कत्था दूर करेगा फंगल इंफेक्शन की समस्या
बारिश का मौसम शुरू होते ही काफी सारे लोग खुजली, इंफेक्शन, दाने और रैशेज जैसी समस्याओं से परेशान होने लगते हैं। ढेर सारा पसीना और बदबू के साथ होने वाली इन दिक्कतों के लिए कितनी भी दवा लगा ली जाए ये दोबारा वापस आ जाते हैं। ऐसे में बार-बार डॉक्टर के चक्कर लगाने से अच्छा है कि ये 3 काम रोजाना करना शुरू कर दें। जो आपको खुजली, फंगल इंफेक्शन और रैशेज जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करेगी। आयुर्वेदिक डॉक्टर मनीषा मिश्रा ने बारिश के मौसम में होने वाली 3 समस्याओं के लिए 3 समाधान बताया है। जिसे हर किसी को जरूर याद रखना चाहिए। और, मॉनसून शुरू होने के साथ इसे फॉलो करेंगे तो इन सब दिक्कतों से बचे रहेंगे। जान लें ये 3 मॉनसून स्किन हैक….
कत्था दूर करेगा फंगल इंफेक्शन की समस्या
बारिश का मौसम शुरू होते ही बार-बार फंगल इंफेक्शन शरीर में हो जाता है तो इसका आयुर्वेदिक सॉल्यूशन है कत्था, जिसे खदेर भी कहते हैं। कत्था इंफ्यूस्ड वाटर आपको बार-बार होने वाले फंगल इंफेक्शन से बचाने में मदद कर सकता है। बस कत्था पाउडर एक चम्मच लें और इसे बाल्टी में घोल लें। नहाने के बाद सबसे आखिर में इस कत्था घुले पानी को पूरे शरीर पर डालें। इसके बाद सादा पानी डालने की जरूरत नहीं है। कत्था को आयुर्वेद में स्किन के फंगल इंफेक्शन में राहत पहुंचाने वाला माना जाता है। बार-बार फंगल इंफेक्शन हो जाता है तो इस आयुर्वेदिक रेमेडी को ट्राई करें।
तुलसी नीम का पाउडर
शरीर के जिन एरिया पर बार-बार पसीना होता है और वो गीले रहते हैं तो वहां रैशेज और इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। तो इन गीली जगह को सबसे पहले सुखा लें। फिर इन जगहों पर तुलसी और नीम के पाउडर को लगाएं। तुलसी और नीम दोनों ही एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल माने जाते हैं। इनका पाउडर डायरेक्ट स्किन पर लगाने से स्किन को सूखा रखता है, पसीना से बचाता है और साथ ही इंफेक्शन और रैशेज से बचाव होता है।
नारियल कपूर का तेल
जिन लोगों को गर्मी और बारिश के दिनों में बार-बार खुजली हो जाती है और वहां पर रैशेज हो जाते हैं, उन्हें नारियल के तेले में थोड़ी सी भीमसेनी कपूर को पाउडर बनाकर डाल देना चाहिए। ये कपूर इंफ्यूस्ड कोकोनट ऑयल शरीर की खुजली और रैशेज का रामबाण उपाय है। जिन जगहों पर खुजली हो रही हो वहां पर इस नारियल के तेल को लगाएं, स्किन को राहत और ठंडक मिलेगी।









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