंतर्गत सबसे बेहतर कार्य कहां हो रहे हैं।बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान चलाने तथा लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जनजातीय समुदायों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय बच्चों के नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एम्स के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए।उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए राइस मिल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और डीएमएफ निधि के उपयोग का सुझाव दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने और पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण, फिश फार्मिंग और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में वन क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को सहकारिता के माध्यम से करने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने तथा मोबाइल टावर स्थापित कर इंटरनेट सुविधा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निजी कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय बाहुल्य गांवों को रोशन करने क लिए किए गए कार्याे की सराहना की।राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों क्षेत्रों के उन बच्चों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए जो स्कूल और विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और सुविधाओं का आकलन कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाए।राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उन कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए जिनकी वर्तमान समय में अधिक मांग है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को पीएम जनमन योजना के तहत प्राथमिकता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों की जीवनशैली और आवश्यकताओं को समझने के लिए तीन माह के भीतर विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं का सामूहिक योगदान आवश्यक है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने बैठक में की गई चर्चा पर कार्रवाई की रिपोर्ट अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।बैठक के दौरान राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर आधारित वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन सौंपा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास श्री सोनमणि बोरा, सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित थे।
- -महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति-बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।
- -’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक’-’मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा - जनसेवा के अनुभव समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं’रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ श्री चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- 0- 3923 निर्माण कार्यों से गांवों में बढ़ा रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को मिली नई गति0- 2418.86 लाख से अधिक के मजदूरी मूलक निर्माण कार्य स्वीकृतदुर्ग. जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को लगातार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित निर्माण कार्यों से हजारों परिवारों को आजीविका का सहारा मिल रहा है, वहीं जल संरक्षण एवं ग्रामीण अधोसंरचना विकास को भी मजबूती मिल रही है। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन 68 हजार 641 श्रमिक मनरेगा कार्यों में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में कुल 3923 निर्माण कार्य संचालित हैं तथा मांग के आधार पर प्रतिदिन नए श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद पंचायतवार देखें तो जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 1048 कार्यों में 15 हजार 227 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत 1687 कार्यों में 29 हजार 695 श्रमिक तथा जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत 1188 कार्यों में 23 हजार 719 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।कुल 24 करोड़ 12 लाख 53 हजार रुपये की मजदूरी राशि जनपद पंचायतों एवं क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से भुगतान की जा चुकी है। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत दुर्ग में 8 करोड़ 99 लाख 78 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 6 करोड़ 69 लाख 48 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 6 करोड़ 28 लाख 98 हजार रुपये की राशि संबंधित श्रमिकों के खातों में जमा की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 14 लाख 29 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया जा चुका है।ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में अमृत सरोवर निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक (डब्ल्यूएचटी), कच्ची सिंचाई नाली निर्माण एवं अन्य मजदूरी मूलक कार्य प्राथमिकता से संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों से एक ओर ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं कृषि कार्यों के लिए स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है।कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जॉब कार्डधारियों को लगातार रोजगार उपलब्ध कराने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं मैदानी अमले को श्रमिकों की मांग के अनुसार तत्काल कार्य उपलब्ध कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने हेतु बैंक खाते एवं आधार सत्यापन कार्य को भी प्राथमिकता से पूर्ण किया गया है। इससे मजदूरी राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है तथा भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनी है। इसके साथ ही श्रमिकों को अधिकतम 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी तकनीकी सहायकों को कार्यस्थलों पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने, सूचना बोर्ड लगाने एवं समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले में बड़े पैमाने पर मजदूरी मूलक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। जनपद पंचायत दुर्ग में 73 निर्माण कार्यों हेतु 587.41 लाख रुपये, धमधा में 61 निर्माण कार्यों हेतु 475.17 लाख रुपये तथा पाटन में 154 निर्माण कार्यों हेतु 1356.28 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार जिले में कुल 288 निर्माण कार्यों के लिए 2418.86 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और बूढ़ापारा महिला केंद्र एकादशी पर्व बुधवार, 27 मई को सुबह नौ बजे राहगीरों को मठा वितरित करेगा। केंद्र की ओर से सप्रे शाला बूढ़ापारा परिसर स्थित हनुमान मंदिर में मठा वितरित किया जाएगा।महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि मंडल के सेवाभावी कार्यों की श्रृंखला में वल्लभ नगर, शंकर नगर, चौबे काॅलोनी के बाद अब बूढ़ापारा केंद्र की महिलाएं आध्यात्मिक समिति के साथ मठा वितरण करेंगे। काले ने आगे कहा कि 25 मई से नौतपा शुरू हो गया है। ऐसे में सुबह से ही सड़कें सूनी हो जा रही हैं। बहुत जरूरी काम के साथ लोग घरों से बाहर निकल रहे है। ऐसे में राहगीरों, वाहन चालकों, पैदल चलने वालों को राहत से मंडल ने इस पुनीत कार्य का संकल्प लिया है।
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0- छत्रपति शिवाजी सभागृह में आयोजित वीर सावरकर जयंती पर बच्चों की फैंसी ड्रेस स्पर्धा होगी आकर्षण का केंद्र
रायपुर। नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में सोमवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से पद्मश्री प्राप्त करने के बाद डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले दंपती को महाराष्ट्र मंडल गुरुवार, 28 मई को शाम 06:30 बजे सम्मानित करने जा रहा है। मंडल के य.गो. जोगलेकर स्मृति छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित होने वाले विनायक दामोदर सावरकर जयंती समारोह में डॉ. गोडबोले दंपती सम्मानित किए जाएंगे। इस मौके पर डॉक्टर दंपती अपने 35 वर्षों से बस्तर के अबूझमाड़ में शोषित पीड़ित और बीमार आदिवासियों का नि:शुल्क इलाज करने से लेकर वहां इलाज को लेकर फैली भ्रांतियों और उन्हें दूर करने को लेकर किए गए भगीरथ प्रयास के बारे में चर्चा भी करेंगे।
उपाध्यक्ष गीता दलाल ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार को वीर सावरकर जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस मौके पर वीर सावरकर पर आमंत्रित किए गए लेख के आधार पर निर्णायक परिणाम तय कर विजेताओं, उप विजेताओं के नामों की घोषणा करेंगे, जिन्हें कार्यक्रम के दौरान ही पुरस्कृत व प्रोत्साहित भी किया जाएगा। प्रथम पुरस्कृत लेख का सामूहिक वाचन विजेता प्रतिभागी करेंगे। कार्यक्रम का सबसे रोचक सेगमेंट बच्चों की वीर सावरकर पर आधारित फैंसी ड्रेस स्पर्धा है। इसमें बच्चे विभिन्न परिधानों और स्टाइल वाले विनायक दामोदर सावरकर का भेष धारण कर मंच पर उतरेंगे।
मंडल की साहित्यिक समिति की प्रभारी कुमुद लाड ने बताया कि वीर सावरकर पर सोमवार तक पर्याप्त लेख मिल गए हैं। इधर वीर सावरकर फैंसी ड्रेस स्पर्धा को लेकर बच्चे खासे उत्साहित हैं और उनके अभिभावकों की ओर से भरपूर पूछताछ करने के बाद पंजीयन भी कराया गया है। कुमुद के अनुसार सावरकर जयंती समारोह में हमारे मुख्य अतिथि अथवा प्रमुख वक्ता 'वीर सावरकर की वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिकता' पर अपना संबोधन देंगे।
- 0- 19 होलसेल एवं 73 रिटेल मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 3 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारीरायपुर. उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर द्वारा जिले में वजन घटाने हेतु उपयोग की जा रही औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों की विशेष जांच कार्यवाही की गई। औषधि निरीक्षकों द्वारा संबंधित फर्मों से औषधियों के क्रय-विक्रय बिल, स्टॉक रजिस्टर, सप्लायर विवरण, बैच नंबर, एक्सपायरी विवरण तथा वैध अनुज्ञप्ति अभिलेखों का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना चिकित्सकीय परामर्श के विक्रय, संदिग्ध स्टॉक तथा अभिलेखों में विसंगतियों की विशेष रूप से जांच की गई।कार्यवाही के अंतर्गत कुल 19 होलसेल एवं 73 रिटेल मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में 03 फर्मों में अनियमितताएं पाई गईं। उक्त प्रकरणों में संबंधित फर्मों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली 1945 के प्रावधानों के अंतर्गत कारण बताओ सूचना नोटिस जारी किया गया है, साथ ही नियमानुसार जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा संबंधित फर्मों को भविष्य में समस्त क्रय-विक्रय अभिलेख संधारित रखने तथा औषधियों का विक्रय निर्धारित नियमों के अनुसार करने हेतु कड़ी चेतावनी भी दी गई है। जांच कार्यवाही सतत जारी है तथा प्राप्त जवाब के आधार पर नियमानुसार आगामी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में असिस्टेंट टीचर साइंस श्री प्रकाश सोनी ने आंगनबाड़ी केंद्र कस्तूरबा एवं नर्सिंग ऑफिसर सुश्री भुवनेश्वरी साहू ने आँगनबाड़ी केंद्र भनपुरी बाजार चौक में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में एमसीएच कालीबाड़ी में 10 एवं कुरा में 01, आज दिनांक में कुल 11 प्रसुताओं को 55 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- 0- कलेक्टर - एसपी ने ली कोल डिपो संचालकों की बैठक0- गुणवत्ता से से समझौता नहीं करने की सख्त चेतावनीबिलासपुर. जिले में संचालित कोयला डिपो में कोयले की गुणवत्ता, अवैध मिलावट और चोरी-तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के कोल डिपो संचालकों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि प्रदेश में 130 से अधिक स्पंज आयरन प्लांट संचालित हैं, जिन्हें एसईसीएल से कोयला प्राप्त होता है। ऐसे में कोयले की गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस गुणवत्ता का कोयला एसईसीएल की खदानों से प्राप्त हो, उसी गुणवत्ता का कोयला उद्योगों तक पहुंचे। किसी भी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कोल डिपो संचालकों को यह भी निर्देशित किया कि उद्योगों को आपूर्ति किए जाने वाले कोयले का रिकॉर्ड पारदर्शी ढंग से रखा जाए तथा भंडारण और परिवहन की व्यवस्था नियमों के अनुरूप हो। प्रशासन ने साफ किया कि कोयले में मिलावट या अवैध भंडारण पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध खनिज अधिनियम सहित आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुछ डिपो में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले में निम्न गुणवत्ता का कोयला और शेल मिलाकर उद्योगों को सप्लाई किया जा रहा है। इससे उद्योगों के उत्पादन और गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराना डिपो संचालकों की जिम्मेदारी है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बैठक में कहा कि जिले में कोयला डिपो से जुड़े अवैध कारोबार, चोरी और तस्करी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी डिपो में सीसीटीवी कैमरे, वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग और आवक-जावक का पूरा रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखा जाए। डिपो में कार्यरत मैनेजर, मुंशी और कर्मचारियों की जानकारी भी प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी डिपो में अवैध गतिविधि, कोयले की मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ खनिज अधिनियम और आपराधिक प्रकरणों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खनिज विभाग द्वारा समय-समय पर कोल डिपो की जांच भी की जाएगी।कोल डिपो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि सभी संचालक नियमों का पालन करेंगे और अवैध गतिविधियों की रोकथाम में पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करेंगे।बैठक में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कोयला भंडारण स्थलों पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए तथा बारिश के दौरान कोयले का दूषित पानी सीधे नालों और जलस्रोतों में न जाने पाए, इसके लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन ने सभी कोयला भंडारण अनुज्ञप्तिधारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा भविष्य में कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, उप संचालक खनिज प्रशासन किशोर गोलघाटे, खनि अधिकारी, सहायक खनि अधिकारी, खनि निरीक्षक सहित कोल डिपो संचालक उपस्थित रहे।
- 0- अवकाश के दिन भी खुली रहेंगी सहकारी समितियां0- अब तक 5 हज़ार मीट्रिक टन खाद एवं 1590 क्विंटल बीज वितरितबिलासपुर। खरीफ वर्ष 2026 की खेती को सुचारू एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिले की सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरक एवं बीज का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार अभी से खाद एवं बीज का उठाव सुनिश्चित करें, ताकि बोनी के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।कृषि विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में कुल 44 हजार मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत अब तक विभिन्न उर्वरकों का भंडारण किया गया है। जिसमें यूरिया 13,644 टन,डीएपी 4,065 टन,एनपीके 5,140 टन, एमओपी 781टन,एसएसपी 1,595 टन शामिल हैं। इस प्रकार कुल 25,225 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण समितियों में किया जा चुका है। वहीं अब तक किसानों को विभिन्न उर्वरकों का वितरण भी किया जा चुका है, जिसमे यूरिया 2,919 टन, डीएपी 798 टन,एनपीके 786 टन, एमओपी 91 टन, एसएसपी 194 टन वितरित किया जा चुका है। इस प्रकार कुल मिलाकर अब तक 4,788 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है तथा वितरण कार्य लगातार जारी है।इसी प्रकार जिले की सहकारी समितियों में 7,934.12 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जबकि अब तक 1,589.96 क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले की सभी सहकारी समितियां शनिवार एवं रविवार सहित अवकाश के दिनों में भी खुली रखी जा रही हैं। कृषि विभाग ने कहा है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मानसून समय पर आने की संभावना है, इसलिए किसान अभी से खाद एवं बीज का उठाव कर लें ताकि बोनी कार्य में देरी न हो। विभाग ने किसानों से संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग की अपील करते हुए कहा है कि पात्रता अनुसार सहकारी समितियों से खाद एवं बीज प्राप्त किए जा सकते हैं।
- 0- जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को किया लाभान्वितबिलासपुर. सुशासन तिहार के तहत आज मंगला स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित समाधान शिविर में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह एवं बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला शामिल हुए। उन्होंने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक प्राथमिकता से पहुंचे तथा किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को योजनाओं से वंचित न रहना पड़े। इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जोन कमिश्नर रंजना अग्रवाल, पार्षद रमेश पटेल, हेमन्त मरकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य शासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अनेक जरूरी सेवाओं का लाभ लोगों को सरलता से मिल रहा है, जिससे आमजन को काफी सुविधा हो रही है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि शासन की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगला क्षेत्र के दो वार्डों में लगभग 150 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान की जा रही है।महापौर पूजा विधानी ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शासन स्वयं जनता के द्वार पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक किसी योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं, वे शिविरों में पहुंचकर जानकारी एवं लाभ प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में महिलाओं की गोदभराई, शिशुओं का अन्नप्राशन एवं श्रम विभाग द्वारा सहायता राशि वितरण जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे आमजन में उत्साह का वातावरण है। उन्होंने लोगों से शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से लोगों को योजनाओं का सीधे लाभ मिल रहा है। शिविर में प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। शिविर में असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के तहत कांति बांधे को 20 हजार रुपये का चेक वितरित किया गया। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत शिवांगी क्षत्रवाणी को 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। 5 शिशुओं का अन्नप्राशन एवं 5 बच्चों को विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरित कर विभिन्न योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
- 0-कुल 190 शिविरों के माध्यम से 23 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिला सीधे योजनाओं का लाभ0- बालोद जिले में "जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान" का हुआ सफल समापनबालोद. भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम "जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान" का बालोद जिले में गरिमापूर्ण एवं सफल समापन हुआ। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल निर्देशन में यह विशेष अभियान जिला स्तर पर 18 मई 2026 से 25 मई 2026 तक आयोजित किया गया।इस दौरान बालोद जिले के सभी विकासखण्डों (गुंडरदेही, बालोद, गुरुर, डौंडी और डौंडीलोहारा) के अंतर्गत आने वाले कुल 186 चयनित गांवों में कुल 190 शिविरों के माध्यम से 23 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिला सीधे योजनाओं का लाभ मिला। उल्लेखनीय है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर आई.ई.सी. कैंपेन चलाकर "जनभागीदारी - सबसे दूर, सबसे पहले" की थीम पर जमीनी स्तर पर अंतिम व्यक्ति तक संपर्क स्थापित करना था। इसके तहत स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता, सेवा संतृप्ति और जनसमस्याओं के त्वरित निवारण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार जिला, विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर पर नियुक्त किए गए सभी नोडल अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया गया। अभियान के दौरान प्रत्येक चयनित गांव में ट्राईबल डांस, साइकिल रैली, वृक्षारोपण तथा जनसेवा केंद्रों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और उचित माध्यम से उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया गया।
- 0- दुर्लभ पांडुलिपियों के संग्रहण एवं संरक्षण कार्य के लिए डॉ. प्रकाश पतंगिवार को किया गया सम्मानितबालोद. संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में सर्वे का कार्य निरंतर जारी है। सर्वे के दौरान जिले के अलग-अलग स्थानों में निरंतर पाण्डुलिपियां प्राप्त हो रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज अपने कक्ष में दुर्लभ पांडुलिपियों के संग्रहण एवं संरक्षण कार्य के लिए गुरूर विकासखण्ड के ग्राम ठेकवाडीह निवासी डॉ. प्रकाश पतंगिवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने डाॅ. पतंगिवार के दुर्लभ पांडुलिपियों के संग्रहण एवं संरक्षण कार्य की सराहना करते हुए उनके द्वारा संग्रहित पाण्डुलिपियों को अमूल्य धरोहर बताया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने डॉ. प्रकाश पतंगिवार द्वारा लाए गए दुर्लभ पांडुलिपियों का द्वारा अध्ययन और मूल्यांकन किया गया। ज्ञातव्य हो कि ऐतिहासिक महत्व की इन सभी पांडुलिपियों की प्रविष्टियां डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए ’ज्ञान भारतम’ मोबाइल एप्लीकेशन में भी दर्ज की गई। इस अवसर पर ज्ञान भारतम अभियान की सहायक नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर भी उपस्थित थीं।
- 0- समिति प्रबंधकों की बैठक लेकर धान उठाव, लेखा मिलान, खाद, बीज की व्यवस्था एवं वितरण के उपायों के संबंध में विस्तृत समीक्षा कीबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले के सहकारी समितियों में किसानों के लिए समुचित मात्रा में खाद, बीज का भण्डारण कर ली गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी समिति प्रबंधकों को राज्य शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर खाद, बीज का समुचित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले के किसानों को खाद, बीज की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सहकारी समितियों के प्रबंधकों की बैठक लेकर उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा द्वारा मौजूदा खरीफ वर्ष में किसानों को खाद, बीज की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु जिले के सभी विकासखण्डों के समिति प्रबंधकों की बैठक ली जा रही है।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा द्वारा गत दिनों बालोद, डौण्डी एवं गुरूर विकासखण्ड के समिति प्रबंधकों की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसके अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने डौण्डीलोहारा एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के समिति प्रबंधकों की बैठक लेकर मौजूदा खरीफ वर्ष में किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने सहकारी समितियों से धान उठाव, लेखा मिलान के अलावा खाद, बीज की समुचित उपलब्धता एवं वितरण की व्यवस्था के संबंध में समिति प्रबंधकों से बारी-बारी से जानकारी ली। बैठक में जिला विपणन अधिकारी श्री टिकेन्द्र राठौर ने बताया कि जिले के सहकारी समितियों में पोटाश, युरिया, डीएपी, सुपरफास्फेट, एनपीके सहित अब तक कुल 34 लाख 07 हजार टन खाद का भण्डारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को इसकी समुचित वितरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। बैठक में कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चंद्राकर, सहायक संचालक श्री एसएन ताम्रकार सहित अन्य अधिकारियों के अलावा समिति प्रबंधकगण उपस्थित थे।
- 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आम जनता से अपने-अपने विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समयावधि में युक्तियुक्त ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के अंतर्गत विभागवार प्राप्त आवेदनों एवं इसके निराकरण की स्थिति की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त निराकरण सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा, श्री नूतन कंवर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित होने वाली जनसमस्या निवारण शिविरों के आयोजन की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को सभी शिविरों में निर्धारित समयावधि तक अधिकारी-कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से उपस्थित सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए शिविर में उपस्थित आम नागरिकों के अलावा अधिकारी-कर्मचारियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने रविवार 24 मई को जिले के जीवनदायिनी तांदुला नदी के अतिक्रमण हटाने हेतु राजस्व, पुलिस, जल संसाधन एवं अन्य संबंधित विभागों के द्वारा की गई कार्यवाही की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इस कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने बताया कि रविवार 24 मई को तांदुला नदी के अतिक्रमण हटाने हेतु की गई कार्यवाही के अंतर्गत नदी के कुल 7.5 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। बैठक में कलेक्टर ने वर्तमान में चल रहे पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर जिले के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से राज्य शासन द्वारा जिले में शासकीय व्यय में मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन का क्रियान्वयन हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जेएसजेबी 2.0 के अंतर्गत बालोद जिले में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत अब तक बालोद जिले में कुल 02 लाख 03 हजार जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जो कि बहुत ही सराहनीय है। श्रीमती मिश्रा ने जल संचय, जन भागदारी अभियान 2.0 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा निर्मित किए जा रहे जल संरचना तथा जेएसजेएबी पोर्टल में उनके एंट्री के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने ग्रीष्म ऋतु के दौरान जिले में आम नागरिकों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, किसानों के लिए खाद, बीज की समुचित उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्राहकों को समय पर भुगतान आदि विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- -ट्रैक्टरों से जुताई और सिंचाई पंपों के लिए किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश-ड्रम और जरीकेन में डीजल वितरण पर प्रतिबंध में किसानों को दी गई छूटरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देशानुसार पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम एवं जरीकेन में ईंधन प्रदाय पर प्रतिबंध लगाया गया है।हालांकि किसानों की जरूरतों और खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट प्रदान की गई है, ताकि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्य बाधित न हों।खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल तथा 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। राज्य में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की नियमित आपूर्ति जारी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को आवश्यक समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
- -ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश, प्रदेश में 150 स्थानों पर लगे ईव्ही चार्जिंग स्टेशनरायपुर, / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी समुचित और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और वहां आवश्यक सुधार कार्य तत्काल किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए ताकि हादसों की आशंका खत्म हो सके।बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा कोष, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही पीएम राहत योजना और पीएम ई-ड्राईव योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने सर्वाेच्च न्यायालय की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू से संबंधित एसओपी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।मुख्य सचिव ने पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना में तेजी लाने को कहा। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्धारित स्थलों पर तत्काल ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों पर पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी भी दी जाती है।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार मिलना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों का अस्पताल में कैशलेस उपचार किया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया गया है। मुख्य सचिव ने इस योजना के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने को कहा।बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त श्री एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -1 जून से कलेक्टर्स देंगे प्रतिदिन रिपोर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों और बड़े जलाशयों पर रखी जाएगी चौबीसों घंटे नजररायपुर / आगामी मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। राहत शिविरों के प्रबंधन से लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी आवश्यक पहलुओं पर व्यापक रणनीति तैयार की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।- मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्षों को मानसून 2026 के मद्देनजर सुरक्षा और राहत व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टर्स को आगामी 1 जून से प्रतिदिन वर्षा की स्थिति और उससे होने वाली संभावित क्षति की जानकारी अनिवार्य रूप से शासन को भेजनी होगी। प्रत्येक जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।- बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में जून माह में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। आपदा के समय त्वरित सहायता और समन्वय के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) क्रियाशील कर दिया गया है। महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र (स्टेट कंट्रोल रूम) राज्य स्तर पर दूरभाष क्रमांक 0771-2223471, 0771-2221242 ओर फैक्स क्रमांक 0771-2223472 इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके हैं। बैठक में मुख्य सचिव ने बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में जनहानि को शून्य रखने के लिए विभागों को उनकी जिम्मेदारी दी है।-पहुंचविहीन और संवेदनशील क्षेत्रों में राशन, नमक, केरोसिन और जीवन रक्षक दवाओं का अग्रिम भंडारण अभी से सुनिश्चित किया जाए। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए विशेष चिकित्सा दलों का गठन किया जाए। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।-हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले निचले इलाकों की पहचान कर वहां चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। बाढ़ से बचाव के उपकरणों और मोटरबोट्स की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। नगर सेना और नागरिक सुरक्षा अमले को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। बड़े बांधों का जलस्तर बढ़ने पर जल निकासी (पानी छोड़ने) से कम से कम 12 घंटे पहले निचले जिलों और सीमावर्ती राज्यों को अलर्ट जारी करना अनिवार्य होगा।- प्रदेश के जर्जर व कमजोर हो चुके पुल-पुलियों, रपटों और सरकारी इमारतों की पहचान कर तत्काल मरम्मत कराई जाए। दुर्घटनाजन्य स्थलों पर बैरियर और सूचना पटल लगाए जाएं। बाढ़ प्रभावितों के मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में वन विभाग नजदीकी डिपो में बांस-बल्ली का पर्याप्त भंडारण रखे।नगरीय निकायों को मानसून के दौरान शहरों की सभी छोटी-बड़ी नालियों की निरंतर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलभराव की स्थिति न बने।- मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनियों को समय पर जिला कंट्रोल रूम और आम जनता तक पहुँचाया जाए। किसानों को मोबाइल ऐप्स के माध्यम से मौसम का पूर्वानुमान भेजा जाए।बाढ़ से फसलों को होने वाले नुकसान का सर्वे राजस्व, कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से करेंगे और त्वरित रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।-मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में स्थित जर्जर और खतरनाक भवनों की लगातार निगरानी करने तथा वहां रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। नागरिकों की सुरक्षा के लिए विभिन्न आपदा प्रबंधन और मौसम पूर्वानुमान मोबाइल ऐप्स का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा सहित गृह, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, खाद्य, जनसम्पर्क, रेलवे, दूरदर्शन, रेडक्रॉस सोसाइटी और भारत संचार निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।























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