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- -’सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राही से किया संवाद’रायपुर । प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती अनीता निषाद से संवाद किया। आवास श्रीमती निषाद की सास श्रीमती सुकलहीन निषाद के नाम से स्वीकृत हुआ है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश और मौसम की मार के कारण घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें कुछ समय तक आंगनबाड़ी केंद्र में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। उन्होंने कहा कि अब बारिश और अन्य मौसम की चिंता नहीं रहती तथा बच्चों के लिए भी बेहतर वातावरण मिला है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नया जीवन और नई उम्मीद दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है ताकि कोई भी परिवार असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर न हो।
- -आमजनों के हितों के लिए सरकार प्रतिबद्ध : अरुण सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव आज बेरला विकासखण्ड के आनंदगांव में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जन समस्या निवारण शिविर में कहा कि लोगों को अपने जायज कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, यह प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशीलता एवं सुशासन सरकार की कार्यशैली का प्रमुख आधार है तथा आमजनों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने राजस्व, पेयजल, सड़क, बिजली तथा विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि हर आवेदन को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण किया जाए।शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश में चौमुखी विकास हो रहा है। सरकार द्वारा जनता के हित में लगातार बड़े निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू ने कहा कि सरकार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने और उनका निराकरण करने का कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत नोनी सुरक्षा योजना के तहत 5 बालिकाओं को पंजीयन पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा 8 गर्भवती माताओं की गोदभराई तथा 5 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत 3 हितग्राहियों को सुपोषण किट वितरित की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास पूर्ण होने पर 5 हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने हाई स्कूल उपकेंद्र परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दौर में पौधारोपण अत्यंत आवश्यक है तथा यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए बीज पुंसवन अभियान का शुभारंभ किया। इस विशेष बीज पुंसवन को मिट्टी, गोबर एवं गोमूत्र के मिश्रण से तैयार किया गया है, जिसके भीतर बीज रखा गया है। बरसात के मौसम में इसे लगाने पर पौधा अंकुरित होगा। इस पहल से व्यापक स्तर पर पौधारोपण को बढ़ावा मिलेगा।बेमेतरा की कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई, एसएसपी श्री रामकृष्ण साहू, छत्तीसगढ़ विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक और जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान गोश्वारा क्षेत्र में विभिन्न विभागों के अंतर्गत कुल 18 करोड़ 65 लाख 07 हजार रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अंतर्गत 46.22 लाख रुपए की लागत से निर्मित 3 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत 12 करोड़ 87 लाख 80 हजार रुपए की लागत से निर्मित एक कार्य का लोकार्पण किया गया।इसी प्रकार जनपद पंचायत बेरला अंतर्गत 4 करोड़ 53 लाख 54 हजार रुपए की लागत से 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 77.51 लाख रुपए की लागत से 4 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस प्रकार कुल 7 कार्यों का भूमिपूजन एवं 5 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में पेयजल, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं विधायक श्री दीपेश साहू की मांग पर विभिन्न विकास कार्यों हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जामगांव एवं लावातरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपए स्वीकृत किए। इसके अतिरिक्त ग्राम चेट में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपए, बारगांव में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपए, बारगांव में मुक्तिधाम निर्माण हेतु 6.25 लाख रुपए, सुरहोली में व्यवसायिक परिसर निर्माण हेतु 4.95 लाख रुपए तथा जमघट में सीसी रोड निर्माण हेतु 5 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। इनके साथ ही उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकाय भिंभौरी, बेरला एवं कुसमी में विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। इन घोषणाओं से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी तथा ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसुविधाओं का विस्तार होगा।
- -खड़ौदाकला के सुशासन तिहार में नागरिकों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा-शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुन मौके पर किया निराकरण-जनसमस्या निवारण शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका दस्तावेजों का निःशुल्क वितरणरायपुर । हम सभी जनता के सेवक हैं और जनता के कार्य करना हम सबकी जिम्मेदारी है। किसानों और ग्रामीणों के छोटे-छोटे कार्यों को संवेदनशीलता के साथ समय पर पूरा किया जाना चाहिए। राजस्व से जुड़े मामलों को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए और निर्विवाद प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उक्त वक्तव्य उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम खड़ौदाकला में आयोजित सुशासन तिहार में दिए।उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं, आवेदन प्राप्त किए तथा अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का संवेदनशीलता और तय समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना हमारा परम धर्म है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का उद्देश्य हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम सचिवों को निर्देशित किया कि पंचायतों में इसकी मुनादी कराई जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिल सके और वे इसका लाभ उठा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख परिवारों को आवासों की स्वीकृति दी गई थी। उन्होंने बताया कि आज के शिविर में शामिल 26 ग्राम पंचायतों के 4 हजार से अधिक हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली है। उन्होंने आवास निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3 डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है। दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों के गांवों तक सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले के बैगा समुदाय तक अब सड़क संपर्क पहुंच चुका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा-बैजलपुर-राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में शामिल हुए और शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष दिया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम में कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू, श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री नंद श्रीवास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा मनीराम साहू ,जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित विभागों के अधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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*प्रीलिम्स की परीक्षा में पहली बार होगा अभ्यर्थियों का फेस ऑथेंटिकेशन*
*परीक्षा के आधे घंटे पहले बंद हो जाएगा मुख्य गेट**जिले के 22 परीक्षा केंद्रों में शामिल होंगे 8449 परीक्षार्थी*रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारियों को लेकर रेडक्रॉस सभाकक्ष में बैठक हुई ,साथ ही पर्यवेक्षक तथा केंद्राध्यक्षों को प्रशिक्षण दिया गया। बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में आईएएस श्री महादेव कावरे, आईएएस श्री रितेश अग्रवाल एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि परीक्षा में पहली बार अभ्यर्थियों को फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा प्रवेश दिया जाएगा। आब्जर्वर श्री कावरे ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी परीक्षा है, इसमें किसी प्रकार की गलती नहीं होनी चाहिए। अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केन्द्र पहुंच जाएं ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।ऑब्जर्वर श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि सभी पर्यवेक्षक परीक्षा से पूर्व अपने केन्द्र में जाकर सभी आवश्यक सुविधाओं का परीक्षण करें एवं सुविधाओं के न होने पर उसकी पूर्ति सुनिश्चित करें।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि परीक्षा केन्द्रों में सारी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें साथ ही यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा के दौरान लॉ एंड ऑर्डर का ध्यान रखें। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में कम से कम पांच पुलिसकर्मियों की उपस्थिति हो। प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर द्वारा फ्रिस्किंग की व्यवस्था हो। कलेक्टर ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है की आप सभी 9 बजे से पहले आकर अपना स्थान ग्रहण करें, उन्होंने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनायें दी।बैठक में बताया गया कि यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में अभ्यर्थी केवल काले कलर की बॉल पाइंट पेन का उपयोग कर सकते हैं। किसी भी अन्य कलर की पेन अथवा काले कलर की जेल पेन का उपयोग सर्वथा वर्जित हैं। परीक्षा की पहली पाली में सुबह 9 बजे एवं दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे परीक्षा केंद्र की एंट्री बंद हो जाएगी, जिसके बाद किसी भी स्थिति में अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी यह सुनिश्चित कर ले कि दोनों पालियों में परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले केंद्र पहुंच जाएं।कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा केंद्र के 500 मीटर की परीधि में कोई भी ध्वनि प्रदूषण न करें एवं किसी भी तरीके से परीक्षा के आयोजन को बाधित करने की कोशिश न करें अन्यथा उनपर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में निर्देश दिए गए कि परीक्षा हॉल में अभ्यर्थी केवल पारदर्शी पानी बॉटल लाए, उस पर किसी भी प्रकार का स्टीकर नहीं होना चाहिए। परीक्षा हॉल में डिजिटल वॉच, मोबाइल फोन, आईटी गैजेट्स, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, किसी भी प्रकार संचार उपकरण अथवा बैग या पर्स ले जाने की अनुमति नहीं है, इस पर विशेष ध्यान दें। किसी भी प्रकार की अवांछनीय स्थिति से बचने के लिए अभ्यर्थी पेपर-1 और पेपर-2 के बीच परीक्षा केंद्र के आसपास ही रहें। परीक्षा के दौरान एक समय में दो लोगों को वाशरूम जाने की अनुमति नहीं होगी तथा अंतिम 30 मिनट के दौरान किसी भी परीक्षार्थी को वाशरूम जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश के समय ई-एडमिट कार्ड एवं वही फोटोयुक्त पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा, जो उनके परीक्षा फॉर्म में दर्ज है, मोबाइल पर ई-एडमिट कार्ड की तस्वीर दिखाने से परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी। परीक्षा केंद्र में केवल काले कलर की बॉल पाइंट पेन, पेंसिल, ई-एडमिट कार्ड, पारदर्शी वॉटर बॉटल, स्वयं की पासपोर्ट साइज तस्वीर, आईडी प्रूफ एवं एडमिट कार्ड में उल्लेखित वस्तुएं ही ले जा सकते हैं।कलेक्टर डॉ. सिंह ने पर्यवेक्षकों तथा केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया कि यूपीएससी की परीक्षा संबंधित दिशा-निर्देशों का सभी को अनिवार्य रूप से पालन करना है। किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी परीक्षा केंद्रों में आवश्यक सामग्री समय से पहुंची है या नहीं, इसकी जांच कर लें। परीक्षा के एक दिवस पहले सभी केंद्रों में जैमर लगवाना सुनिश्चित करें, प्रत्येक कक्ष में दो विक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। साथ ही सहायक केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति समय पर कर ली जाए। टेक्स्ट बुकलेट के वितरण और संग्रहण से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें और उनका पालन करें। मोबाइल एप पर जानकारी भरते समय सतर्क रहें, और निरीक्षण के दौरान निरीक्षक अपने मोबाइल केंद्राध्यक्ष के पास जमा कराएं। यूपीएससी द्वारा पर्यवेक्षकों के लिए संवेदनशील मटेरियल को संभालने के लिए विशेष पीपीटी जारी की गई है, इसका अध्ययन अवश्य करें। डॉ. सिंह ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए कि परीक्षा से संबंधित जरूरी घोषणाएं पब्लिक एनाउंस्मेंट सिस्टम के माध्यम से लगातार अभ्यर्थियों एवं उनके पालकों तक पहुंचाते रहे ताकि किसी भी प्रकार का कोई भ्रम उत्पन्न न हो।उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर इस परीक्षा का सफल एवं निष्पक्ष आयोजन सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी संदेह की कोई संभावना न रहे। सभी 22 केंद्रों की सूची के साथ रिपोर्टिंग समय पर करें, और व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए ड्यूटी के अलावा पुलिस की अन्य गाड़ियां नियमित रूप से पेट्रोलिंग करते रहे ताकि कोई अवांछनीय स्थिति निर्मित न हो।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किण्डो, जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल , UPSC नई दिल्ली से आये आब्जर्वर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर/ तिल्दा विकासखंड ग्राम पंचायत गैतरा की निवासी श्रीमती रुखमणि बाई यादव का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। पति स्वर्गीय नेतराम यादव के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी ने उनके सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी थी। ऐसे कठिन समय में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना उनके लिए सहारा बनकर सामने आई।
योजना के तहत मिलने वाली नियमित पेंशन राशि ने उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। अब वे अपना खर्च स्वयं वहन कर पा रही हैं एवं दूसरों पर निर्भर रहने की मजबूरी से मुक्त हुई हैं।श्रीमती यादव ने बताया कि शासन की इस योजना ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। पेंशन की सहायता से उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला है। -
महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों सहित पूर्व अधिष्ठाताओं एवं पूर्व छात्रों का किया गया सम्मान
वार्षिकोत्सव और छात्र संघ शपथ ग्रहण भी आयोजितआकर्षक एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समांरायपुर। कृषि महाविद्यालय रायपुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक तथा अविस्मरणीय रहा जब यहां इतिहास, वर्तमान एवं भविष्य का संगम देखने को मिला। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिवार की तीन पीढ़ियां एकत्र हुई जिनमें कृषि महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता एवं प्राध्यापक, वर्तमान कुलपति, कुलसचिव एवं प्राध्यापकगण और वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थी सम्मिलित थे। इस अवसर पर महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह, छात्र संघ शपथ ग्रहण, पूर्व अधिष्ठाता सम्मान तथा पूर्व छात्र सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया जिसके तहत महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के खास मुकाम हासिल करने वाले भूतपूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय के सात पूर्व अधिष्ठाताओं और इसी महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति, कुलसचिव तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का भी सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के पश्चात आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह में कृषि महाविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक रंगा-रंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शक-दीर्घा का मन मोह लिया।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषक सभागार में आज दोपहर आयोजित स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल थे। डाॅ. चंदेल ने इस अवसर पर नवगठित छात्र संघ के पदाधिकारियों को पद सन्निष्ठा एवं अनुशासन की शपथ दिलाई। एम.एससी. कृषि सांख्यिकी विभाग की छात्रा पुण्य श्री ने अध्यक्ष तथा बी.एससी. चतुर्थ वर्ष की छात्रा अनुष्का चैरसिया ने उपाध्यक्ष पद की शपथ ली। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय, रायपुर विश्वविद्यालय से भी पुराना एवं ऐतिहासिक संस्थान है, जिसने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश को अनेक उत्कृष्ट कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशासक दिए हैं। समारोह में महाविद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. आरती गुहे ने महाविद्यालय के 66 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा, उपलब्धियों एवं स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कृषि नेतृत्व गढ़ने वाली एक सशक्त परंपरा है।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रथम बैच के पूर्व विद्यार्थियों एवं सेवानिवृत्त प्राध्यापकों डॉ. एम.आर.एच. सिद्धीकी, डॉ. आर.के. साहू एवं डॉ. वी.एन. साहू को सम्मानित किया गया। साथ ही पूर्व अधिष्ठाताओं डॉ. एस.एस. बघेल, डॉ. एम.एन. श्रीवास्तव, डॉ. ओ.पी. कश्यप, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. एम.पी. ठाकुर, डॉ. के.एल. नंदेहा एवं डॉ. जी.के. दास को उनके शैक्षणिक एवं अनुसंधान योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले पूर्व छात्रों का सम्मान भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। सम्मानित पूर्व छात्रों में श्री अनिल कुशवाहा (सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक), श्रीमती गोपिका गबेल (संयुक्त संचालक कृषि एवं महाविद्यालय की प्रथम महिला छात्रा), श्री के.आर. बढ़ई (मुख्य वन संरक्षक), श्री मनमोहन सिंह (उद्यमी), श्री हर्ष चंद्राकर (प्रगतिशील कृषक), श्री आर.के. कश्यप (संयुक्त संचालक कृषि) एवं श्री यशवंत केराम (कुलसचिव, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग) शामिल थे। महाविद्यालय पूर्व छात्र श्री अनिल कुशवाहा एवं श्री के.आर. बढ़ई ने अपने प्रेरक अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समर्पण एवं निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव डाॅ. कपिल देव दीपक, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय शर्मा, संचालक अनुसंधान डाॅ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डाॅ. एस.एस. टूटेजा भी इसी महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र रहे हैं अतः इस अवसर पर उनको भी सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि कृषि महाविद्यालय रायपुर की स्थापना 22 मई 1961 को हुई थी। शुरूआत में यह महाविद्यालय कवर्धा बाड़ा बैरन बाजार में लगता था। वर्तमान भवन में यह महाविद्यालय वर्ष 1964 से संचालित किया जा रहा है। प्रारंभिक दौर में यह महाविद्यालय डाॅ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के अंतर्गत संचालित था जो वर्ष 1964 में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और उसके पश्चात 20 जनवरी 1987 से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत संचालित हो रहा है। -
*2 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 20-20 हजार का चेक वितरण*
*हिर्री शिविर में 259 आवेदनों का मौके पर ही समाधान*बिलासपुर/जिले के बिल्हा विकासखण्ड के हिर्री में आयोजित सुशासन शिविर में मुख्य अतिथि बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कार्ड, चेक, सामग्री आदि का वितरण कर लाभान्वित किया गया। उन्होंने अलग-अलग विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर उपस्थित नागरिकों से चर्चा की और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ लेने की अपील की। शिविर में मांग एवं समस्याओं से संबंधित कुल 558 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 259 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया।मुख्य अतिथि बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू हुए सुशासन तिहार का आमजनों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। शहर से लेकर दूरस्थ अंचलों तक सभी की समस्याओं का त्वरित रूप से समाधान किया जा रहा है। निश्चित तौर पर ग्रामीणों ने योजनाओं के बारे में जाना है और उनका लाभ लेने आगे आ रहे है। इन शिविरों में जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों का सहयोग भी सराहनीय है। तेज गर्मी में भी लोग शिविरों तक पहंुच रहे है जो इस बात का प्रमाण कि वे कितने जागरूक है। शिविर में अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही हो रहा है। हमारा कर्तव्य है कि योजनाओं का लाभ जन-जन को मिले। हिर्री शिविर में आज 3 हितग्राहियों को केसीसी ऋण वितरण, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत कु. चांदनी और पूजा साहू को 20-20 की राशि का चेक वितरण, 2 हितग्राहियों को श्रम कार्ड का वितरण, 7 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनांतर्गत स्वीकृति आदेश, 18 कृषक हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण, 4 शिशुओं का अन्नप्राशन एवं 1 महिला का गोदभराई रस्म संपन्न कराया गया। 10 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं 15 हितग्राहियों को राशनकार्ड वितरण किया गया।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता राजेंद्र शुक्ला, बिल्हा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेंडरे, जनपद सदस्यगण, एसडीएम श्रीमती आकांक्षा त्रिपाठी, सीईओ श्री कुमार लहरे, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। -
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल ’’सुशासन तिहार 2026’’ के अंतर्गत जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने हेतु आज दिनांक 22 मई 2026, शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 37 शीतला मंदिर डोम शेड में ’’जन समस्या निवारण शिविर’’ का आयोजन किया गया है। जिसमें नागरिकों द्वारा मांग 498 शिकायत 123 इस प्रकार कुल 621 आवेदन जमा किया गया है।
इस शिविर में वार्ड क्रमांक 30 प्रगति नगर, 31 मदर टेरेसा नगर, 32 बैकुण्ठधाम सुन्दर नगर, 33 संतोषी पारा केम्प-2, 34 वीर शिवाजी नगर, 35 शारदा पारा, 36 श्याम नगर, 32 संत रविदास नगर, 52 सेक्टर-3, 53 सेक्टर-1 उत्तर, 54 सेक्टर-1 दक्षिण, 55 सेक्टर-2 पूर्व एवं 56 सेक्टर-2 पश्चिम के नागरिक शामिल होकर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने आवेदन भी जमा किये हैं । शिविर में राष्ट्रीय आयुष मिशन, मेडिकल स्वास्थ्य विभाग, एम.एम.यू. चलित स्वास्थ्य शिविर, महिला एवं बाल विकास विभाग, उज्ज्वला योजना, पशुधन विभाग, राशन कार्ड, पेयजल एवं जल कार्य, लोक कर्म विभाग, नामांतरण एवं लीज डीड फ्री-होल्डए राष्ट्रीय पेंशन योजना, जन स्वास्थ्य विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, समाज कल्याण विभाग, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, श्रम विभाग, ई-श्रमिक कार्ड, पुलिस सहायता केन्द्र तथा जन मित्र योजना सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। सुशासन शिविर में नागरिक अपनी समस्या को लेकर संबंधित काउंटर पर जाकर आवेदन भरकर जमा किये है, जिसका जल्द निराकरण किया - रायपुर /पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों पर 22 मई 2026 की स्थिति में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।राज्य को प्रतिदिन आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी।हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
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-छत्तीसगढ़ ने विकास की दिशा में रचा नया कीर्तिमान
-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई, कहा - आकांक्षी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
-सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन, अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही में हासिल की बड़ी उपलब्धि
रायपुर / नीति आयोग के मार्गदर्शन में संचालित “चैंपियंस ऑफ चेंज" कार्यक्रम के अंतर्गत बीजापुर जिले के उसूर विकासखण्ड ने अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही में सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनकेंद्रित विकास सोच, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।यह सफलता केवल बीजापुर जिले तक सीमित नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करती है। विशेष रूप से आकांक्षी और दूरस्थ क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच, सेवा प्रदायगी में सुधार तथा विकास संकेतकों में सकारात्मक परिवर्तन को इस उपलब्धि ने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है।उल्लेखनीय है कि नीति आयोग द्वारा संचालित “Champions of Change” कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर विकासखण्डों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। उसूर विकासखण्ड ने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर परिणामों तथा विभागीय समन्वय के आधार पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है।इस उपलब्धि के पीछे बीजापुर जिले द्वारा अपनाया गया “3C मॉडल” — Convergence (अभिसरण), Collaboration (सहयोग) एवं Competition (प्रतिस्पर्धा) महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है। इस मॉडल के माध्यम से योजनाओं के अभिसरण, जनभागीदारी, विभागीय तालमेल तथा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित कर परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित की गई।Convergence (अभिसरण) के अंतर्गत स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शिक्षा, कृषि सहित अन्य विभागों की योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया गया। Collaboration (सहयोग) के माध्यम से मैदानी अमले, जनप्रतिनिधियों तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, वहीं Competition (प्रतिस्पर्धा) के जरिए विकासखण्ड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया गया।"नीति आयोग के ' चैंपियंस ऑफ चेंज' कार्यक्रम में बीजापुर के उसूर विकासखण्ड का राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और विश्वास का क्षण है।यह उपलब्धि बताती है कि हमारा छत्तीसगढ़ अब आकांक्षी क्षेत्रों में भी विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहा है। कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले दूरस्थ अंचल आज स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आधारभूत सुविधाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। \यह सफलता हमारी जनकेंद्रित विकास सोच, विभागीय समन्वय, सतत मॉनिटरिंग और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय - -जनजातीय विकास में एआई और नई तकनीकों की भूमिका पर हुआ मंथन-जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत राज्य स्तरीय ऑनलाइन संगोष्ठी संपन्नरायपुर /जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 अंतर्गत आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा शुक्रवार को राज्य स्तरीय एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी की गरिमामयी उपस्थिति रही। आदिम जाति विकास विभाग के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं प्रौद्योगिकी के प्रयोग से पारदर्शिता, समय की बचत एवं घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान संभव हुआ है। छत्तीसगढ़ जनजाति संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में बड़े पैमाने पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक के प्रयोग में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि एआई का प्रयोग पारंपरिक ज्ञान को संजोने, रिमोट एरिया में स्वास्थ्य सुधार, लघु वनोपजों एवं कृषि मंडियों के डिजिटलीकरण, स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, कौशल विकास, सरकारी योजनाओं की अधिक सुगमता से जानकारी एवं लाभ इत्यादि में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनजातीय विकास में एआई का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। परन्तु एआई मनुष्य की संवेदनशील मानसिकता की प्रतिकृती नहीं कर सकती है। अतः आवश्यकता एवं उपयोगिता के आधार पर जनजातीय क्षेत्र में एआई का प्रयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सबसे दूर, सबसे पहले के ध्येय वाक्य को सार्थक करना है। संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी ने कांकेर जेल मे बंद नक्सल आदिवासियों पर किए जा रहे उनके कौशल विकास के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनमें से 08 कैदियों द्वारा वंदे मातरम पर किए गए कार्य को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया है। उन्होंने सरकार को इनकी प्रतिभा पर ध्यान देने का आग्रह किया और कहा कि यदि ईमानदारी के साथ कार्य किया जाए तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से जनजातीय विकास के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है। टीआरटीआई के संचालक श्रीमती हीना अनिमेष नेताम ने कार्यशाला के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर अपर संचालक श्री संजय गौढ़, संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम मौजूद रही। वहीं वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास तथा परियोजना प्रशासक जुड़े थे।एनआईसी डायरेक्टर के श्री सत्येश शर्मा ने संगोष्ठी में बताया कि यूज ऑफ टेक्नेलॉजी और सर्विस डिलवरी देना दोनों अलग-अलग तथ्य है और चुनौती भी है। उन्होंने बताया कि टेक्नेलॉजी के क्ष़्ोत्र में गुणवत्तायुक्त डाटा संग्रहण प्रमुख पहलु है। उन्होंने डेटा का वेरिफिकेशन करने के साथ-साथ डेटा की कमी को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डेटा का सलेक्शन सही नहीं होने पर सर्विस डिलवरी में भी समस्या आएगी। उन्होंने बताया कि अगर डेटा का इनपुट सही नहीं होने से परिणाम बायस्ड् आती हैं। उन्होंने कहा कि यदि एआई मशीन में आएगा तो सारा डिसीजन मशीन ही लेने लगेगा और हमें रिप्लेस करने की कोशिश करना होगा।आईआईएम के श्री अमित कुमार जनजातीय उद्यमिता एवं र्स्टाटअप में एआई का उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने एआई के प्रयोग में स्थानीय लेग्वेंज को सबसे बढ़ी बाधा बताया। उन्होंने वास्तविक परिणाम के लिए बोली-भाषा के ज्ञान पर बल दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों में टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक तथा अनेक स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपलब्धता हेतु शासकीय स्तर पर भी अभियान चलाने के सुझाव दिए। समर्थन संस्था से श्री देवीदास निम्जे ने कहा कि यदि हम स्थानीय स्तर पर एक गांव की बात करें तो किसान को खेती के संबंध में सब कुछ पता होता है, किन्तु नई तकनीकी की जानकारी के अभाव में गांव के दो-तीन लोगों पर ही केन्द्रित होना पड़ता है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक करते हुए नेटवर्क बढ़ने पर बल दिया।एनआईटी के डॉ. राकेश त्रिपाठी ने संगोष्ठी में एआई से स्थानीय ज्ञान को बढ़ाने, ज्ञान सैद्धान्तिक इस्तेमाल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा ज्ञान को सुदृढ़ कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एआई के माध्यम से अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।आईआईआईटी नवा रायपुर के डॉ. रामाकृष्ण ने ड्रॉपआउट और पास पर्सनल, क्वालिटी ऑफ टीचिंग और लर्निंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डेटा मेनटेन करने साथ-साथ आम आदमी तक टेक्नोलॉजी की पहंुच पर जोर दिया। उन्होंने एआई युजर को प्रोटेक्ट करने बायस्ड् इंफॉरमेशन न मिले इस पर भी अपना विचार व्यक्त किया।जनजातीय विशेषज्ञ श्री अश्वनी कांगे ने “जनजातीय नेतृत्व आधारित सतत विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर अपना वक्तव्य दिया गया। श्री कांगे अंदरूनी क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी की पहुंच पर जोर दिया उन्होंने कहा कि जनजातीय पारंपरिक ज्ञान को एक टूल में बाधंना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के हर पहलु जैसे बीजा पण्डुम, कृषि रस्मों-रिवाज में ज्ञान समाहित है, जिस पर वृहद रूप से चर्चा करने की आवश्कता है। संगोष्ठी अंतर्गत विशेषज्ञों के द्वारा मुख्य रूप से गुणवत्तायुक्त डॉटा के संकलन पर जोर दिया। विशेषज्ञों को मानना है कि किसी विषय पर जितना ज्यादा डेटा उपलब्ध होगा, उतनी ही विश्वसनीयता और सहजता के साथ एआई को डाटा विश्लेषण कर सही प्रमाण देने में ज्यादा सक्षम होगा।साथ ही एआई की मदद से जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास तथा स्वास्थ्यगत समस्याओं के निवारण में बेहतर कार्य होगा। क्योंकि अंतिम छोर में माने जाने वाले जनजातीय समुदाय से विकास की गति को प्रारंभ करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में उनके ज्ञान को मूल रूप में सहेजते हुए उनकेे विचारों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि उनके सामाजिक मूल्यों और आधुनिक तकनीकों में सामंजस्य बना रहे। संगोष्ठी में शामिल अन्य विषय-विशेषज्ञों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
- -सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राही से किया संवादरायपुर /प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।सुशासन तिहार के अंतर्गत शुक्रवार को बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती अनीता निषाद से संवाद किया। आवास श्रीमती निषाद की सास श्रीमती सुकलहीन निषाद के नाम से स्वीकृत हुआ है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश और मौसम की मार के कारण घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें कुछ समय तक आंगनबाड़ी केंद्र में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। उन्होंने कहा कि अब बारिश और अन्य मौसम की चिंता नहीं रहती तथा बच्चों के लिए भी बेहतर वातावरण मिला है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नया जीवन और नई उम्मीद दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है ताकि कोई भी परिवार असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर न हो।
- -कमरौद में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद, योजनाओं की जमीनी स्थिति का लिया फीडबैकरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा स्थित ग्राम कमरौद पहुंचकर विशाल बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।बरगद के पेड़ की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों को राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे अब तक प्रदेश के 16 जिलों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद कर चुके हैं।मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना की जानकारी ली, जिस पर महिलाओं ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से राशि मिल रही है। ग्राम की श्रीमती देव कुमारी साहू ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली राशि अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचा रही हैं।चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने पांचवीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू से मुस्कुराते हुए पूछा—“सेल्फी लेंगे क्या?” जिसके बाद छात्र ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली।यह आत्मीय क्षण चौपाल का विशेष आकर्षण बना।मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा पंचायत स्तर पर संचालित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 10 लाख आवासों का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अब तक लगभग 6000 अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही ऑनलाइन शिकायत समाधान व्यवस्था शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए टोल फ्री नंबर भी प्रारंभ किया जाएगा।किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर बैराज तथा सिकासेर से कोडार परियोजना महासमुंद जिले के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि जिले में सिंचाई क्षमता विस्तार के लिए सिकासेर बांध (गरियाबंद) से शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय कोडार तक पानी पहुंचाने की लगभग 3200 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर जनता की बात सुन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शी और जनहित में कार्य करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और अन्य योजनाओं से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में जहां पहले हिंसा का माहौल था, वहां अब खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं।चौपाल के दौरान ग्राम की श्रीमती लता साहिस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना तथा गैस सिलेंडर का लाभ मिला है। वहीं श्रीमती मधु साहू ने मछली पालन से जुड़ाव और गर्मी के दौरान पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने सोलर आधारित बोर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिहान योजना से जुड़ी परी साहू ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अब फैंसी एवं किराना दुकान संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद वे “लखपति दीदी” कहलाने लगी हैं। ग्रामीण श्री मोहन कुलदीप ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का अनुभव साझा करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें एक लाख आठ हजार रुपये की सब्सिडी मिली और पहले जहां उनका बिजली बिल लगभग 3500 रुपये आता था, अब शून्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।दिव्यांग हितग्राहियों के चेहरे पर खिली मुस्कानचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीन दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। भारती मारकण्डेय को व्हीलचेयर तथा रवि कुमार पटेल और यादराम साहू को ट्रायसिकल प्रदान की गई। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन और आवागमन में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को सहज, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा अधिकारियों को जरूरतमंद हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की घोषणा की, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कमरौद से चरोदा तक लगभग चार किलोमीटर सड़क निर्माण तथा ग्राम में मुक्ति धाम निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया और ग्रामीणों ने उनका आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-5 अंतर्गत शहीद उद्यान सहित वृक्षारोपण स्थल का गहन निरीक्षण किये। अधिकारियों को उद्यान में आवश्यक सुधार कराने निर्देशित किये है।
निगम आयुक्त ने शहीद उद्यान का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था में सुधार लाने कहा गया है, जिससे आने वाले नागरिको एवं बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही आवश्यक संधारण भी समय पर कराने निर्देशित किये हैं। शहिद उद्यान के अन्य व्यवस्थाओं को बारीकी से निरीक्षण किया गया यथाशीघ्र व्यवस्था सुधार हेतु निर्देशित किए हैं। जोन कार्यालय समीपस्थ रिक्त स्थल का अवलोकन किये और आगामी बरसात में हरियाली को दृष्टिगत करते हुए सघन वृक्षारोपण कराने कहा गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं वायु प्रदुषण में सुधार लाया जा सके। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अजय गौर, सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, उप अभियंता शंकर सुमन मरकाम, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, स्वच्छता निरीक्षक सूर्यादास उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शहर के सुव्यवस्थित विकास एवं कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जी.आई.एस. (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है। सर्वे के माध्यम से निगम क्षेत्र की सभी संपत्तियों, भवनों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य परिसंपत्तियों का डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा।
निगम प्रशासन द्वारा नियुक्त सर्वे टीम वार्डों में घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित कर रही है। सर्वे के दौरान संपत्ति का माप, उपयोग, निर्माण की स्थिति एवं अन्य आवश्यक जानकारियां संकलित की जा रही हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सर्वे कार्य में सहयोग प्रदान करें तथा सही जानकारी उपलब्ध कराएं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार जी.आई.एस. सर्वे पूर्ण होने के बाद संपत्ति कर निर्धारण में पारदर्शिता आएगी तथा शहर की विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा। निगम प्रशासन ने बताया कि सर्वे कार्य चरणबद्ध तरीके से सभी जोन एवं वार्डों में कराया जा रहा है तथा कार्य पूर्ण होने के बाद निगम की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं डिजिटल बनाया जाएगा। - -औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तार से चर्चा-दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और सुरक्षा ऑडिट अत्यंत आवश्यक- कलेक्टर श्री अभिजीत सिंहदुर्ग / जिले के खतरनाक एवं अति खतरनाक कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कला मंदिर में उद्योगों के अधिकारियों हेतु औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री पीआर भल्ला, औद्योगिक एवं सुरक्षा के उप संचालक श्री मनीष कुंजाम, भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों सहित जिले के विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में कारखानों में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, श्रमिकों की सुरक्षा तथा औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी उद्योग प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और सुरक्षा ऑडिट अत्यंत आवश्यक हैं। विभागीय अपेक्षाओं, उद्योगों को दिए जाने वाले सहयोग तथा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र अलग-अलग फैक्टियों में विभाजित है। संयंत्र परिसर में लौह एवं इस्पात निर्माण की कई उत्पादन इकाइयों के साथ सहायक विभाग भी संचालित हैं। इस दौरान विभिन्न उद्योगों से पहुंचे अधिकारियों ने अपने-अपने संस्थानों में किए जा रहे कार्यों, औद्योगिक सुरक्षा के लिए अपनाए जा रहे उपायों तथा सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए। साथ ही औद्योगिक सुरक्षा को लेकर किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और पहलों की जानकारी भी दी। कार्यशाला में एजेंडावार विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा उन्हें प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने पर जोर दिया गया।
- - दो हितग्राहियों के खाते में राष्ट्रीय परिवार सहायता की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित, 05 हितग्राहियों को मिला प्रधानमंत्री आवास की चॉबीदुर्ग / सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन आज जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलौदी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 501 आवेदन प्राप्त हुए। विभागीय अधिकारियों द्वारा 283 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, शेष आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाएगी।शिविर में नगपुरा, बोरई, खुरसुल, दमोदा, अंजोरा ढा, ढाबा, भेंड़सर, डांडेसरा, पीपरछेड़ी, गनियारी, चिखली, कोटनी, मोहलई एवं बेलौदी के गांवों के ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पहुंचकर आवेदन जमा किए। शिविर में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर उपस्थित हुए। विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि एक ही छत के नीचे सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। शिविर के माध्यम से जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव है, उनका तुरंत निराकरण किया जा रहा है। वहीं जिन आवेदनों के निराकरण में समय लगेगा, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आवेदकों को समय-सीमा की जानकारी देना सुनिश्चित करें।शिविर में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री चंद्राकर ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विधायक श्री चंद्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 05 हितग्राहियों दुखित राम, केशव, गायत्री, लता बाई, पार्वती को आवास की चॉबी सौंपी गई। मनरेगा के तहत 12 हितग्राहियों संध्या पारकर, कविता, किरण, उमा पारकर, चम्पा, सुनीता यादव, बिसेलाल देशमुख, सुरेखा साहू, प्रीति साहू, विमला साहू, जितेन्द्र साहू, उमेश्वरी साहू को जॉबकार्ड प्रदान किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिवार सहायता अंतर्गत 2 हितग्राहियों श्रीमती शीला बाई भारती एवं श्रीमती तुलसी ढीमर के खाते में 20-20 हजार की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, पंचायत सदस्य श्री जितेन्द्र यादव व सुश्री प्रिया साहू, सरपंच श्री होमेश्वर यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, जनपद पंचायत सीईओ श्री रूपेश पाण्डे सहित समस्त विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- दुर्ग। दुर्ग शहर के आर्य नगर क्षेत्र में एक ही परिवार के चार सदस्यों के असामयिक निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त होने पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव पीड़ित परिवार के निवास पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत आर्य नगर पहुंचकर मंत्री श्री यादव ने परिवारजनों से चर्चा की तथा इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक है।मंत्री श्री यादव ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरा समाज एवं शासन-प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल-बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में हितग्राहियों से की आत्मीय बातचीत-सुशासन तिहार के समाधान शिविर में महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभवरायपुर / राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है।सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योजना की हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने।हितग्राही श्रीमती रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति श्री दिलेश्वर पाल मजदूरी कार्य करते हैं और परिवार की आय सीमित है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त होने वाली राशि को वे अपनी दो बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है तथा बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।इसी तरह योजना की एक अन्य हितग्राही श्रीमती धनमता पाल ने भी बताया कि उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उनके पति श्री होरीलाल पाल मजदूरी का कार्य करते हैं। धनमता पाल ने बताया कि वे इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी न हो।उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि ने परिवार को राहत दी है। बच्चों के भविष्य को लेकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बचत की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।
- -सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का किया निरीक्षणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय श्री गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय श्रीमती अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
- -सुशासन तिहार में भावुक पल: मुख्यमंत्री से मिलकर बच्चों और अभिभावकों की आंखों में छलकी खुशी-गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी चिरायु योजना: निःशुल्क उपचार से बच्चों को मिला नया जीवनरायपुर / सुशासन तिहार के दौरान आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम करहीबाजार में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब चिरायु योजना से लाभान्वित बच्चों समीरा जांगड़े और नितिन पटेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें थैंक यू कार्ड भेंट किया। बच्चों और उनके परिजनों ने निःशुल्क उपचार के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद और बच्चों को नई जिंदगी दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए उनके परिवारजनों का भी उत्साहवर्धन किया।उल्लेखनीय है कि विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पंडरिया निवासी 6 वर्षीय नितिन पटेल तथा ग्राम लच्छनपुर निवासी 9 वर्षीय समीरा जांगड़े ने अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उपचार के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए। समीरा के पिता श्री जीवन लाल जांगड़े ने बताया कि इलाज से पहले समीरा अत्यंत कमजोर रहती थी और स्कूल आने-जाने में भी सांस फूलने लगती थी। शिक्षकों की सलाह पर चिरायु टीम से संपर्क किया गया। टीम ने घर पहुंचकर जांच की और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद 14 मई 2025 को रायपुर में सफल ऑपरेशन हुआ।इसी प्रकार नितिन पटेल का उपचार चिरायु योजना के माध्यम से 22 नवंबर 2025 को रायपुर में हुआ।परिजनों ने बताया कि जिस इलाज की कल्पना लाखों रुपये खर्च होने के कारण संभव नहीं लगती थी, वह चिरायु योजना के माध्यम से निःशुल्क और सहज रूप से संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आमजन से सीधे संवाद, योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात और उनके जीवन में आए बदलावों को जानने की पहल शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर । नर्मदा प्रसाद यादव कभी एक प्लास्टिक कंपनी में काम कर पूरे सम्मान के साथ अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। वे अपने परिवार की उम्मीदों का मुख्य आधार थे। लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन, कार्यस्थल पर काम करने के दौरान वे एक भीषण विद्युत दुर्घटना (तगड़ा करंट लगने) का शिकार हो गए। इस हादसे ने न केवल उन्हें गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुँचाई, बल्कि उनके जीवन में पूर्ण विकलांगता की स्थिति उत्पन्न कर दी।नर्मदा जी का चलना-फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इस हादसे के बाद मानो उनके पूरे परिवार पर अंधकार छा गया और अचानक आए इस गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से पूरा परिवार हताश हो गया। अचानक उनके जीवन की रफ्तार थम गई। जब नर्मदा जी और उनका परिवार भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित और असहाय महसूस कर रहा था, तब शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में एक नई सुबह बनकर आईं। शासन का मूल मंत्र ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद करना है, और यही संबल नर्मदा जी को भी मिला। निराशा के दौर से उबरने के लिए नर्मदा प्रसाद ने शासन की योजना के तहत ग्राम पंचायत में ट्राई साइकिल के लिए आवेदन किया। शासन के संवेदनशील प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पूरी तत्परता दिखाई और बिना किसी कागजी देरी के नर्मदा जी को तुरंत एक ट्राई साइकिल प्रदान की। इस ट्राई साइकिल ने नर्मदा जी के जीवन की रुकी हुई रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया। अब उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों या कहीं आने-जाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शासन के इस छोटे से सहयोग ने उनके भीतर खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा जगा दिया है। इसके साथ ही, परिवार को स्थाई आर्थिक मजबूती देने के लिए विभाग द्वारा उनकी विकलांगता पेंशन के आवेदन को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाया गया है। यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि नियमित रूप से आने लगेगी, जिससे उनके घर का खर्च आसानी से चल सकेगा।नर्मदा प्रसाद ने कहा कि ये सिर्फ योजना नहीं, जीवन जीने की नई उम्मीद है। हादसे के बाद मुझे लगा था कि अब मेरी जिंदगी दूसरों के भरोसे ही कटेगी। लेकिन शासन की योजनाओं ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की हिम्मत दी है। ट्राई साइकिल मिलने से मैं अब खुद कहीं भी आ-जा सकता हूँ और पेंशन शुरू होने से मेरे परिवार का आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा। संकट के इस समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं शासन और प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ।
- -उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा का औचक निरीक्षण-व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश, छात्रों के लिए बनेगा ‘हेल्प डेस्क’रायपुर । राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और आगामी शिक्षा सत्र से पहले व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मोपका निपनिया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस कदम से जहां लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं छात्र हित में सरकार की संवेदनशीलता एक बार फिर खुलकर सामने आई है।निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपस्थित पाई गईं। साथ ही, स्टाफ की उपस्थिति में भी भारी कमी देखने को मिली; वहां केवल 03 सहायक प्राध्यापक और कार्यालयीन स्टाफ के महज 02 कर्मचारी ही उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, मौके पर महाविद्यालय के वित्तीय लेखा-जोखा (एकाउंट्स) की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो सकी, जिस पर मंत्री श्री वर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा किसरकार का साफ संदेश है शासकीय संस्थाओं में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता का अभाव दिखने पर मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित रहें। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण मिले, इसके लिए साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए।नवीन शिक्षा सत्र जल्द ही प्रारंभ होने वाला है, इसलिए सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि नए प्रवेश लेने वाले और पुराने छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। कॉलेज में आने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण और मार्गदर्शन के लिए तत्काल एक 'हेल्प डेस्क' (Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।इसके साथ ही, उन्होंने आगामी सत्र के मद्देनजर कॉलेज में पेयजल, बैठक व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक छात्र-सुविधाओं को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने की कड़ी हिदायत दी है।उच्च शिक्षा मंत्री का यह औचक निरीक्षण केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर काम करने में विश्वास रखती है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों में भी शहरी क्षेत्रों की तरह उच्च स्तरीय सुविधाएं और कड़ा प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
- -ठेकेदारों को हर महीने भुगतान करने को कहारायपुर ।लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।
- -सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों से किया सीधा संवादरायपुर /सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभों की जानकारी ली।शिविर में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत अनेक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत प्रदान की गई। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से उन्हें आर्थिक राहत मिली है और लंबित बिजली बिल की चिंता काफी हद तक कम हुई है।बालोदबाजार जिले के ग्राम बिटकुली निवासी श्री आशाराम को 11 हजार 625 रुपये, श्री बाबूलाल को 14 हजार 922 रुपये, श्री जगदीश को 9 हजार 832 रुपये, श्रीमती बुधयारिन को 8 हजार 467 रुपये तथा श्री चोवाराम को 13 हजार 325 रुपये की छूट प्राप्त हुई।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि पहले बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है।









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