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- -25 वर्षीय निहाली के अंगदान ने दो ज़िंदगियों को किया रोशन-अंगदान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अब तक 146 लोगों को मिला जीवनदानरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लगतार प्रयास किये जा रहे हैं । छत्तीसगढ़ में बीते एक वर्ष के दौरान अब तक 146 लोगों को नया जीवन मिला है। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन छत्तीसगढ़, प्रदेश में सभी अंगों की ज़रूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।हाल ही में गुरुवार की रात डोंगरगढ़ की बेटी निहाली ने अपने अंगदान कर दो लोगों की जिंदगियों को रोशन किया। अंगदान महादान के इस अभियान में डोंगरगढ़ की 25 वर्षीय छात्रा निहाली टेम्भुरकर ने एम्स में अपनी अंतिम सांस से पहले अंगदान का निर्णय लिया था। उसके अंगदान से दो लोगों को डायलिसिस जैसी कष्टदायक इलाज से मुक्ति मिली है। निहाली का पूरा परिवार उसके इस दान से अत्यंत्य गौरवान्वित है और आगे भी लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने में शासन का सहयोग करने में तत्पर हैं।स्वास्थ्य सेवाएं आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने बताया कि अब तक प्रदेश में 6 सरकारी अस्पतालों तथा 20 निजी अस्पतालों को अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण के लिए पंजीकृत किया गया है। एक वर्ष के दौरान अब तक मृतक अंगदान में 6 मरीज़ों ने 15 लोगों को नया जीवन दिया है। इसके साथ ही जीवित प्रत्यारोपण में 146 मरीज़ों का अंग प्रत्यारोपण किया गया है। अंगदान के अभियान में छत्तीसगढ़ में अब तक लगभग 1140 लोगों ने अंगदान की शपथ ली है। अंगदान को प्रेरित करने के लिए शासन की तरफ से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं ।
- -आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए होगा मामलों का निपटारारायपुर / आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 14 दिसंबर 2024 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह वर्ष 2024 की चतुर्थ लोक अदालत होगी।लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।
- रायपुर, / केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने अपने एक दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान पूर्व राज्यसभा सदस्य स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास के निवास पर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उनके साथ थे। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने श्री व्यास के योगदान को स्मरण किया और उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन समाज और देश सेवा के लिए समर्पित था। उनकी स्मृति हमेशा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। ज्ञात हो कि हाल ही में स्वर्गीय श्री गोपाल व्यास का निधन हो गया था।
- -केरल के बाद देश का दूसरा राज्य होगा छत्तीसगढ़रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शदन में छत्तीसगढ़ राज्य में ईको-रेस्टोरेशन पॉलिसी तैयार की जा रही है। केरल के बाद, यह छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जो यह पॉलिसी तैयार कर रहा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में राज्य को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।भारत की ग्लोबल रेस्टोरेशन इनिशिएटिव, बॉन चैलेंज और संयुक्त राष्ट्र ईको-रेस्टोरेशन दशक में भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि एक केंद्रित ईको-रेस्टोरेशन नीति अनिवार्य है। पारंपरिक वनीकरण, जो प्रायः अत्यधिक लागत वाला होता है और गैर-स्थानीय प्रजातियों पर आधारित होता है, सीमित पारिस्थितिक लाभ प्रदान करता है। इसे ध्यान में रखते हुए, सर्वाेच्च न्यायालय ने 2021 में अपने निर्देश के तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया, जिसने ईको-रेस्टोरेशन को प्राथमिकता देने की सिफारिश की। जैव विविधता के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए ईको-रेस्टोरेशन अत्यंत आवश्यक है। यह पहल एक अधिक समावेशी और सुदृढ़ पर्यावरणीय भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि ईको-रेस्टोरेशन पॉलिसी का मसौदा तैयार किया जा रहा है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के खोए हुए वन क्षेत्रों, आर्द्रभूमियों और अन्य पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्स्थापित करना है। नीति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, हितधारकों एवं समाज के सभी वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इस पॉलिसी का अंतिम मसौदा जनवरी माह में राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा।छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज के तत्वाधान में दो राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है। इन कार्यशालाओं में भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के ईको-रिहैबिलिटेशन सेंटर के वैज्ञानिक, वानिकी विशेषज्ञ, भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के संकाय सदस्य और छात्र, कृषि, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, शोधकर्ता, शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग, एनजीओ और समुदायों के प्रतिनिधि, वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और अन्य विशेषज्ञों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इसके लिए आर्द्रभूमि प्रबंधन, शहरी पारिस्थितिकी संरक्षण, और खनन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास जैसे विशिष्ट मुद्दों पर विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्त किए गए।कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पारिस्थितिक पुनर्स्थापना के क्षेत्र में एक व्यापक और प्रभावशाली नीति बनाने में सक्षम बनाना है, जो अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।
- रायपुर / नवा रायपुर में 15 दिसम्बर को सोल्जीराथन का गरिमामय आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में 1971 के युद्ध में देश की ऐतिहासिक विजय का उत्सव मनाने के लिए विविध स्पर्धाएं आयोजित होगी और इस युद्ध में देश की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में दौड़ और पैदल चाल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर, और 3 किलोमीटर की दौड़ शामिल है। यह दौड़ नवा रायपुर स्थित सेंट्रल पार्क से प्रारंभ होगी।आयोजन में प्रतिभागियों और दर्शकों की सुविधा के लिए 15 दिसंबर को सुबह 5 बजे से रायपुर के विभिन्न स्थानों से नवा रायपुर तक विशेष बीआरटीएस बस सेवा निशुल्क उपलब्ध होगी। ये बसें प्रमुख स्थानों जैसे भाटागांव बस स्टैंड, पंचपेड़ी नाका, कमल विहार, देवपुरी चौक, अटल एक्सप्रेस मार्ग, और रेलवे स्टेशन से संचालित होंगी। सोल्ज़ीराथन का मुख्य उद्देश्य 1971 के युद्ध में वीर सैनिकों के योगदान को स्मरण करना और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना जागृत करना है। आयोजक समिति ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर राजधानी रायपुर स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित जनादेश परब कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित सैंड आर्टिस्ट श्री सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकास को अभिव्यक्त किया। उन्होंने रेत की अद्भुत कृति तैयार कर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को दर्शाया। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित मंत्रीगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम में सुदर्शन पटनायक ने अपनी कला से सबका ध्यान आकर्षित किया। उनकी रेत की अद्भुत कृति ने सभी का मन मोह लिया। इस कृति में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकास की झलक दिखाई दी। उन्होने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय प्रगति की है। श्री पटनायक ने सैंड आर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार की प्रधानमंत्री आवास, लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बहाली, कृषक उन्नति योजना, एक पेड़ मां के नाम, न्यौता भोज, महतारी वंदन, तेंदूपत्ता संग्राहकों की पारिश्रमिक वृद्धि, राजिम कुंभ, राम लला दर्शन योजना, नई औद्योगिक नीति, संवर रहा छत्तीसगढ़ और सुशासन का एक साल छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल को बड़े ही कलात्मक ढंग से उकेरा है। सुदर्शन पटनायक की इस कला ने जनता को न केवल छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में हुए विकास का अहसास कराया बल्कि सुशासन की छवि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत भी किया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर प्रदेशवासियों से ऊर्जा संरक्षण की अपील करते हुए कहा है कि ऊर्जा संरक्षण से ही हम स्वस्थ, पर्यावरण अनुकूल और उज्ज्वल भविष्य पा सकते हैं। हमें ईंधन की खपत को कम करने और भविष्य के लिए ऊर्जा बचाने के लिए ऊर्जा संसाधनों का मितव्ययतापूर्वक उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति और विकास के संतुलन में ही मानव कल्याण निहित है। ऊर्जा संरक्षण दिवस हमें याद दिलाता है कि हम अपने ऊर्जा स्रोतों के साथ लापरवाही नहीं बरत सकते। इसके लिए हम सभी को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध होने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि ऊर्जा संरक्षण के महत्व और जलवायु परिवर्तन के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है।
- दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में विगत दिनों जिला पंचायत सभागर में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ की समीक्षा बैठक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम ब्लॉक बिहान स्टाफ एवं पीआरपी का परिचय लिया गया। इस दौरान लखपति दीदी बनाये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले को प्राप्त 3600 के लक्ष्य के विरूद्ध कुल जितनी महिलाओं की कार्ययोजना बनाई गई है, विभागीय समन्वय स्थापित कर लाभांवित महिलाओं एवं अगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ श्री दुबे ने निर्देशित किया कि समस्त ब्लॉक के एडीईओ द्वारा जमीनी स्तर पर लखपति महिला पहल के संबंध में भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा जिला स्तर से डीपीएम द्वारा भी उक्त कार्यों की निगरानी की जाए एवं लखपति महिला पहल में जो समूह सदस्य लखपति बन चुके है, उनकी सफलता की कहानी प्रति सप्ताह 03 कहानी प्रति विकासखण्डों द्वारा दी जाए। सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किए जाने हेतु निर्देश दिये गए। लखपति महिला पहल अंतर्गत कार्यों की समीक्षा हेतु जिला स्तर से एक कमेटी का गठन करके सप्ताहिक क्षेत्र भ्रमण किये जाने हेतु निर्देश दिए गए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन ग्रामीण विकास विभाग के सचिव द्वारा लिए गए राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की कार्यवाही के विरूद्ध पालन प्रतिवेदन पर समीक्षा की गई। जिसमें लाकोस एप्प में समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संगठन की प्रोफाइल प्रविष्टि और संभावित लखपति महिला के चिन्हांकन तथा गतिविधि, आय-व्यय एवं आमदनी संबंधी प्रविष्टि ,आर.एफ, सीआईएफ, बैंक लिंकेज, पीएमजेजेबीवाय और पीएमएसबीवाय अंतर्गत बीमित मृत्य व्यक्ति के क्लेम समय पर दिलाये जाने की समीक्षा की गई।
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*-बैंकिंग सेवाओं से सम्बंधित समस्याओं एवं निवारण प्रक्रिया के संबंध में दी गई जानकारी*
दुर्ग/ भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा "रिजर्व बैंक: एकीकृत लोकपाल योजना 2021" के अंतर्गत होटल अमित इंटरनेशनल पार्क सुपेला भिलाई में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आम नागरिकों तथा ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं से सम्बंधित शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न बैंक अधिकारियों के द्वारा बैंकिंग सेवाओं से असंतुष्ट होने पर शिकायत की प्रणाली, शिकायत की पहले सम्बंधित बैंक शाखा अधिकारी तक पहुंचाना, यदि वहां समस्या का समाधान नहीं होता या समाधान से संतुष्ट नहीं हैं तों उसके पश्चात् बैंक लोकपाल में शिकायत करना, यदि वहां भी समस्या का समाधान नहीं होता है तों आप उसे रिजर्व बैंक के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाने से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही उपस्थित ग्राहकों एवं अधिकारी के बीच प्रश्न-उत्तर सत्र प्रारंभ किया गया। जिसमें ग्राहकों द्वारा अपनी समस्या से अवगत करवाया गया जिसका सम्बंधित अधिकारियों द्वारा निवारण का तरीका बताया गया। इसके साथ ही वर्तमान में होने वाले विभिन्न वित्तीय धोखाधड़ी से कैसे बचा जाना चाहिए तथा अपनी गोपनीय जानकारी जैसे-आधार, बैंक से सम्बंधित जानकारी, साथ ही मोबाईल पर आने वाले पासवर्ड को किसी के साथ साझा न करने के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया गया। उक्त कार्यक्रम में श्री जे.पी. निस्के (लोकपाल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया), श्री गजेन्द्र साहू (उपलोकपाल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया), श्री माधवनंद परिड़ा (क्षेत्रीय प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया), श्री भरत कुमार चावड़ा (उप अंचल प्रमुख बैंक ऑफ बडौदा), श्री दीपक त्रिवेदी (क्षेत्रीय प्रबंधक, एचडीएफसी बैंक), श्री प्रभात रंजन (कलस्टर हेड, आईसीआईसीआई बैंक) उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ राइफल एसोसिएशन द्वारा शूटिंग रेंज माना में किया जाएगा ट्रायल सेशन- चुने हुए खिलाडिय़ों को दिल्ली व भोपाल में होने वाली नेशनल शूटिंग स्पर्धा में भाग लेने का मौका मिलेगारायपुर। दिल्ली व भोपाल में आयोजित 67 वीं नेशनल चैंपियनशिप के लिए शूटर्स का ट्रायल सेशन छत्तीसगढ़ राइफल एसोसिएशन द्वारा 15 से 18 दिसंबर तक शूटिंग रेंज माना में किया जाएगा। जिसमें छत्तीसगढ़ के शूटर्स के क्वालीफाई स्कोर्स के साथ उनका टीम चयन किया जायेगा जो की सीधे दिल्ली व भोपाल में होने वाले नेशनल शूटिंग में भाग ले सकेंगे। बता दें इस ट्रायल टीम का चयन हर साल नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया NRAI को भेजा जाता है।छत्तीसगढ़ राइफल एसोसिएशन द्वारा इस 4 दिवसीय ट्रायल में छत्तीसगढ़ के शूटर्स को आगे बढऩे का मौका तो मिलेगा ही साथ ही उन्हें ट्रायल और शूटिंग के स्कोर से शूटिंग की बारीकियों को सीखने का भी मौका मिलेगा।
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दुर्ग/ आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 26 नवंबर से 25 दिसंबर तक देश का प्राकृतिक परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें भारत के सभी वयस्क नागरिकों का प्रकृति परीक्षण आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से किया जाना है। इसी कड़ी में आज दुर्ग संभाग के कमिश्नर श्री एसएन राठौर का प्रकृति परीक्षण जिला आयुष अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में आयुष विंग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. जयप्रकाश चंद्राकर द्वारा किया गया। आयुर्वेद में वर्णित प्रकृति परीक्षण से व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक संरचना और प्रकृति को समझने में मदद मिलती है। जिससे व्यक्ति के शरीर में रोगों के प्रभाव को जानने और औषधियों के चयन में आसानी होती है। व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार ही उसके स्वास्थ्य के लिए दिनचर्या और ऋतुचर्या निर्धारित होती है। कमिश्नर दुर्ग संभाग श्री एस.एन. राठौर ने सभी नागरिकों से स्वेच्छा से प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है।
- -छायाचित्र प्रदर्शनी में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं जिले के लाभार्थियों की फोटो को किया गया प्रदर्शितबालोद। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार के 01 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा ’सुशासन का एक साल, छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल’ थीम पर जिला मुख्यालय बालोद के कला केंद्र परिसर में छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में शासन के 01 वर्ष पूर्ण होने पर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों और जिले में उक्त योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राहियों की फोटो को प्रदर्शित किया गया। उक्त प्रदर्शनी को जिले के आम नागरिकों, राहगीरों ने नजदीक से देखा और उसका अवलोकन किया। इस दौरान विभाग के कर्मचारियों द्वारा आगन्तुकों को विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी भी प्रदान की गई। जनसपंर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में श्रीरामलला दर्शन योजना, तेंदुपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक दर में हुई बढ़ोतरी, महतारी वंदन योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, धान खरीदी महाभियान, स्वच्छ भारत मिशन, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, प्रधानमंत्री आवास योजना, धान बोनस, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, जल जीवन मिशन, कृषक उन्नति योजना, हाईटेक लाईब्रेरी की सौगात, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, उज्ज्वला योजना सहित अन्य योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में आज बड़ी संख्या में लोग पहुँचे और उन्होंने शासन की 01 वर्ष की उपलब्धियों को करीब से अवलोकन किया। इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग बालोद के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के 08 कार्याे के लिए 79 लाख 87 हजार 017 रूपए स्वीकृत किया गया है। विधायक श्री ललित चंद्राकर द्वारा अनुशंसित उक्त कार्य का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्ग द्वारा की जाएगी।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत करगाडीह में सीसी रोड निर्माण भान बघेल घर से सुखचंद यादव घर तक के लिए 7 लाख 39 हजार 546 रूपए, ग्राम पंचायत कोकड़ी में विभिन्न गली में सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए 7 लाख 99 हजार 510 रूपए, ग्राम पंचायत कोटनी में सीसी रोड निर्माण कार्य भगवान दास घर से शीतला मंदिर तक के लिए 4 लाख 30 हजार रूपए, ग्राम पंचायत कोटनी में सीसी रोड निर्माण कार्य राजेन्द्र निषाद घर से पीलू निषाद घर तक के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम पंचायत जंजगिरी में सार्वजनिक बाड़ा चौक के पस डोमशेड निर्माण के लिए 10 लाख 99 हजार 526 रूपए, ग्राम पंचायत डुमरडीह वार्ड 20 में सार्वजनिक सांस्कृतिक कलामंच निर्माण कार्य के लिए 9 लाख 99 हजार 839 रूपए, ग्राम पंचायत महमरा में सीसी रोड निर्माण कार्य गौरा-चौरा से निरंजन सेन के घर तक के लिए 7 लाख 99 हजार 648 रूपए, ग्राम पंचायत आमटी में सीसी रोड निर्माण कार्य मारकण्डे के घर से खेमलाल साहू के घर तक के लिए 7 लाख 99 हजार 648 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- दुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग नगर विधानसभा के 12 कार्याे के लिए एक करोड़ 77 लाख 93 हजार 280 रूपए स्वीकृत किया गया है। विधायक श्री गजेन्द्र यादव द्वारा अनुशंसित उक्त कार्य का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा की जाएगी।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार वार्ड 02 में कृष्ण मंदिर के पास शौचालय निर्माण कार्य के लिए 4 लाख 98 हजार 669 रूपए, वार्ड क्रमांक 18 में डॉ. अम्बेडकर वाचनालय भवन पर प्रथम तल में कक्ष निर्माण के लिए 9 लाख 99 हजार 641 रूपए, वार्ड क्रमांक 27 पोलसाय पारा पाटनकर कॉलोनी दुर्ग में अतिरिक्त सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य के लिए 9 लाख 99 हजार 698 रूपए, वार्ड क्रमांक 34 शिवपारा बांधा तालाब दुर्ग में सामाजिक भवन के पास अतिरिक्त कक्ष का निर्माण के लिए 15 लाख रूपए, वार्ड क्रमांक 53 मीनाक्षी नगर में के.डी.पब्लिक परमेश्वरी मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण एवं भवन का सौंदर्यीकरण शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रूपए, वार्ड-15 कबीर नगर करहीडीह में शीतला मंदिर के पीछे स्थित सामुदायिक भवन में शौचालय निर्माण सह सौंदर्यीकरण के कार्य के लिए 5 लाख रूपए, वार्ड-16 कर्मचारी नगर शिव मंदिर के पास स्थित सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष व शौचालय निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, वार्ड-52 बोरसी दक्षिण में शीतला मंदिर के पास शेड निर्माण कार्य के लिए 2 लाख 99 हजार 468 रूपए, वार्ड क्रमांक-53 मीनाक्षी नगर के.डी.पब्लिक स्कूल के पास स्थित सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष व शौचालय निर्माण कार्य के लिए 12 लाख रूपए, वार्ड 59 कातुलबोड़ में शीतला तालाब शिव मंदिर के पास सामुदायिक भवन का निर्माण के लिए 9 लाख 99 हजार 641 रूपए, वार्ड 33 शिवपारा वार्ड चंडी मंदिर के पीछे नयापारा रोड बाबू तालाब के पास स्थित सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण के लिए 10 लाख रूपए, वार्ड 18 शक्ति नगर मानस वाटिका के पास डोम शेड निर्माण के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- दुर्ग, / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध रिक्त पदों को भरने के लिए प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 20 दिसम्बर को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक इवेन कार्गाे में 30 पदों एवं ए एस सिक्यूरिटी सर्विस में 50 पदों पर भर्ती की जाएगी।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उप संचालक श्री आर.के.कुर्रे के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग.निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते हैं। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट कैम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एयरपोर्ट पर श्री नड्डा का किया स्वागतरायपुर /केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा आज छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में राजधानी में आयोजित जनादेश परब में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री नड्डा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा सहित स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी एवं श्री किरण देव सिंह ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया।
- -11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगाभिलाई।, बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के चैथे दिन जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवीजी ने बताया कि भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए वेदों में एक शर्त बतायी गयी है। वह शर्त तुलसीदास, सुरदास, मीरा, कबीर, नानक, तुकाराम आदि अनेक महापुरुषों ने पूरी कर दी इसलिए उन्हें भगवत्प्राप्ति हो गयी, लेकिन हम लोगों ने शर्त को पूरा नही किया, इसलिए अनादिकाल से चैरासी लाख योनियों में भटक रहे है। वह शर्त है - भगवद् शरणागति। यदि कोई भगवान की शरण में चला जाये तो फिर उसे कुछ करना ही नही है। गीता भी कहती है- ‘‘मामेकं शरणं ब्रज‘‘, अर्थात् केवल ईश्वर की शरणागति ही करनी है। लेकिन हमने अनादिकाल से संसार को अपना माना, संसारी रिश्तेदारों को अपना माना, संसार में सुख माना इसीलिए हमारी मन बुद्धि की शरणागति भगवान में न होकर संसार के सामान, रिश्तेदार, नातेदार आदि में हो जाती है। हम यह नही जानते कि संसार की वस्तुओं से जो सुख हमे मिलता है वह क्षणिक होता है और शीघ्र ही नष्ट भी हो जाता है। इसके विपरीत भगवान का सुख भूमा होता है, अर्थात् वह कभी नष्ट नही होता और प्रतिक्षण बढ़ता जाता है। शरणागति भी मन को करनी है, इंद्रियों की भक्ति से काम नही चलेगा, उसका परिणाम सदैव शून्य ही आएगा। इसलिए हमें बार बार मन बुद्धि में इस बात को बिठाना होगा कि केवल भगवान में ही वास्तविक सुख है, संसार में सुख नही है। इसका बार बार अभ्यास करना होगा। संसार से मन हटाना और भगवान में मन लगाना, निरंतर इसी का अभ्यास करना होगा, तभी वास्तविक शरणागति और भगवान की प्राप्ति हो सकेगी। इसी के साथ श्री युगल सरकार की आरती के साथ समापन हुआ। 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।
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रायपुर । सर्वे के 13 वर्षों बाद प्रधानमंत्री आवास योजना ( ग्रामीण ) के तहत आवास स्वीकृति होने के बाद भी अनेकों लाभार्थी इसका लाभ उठा पाने से वंचित होने जा रहे हैं क्योंकि इस 13 वर्षों के अंतराल में अपने परिवार के आवास की भयावह समस्या को देखते हुये वे जुगाड़ कर आवास निर्माण कर चुके हैं और अब स्वीकृत आवास निर्माण करने उनके पास अतिरिक्त भूमि नहीं है और निर्मित आवास पर इस स्वीकृत राशि से प्रथम तल निर्माण की अनुमति नहीं है । ऐसे लाभार्थियों की समस्या की ओर ध्यानाकृष्ट कराते हुये केन्द्र व प्रदेश के मंत्रियों को ज्ञापन भेज इन्हें राहत देने नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने किया है ।
केन्द्रीय आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर व राज्य मंत्री तोखन लाल साहू सहित छग के आवास मंत्री ओ पी चौधरी को ज्ञापन प्रेषित कर इसकी प्रति विधानसभा अध्यक्ष डाक्टर रमन सिंह व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भी प्रेषित किया गया है । क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल को भी इसकी प्रति भेज केन्द्रीय सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराने का आग्रह किया गया है । इन सभी को मेल से भेजे गये ज्ञापन में या तो इनके द्वारा किये गये आवास का सत्यापन करवा निर्धारित राशि दिये जाने या फिर फर्स्ट फ्लोर निर्माण की स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया है । साथ ही इस संबंध में नीतिगत निर्णय होने तक आबंटन निरस्ती प्रक्रिया को शुरू न करने का अनुरोध भी किया गया है । ज्ञापन में इसे सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन् संभवतः पूरे देश के अनेकों लाभार्थियों की समस्या ठहराते हुये बतलाया गया है कि इस स्थिति के लिये लाभार्थी ग्रामीण किसी भी स्थिति में दोषी नहीं है । -
*अब तक 7 हजार व्यक्ति करा चुके परीक्षण*
बिलासपुर/ आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में "देश का प्रकृति परीक्षण' कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का देशव्यापी प्रभाव देखा जा रहा है। वर्तमान समय में हजारों आयुष वालंटियर ने लाखों नागरिको का प्रकृति परीक्षण कर लिया है। बिलासपुर शहर में भी यह कार्यक्रम शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय बिलासपुर द्वारा चलाया जा रहा है। बिलासपुर के विभिन्न प्रतिष्ठा पूर्ण संस्थानों में महाविद्यालय की टीमों ने प्रकृति परीक्षण किये है। गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के स्टाफ, सी एम् डी कालेज, बिलासा गर्ल्स कालेज, महिला आई टी आई, एल सी आई टी कालेज, शासकीय नर्सिंग कालेज, डी पी विप्र कालेज इत्यादि विभिन्न संस्थानों एवं स्थानों में महाविद्यालय की टीम प्रकृति परीक्षण कर रही है। महाविद्यालय की 35 टीमे पिछले 16 दिन से 7000 लोगों का प्रकृति परीक्षण कर चुकी है और औसतन डेढ़ से दो हजार व्यक्तियों के प्रकृति परीक्षण कर के टीमे उन्हें उनके शरीर के अनुसार सलाह देती है। संस्था के प्राचार्य डा. रक्षपाल गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रकृति दूसरे व्यक्ति से भिन्न होती है। उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति के आहार विहार की प्राथमिकता और उन्हें होने वाले रोग भी एक दूसरे से भिन्न होते है। यही जानकारी व्यक्ति को उनके प्रकृति परीक्षण से प्राप्त होती है। इसका परीक्षण आयर्वेद वालंटियर नेशनल कमीशन ऑन इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के प्रकृति परीक्षण के एप से करता है। स्मार्ट फोन में एप, नागरिक और वालंटियर दोनों को इंस्टाल करना होता है। वेरिफिकेशन के उपरांत वालंटियर प्रश्नों के माध्यम से प्रकृति परीक्षण करता है। इच्छुक नागरिक अपना प्रकृति परीक्षण नूतन कालोनी स्थित महाविद्यालय चिकित्सालय में आकर करवा सकते हैं तथा चिकित्सीय सलाह एवं औषधियां प्राप्त कर सकते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रक्षपाल गुप्ता ने शरीर की जानकारी के लिए प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है। -
*उप मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों को वितरित किए पीपीई किट*
*’समाज व देश हित में कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों और उनके परिवार की सुरक्षा शासन का दायित्व’*
बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज नमस्ते (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem) योजना के तहत सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले 38 कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान किया। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित पीपीई किट वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता। मन लगाकर गंभीरता से किया गया काम व्यक्ति को बड़ा बनाता है। उन्होंने कहा कि एक गरीब मां का बेटा श्री नरेन्द्र मोदी जब देश का प्रधानमंत्री बना, तो ऐसी योजनाएं फलीभूत हुईं जिनकी 70 वर्षो में किसी ने कल्पना नहीं की थी। मोदी सरकार देश में और विष्णु देव सरकार छत्तीसगढ़ में गरीबों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। श्री साव ने कहा कि समाज व देश के हित में कार्य कर रहे सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा एवं उनके परिजनों का कल्याण सरकार का दायित्व है। सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा, परिवार की सुरक्षा और स्वास्थ्य का दायित्व छत्तीसगढ़ सरकार पूर्ण कर रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी आत्मसुरक्षा के लिये जागरूक रहें, इसमें कदापि लापरवाही न करें। सरकार द्वारा दिए गए पीपीई किट का पूर्ण सदुपयोग काम के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए अवश्य करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीपीई किट के उपयोग से सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों में सुरक्षित कार्य का वातावरण निर्मित होगा। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार और रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं रायपुर नगर निगम के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
केन्द्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से देश के नगरीय निकायों में नमस्ते योजना का संचालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) द्वारा सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां प्रदान करने सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों को पीपीई किट प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य के 169 नगरीय निकायों में 711 कर्मचारियों को पीपीई किट दिए जाएंगे। दो जोड़ी पीपीई किट ड्रेस के साथ ही उन्हें गम बूट, हेलमेट, ग्लब्स, मास्क और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा प्रदान किया जाएगा। नमस्ते योजना का मुख्य उद्देश्य हाथ से मैला ढोने की प्रथा को पूर्णता समाप्त करना, स्वच्छता कार्यो का यंत्रीकरण करना तथा सीवर व सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों को स्थाई आजीविका का साधन उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है।
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भीमसेन भवन में अग्रवाल समाज मनाएगा महालक्ष्मी वरदान दिवस
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रांतीय युवा अग्रवाल मंच के संरक्षक कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि शनिवार 14 दिसंबर को शाम 06:00 बजे श्री रामनाथ भीमसेन सभा भवन में महालक्ष्मी वरदान दिवस के अवसर पर कुलदेवी महालक्ष्मी एवं भगवान अग्रसेन की पूजा आरती के साथ प्रसाद रखी गई है ।
महामंत्री नितेश अग्रवाल ने बताया कि अगहन मास की पूर्णिमा के दिन ही अग्रसेन जी की लंबी तपस्या के पश्चात मां लक्ष्मी ने दर्शन देकर वरदान दिया था की मैं तुम्हारे कुल में हमेशा वास करूंगी । इसीलिए अगहन मास की पूर्णिमा के दिन को अग्रवाल समाज पूरे देश में महालक्ष्मी वरदान दिवस के रूप में मनाता है ।
मां लक्ष्मी की कृपा से अग्रवाल समाज के परिवार में समृद्धि के साथ सुख शांति है । समाज बंधु साथ मिलकर मां लक्ष्मी की पूजा आरती पूरे उल्लास और भक्ति के साथ करेंगे । छत्तीसगढ़ प्रांतीय युवा अग्रवाल मंच ने समाज बंधुओ से सपरिवार महालक्ष्मी वरदान दिवस में शामिल होकर पूजा अर्चना करने हैं के साथ प्रसादी लेने की अपील की है । -
*कलेक्टर अवनीश शरण ने जारी की सूचना*
बिलासपुर/त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में आरक्षण की प्रक्रिया 17 और 19 दिसम्बर 2024 को संपन्न होगी। 17 दिसम्बर को वार्ड पंच, सरपंच और जनपद सदस्यों के पदों का और 19 दिसम्बर को जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य पदों का आरक्षण किया जायेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने आरक्षण की कार्यवाही संपन्न कराने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए इसकी सूचना जारी कर दी है।
जिला पंचायत सदस्यों एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में 19 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे से और जनपद पंचायत सदस्य,सरपंच एवं वार्ड पंचों का आरक्षण 17 दिसम्बर को सवेरे साढ़े 10 बजे से संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय में आयोजित किया जायेगा। जिला स्तर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण की कार्यवाही संपन्न कराने के लिए अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिलासपुर श्री पीयूष तिवारी, उप संचालक पंचायत श्रीमती शिवानी सिंह एवं जिला अंकेक्षक एके धिरही उन्हें सहयोग करेंगे। इसी प्रकार सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अपने अनुविभाग में आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रभारी अधिकारी बनाये गये है। संबंधित तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उन्हें इस कार्य में सहयोग करेंगे। जनपद पंचायत कार्यालय, बिल्हा, मस्तुरी, कोटा एवं तखतपुर में 17 दिसम्बर को सवेरे 10.30 बजे से आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं वार्ड पंचों के पदों का नियमानुसार आरक्षण किया जायेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे।
- बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शुक्रवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गये। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि नेन्द्रा और पुन्नुर गांवों के जंगलों में सुबह उस समय मुठभेड़ हुई जब सुरक्षाकर्मियों का एक दल नक्सल विरोधी अभियान पर निकला था।उन्होंने बताया कि मुठभेड़ बंद हो जाने के बाद घटना स्थल से दो नक्सलियों के शव, एक राइफल, अन्य माओवादी सामग्री बरामद की गयी।पुलिस ने बताया है कि बासागुड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेंद्रा-पुन्नूर के जंगलों में आज सुबह सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 2 नक्सली मारे गए। मौके से दो 12 बोर की बंदूकें, नक्सलियों की वर्दी, साहित्य, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। उन्होंने बताया कि अन्य विवरण की प्रतीक्षा है क्योंकि इलाके में तलाश अभियान अभी चल ही रही है। file photo
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*कृषि में घटते संसाधनों, बढ़ती खाद्यान्न मांग तथा जलवायु परिवर्तन पर कृषि अर्थशास्त्रियों ने जताई चिंता*
*_कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ का तीन दिवसीय 32वां वार्षिक सम्मेलन प्रारंभ_*
रायपुर/ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आज कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ, नई दिल्ली का ‘‘उच्च, सतत और समावेशी विकास के लिए कृषि का डिजीटलीकरण’’ विषय पर तीन दिवसीय 32वां वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में देश भर के प्रमुख कृषि अर्थशास्त्री, नीति निर्माता एवं शोधकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन में भारत में आगामी दो दशकों में कृषि क्षेत्र के सामने आने वाली महत्वर्पूण चुनौतियों पर विचार मंथन किया गया और घटते संसाधनों तथा बढ़ती हुई उत्पादन मांगों के युग में कृषि में डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने तथा नवाचार एवं तकनीकी आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा कहा गया कि भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक देश को अपनी बढ़ती जनसंख्या की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व दबावों को सामना करना पड़ेगा। जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों तथा जैव विविधता पर बढ़ते दबाव और उत्पादन मांगों के तेजी से बढ़ने के पूर्वानुमान के साथ कृषि क्षेत्र को इस अंतर को स्थायी रूप से पाटने के लिए परिवर्तनकारी रणनीति अपनाना होगा। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे तथा अध्यक्षता कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ के अध्यक्ष डॉ. पी.के. जोशी ने की।
शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने आने वाले समय में संसाधनों की घटती उपलब्धता, बढ़ती जनसंख्या के दबाव तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए कृषि के क्षेत्र में डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने तथा नवाचारी प्रयास किये जाने की आवश्यकता जताई। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय में इस तरह के महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन यहां के शिक्षकों, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन में सार्थक चर्चा होगी तथा महत्वर्पूण अनुशंसाएं प्राप्त होंगी। शुभारंभ समारोह के अध्यक्ष डॉ. पी.के जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से विज्ञान ने तरक्की की है और तकनीकी विकास के करण जीवन के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है, उस अनुपात में कृषि क्षेत्र में परिवर्तन दिखाई नहीं देते। हामरे पूर्वजों और हमारी पीढ़ी के बीच खेती करने के तौर तरीकों में ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी प्रौद्योगिकी विकास करने पर जोर दिया।
शुभारंभ समारोह को सम्मेलन को इंडियन सोसायटी ऑफ एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स के अध्यक्ष डॉ. डी.के. मरोठिया, सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. प्रताप एस. बिरथल, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, छत्तीसगढ़ डॉ. ज्ञानेन्द्र मणि, कृषि अर्थशास्त्र अनुसंधान संघ के सचिव अंजनी कुमार, राष्ट्रीय जैविक स्ट्रैस प्रबंधन संस्थान, बरौंडा, रायपुर के निदेशक डॉ. पी.के. घोष ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित एल्यूमिनी पोर्टल ‘‘यूनी एल्यूमिनी’’ का लोकार्पण किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित नवीन प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। समारोह में कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. जी.के. दास, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी भी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. हुलास पाठक द्वारा किया गया। -
भिलाई, बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर में चल रही जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी की दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के तीसरे दिन देवी जी ने वेद और शास्त्रों के प्रमाण सहित बताया कि ब्रह्म का स्वरुप कैसा है? सर्वातरयामी सर्वशक्तिमान भगवान् को बुद्धि के द्वारा बड़े बड़े ज्ञानी तो क्या, ब्रम्हा जी भी नही जान सकते। इसका आशय यह नही, कि भगवान् को जाना नही जा सकता यदि किसी पर भगवान् की कृपा हो जाये और भगवान् की बुद्धि (दिव्य शक्ति) उसे मिल जाये, तो साधारण मनुष्य भी भगवान् को जान सकता है। विश्व के अधिकांश महानुभाव यह कह दिया करते है कि ईश्वर की इच्छा के बिना कुछ नही हो सकता। कुछ लोग कोटेशन आदि के द्वारा प्रत्येक कर्म के लिए भगवान् को जिम्मेदार ठहराते है। उसे जैसा करना होता है, करा लेता है। किन्तु यह बात गलत है। ईश्वर ने हमें मनुष्य देह दिया, कर्म करने की शक्ति दी। चाहे हम अच्छे कर्म करे, चाहे बुरे कर्म। भगवान् उन कर्मों को नोट करता है फिर उन कर्मों के अनुसार हमें फल देता है।
भगवान् ने हमें सत्कर्म करने की शक्ति दी है किंतु उसकी दी हुई शक्तियों का हम दुरुपयोग करते है। यानि संसार में आसक्ति करते है और फिर कह देते है, हमारे भाग्य में नहीं है। अथवा भगवान् को दोषी ठहराते है। मनुष्य देह प्राप्त करके ईश्वर की भक्ति करने की बजाय संसार की जिम्मेदारियों की आड़ लेते है। वास्तव में भगवान् की कृपा का सही अर्थ समझना होगा, शास्त्रों से और संतो से। भगवद् कृपा के बिना भगवान् को नही जाना जा सकता। भगवान् की जिस पर कृपा हो जाती है वह उसे पूर्णतया जान लेता है। देवीजी ने यह भी बताया कि सगुण साकार भगवान् ही कृपा करता हैं इनकी कृपा के बिना किसी की भी माया-निवृत्ति नही हो सकती। भगवान् की कृपा प्राप्त करने के लिए वेदों में शर्त बतायी गयी है। वह शर्त क्या है? यह आगे प्रवचन में बताया जायेगा। प्रवचन के अंत में श्री राधाकृष्ण भगवान की आरती के साथ समापन हुआ। 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।

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