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- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 21 दिसम्बर को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा है कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह छत्तीसगढ़ में श्रमिक और सहकारी आंदोलन के प्रणेता माने जाने जाते हैं। वेे छात्र जीवन से ही स्वाधीनता आंदोलनों से जुड़े। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की और जन असंतोष को संगठित दिशा प्रदान की। उन्होंने जन-जागरण के लिए भी कई काम किये। छत्तीसगढ़ के इतिहास में अपने अमूल्य योगदान के लिए ठाकुर प्यारेलाल सिंह हमेशा याद किये जाएंगे।
- -कृषक उन्नति योजना से लाभान्वित कृषकों का होगा सम्मानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 21 दिसंबर को राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और उपलब्धियों को जनसामान्य तक पहुंचाना है। किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के लाभान्वित किसानों और प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया जाएगा। कृषि संगोष्ठी का भी आयोजन होगा। किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने के साथ ही सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जाएगा।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों को उनकी उपज का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसके साथ ही, समर्थन मूल्य और आदान सहायता को मिलाकर किसानों को प्रति क्विंटल धान का मूल्य 3100 प्रदान किया जा रहा है।बीते वर्ष छत्तीसगढ़ ने 145 लाख मेट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की थी। इस साल खरीफ की फसल के बेहतर उत्पादन के कारण 160 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी का अनुमान है। छत्तीसगढ़ केंद्रीय पूल में धान का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य है। छत्तीसगढ़ सर्वाधिक किसानों से धान खरीदने के मामले में देश में प्रथम स्थान पर है।कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को आदान सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही भूमिहीन किसानों की सहायता के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर सहायता योजना के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को सशक्त बनाना और राज्य की अर्थव्यवस्था को कृषि आधारित विकास के माध्यम से सुदृढ़ करना है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने ब्लॉक के किसान सम्मेलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
- रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में प्रख्यात अभिनेता पद्मश्री मनोज जोशी ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर छत्तीसगढ़ की माटी में उनका स्वागत और अभिनंदन किया।इस दौरान मुख्यमंत्री और अभिनेता श्री जोशी के मध्य छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की संभावनाओं सहित निर्माताओं और फिल्म कलाकारों में छत्तीसगढ़ को लेकर बढ़ती रुचि के संबंध में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने श्री जोशी के अभिनेता के रूप में निभाए चर्चित किरदारों की प्रशंसा भी की।
- -स्वास्थ्य विभाग की दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्रीरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस के आडिटोरियम में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए। शुक्रवार को शुरू हुई ये समीक्षा बैठक दो दिनों तक चलेगी। समीक्षा बैठक के पहले दिन स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि सभी अधिकारी एवं चिकित्सक आम जन के स्वास्थ्य को देखते हुए निस्वार्थ भाव से काम करें।उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार विस्तार करने का काम किया जा रहा है। बिलासपुर मे 200 करोड़ की लागत से बनने वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रायपुर के मेकाहारा में 700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन का 231 करोड़ रूपए का ई टेंडर, चार नवीन मेडिकल कालेजों के लिए 1 हजार 20 करोड़ का ई टेंडर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से एक वर्ष के भीतर 8 सौ से ज्यादा चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती, राज्य में एमबीबीएस की हिन्दी में पढ़ाई जैसे निर्णय से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। श्री जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर संचालन एवं क्रियान्वयन के जरूरी निर्देश देते हुए कहा कि आम जन तक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित होना चाहिए। विभागीय समीक्षा बैठक में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ ही जिलों से आए अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -धान खरीदी के साथ ही धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश-अब तक 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी-धान खरीदी के एवज में 13.19 लाख किसानों को 14059 करोड़ रूपए का भुगतान हो चुका है-अब तक के कुल धान खरीदी का 50 प्रतिशत से अधिक धान के उठाव के लिए डिओ और टीओ जारी-लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान का हो चुका उठाव-इस वर्ष में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानरायपुर / खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल बघेल की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ विधानसभा स्थित मुख्य समिति कक्ष में मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में धान खरीदी व्यवस्था सहित कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव, किसानों के लिए पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था, टोकन की स्थिति सहित विभिन्न किसान हित से जुड़े मुद्दे की समीक्षा की गई। बैठक में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसानों को विक्रय में सहुलियत प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में मंत्री-मंडलीय उप समिति के सदस्य कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा 20 सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा शामिल हुए।खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान खरीदने के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में धान खरीदी सुव्यस्थित हो तथा किसानों को सरलता के साथ बारदाना उपलब्ध हो इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में धान उठाव और कस्टम मिलिंग, केन्द्रीय पूल और छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा कराने तथा परिवहन के संबंध में भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। वर्तमान में राज्य में 2058 सहकारी समितियां तथा 2739 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से आगामी खरीफ विपणन वर्ष में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान लगाया गया है।बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 14 नवम्बर 2024 से शुरू हुए धान खरीदी महाअभियान के तहत अब तक 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में राज्य 13.19 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 14058 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव जारी है। धान के उठाव में तेजी लाने के प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किए गए हैं। अब तक कुल धान खरीदी का 50 प्रतिशत से अधिक धान के उठाव के लिए डिओ और टीओ जारी कर दिया गया है। जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा अब तक लगभग 10 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। बैठक में खाद्य विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती रेणु जी पिल्ले, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, सहकारिता विभाग के आयुक्त श्री कुलदीप शर्मा, खाद्य विभाग के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला, कृषि विभाग के संचालक डॉ. सरांश मित्तल, मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक के ओएसडी श्री अविनाश कुमार श्रीवास्तव, खाद्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री जी.एस. शिकरवार सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर /महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं की जिदंगी संवार रही है। महिलाएं हर महीने मिलने वाले एक हजार रूपए से अपने घर की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। कुछ महिलाएं इस राशि का सदुपयोग कर जीवकोपार्जन की नई राह बनाने की ओर अग्रसर है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की निवासी पार्वती सोनी ने महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक मदद से एक सिलाई मशीन खरीद ली, जिसके माध्यम से वो अब आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है।श्रीमती पार्वती सोनी ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए की राशि उनके खाते में पहुंच रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन से ही आज मेरे बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपए आ रहे है। मुझ जैसी महिलाओं के लिए यह वरदान है। परिवार मे महिलाओं की बेहतर भूमिका सुनिश्चित करने, समाज में महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य में महतारी वंदन योजना सफल हो रही है।उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 21 दिसंबर को शाम 6 बजे पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में काया कल्प स्वच्छ अस्पताल योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समारोह में लोक सभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले की प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप सहित विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब एवं इंद्रकुमार साहू उपस्थित रहेंगे।
- -घोर नक्सल इलाकों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हो रही है नई जिंदगियों की शुरुआत-पूवर्ती में तैनात जवान ने नक्सल पीड़िता से रचाई शादी-दंतेवाड़ा में परिणय सूत्र में बंधे 220 जोड़ेरायपुर / छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल इलाकों से अब सुखद तस्वीरें निकलना शुरु हो गई हैं। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के एक साल में नक्सल उग्रवाद के कदम पीछे हट रहे हैं, साथ ही नक्सल पीड़ित जिंदगी की नई शुरुआत करने की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा चुकें हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में नक्सल प्रभावित गांव अब खुशहाल हो रहे हैं।दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय के मेंढका डोबरा मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनान्तर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जिलेभर के 220 वर वधु परिणय सूत्र में बंधे। इन्हीं में एक जोड़ा पूवर्ती गांव का है। पूवर्ती नक्सली हिड़मा और देवा का गांव है, सरकार बदलने के बाद अब पूवर्ती की तस्वीर बदल रही है। कैम्प खुलने के बाद पूवर्ती के लोग भयमुक्त जी रहे हैं और सरकार की योजनाएं उनका जीवन बदल रही है, जिसके कारण अब पूवर्ती में तैनात जवान ने एक नक्सल पीड़िता के साथ शादी रचाकर नई जीवन की शुरुआत की है। इन 220 जोड़ों में नियद नेल्ला नार गांव के दो जोड़ों ने भी सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई है। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार आने बाद नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से ग्रामीणों का हौसला लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब और किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर निर्धन परिवारों को विकास की ओर अग्रसर होने का अवसर मिल रहा है। दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ क्षेत्र में यह सामूहिक कन्या विवाह में आज 220 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधकर गृहस्थ जीवन में कदम रख रहे हैं। यह सब राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से फलीभूत हुआ है, जो सरकार की गरीब परिवारों की सेवा करने की कटिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कर्मचारी भी बधाई के पात्र है जिन्होंने विभिन्न ग्रामों पारा, टोले, मोहल्लों से विवाह योग्य युवक-युवतियों का पंजीयन कर सामूहिक विवाह से लाभान्वित किया।नियद नेल्ला नार ग्राम धुरली के दो जोड़े भी हुए सामूहिक विवाह से लाभान्वितकार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार एवं सप्तपदी के पावन वचनों को अंगीकार करने वाले जोड़ों में से दो जोड़े नियद नेल्ला नार ग्राम धुरली के निवासी थे। इनमें सुश्री सीमा भास्कर एवं सुदरी तेलाम भी शामिल थी। सीमा 10वीं पास है और नगर पालिका परिषद बड़े बचेली में कार्यरत है । सीमा का विवाह रेमष भास्कर के साथ हुआ जो कृषक है। इसी प्रकार सुंदरी तेलाम कामगार श्रमिक है, धन्नु कुंजाम भी कामगार श्रमिक है। दोनों नव विवाहितों ने शासन की इस योजना की तारीफ करते हुए इसे गरीब और जरूरतमंद के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल हमें शादी के भारीभरकम खर्च से मुक्ति मिली है, बल्कि शादी के उपरांत कन्या के खाते में 35 हजार रूपये की राशि आने से शादी के बाद के खर्चों के लिए संबल भी मिलता है।
- रायपुर, /राज्य शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल करते हुए श्री सुबोध कुमार सिंह, भा.प्र.से. (1997) को प्रमुख सचिव, माननीय मुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त किया है। श्री सिंह को केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटने के बाद इस पद पर पदस्थ किया गया है।
- -पुल का 95 प्रतिशत काम पूरा, 14 करोड़ रुपए की लागत से शिवनाथ नदी पर बन रहा पुलरायपुर। दुर्ग जिले के सगनीघाट और सिल्लीघाट के बीच शिवनाथ नदी पर निर्माणाधीन नए पुल का काम पूर्ण होने के कगार पर है। 14 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बन रहे पुल का 95 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। अभी पुल के दोनों ओर सीसी रोड निर्माण का काम प्रगति पर है। अगले कुछ दिनों में पुल के ऊपर बीटी वर्क के बाद पुल आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्ग-धमधा मार्ग को जालबांधा-खैरागढ़ मार्ग से जोड़ने वाली सड़क में शिवनाथ नदी पर सगनीघाट और सिल्लीघाट के बीच 400 मीटर लंबे नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के 12 गांवों की करीब 20 हजार आबादी के साथ ही इस मार्ग का उपयोग कर जिला मुख्यालय दुर्ग, विकासखंड मुख्यालय धमधा, जालबांधा एवं खैरागढ़ की ओर आने-जाने वालों को फायदा होगा। धमधा, ननकट्ठी, सगनी, लिटिया, बोरी और सिल्ली जैसे कई गांवों के लोग अब नदी के उस पार के गांवों में बारहों महीने निर्बाध आवागमन कर सकेंगे। इससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के जोन क्रमांक 01 अंतर्गत सिंगलयूज प्लास्टिक पर सामग्री बेचने एवं खरीदने को रोकने पर कार्यवाही लगातार जारी है। वार्ड क्रं. 02 स्मृति नगर में विभिन्न व्यवसासियों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर सामग्री बेचने एवं व्यवसाय परिसर, फल ठेला में गंदगी पाए जाने एवं गीला एवं सूखा कचरा पृथक कर नहीं देने वाले व्यापारियो पर चालानी कार्यवाही की गई। प्रमुख रूप से जैकी गारमेंटस 1000, साथी फटका शांप 500, गुरू कलेक्शन शांप 500, एच कुओ सोल्यूशन 1000, एस.एस.रायल ब्यूटी पार्लर 4000, क्यू वर्मा साड़ी सेंटर 500, भारतीय जन औषधि केन्द्र 1000, दिलीप चतुर्वेदी 1000, मां बमलेश्वरी आटो सेंटर 500 एवं महेश सोनकर फल सेंटर से 50 रूपये की चालानी कार्यवाही करते हुए कुल 10050 रूपये की अर्थदण्ड वसूला गया।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने अधिकारियो को निर्देश दिए है, कि जो भी व्यापारी सिंगलयूज प्लास्टिक में खादय सामग्री विक्रय कर रहे है या व्यवसाय परिसर, फल ठेला के आस-पास गंदगी फैला रहे है या फिर गीला एवं सूखा कचरे को अलग-अलग डस्ट बिन में नही डाल रहे है। उनके पास जाकर उनसे चालानी कार्यवाही कर अर्थदण्ड वसूला जाए। साथ ही उन्हे समझाया जाए कि सिंगलयूज प्लास्टिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए बहुत ही हानिकारक है। शहर की साफ-सफाई में जो व्यापारी सहयोग नही कर रहे है। उन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही कर उन्हे समझाईस दी जाए। अगले बार से गंदगी न फैलाये नहीं तो निगम कचरा साफ नहीं करेगा। गुमास्ता लाइसेंस एवं ट्रेड लाइसेंस निरस्त भी कर दी जाएगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी व्यापारी की होगी।कार्यवाही के दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी, अंकित सक्सेना, स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, संतोष हरमुख , अंजनी सिंह, आदि उपस्थित रहे। -
*- उपार्जन केंद्रों से धान का तेजी से उठाव होने से किसानों के खिले चेहरे*
*- 20,676 में. टन धान का हो चुका है उठाव*
दुर्ग/ शासन की धान खरीदी नीतियों के अनुरूप सुसंगत ढंग से जिले में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। विष्णु के सुशासन में किसानों के हित में लिए गए निर्णय से किसानों के चेहरे खिल उठे है। उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव तेजी से होने लगा है। विष्णु सरकार द्वारा लिए गए फैसले से राईस मिलर्स लौट आए है। ट्रांसपोटर्स भी धान का उठाव कर रहे है। अब तक 119 मिलर्स पंजीयन करा चुके है। 82,753 में. टन धान के उठाव के लिए डीओ/टीओ जारी किया जा चुका है। बफर लिमिट केंद्रों में उठाव की वजह से अब धान की मात्रा कम होने लगी है। अब किसानों को धान की बिक्री में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। उपार्जन केंद्रों में धान की ढ़ेरी लगाने पर्याप्त जगह मिलने लगी है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी चल रही है। जिले के पंजीकृत 1,14,778 किसानों में से अब तक 57,239 किसानों से 2,67,268.28 में. टन धान खरीदी की गई है। उपार्जन केन्द्रों में धान के उठाव तेजी आई है। 20,676.00 में. टन धान का उठाव किया जा चुका है।
रिसामा धान उपार्जन केंद्र में चिरपोटी ग्राम पंचायत के किसान श्री दौलत साहू ने चर्चा के दौरान बताया कि उन्होंने 20 क्विंटल धान बेचा है। बिक्री के 72 घंटे के भीतर उन्हें राशि का भुगतान किया गया। कृषक श्री साहू ने बताया ’’मेरे दो बच्चे हैं। बेटी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है और दूसरा बेटा पढ़ाई समाप्त कर खेती किसानी में हाथ बटा रहा है। धान बेचने से प्राप्त राशि बेटी की पढ़ाई में लगाऊंगा और कुछ राशि से घरेलू खर्च निकलेगा।’’ कृषक रोशन लाल साहू ने बताया कि उन्होंने 65 क्विंटल धान बेचा है और प्राप्त राशि से माल वाहक गाड़ियों की मजदूरी दी और कुछ पैसे घर खर्च में लगाए है। समिति प्रबंधक ने बताया कि अब तक 645 किसानों ने कुल 24,444 क्विंटल धान बेच चुके है। 6660 क्वि. धान का उठाव मिलरों द्वारा किया जा चुका है। समिति में किसानों के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। - दुर्ग/ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायत मचान्दुर की निवासी श्रीमती त्रिवेणी बाई की कहानी संघर्ष और सफलता की मिशाल है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने त्रिवेणी बाई जैसे परिवारों को न केवल एक घर दिया है, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता भी प्रदान की है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक नई उम्मीद की किरण साबित हो रही है। त्रिवेणी बाई का परिवार बेहद गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। पति के विकलांग होने के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ और भी बढ़ गया था। त्रिवेणी बाई ने बताया कि जीवन यापन के लिए मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी और घर जुटाने के लिए संघर्ष करती थी। घर कच्चा और जर्जर होने के कारण बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने से हर समय डर लगा रहता था कि घर गिर ना जाए, किंतु हमारे मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हम गरीबों का ध्यान रखा और हमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए मदद मिलने से हमारी जिंदगी में रोशनी आ गई। इस योजना की सहायता से हमने एक पक्का और सुरक्षित घर बनाया। अब हम बेफिक्र होकर रहते हैं। मेरा परिवार सुरक्षित महसूस करता है, और हमारे बच्चों को भी बेहतर माहौल मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं सरकार की बहुत आभारी हूं, जिन्होंने हमारे जैसे गरीब और जरूरतमंद लोगों के बारे में सोचा और हमें एक नई शुरुआत करने का मौका दिया। अब हमें भरोसा है कि हमारा भविष्य बेहतर होगा।
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दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए साजा विधानसभा के 07 कार्यांे के लिए 35 लाख 99 हजार 924 रूपए स्वीकृत किया गया है। जिला प्रभारी मंत्री, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्य का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी जनपद पंचायत धमधा मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्ग द्वारा की जाएगी।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत पथरिया में खेलावन साहू के घर से सोसायटी तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम पंचायत डोमा में दुर्गा मंच से दुखवा के घर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 4 लाख 99 हजार 924 रूपए, ग्राम पंचायत टेकापारा में बल्लू पटेल के घर से पानी टंकी मेन रोड तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम पंचायत गाड़ाघाट में आदिवासी गोड़ पारा में सीसी रोड निर्माण एवं मेन रोड से स्कूल तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम पंचायत पुरदा में पूर्व माध्यमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष के लिए 5 लाख रूपए, ग्राम सिलतरा ग्राम पंचायत फुंडा में भागवत साहू के घर से शीतला तालाब तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम पंचायत बिरेझर रिखी सिन्हा के घर से खिलन वर्मा के घर तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। -
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में पदस्थ वर्ष 2023 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी श्री एम. भार्गव (भा.प्र.से.) सहायक कलेक्टर दुर्ग को जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु अभ्यास हेतु 23 दिसंबर 2024 से 29 दिसंबर 2024 तक एक सप्ताह की अवधि के लिए कार्यालय पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग के साथ संलग्न किया गया है। इस दौरान प्रशिक्षण अवधि में पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग के द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- बिलासपुर। जिले में सरकारी जमीन पर कब्जा कर फार्म हाउस बनाने के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया और आज बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।कलेक्टर अवनीश शरण को जनदर्शन के माध्यम से शिकायत मिली थी कि ग्राम महमंद क्षेत्र में खसरा नंबर 257 के अंश भाग (लगभग 1 एकड़) पर आरोपी रंजन गर्ग ने अतिक्रमण कर फार्म हाउस बना लिया है। जिस पर कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी बिलासपुर एवं संबंधित तहसीलदार को जांच कर विधिवत कार्रवाई के निर्देश दिए थे । उक्त प्राप्त शिकायत को कलेक्टर बिलासपुर ने समय सीमा के प्रकरण में दर्ज कर बिलासपुर एस डी एम को प्रेषित भी किया। इसके बाद एसडीएम पीयूष तिवारी के निर्देश पर संबंधित तहसीलदार ने तत्काल हल्का पटवारी से जांच रिपोर्ट आहूत की एवं शासकीय भूमि पाए जाने पर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की गई। बेदखली की कार्यवाही के दौरान मौके पर लगभग 50-100 की संख्या में पुलिस बल एवं सीएसपी कोतवाली, एसडीएम बिलासपुर, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी तोरवा सभी उपस्थित थे।
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- नवीनीकरण के साथ बनाये जा रहे हैं श्रमिक पंजीयन कार्ड*
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक वर्ग को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के लाभान्वित करने नये पंजीयन कार्ड बनाने के साथ नवीनीकरण भी किये जा रहे हैं। जिले में निर्माण स्थल, औद्योगिक क्षेत्र तथा श्रमिक बस्ती एवं ग्राम पंचायतों में श्रम शिविर/मोबाईल कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। विगत दिवस जिले के विभिन्न स्थानों में 07 पंजीयन शिविरों के माध्यम से 94 श्रमिक पंजीयन तथा 23 श्रमिक कार्ड नवीनीकरण किया गया है। इसी प्रकार दुर्ग नगर के श्रमिक बस्ती उरला, बाम्बे आवास में भी श्रमिक पंजीयन शिविर आयोजित कर 66 श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी दी गई और 30 श्रमिकों का श्रमिक पंजीयन कार्ड वार्ड के स्थानीय जनप्रतिनिधि केे माध्यम से श्रमिकों को वितरित किया गया।
- दंतेवाड़ा । खाद्य विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य में 15 उपार्जन केन्द्रों में 1867 कृषकों ने अब तक कुल 50,906.80 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। इसके अतिरिक्त, 960 क्विंटल धान का उठाव भी किया जा चुका है।साथ ही दंतेवाड़ा में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है, जहां प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ज्ञात हो कि कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले के 15 उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाएं पुख्ता की गई हैं ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। अब तक 1,867 किसानों को माइक्रो एटीएम के जरिए 10,000 रुपये तक का नगद भुगतान दिया जा रहा है। साथ ही, उपार्जन केंद्रों में खाली बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी हो रही है, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है।
- दंतेवाड़ा । जिला परिवहन विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के आम नागरिकों के सुविधा की दृष्टि से कार्यालय जनपद पंचायत कुआकोंडा के पालनार में 21 दिसंबर को अस्थायी लाइसेंस (लर्निंग लाइसेंस) शिविर का आयोजन प्रातः 10 बजे से 5ः30 बजे तक किया जा रहा है। षिविर में अस्थायी चालक अनुज्ञप्ति (लर्निंग लाइसेंस) परिवहन सुविधा केंद्र द्वारा बनाया जाएगा। इस संबंध में इच्छुक व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु सेवा शुल्क 100 रुपये नियत है। साथ ही परिवहन विभाग को ऑनलाइन फीस,टैक्स भुगतान करने हेतु (प्रत्येक एक हजार रुपये या उसके भाग के लिए) 50 रुपये, लर्निंग लाइसेंस हेतु शुल्क 50 रुपये, आवेदन पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेज की स्क्रीनिंग, कम्प्रेसिंग एवं अपलोड (प्रति पेज) 5 रुपये, ऑनलाइन आवेदन पूर्ति के संपूर्ण दस्तावेज का प्रिंट आउट शुल्क 5 रुपए, अस्थायी चालक अनुज्ञप्ति (लर्निंग लाइसेंस) हेतु प्रति वाहन शुल्क एवं निवास संबंधी प्रमाण आधार कार्ड, बिजली बिल, वोटर आईडी, पासपोर्ट शासन द्वारा जारी आईडी, 2 फोटो, लोकल पता हेतु किरायानामा, शपथ पत्र, आयु प्रमाण-पत्र, पैन कार्ड, 10वीं अंकसूची की छायाप्रति अनिवार्य किया गया है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम मिलाई क्षेत्रान्तर्गत खाद्य लोक स्वाण् एवं स्वच्छता समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीपति राजू की अध्यक्षता में सलाहकार समिति की बैठक में तीन विषयों पर चर्चा की गई। प्रस्ताव पर चर्चा उपरांत अनुशंसा के साथ महापौर परिषद के समक्ष रखे जाने का निर्णय लिया गया। लक्ष्मीपति राजू, अध्यक्ष खाद्य लोक स्वाण् एवं स्वच्छता समिति के सलाहकार समिति में निकाय क्षेत्रान्तर्गत कोसानाला में पूरे वर्ष भर जलकुम्भी उगने के कारण वर्षा ऋतु के दौरान आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है तथा आसपास की आबादी दैनिक उपयोग के लिए तालाबों पर आश्रित है। निगम क्षेत्र में स्थित 33 तालाबों को जलकुम्भी, खरपतवार से होने वाले प्रदुषण से मुक्त रखने एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल द्वारा विभिन्न आदेशों में नगर अंतर्गत उपस्थित वाटर बॉडी को प्रदुषण से मुक्त रखने का दायित्व संबंधित नगरीय निकाय को दिया गया है। जिसके परिपालन में जलकुम्भी, खरपतवार से होने वाले प्रदुषण से मुक्त रखने ॅममक भ्ंतअमेजमत मशीन 15वें वित्त आयोग के गिलियन प्लस सिटी के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत वाहन/उपस्कर क्रय किये जाने हेतु अनुदान राशि रुण् 150 लाख की स्वीकृति प्रदान करने महापौर परिषद के समक्ष प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किये जाने का संकल्प पारित किया गया।
चर्चा के दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में जो भी एम्बूलेंस उपलब्ध है वह बहुत पुराना हो गया है, उसमें मात्र ऑक्सीजन सुविधा वाली होती है। लेकिन वेन्टीलेटर सहित एम्बूलेंस नहीं होने के कारण मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने में काफी असुविधा होती है। इसलिए नगर पालिक निगम भिलाई में वेन्टीलेटर एम्बूलेंस खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर महापौर परिषद के समक्ष रखे जाने का निर्णय लिया गया। नगर पालिक निगम क्षेत्रान्तर्गत प्रतिदिन मृत्य दर को देखते हुए निगम में अभी वर्तमान में 7 शव वाहन संचालित हो रहे है। जिससे आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो पा रही है। निगम क्षेत्र में शव वाहन की कमी है। उसकी पूर्ति करने के लिए शव वाहन क्रय किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर महापौर परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्णय पारित किया गया।सलाहकार समिति की बैठक में सदस्य कोमल दास टण्डन, के. जगदीश कुमार, अभिषेक मिश्रा, पी. श्याम सुन्दर, सरीता देवी, ईश्वरी नेताम, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सचिव खाद्य लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति सहित प्र. सहायक अधीक्षक राजेश पालवे उपस्थित रहे। - महासमुंद / राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में नगरीय इकाई और पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के सभागार में जिले के सभी जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के लिए नियुक्त कुल 84 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार साहू ने मास्टर ट्रेनर्स से मतदान प्रक्रिया तथा मतगणना कार्य को भली-भांति समझने के निर्देश दिए।जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रशिक्षण देते हुए बताया कि नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए मतपत्रों के माध्यम से मतदान होगा। जिसमें अध्यक्ष का मतपत्र सफेद तथा पार्षद का मतपत्र रंगीन होगा। मतदान के लिए मतदान दलों को एक बड़ी और एक छोटी साइज की मतपेटी दी जाएगी। मतदान के पश्चात पीठासीन अधिकारी द्वारा मतपत्र लेखा तैयार कर उसकी एक-एक प्रति उपस्थित अभिकर्ताओं को दिया जाएगा।पंचायत निर्वाचन के संबंध में प्रशिक्षण देते हुए उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदाता द्वारा पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य के लिए अर्थात कुल चार पदों के लिए मतदान किया जाएगा। जिसके लिए मतदान कक्ष में दो मतदान प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। जिसमें से पहला पंच तथा सरपंच से संबंधित मतपत्रों तथा दूसरा जनपद और जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों के मतांकन के लिए होगा।श्री गोस्वामी ने पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी क्रमांक एक, दो, तीन और चार के द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत निर्वाचन में मतदान का समय प्रातः 7 बजे से 3 बजे तक रहेगा। मतदान समाप्ति के बाद वहीं मतगणना का कार्य भी संपन्न किया जाएगा। मतगणना करते समय पंच पद के मतपत्रों की गणना सबसे पहले की जाएगी जो सफेद रंग के होंगे। उसके बाद, सरपंच पद के मतपत्रों (नीला रंग), फिर जनपद पंचायत सदस्य के मतपत्रों (पीला रंग) और सबसे अंत में जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों (गुलाबी रंग) की गणना की जाएगी। प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी नंदकिशोर सिन्हा, पंकज शर्मा, निर्मल प्रधान, विजय शंकर विशाल, टेकराम सेन आदि उपस्थित थे।
- महासमुंद / खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान सुचारू रूप से जारी है। नोडल अधिकारी श्री अविनाश शर्मा ने बताया कि 19 दिसम्बर तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 84475 किसानों से 451951.8 टन धान खरीदा गया, जिसकी राशि 1033 करोड़ 48 लाख रुपए किसानों को वितरित की गई। उन्होंने बताया कि जिले के उपार्जन केन्द्रों में एक करोड़ 61 लाख 52 हजार 951 बारदाना प्राप्त हुआ है। जिसमें 83 लाख 92 हजार 758 नया बारदाना है। 58 लाख 63 हजार 42 बारदाना मिलर से प्राप्त, 15 लाख 52 हजार 19 पीडीएस से प्राप्त तथा किसानों से 3 लाख 45 हजार 132 बारदाना प्राप्त हुआ है। एक करोड़ 17 लाख 84 हजार 552 बारदाने का उपयोग उपार्जन केन्द्रों में किया जा रहा है। अभी 43 लाख 68 हजार 399 बारदाना शेष है। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर तक कुल 31468.238 टन धान का परिवहन किया गया है।
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महासमुंद / राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के निर्देशानुसार जिले में प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय युथ एवं इको क्लब प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 19 और 20 दिसंबर को जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा महासमुंद में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह और जिला पंचायत के एस. आलोक के निर्देशन में, जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत और जिला मिशन समन्वयक कमलनारायण चंद्राकर के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
यूथ एवं इको क्लब प्रथम दिवस प्रशिक्षण मे प्लास्टिक के प्रकारों, इसके दुष्प्रभावों को समझाया गया। जिला स्तर के मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा प्रशिक्षण का पहला दिन जमीन प्लास्टिक साक्षरता पर आधारित बातें बताई गई। जिसमें उन्हें प्लास्टिक के बढ़ते हुए खतरे का सामना भावी पीढ़ी के विद्यार्थियों को किस प्रकार करना है, प्लास्टिक के प्रकारों के साथ मुख्य 3 प्रकार से संबंधित एक्टीविटी, जमीन मेला, 12 सप्ताहों तक शालाओं आयोजित होने वाले अनिवार्य और संभावित गतिविधियाँ करवाई गई, प्लास्टिक के कम उपयोग को बढ़ावा देना आदि करवाया गया।
इसी तारतम्य में दूसरे दिवस में स्कूलों में किचन गार्डन कैसे बनाना है उसका प्रत्यक्ष प्रदर्शन, मिट्टी को उपजाऊ बनाने हेतु जीवामृत, बीजामृत व निमार्ण कैसे बनाना है, सिखाया गया। स्कूल के कम जगह में किस पौधे को कितनी दूरी में लगाना है एवं यूथ व इको क्लब की राशि व्यय व प्रथम क्रिएटिविटी क्लब में पंजीयन कर 21वीं सदी के कौशल की जानकारी दी गई। कार्यशाला समापन अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने बताया की प्लास्टिक, हमारी दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। यह टिकाऊ और हल्का होने के कारण कई उत्पादों में इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्लास्टिक के कई प्रकार होते हैं और इनका पर्यावरण पर क्या प्रभाव प्लास्टिक को विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है, जो उनके रासायनिक संरचना और गुणों के आधार पर होते हैं। डीएमसी कमल नारायण चंद्राकर ने कहा कि आप लोगों के द्वारा दो दिवस में प्रशिक्षण के दौरान जो बताया गया है उसे शालाओं में क्रियान्वित करने कहा गया। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी श्रीमती सम्पा बोस एपीसी पेडागाजी, मास्टर ट्रेनर्स के.आर.सोनवानी, लक्ष्मी मानिकपुरी, प्रत्येक विकासखंड से 08-08 प्रतिभागी तथा प्रथम फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे। -
राजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन मेें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत 70 वर्ष या 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र एपीएल एवं बीपीएल हितग्राहियों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया जा रहा है। आयुष्मान वय वंदना कार्ड के माध्यम से 70 वर्ष या 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी पात्र एपीएल एवं बीपीएल हितग्राहियों को पंजीकृत शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रूपए तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा। राज्य नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ रायपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में कुल 42 हजार 672 पात्र हितग्राहियों में से 2 हजार 703 हितग्राहियों का पंजीयन कर आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाकर वितरित किया गया हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन की प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क हैं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने हेतु राशन कार्ड अनिवार्य नहीं हैं। समस्त पात्र सदस्यों का अलग-अलग आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया जाएगा। पात्र हितग्राही अपने क्षेत्र के नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र, आधार सेवा केन्द्र व च्वॉइस सेंटर में जाकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन के लिए केवल आधार कार्ड एवं आधार लिंक मोबाईल नम्बर लेकर जाना होगा। राजनांदगांव शहरी क्षेत्र अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर, लखोली, मोतीपुर, पुराना अस्पताल गुरूद्वारा चौक एवं उदयाचल धमार्थ नेत्र चिकित्सालय पुराना गंज चौक राजनांदगांव में आयुष्मान वय वंदना कार्ड बना सकते हैं। योजना के संबंध में अधिक जानकारी हेतु टोल फ्री नम्बर 104 पर या निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों में संपर्क किया जा सकता हैं। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन मेें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रथम स्थान पर है। जिले में योजना अंतर्गत शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए पात्र राशन कार्डधारी हितग्राहियों से कुल 9 लाख 39 हजार 886 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 8 लाख 82 हजार 288 पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन किया गया हैं, जो निर्धारत लक्ष्य का 93.87 प्रतिशत है। जिले में शेष 57 हजार 598 पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड पंजीयन शीघ्र की कर लिया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि जिला मुख्यालय राजनांदगांव में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत 30 निजी चिकित्सालय पंजीकृत हैं। शासन द्वारा योजना अंतर्गत चिकित्सालयों में निर्धारित माप-दण्ड तय किए गए है। इसके अनुसार अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सालय का बोर्ड अस्पताल प्रवेश द्वार पर या उचित स्थान पर प्रदर्शित करना है। साथ ही अस्पताल परिसर में आयुष्मान कार्ड योजनांतर्गत भर्ती मरीज के अधिकार व दायित्व के संबंध में जानकारी भी प्रदर्शित करना है। शासन द्वारा चिकित्सालय को आयुष्मान भारत योजनातंर्गत जिस सुविधा हेतु अनुमति प्रदाय किया गया है, उसकी सूची एवं सुविधा अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित पैकेज की सूची राशि सहित फलैक्स के रूप में तैयार कर प्रतिक्षा कक्ष में अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करना है। अस्पताल में भर्ती पूर्व प्रत्येक मरीज व परिजनों से आयुष्मान कार्ड की उपलब्धता के संबंध में लिखित रूप से जानकारी लेना है। आयुष्मान कार्ड की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में मरीज व परिजनों से आयुष्मान कार्ड उपलब्ध नहीं होने के संबंध में लिखित रूप से सहमति पत्र लेना है। सहमति पत्र मरीज या मरीज के परिजन द्वारा ही लिखा जाना चाहिए अन्यथा सहमति पत्र मान्य नहीं किया जाएगा। आयुष्मान कार्ड उपलब्ध होने की स्थिति में मरीज के भर्ती होने के बाद 72 घण्टे के भीतर आयुष्मान कार्ड द्वारा पंजीयन करना है। आयुष्मान कार्ड से भर्ती मरीज को पात्रतानुसार 50 हजार रूपए से 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क ईलाज प्रदाय किया जाता है। किसी प्रकार से भी अतिरिक्त राशि मरीज व परिजनों से नहीं लिया जाना हैं। ईलाज हेतु ब्लॉक की गई राशि एवं ईलाज पश्चात आयुष्मान कार्ड में शेष बीमा कवर राशि की जानकारी मरीज व परिजनों को अनिवार्य रूप से दिया जाना हैं। अस्पताल में मरीज के भर्ती होनें पर भोजन एवं छुट्टी होने के समय दवाई नि:शुल्क दिया जाना हैं।

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