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- - 872 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति की अनुशंसारायपुर । शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्ति को लेकर विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर परीक्षण कार्य किया जा रहा है। इसमें वर्ष 2022 से पूर्व नियुक्त 10 और जनवरी - फरवरी वर्ष 2022 में नियुक्त 338,मार्च -मई में नियुक्त 572 तथा जून-दिसंबर 2022 में नियुक्त 90 सहायक प्राध्यापकों के प्रकरणों की समीक्षा कर मामलों में निर्णय लिए गए हैं। इस तरह कुल 1010 परिवीक्षाधीन सहायक प्राध्यापकों के संबंध में परीक्षण के बाद 872 सहायक प्राध्यापकों का परिवीक्षा अवधि समाप्ति की अनुशंसा की गई है और 68 सहायक प्राध्यापक को परिभ्रमण में रखा गया है। इसी तरह 70 प्राध्यापकों के गोपनीय प्रतिवेदन में समिति की शर्तों के अनुरूप न होने के कारण परिवीक्षा अवधि में वृद्धि की अनुशंसा की गई है,जिसमे 53 प्राध्यापकों का 1 वर्ष और 17 सहायक प्राध्यापकों का 2 वर्ष शामिल है।विभागीय जानकारी के अनुसार इन सहायक प्राध्यापकों की परीविक्षा अवधि समाप्ति की प्रक्रिया वर्ष 2025 तक पूरी की जानी है। इसके लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन, पुलिस सत्यापन, सतत सेवा प्रमाण-पत्र, निष्ठा प्रमाण-पत्र, विभागीय जांच एवं न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित दस्तावेज तथा चल-अचल संपत्ति विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।फरवरी 2026 में आयोजित प्रथम बैठक में कुल 348 प्रकरणों की समीक्षा की गई,इनमें से 307 सहायक प्राध्यापक सभी मापदंडों पर पात्र पाए गए, जिनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की अनुशंसा की गई। वहीं 15 प्रकरणों में दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्हें लंबित रखा गया। दस्तावेज पूर्ण करने की दशा में उन्हें पात्र माना जाएगा। इसी तरह 26 सहायक प्राध्यापक निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके चलते उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने की अनुशंसा की गई।इसके बाद मार्च 2026 में आयोजित द्वितीय बैठक में मार्च से मई 2022 के बीच नियुक्त 572 प्रकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्राध्यापकों के मामलों पर विचार किया गया,इसमें 497 सहायक प्राध्यापक मापदंडों में पात्र जिसमे से 39 दस्तावेज पूर्ण करने पर पात्र तथा 36 सहायक प्राध्यापक मापदंड में अपात्र होने पर समिति द्वारा परिवीक्षा अवधि समाप्त नही किये जाने की अनुशंसा की गई है।इसी तरह जून–2022 से दिसम्बर–2022 में नियुक्त कुल 90 प्रकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें 68 सहायक प्राध्यापकों को सभी मापदण्डों में पात्र पाये जाने के कारण उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्ति हेतु समिति के द्वारा अनुशंसा की गई। इसमें 14 सहायक प्राध्यापक ऐसे हैं, जिनके प्रकरण में दस्तावेज अपूर्ण हैं,वे पूर्ति कर देंगे तो पात्र माने जायेंगे। इन्हे अभी परीक्षण में रखा गया है। 08 सहायक प्राध्यापक मापदण्ड में अपात्र पाये गये। पूरी प्रक्रिया के दौरान विभाग द्वारा पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि सभी पात्र सहायक प्राध्यापकों को समय पर लाभ दिया जाएगा, जबकि अपूर्ण या अपात्र प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पहल से शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा औद्योगिक इकाइयों के पर्यावरणीय अनुपालन की सतत निगरानी के तहत व्यापक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा जल एवं वायु प्रदूषणकारी उद्योगों का नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जनवरी 2026 से अब तक प्रदूषण की स्थिति पाए जाने पर 23 उद्योगों के विरुद्ध नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें उरला एवं सिलतरा औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख स्पंज आयरन उद्योग—वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, शिल्फी स्टील्स प्रा. लिमिटेड एवं एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा सारडा एनर्जी मिनरल्स लिमिटेड के विरुद्ध बिना अनुमति फ्लाई ऐश डम्पिंग के मामले में भी नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिसों के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं करने, मंडल की सम्मति के बिना संचालन तथा शिकायतों में प्रदूषण पाए जाने के कारण अब तक 30 उद्योगों के विरुद्ध उत्पादन बंद करने एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की जा चुकी है।मंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित उद्योग सभी पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामलों में 13 उद्योगों पर कुल 28 लाख 92 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की गई है।मंडल ने जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों एवं संबंधित विभागों से नियमों का कड़ाई से पालन करने और प्रशासनिक निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
- -मणिकांता एल बने स्टार-कर्नाटक का स्वर्णिम प्रदर्शन, तैराकी में पूर्ण वर्चस्व-छत्तीसगढ़ ने जीते एक रजत व दो कांस्यरायपुर / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तीसरे दिन कर्नाटक ने अंतर्राष्ट्रीय स्विमिंग पूल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। कर्नाटक 10 से अधिक स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला राज्य बन गया है। तीसरे दिन के अंत तक कर्नाटक को कुल 13 स्वर्ण, 5 रजत और 1 कांस्य पदक हो गए हैं, जिनमें सभी स्वर्ण पदक तैराकी स्पर्धाओं से प्राप्त हुए हैं।कर्नाटक के स्टार तैराक मणिकांता एल ने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीसरे दिन दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किए। अब तक वे कुल आठ स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता के सबसे सफल खिलाड़ी बन चुके हैं और कर्नाटक की बढ़त को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।पदक तालिका में ओडिशा 6 स्वर्ण, 2 रजत और 9 कांस्य के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि असम 2 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 6 पदकों के साथ त्रिपुरा के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर बना हुआ है।मेजबान छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के लिए एक रजत और दो कांस्य पदक जीते। अनुष्का भगत ने महिलाओं की 50 मीटर बेकस्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना तीसरा रजत हासिल किया, जबकि निखिल जाल्को ने पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीता। वहीं न्यासा पैकरा ने 100 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया।तीसरे दिन महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना स्वर्ण खाता खोला। महाराष्ट्र की तन्वी धुर्वे ने महिलाओं की 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की, जबकि अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 58 किग्रा वर्ग में तथा रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। महिलाओं की 50 मीटर बेकस्ट्रोक स्पर्धा में कर्नाटक की मेघांजलि ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुश्का भगत को रजत प्राप्त हुआ। पुरुष वर्ग में मणिकांता एल ने 50 मीटर बेकस्ट्रोक और 100 मीटर बटरफ्लाई में स्वर्ण जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं 50 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धूनीश एन ने स्वर्ण पदक हासिल किया।वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांगसू ने 169 किलोग्राम वजन उठाकर 58 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि ओडिशा की बिदु स्मिता भोई ने 63 किग्रा वर्ग में 195 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में मिजोरम के एमएच सिलवान बेहरोथतलो ने 71 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता, जबकि अरुणाचल प्रदेश के रिचिन चोंगरुजू ने 79 किग्रा वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रथम संस्करण में 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती सहित कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं, जबकि मल्लखंभ एवं कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल हैं।तीन दिनों के बाद 14 राज्यों ने कम से कम एक पदक जीत लिया है, जबकि 6 राज्यों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। प्रतियोगिता के आगामी दिनों में और अधिक रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों की उम्मीद जताई जा रही है।
- -अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में 30 राज्यों के 144 रेसलर्स दिखाएंगे दमखमरायपुर / देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा का मेजबानी कर रहा है। सरगुजा जिले का हृदय स्थल अम्बिकापुर एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 28 मार्च से कुश्ती (रेसलिंग) स्पर्धा का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे।। स्थानीय गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय समागम में देश के अलग-अलग राज्यों के जनजातीय खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सुदूर वनांचलों में छिपी जनजातीय खेल प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, झारखंड, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मिजोरम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मेजबान छत्तीसगढ़ सहित कुल 144 रेसलर्स (पुरुष एवं महिला) हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन जनजातीय युवाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक स्वर्णिम अवसर प्रदान करेगा। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां 28 से 31 मार्च तक पुरुष और महिला वर्ग में कुश्ती के रोमांचक मुकाबले होंगे।28 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने वाले इन मुकाबलों को प्रतिदिन तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए सुगमता बनी रहे, प्रथम चरण प्रातः 8 बजे से 9 बजे तक, द्वितीय चरण प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, तृतीय चरण सायं 4 बजे से खेल समाप्ति तक आयेाजित किए जाएंगे। अंबिकापुर में होने वाले मुकाबले स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे और उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करेंगे।इस भव्य आयोजन को भारत के जनजातीय खेल, छत्तीसगढ़ मा सुंदर मेल की प्रेरणादायी टैगलाइन के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। खेल प्रेमियों के उत्साह को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। गौरव की बात यह है कि इस आयोजन का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स और प्रसार भारती पर किया जाएगा, जिससे दुनिया भर के दर्शक सरगुजा की धरती पर हो रहे इस महाकुंभ को लाइव देख सकेंगे।खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। सरगुजा अब अपनी पारंपरिक संस्कृति के साथ-साथ देश को नई खेल ऊर्जा देने के लिए तैयार है। देशभर से आने वाले खिलाड़ी और अधिकारी छत्तीसगढ़ की 'अतिथि देवो भव' परंपरा का अनुभव कर सकें।
- -मुख्य फ़ोकस नक्सल मुक्त क्षेत्रों में स्थायी एवं समावेशी विकास-एलडब्ल्यूई प्रभावित 08 जिलों के परिवारों की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने का लक्ष्यरायपुर / राज्य में नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में तीव्र, स्थायी एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव श्री विकास शील की अध्यक्षता में इन जिलों के आजीविका संवर्धन हेतु राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव कृषि श्रीमती सहला निगार, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि वोरा, सचिव श्री भीम सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, गृह एवं जेल विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, ग्रामोद्योग विभाग तथा ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अनीश कुमार द्वारा इन क्षेत्रों के लिए तैयार समन्वित नीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि जैसे-जैसे छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होता जा रहा है, हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। जिन क्षेत्रों में अब तक विकास नहीं पहुंच सका, वहां पहुंचकर हमें सतत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सभी विभागों को समन्वित दृष्टिकोण के साथ आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना तैयार कर कार्य करना होगा।स्थानीय संसाधनों के आधार पर आजीविकामूलक गतिविधियों के संचालन एवं संवर्धन पर विशेष जोर दिया जाए।कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। जिला स्तर के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान क्लस्टर आधारित एवं ब्लॉक केंद्रित आजीविका मॉडल पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मॉडल के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, वनोपज, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प एवं सूक्ष्म उद्यमों को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की योजना है। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन एवं बेहतर कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाएगा।कार्यशाला में जिला, विकासखंड एवं क्लस्टर स्तर पर त्रिस्तरीय योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें तेजी से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।कार्यशाला में यह भी बताया गया कि उत्पादन से लेकर विपणन तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अगले चरण में प्रत्येक विकासखंड में संभावित आजीविका क्लस्टरों की पहचान कर 60 दिनों के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें सर्वेक्षण, योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन की रूपरेखा शामिल होगी।कार्यशाला में प्रस्तुत रणनीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का मजबूत आधार बनेगी। यह पहल ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।कार्यशाला में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों में आजीविका परिवर्तन एवं जीवन स्तर में सुधार हेतु परिवारों की आय बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। एनसीएईआर (NCAER) के सर्वेक्षण के अनुसार इन क्षेत्रों के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अगले ढाई से तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक ने इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विविधीकरण, सामूहिकीकरण, प्रौद्योगिकी एवं संतृप्ति के चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित रणनीति पर प्रकाश डाला। इसके अंतर्गत प्रत्येक परिवार को कम से कम तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा तथा प्रत्येक जिले में चार प्रमुख आजीविका क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।यह पहल क्लस्टर आधारित एवं बाजार उन्मुख दृष्टिकोण पर आधारित होगी, जिसमें सशक्त मूल्य श्रृंखला तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को सक्रिय नेतृत्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नाबार्ड, एफईएस तथा प्रदान जैसे सहयोगी संगठनों द्वारा एनटीएफपी (लघु वनोपज) मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने एवं एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) को बढ़ावा देने संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए गए। कार्यशाला में “ट्राइपॉड मॉडल” को योजना निर्माण के आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें परिवार, क्षेत्र एवं गतिविधियों का समेकित दृष्टिकोण शामिल है।
- रायपुर । खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आज तीसरे दिन महिला हॉकी प्रतियोगिता के मुकाबले खेले गए।पूल ‘ए’ में खेले गए मैच में मध्य प्रदेश ने बिहार को 9-0 से पराजित किया। वहीं, पूल ‘बी’ के मुकाबलों में झारखंड ने गुजरात को 16-0 से और ओडिशा ने तमिलनाडु को 14-0 से हराया। आज खेले गए सभी मैच एकतरफा रहे, जिनमें विजेता टीमों ने पूरे समय खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा।गौरतलब है कि 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के इस प्रथम संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में लगभग 3,800 खिलाड़ी नौ विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसे खेलों में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर हैं। वहीं, मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है।
- रायपुर । रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के खेल परिसर में आज सीनियर महिला वेटलिफ्टिंग (58 किलोग्राम भार वर्ग) प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतिस्पर्धा में देशभर की प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश की अनाई वांग्सू (Anai Wangsu) ने बेहतरीन ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए 169 किलोग्राम कुल वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 74 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 95 किलोग्राम उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।ओडिशा की मिना सांता (Mina Santa) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 165 किलोग्राम के कुल वजन के साथ रजत पदक जीता। वहीं ओडिशा की ही मीना सिंह (Mina Singh) ने 161 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।प्रतियोगिता में असम की मार्टिना मिली, तारा सोनवाल तथा आंध्र प्रदेश की जी. लेनिन एस प्रिया सहित अन्य खिलाड़ियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जहां हर सफल लिफ्ट पर दर्शकों की तालियां गूंज उठीं। यह प्रतियोगिता न केवल महिला खिलाड़ियों की शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच भी प्रदान कर रही है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के माध्यम से देश की बेटियां खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
- - अजमानतीय अपराध में न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गयादुर्ग । प्रार्थी आकुब खान के लिखित आवेदन पर थाना मोहन नगर में बीएनएस के तहत नामजद आरोपी अमित कुमार सिंह एवं ओमप्रकाश सिन्हा के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपीगण “माँ लक्ष्मी टूर एण्ड ट्रेवल्स” के नाम से लोगों से वाहन किराये पर लेकर संचालित करते थे, परंतु वाहन मालिकों को किराया भुगतान नहीं करते थे तथा वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख देते थे।मामले की जांच के दौरान आरोपी अमित कुमार सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी चारभाटा थाना बागनदी, जिला राजनांदगांव एवं वरुण सलामे, उम्र 25 वर्ष, निवासी बुधवारीपारा डोंगरगढ़ थाना डोंगरगढ़ को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे एवं उनके द्वारा गिरवी रखे गए वाहनों से कुल 09 चार पहिया वाहन एवं 01 मोटर साइकिल जप्त की गई। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।▪️ घटना का कारण :आर्थिक लाभ अर्जित करने हेतु छलपूर्वक वाहन किराये पर लेकर भुगतान न करना एवं वाहनों को गिरवी रखना▪️ घटनास्थल :थाना मोहन नगर क्षेत्र, दुर्ग▪️ आरोपी का विवरण :1. अमित कुमार सिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी चारभाटा थाना बागनदी, जिला राजनांदगांव2. वरुण सलामे, उम्र 25 वर्ष, निवासी बुधवारीपारा डोंगरगढ़ थाना डोंगरगढ़▪️ जप्त सामग्री :1. महिंद्रा स्कार्पियो CG 08 BD 61982. महिंद्रा स्कार्पियो CG 08 BL 46923. सुजुकी अर्टिगा CG 04 NV 58974. महिंद्रा थार CG 07 CS 07025. स्विफ्ट कार CG 04 CG 0843646. टाटा पंच CG 08 AT 93557. बुलेट मोटर साइकिल CG 08 BF 02608. वरना कार CG 08 BG 20099. बलेनो CG 04 QR 977210. अर्टिगा CG 08 DC 5750▪️ सराहनीय भूमिका :उक्त कार्यवाही में थाना मोहन नगर पुलिस स्टाफ की सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका रही, जिनके द्वारा त्वरित विवेचना कर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में वाहन बरामद किए गए।▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वाहन किराये पर देने से पूर्व संबंधित व्यक्ति/संस्था का सत्यापन अवश्य करें एवं बिना वैधानिक दस्तावेज के वाहन न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
- -आम नागरिकों को शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपीलमहासमुंद / राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम प्रत्येक माह अप्रैल, मई एवं जून 2026 में 15-15 दिन के लिए आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन जिले के ग्रामों में निर्धारित तिथियों पर संचालित होगा।राजस्व पखवाड़ा 2026 की कार्ययोजना के तहत अप्रैल माह में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक, मई माह में 04 मई से 18 मई 2026 तक तथा जून माह में 01 जून से 15 जून 2026 तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी ग्राम स्तर पर उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, भू-अभिलेख सुधार, आय, जाति, निवास संबंधी आवेदनों आदि का शिविर स्थल पर शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करेंगे।कलेक्टर श्री विनय कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं राजस्व विभाग को निर्देशित किया है कि निर्धारित तिथियों में राजस्व पखवाड़ा का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया जाए। साथ ही आयोजित शिविरों की प्रगति से विभाग एवं शासन को समय-समय पर अवगत कराना भी सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि ग्रामों में आयोजित होने वाले राजस्व पखवाड़ा शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का निराकरण कराएं और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- -तेज धूप से बचने, सिर एवं शरीर ढककर रखने व तरल पदार्थ का अधिक सेवन करने की अपीलमहासमुंद / जिले में लगातार बढ़ते तापमान और संभावित लू (हीट स्ट्रोक) की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जारी इस परामर्श में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है, तब हीट वेव की स्थिति बनती है और इसका प्रभाव विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों पर अधिक पड़ता है।उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इस मौसम में बिना जरूरी कार्य के दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण जैसे तेज बुखार, सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी दिखाई दे, शरीर का तापमान बढ़ जाए और पसीना न आए या अत्यधिक प्यास के साथ पेशाब कम हो, तो इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लू लगने की स्थिति में पीड़ित को तुरंत ठंडी जगह पर लिटाना चाहिए, उसके सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखनी चाहिए और उसे पानी, ओआरएस, पना या लस्सी जैसे तरल पदार्थ पिलाने चाहिए। यदि स्थिति गंभीर हो तो बिना विलंब किए अस्पताल ले जाना आवश्यक है, क्योंकि समय पर उपचार से गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिकों से अपील किया गया है कि वे दोपहर के समय तेज धूप से बचें, बाहर निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें, अधिक मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा चक्कर या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत आराम करें
- -उद्यानिकी खेती से मिल रहा अच्छा मुनाफामहासमुंद / जिले के विकासखण्ड बागबाहरा अंतर्गत ग्राम करमापटपर (भदरसी) के किसान श्री प्रमोद चंद्राकर ने सीमित भूमि संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहयोग, नवाचार और आधुनिक तकनीक व अपनी मेहनत से उद्यानिकी खेती में सफलता प्राप्त की है।श्री चंद्राकर बताते है कि उनके पास कुल 0.41 हेक्टेयर भूमि है, जो पहले पारंपरिक रूप से धान की खेती के लिए उपयोग में लाई जाती थी। इस पद्धति में लागत अधिक और उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता था। लेकिन समय के साथ उन्होंने खेती में बदलाव लाने का निर्णय लिया और उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ाया।उन्होंने ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीक को अपनाया, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब वे खरीफ और रबी दोनों सीजन में धनिया, प्याज और गेंदा फसलों की खेती कर रहे हैं। श्री प्रमोद चंद्राकर बताते हैं कि उन्होंने धनिया की खेती से प्रति एकड़ लगभग 5 से 6 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया। इस उत्पादन से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 50 हजार रुपये तक का मुनाफा हुआ। यह लाभ उन्हें इनपुट लागत, श्रमिक खर्च और अन्य सभी व्ययों को निकालने के बाद प्राप्त हुआ है। श्री प्रमोद चंद्राकर की इस उपलब्धि से पूरे गांव के लोग प्रेरित हुए हैं। उनके मार्गदर्शन और अनुभव से प्रभावित होकर अन्य किसान भी अब उद्यानिकी फसलों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
- सक्ती // प्लेसमेंट कैंप आयोजन के संबंध में जिला पंचायत सक्ती से जारी निर्देशानुसार, एस.आई.एस. इंडिया कंपनी लिमिटेड अनूपपुर एवं एसआईएस लिमिटेड रायगढ़ ब्रांच द्वारा जिला सक्ती अंतर्गत बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने की दृष्टि से जनपद, नगर पालिका एवं नगर पंचायत स्तर पर प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एसआईएस लिमिटेड रायगढ़ ब्रांच द्वारा जनपद पंचायत डभरा में 01 अप्रैल 2026 को, जनपद पंचायत जैजैपुर में 02 अप्रैल 2026 को, जनपद पंचायत मालखरौदा और जनपद पंचायत सक्ती में 03 अप्रैल 2026 को प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएंगे। वहीं एस.आई.एस. इंडिया लिमिटेड अनूपपुर द्वारा जनपद पंचायत मालखरौदा में 21 अप्रैल 2026 को, जनपद पंचायत जैजैपुर में 22 अप्रैल 2026 को, जनपद पंचायत डभरा में 23 अप्रैल 2026 को तथा जनपद पंचायत सक्ती में 24 अप्रैल 2026 को प्लेसमेंट कैंप लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शासकीय आईटीआई मालखरौदा में 25 अप्रैल 2026, शासकीय आईटीआई जैजैपुर में 27 अप्रैल 2026 तथा शासकीय आईटीआई डभरा में 28 अप्रैल 2026 को भी प्लेसमेंट कैंप का आयोजन निर्धारित किया गया है।एस.आई.एस सिक्योरिटी सर्विस इंडिया लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सुरक्षा जवान सहित अन्य 205 पदों पर भर्ती निकाली गई है। कंपनी आई इस ओ 9001:2008 से प्रमाणित है और लंबे समय से सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी देश के कई बड़े औद्योगिक और प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे लाल किला, कुतुब मीनार, होन्डा, मारुति उद्योग, टाटा मोटर्स, विभिन्न मॉल, फाइव स्टार होटल और आईटी संस्थानों में सुरक्षा सेवाएं प्रदान करती है। साथ ही बिलासपुर, रायपुर और रायगढ़ सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन पदों के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम ऊंचाई 167.5 सेंटीमीटर एवं वजन 56 किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि आयु सीमा 21 से 42 वर्ष के बीच तय की गई है। शैक्षणिक योग्यता के रूप में 10वीं पास अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, हालांकि कुछ मामलों में 10वीं फेल अभ्यर्थियों को भी अवसर प्रदान किया जा सकता है। चयनित अभ्यर्थियों को 15,000 से 35,000 रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। ड्यूटी अवधि 8 या 12 घंटे की होगी तथा नियुक्ति विभिन्न यूनिट्स में की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का चयन शारीरिक परीक्षण एवं साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। भर्ती के दौरान केवल चयनित अभ्यर्थियों से 500 रुपये का प्रोसेसिंग शुल्क लिया जाएगा। जिला प्रशासन ने इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस सुनहरे रोजगार अवसर का लाभ उठाएं।
- -अन्य राशन सामग्री प्रति माह अलग-अलग वितरित की जाएगीमहासमुंद । खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत पात्र राशनकार्डधारियों को अप्रैल से जून 2026 तक के खाद्यान्न वितरण हेतु संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।जारी निर्देशानुसार अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को तीन माह का चावल एकमुश्त अप्रैल माह में वितरित किया जाएगा तथा सामान्य राशनकार्डधारियों को अप्रैल माह का आबंटन दिया जाएगा। इसके लिए नागरिक आपूर्ति निगम को 31 मार्च 2026 तक समस्त उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त मात्रा में चावल भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं तथा 30 अप्रैल 2026 तक वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।इसके साथ ही अन्य राशन सामग्री जैसे शक्कर, नमक एवं चना का भंडारण और वितरण स्टॉक उपलब्धता के अनुसार अप्रैल से जून के दौरान प्रति माह अलग-अलग किया जाएगा। सभी उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के चावल वितरण की जानकारी प्रदर्शित करने तथा स्थानीय मीडिया और मुनादी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।हितग्राहियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-पॉस मशीन के माध्यम से प्रत्येक माह बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा तथा वितरण की रसीद भी प्रदान की जाएगी। अप्रैल माह में चावल उत्सव का आयोजन कर निगरानी समिति की उपस्थिति में वितरण कराया जाएगा।कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे खाद्य, राजस्व एवं सहकारिता विभाग के साथ समन्वय कर वितरण प्रक्रिया की नियमित निगरानी करें। साथ ही भंडारित खाद्यान्न की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी प्रकार का दुरुपयोग या व्यपवर्तन न हो। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं पीडीएस नियंत्रण आदेश के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- -घर में पेयजल की सुविधा से समय का हो रहा सदुपयोग - रेखा भोईमहासमुंद / जिले के बसना विकासखंड के ग्राम गिधली में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली लाई है।ग्रामीण बताते हैं कि गांव के लोगों की सुबह की दिनचर्या पानी की समस्या से शुरू होती थी। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए हैंडपंप और पावर पंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जब पानी के स्रोत सूखने लगते थे और लोगों को दूर-दूर तक पानी लाने के लिए जाना पड़ता था। इससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती थी, महिलाओं को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।परिस्थिति में बदलाव तब आया जब जल जीवन मिशन के तहत गांव में कार्य प्रारंभ हुआ। इस योजना के अंतर्गत लगभग 100.52 लाख रुपये की लागत से एक पानी टंकी का निर्माण किया गया और करीब 4644 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। जिससे गांव के 250 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। पहले जहां गांव में 9 हैंडपंप और 5 पावर पंप ही जल का मुख्य स्रोत थे, वहीं अब सभी घरों तक सीधे स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इस सफलता में ग्राम पंचायत के सरपंच श्री शोभित मांझी का नेतृत्व और ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। इसी का परिणाम है कि 17 अप्रैल 2025 को ग्राम गिधली को हर घर जल ग्राम के रूप में प्रमाणित किया गया।गांव की लाभार्थी श्रीमती रेखा भोई बताती हैं कि पहले उन्हें पानी भरने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। लेकिन अब घर में नल कनेक्शन मिलने से उन्हें आसानी से स्वच्छ पानी उपलब्ध हो जाता है। इससे उनका समय बचता है, जिसे वे अब घर और अन्य उपयोगी कार्यों में लगा पाती हैं, जिससे समय सदुपयोग हो रहा है।
- महासमुंद // जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरिंग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रवेश लिया जाना है। प्राचार्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरिंग ने बताया कि उच्च कार्यालय के निर्देशानुसार कक्षा 7वीं एवं कक्षा 11वीं (सीबीएसई पाठ्यक्रम, अंग्रेजी माध्यम) में रिक्त सीटों की पूर्ति के लिए विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा 7वीं में बालक वर्ग के लिए 1 सीट तथा कक्षा 11वीं में बालक वर्ग के लिए कुल 7 सीटें रिक्त हैं।इच्छुक विद्यार्थी 01 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक सुबह 10ः00 बजे से शाम 4ः00 बजे तक विद्यालय में उपस्थित होकर आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। प्रवेश के लिए चयन परीक्षा का आयोजन 30 अप्रैल 2026 को सुबह 10ः00 बजे से दोपहर 12ः00 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा केंद्र एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरिंग ही निर्धारित किया गया है। प्रवेश पूर्णतः चयन परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।
- -महासमुंद जिले के उम्मीदवार भी हो सकेंगे शामिलमहासमुंद / संभागीय अनुज्ञापन समिति (विद्युत) जगदलपुर द्वारा आगामी जुलाई माह 2026 में तार मिस्त्री परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रतिवर्ष की तरह आयोजित की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।यह परीक्षा विशेष रूप से बस्तर, कोण्डागाँव, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, धमतरी एवं महासमुंद जिले के उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार संबंधित परीक्षा आवेदन पत्र और जानकारी हेतु कार्यालय, कार्यपालन अभियंता (विद्युत सुरक्षा) एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक, छत्तीसगढ़ शासन, संभाग-जगदलपुर पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड क्र.-19, आजाद चौक, जगदलपुर, जिला-बस्तर (छ.ग.) पिन-494001 में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- -खडगांव उपकेन्द्र की क्षमता में बढ़ोतरी: 48 लाख की लागत से अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशीलमोहला । छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र खड़गांव में विद्युत अधोसंरचना को सशक्त बनाने एवं विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम खड़गांव स्थित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र में 48 लाख रुपये की लागत से 3.15 एम.व्ही.ए. के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर को मानपुर जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा मंडावी की उपस्थिति में सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती साहिदा बेगम, श्री बालचंद कोरेटी, श्री करण बोगा, श्री घनश्याम कड़ियाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। इस क्षमता वृद्धि से खड़गांव क्षेत्र के 31 ग्रामों के लगभग 2542 कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।क्षमता वृद्धि से खेती के सीजन में मिलेगी बड़ी राहतराजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि इस नए ट्रांसफार्मर के लगने से खड़गांव उपकेन्द्र की कुल पॉवर क्षमता 3.15 एम.व्ही.ए. से बढ़कर अब 6.30 एम.व्ही.ए. हो गई है। इस अपग्रेडेशन से क्षेत्र में लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान होगा। विशेष रूप से खेती के सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार ऐसे कार्य किए जा रहे हैं। इस क्षमता वृद्धि से संबलपुर, भटगांव, खड़गांव, बोरिया मोकासा, करियागोंदी, कहगांव, सिवनी, अड़जाल, कहडबरी, पुसवाड़ा, बोरिया ठेकेदारी, दोरबा, भदुर, कमानसूर, हिलचुल, घोड़ागांव, जक्के, पटभर्री, कुमुदकट्टा, उमरपाल, कोहका, मुर्रागोटा, कुसुमी, तोड़ो, पेन्दुर, पुसेवाड़ा, दुनकी, बोदरा, कट्टापार, कमकासूर जैसे 31 गांवों के करीब 2542 उपभोक्ताओं और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।अधिकारियों की टीम को मिली सराहनाकार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने इस महत्वपूर्ण कार्य को समय सीमा में पूर्ण करने के लिए पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने राजनांदगांव वृत्त के अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर, ईई मोहला श्री अनिल कुमार रामटेके, ईई एसटीएम श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता श्री शिरीष कुमार मिलिंद, श्री एस. पी. ठाकुर, कनिष्ठ अभियंता श्री अविनाश जेठवानी, श्री लालाराम पटेल, श्री ओमप्रकाश प्रधान एवं अन्य विभागीय कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने और किसानों तक बेहतर विद्युत सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। इस अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना से क्षेत्र के कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
- - संभाग आयुक्त ने ली विभागीय अधिकारियों की बैठक, विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षामोहला । संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिले के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागों द्वारा संचालित कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। बैठक में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, डीएफओ श्री दिनेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने कहा कि जिले का समग्र विकास एवं आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। अतः कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों तथा पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की गई। उन्होंने एसडीएम को निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की भी समीक्षा की। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीण विद्युतीकरण एवं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।खाद्य विभाग के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानों में राशन वितरण, भंडारण एवं बायोमैट्रिक व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उद्योग विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने औद्योगिक योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए जिले में राइस मिल संचालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्नत फसलों की स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने मक्का प्रोसेसिंग यूनिट हेतु औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, एग्रो आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने एवं फसल परिवर्तन अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कुपोषण दर तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति पर चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर तथा संस्थागत प्रसव की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति एवं एकल शिक्षक वाले स्कूलों में पंचायत स्तर पर शिक्षक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग, आयुष विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा निर्माण कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
- - मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कुल 2 हजार 264 हितग्राही हुए लाभान्वित, कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से 10 हितग्राहियों को दिया गया खातों में राशि हस्तांतरण प्रमाण पत्र- जिला स्तरीय राशि वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए हितग्राही और जनप्रतिनिधिमोहला । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत बलौदा बाजार के पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय राशि वितरण कार्यक्रम में रिमोट का बटन दबाकर राज्य के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों के खाते में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए हस्तांतरित किए।रिमोट का बटन दबाते ही मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के हितग्राहियों के खातों में 10 हजार रुपए की राशि अंतरित हुई। इनमें तहसील मोहला के 457, तहसील मानपुर के 681, तहसील चौकी के 748, तहसील खड़गांव के 164 एवं तहसील औंधी के 214 हितग्राही शामिल हैं। इस तरह जिले के कुल 2 हजार 264 हितग्राही लाभान्वित हुए। कार्यक्रम में सांकेतिक रूप से 10 हितग्राहियों को उनके खातों में राशि हस्तांतरण का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। जिला स्तरीय राशि वितरण कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह के मुख्य आतिथ्य में कलेक्ट्रेट कार्यालय सभा कक्ष में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री जी. आर. मरकाम, डिप्टी कलेक्टर श्री डीआर ध्रुव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे।जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शासन दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। हमें इस सहयोग राशि का बेहतर उपयोग कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होगा। समाज के समग्र विकास में हम सभी की भागीदारी आवश्यक है। जिला स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का लाइव प्रसारण देखा।दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को संबल प्रदान करना है। इसके तहत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार भी शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी परिवारों को भी शामिल किया गया है।- हितग्राहियों ने साझा किए योजना के लाभ एवं जीवन में आए बदलावकार्यक्रम के दौरान मोहला विकासखंड के ग्राम माडिंग-पिडिंग भूर्सा की हितग्राही श्रीमती शशि श्रीवास ने बताया कि शासन द्वारा संचालित यह योजना हम जैसे भूमिहीन मजदूर वर्ग के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे हमें आर्थिक संबल प्राप्त होता है, जिससे हम अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सक्षम हो पाते हैं।ग्राम कुंजामटोला निवासी हितग्राही श्री तीजलाल टाड़िया ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त 10 हजार रुपए की राशि का उपयोग वे अपने बच्चे की पढ़ाई-लिखाई में करेंगे। उन्होंने योजना से मिल रहे लाभ के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
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रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में 28 मार्च से शुरू होने वाले वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान मंगलवार, 31 मार्च को शाम 6.30 बजे एक पात्रीय नाटक ‘शबरी’ का मंचन किया जाएगा। कवियत्री वंदना ठाकुर की कविता को आधार बनाकर इस एक पात्रीय प्रयोग की परिकल्पना एवं निर्देशन आचार्य रंजन मोड़क ने की।आलेख लोकेश साहू और अभिनय चंचल ध्रुव कर रही हैं।
आचार्य रंजन मोड़क ने बताया कि 10 मिनट के एक पात्रीय अभिनय में युवा कलाकार चंचल ध्रुव माता शबरी की भक्ति और राम के इंतजार में बिताए पलों को मंचित करेगी। मतंग ऋषि ने माता शबरी से कहा था कि एक दिन श्रीराम अवश्य आएंगे और तब तक वह उनकी सेवा व प्रतीक्षा करती रहे। कहा जाता है कि शबरी ने वर्षों तक की लंबी प्रतीक्षा की, हर दिन रास्ते की बुहारी लगाकर, फूल बिछाकर राम के स्वागत की तैयारी करती थीं। वह हर दिन श्रीराम के चरणरज को माथे पर लगाने का स्वप्न देखतीं, तो कभी बेर एकत्रित करती और कभी भजन। माता की इसी भक्ति को दर्शाने का प्रयास इस नाटक में किया गया है। -
रायपुर -नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 6 राजस्व राजस्व विभाग की टीम के सभी राजस्व कर्मचारियों की टीम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के निर्देश पर जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्रीमती स्वाती शुक्ला के मार्गनिर्देशन में और नगर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा के मार्गनिर्देशन में और नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के निर्देश पर जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री महादेव रक्सेल के मार्गनिर्देशन में क्रमशः नगर निगम जोन 6, जोन 7 एवं जोन 8 अंतर्गत सभी 7 -7 वार्डों के समस्त बकायादारों को मोबाइल पर फोन और मैसेज कर उन्हें नगर पालिक निगम रायपुर राजस्व विभाग को देय सम्पूर्ण बकाया राशि को तत्काल अदा करने नगर निगम के हित में लगातार अभियान चलाकर प्रेरित कर रही है और अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही नगर पालिक निगम अधिनियम अंतर्गत प्रावधानों के अनुसार करने की स्पष्ट चेतावनी से भी उन्हें लगातार अवगत करवा रही हैँ .
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*गोठानों के माध्यम से राजीव मितान क्लब के लोगों को पोषित करती थी कांग्रेस पार्टी*
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने कहा कि भूपेश शासनकाल में छत्तीसगढ़ के गोठानों में अवैध शराबखोरी का काम कांग्रेस पार्टी और राजीव मितान क्लब के लोगों द्वारा कराई जाती थी। उन्होंने कहा कि राजीव मितान क्लब के लोगों को तात्कालिक भूपेश बघेल सरकार पोषित करती रही और इन्हीं के माध्यम से शराब की अवैध बिक्री भी कराई जाती थी। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजीव मितान क्लब के लोगों द्वारा गोठानों में शराबखोरी की जाती थी उसका वीडियो भी सोशल मीडिया में प्रसारित हो चुका है। प्रदेश में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली तात्कालिक भूपेश बघेल सरकार के संरक्षण में अन्य प्रदेशों से शराब लाकर बेची जाती थी।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को लूटने वाली कांग्रेस पार्टी हमेशा की तरह आज भी जनता के सामने झूठ परोस रही है । आपदा को अवसर समझने वाली कांग्रेस पार्टी आज भी जब दुनिया के कई देशों में युद्ध चल रहा है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है इस पर जनता को भरमाने की कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ को गांधी परिवार का एटीएम बनाने वाले कांग्रेसी और तात्कालिक भूपेश सरकार आज भाजपा के ऊपर आरोप लगा रहे है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस का कलुषित चेहरा प्रदेश की जनता भलीभांति जान चुकी है , कि कांग्रेस पार्टी केवल वोट बैंक की राजनीति करती है। प्रदेश की जनता ने 2018 के विधानसभा चुनाव में किए कांग्रेस के झूठे वादों को आज तक नहीं भूल पाई है। जनता को सिर्फ विकास करने वाली, प्रदेश की जनता को संरक्षण देने वाली, और प्रदेश में खुशियां लाने वाली भारतीय जनता पार्टी ही चाहिए, न की दशकों तक देश को लूटने वाली कांग्रेस पार्टी। -
रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा,श्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा श्री राम नवमी पर एक ऐतिहासिक निर्णय!
एक बड़े कदम के तहत, श्री नरेंद्र मोदी सरकार ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की है। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹10 घटाकर मात्र ₹3 कर दिया गया है, जबकि डीजल पर शुल्क पूरी तरह समाप्त कर शून्य कर दिया गया है।वैश्विक संकट के इस दौर में भी यह निर्णायक कदम सुनिश्चित करता है कि आम उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।इस पुनीत फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए आईएएस रजत बंसल को मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव के रूप में पदस्थ करते हुए कई अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार दिया है, साल 2012 बैच के आईएएस अधिकारी रजत बंसल को विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय के पद पर पदस्थ किया गया है. यह नियुक्ति आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से की गई है, लेकिन उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
रजत बंसल को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ कई अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. इनमें आयुक्त जनसंपर्क, सीईओ ‘संवाद’, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म और प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम शामिल हैं.प्रशासनिक सफरआईएएस सेवा में शामिल होने के बाद 3 सितंबर 2012 को रजत बंसल ने अपनी सेवा शुरू की. उनकी पहली पोस्टिंग रायगढ़ जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई. इसके बाद वे राजनांदगांव में एसडीएम और जिला पंचायत सीईओ रहे. सूरजपुर में भी उन्होंने जिला पंचायत सीईओ के रूप में कार्य किया. आगे चलकर वे रायपुर नगर निगम के कमिश्नर बने और वर्तमान में वाणिज्य कर आयुक्त तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक के रूप में कार्यरत रहे हैं. -
रायपुर। गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी और आईजी पद पर पदस्थ रतनलाल डांगी को निलंबित कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब वे पहले से ही एक गंभीर विवाद में घिरे हुए थे. गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ एक महिला द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे मामले शामिल हैं. आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन आरोपों के आधार पर उनके आचरण की जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का पाया गया है. इसी वजह से जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) दिया जाएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. सरकार ने आदेश में यह भी संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी.












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