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- -आर्थिक मजबूती मिलने से परिवार की बनी धुरीबिलासपुर, /राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं सफलता की इबारत लिख रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना से जुड़कर आज जिले की ग्रामीण महिलाओं ने स्वावलंबन की मिशाल पेश कर रही है। इसी के तहत मां सहोद्रा स्व सहायता समूह की उड़गन की रविकुमारी दीदी ने कुछ अलग करने की सोची एवं समूह के माध्यम से सिलाई, सब्जी बाड़ी, ई रिक्शा, सब्जी बिजनेस और थाल पोस बनाने का कार्य करना प्रारम्भ की। इन गतिविधियों से रविकुमारी आज लखपति दीदी बन गई है। वे आज आत्मनिर्भर है। स्वास्थ्य शिक्षा एवं सामाजिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। समूह के अध्यक्ष के रुप में श्रीमती रवि कुमारी टंडन अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही है।बिल्हा ब्लॉक के ग्राम उड़गन की लखपति दीदी रविकुमारी टंडन ने बताया कि इस योजना से अब वह न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है बल्कि योजना से मिली राशि का उपयोग करते हुए वे स्वयं का व्यवसाय अपने घर से ही कर रही है। वे कहती है कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और इस माध्यम से वे बहुत कुछ सीख रहीं है। जानकारी मिलने के बाद स्व रोजगार स्थापित करने के संबंध में भी मार्गदर्शन मिला। योजना के तहत ऋण राशि स्वीकृत की गई, जिससे उसे अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिली। अब उसका परिवार आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा है।रविकुमारी अपने बीते हुए दिनों के दिक्कतों को बताते हुए कहती है कि वे पहले केवल कृषि और मजदूरी का कार्य करती थी। एक वर्ष किसानी करने से केवल उनको सालाना 55 हजार ही कमाई हो पाता था जिससे उनके बच्चों के पढ़ाई और घर में आमदनी की तंगी बनी रहती थी। लेकिन समूह से जुड़ने के बाद 3 लाख तक का बैंक से लोन लेकर स्वयं का व्यवसाय अपने घर में ही स्थापित कर लिया है। रविकुमारी अब कृषि कार्याे के साथ ही घर पर ही सब्जी बाड़ी, सिलाई, सब्जी बिजनेस, थाल पोस बना कर घर पर ही आमदनी कमा रही है। उन्होंने ई रिक्शा भी लिया है इन सभी कार्याे से वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में अपनी सहभागिता निभा रहीं है। उनका कृषि कार्य में 55 हजार रूपए, सिलाई कार्याे में 36 हजार रूपए, सब्जी बाड़ी से 24 हजार रूपए, थाल पोस बनाने में 15 हजार रूपए, सब्जी बिजनेस में 1 लाख 80 हजार रूपए एवं ई रिक्शा से 1 लाख 20 हजार रूपए कर पूरे साल का परिवार 4 लाख 43 हजार रूपए आमदनी कमा रहा है।रविकुमारी कहती है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल उन जैसी सभी महिलाओं के लिए वरदान साबित हुआ है। वे अपने परिवार को स्वयं के रोजगार से आर्थिक तंगी से उबार रही है और अपने आस पास के लिए मिशाल साबित हो रही है। रवि कुमारी ने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार और धन्यवाद प्रकट किया।
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बालोद. जिले में एक एसयूवीऔर ट्रक के बीच हुई टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताया है तथा जिला प्रशासन को घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि घटना रविवार देर रात डौंडी थाना क्षेत्र के चोरहापड़ाव गांव के निकट की है जब एक ट्रक ने एसयूवी को टक्कर मार दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया, "वाहन और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। एसयूवी में सवार 13 लोगों में से छह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।" उन्होंने बताया कि पांच महिलाओं और एक बच्चे सहित सात घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव जिला अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि बाद में एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान दुर्पत प्रजापति (30), वाहन चालक युवराज साहू (30), चार महिलाएं - सुमित्रा बाई कुंभकार (50), मनीषा कुंभकार (35), सगुन बाई कुंभकार (50) और इमला बाई (55) तथा सात वर्षीय बालक जिग्नेश कुंभकार के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने घटना में सात लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। - - वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बाघिन का रेस्क्यू-एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने बाघिन को किया ट्रैंकुलाइजरायपुर / वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशन में कोरिया वनमंडल के अंतर्गत आने वाले नगर निगम चिरमिरी के रिहायशी इलाकों में बीते एक सप्ताह से विचरण कर रही बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।सरगुजा से वन संरक्षक (वन्यप्राणी) केआर बढ़ई की अगुवाई में बाघिन को रेस्क्यू करने कानन पेंडारी से डॉ. पीके चंदन, तमोर पिंगला एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर से डॉ. अजीत पांडेय व जंगल सफारी रायपुर से डॉ. वर्मा पहुंचे थे। उनकी निगरानी में आज शाम 4 बजे बाघिन को रेस्क्यू कर सुरक्षित ले जाया गया। मादा बाघ को नगर निगम चिरमिरी के हल्दीबाड़ी बघनच्चा दफाई के पास जंगल में ट्रैंकुलाइज किया गया। फिर उसे ग्रीन नेट से ढंककर पिंजरे में डाला गया। इसके बाद वन विभाग के ट्रक में लोड कर ले जाया गया। इस दौरान बाघिन को देखने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। वन मुख्यालय रायपुर से निर्देश मिलने पर बाघिन को किसी टाइगर रिजर्व छोड़ा जाएगा।गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर के पूर्वी साजापहाड़ बीट में बाघिन के विचरण के प्रमाण मिलने के बाद से ही वन विभाग का अमला पूरी तरह से अलर्ट रहकर लगातार निगरानी बनाए हुए था। बाघिन के विचरण क्षेत्र में वनों के चारों ओर गांव बसे हुए हैं, इसको ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही थी। वन मंडलाधिकारी ने बाघिन के रेस्क्यू और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वनसंरक्षक वन्यप्राणी को पत्र लिखकर ट्रैंकुलाईजेशन और परिवहन की अनुमति भी मांगी थी। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि इस बाघिन के विचरण की पुष्टि ट्रैप कैमरा एवं प्रत्यक्ष रूप से हुई थी। इसके बाद वन विभाग का अमला सक्रिय होकर ग्रामीणों और चरवाहों को सावधानी बरतने तथा जंगल ने जाने की लगातार हिदायत दे रहा था। यह बाघिन आज नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 15 एवं 6 नम्बर गोलाई (बगनचा) में एक बाड़ी में घुस गई थी। गश्ती दल बाघिन के मूव्हमेंट पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा था। बाघिन ने 2 मवेशी का शिकार भी किया था।
- -एक निश्चेतना विशेषज्ञ और एक पैथोलॉजिस्ट की भी पदस्थापना-स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेशरायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार इजाफा किया जा रहा है। उन्होंने कहा है में मुख्यमंत्री की पहल पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं और राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की पदस्थापना भी इसी पहल का परिणाम है। बीते एक साल के भीतर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा 800 से ज्यादा चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सक और अन्य चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति की जा चुकी है। एक बार फिर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा राज्य में 10 चिकित्सा अधिकारियों, 19 दंत चिकित्सक, निश्चेतना विशेषज्ञ और पैथोलॉजिस्ट की संविदा नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं।जारी आदेश में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ अजीत कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव तथा पैथोलॉजिस्ट डॉ अनुभव वर्मा को जिला अस्पताल बिलासपुर में पदस्थ किया गया है।इसी तरह से 10 चिकित्सा अधिकारियों में डॉ. राकेश कुमार खोब्रागढ़े को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर- दोरनापाल जिला सुकमा, डॉ. अभयजीत गोलदार को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पेण्ड्रा जिला- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, डॉ. दीपाली मरकाम को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शीतला पारा जिला कांकेर, डॉ. शुभम पाण्डेय को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- मुंगेली जिला- मुंगेली, डॉ. प्रदीप कुमार पाण्डेय को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर - खपरी वार्ड नं. 01. सरगांव जिला- मुंगेली, डॉ. तस्नीम फातिमा को शहरी प्राथ. स्वास्थ्य केन्द्र धमधा नाका जिला- दुर्ग, डॉ आकाक्षा कोरेटी को जिला अस्पताल जिला- दुर्ग, डॉ अब्दुर राजिक खान को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामेश्वर नगर जिला- रायपुर, डॉ. अर्जुन सिंह बंजारे को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर सतनामीपारा साईनाथ कॉलोनी जिला- रायपुर, डॉ. संवेग दिनकर को जिला अस्पताल कालीबाड़ी जिला-रायपुर में पदस्थापित किया गया है।जारी पदस्थापना आदेश में 19 दंत चिकित्सको में से डॉ सुबी को यूपीएचसी बैकुंठधाम जिला दुर्ग, डॉ. नेहा मिश्रा को यूपीएचसी पोटियाकला जिला दुर्ग, डॉ. प्रसना सोनी को यूपीएचसी खुर्सीपार जिला दुर्ग, डॉ प्रीतिका साहू को यूपीएचसी चरौदा जिला दुर्ग, डॉ दीपा तिवारी को सीएचसी एस लोहारा जिला कबीरधाम, डॉ रंजना दान को सीएचसी शंकरगढ़ जिला बलरामपुर, डॉ ऋषि राज को सीएचसी पथरिया जिला मुंगेली, डॉ सी. नाग को सीएचसी मणिपुर जिला गरियाबंद, डॉ. अरूणिमा चौहान को सीएचसी लैलूंगा जिला रायगढ़, डॉ. परमेश्वर पात्र को सीएचसी धनोरा जिला कोण्डागांव, डॉ. श्रद्धा को सीएचसी पलारी जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, डॉ. मधु राठौर को सीएचसी मालखरौदा जिला सक्ती, डॉ हेम सिंह को सीएचसी विजयनगर जिला रायगढ़, डॉ प्रज्ञा लोधी को सीएचसी मंदिर हसौद जिला रायपुर, डॉ वसुंधरा कश्यप को सीएचसी खरौद जिला जांजगीर-चांपा, डॉ मालविका मशीह को सीएचसी तखतपुर जिला बिलासपुर, डॉ. लीना को सीएचसी अंबागढ़-चौकी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ. रश्मि को सीएचसी नरहरपुर जिला कांकेर, डॉ रणजीत खाण्डे को सीएचसी मानपुर जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में संविदा नियुक्ति दी गई है।
- -गुण्डम कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों से किया सीधा संवाद-केन्द्रीय गृहमंत्री से संवाद कर जवानों के हौंसले हुए बुलंद-नक्सलमुक्त भारत में सुरक्षा बलों के जवानों का नाम स्वर्णिम अक्षर में लिखा जाएगारायपुर / केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अपने मिशन के तहत आज बीजापुर के सुदूर एवं माओवाद प्रभावित क्षेत्र गुण्डम में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के बीच पहुंचे। उन्होंने स्थित केन्द्रीय रिजर्व बल 153वीं वाहिनी बटालियन के कैम्प में सीआरपीएफ, कोबरा, डीआरजी सहित सुरक्षा बल के जवानों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों से सीधे नक्सल ऑपरेशन की मैदानी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा भी उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा की विगत एक वर्ष में बस्तर को नक्सल मुक्त करने नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह रहा है की हमारे जवानों को नक्सल ऑपरेशन में लगातार सफलता मिली। बहुत बड़ी संख्या में नक्सली मारे गये, नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और उनकी गिरफ्तारी हुई। वह दिन दूर नहीं जब बस्तर और हमारा देश नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बनाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त अभियान में सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा, छत्तीसगढ़ पुलिस, बस्तरिया बटालियन सहित सभी सुरक्षाबलों का महत्वपूर्ण योगदान है।श्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज नक्सलवाद समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होने कहा कि सुरक्षा कैम्प के दायरे में आने वाले गांवों में सुरक्षाबल के अधिकारी यह अवश्य देखें की शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर कितनी अच्छी तरह हो रहा है, लोगों को उनके अधिकार मिल रहे हैं कि नही। शासन की योजनाओं का समुचित ढंग से लाभ ग्रामीणों को मिलते रहेगा तो वे शासन और प्रशासन के प्रति समर्पित भाव से सहयोग करेंगे और विकास की ओर अग्रसर होंगे।गृहमंत्री ने कैम्प परिसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अर्न्तगत किया वृक्षारोपणगुण्डम की शासकीय उचित मूल्य दुकान का किया शुभारंभबीजापुर के गुण्डम प्रवास के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कैम्प परिसर में बरगद का पौधा तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सल्फी का पौधा रोपा। उन्होंने इस मौके पर कैम्प परिसर के सामने नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीआरपीएफ, पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
- - 10-12 जनवरी तक होगा आयोजन, छत्तीसगढ़ में दूसरी बार होगा राष्ट्रीय सम्मेलनरायपुर। इंडियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन (IWWA) ने रायपुर में होने वाले अपने 57वें राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव को आमंत्रित किया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं एसोशिएशन के सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री श्री साव से मुलाकात कर इसके लिए आमंत्रण दिया। श्री साव ने अधिकारियों के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता की सहमति दी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल और मुख्य अभियंता श्री राजेश गुप्ता सहित विभागीय अभियंताओं की टीम ने उप मुख्यमंत्री से मिलकर आयोजन की अध्यक्षता का आमंत्रण दिया। इंडियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य आतिथ्य के लिए आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि इंडियन वाटर वर्क्स एसोशिएशन के 57वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन रायपुर के जैनम मानस भवन में आगामी 10 जनवरी से 12 जनवरी तक किया गया है। तीन दिवसीय इस आयोजन में वाटर वर्क्स से जुड़े देश-विदेश के जाने-माने 400 से अधिक वरिष्ठ एवं अनुभवी इंजीनियर हिस्सेदारी करेंगे। छत्तीसगढ़ को दूसरी बार इस आयोजन की मेजबानी मिली है।
- -स्वास्थ्य सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने जारी किए 55.58 करोड़ रुपए-मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के लिए मार्च-2025 तक जारी की गई राशिरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं के निर्बाध और सुचारू संचालन के लिए 55 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने नगरीय निकायों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के संचालन के लिए सभी जिलों में गठित जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटीज को आज कुल 55 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। इनमें दिसम्बर-2024 तक की सेवाओं के भुगतान के साथ ही आगामी मार्च-2025 तक का अग्रिम भुगतान शामिल है। इससे मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत शहरी लोगों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि शहरी स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज शहरी क्षेत्रों में, विशेषकर स्लम बस्तियों में रहने वाले परिवारों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उनके मुहल्ले तक पहुंचाने तथा मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के मार्च-2025 तक सुचारू और निर्बाध संचालन के लिए बड़ी राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में पिछले एक साल में 40 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर 27 लाख से अधिक मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया गया है। साथ ही 24 लाख से अधिक मरीजों को मुफ्त दवाईयां और 8 लाख मरीजों को निःशुल्क लैब टेस्ट की सुविधा प्रदान की गई है।दाई-दीदी क्लिनिक्स में एक साल में 1.75 लाख से अधिक महिलाओं का उपचारमुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना में पिछले एक वर्ष में एक लाख 75 हजार से अधिक महिलाओं का इलाज किया गया है। योजना के तहत नगरीय निकायों में महिला डॉक्टरों, महिला फार्मासिस्ट्स, महिला लैब टेक्नीशियन्स, एएनएम और महिला चालकों की टीम द्वारा एक वर्ष में 2995 शिविर आयोजित किए गए हैं। दाई दीदी क्लिनिक्स में पौने दो लाख महिलाओं के उपचार के साथ ही एक लाख 62 हजार से ज्यादा महिलाओं को नि:शुल्क दवाईयां और 49 हजार से अधिक महिलाओं को मुफ्त लैब टेस्ट का लाभ मिला है। योजना के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल प्राथमिकता से की जा रही है।
- -बस्तर, दुर्ग और धमतरी के 100 से अधिक वैद्यों की चिकित्सा पद्धतियों का दस्तावेजीकरण पूर्णरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा राज्य में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संरक्षण के लिए पारंपरिक वैद्यों के सर्टिफिकेशन की पहल और औषधीय पौधों के उपयोग और इसके महत्व का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। यह जानकारी देहरादून में आयोजित औषधीय पौधों पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में दी गई।संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से शामिल हुईं छत्तीसगढ़़ जलवायु परिवर्तन केन्द्र में प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. देवयानी शर्मा ने बताया गया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा क्वालिटी काउंसिल ऑफ़ इंडिया एवं बेंगलुरु स्थित ट्रांस-डिसिप्लिनरी हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के सहयोग से छत्तीसगढ़ में पारंपरिक वैद्यों के सर्टिफिकेशन की पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण में बस्तर, दुर्ग और धमतरी क्षेत्रों के 100 से अधिक पारंपरिक वैद्यों की चिकित्सा पद्धतियों का दस्तावेजीकरण किया गया है।डॉ. देवयानी शर्मा ने बताया कि वनमंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर छत्तीसगढ़ में वन विभाग के द्वारा संचालित संजीवनी केंद्रों में वैद्यों को मरीजों का उपचार करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया है और कुछ वैद्यों को उनके सेवाओं के लिए पारिश्रमिक भी दिया जा रहा है। उन्होंने पद्मश्री वैद्यराज हेमचंद मांझी का भी उल्लेख किया करते हुए बताया कि श्री मांझी ने नारायणपुर जिले में पिछले पांच दशकों से पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक पद्धतियों ने न केवल गंभीर बीमारियों का इलाज करने में अपनी उपयोगिता साबित की है, बल्कि यह सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता को भी मजबूत करती हैं।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को प्रोत्साहित करने के विज़न के अनुरूप पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने तथा अनुसंधान, मानकीकरण और नियमन के उद्देश्य से इस संगोष्ठी का आयोजन आयुष मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय औषधीय पौधा बोर्ड द्वारा दसवीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के हिस्से के रूप में आयोजित की गई थी।
- कोरिया । वनमण्डलाधिकारी, बैकुण्ठपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोरिया वन मंडल बैकुण्ठपुर के अंतर्गत भारी वाहन चालक पद पर सीधी भर्ती हेतु प्रायोगिक परीक्षा, जो 19 दिसंबर से 20 दिसंबर तक आयोजित की जानी थी, तकनीकी कारणों से स्थगित कर दी गई है। अब इस परीक्षा के लिए नई तिथि निर्धारण होने पर पृथक रूप से सूचित किया जाएगा।
- रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।
- रायपुर। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि राज्य में वनरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चल रही है। उन्होंने कहा है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरूस्त करने और इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को सजग रहने को कहा है। जिसके परिपालन में वन विभाग द्वारा 1,484 पदों के लिए सीधी भर्ती के तहत शारीरिक मापजोख और दक्षता परीक्षण प्रक्रिया में अत्याधुनिक तकनीकों और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए निष्पक्ष चयन सुनिश्चित किया गया है, जिसकी उम्मीदवारों द्वारा सराहना की जा रही है। उम्मीदवारों ने बताया कि वन विभाग द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी और अत्याधुनिक प्रक्रिया न केवल भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मिसाल पेश करती है, बल्कि सुशासन के आदर्शों को भी मजबूती प्रदान करती है।उल्लेखनीय है कि वनरक्षक पदों के लिए शारीरिक मापजोख और दक्षता परीक्षण विगत 16 नवंबर से प्रारंभ है। इन परीक्षणों में उम्मीदवारों की ऊंचाई और सीने की माप के साथ-साथ 200 मीटर और 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, और गोला फेंक जैसे इवेंट शामिल हैं। उम्मीदवारों के प्रदर्शन का मूल्यांकन सटीक समय और दूरी के आधार पर किया जा रहा है। इसी तरह भर्ती प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। पात्र उम्मीदवारों को बीआईबी नंबर एवं इलेक्ट्रॉनिक चिप प्रदान की जाती है। यह इलेक्ट्रॉनिक चिप उम्मीदवारों की दौड़ के दौरान सटीक समय दर्ज करती है। लंबी कूद और गोला फेंक के लिए लेजर-आधारित मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी आंकड़े तुरंत केंद्रीय सर्वर पर दर्ज किए जा रहे हैं। जिससे डेटा प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और चेहरे की पहचान प्रणाली (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हैं। उम्मीदवारों को उनके स्कोर मौके पर ही बताए जाते हैं, जिस पर उनके हस्ताक्षर लिए जाते हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में, सीसीटीवी फुटेज दिखाकर समस्या का समाधान किया जा रहा है।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी. श्रीनिवास राव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में विभाग निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी नवाचारों और सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया न केवल कुशल है बल्कि उम्मीदवारों के विश्वास को भी मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया की देखरेख वन मंडलाधिकारी और 140-150 वन कर्मचारियों की टीम द्वारा की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स को भी भर्ती प्रक्रिया की देखरेख के लिए विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। उम्मीदवारों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें पीने का पानी, ओआरएस, प्राथमिक उपचार किट, स्वच्छ शौचालय, चेंजिंग रूम, सामान रखने की व्यवस्था, पार्किंग और मेडिकल सहायता शामिल हैं। बीमार या अन्य कारणों से अनुपस्थित उम्मीदवारों के फिटनेस टेस्ट के लिए रिजर्व दिन भी रखा गया है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सर्किट हाउस जगदलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह के रूप में धनुष बाण भेंट किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे।
- -शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने की पहल सराहनीय-शहीदों के बलिदान को चिर स्थाई बनाने उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी-मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री सायकेंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि एक लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपने परिजनों को खोया है, इस दर्द को कम नहीं किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार आपके साथ है। शहीदों के त्याग और बलिदान को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेजने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि आप सभी ने जैसे अपने परिजनों को खोया है, वैसे किसी और को खोना न पड़े। मैं नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त कर देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और ढेर सारे विकास के कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चाे पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्म सर्मपण करने वालों का स्वागत किया जा रहा है। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा हैं, उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया गया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बने। केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी। आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह कार्य करने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित हैं। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शहीदों को नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हर बार जब हमारे जवानों को नक्सल मोर्चे पर सफलता मिली है केंद्रीय गृह मंत्री जी ने उनकी हिम्मत बढ़ाई है और उनकी पीठ हमेशा थपथपाई है। आज भी वे आपकी हौसला अफजाई के लिए आये हैं और आपके साहस और संकल्प के लिए आपके अभिनंदन के लिए आये हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवानों की स्मृतियों को सहेजने केे लिए उनके गांवों में प्रतिमा की स्थापना करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति व उन्नति के लिए शहीद हुए जवानों और नक्सली हिंसा में पीड़ित परिवार के परिजनों से हम लोग मिलना चाह रहे थे। आप सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और अपनों को खोने का यह दुःख हम सभी को समान पीड़ा दे रहा है। इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजन और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजन उपस्थित थे।
- -विजिटर बुक में केंद्रीय मंत्री ने लिखा-सुरक्षा बलों की शहादत के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा-मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों की शहादत को किया नमनरायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अमर जवान स्तम्भ में पुष्प चक्र अर्पित कर नक्सल अभियान के दौरान शहीद जवानों की शहादत को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे।इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण कियाइस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण किया ।इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण किया। उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत विजिटर बुक में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने लिखा कि सुरक्षाबलों के जवानों की शहादत के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
- रायपुर। प्रेस क्लब रायपुर के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के संस्थापक सदस्य एवं प्रथम महासचिव, माना कैम्प में छत्तीसगढ़ के प्रथम वृद्धाश्रम की स्थापना करने वाले पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. कुलदीप निगम की 22 वीं पुण्य तिथि 16 दिसम्बर सोमवार को उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए माना कैम्प स्थित कुलदीप निगम वृद्धाश्रम, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित मानसिक दिव्यांग बाल गृह ( बालक ) माना कैम्प, बाल जीवन ज्योति बालिका गृह पुरानी बस्ती एवं स्व. निगम के पैतृक गृह ग्राम नर्रा के शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उनकी प्रतिमा एवं फ़ोटो में पुष्पहार पहनाकर श्रदांजलि दी गई । साथ ही बुजुर्गों एवं बच्चों को फ़ल वितरण किया गया ।

- भिलाई। जगद्गुरुत्तम श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवीजी द्वारा भिलाई, बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के सातवंे दिन संसार के स्वरुप को आगे विस्तार में समझाया गया है। देवी जी ने वेदों के द्वारा यह भी प्रमाणित किया कि भगवान को पाने के लिए संसार से मानसिक विरक्त होना आवश्यक है और यह समझना जरुरी है कि संसार में कोई हमारा नही है। जब तक किसी से स्वार्थ रहता है वहापर प्रेम हो जाता है और जब किसी का स्वार्थ हानि दिखता है तो वहा लडाई झगडा शुरु हो जाता है। इसी प्रकार जब तक हम किसी के भी अनुकूल होगें तब तक वो हमारा बना रहेगा और जब प्रतिकूल हो जायेंगे तो वो हमारा दुश्मन बन जाएगा और इस व्यवहार को हम दिन रात अपने रिश्तेदारों में, नातेदारों में, पडोसी में, दोस्तो के साथ करते हैं, देखते हैं और स्वयं भी भोगते हैं। तो इसलिए यहा किसी का किसी से पेट नही सकता संसार में। और क्योंकि किसी को परमानंद नहीं मिला है सभी अपूर्ण हैं इसलिए जब तक भगवान को पा नहीं लेते तब तक यह आचरण बना रहेगा। यह भी समझना आवश्यक है कि इस संसार में तो, क्या बडे़ बड़े स्र्वगादिक लोकों में कही भी आनंद नही है। क्योंकि अगर सुख होता तो संसार में सभी सुखी होते और कोई भी भ्रष्टाचार आदि का शिकार न होता।दूसरी बात यह है कि संासारिक भौतिकवाद जितना कम होगा उतना ही हम ईश्वर की ओर प्रेरित होंगे। और जितना आध्यात्मवाद बढे़गा उतना ही हम सुखी रहेंगे क्योंकि सुख भीतर की वस्तु है। बहिरंग भौतिक वस्तुओं से हम अंतरंग स्तर पर सुखी नही हो सकते इसलिए आजकल का जो संसार है वो बाहर से सुखमय दिखाई पडता है वह केवल दिखावा मात्र है, झलावा मात्र है। जब ईश्वर की भक्ति हम करतेे हैं यानि ईश्वर को ही अपना मानेंगे भीतर से और संसार में व्यवहार मात्र करेंगे डयूटी मात्र करेंगे तभी हमें मानसिक सुख मिल सकता है। इसी प्रकार जब संसार हमारा नहीं है तो उसके लिए हम समय व्यर्थ कर रहे हैं हमें अधिक से अधिक समय भगवान को जानने में ही व्यतीत करना चाहिए जिससे मानसिक स्तर पर हम सुख पाये और हमारे परिवार एवं समाज में सुख सम्मृद्धि आये।प्रवचन का समापन श्री राधा कृष्ण भगवान की भव्य आरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।

- -दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगाभिलाई,। बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के छठवंे दिन, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज के प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी ने वेदों के अनुसार संसार के स्वरूप को स्पष्ट किया उन्होंने बताया कि वास्तव में दो प्रकार का संसार होता है एक भीतर का संसार, दूसरा बाहर का संसार। कुछ ज्ञानी लोग कहते हैं कि संसार मिथ्या है और कुछ कहते हैं कि संसार सत्य है यह दोनों बातें वेदों शास्त्रों के अनुसार सही सिद्ध हो जाती है। वास्तव में हमारे मन में काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि माया के विकार होते हैं। साथ ही मन सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी, तीन तरह की माया के अधीन रहता है इसी कारण हमारे मन के विचार प्रतिक्षण बदलते रहते हैं और यही कारण है कि संसार में किसी की किसी से नहीं पटती अर्थात् विचारों में आपसी मतभेद रहता है। यह भीतर का संसार हमारे लिए ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि जैसे मानसिक विचार होते हैं वैसे ही व्यक्ति की प्रवृत्तियां हो जाती है कोई सतोगुणी, कोई रजोगुणी तो कोई तमोगुणी दिखाई पड़ता है। इसके विपरीत बाहर का संसार हमारे भौतिक शरीर को चलाने के लिए ईश्वर द्वारा बनाया गया है। बाहरी संसार सत्य है क्योंकि वह सदैव समान बना रहता है पंचतत्व का हमारा शरीर, पंचतत्व के बने इस सत्य संसार से ही ठीक ठीक चलता है।देवी जी ने बताया कि कोई भी संसारी विचार मन में आते ही मन को वहां से हटाकर तुरंत भगवान में लगाना है। संसार से मन हटाना और भगवान में मन लगाना, निरंतर इसका अभ्यास करना होगा तभी अनादिकाल से संसार में आसक्त मन धीरे-धीरे भगवान में लगने लगेगा और वास्तविक गुरु की कृपा से मन पूर्ण रूप से भगवान के शरणागत हो जाएगा। संसार के स्वरुप का वेद शास्त्र आधारित और भी विवरण आगे प्रवचन में बताई जायेगा। दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।
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-बस्तर ओलंपिक का आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर / केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक आने वाले दिनों में बस्तर के विकास की यशोगाथा बनेगा और शांति, सुरक्षा, विकास और नई उम्मीद की नींव डालने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि हम देश से नक्सलवाद को पूर्ण रूप से 31 मार्च 2026 तक समाप्त करेंगे।केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होने पर यहां कश्मीर से ज्यादा पर्यटक आएंगे। मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर को प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का वरदान मिला है। हम यहां पर पर्यटन को आगे बढ़ाएंगे। हम यहां पर छोटे-छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाकर रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। उन्होंने बस्तर के युवाओं से कहा कि हार मानने वाला कभी नहीं जीतता। जीतता वह है जो कभी हार नहीं मानता। बस्तर के अंदर अनेक संभावनाएं हैं। यहां जो 3000 बच्चे मेरे सामने बैठे हैं उसमें से कोई बच्चा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आएगा तो पूरा भारत इस पर गर्व करेगा।उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने दोनों मोर्चे पर काम किया है। एक ओर वह नक्सली जो सरेंडर नहीं हुए और जो हिंसा करते थे उनके खिलाफ सुरक्षा बलों को खड़ा करके उनको मार गिराने का काम किया। जो सरेंडर हुए उनको बसाने का काम किया और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जो विकास से पिछड़ गए थे, उनको विकसित करने का अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन की सरकार बनी और नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान तेज हुआ और नक्सल उन्मूलन की दिशा में हमें लगातार सफलता मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तरवासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी ने पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया है। इस आयोजन में 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए प्रबंधन करना एक चुनौती थी, बस्तर संभाग के सातों जिलों की पूरी टीम ने इसे बखूबी पूरा किया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से हम सभी बस्तर अंचल के युवाओं की ऊर्जा को खेल के माध्यम से एक सकारात्मक दिशा देने में सफल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का यह आयोजन केवल खेल नहीं है, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव है। यह आयोजन एक संदेश देता है कि बस्तर का असली चेहरा इसकी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता है, न कि माओवाद की हिंसा।इस आयोजन के माध्यम से हमने युवाओं को शासन-प्रशासन से जोड़कर विकास के कार्याें में सहभागी बनने की ओर उन्मुख किया है। आज जब लाखों युवा इस ओलंपिक में भाग लेते हैं और अपनी ऊर्जा को खेलों में लगाते हैं, तो यह हमारे लिए एक सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक का सफल आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि बस्तर के युवाओं की क्षमता और उनकी शक्ति को अगर सही दिशा में प्रेरित किया जाए, तो विकास और खुशहाली का रास्ता कोई नही रोक सकता है। ओलंपिक में शामिल खिलाड़ियोें ने यह संदेश भी दिया कि बस्तर में बदलाव की बयार चल पड़ी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हमने न केवल बस्तर के युवाओं की छुपी प्रतिभा को देखा, बल्कि उन आत्मसमर्पित भाइयों और बहनों की प्रतिभा को भी देखा, जिन्होंने हिंसा की माओवादी विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। नक्सलवाद का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक अवसर प्रदान करने से होगा और बस्तर ओलंपिक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज आपके चेहरों पर जो मुस्कान है, वह एक खुशहाल और शांतिपूर्ण बस्तर का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों ने भी इन खेलों में हिस्सा लिया। उनकी हिम्मत और जज्बा ने दिखा दिया है कि बस्तर के लोग कभी हार नहीं मानते। बस्तर ने लम्बे समय से माओवाद के दंश को झेला है। लेकिन आज, बस्तर शांति और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि हमारे केंद्रीय गृह मंत्री जी के सतत मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग के कारण संभव हो पाई है। उनके बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और निरंतर प्रोत्साहन से हम माओवाद को जड़ से समाप्त करने की ओर अग्रसर हैं। बस्तर ओलंपिक में बच्चों-युवाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया, और बुजुर्गों ने भी इन खेलों का आनंद लेकर अपने बचपन और स्कूली जीवन की यादें ताजा कीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद की जड़ें कमजोर हुई हैं, और यह सब हमारे सुरक्षा बलों की बहादुरी, बेहतर रणनीति, और आप सभी की लोकतांत्रिक आस्था के कारण संभव हुआ है। पिछले एक साल में माओवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान 220 से अधिक माओवादियों को ढेर किया गया है, 937 माओवादी गिरफ्तार हुए तथा 812 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रात गुजारी। यह मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।हमारे नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजन भी इस मौके पर यहां मौजूद हैं। मैं उनके साहस की भी प्रशंसा करना चाहूंगा। उन्होंने रायपुर से दिल्ली तक आज हर फोरम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इनके माध्यम से दुनिया को पता चला कि माओवाद का वास्तविक चेहरा कितना क्रूर है।हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम ’नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रहे हैं। वर्षाें से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। वनवासी भाईयों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए हमने किया है।आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की भी बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विविध कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें एक सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने 15,000 पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में निर्धारित किया है।नई औद्योगिक नीति में भी हमने बस्तर के विकास के साथ ही नक्सल पीड़ित तथा आत्म समर्पित लोगों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। आज डबल इंजन की सरकार में बस्तर सहित पूरे प्रदेश में सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हुआ है। नगरनार स्टील प्लांट और रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे से बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। पूरे अंचल में वाणिज्य और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नये मौके भी सृजित होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कांगेर घाटी में स्थित गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के अपने अपग्रेड प्रोग्राम फॉर बेस्ट टूरिज्म विलेज के अंतर्गत पर्यटन के विकास के लिए चुन लिया है। हमारे लिए गौरव की बात यह है कि भारत का यह एकमात्र गांव है, जिसे 60 देशों के 20 गांवों की सूची में स्थान मिला है। इसके साथ ही विश्व पर्यटन के नक्शे में छत्तीसगढ़ और बस्तर का स्थान सुनिश्चित हो गया है।आने वाले दिनों में पर्यटन भी बस्तर की बड़ी ताकत बनेगा। रोजगार के नये मौके खुलेंगे। लोगों की आय में बढ़ोतरी होगी। हम यहां पर्यटन के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और कहना चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में जो साहस, सामर्थ्य और जज्बा है, वह इस क्षेत्र को विकास और शांति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। नक्सलवाद का अंत सुनिश्चित है, और बस्तर की यह जीत खेलों के माध्यम से एक नए युग का आगाज है।बस्तर ओलंपिक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें 300 से अधिक नुवा बाट (आत्म समर्पित माओवादी) ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही 18 से अधिक माओवादी हिंसा में प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में आम नागरिक और खेल प्रेमी उपस्थित थे। - रायपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आज खाद्य विभाग की टीम द्वारा औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान कई राईस मिलों में अनियमितताएं पाए जाने पर विधिक कार्रवाई करते हुए मिल परिसरों को सील कर दिया गया और धान व चावल जब्त किए गए।रायपुर जिले में कार्रवाईरायपुर जिले में आर.टी. राईस मिल (प्रो. प्रमोद जैन) का निरीक्षण किया गया, जहां खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराने के बावजूद अनुमति और अनुबंध का निष्पादन नहीं किया गया था। शासकीय धान का उठाव नहीं हो रहा था। निरीक्षण के दौरान 390 क्विंटल उसना चावल और 1200 क्विंटल धान फ्री सेल प्रयोजन हेतु पाया गया, जो छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 का उल्लंघन है। टीम ने मिल परिसर को सील कर दिया। धान चावल जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में तहसीलदार श्री बाबूलाल कुर्रे, नायब तहसीलदार श्री राजेन्द्र चन्द्राकर, और सहायक खाद्य अधिकारी श्रीमती बिंदु प्रधान सम्मिलित थे।गौरी राईस मिल में अनियमिततारायपुर में ही गौरी राईस मिल (प्रो. मुकेश अग्रवाल) में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अनुबंध के तहत भारतीय खाद्य निगम में जमा किए जाने वाले 2272 क्विंटल चावल के मुकाबले केवल 872 क्विंटल चावल ही मिल में पाया गया। इसके अतिरिक्त, खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए अनुबंध निष्पादित करने के बावजूद शासकीय धान का उठाव नहीं किया गया। छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग आदेश 2016 के उल्लंघन के चलते टीम ने मिल को सील कर दिया।गरियाबंद जिले में जांच और कार्रवाईगरियाबंद जिले के दातान राईस मिल (प्रो. गफ्फु मेनन) में निरीक्षण के दौरान शासकीय धान और चावल के स्टॉक में कमी पाई गई। जिला खाद्य अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी ने मौके पर कार्यवाही करते हुए मिल को सील कर दिया।अन्य जिलों में दबिशइसके अलावा महासमुंद जिले में श्रीवास्तव राईस मिल, नारायण राईस मिल, माँ लक्ष्मी राईस मिल, धमतरी जिले में आकांक्षा राईस मिल और राजनांदगांव जिले में अतुल राईस मिल पर जांच टीम ने दबिश दी। इन मिलों में भी नियमानुसार जांच की जा रही है।खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि धान के उठाव और कस्टम मिलिंग में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलर के खिलाफ जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर अब तक कुल 50 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कियाजा चुका है। रायपुर संभाग में 14.52 लाख मीट्रिक टन, बिलासपुर संभाग में 9.76 लाख मीट्रिक टन, दुर्ग संभाग में 17.79 लाख मीट्रिक टन, बस्तर संभाग में 4.13 लाख मीट्रिक टन और सरगुजा संभाग में 3.80 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।प्रदेश में कुल 27.78 लाख पंजीकृत किसानों में से अब तक 10.66 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है। इनमें 2.92 लाख लघु एवं सीमांत कृषक और 6.26 लाख दीर्घ कृषक शामिल हैं। किसानों को उनकी फसल का भुगतान तेजी से किया जा रहा है। अब तक विपणन संघ द्वारा 10,770 करोड़ रुपये की राशि अपेक्स बैंक को अंतरित की जा चुकी है। इसके तहत, संबंधित किसानों के बैंक खातों में नियमित रूप से राशि स्थानांतरित की जा रही है।किसानों की सुविधा हेतु उपार्जन केंद्रों पर माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है। साथ ही, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।धान उपार्जन के लिए बारदानों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। भारत सरकार की नीति के अनुसार, पुराने और नए बारदानों का उपयोग 50ः50 अनुपात में किया जा रहा है। प्रदेश में अनुमानित 160 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन के लिए 4 लाख गठान नए बारदानों की आवश्यकता है, जिसमें से अब तक 3.65 लाख गठान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। शेष बारदान अगले 15-20 दिनों में प्राप्त हो जाएंगे।अब तक पीडीएस बारदानों के रूप में 54,153 गठान, मिलर बारदानों के रूप में 1,40,924 गठान और किसान बारदानों के रूप में 12,747 गठान उपयोग किए जा चुके हैं। सभी उपार्जन केंद्रों में बारदानों की कोई कमी नहीं है।उपार्जित धान के संग्रहण और भंडारण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इस वर्ष भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 37.25 लाख मी.टन कर दिया गया है। जिन केंद्रों में भंडारण क्षमता से अधिक धान जमा हो रहा है, वहां परिवहन आदेश जारी कर निकटतम संग्रहण केंद्रों में धान का परिवहन किया जा रहा है। अब तक 9.09 लाख मीट्रिक टन धान के परिवहन आदेश जारी किए जा चुके हैं।कस्टम मिलिंग के लिए 2133 मिलरों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1672 राइस मिलरों का पंजीकरण हो चुका है। इन मिलरों को 3.37 लाख मीट्रिक टन धान के वितरण आदेश जारी किए गए हैं।धान उपार्जन में रिसाइक्लिंग रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है । अब तक 733 प्रकरण दर्ज कर 41,303 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां नियमित निगरानी की जा रही है। नोडल अधिकारियों द्वारा उपार्जन केंद्रों पर भौतिक सत्यापन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य भी जारी है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राइस मिलर और घोषित हड़ताल से वापस आ रहे हैं। राइस मिलों के पंजीयन, अनुमति अनुबंध एवं मिलिंग अनुबंध में लगातार वृद्धि हो रही है।
- -छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश के उल्लंघन पर मिल परिसर को किया गया सीलरायपुर / खाद्य विभाग की टीम द्वारा आज रायपुर, धमतरी, महासमुंद और राजनांदगांव जिले में स्थित राईस मिलों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें आर.टी. राईस मिल (प्रो. प्रमोद जैन) के परिसर पर विधिक कार्यवाही की गई। आर.टी. राईस मिल द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराने के उपरांत भी अनुमति एवं अनुबंध का निष्पादन नहीं कराया गया है। शासकीय धान का उठाव नहीं किया जा रहा है। मिल परिसर में 390 क्विंटल उसना चावल एवं 1200 क्विंटल धान फ्री सेल प्रयोजन हेतु पाया गया, जो कि प्रथम दृष्टया छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश, 2016 का उल्लंघन है। मिल परिसर को सील कर धान एवं चावल को जब्त कर लिया गया है। जांच दल में तहसीलदार श्री बाबूलाल कुर्रे, नायब तहसीलदार श्री राजेन्द्र चन्द्राकर, सहायक खाद्य अधिकारी श्रीमती बिन्दु प्रधान सम्मिलित थे। इसके अतिरिक्त जिला महासमुंद में श्रीवास्तव राईस मिल, नारायण राईस मिल, माँ लक्ष्मी राईस मिल, जिला धमतरी में आकांक्षा राईस मिल, जिला राजनांदगांव में अतुल राईस मिल में जांच टीम द्वारा दबिश दी गई है एवं नियमानुसार जांच किया जा रहा है।
- भिलाई,। नगर निगम भिलाई के द्वारा चलाए जा रहे शासन के पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत सुपेला दक्षिण गंगोत्री में फूलों का बाजार को व्यवस्थित ढंग से स्थापित किया गया है। जिसके अंतर्गत बागवानी के पौधे बेचने वाले व्यापारियों का समूह शासन की योजनाओं का लाभ लेकर के अपना रोजगार कर रहा है। शहर में चर्चा का विषय है किसी को भी जब अपने बागवानी के लिए, फूलों के पौधे, फलदार पौधे, पूजा करने वाले पौधे, गमले खाद, दवाई इत्यादि लेना रहता है। दक्षिण गंगोत्री में स्थापित फूलों को बाजार में आते हैं। वहां उन्हें उचित दर पर सब सामग्री मिल जाती है। इस दुकान की स्थापना प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत शहरी आजीविका मिशन के माध्यम से किया गया है। वहां पर उन्हें सेड बना कर दिया गया, लोन दिया गया, पानी, लाइट की सुविधा दी गई। व्यवस्थित बाजार बना कर दिया गया है। इसी का निरीक्षण करने के लिए दिल्ली भारत सरकार से इंदु प्रकाश एवं राज्य सरकार रायपुर से दल आया हुआ था। उन्होंने व्यापारियों से बात किया । निगम भिलाई द्वारा प्रदान की जाएगी सुविधाओं की जानकरी ली गई। उन्हें बड़ी खुशी हुई कि भलाई के पौधा बेचने वाले व्यापारियों द्वारा उन्हें पौधों के बारे में, पौधे में किस बीमारी पर कौन सा दवाई डाला जाए, क्या उपयोगी होगा, किस मौसम में कौन सा पौधा लगाना चाहिए इत्यादि की बहुत अच्छी जानकारी है। अपने ग्राहकों को बड़ी बारीकी से जानकारी देते हैं दी। उनको यह भी बताया की नगर निगम भिलाई के यस यल आर ऐम सेंटर के द्वारा बनाई गई जैविक खाद बहुत उपयोगी है। जिसको वह लोगों को बेच रहे हैं। उसे उनको आय हो रहा है, उनका परिवार अच्छी तरह से चल रहा है। इस संबंध में नगर निगम भिलाई को राज्य शासन द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है। दिल्ली से आए हुए दल के प्रतिनिधि संतुष्ट होकर के गए। भिलाई से इस कर की जिम्मेदारी संभाल रही मिशन मैनेजर नालनी तनेजा, एकता शर्मा, अमन पटले की तारीफ किया। फूलों के मार्केट का एक अच्छा सा नाम देने का भी सुझाव दिए।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में संचालित हो रहे खटालों को व्यवस्थित करने के लिए गोकुल नगर कुरूद में व्यवस्थापित किया गया था। गोकुल नगर योजना अंतर्गत ग्राम कुरूद स्थित नजूल भूमि खसरा नंबर 1030 रखवा 13.,12 हेक्टर नगर निगम भिलाई को आवंटित है। उक्त स्थल पर ही शहर में संचालित हो रही 164 पशु मालिकों के खटालों को उनके पशु संख्या के आधार पर ऑफर लेटर देकर के व्यवस्थापित किया गया था। 10 सितंबर 2007 में श्याम बायी एवं अन्य द्वारा 10 सितंबर 2007 को उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका का प्रस्तुत की गई थी। याचिकाकर्ताका कथन था कि उक्त भूखंड पर उनका मालिकानाहक है। जिसमें दिनांक 1.6. 2008 को शासन के पक्ष में यथा स्थिति कायम करने हेतु स्थगन आदेश पारित किया गया था। मतलब खटाल का आवंटन सही था। खटाल संचालित निर्विवाद रूप से हो सकता हो सकता है। पारित आदेश के विरुद्ध याचिका करता श्याम भाई और अन्य द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में सुनवाई याचिका दायर की गई थी। जिसमें दिनांक 12.1.2016 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दायर याचिका याचिका खारिज कर दिया गया था। नगर निगम भिलाई के कर्मचारी श्याम भाई के पक्ष में स्टे मानकर चल रहे थे। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा इस केस का संज्ञान लिया गया। उन्होंने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की खोजबीन की तो पता चला कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह मुकदमा 12.01.2016 को खारिज कर दिया गया है। नगर निगम भिलाई इसमें 164 खटाल संचालकों को जिनको ऑफर लेटर दिया गया था। उनसे पूरा पैसा जमा करवा कर आगे व्यवस्थापन की प्रक्रिया कर सकता है।आज आयुक्त पाण्डेय, जोन कमिश्नर ऐसा लहरे एवं स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को लेकर के कुरूद गोकुल नगर का निरीक्षण करने गए। वहां पर देखे खटाल मालिकों द्वारा जमीन पर आवंटन से अधिक कब्जा करके खटाल संचालित किया जा रहा है। उनको नगर निगम भिलाई द्वारा पानी, बिजली, सड़क की सुविधा प्रदान की जा रही है। अभी उनसे किसी भी प्रकार का संपत्ति कर एवं अन्य राजस्व कर नहीं लिया जा रहा है। आयुक्त द्वारा सर्वे करने का आदेश जारी किया गया। दल के सदस्य शरद दुबे प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी, अनिल मिश्रा प्रभारी सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारी, रामवृक्ष यादव अनूरेखक, अंजनी सिंह प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक, प्रश्नाधीन क्षेत्र में आवंटित खटाल संचालकों का सर्वे तीन दिन के अंदर सर्वे करके प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। दशरथ ध्रुव सहायक अधीक्षक, उन्मेष साहू अनूरेखक, संतोष पांडे प्रभारी लिपिक, कार्यालय व्यवस्था के अंतर्गत राजस्व विभाग के माध्यम से गोकुल नगर व्यवस्थापन योजना से संबंधित नस्तियों को संधारित करेंगे। गोकुल नगर व्यवस्थापन योजना के अंतर्गत आवश्यक मूलभूत सुविधा पानी, लाइट, सड़क आदि उपलब्ध कराने जाने के संबंध में अर्पित बंजारे उप अभियंता प्राक्कलन एवं प्रस्ताव तैयार कर लोन कार्यालय के माध्यम से आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे। उपरोक्त गठित सर्वे दल द्वारा गोकुल नगर में जाकर के आज से ही सर्वे का काम शुरू कर दिया हैं। किस खटाल मलिक को कितना भूखंड आवंटित किया गया था। उनके द्वारा वर्तमान पर कितने पर कब्जा है। कितने लोग खटाल संचालित कर व्यवसाय रहे हैं। कितने लोग बंद कर दिए हैं। इन सभी बिंदुओं पर सर्वे किया जा रहा है। वहां पर 164 पूर्व के खटाल मालिकों को जो व्यवसाय कर रहे हैं उनको व्यवस्थापित तो किया जाएगा ही, शेष जो नगर में अवैध रूप से खटाल संचालित कर रहे हैं। उनको भी नियमानुसार व्यवस्थापित किया जाएगा। शासन की योजना अनुसार यह नगर निगम भिलाई का बड़ा कदम होगा। जिससे सफाई व्यवस्था और बेहतर होगी। एक सुंदर व्यवस्थित भिलाई की कल्पना साकार होगी।
- - क्यूआर कोड स्कैन करते ही दिखेगी बदलते बस्तर की तस्वीर-जनसम्पर्क विभाग की अभिनव पहलरायपुर / आज सभी अखबारों में " मैं हूँ बदलता बस्तर" का एक विज्ञापन छपा है, जिसमें एक क्यूआर कोड भी दिया गया है। क्यूआर कोड को स्कैन करने के साथ ही बदलते बस्तर का एक वीडियो डिस्प्ले हो रहा है, जिसमें बस्तर के बदलते हालात को देखा जा सकता है।दरअसल यह विज्ञापन जनसम्पर्क विभाग ने जारी किया है, जो आज सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। जनसम्पर्क का यह अभिनव प्रयोग है, जिसमें फिक्स्ड विज्ञापन प्रदर्शित करने के साथ ही वीडियो भी डिस्प्ले हो रहा है।पिछले एक साल में राज्य सरकार ने नक्सली मोर्चे पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। कभी नक्सलियों के गढ़ रहे अधिकांश हिस्सों को नक्सल मुक्त कराने के साथ ही वहां विकास के काम शुरू किए गए हैं। यही सब बदलते बस्तर की तस्वीर में दिखाई गई है।
- -राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन : गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सौंपा राष्ट्रपति निशान-छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों की सेवा का सम्मान, यह गौरव हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है छत्तीसगढ़रायपुर / छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित बेहद गरिमामय कार्यक्रम में राज्य की पुलिस को राष्ट्रपति निशान (पुलिस कलर्स अवार्ड-2024) सौंपा। यह देश के सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस की असाधारण सेवाओं, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए राज्य को यह सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ यह सम्मान हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है, जिसने अपने गठन के मात्र 24 वर्षों में ही यह उपलब्धि हासिल की है।गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड केवल एक सम्मान नहीं है, यह सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। छत्तीसगढ़ पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ और बहादुर पुलिस बलों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा हो जाएगा। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि इसने न केवल कानून और व्यवस्था को बनाए रखा है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, उनका हौसला और मनोबल बढ़ाएगा।केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जांबाज पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपना मेरे लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। छत्तीसगढ़ की पुलिस नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने की तैयारी में है। यहां की पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नक्सल मोर्च के साथ ही कोरोना महामारी में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की। श्री शाह ने समारोह में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर और मजबूत किया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के केवल 24 वर्षों में हमारे पुलिस बल को उनकी असाधारण सेवाओं और जनता के प्रति समर्पण के लिए मिला है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।मुख्यमंत्री ने एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में छत्तीसगढ़ पुलिस की सफलता पर कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार की नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड के तौर पर देने की व्यवस्था की गई है। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।श्री साय ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख या उससे अधिक के इनामी माओवादी के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें आवास हेतु शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल जमीन या ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 15,000 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए ‘महिला थाना’, महिला हेल्प डेस्क और ‘अभिव्यक्ति’ ऐप जैसे प्रयास उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, सेवा और कर्तव्यपरायणता का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस निशान का यह अलंकरण न केवल पुलिस बल को गर्वित करता है, बल्कि उन्हें नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्य की पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि वह दुर्जनों के लिए भय और सज्जनों के लिए सम्मान का पर्याय है।पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने अपने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य की स्थापना के बाद से पुलिस बल ने हर मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों, पुनर्वास नीतियों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस जनता की सेवा में हर समय तत्पर रही है।राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में परेड द्वारा मुख्य अतिथि श्री अमित शाह को सलामी दी गई। श्री शाह ने सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। महिला और पुरुष प्लाटून द्वारा मार्चपास्ट भी किया गया। मुख्य अतिथि श्री शाह ने धर्मगुरूओं द्वारा मंत्रोच्चार के बाद आकाश में तिरंगे गुब्बारों और शानदार आतिशबाजी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों के सफर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक श्री तपन कुमार डेका सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान और शहीद जवानों के परिजन बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।



















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