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- - शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश- दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए उठाए आवश्यक कदम- जिले की हरियाली को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने दिए निर्देश- मादक पदार्थों के तस्करी व नशा मुक्ति के लिए चलाएं विशेष अभियान- रेन वाटर हार्वेसिं्टग को बढ़ावा देने के दिए निर्देशदुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दुर्ग जिला प्रवास के दौरान आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर ठोस दिशा-निर्देश दिए, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ उठा रहे लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा की और उनसे प्राप्त हो रही आमदनी के बारे में जानकारी प्राप्त की।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने हरियाली को बनाए रखने व पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जिले में अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार साबित हो सकता है। यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएँ और उनका संरक्षण करें। उन्होंने वनमण्डाधिकारी श्री चंद्रशेखर परदेशी को एक पेड़ मां के नाम के तहत अभियान चलाकर प्रत्येक खाली स्थानों में पेड़-पौधे लगाकर उनका संरक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर किसी को अपने आसपास के क्षेत्रों में पेड़ लगाने को कहा, ताकि अपने पर्यावरण को बचा सकें। राज्यपाल ने लोगों को अपने घरों के बगीचों में स्कूल, कॉलेज, शासकीय कार्यालयों एवं अन्य खाली स्थानांे में वृक्षारोपण करने को कहा।राज्यपाल श्री डेका ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और पुलिस प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन में सख्ती बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। आम जनता के हित के लिए वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट एवं बिना नशा पान किए वाहन चलाते हुए यातायात नियमों का पालन कराने को कहा। उन्होंने वाहन चलाते समय लापरवाही नहीं बरतने पर जोर दिया। आम जनता को यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने विशेष अभियान चलाने निर्देश दिए और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने को कहा।राज्यपाल श्री डेका ने नशा मुक्ति के लिए विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन पर जोर दते हुए कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है, जो व्यक्तियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों पर नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि विशेष अभियानों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सकता है। नशीले पदार्थो का अन्य राज्यों से अवैध रूप से आने वाले गांजा, चरस, कोकीन पर रोक लगाने की जरूरत है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को इस दिशा में सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये।राज्यपाल श्री डेका ने जल संरक्षण की दिशा में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली के अलावा अधिकारियों से तालाबों, नदियों और जलाशयों में जल संचयन के उपायों पर ध्यान देने को कहा। रेन वाटर हार्वेसिं्टग से जल की बचत के साथ-साथ भूमि की जलवायु को भी बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों के माध्यम से पेयजलापूर्ति और जल स्तर ऊपर उठाने की दिशा में कार्य करने हेतु निर्देशित किया। राज्यपाल ने स्व सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने इन समूहों को स्टार्टअप योजनाओं से जोड़ने और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने की आवश्यक पहल करने को कहा। इस प्रयास से स्व सहायता समूह अपने व्यवसायों को बढ़ावा दे सकेंगे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। राज्यपाल ने लोगों को सरकार की मुद्रा लोन योजना से भी जोड़ कर लाभान्वित करने कहा। इसी प्रकार विभिन्न योजनाओं से जुड़े सहकारिता से संबंधित समितियों के सदस्यों को अंतर जिला एवं अंतर प्रदेश भ्रमण करा कर कार्य दक्षता बढ़ायी जाए। बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने दुर्ग जिले की संक्षिप्त जानकारी के साथ जिले में क्रियान्वित योजनाओं और उपलब्धियों के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया। बैठक में संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री आर.जी. गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला, जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी और विभिन्न योजनाओं के लाभान्वित हितग्राही उपस्थित थे।
- दुर्ग / महात्मा गांधी नरेगा मजदूरों के श्रमिकों को आधार आधारित सक्षम प्रणाली के आधार पर मजदूरों को सीधे उनके आधार लिंक बैंक एकाउंट में प्राप्त होगी। केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत रोजगार करने वाले ग्रामीण मजदूरी की राशि का निर्धारण किया है। 1 अप्रैल से महात्मा गांधी नरेगा योजना सरकार से मजदूरों की मुट्ठी में आएगी अर्थात् मजदूरी की राशि सीधे आधार लिंक बैंक खाते में आएगी जिसे प्राप्त करने श्रमिकांे को कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। मजदूर देश के किसी भी कोने में कार्य करने वाले मजदूरों को 261 रुपये मजदूरी ग्राहक सेवा केंद्र, बैंक में जाकर तत्काल अपने प्राप्त होगी। यह राशि मजदूरी की राशि निकाल सकेंगे। आधार आधारित सक्षम प्रणाली के आधार पर मजदूरों को सीधे उनके आधार लिंक बैंक एकाउंट में प्राप्त होगी 1 अप्रैल 2024 से छत्तीसगढ़ को मजदूरी 261 रुपये की प्रति कार्य दिवस की दर में वृिद्ध हुई है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बजरंग कुमार दुबे बताया कि जॉब कार्डधारी परिवारों तक सही सही जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से एवं आधार वेरीफिकेशन कार्य को पूर्ण हो गया है। साथ ही केन्द्रीय सरकार ग्रामीण मंत्रालय द्वारा 1 अप्रैल से 261 रुपए मिलेगी। 27 मार्च 2025 भारत सरकार राजपत्र द्वारा महात्मा गांधी मनरेगा की मजदूरी 261 रुपए श्रमिकों की बैंक खाते में पैसा आ रहा है। वर्तमान में मनरेगा मजदूरी भुगतान जिले में एबीपीएस आधारित भुगतान किया जा रहा है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के लिए आई आई टी एक बहुत बड़ी सौगात है। जुनवानी पेट्रोल पम्प से आई आई टी पहुंच मार्ग 3 किलो मीटर के लगभग है। जिसके सड़क चैड़ीकरण की विशेष आवश्यकता है। इस कार्य के लिए शासन से 25 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिल चुकी है। रोड़ की चैड़ाई दोनों तरफ 25-25 होगी, जिसमें 5 फिट का डिवाइडर बनाया जाएगा और साथ में 1-1 मीटर पर पाथवे का निर्माण भी किया जाएगा। डिवाइडर पर विद्युत पोल लगाया जाएगा और मार्ग के दोनो तरफ नाली के ऊपर पाथवे का निर्माण होगा। जिसस चलने घूमने टहलने वालों को भी आराम मिलेगा।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत एवं अभियंता बसंत साहू को लेकर सड़क एवं नहर का सर्वे किए। किस प्रकार रोड का स्वरूप होगा, नहर को से कैसे व्यवस्थित किया जाएगा। जिससे गर्मी के दिनों में तालाब भरने का काम बाधित न हो। इसके लिए बताया गया कि खुर्सीपार केनाल रोड के समान यहां पर भी नहर के ऊपर सड़क बनेगा। नहर के अंदर से पानी निकासी का 4 फिट डाया का पाइप बिछाया जाएगा, उसके उपर से रोड होगा। इससे नहर में होने वाली गंदगी एवं पानी का भी बचत होगा। जुनवानी खम्हरिया रोड बहुत से स्कूलो, काॅलेज, भवनों, हाउसिंग सोसायटीयों का प्रमुख मार्ग है। जैसे- माइल स्टोन स्कूल, स्वामी आत्मानंद स्कूल, अनुष्ठा रेसिडेंसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जुनवानी खम्हरिया, कृष्णा इंजीनियरिंग कालेज से हजारो लोग गुजरते है। 2 बड़ी बसो के गुजरने पर रास्ता जाम हो जाता है। इंजीनियरिंग कालेज अपने आप में एक बड़ी संस्थान है, जहां सड़क मार्ग बहुत अच्छा होना चाहिए।नगर निगम भिलाई का यह भी प्रयास होगा कि चारो तरफ हरियाली रहे, रास्ते में पडने वाले बड़े वृक्षो को नहीं काटा जाएगा, उसे सिफ्ट किया जाएगा। इसमें जनभागीदारी की भी आवश्यकता है। कुछ क्षेत्रों में अवैध कब्जा करके नाली और सड़क को घेर दिया गया है। ऐसी जगह पर निगम भिलाई शीघ्र कार्रवाई शुरू करेगा। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में कोहका भेलवा तालाब के नीचे भूमाफियों के मिली भगत से अवैध साकेत नगर कालोनी बस गई है। उस क्षेत्र में कोहका बस्ती के निस्तारी का पानी वास्तविक ढाल होने के कारण बहते रहता है। पूर्व में वहीं पर नाली का निर्माण हुआ था, अवैध भूमाफियों द्वारा साकेत नगर कालोनी के पीछे के भूखण्डो को सस्ते दरों पर बेच दिया गया है। कुछ लोगों द्वारा नगर निगम भिलाई से भवन अनुज्ञा की अनुमति लिए बिना मकान बना लिए है। शुरू में कम मकान थे, पानी निकासी दुसरे खाली प्लाट में हो जाता था। अब लाईन से मकान बन जाने के कारण पानी निकासी की समस्या हो रही है, आपस में विवाद हो रहा है। कुछ लोगो द्वारा मलवा डालकर नाली को बंद कर दिया गया है।
इसकी शिकायत मिलने पर आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, अभियंता बसंत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी को लेकर मौके पर निरीक्षण किए। लोगो की मांग पर जेसीबी लगाकर नाली को साफ करवाया जा रहा है। वहां पर पानी का नियमित निकासी नहीं होने के कारण आस-पास के घरो में पानी भर रहा है। अफसोस की बात है परेशानी में रहते हुए भी लोग अभी भी मकान बना रहे है। जबकि नगर निगम भिलाई द्वारा बार-बार निर्देश जारी किया जा रहा हैं कि प्लाट क्रय करते समय निगम के भवन अनुज्ञा शाखा, पटवारी कार्यालय, टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग से संपर्क करने के बाद ही प्लाट क्रय करें और जब यह ज्ञात हो जाए कि प्लाट और भवन अनुज्ञा प्राप्त करके मकान निर्माण किया जा सकता है, तभी क्रय करें अन्यथा साकेत नगर कालोनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।भूमाफिया अपने-अपने स्तर से छोटे-छोटे टूकड़े किसानो से भूखण्ड खरीद कर अपने हिसाब से रोड, नाली काटकर दिखा देते है। उनका नक्शा भी अपने हिसाब से बनाया हुआ रहता है। दुसरा विक्रेता अपना अलग नक्शा बनाकर के्रताओ को अपने जाल में फसा लेते है। जो प्लाट खरीदता है वह सोचता है यह मेरा प्लाट है उसको बना लेता हूॅ। यह नहीं सोचता है कि हमारे घर के पानी की निकासी रोड, सड़क, नाली, बिजली व्यवस्था किस प्रकार से होगा। इसके लिए बाद में उसको परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगहो पर तो नाली के उपर मलवा पाटकर मकान भी बना लिए है। नगर निगम भिलाई द्वारा यथा संभव जो प्रयास हो सकता है, जल निकासी का प्रयास किया जा रहा है। नाली को आगे बढ़ाने पर बड़े-बड़े मकान तोड़ने पड़ेगे तक जाकर नाली से पानी निकासी संभव हो पाएगा, इसमें सबके सहयोग की आवश्यकता है। -
महापौर मीनल चौबे, उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, शहर भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर, एमआईसी सदस्यों, विशिष्टजनों ने दी हार्दिक शुभकामनायें, 50 सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों का किया अभिनन्दन
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने नगर निगम जोन 2 पदेन अध्यक्ष का पदभार सम्हाल लिया. महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर सहित पूर्व विधायक श्री देवजी भाई पटेल, छग राज्य सन्निर्माण कर्मकार मण्डल के पूर्व अध्यक्ष श्री मोहन एंटी, एमआईसी सदस्य सर्वश्री मनोज वर्मा, महेन्द्र खोडियार, अवतार भारती बागल, एमआईसी सदस्यों, वार्ड पार्षदों, पूर्व पार्षद श्री तिलक पटेल, श्री सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा, जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही, सहायक अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कडु सहित विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, आमजनों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर निगम जोन 2 कार्यालय में पदेन अध्यक्ष का पदभार सम्हालने पर बुके प्रदत्त कर हार्दिक बधाई और शुभकामनायें दीं. सभापति और जोन 2 पदेन अध्यक्ष श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने जोन अंतर्गत कार्यरत 50 सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को श्रीफल, शाल और स्मृतिचिन्ह प्रदत्त कर उनका सम्मान करते हुए अभिनंदन किया.
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*अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने दिए जरूरी निर्देश*
बिलासपुर/आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने समस्त वार्डों का भ्रमण करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी प्रदेश का एकमात्र मानसिक चिकित्सालय है, जिसके लिए क्वालिटी एश्योरेंस पैरामीटर के सभी मापदंड का पालन किया जाना चाहिये और इसके लिए एक विशेष टीम द्वारा चिकित्सालय का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय को एक मॉडल मानसिक चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जाना है जिसके लिए वृहद स्तर पर टीम वर्क व समन्वय के साथ कार्य को पूरा किया जाना चाहिए।डॉ. शुक्ला ने चिकित्सालय में प्रवेश द्वार निर्माण के लिए व सूचक बोर्ड को व्यस्थित करते हुए पूरे भवन का रंग-रोगन करने के लिए लोक निर्माण विभाग, बिलासपुर, के अभियंता को निर्देशित किया। उन्होंने चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान पाया कि चिकित्सालय में पर्याप्त नर्सिंग स्टॉफ एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्य कर रहे है जिसके लिए चिकित्सालय में संचालित वार्ड के अनुरूप व्यस्थित ड्युटी रोस्टर नहीं है जिसे तैयार करने के निर्देश उन्होंने दिए ताकि चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की देखभाल सुचारू रूप से हो सके।उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में विभिन्न नर्सिंग संस्थानों से क्लिनिकल प्रशिक्षण में आने वाले नर्सिंग छात्र-छात्राओं की तीन पालियों में ड्यूटी निर्धारित की जाए और उनकी क्षमता अनुसार उनसे कार्य लिया जाये। डॉ प्रियंका शुक्ला ने कहा कि चिकित्सालय शहर से 15 कि.मी. की दूरी पर है, और मरीजो के लिए आवश्यक जॉच के लिए 15-20 कि.मी. की दूरी तय करनी होती है, जिसके लिए एम्बुलेंस एवं मानव संसाधन लगते है। चिकित्सालय में ही मरीजों की संख्या एवं प्रदेश के एकमात्र मानसिक अस्पताल होने के कारण अस्पताल परिसर में ही सभी सुविधाएं सुनिश्चित हो, जिसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने के लिए अधीक्षक को निर्देश दिए। डॉक्टर शुक्ला ने चिकित्सालय में कार्यरत् स्टॉफ को निर्देशित किया कि ये चिकित्सालय राज्य का एक मात्र मानसिक चिकित्सालय है, जहाँ पर राज्य भर से मरीज इलाज के लिए आशा के साथ पहुँचते है, उनसे संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उनका सहयोग हर स्तर पर किया जाए।निरीक्षण के दौरान राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें डॉ. सुरेश कुमार तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी, अस्पताल अधीक्षक राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी डॉ. प्रभु चौधरी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग एवं चिकित्सालय के मेट्रन उपस्थित रहे। -
-महापौर मीनल, पूर्व सभापति, पूर्व विधायक, एमआईसदस्य, पार्षदों, विशिष्टजनों, आमजनों ने दी हार्दिक शुभकामनायें
रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर की मेयर इन काउंसिल ( एमआईसी ) में नवनियुक्त भारसाधक सदस्य श्री अमर गिदवानी ने निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन में नगर निगम सचिवालय द्वारा प्रथम तल पर प्रशासनिक कार्य हेतु आबंटित कक्ष क्रमांक 219 में श्री गणपति पूजन कर आचार्य द्वारा वैदिक मन्त्रोच्यार और सुमधुर शंख ध्वनि सहित गुरू माँ का शुभाशीष प्राप्त कर अपना पदभार सम्हाल लिया. महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा, पूर्व विधायक श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, पूर्व सभापति श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा,रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर, नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदगणों, पूर्व पार्षद श्री प्रेम बिरनानी, विशिष्टजनों, गणमान्यजनों, आमजनों, महिलाओं, नवयुवकों, नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों ने नवनियुक्त एमआईसी सदस्य श्री अमर गिदवानी को पदभार सम्हालने पर बुके प्रदत्त कर और फूलमालाओं से लादकर हार्दिक बधाई और शुभकामनायें दीं।
- -योजना के तहत 14 लाख रुपए लागत की कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना-बिहान के सहयोग से सफल क्रियान्वयनमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक के मार्गदर्शन में बिहान के अंतर्गत बिहान के सहयोग से एचडीएफसी बैंक सीएसआर एवं जीटी भारत के संयुक्त परियोजना, स्त्री पहल के अंतर्गत महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में स्थित मुस्कान अग्रणी महिला फार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने “केंद्र पोषित कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन“ योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की है।इस योजना के तहत समूह की महिला द्वारा संचालित कंपनी को 14 लाख रुपये मूल्य की कृषि मशीनरी प्राप्त हुई है, जिसमें ट्रैक्टर, थ्रेशर, कल्टीवेटर, रीपर, सीड ड्रिल और हैंड स्प्रेयर शामिल हैं। एसबीआई बैंक, शाखा बसना के द्वारा, केंद्र पोषित कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन योजना के अंतर्गत कंपनी को 10 लाख रुपए के ऋण की वित्तीय सहायता दी गई साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 8 लाख रुपए की बैक-एंड सब्सिडी भी मंजूर की गई है। ये मशीनें कस्टम हायरिंग सेंटर मॉडल के तहत एफपीसी सदस्यों को उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे किसान किफायती दरों पर आधुनिक उपकरण किराए पर ले सकेंगे।इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ते दर पर आधुनिक कृषि उपकरण प्रदान करना है, जिससे उनकी उत्पादकता और लाभप्रदता में वृद्धि हो सके। कंपनी के अध्यक्ष श्रीमती अंजना साहू ने बता या कि इस योजना का लाभ समूह से जुड़े 500 से अधिक महिला किसानों और अन्य छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, जिससे उनके कृषक कार्य में लगने वाले समय और खर्च की बचत होगी और आधुनिक उपकरणों से खेती करने से उपज और मुनाफे में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी।कंपनी के अध्यक्ष श्रीमती अंजना साहू ने बताया इस योजना का लाभ लेने में सभी निदेशकों का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने एसबीआई बैंक शाखा बसना के ब्रांच मैनेजर श्री मोहम्मद शेख आदिल एवं सहायक मैनेजर श्री समीर गुप्ता को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। जिन्होंने समय पर वित्तीय सहायता प्रदान की तथा कार्य को सुगम बनाया। इस योजना को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग रायपुर, एसबीआई बैंक, बिहान विभाग जिला महासमुंद एवं ब्लॉक स्टाफ बसना और जीटी भारत के क्लस्टर मैनेजर श्री अंकित कुमार का विशेष सहयोग रहा है।
- -छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/ पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 हुआ लागू-नई नक्सल पुनर्वास नीति नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में साबित होगा मिल का पत्थररायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने और आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक समग्र और प्रभावी छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/ पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 लागू की है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि सरकार की नई नक्सल पुनर्वास नीति 2025 के तहत न केवल आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित किया जा रहा है, बल्कि समर्पण करने वाले नक्सलियों को एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ने का अवसर भी दिया जा रहा है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इस नीति का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त कर वहाँ के नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा आर्थिक सहायता, आवास, शिक्षा और रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे एक नई शुरुआत कर सकें। नक्सल संगठन छोड़ने वाले लोगों को सुरक्षा बलों की निगरानी में सुरक्षित आवास प्रदान किया जाता है, जहाँ वे अपने परिवार सहित शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें। उनके पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने विशेष प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की है, जहाँ उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है, ताकि वे अपने जीवनयापन के लिए आत्मनिर्भर बन सकें।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार केवल आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। समर्पित नक्सलियों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं और विशेष विद्यालयों की व्यवस्था की गई है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित माहौल मिले, जिससे वे आगे चलकर समाज के सम्मानजनक नागरिक बन सकें। स्वास्थ्य सुविधाओं को भी इन परिवारों तक पहुँचाने के लिए विशेष प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ मुफ्त चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए सड़कों, पुलों और बिजली की आपूर्ति जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब तक इन क्षेत्रों में आधारभूत विकास नहीं होगा, तब तक वहाँ स्थायी शांति की स्थापना संभव नहीं हो पाएगी। इसलिए इन इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नए औद्योगिक और कृषि विकास परियोजनाओं को भी गति दी जा रही है। सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मसमर्पित नक्सलियों को ऋण योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकारी नौकरियों, सहकारी समितियों और अन्य रोजगार योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे पुनः अपराध या नक्सल गतिविधियों की ओर न मुड़ें। पुनर्वासित व्यक्तियों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार विभिन्न सरकारी विभागों में कार्य करने का अवसर दिया जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प और अन्य स्वरोजगार योजनाओं में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे अपनी आजीविका खुद सुनिश्चित कर सकें।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इस पुनर्वास नीति के कारण कई पूर्व नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज में लौट रहे हैं और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। राज्य सरकार की यह नीति न केवल नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने में सफल हो रही है, बल्कि इससे छत्तीसगढ़ के सुदूर क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने में भी सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ उग्रवाद को समाप्त करना नहीं है, बल्कि उन लोगों को भी नई जिंदगी देना है, जो किसी कारणवश इस पथ पर चले गए थे और अब वापसी करना चाहते हैं।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में सरकार का साथ दें और इस शांति एवं विकास की यात्रा को और मजबूत करें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार की यह नीति प्रदेश को उग्रवाद-मुक्त, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी। अवश्य ही मार्च 2026 तक देश सहित छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त होगा।
- बलरामपुर। जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत रेवतपुर जंगल से वन विभाग ने रात्रि गश्त के दौरान एक पिकअप में 6 नग साल का लठ्ठा के साथ तीन लोंगो को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। वन विभाग ने ज़ब्त साल लठ्ठे की अनुमानित लागत 73 हज़ार एवं बोलेरो पिकअप की अनुमानित लागत करीब 8 लाख रुपए आंकी है।बलरामपुर वनमंडलाधिकारी अशोक तिवारी के निर्देश पर जिले के प्रत्येक ब्लाकों के जंगलों में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रात्रि गश्त कर रहे हैं। बीती रात्रि करीब 2 बजे वन विभाग ने रात्रि गश्त एवं मुखबिर की सूचना पर रेवतपुर जंगल कक्ष क्रमांक 2563 से पिकअप क्रमांक यूपी 65 जेटी 2926 में 6 नग साल का लठ्ठा के साथ ग्राम प्रेमनगर निवासी 19 वर्षीय राहुल मरावी पिता सुखदेव मरावी, ग्राम मुरकाल निवासी 21 वर्षीय आशीष कुमार कुशवाहा पिता कृष्ण कुशवाहा व ग्राम तलकेश्वरपुर निवासी 24 वर्षीय सुखदेव सिंह पिता रामदयाल सिंह को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। वन विभाग ने ज़ब्त वाहन पिकअप को राजसात की कार्रवाई कर रही है। घेराबंदी जब्ती के दौरान उप वनमंडलाधिकारी आरएसएल श्रीवास्तव, वनपरिक्षेत्राधिकारी महाजन लाल साहू, वनपाल अमृत प्रताप सिंह, वनपाल मालती मांझी, वनरक्षक परमिट कुमार एक्का, वनरक्षक पुनीत कुमार सिंह, वनरक्षक भूपेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।बरियों पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान एक ट्रक लकड़ी ज़ब्त कियाबलरामपुर जिले के बरियों पुलिस चौकी ने रात्रि गश्त के दौरान आरा गांव से एक ट्रक में सेमर का लकड़ी जब्त किया।चौकी प्रभारी सुभाष कुजुर ने बताया कि बीती रात्री करीब 2 बजे गश्त के दौरान आरा गांव की ओर से एक ट्रक ककना की आ रहा था। ट्रक को रुकवाया गया तो ट्रक चालक रात्रि का फ़ायदा उठाकर फ़रार हो गया। ट्रक में सेमर का लकड़ी लोड था, पुलिस ने 102 के तहत कार्रवाई कर एसडीएम कार्यालय को सुपुर्द किया गया।
- कोरिया / शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र बैकुण्ठपुर में एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि होने के बाद, उपसंचालक कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई के तहत 'कण्ट्रोल रूम' स्थापित करने का आदेश जारी किया है। इस कण्ट्रोल रूम के माध्यम से समग्र कार्यवाही का संचालन किया जाएगा।आदेश के अनुसार, उपसंचालक कार्यालय में एक टीम गठित की गई है, जिसमें डॉ० विमल प्रसाद पटेल (प०चि०स० शल्यज्ञ), श्री फहीम अन्सारी (स०प० चि०क्षेत्र अधिकारी), श्री रविदास (प्रगति सहायक), श्री कृष्णपाल सिंह परस्ते (परिचारक) और श्री दीपक कुमार (डाटा एण्ट्री ऑपरेटर) शामिल होंगे। यह टीम कण्ट्रोल रूम में निरंतर उपस्थित रहेगी और एवियन इन्फ्लुएन्जा से संबंधित सभी कार्यों की निगरानी और कार्यवाही करेगी। यह कदम शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र के अंतर्गत बर्ड फ्लू की स्थिति को नियंत्रित करने और जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
- कोरिया। शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र बैकुण्ठपुर में एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि होने के बाद, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'रैपिड रिस्पॉन्स टीम' (आरआरटी) का गठन किया है। यह टीम बर्ड फ्लू की स्थिति पर सतत निगरानी रखेगी और स्थिति के अनुसार तुरंत कार्यवाही करेगी।टीम में पशु चिकित्सा विभाग के विभिन्न विशेषज्ञ और कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें डॉ० राकेश कुमार (अति. उपसंचालक), डॉ० जागेश्वर सिंह श्याम (प०चि०स० शल्यज्ञ), डॉ० नीलकान्त राजवाड़े (प०वि०स० शल्यज्ञ), और कई अन्य क्षेत्रीय अधिकारी और हेचरी मजदूर शामिल हैं। टीम को शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र बैकुण्ठपुर में लगातार निगरानी रखने और कण्ट्रोल रूम की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। टीम की सक्रियता से बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा और स्थिति को जल्दी सामान्य किया जा सकेगा।
- -उत्कल दिवस पर ओडिशा राज्य स्थापना की ऐतिहासिक प्रेरणा को किया नमनरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महिला थाना चौक (मधुसूदन दास चौक) में उत्कल दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैरिस्टर मधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्कल समाज और ओडिशा वासियों को दी शुभकामनाएंमुख्यमंत्री श्री साय ने ओडिशा राज्य स्थापना दिवस (उत्कल दिवस) पर प्रदेश सहित देशभर में रह रहे उत्कल समाज के सभी बंधुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल ओडिशा के गठन का उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मगौरव और सांस्कृतिक एकता की प्रेरणा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उत्कल समाज के लोग निवास करते हैं, जो प्रदेश की सामाजिक समरसता और विविधता को सशक्त बनाते हैं।बैरिस्टर मधुसूदन दास के योगदान को किया नमनमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बैरिस्टर मधुसूदन दास जैसे दूरदर्शी और समर्पित व्यक्तित्व के संघर्षों के कारण ही 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा राज्य का गठन हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों से सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ को चढ़ने वाला भोग का चावल आज भी छत्तीसगढ़ से जाता है। विशेष रूप से देवभोग क्षेत्र का चावल, जो प्रभु के प्रसाद के रूप में उपयोग होता है, दोनों राज्यों के धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।महाप्रभु जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामनामुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमेशा छत्तीसगढ़ पर बना रहेगा। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, श्री संजय श्रीवास्तव, उत्कल समाज के सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- गौरेला। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी सोन नदी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों और घायलों के प्रति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने के निर्देश जारी किए हैं।गौरतलब है कि ,बीते रविवार को एक चारपहिया वाहन, जो मनेंद्रगढ़ से बिलासपुर जा रहा था, कोटमी सोन नदी पर बने पुल से अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
- -एक कला, एक नजर, और एक वादा – यह क्षण बना एक प्रेरणा की मिसाल"मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा बेटा..." – मोहभट्ठा की आमसभा में प्रधानमंत्री मोदी का दिल छू लेने वाला क्षणरायपुर /छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा और दिल से सराहा।जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा "वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं ज़रा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को... पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।"प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गड़गड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं। इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था - और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से।एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दी नया रायपुर को ऐतिहासिक रेल कनेक्टिविटी की सौगातरायपुर, /छत्तीसगढ़ का नया रायपुर, जो अब तक स्मार्ट सिटी के रूप में पहचाना जाता था, आज एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुका है – "स्मार्टली कनेक्टेड सिटी" के रूप में।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च को बिलासपुर के मोहभट्टा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण शिलान्यास समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ कर नया रायपुर को भारतीय रेल नेटवर्क से सीधे जोड़ने की ऐतिहासिक शुरुआत की।इस नई मेमू सेवा के शुरू होने से अब रायपुर रेलवे स्टेशन से मंदिरहसौद, सीबीडी, केंद्री होते हुए नया रायपुर तक की यात्रा सीधी, सहज और मात्र 10 रुपये में संभव हो गई है। राज्य सचिवालय, मंत्रालय, आवासीय क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत हजारों कर्मचारी, विद्यार्थी और आमजन इससे लाभान्वित होंगे।रेल सेवा की शुरुआत से अब रायपुर रेलवे स्टेशन से मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री होते हुए नया रायपुर तक यात्रियों के लिए सीधी और किफायती ट्रेन सुविधा उपलब्ध होगी। इसका सीधा लाभ नया रायपुर के मंत्रालय, सचिवालय, आवासीय क्षेत्रों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मिलेगा । यह सेवा नया रायपुर को रायपुर शहर और क्षेत्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर है। यह न केवल यात्रियों के समय और धन की बचत करेगा, बल्कि नया रायपुर को आवागमन, निवेश और आवासीय विकास की दृष्टि से नई उड़ान देगा।मेमू ट्रेन सेवा की प्रमुख विशेषताएँ:अत्याधुनिक थ्री-फेज़ मेमू ट्रेन – उच्च गति, ऊर्जा दक्षता और आरामदायक यात्रा अनुभवस्टॉपेज: रायपुर, मंदिर हसौद, नया रायपुर सीबीडी, केंद्री और अभनपुरविशेषता: कुशन वाली सीटें, बड़ी खिड़कियाँ, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, जीपीएस-आधारित स्टेशन डिस्प्ले, सीसीटीवी निगरानी, बायो-टॉयलेट्सउल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की 4 पूर्ण रेल परियोजनाओं (कुल लागत: ₹2,695 करोड़) को राष्ट्र को समर्पित किया और 7 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो आने वाले समय में राज्य के रेल नेटवर्क को और सशक्त बनाएँगी।
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0- गुड़ीपाड़वा पर हनुमान मंदिर- महाराष्ट्र मंडल की शोभायात्रा में ढोल और लेझिम की धुन पर झूमती महिलाओं के साथ युवाओं ने लगाए जयघोष के नारे
रायपुर। तात्यापारा के प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से गुड़ीपाड़वा, हिंदू नववर्ष पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में ढोल की धुन और लेझिम पर नाचतीं- झूमतीं महिलाओं के साथ युवाओं ने भी जमकर जयघोष किया। राम- सीता, लक्ष्मण और हनुमान ने न केवल बग्घी की, बल्कि पूरे शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। इसी तरह हाथों में तलवार लेकर घोडे़ पर सवार शिवाजी महाराज के साथ तो मानो बड़ी संख्या में लोगों में फोटो खिचवाने की होड़ लगी रही।मंदिर समिति की महिला प्रमुख सुरेखा हिशीकर ने बताया कि शोभायात्रा में महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारिणी सदस्यों, विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में आजीवन सभासदों की भी उपस्थिति रही। ज्यादातर भगवा रंग की नौवारी साड़ी में पहुंचीं महिलाओं ने शोभायात्रा में ढोल और लेझिम की धुन पर अपने- अपने तरह का जोशीला डांस किया और बच्चों व युवाओं के साथ मिलकर खूब नारे लगाए। बग्घी पर बैठे राम (अनय पंडित), सीता (तनवी डोनगांवकर), लक्ष्मण (तनिष्क डोनगांवकर) और हनुमान यानी अक्षत पंडित अपने- अपने पात्रों में खूब जंच रहे थे। शोभायात्रा में उनके आगे- आगे घोडे़ पर बैठे वैशाख कुसरे छत्रपति वीर शिवाजी महाराज के वेश में सभी का ध्यान खींच रहे थे।महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास की प्रभारी नमिता शेष के अनुसार शोभायात्रा तात्यापारा चौक से शुरू होकर शारदा चौक तक पहुंची और वहीं से यू-टर्न लेकर फूलचौक, तात्यापारा चौक होते हुए आजाद चौक से पूरे जोश व उत्साह के साथ वापस हनुमान मंदिर परिसर में लौट आई। तत्पश्चात मंदिर में भगवान श्रीराम की महाआरती की गई। फिर प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा के समापन पर हनुमान मंदिर समिति के अध्यख चंद्रकांत मोहदीवाले व महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय काले ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और आगामी रामनवमी और हनुमान जयंती तक के कार्यक्रमों की जानकारी देकर आमंत्रित भी किया। - - हर रोज सुबह- शाम कैरम, शतरंज व बैडमिंटन का लुत्फ़ ले सकेंगे खिलाड़ीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के स्पोर्ट्स क्लब का रविवार की देर शाम वरिष्ठ आजीवन सभासद विवेक शेजवलकर ने विभिन्न खेलों में हाथ आजमा कर शुभारंभ किया। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि स्पोर्ट्स क्लब के माध्यम से युवाओं की मंडल में आवाजाही बढ़ेगी और नियमित भी रहेगी। इससे वे समाज से जुडेंगे। यही हमारा उद्देश्य भी है।शेजवलकर के साथ बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले, अजय काले, दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने बैडमिंटन खेलते हुए स्पोर्ट्स क्लब का शुभारंभ किया। तत्पश्चात शेजवाल व काले के साथ निरंजन पंडित, अतुल गद्रे की जोड़ियों ने कैरम बोर्ड के माध्यम से शुभारंभ समारोह को आगे बढ़ाया। स्पोर्ट्स क्लब शुभारंभ के अंतिम पड़ाव पर शेजवलकर ने किशोर कुमार साहू के खिलाफ शतरंज में भी दो- दो हाथ आजमाया।स्पोर्ट्स क्लब के प्रमुख अजय पोतदार ने बताया कि यह सुविधा महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासदों एवं उनके नाबालिग बच्चों के लिए है।इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर,आध्यात्मिक व योग समिति की समन्वयक आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका ठाकरे पुराणिक, सचेतक रविंद्र ठेंगडी समेत बड़ी संख्या में विभिन्न समितियां के पदाधिकारी, महिला केंद्रों की संयेजिकाएं- सह संयोजिकाएं व आजीवन सभासद उपस्थित रहे। स्पोर्ट्स क्लब का शुभारंभ होने के साथ क्लब की सदस्यता लेने के लिए हर आयु वर्ग के सभासदों में उत्सुकता और तत्परता देखी जा रही है।
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0- महाराष्ट्र मंडल में नवरात्रि के पहले ही दिन से रामायण के पात्रों पर चर्चा
0- पहले दिन राजा दशरथ, कौशल्या, प्रभु राम व धोबी के चरित्र पर वक्ताओं ने डाला प्रकाशरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में नवरात्रि में रामायण के पात्रों की चर्चा के दौरान डॉ. मंजूषा वैशंपायन ने कहा कि रामायण हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। प्रभु श्रीराम के जीवन को आदर्श जीवन संहिता कहा जाता है।एक अन्य वक्ता अभिषेक बक्षी ने कहा कि रामायण में धोबी का पात्र हमें किसी भी काम को करने के पहले सोचने और उसे समझने की सलाह देता है। दूसरे के कहने पर न चलें, बल्कि संपूर्ण जानकरी हासिल कर स्वयं निर्णय लें। आरती ठोंबरे ने माता कौशल्या और छत्तीसगढ़ के परिदृश्य में कहा कि छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम को गहरा नाता है। पहला तो यह कि छत्तीसगढ़ उनका ननिहाल है। दूसरा यह कि अपने वनवास काल में श्रीराम ने सर्वाधिक समय दण्यकारण्य यानी हमारे बस्तर के जंगलों में बिताया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में रामनवमी उत्सव पर राम कथा के विभिन्न पात्रों पर 30 मार्च से 6 अप्रैल तक व्याख्यान माला आयोजित किया गया है। इसके पहले दिन डाॅ. मंजूषा वैशंपायन ने कहा कि आज के युग में जहां भाई- भाई से धन संपत्ति के लिए लड़ रहे हैं। वहीं श्रीराम और भरत का त्याग यह सिखाता है कि एक- दूसरे के सुख में सुखी कैसे रहना चाहिए। श्रीराम का जन्म केवल रावण का वध करने के लिए नहीं, बल्कि पृथ्वी पर पुनः धर्म की स्थापना करने के लिए हुआ था।*10 चक्कों के रथ पर चलने वाले राजा कहलाए दशरथ*10 चक्कों के रथ पर चलने वाले राजा अयोध्या नरेश दशरथ कहलाए। हालांकि उनका नाम दशरथ रखे जाने की सविस्तार कथा अभिषेक बक्षी ने बताई। बक्षी ने एक साथ 10 दिशाओं में युद्ध करने की क्षमता रखने वाले राजा दशरथ के जन्म से लेकर मृत्यु तक कई अहम् जानकारियां प्रचलित कथाओं के माध्यम से दी।*छत्तीसगढ़ में भांजा रामतुल्य*प्रभु श्रीराम की मां कौशल्या पर चर्चा करते हुए आरती ठोमरे कहतीं हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का ननिहाल दक्षिण कोसल है। यह दक्षिण कोसल असल में हमारा छत्तीसगढ़ ही है। यहां राजधानी रायपुर के निकट चंदखुरी यानी कौशल्याधाम में माता कौशल्या का प्रदेश का इकलौता मंदिर स्थित है। यहां प्रभु श्रीराम माता की गोद में बाल रूप में विराजमान है। छत्तीसगढ़ में भगवान राम का ननिहाल होने के कारण यहां की संस्कृति में बहन के बेटे यानी भांजे को रामतुल्य माना जाता है, इसलिए यहां के लोग अपने भांजे का पैर छूते है। आरती ने कौशल्या के विभिन्न स्वरूपों के गुणों की चर्चा कर उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।आस्था काले ने बताया कि रामायण के पात्रों की चर्चा से पहले श्रीराम का पूजन, राम रक्षा स्त्रोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। वहीं अंत में धनश्री पेंडसे ने सुमधुर भजन प्रस्तुत कर सभी को राम नाम पर झूमने पर मजबूर कर दिया। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। -
सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/राज्यपाल श्री रमेन डेका मंगलवार 01 अपै्रल एवं बुधवार 02 अपै्रल को बालोद जिले के प्रवास पर रहेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जिले में राज्यपाल के प्रवास कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज कलेक्टोरेट परिसर में निर्धारित स्थानों का भ्रमण कर राज्यपाल श्री रमेन डेका के प्रवास कार्यक्रम के तैयारियों का जायजा लिया। इसके अंतर्गत उन्हांेने राज्यपाल का संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के अलावा परेड एवं सलामी स्थल तथा राज्यपाल द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौध रोपण हेतु निर्धारित स्थल का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस एवं राज्यपाल कार्यालय के सुरक्षा अधिकारियों के साथ राज्यपाल के आगमन एवं प्रस्थान के निर्धारित रूट एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को जिले में राज्यपाल के प्रवास कार्यक्रम को सफल एवं बेहतर बनाने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री सुरेश साहू सहित राज्यपाल कार्यालय के अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। - बिलासपुर/ विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शराब के सेवन से पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 20 लाख व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। नशापान से मुख्य रूप से कैंसर, अस्थमा, हृदयघात, उच्च रक्तचाप, अल्सर, मधमेह, नेत्रों की खराबी, नपुंसकता, पागलपन, उदररोग, क्षयरोग आदि व्याधियां होती है। इसके साथ ही पारिवारिक कलह, आर्थिक समस्या, सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट की स्थिति नशा पीड़ित व्यक्तियों में परिलक्षित होती है। मादक द्रव्यों एवं पदार्थों का दुरुपयोग करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण की अपरिहार्यता के दृष्टिगत् रखते हुये गांव से शहर तक नशामुक्ति अभियान के तहत् जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन जिले के समाज सेवी संस्थाओं तथा विभागीय कलाकारों के माध्यम से विभिन्न विकासखंडों एवं शासकीय,अशासकीय संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।नशामुक्ति अभियान के तहत् विकासखंड कोटा में रथ के माध्यम से, शिवतराई कोटा में राष्ट्रीय सेवा योजना जी.जी. यू द्वारा, नशा मुक्ति केन्द्र लोखंडी, जस्टिस तन्खा मेमोरियल बिलासपुर, ब्रम्हकुमारी प्रजापति, गायत्री परिवार एवं आश्रयदत्त कर्मशाला, बिलासपुर आदि में नुक्कड़ नाट्य, शपथ, जनजागरुकता रैली, संगोष्ठी आदि के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित कर लोगों के बीच जागरुकता फैलाय गयी। उक्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्रीमती सरस्वती रामेश्री, परिवीक्षा अधिकारी, श्रीमती सरस्वती जायसवाल, श्री प्रशांत मोकाशे, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, बीना दीक्षीत, सौरभ दीवान, अजय धुर्वे, वमशी कृष्णा, विजय केशकर, एल.डी भांगे, दादूलाल बरेठ, राजेश सिसोदिया, कौशल कश्यप, राधेश्याम यादव, पुनाराम ध्रुव, अजय सिंह, एवं समाज सेवी संस्था सत्यभामा अवस्थि, शोभना शुक्ला,एस.पी.चतुर्वेदी, जगदीश सिंह राजा आदि उपस्थित थे।
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रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ दिनांक 1 अप्रेल 2025 मंगलवार को प्रातः 11 बजे चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 2 के कार्यालय में पहुंचकर जोन के पदेन अध्यक्ष का पदभार सम्हालेंगे और पदभार ग्रहण करने के तत्काल पश्चात सबसे पहले जोन क्रमांक 2 क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत 50 सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों को सम्मानित करते हुए उनका अभिनन्दन करेंगे. उसके पश्चात श्री सूर्यकान्त राठौड़ जोन 2 कार्यालय में वार्ड पार्षदों और जोन अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर जोन के सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा कर जोन क्षेत्र के सभी वार्ड पार्षदों और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर नगर निगम जोन क्रमांक 2 के पदेन अध्यक्ष का कार्य दायित्व निभाएंगे.
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बिलासपुर/ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित महिला सिलाई व ब्यूटी पार्लर मैनेजमेंट उद्यमी (महिला) प्रशिक्षण अवधि 01.04.2025 से 30.04.2025*कॉस्टयूम ज्वैलरी निर्माण दिनांक* 01.4 2025 से 13.4.2025 तक हेतु बिलासपुर, मुंगेली एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्रामीण बेरोजगार से आवेदन आमंत्रित किया जाता है I
35 -35 हितग्राहियों का चयन आवेदन की प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा Iदस्तावेज आधार कार्ड , राशन कार्ड या मनरेगा कार्ड ,स्वयं का बैंक पासबुक ,(समस्त 3 प्रति)फोटो 5 प्रति शैक्षणिक योग्यता कम से कम 8 वीं पास आयु 18 से 45 वर्षपूर्णतः निःशुल्क ,आवासीय, भत्ता तथा प्रशिक्षण के व्यवस्था के साथ पता एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान कोनी थाना के पास तुर्काडीह पुल के सामने ,बिलासपुर। - *पीडब्ल्यूडी के सभाकक्ष में स्व सहायता समूहों के लाभार्थियों से भेंट एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विभागवार करेंगे चर्चा*दुर्ग / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज और कल दुर्ग जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल श्री डेका 31 मार्च 2025 को शाम 6.45 बजे राजभवन रायपुर से बीएसपी हाई स्कूल सेक्टर-7 ग्राउंड भिलाई के लिए कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 7.30 बजे भिलाई पहुचेंगे और एक शाम श्री राम खाटू श्याम के नाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे रात्रि 8 बजे कार द्वारा सर्किट हाउस दुर्ग के लिए प्रस्थान कर रात्रि 8.05 बजे सर्किट हाउस दुर्ग पहुचेंगे। राज्यपाल यहाँ पर रात्रि विश्राम करेंगे। राज्यपाल श्री डेका 01 अप्रेल 2025 को पूर्वान्ह 10.55 बजे सर्किट हाउस से कार द्वारा प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11 बजे पीडब्लयूडी के सभाकक्ष पहुचेंगे और स्व सहायता समूह व केंद्रीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की बैठक में शामिल होंगे। वे दोपहर 12.30 बजे कार द्वारा पीडब्ल्यूडी सभाकक्ष से प्रस्थान कर दोपहर 12.35 बजे सर्किट हाउस दुर्ग पहुंचेंगे। राज्यपाल श्री डेका अपरान्ह 1.30 बजे सर्किट हाउस दुर्ग से कार द्वारा बालोद के लिए प्रस्थान करेंगे।
- -बारहमासी आवागमन की सुविधा होगी-सीआरपीएफ के जवान पुल पर मोर्चा लगाकर दे रहे हैं सुरक्षारायपुर / कभी नक्सलियों के अभेद किला जाने वाले अबूझमाड़ अब उनके के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है, यहां भी जवानों के द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाकर बड़ी सफलताएं हासिल की जा रही हैं। पहुंचविहीन माड़ तक अब बारिश में भी आवाजाही हो सकेगी, माड़ तक जाने वाले रास्ते में सबसे बड़ी बाधा अब तक इंद्रावती नदी ही रही है, चाहे दंतेवाड़ा की तरफ से या बीजापुर की तरफ से, दंतेवाड़ा में इंद्रावती में पहले ही दो पुल बनकर तैयार हो गए हैं, एक छिंदनार में और दूसरा करका घाट में, जिससे अबूझमाड़ के 50 से अधिक गांव के लोगों को सुविधा मिल रही है।उसी इंद्रावती में अब तीसरा पुल फुंड़री के पास बन रहा है, इस पुल का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है 20 प्रतिशत बचा हुआ काम भी बारिश तक पूरी हो जाएगी। इस पुल के शुरू होने से 12 ग्राम पंचायत के 50 से अधिक गांव के लोग बीजापुर जाने वाली नेशनल हाइवे 63 से सीधे जुड़ जाएंगे। जिस माड़ तक अभी तक पहुंचना आसान नहीं था वह अब सीधे नेशनल हाइवे से जुड़ जाएगा।648 मीटर लंबा बन रहा है उच्च24 घंटे माड़ पर जवान रख रहे नजरइस पुल को बनाने के लिए सीआरपीएफ का कैंप इंद्रावती नदी के किनारे लगाया गया है, जवान 24 घंटे माड़ से होने वाली हर गतिविधियों को नाकाम कर पुल तैयार करवा रहे हैं। पुल के ऊपर ही जवानों ने मोर्चा बना रखा है और बैरियर में हर आने-जाने वालों से पूछताछ होती है।यह उच्च स्तरीय पुल फुंडरी में इंद्रावती नदी पर 35 करोड़ 60 लाख की लागत से 648 मीटर लंबा पुल बन रहा है, वहीं 208 मीटर नेशनल हाइवे और 242 मीटर बांगोली की तरफ एप्रोच सड़क भी तैयार की जा रही।पुल बनते ही अबूझमाड़ का तीसरा द्वार शुरू हो जाएगा जवानों की भी अबूझमाड़ में दस्तक बढ़ जाएगी, अभी बारिश में यहां नक्सली ट्रेनिग कैंप चलाते है। बारिश भर इंद्रावती उफान पर रहती है, नक्सली यहां बारिश के 4 महीने स्वतंत्र होकर अपनी गतिविधियां चलाते थे, अब उस पर भी अंकुश लग जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2018 में सुरक्षा के बीच इस पुल का काम शुरू हुआ था, नक्सलियों द्वारा पुल निर्माण में बाधा डालने प्रेशर आईईडी लगा जवानों को नुकसान पहुंचाने यहां हमेशा प्रयास करते हैं।











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