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- -मुख्यमंत्री ने कहा - दिव्यांशु ने विश्व रिकॉर्ड बनाकर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और देश को किया गौरवान्वित-10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर दिव्यांशु ने रचा इतिहासरायपुर। सुशासन तिहार के अवसर पर रायगढ़ प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु देवांगन को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु को मेडल पहनाकर तथा पुरस्कार भेंट कर उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।दिव्यांशु देवांगन ने मिस्र की राजधानी कायरो में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2026 में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इतना ही नहीं, उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और पूरे देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु की माता-पिता और दादी से भी मुलाकात की तथा दिव्यांशु की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने भी दिव्यांशु देवांगन को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर छत्तीसगढ़ का नाम देश और विदेश में ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु जैसे खिलाड़ी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी उपलब्धि आने वाली पीढि़यों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।दिव्यांशु देवांगन की इस उपलब्धि को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। कायरो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के प्रतिभागियों के बीच दिव्यांशु ने अद्भुत एकाग्रता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके प्रदर्शन ने न केवल भारत को शीर्ष स्थान दिलाया, बल्कि नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास भी रच दिया। दिव्यांशु की सफलता से युवा खिलाडि़यों में नई प्रेरणा जागी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य को नई पहचान देगी। रायगढ़ सहित पूरे प्रदेश में दिव्यांशु को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रायगढ़ के इस होनहार खिलाड़ी की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग सहित रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -गृह मंत्री विजय शर्मा ने किया कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षणरायपुर / प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं नागरिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एवं 400 अत्याधुनिक डायल 112 वाहन का भी शुभारंभ किया जाएगा।कार्यक्रम की तैयारियों के तहत प्रदेश के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 प्रदेश में तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से पुलिस सेवा, फायर सर्विस, मेडिकल इमरजेंसी सहायता, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सहायता तथा हाईवे इमरजेंसी जैसी सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे नागरिकों को त्वरित एवं समन्वित सहायता सुनिश्चित हो रही है।इस उन्नत प्रणाली में केंद्रीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, जीपीएस आधारित इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन, जीआईएस आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑटोमेटिक कॉल लोकेशन पहचान प्रणाली तथा तकनीक सक्षम डिस्पैच प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। नई व्यवस्था के माध्यम से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटना प्रतिक्रिया, चिकित्सकीय सहायता तथा जन-संकट की परिस्थितियों में और अधिक प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। प्रदेश में संचालित डायल 112 सेवा वर्ष 2018 से अब तक लाखों नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान कर चुकी है तथा वर्तमान में इसकी सेवाएं 16 जिलों तक सीमित थी अब यह प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित हो जायेगी।
- सफाई और सुलभ शौचालयों का लिया जायजाभिलाईनगर। शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जमीनी हकीकत जानने के लिए नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पहल की। स्वास्थ्य अधिकारी और जनसंपर्क अधिकारी के नेतृत्व में पूरी टीम ने किसी सरकारी वाहन के बजाय साइकिल से बैकुंठधाम वार्ड का सघन निरीक्षण किया।इस दौरान टीम ने वार्ड का मुख्य मार्गों के साथ-साथ तंग गलियों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था और सुलभ शौचालयों की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से जावेद अली स्वास्थ्य अधिकारी, तिलेश्वर साहू जनसंपर्क अधिकारी, वीरेंद्र बंजारे सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, भोला साहू पार्षद प्रतिनिधिएवं सुपरवाइजर विनोद सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे ।साइकिल से भ्रमण करते हुए निरीक्षण दल ने क्षेत्र में स्थित सुलभ शौचालय का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली ने शौचालय में पानी की उपलब्धता, लाइटिंग और नियमित सैनिटाइजेशन की स्थिति को देखा। उन्होंने सफाई सुपरवाइजर को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"साइकिल से निरीक्षण करने का मुख्य उद्देश्य उन गलियों तक पहुंचना था जहाँ गाड़ियां आसानी से नहीं जा पातीं। इसके साथ ही ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक नियंत्रण एवं आर्थिक बचत उद्देश्य है। साथ ही इससे सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का पता चला है। कमियों को दूर करने के लिए सुपरवाइजर्स को तत्काल निर्देश दिए गए हैं।"दौरे के दौरान पार्षद प्रतिनिधि भोला साहू की मौजूदगी में अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से भी मुलाकात की और उनसे सफाई व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया। नागरिकों ने अधिकारियों को अपनी समस्याएं रखीं, जिसके त्वरित निराकरण के लिए सहायक स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र बंजारे को जिम्मेदारी सौंपी गई।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए इस तरह के औचक और जमीनी निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
- 0- कहा - अब इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी, मिलेगी 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधारायपुर। जिले में स्वास्थय सेवाओं के लिए शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ सुरक्षा कवच साबित हो रही है।‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के नगर पंचायत समोदा में आयोजित जन समस्या निवाराण शिविर ने ग्राम समोदा निवासी श्री श्यामलाल एवं उनकी पत्नि श्रीमती घसनिन के लिए राहत की नई किरण जगाई। श्री श्यामलाल ने शिविर में आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवाने हेतु आवेदन किया। स्वास्थय विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही उनका व उनकी पत्नी का आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया गया | लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल द्वारा श्री श्यामलाल एवं श्रीमती घसनिन को आयुष्मान वय वंदना कार्ड दिया गया|हितग्राही श्री श्यामलाल ने कहा कि अब बीमार होने पर मुझे इलाज के खर्च की चिंता नहीं रहेगी। सरकार के इस आयुष्मान कार्ड से मेरा इलाज निःशुल्क हो सकेगा। यह योजना हम जैसे गरीबों के लिए वरदान है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद देता हूँ।प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस एवं निःशुल्क इलाज। परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं। सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज। कैंसर, हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी सहित अनेक गंभीर बीमारियों का उपचार शामिल।आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं: PMJAY पोर्टल या 'Ayushman App' के माध्यम से। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), अटल सेवा केंद्र या पैनलबद्ध सरकारी अस्पताल में जाकर। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर। यह कार्ड पूरी तरह से निःशुल्क बनाया जाता है।‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत लग रहे समाधान शिविरों के माध्यम से राज्य शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वास्थय संबंधी आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल रही है।
- 0- डबरी निर्माण से निर्मित हुए आजीविका के नए साधनरायपुर. रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम तरी की श्रीमती राजिम बाई वर्मा ने सरकारी योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। राजिम बाई आज मनरेगा के तहत निर्मित “आजीविका डबरी” के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पहले श्रीमती राजिम बाई वर्मा अपने खेत में बोर खनन करवाया था जिससे सिंचाई कर वे रबी फसल अपने खेत में लगाती थीं| लेकिन समय के साथ भू-जल स्तर नीचे चला गया इस कारण वे केवल एक ही फसल लेने तक सीमित हो गईं, जिससे उनकी आय पर असर पड़ा।इसी बीच ग्राम पंचायत के सरपंच ने उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत “आजीविका डबरी” निर्माण के बारे में जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि इस योजना के तहत बिना किसी आर्थिक खर्च के खेत में डबरी बनवाई जा सकती है, जिससे सिंचाई और अतिरिक्त आय के नए साधन विकसित किए जा सकते हैं।जानकारी से प्रेरित होकर श्रीमती राजिम बाई वर्मा ने पंचायत में आवेदन किया। तकनीकी सहायक द्वारा स्थल निरीक्षण कर अनुमान तैयार किया गया और उच्च कार्यालय को भेजा गया। तत्पश्चात् उनके नाम से आजीविका डबरी निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई। जिसकी लंबाई 20 मीटर, चौड़ाई 20 मीटर और गहराई 2 मीटर निर्धारित की गई।आज यह डबरी न केवल जल संरक्षण का माध्यम बनी है, बल्कि श्रीमती वर्मा के लिए आजीविका का मजबूत आधार भी बन चुकी है। वे डबरी में सिंघाड़े की खेती और मछली पालन शुरू करने की योजना बना रही हैं।
- रायपुर. जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में “बिहान” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त मंच प्राप्त हो रहा है। यह कहानी है रायपुर जिले के ग्राम बनरसी, विकासखण्ड धरसींवा की श्रीमती कांति ओगरे की, जिन्होंने अपने संघर्ष और मेहनत से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।श्रीमती कांति ओगरे वर्ष 2018 में बिहान स्वयं सहायता समूह से जुड़ी थीं। उस समय वे एक गृहिणी थीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कुकिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर वर्ष 2019 में पर्यावास भवन में कैंटीन का संचालन प्रारंभ किया।कैंटीन व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें सी.आई.एफ. ऋण राशि 60,000 रुपए तथा बैंक से 50,000 रुपए का अतिरिक्त ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने अपना कैंटिन शुरू किया।आज श्रीमती कांति ओगरे की मासिक आय लगभग 12,000 रुपए तथा वार्षिक आय 1,44,000 रुपए हो चुकी है। इस आय से उन्होंने बच्चों की शिक्षा, घर-खर्च संभाला एवं एक स्कूटी भी खरीदी। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अब समाज में उनकी एक अलग पहचान है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया।
- 0- लंबित बिजली बिल भुगतान में विशेष छूट, 3 हजार 565 रुपये का बकाया बिल हुआ माफरायपुर. लंबित बिजली बिल के भुगतान की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत बी.पी.एल., अशासकीय घरेलू एवं अशासकीय कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि में विशेष छूट प्रदान की जा रही है, जिससे जिले के हजारों परिवारों को राहत मिल रही है।राजधानी के निवासी श्री शेखर सोनी ई-रिक्शा चालक हैं। यह ई-रिक्शा उनकी आय का एक मात्र ज़रिया है। श्री सोनीे आर्थिक समस्याओं के चलते लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पा रहे थे, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी। तभी संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इस योजना की जानकारी दी। श्री सोनी ने इस योजना की विस्तृत जानकारी ली, और जल्द प्रक्रिया पूर्ण कर लंबित निर्धारित भुगतान सीएसपीडीसीएल को कर दिया।इस योजना के अंतर्गत उन्हें 3 हजार 565 रुपये की राहत मिली, जिससे उनका आर्थिक दबाव काफी कम हुआ। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद लोगों के लिए बेहद सहायक साबित हो रही है।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना 2026 के तहत 31 मार्च 2023 तक लंबित बकाया राशि वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पुराने बकाया को सरल प्रक्रिया के माध्यम से समाप्त कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना है। इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है।पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए मोर बिजली एप या संबंधित सीएसईबी कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10 प्रतिशत भुगतान करना अनिवार्य है, जबकि निष्क्रिय उपभोक्ताओं को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगी। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
- 0- आर्थिक स्थिति में आया सुधार, मुख्यमंत्री को दिया धन्यवादरायपुर. जिले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश में “बिहान” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का सशक्त मंच मिल रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायी कहानी है रायपुर जिले की गृहिणी श्रीमती गायत्री यदु की, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए बिहान योजना के माध्यम से अपने परिवार को नई मजबूती दी।श्रीमती यदु पहले घरेलू कार्यों तक सीमित थीं। इसी दौरान बिहान की सी.आर.पी. दीदियों ने उनके घर पहुंचकर समूह से जुड़ने और बिहान योजना के लाभों की जानकारी दी। दीदियों की प्रेरणा से वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, जिसमें 10 सदस्य शामिल हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सी.आई.एफ. राशि का लाभ लेकर अपने बेटे की शादी संपन्न कराई।बिहान की FLCRP दीदियों ने उन्हें बीमा योजना की जानकारी देते हुए इसके लाभ बताए, जिसके बाद श्रीमती यदु ने अपने और अपने पति का बीमा कराया। पिछले वर्ष उनके पति का निधन हो गया, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई। ऐसे कठिन समय में बीमा योजना उनके लिए बड़ी मदद साबित हुई और उन्हें 2 लाख रुपए की क्लेम राशि प्राप्त हुई।श्रीमती यदु ने बताया कि वे प्राप्त सीआईएफ राशि को बच्चों की पढ़ाई और घर निर्माण में उपयोग कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधर आया है, जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एवं बिहान योजना का धन्यवाद करती हूँ।
- 0- हितग्राहियों को मिला उज्जवला योजना का लाभ, 2 हितग्राहियों को महतारी जतन योजना के तहत 20-20 हजार का चेक वितरण0- नेवसा शिविर में 219 समस्याओं का मौके पर ही समाधानबिलासपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में 1 मई से सुशासन तिहार 2026 का सफल आयोजन किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहंुच रहा है। इसी क्रम में आज बिल्हा विकासखण्ड के नेवसा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने अलग-अलग विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर उपस्थित नागरिकों से चर्चा की और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ लेने की अपील की। नेवसा समाधान शिविर में मांग एवं समस्याओं से संबंधित कुल 467 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 219 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। शिविर स्थल में अलग-अलग हितग्राही मूलक योजनाओं के आबंटन पत्र, चेक का वितरण भी हितग्राहियों को किया गया।मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि सुशासन शिविरों के माध्यम से आज शहर और सुदूर वनांचलों तक योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहंुच रहा है। आमजनों की समस्याओं के समाधान और योजनाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार का आरंभ किया है। सुशासन तिहार के तहत आमजनों की समस्या की सुनवाई और निराकरण हो रहा है। निश्चित तौर पर ग्रामीणों ने योजनाओं के बारे में जाना है और उनका लाभ लेने आगे आ रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन से छ.ग. संवर रहा है।शिविर में खाद्य विभाग द्वारा निर्मला धीवर को उज्जवला योजना का लाभ प्रदान किया गया। 9 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनान्तर्गत स्वीकृति आदेश, 2 किसान हितग्राहियों को ऋण वितरण, 9 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, 2 हितग्राहियों को श्रम विभाग द्वारा महतारी जतन योजना के तहत 20-20 हजार की राशि का चेक वितरण, 2 हितग्रााहियों को श्रम पंजीयन कार्ड, 5 शिशुओं का अन्नप्रासन, 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण, 3 हितग्राहियों का जॉब कार्ड वितरण, 10 हितग्राहियों को राशनकार्ड का वितरण किया गया। साथ ही अन्य को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया।शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत सदस्य अनुसुईया जागेन्द्र कश्यप, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह,जनपद सदस्य कमला विजय साहू, प्रकाश कमलसेन, सुरेखा मनोज पटेल, उषा सोरठे, राजेन्द्र साहू, श्री उमेश गौरहा, सरपंच, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीइओ श्री संदीप अग्रवाल, एसडीएम, सीईओ जनपद श्री कुमार लहरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- दुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 22 में सतनाम भवन, जैतखाम जीर्णोद्धार एवं मंच निर्माण कार्य के भूमिपूजन कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव समाजजनों के साथ शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर विकास कार्यों का शुभारंभ किये। पटरीपार क्षेत्र में ₹19.88 लाख की लागत से होने वाला यह निर्माण कार्य समाज की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा। मंत्री श्री यादव ने कहा कि जैतखाम सतनामी समाज की पहचान और श्रद्धा का केंद्र है तथा इसके जीर्णोद्धार और सतनाम भवन निर्माण से समाजजनों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सभी समाजों के विकास और सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर जैतखाम, सामुदायिक भवन और अन्य जनहित के कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र की जनता और सामाजिकजनों को सीधा लाभ मिल रहा है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने उपस्थित लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के हित में लगातार कार्य कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और राष्ट्रहित के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया।कार्यक्रम के दौरान समाज के बच्चों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत मनमोहक पंथी नृत्य ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सांस्कृतिक प्रस्तुति से कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। मंत्री श्री यादव ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किये।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, सभापति श्याम शर्मा, मंडल अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, बंटी चौहान, कमलेश फेकर, कांशीराम कोसरे, भाजयुमो अध्यक्ष हिमांशु सिंह, पार्षदगण, समाजजन, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
- दुर्ग. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के मार्गदर्शन में 18 जुलाई 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में आयोजित होने वाली स्पेशल लोक अदालत को अधिक से अधिक सफल एवं प्रभावी बनाने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग द्वारा विशेष रूप से तीन न्यायिक अधिकारियों की एक टीम गठित की गई है, जिसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं दो व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी सम्मिलित हैं।गठित टीम को यह दायित्व सौंपा गया है कि वे न्यायालय में लंबित अधिकाधिक बैंक एवं फायनेंस कंपनियों से संबंधित प्रकरणों के निराकरण हेतु समन्वय स्थापित कर प्रकरणों को लोक अदालत के माध्यम से सुलह-समझौते के आधार पर निराकृत कराने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उक्त उद्देश्य की पूर्ति हेतु 15 मई 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों, निजी बैंकों एवं फायनेंस कंपनियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं एवं अधिकारियों ने सहभागिता की।बैठक के दौरान न्यायिक अधिकारियों द्वारा अधिवक्ताओं एवं बैंक प्रतिनिधियों को आगामी स्पेशल लोक अदालत के महत्व से अवगत कराया गया तथा अधिकाधिक लंबित प्रकरणों को चिन्हांकित कर आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से निराकृत किए जाने हेतु आवश्यक पहल करने का आग्रह किया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि लोक अदालत एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली है, जिसके माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त होता है तथा समय एवं धन दोनों की बचत होती है।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बैंक एवं फायनेंस कंपनियों द्वारा लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर संबंधित पक्षकारों से संपर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक मामलों का निराकरण स्पेशल लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सके।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा आम नागरिकों, बैंक प्रतिनिधियों एवं अधिवक्तागण से अपील की गई है कि वे स्पेशल लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने में सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्ष एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव उपस्थित रहे।
- दुर्ग. दुर्ग जिले में आज राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य में अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा कार्यशाला आयोजित कर कार्यक्रम रैली निकाली गयी, जिसमें एडीज मच्छर के काटने से होने वाले डेंगू की उत्पत्ति के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा एवं बचाव तथा उपचार के बारे मे संपूर्ण जानकारी दिया गया।राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2026 का थीम है "डेंगू नियंत्रण में सामुदायिक भागीदारी जांच करें, सफाई करे, और ढंके"इस कार्यक्रम में निजी चिकित्सालय एवं पंजीकृत चिकित्सक के समन्वय से समय पर डेंगू रोगीयों की जानकारी प्राप्त कर सम्पूर्ण मुलोपचार, कार्यक्षेत्र की प्रत्येक मितानीन को 3 नारे लेखन हेतु जिला एवं विकासखण्ड स्तर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति तथा शहरी क्षेत्रों में महिला आरोग्य समिति की बैठक आयोजित कर डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु समुदाय को जागरुक करने व्यापक प्रचार प्रसार करने निर्देशित किया गया।इस कार्यक्रम में लार्वा स्त्रोत नियंत्रण के तहत नाली की सफाई, कुलर, गमला, टायर, नारियल खोल, टंकी, प्लास्टिक कंटेनर, जल भराव के क्षेत्र एवं झाडियों इत्यादि में मच्छर के लार्वा का स्त्रोत पाया जाता है उसे कीटनाशक दवा टेमिफास, मेलाथियान, इत्यादि से विनिष्टीकरण किये जाने हेतु बताया गया यह कार्यक्रम जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आयोजित किया गया एवं जिला अस्पताल दुर्ग में 10 बेड का डेंगू वार्ड पृथक से मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है।इस कार्यक्रम में डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी दुर्ग के मार्गदर्शन में डॉ. संजीव ग्लैड जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी, डॉ. आशिषन मिंज, सिविल सर्जन, डॉ. रश्मि ग्लैड जिला मलेरिया अधिकारी, डॉ.सी.बी.एस. बंजारे जिला नोडल अधिकारी आईडीएसपी दुर्ग के कुशल नेतृत्व मे राष्ट्रीय डेंगू दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मच्छर जनित रोग के बारे में प्रचार-प्रसार बचाव उपचार तथा सभी को मच्छरदानी का उपयोग करने एवं स्त्रोत नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत लार्वा विनिष्टीकरण एवं वयस्क मच्छर का विनिष्टीकरण हेतु बताया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग जिला दुर्ग के समस्त अधिकारी कर्मचारी एवं नर्सिंग कालेज के प्रभारी व छात्राएं उपस्थित रही व उनके द्वारा डेंगू के रोकथाम हेतु संकल्प लिया गया।--
- दुर्ग. छ.ग. शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के तहत 16 मई को वार्ड क्र. 03 स्थित मंगल भवन में जनसमस्या शिविर का आयोजन किया गया जिसमें शासन के समस्त विभागों द्वारा स्टाल लगाया गया। आयोजित शिविर में वार्ड क्र. 05, 06, 07 एवं 08 के साथ नगर के सभी वार्ड के नागरिको ने शिविर में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हुए मांग व शिकायत हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया । साथ में शिविर में अन्य विभागों द्वारा लगाए गए तात्कालिक सुविधा का लाभ लिया गया।आयोजित शिविर में कुल 149 मांग/शिकायत प्राप्त हुई है। शिविर में महिला एवं बाल विकास द्वारा 49 महिला हितग्राहियों का शिविर में ही ई-केवायसी किया गया, 21 हितग्राहियों का आधार अपडेशन और 4 लोगों का तत्काल नया आधार कार्ड बनाया गया। गोद भराई 04 महिलाओं का, आभा आईडी 122, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 53 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण किया गया। आयुष हेल्थ परीक्षण और आयुर्वेदिक दवाइयो का वितरण 67 मरीजों को किया गया। परिवहन विभाग द्वारा 22 लोगों का लर्निंग लायसेंस बनाया गया। साथ ही 4 महिला हितग्राहियों को 20-20 हज़ार का राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना का स्वीकृति पत्र, पेंशन स्वीकृति पत्र, 4 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। शिविर में आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए अहिवारा के सम्माननीय नागरिकों से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने हेतु अपील हेतु पांफलेट का भी अनावरण किया गया।आयोजित शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष श्री विद्यानंद कुशवाहा,अनुविभागीय अधिकारी भिलाई 03 श्री महेश सिंह राजपूत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री प्रवीण सिंह गहलोत , पुलिस विभाग से डीएसपी दानेश्वर साहू, तहसीलदार श्री राधे वर्मा, वार्ड क्र. 02 पार्षद श्री अनुज साहू, वार्ड क्र. 03 पार्षद इंदिरा बंजारे, वार्ड क्र. 05 पार्षद शिवनारायण अग्रवाल, वार्ड क्र. 07 पार्षद कीर्ति राजा शिवाले, वार्ड क्र. 12 पार्षद पुरूषोत्तम वर्मा, वार्ड क्र. 13 पार्षद केशव महिलांग, वार्ड क्र. 15 पार्षद मुकुंद पटेल के साथ समस्त विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी,नगर पालिका के उपअभियंता खिलानंद कुल्हारे एवं अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। शासन के मंशानुरूप राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2026 की थीम (जांच करें ,साफ करें, ढकें एवं डेंगू को हराने का उपाय करें) अनुसार डेंगू/मलेरिया से बचाव के लिए निगम आयुक्त महोदय के आदेशानुसार एवं स्वास्थ्य अधिकारी महोदय के निर्देशों के परिपालन में जोन -1 वार्ड -कोसनगर अंतर्गत रैशने आवास श्रमिक बस्ती में एवं जोन -2 वार्ड -23 घासीदास नगर सघन बस्ती में, जोन -4 वार्ड -40 मंगल बाजार - छावनी के श्रमिक बस्ती में आम नागरिकों में जन जागरूकता लाने के उद्देश्य से डेंगू रोधी नारों के साथ रैली निकालकर तथा अपने शहर में स्वच्छता अपनाते हुए डेंगू मुक्त शहर बनाने का संकल्प लिया गया।इस कार्यक्रम में उपस्थित पार्षद, मितानिन, जन समुदाय , महिला समूह के सदस्य उपस्थित रहे । मानसून पूर्व एवं मानसून के दौरान डेंगू से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।मच्छर प्रजनन स्रोत कूलर, टंकी, ड्रम, कंटेनर वगैरह की सप्ताह में एक दिन जांच करें, इसे साफ करें/सुखाएं तत्पश्चात ही उपयोग में लें। संग्रहित पानी पात्र को ढांक कर रखने, घर के आसपास स्थित नाली के जमाव पानी में जला ऑयल डालने, बाड़ी/बाग - बगीचों में रखे अनुपयोगी कबाड़ सामान जैसे:- टायर- ट्यूब, टूटे फूटे बर्तन, डिस्पोजल आदि को वर्षा पूर्व हटा लें जैसी स्वास्थ्य शिक्षा दी गई।इस सम्पूर्ण कार्यक्रम में सर्वेलेंस विशेष दस्ता से के. के. सिंह अपनी टीम के साथ, जिला मलेरिया विभाग से मोहन राव, उमेश कपूर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, अतुल यादव, घासीदास नगर की पार्षद श्रीमती ऊषा शर्मा, विनय शर्मा, स्व सहायता समूह की सुपरवाइजर पूनम यादव, किरण शर्मा अपनी टीम के साथ, वार्डवासी हेमलता रामटेके , प्रमिला खोबरागड़े, सरोजिनी देवांगन का विशेष सहयोग रहा।
- रायपुर। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम बीजाभाठा में अवैध मुरूम उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन और दो हाईवा वाहन जब्त किए हैं। कार्रवाई के बाद जब्त वाहनों को थाना डोंगरगांव के सुपुर्द कर दिया गया है।कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम बीजाभाठा में अवैध मुरूम उत्खनन की शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान बिना अनुमति मुरूम उत्खनन किया जाना पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर मौजूद मशीनरी और वाहनों को जब्त कर लिया। जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- 0- दोनों छात्रों का मांडल राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली के लिए चयनित हुई हैमहासमुंद. प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत मुढ़ीपार में समाधान शिविर का आयोजन हुआ। जहां विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी डडसेना के मार्गदर्शन व गौरव चंद्राकर के विशेष देखरेख में तैयार किया गया बाल वैज्ञानिक सृष्टि यदु पीएम श्री विद्यालय पिथौरा का मॉडल मल्टीपरपज स्मार्ट रोबोटिक्स एवं पियूष साहू सेंट फ्रांसिस विद्यालय पिथौरा का मॉडल सांपों की सुरक्षा वाला चारपाई का आगामी सितंबर माह 2026 में होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान मेला दिल्ली के लिए चयनित किया गया है इस उपलब्धि के लिए सुशासन तिहार के मुख्य अतिथिखाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल व कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित उपस्थित अतिथियों ने बाल वैज्ञानिकों को स्मृति चिन्ह प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया ।इस उपलब्धि के लिए उषा पुरुषोत्तम धृतलहरे जनपद अध्यक्ष, ब्रह्मा पटेल जनपद उपाध्यक्ष, रामदुलारी सीताराम सिन्हा जिला पंचायत सभापति,बीएल देवांगन जिला शिक्षा अधिकारी, श्रीमती सीमा चंद्राकर संस्कार शिक्षण संस्थान संचालिका, रेखराज शर्मा डीएमसी, संपा बोस एबीसी, लक्ष्मी डडसेना विकासखंड शिक्षा अधिकारी पिथौरा, पूर्णानंद मिश्रा एबीओ,नरेश पटेल बीआरसी, उत्तम साहू , बालाराम दीवान, विक्रम वर्मा टीकम चंद पटेल संकुल समन्वयको ने बाल वैज्ञानिक सृष्टि और पीयूष और उनके मार्गदर्शन शिक्षक गौरव चंद्राकर को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित किए हैं।
- 0- कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक0- हर जिले की हो अलग पहचान, योजनाओं से बदले जनजीवन- राज्यपालरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कबीरधाम जिले में विकास कार्यों के संबंध में बैठक लेकर वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन अभियान का रूप देना आवश्यक है, तभी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भूजल संकट से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हर जिले की अपनी अलग पहचान हो, चाहे वह योजनाओं की विशेष उपलब्धि या जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में हो l बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल श्री डेका ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष कवर्धा में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त उपहार है, जिसे सहेजकर न केवल वर्तमान जरूरतें पूरी की जा सकती हैं बल्कि भूजल स्तर को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने तथा प्रारंभिक स्तर पर बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।राज्यपाल श्री डेका ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण ही नहीं बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है, जिससे जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ सके। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भी वृक्षारोपण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने, किसानों को प्रशिक्षण देने, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक कृषि की सिंचाई पद्धतियों पर बड़े स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता बताई।पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि योजना का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीबी मरीजों के उपचार, पोषण आहार उपलब्धता तथा मल्टीपल टीबी मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। राज्यपाल ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा एम्स के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने रेड क्रॉस की वार्षिक सदस्यता अभियान को बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि लोगों की छोटी-छोटी मदद किसी का जीवन बदल सकती है।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से स्थापित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से अपने कार्यक्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर लोगों के जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने की बात कही।बैठक में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा , पुलिस अधीक्षक सहित सभी एसडीएम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- बालोद. राज्य शासन द्वारा वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान में मितव्ययिता के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके अंर्तगत मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, समस्त निगम, मण्डल, आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग करने एवं अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित की जाए। इसी तरह राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। पेट्रोल, डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए। इसी तरह अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर, राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा। भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाए। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअल/ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं। कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये।इलेक्ट्रॉनिक फाइलों ( पीडीएफ, पीपीटी आदि) का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से ई ऑफिस के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके। इस हेतु आई गोट कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके। उक्त निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इसके साथ ही इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
- 0- लखनपुर स्थित निज निवास में क्षेत्रवासियों से किया सीधा संवाद, अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देशरायपुर। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर स्थित अपने निज निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों, महिलाओं और नागरिकों ने सड़क, बिजली, पेयजल, राजस्व प्रकरण तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री श्री अग्रवाल ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा हर शिकायत का निराकरण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए।जनदर्शन के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। शासन की मंशा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी पात्र हितग्राही को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में अधोसंरचना विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।मंत्री श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता दिखाई जाए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और इस विश्वास को बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
- 0- 2 घण्टे में हो गया जगदीश की समस्या का समाधानरायपुर। बलौदाबाजार जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत कुसमी में शनिवार को सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में एक संवेदनशील दृश्य देखने को मिला जब कलेक्टर कुलदीप शर्मा एक बुजुर्ग के पास बैठकर समस्या सुनी और खुद बुजुर्ग आवेदक के लिये आवेदन लिखा। कलेक्टर ने आवेदन पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश एसडीएम को दिये जिस कार्यवाही करते हुए पर 2 घंट में समस्या का समाधान कर दिया गया। ग्राम गातापार निवासी लगभग 70 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश प्रसाद वर्मा सुशासन शिविर में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। फॉर्म लेकर आवेदन लिखने की जद्दोजहद कर रहे थे उसी समय स्टॉल अवलोकन के दौरान कलेक्टर कुलदीप शर्मा की नजर उन पर पड़ी तो नजदीक जाकर आत्मीयता से बात की। जगदीश वर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा शासकीय भूमि में अतिक्रमण कर रास्ता बंद कर दिया है। रास्ता के लिये आवेदन देने आया हूं लेकिन आवेदन लिखने में परेशानी हो रही है। इस पर कलेक्टर श्री शर्मा ने बुजुर्ग जगदीश वर्मा के पास बैठकर उनसे फॉर्म लेकर आवेदन लिखा और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या का तत्काल समाधान होग़ा।कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमले द्वारा ग्राम गातापार पहुंचकर जगदीश प्रसाद वर्मा और अनावेदक भुलाऊ निषाद का समझौता कराकर आपसी सहमति से निस्तारी हेतु 10 फीट रास्ता दिलवाया गया। जिला प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से खुश जगदीश प्रसाद वर्मा ने कहा कि भुलाऊ निषाद द्वारा शासकीय जमीन में दीवाल खड़ा कर दिया था जिससे निस्तारी के लिये रास्ता बंद हो गया था। प्रशासन के कार्यवाही से पूरी तरह संतुष्ट हूं।
- 0- ईंधन बचत का संदेश देते हुए एक ही बस में सवार होकर पहुंचे जिला स्तरीय अधिकारी0- स्वास्थ्य विभाग को मिले सर्वाधिक 150 आवेदन, राशन, आधार और किसान योजनाओं के लिए पहुंचे ग्रामीणनारायणपुर। शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए चलाए जा रहे व्यापक जनसमस्या निवारण अभियान “सुशासन तिहार 2026” के तहत नारायणपुर जिले के सुदूर अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की नई किरण दिखाई दे रही है। जनपद पंचायत ओरछा के ग्राम रेकावाया में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों का भारी जनसैलाब उमड़ा, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों से संबंधित 407 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 197 संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत प्रदान की गई। बाकी बचे 210 आवेदनों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के लिए प्रक्रियाधीन रखा गया है। इस समाधान शिविर की सबसे खास और अनुकरणीय बात यह रही कि जिला प्रशासन के समन्वय से पहली बार सभी जिला स्तरीय अधिकारी अपनी व्यक्तिगत गाड़ियों के काफिले के बजाय, एक ही बस में सवार होकर शिविर स्थल तक पहुंचे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की 'ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग' की अपील को अमलीजामा पहनाते हुए अधिकारियों ने सामूहिक रूप से यात्रा की। प्रशासन की इस अनूठी पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कलेक्टर ने शिविर की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि दूरस्थ अबूझमाड़ क्षेत्र के नागरिकों तक शासकीय सेवाएं पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित ऐसे शिविरों से ग्रामीणों की समस्याओं का तेजी से निराकरण हो रहा है तथा लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उनके घर के पास उपलब्ध कराया जा रहा है।शिविर में स्वास्थ्य विभाग के प्राप्त सर्वाधिक सभी 150 आवेदन का त्वरित निराकरण और स्वास्थ्य जांच किया गया। इसी तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 100,राशन कार्ड संबंधी 44,पीएम किसान योजना के 40,पहचान पत्र / शासकीय दस्तावेज संबंधी 24 और श्रम विभाग के 23 आवेदन प्राप्त हुए।शिविर सिर्फ आवेदनों के निपटारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक उत्सव का रूप दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिविर स्थल पर पारंपरिक रूप से अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम ने शिविर में आए मरीजों की न केवल जांच की, बल्कि उन्हें मौके पर ही दवाइयां और त्वरित उपचार भी उपलब्ध कराए गए।शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने ग्रामीणों को राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और श्रम कार्ड बनवाने की प्रक्रियाओं से अवगत कराया और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की अपील की। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर सारे विभागों को मौजूद पाकर बेहद खुशी और संतोष व्यक्त किया। पूरे प्रदेश में 1 मई से 10 जून 2026 तक संचालित सुशासन तिहार का सीधा लाभ वनांचल और सुदूर क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है।
- 0- वर्षो पुरानी समस्या का समाधान होने पर छलकी ख़ुशीबलौदाबाजार. जिला प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से लोगों की राजस्व सम्बंधित समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान हो रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर एसडीएम व तहसीलदार बलौदाबाजार द्वारा शनिवार को मोहितराम वर्मा के ग्राम अर्जुनी में स्थित पुश्तैनी जमीन पर अतिक्रमण हटाकर कब्ज़ा दिलाया गया।अपनी पुश्तैनी जमीन के कब्जे को लेकर पिछले कई वर्षो से संघर्षरत मोहित राम वर्मा को जब राजस्व अधिकारियों एवं अनावेदक की उपस्थित में शांति पूर्ण ढंग से कब्ज़ा दिलाया गया तो उसके चेहरे पर ख़ुशी के भाव झलक उठे। मोहित राम ने जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही की भूरी भूरी प्रशांसा करते हुए कहा कि मेरी वर्षो पुरानी समस्या का अब समाधान हो गया हैं, इसके लिये शासन प्रशासन को धन्यवाद देता हूं।एसडीएम बलौदाबाजार प्रकाश कोरी ने बताया कि शनिवार तहसील बलौदाबाजार के ग्राम अर्जुनी, पहन. 10 में मौक़े पर तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, ग्राম कोटवार, आवेदक मोहितरल राम वर्मा, अनावेदकगण हीरालाल वर्मा एवं जवाहर वर्मा उपस्थित थे। आवेदक मोहितराम की आवेदित भूमि खसरा नंबर 183 रकबा 0.615 का कब्जा अनावेदकगण एवं अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण तरीके से दिलाया गया। मौके पर जेसीबी के द्वारा मोहितराम की जमीन को चिन्हांकित कराया गया जिस पर अनावेदकगण को कोई आपति नहीं है।मौके पर पंचनामा तैयार किया गया।
- रायपुर। सहकारिता आयुक्त तथा पंजीयक सहकारी समितियां श्री महादेव कावरे ने शनिवार को धमतरी जिले के गाढ़ाडीह और कुहकुहा सहकारी समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया। श्री कांवरे ने वहां किसानों को खाद बीज वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। सहकारिता कमिश्नर ने वहां पर समिति के निर्माणाधीन गोदाम का भी निरीक्षण किया और जल्द ही गोदाम के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री कांवरे ने समिति के प्रंबधक को समिति के अंतर्गत सभी किसानों के केसीसी बनाने के निर्देश दिए।समिति के अधिकारियों ने बताया कि समिति को मल्टीपरपज पैक्स के रूप में संचालित करने, कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी तरह जन औषधि केंद्र भी पैक्स से संचालित हो रहे हैं। डेयरी, मत्यपालन और वन समितियों द्वारा लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। निरीक्षण दौरान जिला पंजीयक, सहकारिता विस्तार अधिकारी और समिति प्रबंधक सहित समिति के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- बालोद. राज्य शासन द्वारा वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान में मितव्ययिता के उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके अंर्तगत मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, समस्त निगम, मण्डल, आयोग के पदाधिकारियों के कारकेड वाहनों में केवल अत्यावश्यक वाहनों का ही उपयोग करने एवं अन्य शासकीय संसाधनों का संयमित उपयोग सुनिश्चित की जाए। इसी तरह राज्य के समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। पेट्रोल, डीजल के व्यय को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए। एक ही गंतव्य की ओर जाने वाले विभागों के अधिकारियों के लिए वाहन पूलिंग की व्यवस्था लागू की जाए।इसी तरह अत्यंत अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर, राज्य शासन के व्यय पर शासकीय सेवकों के विदेश यात्राओं पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। अनिवार्य होने पर समन्वय में माननीय मुख्यमंत्री जी का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा। भौतिक बैठक यथासंभव माह में एक बार ही आयोजित की जाए। भौतिक रूप से बैठकों के आयोजन के स्थान पर वर्चुअल/ऑनलाइन मोड में होने वाली बैठकों को प्रोत्साहित किया जाए। विभागों की नियमित समीक्षा बैठकें अनिवार्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएं। कार्यालयीन समय के पश्चात सभी विद्युत उपकरणों (लाइट, पंखे, ए.सी., कंप्यूटर) को अनिवार्य रूप से बंद किया जाए। शासकीय भवनों में ऊर्जा की बर्बादी को रोकने हेतु आवश्यक उपाय किये जाये।इलेक्ट्रॉनिक फाइलों ( पीडीएफ, पीपीटी आदि) का उपयोग किया जाए। कार्यालयीन पत्राचार और नस्तियों का संचालन अनिवार्य रूप से ई ऑफिस के माध्यम से किया जाए ताकि कागज और स्टेशनरी व्यय में कटौती हो सके। इस हेतु आई गोट कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए। समस्त विभाग अपने विशिष्ट प्रशिक्षण कोर्सेस को इस पोर्टल पर अपडेट करें ताकि भौतिक प्रशिक्षण की आवश्यकता न्यूनतम हो सके। उक्त निर्देश 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इसके साथ ही इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
- 0- स्व सहायता समूह से जुड़कर बढ़ाया कारोबार, अब हर महीने 12 हजार तक की आमदनीरायपुर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में संचालित राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” योजना गांव-गांव में बदलाव की नई कहानियां लिख रही है। इसी कड़ी में गौरेला विकासखंड के ग्राम लालपुर के आश्रित ग्राम मंदपुर निवासी श्रीमती उषा राठौर ने स्व सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।श्रीमती उषा राठौर सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। पहले वे छोटे स्तर पर दुकान संचालित करती थीं, जिससे सीमित आय होती थी और परिवार की जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता था। लेकिन बिहान योजना के माध्यम से समूह से ऋण मिलने के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और कपड़े तथा किराना स्टोर्स की दुकानों का सफल संचालन शुरू किया।उषा राठौर ने बताया कि स्व- सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। अब उनके द्वारा संचालित दुकान से प्रतिमाह 10 से 12 हजार रुपए तक की नियमित आय हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और बच्चों की पढ़ाई सहित घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान हो गया है।उषा ने बताया कि शासन की महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि भी उनके लिए काफी सहायक साबित हो रही है। समय पर मिलने वाली इस सहायता राशि से घर की छोटी-छोटी जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं, जिससे परिवार को आर्थिक संबल मिला है।उषा राठौर ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ने उन्हें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं के कारण ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में बिहान योजना प्रभावी भूमिका निभा रही है। उषा राठौर जैसी महिलाएं आज अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आ रही हैं, जो मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं।



























