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- -मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -गुणवत्ता पर नाराजगी, पुनः निर्माण और कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देशरायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के धरसेड़ी-कर्री-कुप्पी मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़क और पुलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने नव-निर्मित सड़क की गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग तथा संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि सड़क के कई हिस्सों में निर्माण मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया है और कार्य अभी भी अधूरा है। इस पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को पूरे मार्ग का पुनः निर्माण मानक गुणवत्ता के साथ कराने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें आमजन की जीवनरेखा हैं, जिस पर आवागमन, एम्बुलेंस सुविधा, बच्चों की स्कूल पहुँच और आवश्यक सेवाओं की निर्भरता होती है। इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, ओड़गी क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की किसान हितैषी नीतियों से धान खरीदी प्रक्रिया हुई सहजरायपुर। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण पूरे राज्य के धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों का उत्साह देखने को मिल रहा है। बलरामपुर जिले के बड़कीमहरी धान खरीदी केंद्र में किसानों ने समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि से मिल रहे लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त की है।शासन द्वारा इस वर्ष किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल (समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना सहित) की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। ग्राम नवाडीहकला के किसान श्री बरथोलोमी एक्का ने बताया कि वे 10 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष बेहतर पैदावार हुई है। वे कुल 295 क्विंटल धान विक्रय कर रहे हैं, जिसमें से 28 क्विंटल का टोकन उन्होंने मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त किया और आज उसी के तहत धान बेचने केंद्र पहुँचे।किसान श्री एक्का ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र बड़कीमहरी में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया सहज और निरंतर चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से धान का बेहतर मूल्य मिलने के कारण उन्होंने अपने खेतों में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार किया है, जिससे खेती के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान केंद्रित नीतियों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। प्रदेशभर में किसानों से धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है और शासन द्वारा निरंतर निगरानी के साथ किसानों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरबा जिले के विकासखण्ड-पाली के अंतर्गत उतरदा जलाशय योजना के लिए 8 करोड़ 41 लाख 74 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना के कार्य पूरा हो जाने पर करीब 154 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -आंगनबाड़ी भवन निर्माण में मनरेगा ने निभाई अहम भूमिकारायपुर ।छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं का व्यापक सुदृढ़ीकरण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के समग्र विकास का मजबूत आधार बन रहा है। प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और अनुशासन की नींव रखने वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर नौनिहालों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।पिछले एक दशक में महात्मा गांधी नरेगा और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में 148 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। इस मॉडल ने हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा गतिविधियों से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।वनांचल क्षेत्र सोनहत में 26 और बैकुण्ठपुर क्षेत्र में 122 नए आंगनबाड़ी भवन तैयार किए गए हैं। सोनहत में 133 लाख रुपये और बैकुण्ठपुर में 9 करोड़ 9 लाख रुपये से अधिक की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई। नए मानक के अनुसार प्रति भवन 11.69 लाख रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 8 लाख रुपये मनरेगा से उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2024 से पूर्व स्वीकृत भवनों की लागत 6.45 लाख रुपये थी, जिसमें 5 लाख रुपये मनरेगा से प्रदान किए जाते थे।विभागीय मांग के आधार पर जनपद पंचायतों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है। प्रत्येक भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों की देखरेख में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कराया जाता है।कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने हाल ही में सोनहत के लिए 2 नए आंगनबाड़ी भवन और बैकुण्ठपुर के लिए 23 नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।कोरिया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का यह सुदृढ़ विस्तार बाल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो ग्रामीण नौनिहालों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव प्रदान कर रहा है।
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कलेक्टर श्रीमती के कुशल नेतृत्व में जल संचय, जन भागीदारी अभियान अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के फलस्वरूप जिले को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना की
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों सहित संपूर्ण जिले वासियों को दियाबालोद/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ’जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित होेने के पश्चात वापस जिले में आगमन पर जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की कुशल नेतृत्व में ’जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत बालोद जिले में उल्लेखनीय कार्यों की भूरी-भूरी सराहना भी की। अधिकारी-कर्मचारियों ने कहा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले में हुए बेहतरीन कार्यों के फलस्वरूप बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में बालोद जिले के प्रथम स्थान प्राप्त होेने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने में हमारे टीम लीडर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा के साथ-साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए सटीक कार्य योजना बनाकर निर्धारित समयावधि में उसे कार्य रूप में परिणीत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिसके फलस्वरूप बालोद जिले को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों से सम्मानित होेने का गौरव प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन मेें शामिल बालोद जिला को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होेने पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंगलवार 18 नवंबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को 02 करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के आज संयुक्त जिला कार्यालय पहुँचने पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एसडीएम गुण्डरदेही श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस अवसर पर जिले के अधिकारी-कर्मचारियों ने संयुक्त जिला कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की आगवानी की और कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के आगमन के पश्चात् आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए संयुक्त जिला कार्यालय स्थित उनके कक्ष तक ले गए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के अधिकारी-कर्मचारियों के आत्मीय स्वागत से अभिभूत होकर बालोद जिले को मिले इस महत्वपूर्ण उलपब्धि का श्रेय इस कार्य से जुड़े सभी लोगों के अलावा जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं मीडिया कर्मियों सहित संपूर्ण जिलेवासियों को दिया है। उन्होंने कहा कि सभी के समवेत प्रयासों से जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन मेें शामिल बालोद जिला को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होेने के साथ-साथ देश के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होेने का अवसर प्राप्त हुआ है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए इस कार्य में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाने वाले प्रत्येक लोगों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि आप सभी का कार्य तेजी से घटते भूजल स्तर की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 2.0) के कार्यों के लिए पूरे मनोयोग से जुट जाने को कहा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा जल संसाधन एवं वन विभाग, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले को प्रदान किया गया प्रशस्ति पत्र भी भेंट किया। -
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज महासमुंद जिले के झलखम्हरिया, सम्हर और पिथौरा के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी केन्द्रों में बारदाना, मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, सीसीटीवी, कंप्यूटर ऑपरेटर व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली और उपस्थित किसानों से चर्चा भी की। श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारीगण श्री रवि साहू अपर कलेक्टर, श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम एवं तहसीलदार को किसानों की समस्या को तुरन्त हल करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी केंद्र के पश्चात श्री कावरे ने अवैध धान रोकने के लिए राज्य सीमा पर स्थापित चेकपोस्ट टेमरी का निरीक्षण किया और ड्यूटी से नदारद सैनिक को नोटिस देने के निर्देश दिए। -
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में सुचारू रूप से धान खरीदी चल रही है। इसी के अंतर्गत धरसीवां ब्लॉक के ग्राम नकटी एवं छेड़ीखेड़ी के किसानों ने लगभग 203 क्विंटल धान बेचा है | किसानों ने नियमानुसार धान खरीदी करने, प्रशासन द्वारा सभी सुविधाएं मुहैया करवाने एवं पारदर्शिता के साथ धान खरीदी का संचालन करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया ।
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*अवैध धान खरीदी एवं बेचने पर होगी कड़ी कार्यवाही :- कलेक्टर डॉ सिंह*
रायपुर/ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी सभा कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी धान उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने धान खरीदी की प्रगति और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।कलेक्टर ने निर्देश दिया कि धान खरीदी केंद्रों पर हमाल की व्यवस्था, किसानों के लिए पानी, छांव में बैठने की व्यवस्था, मॉइश्चर मशीन सॉफ्टवेयर की जांच और सटीक कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।डॉ. सिंह ने कहा कि अगर किसी भी प्रकार की अवैध धान खरीदी या बेचने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अवैध धान खरीदी पर अधिकारी विशेष नजर बनाए रखे।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि सभी किसानों की एंट्री ऑनलाइन गेट पास सॉफ्टवेयर में होनी चाहिए और अगर आपके केंद्र में 15 से 20 टोकन कटते हैं, तो सभी टोकन की एंट्री अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर रोज इसकी समीक्षा की जाएगी, साथ ही अधिकारी सभी किसानों के फोटो के साथ गेट पास में एंट्री होना सुनिश्चित करें।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर सहित,एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, रायपुर एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
*कृषक श्री श्यामलाल ने धान खरीदी की अच्छी व्यवस्था के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार*
रायपुर/ प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश तथा कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसान उत्साह के साथ खरीदी केंद्र पहुंचकर अपना धान विक्रय कर रहे हैं।अपना धान बेचने आए अभनपुर ब्लॉक के ग्राम केन्द्री निवासी किसान श्री श्यामलाल साहू ने बताया कि उनके खेतों में अच्छी उपज हुई है और वे सुगमता से अपना धान बेच पा रहे हैं। श्री साहू ने 80 क्विंटल 80 किलोग्राम धान विक्रय किया। उन्होंने अपना टोकन ऑफलाइन प्राप्त किया और अगले दिन धान लेकर केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र में सभी व्यवस्थाएँ बहुत अच्छी हैं और उन्होंने सुगमता से अपनी उपज का विक्रय किया। उन्होंने मुख्यमंत्री जी का आभार भी प्रकट किया।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार धान खरीदी को त्योहार की तरह मनाते हुए ज़िले में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदा जा रहा है। -
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज महासमुंद जिले के झलखम्हरिया, सम्हर और पिथौरा के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी केन्द्रों में बारदाना, मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, सीसीटीवी, कंप्यूटर ऑपरेटर व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली और उपस्थित किसानों से चर्चा भी की। श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारीगण श्री रवि साहू अपर कलेक्टर, श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम एवं तहसीलदार को किसानों की समस्या को तुरन्त हल करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी केंद्र के पश्चात श्री कावरे ने अवैध धान रोकने के लिए राज्य सीमा पर स्थापित चेकपोस्ट टेमरी का निरीक्षण किया और ड्यूटी से नदारद सैनिक को नोटिस देने के निर्देश दिए। -
रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के जिला अस्पताल पंडरी और जिला अस्पताल बलौदाबाजार की इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) को भारत सरकार के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर का गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिला अस्पताल पंडरी को प्रथम और जिला अस्पताल बलौदाबाजार को देश ती द्वितीय प्रमाणित लैब का प्रमाणपत्र दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच राज्य की कुल 832 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय मानकों के आधार पर मूल्यांकन और प्रमाणीकरण किया गया है, जिनमें दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्र चिंतागुफा जैसे दुर्गम इलाकों के स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश में पहली बार किसी राज्य में प्रयोगशालाओं की इतनी बड़ी और व्यवस्थित श्रृंखला का मूल्यांकन व प्रमाणीकरण हुआ है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट स्थान दिलाया है। उन्होंने बताया कि दोनों प्रयोगशालाओं का मूल्यांकन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नामित विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ताओं के दलों ने किया। अधिकारियों ने बताया कि पंडरी का मूल्यांकन इस वर्ष 10 सितंबर को जबकि बलौदाबाजार का मूल्यांकन 11 सितंबर को किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों दलों ने लैब की कार्यप्रणाली, मरीज केंद्रित सेवाएं, गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की, जिसमें पंडरी को 90 फीसदी और बलौदाबाजार को 88 फीसदी अंकों के साथ प्रमाणन प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने बताया कि ‘इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब' की अवधारणा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित सभी प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध हों। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम भारत सरकार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके जरिए सरकारी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार को संस्थागत स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में निर्धारित ‘चेकलिस्ट' बेहद व्यापक है और प्रमाणन तभी मिलता है जब कोई संस्थान सभी मानकों पर सतत उत्कृष्टता प्रदर्शित करे। डॉ. प्रियंका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की दोनों प्रयोगशालाओं ने जिस दक्षता और अनुशासन के साथ सभी मापदंडों को पूरा किया है, वह राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- रायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ आगमन पर अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उन्हें भित्ती चित्र की पेंटिंग भेंट की। भित्ती कला चित्रकला का यह रूप है, जिसमें घर की दिवारों पर उभरी हुई आकर्षक आकृतियों का प्रदर्शन होता है।
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- राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा 25 लाख 42 हजार रूपए के 820 क्विंटल धान किया गया जप्त
- अब तक जिले में कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 55 लाख 92 हजार 400 रूपए मूल्य के 1804 क्विंटल धान एवं 2 वाहन जप्ति की कार्रवाई की गई
- जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु लगाई गई ड्यूटी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री के रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा आज 25 लाख 42 हजार रूपए के 820 क्विंटल (2050 कट्टा) धान जप्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र खुर्सीपार में ग्राम सेम्हरा के कोचिया व बिचौलिया स्वयं के उपज का फसल कटाई किये बिना, ग्रीष्मकालीन धान को खरीफ फसल के साथ मिलाकर खपाने का प्रयास किया जा रहा था। जिसे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ द्वारा जप्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। अब तक जिले में कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए 55 लाख 92 हजार 400 रूपए मूल्य के 1804 क्विंटल (4510 बोरी) धान एवं 2 वाहन की जप्त की जा चुकी है। राजनांदगांव अनुविभाग में 18 लाख 56 हजार 900 रूपए मूल्य के 599 क्विंटल (1500 बोरा) धान एवं डोंगरगढ़ अनुविभाग में 30 लाख 41 हजार 100 रूपए मूल्य के 981 क्विंटल (2452 बोरा) धान तथा डोंगरगांव अनुविभाग में 55 लाख 92 हजार 400 रूपए मूल्य के 1804 क्विंटल (4510 बोरा) धान जप्त किया गया है। जप्त धान एवं वाहन को धान खरीदी अवधि के बाद ही मुक्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी ने बताया कि कोचियों एवं बिचौलियों पर आगे भी लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। - -मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमारायपुर / जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है।मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।
- -20 नवंबर को 9 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदा गयारायपुर / राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जोर पकड़ने लगा है। धान खरीदी के 6वें दिन 20 नवंबर को किसानों से समर्थन मूल्य पर 9,00,615 क्विंटल धान खरीदा गया। राज्य में 15 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक कुल 23,66,958 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार धान खरीदी के साथ-साथ किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मार्कफेड द्वारा अपेक्स बैंक को 214.18 करोड़ रूपए जारी कर दिए गए हैैं। यहां यह बता दें कि राज्य के किसानों से क्रय किए गए धान के मूल्य भुगतान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने मार्कफेड को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी पहले से दे रखी है। धान खरीदी की व्यवस्था पर निगरानी के लिए सभी केन्द्रों में अधिकारी तैनात किए गए हैं। राज्य स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारी लगातार दौरा कर धान खरीदी एवं केन्द्रों की व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने पाए इसको लेकर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बाहर से धान की आवक की रोकथाम के लिए चेकपोस्ट पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। जगह-जगह मॉलवाहकों की औचक जांच भी की जा रही है। किसानों का कहना है कि धान खरीदी के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई टोकन तुंहर एप्प की ऑनलाईन व्यवस्था से टोकन प्राप्त करने और धान बेचने में आसान हो रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन सीजन 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य के 26.50 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीकृत धान का रकबा 29.27 लाख हेक्टेयर है।
- - छात्रावास में बनाए गए भोजन को चख कर गुणवत्ता का किया परीक्षण- बच्चों को सही मात्रा में पौष्टिक खाना खिलाने के लिए कहा- आंगनबाड़ी केन्द्र में साफ-सफाई एवं बच्चों को आवश्यकता अनुसार पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के दिए निर्देश- शासकीय उचित मूल्य की दुकान में गंभीर अनियमितता तथा लापरवाही बरतने वाले संचालक एवं अन्य सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई करने कहाराजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने आज अपने राजनांदगांव जिले के प्रवास के दौरान आश्रम-छात्रावास, आंगनबाड़ी केन्द्रों, शासकीय उचित मूल्य दुकानों एवं विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान शासन द्वारा प्रदाय की जाने वाली भोजन एवं खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने शासकीय पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास राजनांदगांव का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां बच्चों द्वारा हॉस्टल मेस के संचालन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि भोजन की मात्रा नियम से कम मात्रा में बनाई गई है। इसके लिए बच्चों को सही मात्रा में भोजन बनाने के लिए समझाईश दी। उन्होंने छात्रावास में बनाए गए भोजन को चख कर गुणवत्ता का परीक्षण किया। स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन होने पर उन्होंने संतुष्टि जाहिर की। बच्चों ने बताया कि अधीक्षक हॉस्टल में ही रहती है। इसी तरह उन्होंने प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास राजनांदगांव का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने अधीक्षक को दाल की गुणवत्ता में सुधार और फोर्टीफाइड चावल को सही तरीके से पकाने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को पौष्टिक खाना सही मात्रा में खिलाने के लिए कहा।छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने आंगनबाड़ी केन्द्र बांकल का निरीक्षण किया। वहां बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के अंतर्गत 12 आवेदन प्राप्त हुए है। श्री संदीप शर्मा ने शिकायत एवं सुझाव के लिए नंबर रखने तथा बच्चों की उपस्थिति में सुधार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं महिलाओं को पोषण आहार मिले, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र में साफ-सफाई एवं बच्चों को आवश्यकता अनुसार पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के निर्देश दिए। बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने पोषण ट्रैकर ऑनलाईन भरने संबंधी जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने श्री अन्नपूर्णा प्राथमिक उप सहकारी भंडार मर्यादित डोंगरगढ़ का निरीक्षण किया। वार्ड क्रमांक 2 में शासकीय उचित मूल्य की दुकान की जगह जय बुढ़ादेव स्वसहायता समूह डोंगरगढ़ को दिया गया है, लेकिन संचालन की स्थिति में गंभीर अनियमितता पायी गई और पहले अनियमितता तथा लापरवाही बरतने वाले संचालक, अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य सभी सदस्यों पर कड़ी कार्रवाई करने कहा। एक ही नाम से तीन दुकान आबंटन दिखने पर फूड कंट्रोलर को डेटा बेस तत्काल अपडेट करने को कहा गया। उन्होंने 180 क्विंटल चोरी व कमी के कारणों की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय उचित मूल्य की दुकान ग्राम बांकल की जांच की। जहां भंडारण 47 बोरा चावल, शक्कर की मात्रा सही पाया गया। स्टॉक रखने के तरीके एवं नान से चावल को नाप कर लेने के निर्देश दिए।छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने शासकीय प्राथमिक शाला नंबर 1 डोंगरगढ़ में रसोई घर का निरीक्षण किया। उन्होंने रसोइया एवं प्रभारी शिक्षक से बच्चों को प्रदाय की जाने वाली राशन की मात्रा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता एवं मात्रा में किसी भी तरह की कोताही नहीं होना चाहिए। उन्होंने भोजन को चखकर गुणवत्ता को परखा। इस दौरान खाद्य आयोग के सदस्य सचिव श्री राजेंद्र महिलांग, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सदस्य सचिव श्री राजीव जायसवाल, खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री देवेन्द्र कौशिक, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता, खाद्य विभाग से श्री सूरज दुबे, सहायक खाद्य अधिकारी श्री द्रोण कामड़े सहित अन्य अधिकारी उपिस्थत थे।
- - पीडीएस, मध्यान्ह भोजन योजना, पोषण आहार योजना एवं आश्रम-छात्रावासों हेतु खाद्यान्न पर आधारित योजनाओं की समीक्षा की- निर्धारित समय पर राशन के भंडारण एवं वितरण के दिए निर्देश- हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए- शासकीय उचित मूल्य दुकानों में एपीएल एवं बीपीएल के चावल रखने के लिए अलग-अलग स्थान सुरक्षित रखने कहा- मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए स्वसहायता समूहों से प्राप्त खाद्य सामग्री का सतत मूल्यांकन करने कहा- आंगनबाड़ी केन्द्र में निरीक्षण पंजी संधारित करने एवं प्रत्येक बच्चे के पोषण पर ध्यान देने कहा- अतिरिक्त अधीक्षक हॉस्टल में ही अपना निवास करें सुनिश्चितराजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में पीडीएस, मध्यान्ह भोजन योजना, पोषण आहार योजना एवं आश्रम-छात्रावासों हेतु खाद्यान्न पर आधारित योजनाओं की समीक्षा की। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने जिले में संचालित सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में प्रत्येक माह निर्धारित समय पर राशन के भंडारण एवं वितरण के निर्देश दिए। उन्होंने सही मात्रा में गोदाम से उचित मूल्य दुकानों तक राशन के भंडारण के लिए दुकान संचालक को रैंडम बोरा तौल करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इस बात पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। किसी भी तरह की लापरवाही होने पर दोषियों विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय उचित मूल्य दुकानों में एपीएल एवं बीपीएल के चावल रखने के लिए अलग-अलग स्थान सुरक्षित रखने कहा। सभी दुकानों में विभागीय कॉल सेंटर नंबर एवं खाद्यान्न के सैंपल प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए।छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में निर्धारित पात्रता अनुसार मध्यान्ह भोजन प्रदान करने एवं उसकी मात्रा का सही मूल्यांकन हेतु नाप के लिए उपकरण रखने हेतु निर्देशित किया। विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए स्वसहायता समूहों से प्राप्त खाद्य सामग्री का सतत मूल्यांकन एवं सही मात्रा में भोजन बने यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी समिति और विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग में पोषण ट्रैकर से काउंट को सही तरीके से उपयोग करने एवं उससे सही जानकारी का भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। दर्ज संख्या, उपस्थिति, डाटा एण्ट्री के मिलान पर ध्यान देने के लिए कहा। सभी सुपरवाइजर को अपने क्षेत्र के आंगबाड़ी केन्द्र में निरीक्षण करते हुए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र को निरीक्षण पंजी संधारित करने एवं प्रत्येक बच्चे पोषित हो इस बात पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आदिम जाति कल्याण विभाग में प्रत्येक बच्चे को प्राप्त राशि का उपयोग भोजन व्यवस्था एवं बच्चों की आवश्कता अनुरूप पूरा होना चाहिए। साथ ही अतिरिक्त अधीक्षक हॉस्टल में ही अपना निवास सुनिश्चित करें। उन्होंने शिकायत एवं सुझाव हेतु विभागीय कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। बैठक में खाद्य आयोग के सदस्य सचिव श्री राजेंद्र महिलांग, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी सदस्य सचिव श्री राजीव जायसवाल, खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री देवेन्द्र कौशिक, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता, खाद्य विभाग से श्री सूरज दुबे, सहायक खाद्य अधिकारी श्री द्रोण कामड़ेसहित अन्य अधिकारी उपिस्थत थे।
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-पीएम आवास योजना ने दिया आत्मसम्मान का नया आसरा
रायपुर, / प्रधानमंत्री आवास योजना ने देशभर के लाखों जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास का अधिकार देकर उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। इसी कड़ी में अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल क्षेत्र ओरछा में भी यह योजना बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ओरछा एवं ब्लॉक समन्वयक के मार्गदर्शन में आवास निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं।पीएम जनमन आवास योजना विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका लक्ष्य तीन वर्षों के भीतर लाभार्थियों को सुरक्षित घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना है। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने के कारण जो पीवीटीजी परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित रह गए थे, इस योजना के माध्यम से उन्हें स्थायी घर के साथ-साथ मनरेगा के तहत रोजगार और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।इसी योजना ने विकासखण्ड ओरछा के ग्राम कोहकामेटा की निवासी मोड्डे बाई, पति मसिया के जीवन में भी बड़ा बदलाव लाया है। मोड्डे बाई पहले अपने परिवार के साथ एक कच्चे और जर्जर घर में रहती थीं। हर मौसम की मार उनके जीवन को और कठिन बना देती थी। परिवार का भरण-पोषण मजदूरी से करने वाली मोड्डे बाई के लिए पक्का मकान बनवाना मात्र एक सपना बनकर रह गया था।जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने आवेदन किया। सर्वेक्षण के उपरांत उनके खाते में मकान निर्माण हेतु 2 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए मोड्डे बाई ने स्वयं भी निर्माण कार्य में हाथ बंटाया। आज उनका परिवार पक्के, सुरक्षित और सुखद घर में रह रहा है।भावुक होते हुए मोड्डे बाई ने कहा कि यह सिर्फ एक मकान नहीं, मेरे सपनों और आत्मसम्मान की दीवार है। इस मकान ने मुझे वह सम्मान दिया है, जो मुझे जीवन में कभी नहीं मिला।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई है। -
-मुख्यमंत्री के निर्देश पर अमल
-पर्यावरणीय मानकों एवं जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप 48 घंटे के भीतर करना होगा निपटान-नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को जारी किया परिपत्ररायपुर । राजधानी रायपुर में पिछले महीने हुए कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए निर्देश पर अमल करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने शहरों में गौवंशीय एवं अन्य पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी कर पर्यावरणीय मानकों और जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप 48 घंटे के भीतर पशुओं के मृत शरीर के निपटान के लिए निर्देशित किया है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि सभी निकायों में गौवंशीय तथा अन्य पशुओं के मृत शरीर के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करते हुए तत्काल इसका निर्धारण करें। विभाग ने निपटान का स्थल आबादी से उचित दूरी पर तथा पर्यावरणीय मानकों एवं जैव-सुरक्षा नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को मृत पशु के निपटान के लिए विशेष स्थान निर्धारित कर विधिवत निपटान के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने परिपत्र में बताया है कि मृत पशुओं के निपटान की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 258, "मृत पशुओं का निराकरण एवं नगर पालिक निगम हेतु कूड़ा-करकट, गंदा, मल, मृत पशुओं तथा घृणोत्पादक पदार्थों का निपटान आदर्श उपविधियों, 2002 तथा छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 289, जीव जन्तुओं के मृत शरीर के व्ययन के संबंध में विशेष उपबंध" अधिनियम में उल्लेखित हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत मृत पशुओं के निपटान की सेवा 48 घंटे की समय-सीमा में प्रदान किया जाना अनिवार्य है। - रायपुर / छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार का दिन ग्रामीण आजीविका, महिला उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को नई ऊर्जा देने वाला दिन रहा। जहां प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त के राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और हजारों ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति में बहुप्रतीक्षित एकीकृत राज्य ब्राण्ड छत्तीसकला तथा डिजिटल फाइनेंस बुकलेट का विमोचन किया।ग्रामीण महिला उत्पादों को मिला राज्य का पहला एकीकृत ब्राण्ड ‘छत्तीसकला’राज्य की ग्रामीण गरीब महिलाओं द्वारा निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को एक ही पहचान और एकीकृत बाजार मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ने 'छत्तीसकला' ब्राण्ड की शुरुआत की है। इस ब्रांड के अंतर्गत वर्तमान में मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पाद, चाय, अचार, स्नैक्स, हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्मित ढोकरा आर्ट, बांस शिल्प, मिट्टी एवं लकड़ी उत्पाद, अगरबत्ती एवं पूजा सामग्री जैसे विविध उत्पादों पर मानकीकरण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की योजना है। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसकला ब्रांड ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। यह ब्राण्ड उनके उत्पादों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाएगा।48 बीसी सखियों की सफलता की गाथा का डिजिटल फाइनान्स बुकलेट का हुआ विमोचनकार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने डिजिटल फायनान्स बुकलेट का भी विमोचन किया गया, जिसमें राज्यभर की 48 बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट सखियों (बीसी सखियों) की प्रेरणादायक सफलताओं को दर्ज किया गया है।3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप बैंकिंग सेवाएँ दे रहीवर्तमान छत्तीसगढ़ में कुल 3775 बीसी सखियाँ सक्रिय रूप से घर-घर बैंकिंग सेवाएँ दे रही हैं और पिछले चार वर्षों में 3033.48 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो महिलाएँ कभी घरों से बाहर निकलने में संकोच करती थीं, आज वही महिलाएँ गाँव-गाँव वित्तीय सेवाएँ पहुँचाकर सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन की राह बना रही हैं।हजारों स्व-सहायता समूह को मिला वित्तीय सशक्तिकरणइस भव्य कार्यक्रम से ग्रामीण महिला समूहों को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 1080 स्व-सहायता समूहों को 1.62 करोड़ रुपए की रिवॉल्विंग निधि एवं 8340 स्व-सहायता समूहों को 50.04 करोड़ रूपए की सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज के रूप में 229.74 करोड़ रूपये प्रदान किये गए। इसके साथ ही 1533 महिला उद्यमियों को 6.23 करोड़ रुपए का उद्यमिता ऋण भी प्रदान किया गया है। इन वित्तीय प्रावधानों से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि एवं नए उद्यमों की स्थापना और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूती मिलेगी।धमतरी में हुआ यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता का वितरण था, बल्कि ‘आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 'छत्तीसकला' ब्राण्ड, बीसी सखी मॉडल और व्यापक वित्तीय समर्थन तीनों मिलकर ग्रामीण आजीविका की दशा और दिशा बदलने वाले साबित होंगे।
- -किसानों के हित में शासन का अहम फैसला, किया गया अतिरिक्त समय का प्रावधान-कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश-सहयोग के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 जारीबालोद। खरीफ वर्ष 2025 अंतर्गत किसानों को धान बेचने में सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एकीकृत किसान पोर्टल में शेष कृषक, डूबान, वन पट्टाधारी कृषकों के कैरीफारवर्ड नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल रकबे में संशोधन की कार्यवाही हेतु 25 नवंबर 2025 तक अतिरिक्त समय का प्रावधान किया है। किसान इसके लिए अपने संबंधित तहसील कार्यालय में जाकर पंजीयन और रकबा संशोधन का कार्य करवा सकेंगे।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने समस्त तहसीलदारों सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि खरीफ वर्ष 2025 में एकीकृत किसान पोर्टल के नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल रकबे में संशोधन की कार्यवाही 01 जुलाई से 31 अक्टूबर 2025 तक करने का निर्देश जारी किया गया था। किन्तु किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल में शेष कृषक, डूबान, वन पट्टाधारी कृषकों के कैरीफारवर्ड नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल रकबे में संशोधन के लिए 19 नवंबर से 25 नवंबर तक एक सप्ताह अतिरिक्त समय का प्रावधान पोर्टल के तहसील लॉगिन में किया गया है।किसानों को पंजीयन में यदि किसी प्रकार की समस्या या तकनीकी समाधान की आवश्यकता हो तो एग्रीस्टेक हेल्पडेस्क के टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर कॉल कर के सहयोग व मार्गदर्शन ले सकते हैं। धान बिक्री से संबंधित किसी अन्य प्रकार की समस्या पर खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर काल कर के सहयोग लिया जा सकता है।
- - 6 प्रकरणों में कार्यवाही कर 218 क्विंटल धान किया गया जप्तबालोद । जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत उड़न दस्ता दल द्वारा सघन जाँच की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। तहसीलदार श्री आशुतोष शर्मा ने बताया कि जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य अंतर्गत कृषि उपज मंडी बालोद की उड़न दस्ता टीम द्वारा संघन जांच कर मंडी अधिनियम अंतर्गत अब तक 06 प्रकरण बनाकर 218 क्विंटल धान की जप्ती की गई है। उन्होंने बताया कि आज बालोद तहसील अंतर्गत ग्राम लिमोरा में में 22 क्विंटल, ग्राम लोण्डी में 40 क्विंटल, ग्राम पोण्डी में 99 क्विंटल, ग्राम भेड़िया नवागांव में 32 क्विंटल और ग्राम बेलमंाड में 24 क्विंटल अवैध रूप से धान के भण्डारण पर जप्ती की कार्यवाही की गई है।
- बिलासपुर, /डायमंड जुबली एवं 19 वी राष्ट्रीय जम्बूरी लखनऊ उत्तर प्रदेश में 23 से 29 नवम्बर 2025 तक आयोजित है।इसी परिपेक्ष्य में माननीय श्री इंदरजीत सिंग खालसा राज्य मुख्य आयुक्त श्री जितेंद्र कुमार साहू राज्य सचिव के निर्देश अनुसार जम्बूरी पूर्वाभ्यास दिनांक 18 से 20 नवम्बर 2025 तक राज्य प्रशिक्षण केन्द्र झांकी अभनपुर रायपुर में आयोजित किया गया है।जिसमे पदेन संरक्षक/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल जी, जिला मुख्य आयुक्त स्काउट श्री चन्द्र प्रकाश बाजपेयी,जिला शिक्षा अधिकारी /पदेन जिला आयुक्त स्काउट श्री विजय टांडे, राज्य संगठन आयुक्त स्काउट श्री विजय कुमार यादव के निर्देश में जिले से शालाओ से कुल 20 का दल 06 स्काउट, सर्विस रोवर- 03, गाइड-08, सर्विस रेंजर-01 ,जिला प्रभारी 02- डॉ . पूनम सिंह, जिला संगठन आयुक्त गाइड एवं जिला प्रशिक्षण आयुक्त स्काउट श्री संतोष कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में शामिल हो रहें है।जिले के स्काउट- गाइड ,रोवर - रेंजर उक्त राष्ट्रीय स्तर जम्बूरी में लोक गीत लोक नृत्य फिजिकल डिस्प्ले फ़ूड प्लाजा स्किलोरामा मार्च पास्ट झांकी प्रदर्शनीय रंगोली फैंसी ड्रेस इत्यादि प्रतियोगिता में प्रतिभगिता करेगे।जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री महेन्द्र बाबू टंडन ने शुभ मंगल यात्रा , की शुभकामनाएं दी एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ के भाग ले कर न्यायधानी बिलासपुर तथा छत्तीसगढ़ महतारी का नाम रोशन करने प्रेरित किया।जिला बिलासपुर के समस्त पदाधिकारी अधिकारी सहित एवं सभी विकास खण्ड सचिव स्काउट गाइड, रोवर्स - रेंजर्स,स्काउटर - गाइडर ने शुभकामनाएं प्रेषित की।
- बालोद । जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय उड़न दस्ता दल द्वारा सघन जाँच की कार्रवाई की जा रही है। जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसीराम ठाकुर ने बताया कि जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य अंतर्गत जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय उड़न दस्ता दल द्वारा संघन जांच कर मंडी अधिनियम अंतर्गत अब तक कुल 26 प्रकरण बनाकर 684.80 क्विंटल धान की जप्ती की गई है। उन्होंने बताया कि आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में वाहन से कुल 750 कट्टा धान, वजन 300 क्विंटल जप्ती की कार्रवाई की गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे अपने पंजीकृत रकबे पर किसी कोचिया, व्यापारी का धान विक्रय न कर अपने द्वारा उत्पादित धान का समर्थन मूल्य पर नियमानुसार विक्रय करे।




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